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🔶आरोग्य🔶

🔶आरोग्य🔶

हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले आहार :-
भोजन में अनेक पोषक तत्व होते हैं जो शरीर का विकास करते हैं, उसे स्वस्थ रखते हैं और शक्ति प्रदान करते हैं।
हमें अपने आहार में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले फल एवं सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, व्यायाम, भोजन में हरी सब्जियां, दालें, अनार आदि फल लेना चाहिए।
राजेश मंत्री
हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले आहार के स्रोत
अमरूद
अमरूद जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होगा। पके अमरूद को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। इसलिए महिलाओं को और भी लाभदायक हो जाता है।

आम
आम खाने से हमारे शरीर में रक्त अधिक मात्रा में बनता है, एनीमिया में यह लाभकारी होता है।

सेब
सेब एनीमिया जैसी बीमारी में लाभकारी होता है। सेब खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है।

अंगूर
अंगूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। ये शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, हीमोग्लोबिन की कमी संबंधी बीमारियों को ठीक करने में सहायक होता है।

चुकन्दर
चुकन्दर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का लोह तत्व रक्त में हीमोग्लोबिन का निर्माण व लाल रक्तकणों की सक्रियता के लिए बेहद प्रभावशाली है। खून की कमी यानी एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण के समान है। चुकन्दर के अलावा चुकन्दर की हरी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायी है। इन पत्तियों में तीन गुना लौह तत्व अधिक होता है।

तुलसी
तुलसी रक्त की कमी को कम करने के लिए रामबाण है। तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

सब्जियां
शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। हरी सब्जियों में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले तत्व ज्यादा मात्रा में पाये जाते है।

तिल
तिल शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। तिल खाने से रक्ताल्पता की बीमारी ठीक होती है।

पालक
सूखे पालक में आयरन काफी मात्रा शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को ठीक करता है।

नारियल
नारियल शरीर में उत्तकों, मांसपेशियों और रक्त जैसे महत्वपूर्ण द्रव्यों का निर्माण करता है, यह संक्रमण का सामना करने के लिए इन्जाइम और रोग प्रतिकारक तत्वों के विकास में सहायक होता है।

गुड़
गुड़ में अधिक खनिज लवण होते है,जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है।
नोट:- यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिये है !

🔶आरोग्य🔶

🔶आरोग्य🔶

हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले आहार :-
भोजन में अनेक पोषक तत्व होते हैं जो शरीर का विकास करते हैं, उसे स्वस्थ रखते हैं और शक्ति प्रदान करते हैं।
हमें अपने आहार में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले फल एवं सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, व्यायाम, भोजन में हरी सब्जियां, दालें, अनार आदि फल लेना चाहिए।
राजेश मंत्री
हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले आहार के स्रोत
अमरूद
अमरूद जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होगा। पके अमरूद को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। इसलिए महिलाओं को और भी लाभदायक हो जाता है।

आम
आम खाने से हमारे शरीर में रक्त अधिक मात्रा में बनता है, एनीमिया में यह लाभकारी होता है।

सेब
सेब एनीमिया जैसी बीमारी में लाभकारी होता है। सेब खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है।

अंगूर
अंगूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। ये शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, हीमोग्लोबिन की कमी संबंधी बीमारियों को ठीक करने में सहायक होता है।

चुकन्दर
चुकन्दर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का लोह तत्व रक्त में हीमोग्लोबिन का निर्माण व लाल रक्तकणों की सक्रियता के लिए बेहद प्रभावशाली है। खून की कमी यानी एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण के समान है। चुकन्दर के अलावा चुकन्दर की हरी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायी है। इन पत्तियों में तीन गुना लौह तत्व अधिक होता है।

तुलसी
तुलसी रक्त की कमी को कम करने के लिए रामबाण है। तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

सब्जियां
शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। हरी सब्जियों में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले तत्व ज्यादा मात्रा में पाये जाते है।

तिल
तिल शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। तिल खाने से रक्ताल्पता की बीमारी ठीक होती है।

पालक
सूखे पालक में आयरन काफी मात्रा शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को ठीक करता है।

नारियल
नारियल शरीर में उत्तकों, मांसपेशियों और रक्त जैसे महत्वपूर्ण द्रव्यों का निर्माण करता है, यह संक्रमण का सामना करने के लिए इन्जाइम और रोग प्रतिकारक तत्वों के विकास में सहायक होता है।

गुड़
गुड़ में अधिक खनिज लवण होते है,जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है।
नोट:- यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिये है !

