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हाई बीपी से बचाए

*हाई बीपी से बचाए |*

लहसुन खाने से हाइपरटेंशन के लक्षणों से आराम मिलता है। यह न केवल ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है। साथ ही, लीवर और मूत्राशय को भी सुचारू रूप से काम करने में सहायक होता है।

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रिश्तेदारी और दोस्ती में कैसा मान अपमान ?

रिश्तेदारी और दोस्ती में कैसा मान अपमान ?
जो ताला चाबी को एक ओर घुमाने से बंद होता है,
वही दूसरी ओर घुमाने से खुल भी जाता है !
हम अपने विचार, वाणी और व्यवहार को इस तरह घुमाएँ कि रिश्तों के बंद पडे ताले फिर से खुल जाएँ…!!!”
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चाय का कप लेकर आप खिड़की के पास बैठे हों और बाहर के सुंदर नज़ारे का आनंद लेते हुए चाय की चुस्की लेते हैं …..अरे चीनी डालना तो भूल ही गये..;
और तभी फिर से किचन मेँ जाकर चीनी डालने का आलस आ गया…. आज फीकी चाय को जैसे तैसे पी गए,कप खाली कर दिया.
तभी तभी आपकी नज़र कप के तल में पड़ी बिना घुली चीनी पर पडती है..!!
मुख पर मुस्कुराहट लिए सोच में पड गये…चम्मच होता तो मिला लेता.
हमारे जीवन मे भी कुछ ऐसा ही है…
सुख ही सुख बिखरा पड़ा है हमारे आस पास… लेकिन, बिन घुली उस चीनी की तरह !!
थोड़ा सा ध्यान दें-
किसी के साथ हँसते-हँसते उतने ही हक से रूठना भी आना चाहिए !
अपनो की आँख का पानी धीरे से पोंछना आना चाहिए !
रिश्तेदारी और दोस्ती में कैसा मान अपमान ?
बस अपनों के दिल मे रहना आना चाहिए…!
प्यार एवं सत्संग रूपी चम्मच से जीवन में मिठास घोलनी चाहिए!!

Blood Sugar Levels: खाने के बाद कितना होना चाहिए ब्‍लड शुगर लेवल, क्‍या है जांच का सही तरीका*

Blood Sugar Levels: खाने के बाद कितना होना चाहिए ब्‍लड शुगर लेवल, क्‍या है जांच का सही तरीका*
ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना हम सभी के लिए जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह छोटी सी चीज हमें डायबिटीज की समस्या से पीड़ित बना सकती है। आइए जानते हैं आखिर ब्लड शुगर लेवल खाने के बाद कितना होना चाहिए।

हमारे शरीर के अंदर ऐसे ढेरों ऑर्गन्स हैं जो अलग अलग कार्य करते हैं। इनमें से किसी के काम में भी बाधा उत्पन्न हो तो उसका परिणाम हमें बीमारियों के रूप में भुगतना पड़ता है। ऐसा ही कुछ ब्लड शुगर लेवल के साथ। ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने के बहुत से कारण हो सकते हैं। लेकिन इनमें से एक मुख्य कारण है हमारा भोजन। दरअसल जब भी हम कार्ब्स का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो यह पचाते समय शुगर में तब्दील हो जाता है।

इसका उपयोग शरीर ऊर्जा के लिए करता है। लेकिन जब शरीर में अधिक मात्रा में शुगर जाने लगे तो इससे यह हमारे बॉडी सेल्स के अंदर चिपक जाते हैं। जिसकी वजह से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए ब्लड शुगर को संतुलित रखने के लिए एक सही डाइट का सेवन जरूरी है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि ब्लड शुगर के बढ़ने के पीछे केवल भोजन ही जिम्मेदार है। इसके कुछ दूसरे कारण भी हैं जो कुछ इस प्रकार है

हृदय रोग
स्ट्रेस
खराब जीवन शैली
स्मोकिंग
अल्कोहल
फिजिकल एक्टिविटी न करना
उम्र

ब्लड शुगर पर नजर रखना इनके लिए जरूरी

अगर आप टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज के शिकार हैं तो ब्लड शुगर लेवल पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके जरिए आप समझ पाएंगे कि किस तरह दवा, फिजिकल एक्टिविटी, भोजन आपके शरीर में रक्त शर्करा को प्रभावित कर रहा है।

इस स्थिति में जब भी आपका ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ रहा होगा, तो आप सतर्क हो जाएंगे। यह सतर्कता ही आपको डायबिटीज की वजह से होने वाली समस्या से बचाकर कर रखेगी जैसे, स्ट्रोक, किडनी से जुड़ी बीमारी, हार्ट अटैक, अंधापन और शरीर के अंग कटने से भी बच सकते हैं। (1)

कुछ अन्य लोग जिन्हे ब्लड शुगर लेवल पर नजर रखनी चाहिए

ऐसे लोग जो इंसुलिन लेते हों
गर्भवती महिलाएं
इस तरह के लोग जिन्हें ब्लड ग्लूकोज लेवल मेंटेन करना मुश्किल लग रहा हो
ऐसे लोग जिनका ब्लड ग्लूकोज लेवल कम रहता हो।
इस तरह के लोग जिनका ब्लड ग्लूकोज लेवल बिना किसी संकेत के कम हो जाता है।
ऐसे लोग जो किटोन्स की समस्या से पीड़ित हैं।

​भोजन के बाद साधारण शुगर लेवल कितना होना चाहिए

भोजन करने के 2 घंटे बाद आप ब्लड ग्लूकोज लेवल की जांच कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको अंदाजा हो जाएगा कि आपने भोजन में जो भी खाया है, उसकी वजह से रक्त शर्करा के स्तर पर क्या प्रभाव हुआ है। इसके बाद आप तय कर सकते हैं कि आपको अपनी डाइट में बदलाव करना है या नहीं। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं।

भोजन के बाद सही शुगर लेवल कितना होना चाहिए

वयस्क जो गर्भवती भी नहीं हैं और जिन्हे डायबिटीज नहीं है, भोजन के बाद शुगर लेवल 90-180 mg/dL
वयस्क जो गर्भवती नहीं है लेकिन डायबिटीज की शिकार हैं 180 mg/dL
वयस्क जो डायबिटीज से पीड़ित है इंसुलिन लेता है 180 mg/dL
वयस्क जो डायबिटीज से पीड़ित है लेकिन इंसुलिन नहीं लेते 140 mg/dL
महिला जो गेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित है, भोजन के एक घंटे बाद शुगर लेवल 140 mg/dL
महिला जो गेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित है, भोजन के दो घंटे बाद शुगर लेवल 120 mg/dL
गर्भवती महिला जो प्रीएक्सिसटिंग टाइप 1 या 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं, भोजन के एक घंटे बाद शुगर लेवल 110-140 mg/dL
गर्भवती महिला जो प्रीएक्सिसटिंग टाइप 1 या 2 डायबिटीज से पीड़ित है, खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर लेवल 100-120 mg/dL

क्‍या है ब्लड शुगर लेवल की जांच का तरीका

आप दो तरह से ब्लड शुगर लेवल की जांच कर सकते हैं। पहले ग्लूकोमीटर के जरिए और दूसरा ग्लूकोज मॉनिटरिंग के जरिए। आप चाहें तो रक्त शर्करा की जांच सप्ताह में कई बार कर सकते हैं और अगर जरूरी लगे तो एक दिन में 4 से 6 बार तक ब्लड शुगर की जांच कर सकते हैं।