भारतीय जनता पार्टी कोथरूड मतदार संघाच्या महिला उपाध्यक्षा आणि नीता फाउंडेशन च्या *सौ पल्लवी गाडगीळ* यांच्या सहकार्याने आयकर सोसायटी पौड रोड येथे रांगोळी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न झाला .

भारतीय जनता पार्टी कोथरूड मतदार संघाच्या महिला उपाध्यक्षा आणि नीता फाउंडेशन च्या *सौ पल्लवी गाडगीळ*
यांच्या सहकार्याने आयकर सोसायटी पौड रोड येथे
*रांगोळी प्रशिक्षण कार्यक्रम* संपन्न झाला .

यावेळी लहानांपासून मोठ्यां पर्यंत सर्व जणांनी सहभाग घेतला .अनेक जण या रांगोळीच्या रंगात रंगून गेले होते.
यावेळी मतदारसंघाचे अनेक पदाधिकारी उपस्थित होते नगरसेविका-
वसंती जाधव
नगरसेविका-
छाया मारणे
अनिता तलाठी
सुप्रीया माझीरे
सुरेखा जगताप
केतकी कुलकर्णी
विद्या टेमकर
बाळासाहेब टेमकर
सरिता चित्तोडकर
रेखा चौंधे
रांगोळी प्रशिक्षण-
अंकीता गोळे

भारतीय जनता पार्टी कोथरूड मतदार संघाच्या महिला उपाध्यक्षा आणि नीता फाउंडेशन च्या *सौ पल्लवी गाडगीळ* यांच्या सहकार्याने आयकर सोसायटी पौड रोड येथे रांगोळी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न झाला .

भारतीय जनता पार्टी कोथरूड मतदार संघाच्या महिला उपाध्यक्षा आणि नीता फाउंडेशन च्या *सौ पल्लवी गाडगीळ*
यांच्या सहकार्याने आयकर सोसायटी पौड रोड येथे
*रांगोळी प्रशिक्षण कार्यक्रम* संपन्न झाला .

यावेळी लहानांपासून मोठ्यां पर्यंत सर्व जणांनी सहभाग घेतला .अनेक जण या रांगोळीच्या रंगात रंगून गेले होते.
यावेळी मतदारसंघाचे अनेक पदाधिकारी उपस्थित होते नगरसेविका-
वसंती जाधव
नगरसेविका-
छाया मारणे
अनिता तलाठी
सुप्रीया माझीरे
सुरेखा जगताप
केतकी कुलकर्णी
विद्या टेमकर
बाळासाहेब टेमकर
सरिता चित्तोडकर
रेखा चौंधे
रांगोळी प्रशिक्षण-
अंकीता गोळे

वाकड्याना सोडून सरळ जे असतात त्यानाच ठोकले जाते”

वाकड्याना सोडून सरळ जे असतात त्यानाच ठोकले जाते”

*मग वाकड्या खिळ्याचे करायचे काय ?*

*काल परवा एक सुंदर संदेश व्हाट्सअप्प वर पाहिला !, एका लाकडी फळी वर ४/५ वाकडे खिळे होते, आणि एक सरळ खीळा होता. जो सरळ खीळा होता त्यावर हातोडीचा दणका मारताना दाखवले होते आणि खाली लिहले होते;*

” *वाकड्याना सोडून सरळ जे*असतात त्यानाच ठोकले जाते*”

*मग वाकड्या खिळ्याचे करायचे काय.?*

*एक मजूर सहजतेने म्हणाला*
*”साहेब यांना पहिले जमिनीवर आणा मग हातोडीने हळू हळू सरळ करा,*
*जोरात घाव घालू नका, ते तुटतील बिचारे*

*एकदा सरळ झाले की मग त्यांना परत हळू हळू भिंतीत ठोका एकदा जर त्याचा वाकडा भाग भिंतीत गेला की मग हाच अर्धा ग्रामचा खिळा १० किलो वजन धरुन ठेवेल”.*

*परंतू*

*तसे न करता तुम्ही त्याची जबाबदारी दुसऱ्यावर सोपवता*

*त्याला खुशाल मोकळे सोडता ( फेकुन देता )*
बर
*फेकल्यावर सुद्धा तो खिळा काय करतो*
तर
*चालती गाडी पंचर करणे*
*चालत्याच्या पायास रुतून जखम करणे*
*असे उपदव्याप करतो*

*त्या अशिक्षिताने माझे डोळे उघडले*,
*आणि कोणताच खिळा हा जन्मतः वाकडा नसतो, तो सुरुवातीला नीट ठोकला गेला नसल्याने (त्याच्यावर योग्य संस्कार न झाल्याने) तो वाकतो आणि जर आपण त्याला तसेच फेकून दिले तर त्या पासून* *चांगल्या चांगल्यांना त्रास होऊ शकतो*.