सामान्य शुगर लेवल कितना होता है

अमेरिकन डायबिटीज संस्था के मुताबिक भोजन के एक से दो घंटे बाद अगर ब्लड शुगर लेवल 180 mg/dL है तो इसे सामान्य माना जा सकता है। हालांकि यह ब्लड शुगर लेवल हर किसी पर लागू नहीं होता। क्योंकि यह कुछ और चीजों पर भी निर्भर कर सकता है जैसे डायबिटीज को कितना समय हुआ है, कोई अन्य बीमारी तो नहीं है, उम्र के कारण, हृदय रोगी तो नहीं हैं

​भोजन कैसे करता है ब्लड शुगर लेवल प्रभावित

ऐसा कहा जाता है कि बॉडी का अपना ही एक तरीका है जिसके जरिए वह शरीर के हर अंग तक पोषक तत्वों को पहुंचाती है। ऐसे में जब भी आप भोजन करते हैं तो शरीर उसे कुछ हिस्सों में अलग अलग कर लेता है जैसे- (2)

कार्ब्स
प्रोटीन
फैट
विटामिन्स और मिनरल्स

अपने दैनिक आहार में कार्ब्‍स पर नजर रखें

हम सभी जानते हैं कि यह सभी तत्व हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा जरूरी हैं। लेकिन कार्ब्स में कई प्रकार होते हैं, जो शुगर लेवल को प्रभावित करते हैं इनमें स्टार्च, शुगर, और फाइबर सबसे अहम होते हैं। ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का एक साधारण नियम है कि आप जब भी कार्ब्स खाएंगे तो यह शरीर में जाकर शुगर लेवल को बढ़ाएगा। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बताए गए तीन तरह का कार्ब्स एक ही मात्रा में शुगर लेवल को बढ़ाने का कार्य करते हैं। फूड जो आपके शरीर में जाकर रक्त शर्करा को अलग अलग तरह से प्रभावित करते हैं, वह कुछ इस प्रकार हैं।

स्टार्च या कॉम्प्लेक्स कार्ब्स – स्टार्च वाली सब्जियां, ड्राई बीन्स, और ग्रेन
शुगर – फल, बेकरी आइटम, पेय पदार्थ और प्रोसेस्ड फूड जैसे अनाज या ग्रेनोला बार
फाइबर – साबुत गेहूं के उत्पाद, छोले, दाल, जामुन, नाशपाती, और ब्रसेल्स स्प्राउट्स

डायबिटीज में ग्लाइसेमिक इंडेक्स का अहम रोल

आपको बता दें कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स आपकी यह जानने में मदद करता है कि कौन सी चीजें आपके भोजन में ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती हैं और घटा सकती हैं। ग्लाइसेमिक इंडेक्स के अंदर खाद्य सामग्रियों को 0 से लेकर 100 तक रेटिंग दी गई है। इसमें ऐसे भोजन को अधिक रेटिंग दी गई है जिन्हें पचाना, एब्सोर्ब करना आसान है। यह ब्लड शुगर लेवल में बड़ा बदलाव पैदा करते हैं। जबकि कम इंडेक्स वाले भोजन शरीर में बहुत थोड़ा सा ही रक्त शर्करा को प्रभावित करते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अमेरिकन डायबिटीज संस्थान के विशेषज्ञ लोगों को अपनी डाइट में पतले प्रोटीन स्रोत को शामिल करने की सलाह देते हैं जैसे मीट, चिकन, व्हाइट एग, और लो फैट उत्पाद आदि। वहीं हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जैतून का तेल, नट्स, पीनट बटर आदि को डाइट में शामिल करने की राय देते हैं।

पाचनतंत्र ठीक करने के उपाय* पाचनतंत्र ठीक करने के रामवाण है ये उपाय

*पाचनतंत्र ठीक करने के उपाय*

पाचनतंत्र ठीक करने के रामवाण है ये उपाय

 

इलायची –
आप इलायची को चाय के साथ ले सकते है इलाइची का सेवन एक गर्भवती महिला के लिए बहुत लाभकारी होता है| यह गर्भवती स्त्री के पाचन सम्बन्धी परेशानियों को दूर करता है|

अदरक –
अदरक हमारे शरीर में भोजन पचाने वाले पाचक रस और एंजाइम बनाता रहता है। इसका रस पाचन शक्ति को खराब होने से रोकता है, आप खराब पाचन को सही और मजबूत करने के लिए अदरक का सेवन करे|

नींबू –
नींबू हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है| इसका सेवन करते रहने से यह हमारे पेट की कई समस्याएँ दूर कर देता है| नींबू हमारी बदहजमी और पेट की गैस को दूर करता है| यह हमारे पाचन शक्ति के लिए भी लाभकारी होता है|

सलाद –
खाने में अगर सलाद हो तो खाने का मजा दोगुना बढ़ जाता है. सलाद अच्छे खाने के साथ-साथ हमारे हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है| खाने को अगर अच्छी तरह पचाना है तो खाने के साथ सलाद भी ले, जिसमे आप नींबू, टमाटर और प्याज ले सकते है|

अमरुद –
अमरुद एक बहुत ही उपयोगी फल है जो पौष्टिक होता है| अमरुद में विटामिन सी, फास्फोरस और पौटेशियम पाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है| अमरुद के सेवन करते रहने से मस्तिष्क, ह्रदय और पाचन शक्ति मजबूत रहती है|

सौंफ –
एसिडिटी को दूर करने के लिए, सीने की जलन कम करने के लिए और खाना अच्छी तरह पचाने के लिए आप सौफ ले सकते है। रोजाना एक एक चम्मच सौंफ लेने से पाचन क्रिया सही बनी रहती है|

एलोवेरा –
पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल करे| एलोवेरा हमारी पाचन सम्बन्धी रोगों को दूर करता है जिसमे सुजन और पेट का अल्सर शामिल है| पानी के साथ आप एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते है|

हल्दी –
हल्दी हमारे शरीर के अपच, अल्सर,पित्त निकालने और पाचन से सम्बन्धित अन्य समस्याओ को दूर करता है। पाचन सम्बन्धी समस्याएँ दूर करने के लिए एक ग्लास पानी के साथ हल्दी लेते रहे|

आंवला –
आंवला हमारे शरीर में विटामिन सी की कमी को दूर करता है| आवले का लगातार सेवन करते रहने से यह हमारे पाचन तन्त्र को ख़राब होने से बचाता है| आंवले को पिस करके उसमे काली मिर्च, हींग और जीरा मिला कर भी आप ले सकते है|

पपीता –
कच्चा पपीता सेहत के लिए बहुत अच्छा है| आंत की कमजोरी के कारण शरीर में विटामिन्स का संचय नहीं होता है तो हम पपीते के सेवन से विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं| इसमें पपाइन होता है जो कि प्रोटीन को विभाजित करता है और खाने को पाचन योग्य बनाता है और पाचन क्रिया को प्रबल बनाता हैं|

केला –
केला हर मौसम और हर सीजन में मिल जाता है. यह हमारे पेट के लिए बहुत बढिया होता है| सस्ता होने के साथ-साथ यह हमारे पाचन शक्ति को भी बढाता है| इसलिए केला खाएं और अपनी सेहत बनाये|

दही –
दही का सेवन हमारे पाचन के लिए अच्छा होता है| खाने में दही शामिल करे| ये भी पाचनतंत्र को ठीक करने मे मदद करता है|

अनार –
मीठे अनार का रस मुँह में लेने से आंत दोष ठीक होता है और पाचन शक्ति बढती है|

अजवाइन –
अजवाइन को पानी में उबाल कर पीने से भी पाचन तंत्र सही रहता है|

राई –
रोजाना 3 ग्राम काली राई लेने से कब्ज वाली बदहजमी दूर हो जाती है| और पाचनतंत्र ठीक रहता है|