*शेवटीं काय माणसांवर होणारे संस्कार सर्वात महत्वाचे असतात…*

🙏🙏🙏🙏

एखादी वस्तू वापरली नाही की ती गंजते, आणि जास्त वापरली तर झिजते.. काहीही झालं तरी शेवट तर ठरलेलाच आहे.. मग कोणाच्याही उपयोगात न येता, गंजण्यापेक्षा, इतरांच्या सुखासाठी झिजणे केव्हाही उत्तमच:-रामवर्मा आसबे

एखादी वस्तू वापरली नाही की ती गंजते, आणि जास्त वापरली तर झिजते.. काहीही झालं तरी शेवट तर ठरलेलाच आहे.. मग कोणाच्याही उपयोगात न येता, गंजण्यापेक्षा, इतरांच्या सुखासाठी झिजणे केव्हाही उत्तमच…!!

रामवर्मा आसबे

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान राष्ट्रीय सुधार सोच:-क्रुषी विषयक

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान राष्ट्रीय सुधार सोच
2 किलो दही 25 किलो यूरिया के बराबर करता है काम! इस तकनीक को अपनाकर करें उपयोग कभी नहीं होगी यूरिया सहित अन्य उर्वरक की जरूरत !
आवाज एक पहल
++++++++++
पिछले दिनों में यूरिया की किल्लत से परेशानी की. नीम कोटीन यूरिया लाने से कुछ सुधार हुआ खबर देश के हर जिले से आ रही थीं घंटों मशक्कत के बाद भी किसानों को 1-2 बोरी यूरिया मिलने में परेशानी आ रही थी इस तरह के परेशानियों का सामना करने वाले सभी किसान भाइयों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है।
दरअसल खेती में दही का उपयोग करके आप यूरिया सहित अन्य उर्वरकों का दाम बचा सकते हैं।

दही का उपयोग करने के कई लाभ हैं। दही के उपयोग से खेती से लागत का 95 प्रतिशत बचता है और कृषि उत्पादन में कम से कम 15 प्रतिशत की वृद्धि होती है। दही के फायदों को देखकर, कई किसानों ने इसकी ओर रुख किया है। खासकर जब से इसका प्रयोग भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और गुजरात के कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा किया गया है। मीठे नीम को छाछ पीलाना सालों से परंपरा रही है। दही का उपयोग अब खेत में किया जा रहा है। गुजरात में प्रति हेक्टेयर 500 किलोग्राम रासायनिक उर्वरक का उपयोग किया जाता है। 2010-11 में खपत 19.39 लाख टन थी1012-13 में खपत 13.42 लाख टन थी। 2019-20 में रासायनिक उर्वरकों की खपत लगभग 10 लाख टन होने का अनुमान है।

पानी की बचत
अगर आप अपने खेतों में दही का उपयोग करते हैं तो
15 दिनों तक सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं है, इसलिए यह प्रति एकड़ 1000 रुपये बचाता है। रासायनिक उर्वरक की प्रति एकड़ लागत रु।1100 है, लेकिन दही की कीमत 110 रुपये प्रति 2 किलो दूध है। कीटनाशकों पर 1500 रुपये प्रति एकड़ खर्च नहीं होता है। इस प्रकार, एक को प्रति एकड़ 3600 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन केवल 155 रुपये की मामूली लागत पर दहीं से काम चलता है।

दही कैसे बनाये
दही बनाने के लिए मिट्टी के बर्तन में देशी गाय का दो लीटर दूध डालें। दो किलो दही में एक तांबे का टुकड़ा या एक तांबे का चम्मच डुबोएं और इसे 8 से 15 दिनों के लिए ढककर छाया में रखें। इसमें हरे रंग का तार होगा। तांबे या पीतल को धोकर दही में मिलाएं। 5 लीटर मिश्रण बनाने के लिए दो किलो दही में 3 लीटर पमी मिलाएं। एक एकड़ में एक पंप द्वारा पानी का छिड़काव किया जाता है। फिर 1 एकड़ में फसल पर पानी छिड़का जाता है। ऐसा करने से पौधे 25 से 45 दिनों तक हरे रहेंगे। नाइट्रोजन की अब जरूरत नहीं है। फसल हरी हो जाएगी।