अनानास –
अनानास का रस बहुत ही फायदेमंद होता है और ये हमारे पाचन के लिए लाभदायी होता है|

शिरुर शहरातील शिवसेवा मंदिर येथे आंदोलन.*

*शिरुर शहरातील शिवसेवा मंदिर येथे आंदोलन.*

*उद्धव ठाकरे सरकारने धार्मिक स्थळ तातडीने उघडी करावीत यासाठी आज शिरुर शहरात आंदोलन करण्यात आले.*

*कोरोनाचा गैरफायदा घेत राज्य सरकारने सर्वसामान्य नागरिकांची सर्वप्रकारे मुस्कटदाबी करण्याचा चंग बांधलेला दिसतो. त्यामुळेच ऐन सणासुदीला मंदिरं, प्रार्थनास्थळ बंद करण्याची दुर्बुद्धी यांना सुचतेय.भारतीय जनता पक्ष या वृत्तीचा तीव्र निषेध करत आला आहे आणि करत राहील.*

आंदोलनावेळेस
नगरसेवक व शहराध्यक्ष ‌नितीनदादा पाचर्णे, कार्याध्यक्ष मितेशभैया‌ गादिया,
अल्पसंख्यक जिल्हाध्यक्ष राजुभाई शेख,संघटन सरचिटणीस नवनाथ जाधव,सरचिटणीस विजय नर्के, अल्पसंख्यक अध्यक्ष हुसेन शाह, उपाध्यक्ष निलेश नवले, उपाध्यक्ष रेश्माताई शेख,शिक्षक आघाडी अध्यक्ष ‌अशोक शेळके,महिला अध्यक्ष रश्मीताई क्षीरसागर, उपाध्यक्ष मुकेश पाचर्णे,युवामोर्चा सरचिटणीस ओंकार ससाणे,उपाध्यक्ष शिवम् पाठकजी,चिटणीस सुनिल गुप्ता, उपाध्यक्ष वैशालीताई ठुबे, सरचिटणीस तृप्तीताई पंचभाई,संजय दुबे आदि उपस्थित होते.

गुरुवर्य श्री. मुकुंद पन्हाळे सर लोकमत गौरव (2021) पुरस्काराने सन्मानित

गुरुवर्य श्री. मुकुंद पन्हाळे सर लोकमत गौरव पुरस्काराने २०२१ सन्मानित

आमचे परममित्र गुरुवर्य श्री. मुकुंद पन्हाळे सर् प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघटन (प. महाराष्ट्र अध्यक्ष)यांना लोकमत गौरव पुरस्काराने २०२१ सन्मानित करतांना ना. श्री. उदयजी सामंत साहेब (उच्च व तंत्र शिक्षण मंत्री महाराष्ट्र राज्य)यांच्या हस्ते देण्यात आला .अशा कार्यास सर आपणास खुप खुप शुभेच्छा

शुभेच्छुक:-प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघटन

 

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व‌ देवेंद्र फडणवीस यांच्यात बंद दाराआड गुफ्तगू….👉👉चर्चेला उधाण*

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व‌ देवेंद्र फडणवीस यांच्यात बंद दाराआड गुफ्तगू….👉👉चर्चेला उधाण*

*👉👉एकीकडे रत्नागिरीत केंद्रिय मंत्री नारायण राणे शिवसेनेवर हल्लाबोल करत असताना  दुसरीकडे मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे आणि विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांच्यात बंद दाराआड चर्चा झाल्याचं समजतयं.ओबीसी आरक्षण प्रश्नी मुख्यमंत्र्यांसोबत सर्व पक्षिय बैठक आज सह्याद्री अतिथीगृहात पार पडली.या बैठकीनंतर या दोन्ही नेत्यांमध्ये ही वेगळी भेटी झाल्या आहेत.या वेगळ्या भेटीनंतर राजकीय वर्तुळात जोरदार चर्चा रंगली आहे.*