2 किलो दही से 25 किलो यूरिया बचता है
उत्तर बिहार में 1 लाख किसान यूरिया की जगह दही का इस्तेमाल करते हैं। अनाज, सब्जी और बागों के उत्पादन में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। 30 मिलीलीटर दही का मिश्रण एक लीटर पानी में डाला जाता है। दिल्ली के आसपास, 9 साल से यूरिया के बजाय दही का उपयोग किया जाता है।

सभी फसलों में उपयोगी
यह सभी प्रकार की फसलों जैसे मक्का, गेहूं, आम, केला, सब्जियां, लीची, धान, गन्ना पर छिड़का जा सकता है।

गार्डन
बगीचे में फूल आने से 25 दिन पहले दही पानी का उपयोग किया जाता है। यह बगीचों को फास्फोरस और नाइट्रोजन प्रदान करता है। फसल पर जैविक पदार्थ तैयार हो जाएगा। सभी फल एक समान आकार के होते हैं।

जहरीला मक्खन
छाछ से निकलने वाला मक्खन किट नियंत्रक के रूप में काम करेगा। जहरीले मक्खन में वर्मीकम्पोस्ट डाल कर पौधे की जड़ों में रगड़ें। कीड़े और कीट चले जाएंगे। विषाक्त पदार्थों के बारे में पता होना महत्वपूर्ण है।

निस्संक्रामक
अगर ये किसान इसमें दही के अलावा मेथी का पेस्ट या नीम का तेल मिलाते हैं और इसे कीटनाशक के रूप में स्प्रे करते हैं, तो फसल को फंगस नहीं लगेगा। ऐसा करने से नाइट्रोजन प्रदान करता है, कीटों को समाप्त करता है और अनुकूल कीटों से बचाता है।

मिट्टी में खाद
दही का उपयोग मिट्टी में भी किया जा सकता है। 2 किलो दही प्रति एकड़ के हिसाब से लगायें। मिट्टी में माइक्रोबियल दर अधिक है। ऐसा करने से सभी फसलों में उत्पादन 25-30 प्रतिशत बढ़ सकता है। दही का उपयोग पंचगव्य में किया जाता है।

पानी की खपत कम हो जाती है
गर्मी में दही में 300 ग्राम और पानी में 300 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर 300 ग्राम सेंधा नमक छिड़कने से फसल को 15 दिनों तक पानी की जरूरत नहीं होती है।

कृषि अनुसंधान संस्थान
जैसा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने मार्च 2017 में इस नवाचार को मान्यता दी थी, मुजफ्फरपुर के किसानों को दही की खेती करके सम्मानित किया गया था।

भारत में, सालाना 500 लाख टन उर्वरक का उपयोग किया जाता है। उपर के अनुभव किसानो का है। कृषि अधिकारी से जानकर उपयोग करना चाहीए।

रस्त्याच्या कामाचे पैसे  घेतात पण सेवा देत नाहीत :-नितीन दादा आरडे (संस्थापक अध्यक्ष शेतकरी संघटना महाराष्ट्र राज्य

रस्त्याच्या कामाचे पैसे  घेतात पण सेवा देत नाहीत :-नितीन दादा आरडे (संस्थापक अध्यक्ष शेतकरी संघटना महाराष्ट्र राज्य

राष्ट्रीय महामार्ग क्र. ६५ भिगवन ते हिंगणगाव रस्त्यातील शौचालय, रस्ता साफ सफाई, साईड पट्ट्या दुरुस्ती, या कामाचे टेंडर “शुभम सर्विसेस प्रायव्हेट लिमिटेड “या कंपनीकडे असून सध्या हे काम बंद आहे. महामार्ग प्रशासन अधिकारी व कंपनी ठेकेदार संगनमताने बिल काढून शासनाची फसवणूक करत आहेत .म्हणून सदर कंपनीचा हा ठेका रद्द करून या कंपनीचे नाव काळे यादीत टाकावे .अशी मागणी शिवशाही शेतकरी संघटनेचे संस्थापक अध्यक्ष नितीन दादा आरडे यांनी जिल्हाधिकारी पुणे यांच्याकडे निवेदनाद्वारे केली आहे.