*👉समोर आलेल्या माहितीनुसार आधी देवेंद्र फडणवीस,प्रविण दरेकर आणि मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे यांच्या मध्ये बंद दाराआड चर्चा झाली आहे.👉👉त्यानंतर फडणवीस आणि मुख्यमंत्र्यांमध्येच चर्चा झाली.सेना भाजपा वाद सुरू असतानाचं दोन मोठ्या नेत्यांमध्ये चर्चा झाल्याने तर्कवितर्काना एकच उधाण आलेले आहे.*

कोरोना अपडेट महाराष्ट्रात ‘या’ वेळेत पुन्हा लागू होणार संचारबंदी? 👉जाणून घ्या!*

महाराष्ट्रात ‘या’ वेळेत पुन्हा लागू होणार संचारबंदी? 👉जाणून घ्या!*

*👉👉केरळ आणि महाराष्ट्रात कोरोनाग्रस्तांची संख्या पुन्हा एकदा वाढत असल्याने केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाने चिंता व्यक्त केली आहे. यासंदर्भात केंद्राने काही सूचना देखील केल्या आहेत, त्यामुळे महाराष्ट्रावर पुन्हा एकदा संचारबंदी लागण्याची शक्यता निर्माण झाली आहे.*

*👉केरळमध्ये सध्या सर्वाधिक दैनंदिन कोरोना रुग्ण सापडत आहेत, त्या खालोखाल महाराष्ट्राचा क्रमांक लागतो. त्यामुळे जास्त संसर्गदर असलेल्या भागात रात्रीची संचारबंदी लागू करण्याची सूचना केंद्र सरकारने राज्यांना केली आहे.*

*👉महाराष्ट्रात गेल्या काही दिवसांपासून कोरोना रुग्णसंख्या पुन्हा डोकं वर काढत असल्याचं दिसत आहे, त्या पार्श्वभूमीवर केंद्रानं केलेली सूचना अत्यंत महत्त्वाची मानली जात आहे.*

*👉केरळमध्ये सलग दोन दिवस 30 हजारांहून अधिक कोरोना रुग्ण वाढले आहेत, तर 1 लाख रुग्ण उपचार घेत आहेत. देशातील 41 जिल्ह्यांमध्ये 10 टक्क्यांपेक्षा जास्त संसर्गदर आहे.*

*👉केरळ आणि महाराष्ट्रात उपचार घेत असलेल्या रुग्णांची संख्या सर्वाधिक असल्याने केंद्रीय गृहसचिव अजय भल्ला यांनी व्हिडीओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे राज्यातील परिस्थितीचा आढावा घेतला.*

*👉कोरोना नियमांचे पालन केले जात नसल्याने कोरोनाचा प्रसार वाढत असल्याची माहिती भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषदेचे महासंचालक बलराम भार्गव यांनी दिली.*

*👉कोरोनाचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी केरळ आणि महाराष्ट्राने अधिक प्रभावीपणे प्रतिबंधात्मक उपाय योजण्याची गरज असल्याचं केंद्रीय गृह मंत्रालयाने सांगितलं आहे. त्या पार्श्वभूमीवर जास्त संसर्गदर असलेल्या भागांमध्ये रात्रीची संचारबंदी लागू करावी, अशा स्पष्ट सूचना देण्यात आल्या आहेत. त्यामुळे कोरोनाचा जास्त प्रभाव असलेल्या महाराष्ट्रातील भागात रात्रीची संचारबंदी लावली जाणार का? हे पाहावं लागेल.*

मोहिते पाटलांनी चाचपणी केलेला प्रकल्प अखेर मार्गी लागणार त्याला आता मूर्त रूप येत आहे.

मोहिते पाटलांनी चाचपणी केलेला प्रकल्प अखेर मार्गी लागणार त्याला आता मूर्त रूप येत आहे.

 

इंदापूर (जि. पुणे) : उजनी धरण जलाशयाचा निसर्गरम्य परिसर हा बांधा, वापरा, हस्तांतरित करा या तत्वावर पर्यटन केंद्र म्हणून विकसित करण्यासाठी प्राथमिक आराखडा तयार करण्यात येत आहे. सुमारे ४३ हेक्टर क्षेत्रावर हे पर्यटन केंद्र उभा करण्याच्या गतिमान हालचाली सुरू आहेत. त्यासाठी सहा कोटींचा निधीही मंजूर झाला आहे. त्यामुळे कृषीधवल, सहकार, औद्योगिक क्रांतीनंतर उजनी धरण परिसर पर्यटन केंद्र म्हणून परिसराचे अर्थकारण मजबूत करण्यास योगदान देणार आहे. (A tourist center will be set up in the Ujani dam area)

दरम्यान, विजयसिंह मोहिते पाटील पर्यटनमंत्री असताना त्यांनी उजनी धरण परिसरात पर्यटन केंद्र उभारण्याबाबत चाचपणी केली होती. मात्र, धरणाच्या सुरक्षेच्या कारणावरून तो प्रकल्प बारगळला होता. त्याला आता मूर्त रूप येत आहे.
पुणे, नगर व सोलापूर जिल्ह्याचे अर्थकारण मजबूत करण्यासाठी महत्वपूर्ण योगदान देणाऱ्या उजनी जलाशयात पाण्याचा मृतसाठा हा ६३ टीएमसी इतका असल्याने येथे सतत पाणी असते. त्यामुळे जलाशयावर पर्यटनाच्या अनेक संधी आहेत. येथे फ्लेमिंगो, चित्रबलाक यांसह ३५० हून अधिक देशी, विदेशी पक्षी प्रतिवर्षी आपले सारंगगार फुलवण्यासाठी येतात. त्यांच्या नयन मनोहारी कवायती पक्षीप्रेमींसाठी पर्वणी ठरतात.  जलाशयात मोठ्या प्रमाणात मासे उपलब्ध असल्याने पक्षी या जलाशयाकडे आकर्षित होतात. उजनी जलाशय व पाणलोट क्षेत्रात सैराटसह अनेक चित्रपटाची निर्मिती झाली आहे. त्यामुळे पर्यटन व जलवाहतूक सुविधा  उपलब्ध करून दिल्यास अनेकांना रोजगाराची संधी उपलब्ध होणार आहे.
हेही वाचा :
उजनी जलाशयावर (यशवंत सागर) वृंदावन गार्डनच्या धर्तीवर पर्यटन केंद्र उभारण्याची तसेच जल वाहतुकीची संकल्पना धरणाचे माजी अधीक्षक अभियंता अजय दाभाडे यांनी अनेक वर्षांपूर्वी मांडली होती. आघाडी सरकारच्या काळात विजयसिंह मोहिते पाटील यांच्याकडे पर्यटन खाते असताना याबाबतची चाचपणी झाली होती. अधिकाऱ्यांनी जलाशयाची पाहणी करून याबाबतचा अहवालही तयार केला होता. मात्र, नंतर त्यास धरण सुरक्षितेतच्या कारणावरून ब्रेक मिळाला होता. त्यानंतर उजनी जलाशयावर सर्वात मोठा सोलर प्रकल्प राबविण्याची तयारी फडणवीस सरकारच्या काळात करण्यात आली होती. तत्कालीन सहकारमंत्री सुभाष देशमुख हेदेखील त्यासाठी आग्रही होते. नंतर तीही योजना गुंडाळण्यात आली होती.
हेही वाचा ..
आता महाराष्ट्र विकास महामंडळाच्या मदतीने वन विभागामार्फत बीओटी तत्त्वावर पर्यटन केंद्र विकसित करण्याच्या हालचाली सुरू झाल्या आहेत. उजनी धरण परिसरात पर्यटन केंद्र उभारण्यासंदर्भात गेल्या काही दिवसांपासून चर्चा सुरू होती. याला आता मूर्त स्वरूप प्राप्त झाले आहे. उजनी धरणासाठी यापूर्वी १०० हेक्टर जमीन संपादित करण्यात आली असून एकूण जमिनीपैकी ४३ हेक्टर जमिनीवर हे पर्यटन केंद्र उभारण्यात येणार आहे.
या पर्यटन केंद्रात बोटिंग, पक्षी निरीक्षण केंद्र, मनोरंजनाची साधने व अन्य बाबींचा समावेश करण्यात येणार आहे. या पर्यटन केंद्रासाठी सार्वजनिक बांधकाम विभागाकडून सहा कोटींचा निधी मंजूर झाला असून जिल्हा नियोजन समितीमधूनही निधी उपलब्ध होणार आहे. पर्यटन केंद्र सज्ज झाल्यानंतर ते बीओटी तत्त्वावर देण्यात येणार आहे.

या पर्यटन केंद्रामुळे मोठ्या संख्येने पर्यटक येथे येतील. त्यानंतर त्या परिसरात रोजगाराच्या संधीही उपलब्ध होतील. त्या पार्श्वभूमीवर सोलापूरचे जिल्हाधिकारी मिलिंद शंभरकर तसेच संबंधीत अधिकाऱ्यांनी यापूर्वी उजनी जलाशयाची पाहणीदेखील केली आहे. त्यामुळे भविष्यात उजनी जलाशय पर्यटन केंद्र म्हणून देखील वरदान ठरणार आहे, हे निश्चित.

स्वास्थ्य संजीवनी*🌹 *🌹थाइरोइड का घरलू इलाज*

🌹 *स्वास्थ्य संजीवनी*🌹
*🌹थाइरोइड का घरलू इलाज*

*🌹हल्दी दूध: थायराइड को कण्ट्रोल करने के लिए आप रोजाना दूध में हल्दी मिलाकर और उसे पकाकर पिए।*

*🌹लौकी का जूस: रोजाना सुबह खली पेट लौकी का जूस पिने से भी थाइरोइड खत्म करने में मदद मिलती है। जूस पिने के आधे घंटे तक कुछ खाये पिए नहीं।*

*🌹तुलसी और एलोवेरा: दो चम्मच तुलसी के रस में आधा चम्मच एलोवेरा रस मिला कर इसका सेवन करना भी इस बीमारी से छुटकारा पाने का उत्तम उपाय है।*

*🌹लाल प्याज: प्याज को बीच से काट कर दो टुकड़े कर ले और रात को सोने से पहले थायराइड ग्रंथि के आस पास मसाज करे। इसके बाद गर्दन से प्याज का रस को धोये नहीं।*

*🌹हरा धनिया: थायराइड का घरेलू ट्रीटमेंट करने के लिए हरा धनिया पीस कर चटनी बनाये और एक गिलास पानी में एक 1 चम्मच चटनी घोल कर पिए। इस उपाय को जब भी करे ताजी चटनी बना कर ही सेवन करे।*

*🌹रात को सोते समय गाय के गर्म दूध के साथ 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करे।*

*🌹थाइरोइड के लिए उज्जायी प्राणायाम करे । इस प्राणायाम में गले को संकुचित करते हुए पुरे ज़ोर से ऊपर से श्वांस खींचनी हैं।*

*🌹स्वस्थ आदमी के लिए सफ़ेद नमक है बहुत हानिकारक.आज कल जो बाज़ार में सफ़ेद नमक हमको आयोडीन के नाम से खिलाया जा रहा है, चाहे वो कितनी भी बड़ी कंपनी हो, सिर्फ आम जन को मुर्ख बनाने के लिए है. नमक सिर्फ सेंधा या काला ही इस्तेमाल करें.*

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