 

भिगवन ते हिंगणगाव हायवे रस्ता साफसफाई झाड लोट साईट पट्ट्या देखभाल दुरुस्ती डिव्हायडर मधील झाडाला पाणी घालणे हायवे रोड लगतची सार्वजनिक शौचालय व मुताऱ्या स्वच्छता व त्या ठिकाणी इतर सुविधा उपलब्ध करून देण्यासाठीचा कामाचा ठेका नमूद कंपनीकडे आहे .परंतु सदर कंपनी ही कामे न करताच प्रत्येक महिन्याला बिल घेत आहे .यामध्ये महामार्ग प्रशासन अधिकारी व कंपनी ठेकेदार सामील आहेत. त्यांचे या कामात आर्थिक हितसंबंध आहेत. सदर कंपनी गेल्या दोन वर्षापासून शासनाच्या तिजोरीवर डल्ला मारत आहे.
_________________________हिंगणगाव हद्दीतील शौचालय तीन वर्षापासून बंदच _
बंद कामाची बिले ठेकेदाराच्या घशात __
महामार्ग प्रशासनाधिकारी व संबंधित कंपनी ठेकेदार यांच्या संगनमताने भ्रष्टाचार _________________
हिंगणगाव येथील शौचालय गेल्या तीन-चार वर्षापासून बंद आहे .त्याला जबाबदार पी एस पी एल कंपनी आहे. त्यामुळे वाहन चालकाची गैरसोय होत आहे. यावर शासन लाखो रुपये खर्च करत असून कंपनी मात्र फक्त बोगस बिल बनवत आहे. वाहतुकीमुळे रस्त्यावर वाळू मुरूम माती खडीचे थर आले असून या परिसरात अपघाताचे प्रमाण वाढलेले आहे. याबाबत कंपनी प्रशासनाकडे पाठपुरावा केला असता कंपनी प्रशासन अधिकारी सदर बाबीकडे दुर्लक्ष करीत असल्याने शासनाचे लक्ष वेधण्यासाठी १५/०९/२०२१ रोजी पासून शासकीय वेळेत इंदापूर तहसील कार्यालयासमोर बेमुदत धरणे आंदोलन करण्यात येणार असल्याची माहिती नितीन आरडे यांनी दिली.

रस्त्याच्या कामाचे पैसे  घेतात पण सेवा देत नाहीत :-नितीन दादा आरडे (संस्थापक अध्यक्ष शेतकरी संघटना महाराष्ट्र राज्य

रस्त्याच्या कामाचे पैसे  घेतात पण सेवा देत नाहीत :-नितीन दादा आरडे (संस्थापक अध्यक्ष शेतकरी संघटना महाराष्ट्र राज्य

राष्ट्रीय महामार्ग क्र. ६५ भिगवन ते हिंगणगाव रस्त्यातील शौचालय, रस्ता साफ सफाई, साईड पट्ट्या दुरुस्ती, या कामाचे टेंडर “शुभम सर्विसेस प्रायव्हेट लिमिटेड “या कंपनीकडे असून सध्या हे काम बंद आहे. महामार्ग प्रशासन अधिकारी व कंपनी ठेकेदार संगनमताने बिल काढून शासनाची फसवणूक करत आहेत .म्हणून सदर कंपनीचा हा ठेका रद्द करून या कंपनीचे नाव काळे यादीत टाकावे .अशी मागणी शिवशाही शेतकरी संघटनेचे संस्थापक अध्यक्ष नितीन दादा आरडे यांनी जिल्हाधिकारी पुणे यांच्याकडे निवेदनाद्वारे केली आहे.

 

भिगवन ते हिंगणगाव हायवे रस्ता साफसफाई झाड लोट साईट पट्ट्या देखभाल दुरुस्ती डिव्हायडर मधील झाडाला पाणी घालणे हायवे रोड लगतची सार्वजनिक शौचालय व मुताऱ्या स्वच्छता व त्या ठिकाणी इतर सुविधा उपलब्ध करून देण्यासाठीचा कामाचा ठेका नमूद कंपनीकडे आहे .परंतु सदर कंपनी ही कामे न करताच प्रत्येक महिन्याला बिल घेत आहे .यामध्ये महामार्ग प्रशासन अधिकारी व कंपनी ठेकेदार सामील आहेत. त्यांचे या कामात आर्थिक हितसंबंध आहेत. सदर कंपनी गेल्या दोन वर्षापासून शासनाच्या तिजोरीवर डल्ला मारत आहे.
_________________________हिंगणगाव हद्दीतील शौचालय तीन वर्षापासून बंदच _
बंद कामाची बिले ठेकेदाराच्या घशात __
महामार्ग प्रशासनाधिकारी व संबंधित कंपनी ठेकेदार यांच्या संगनमताने भ्रष्टाचार _________________
हिंगणगाव येथील शौचालय गेल्या तीन-चार वर्षापासून बंद आहे .त्याला जबाबदार पी एस पी एल कंपनी आहे. त्यामुळे वाहन चालकाची गैरसोय होत आहे. यावर शासन लाखो रुपये खर्च करत असून कंपनी मात्र फक्त बोगस बिल बनवत आहे. वाहतुकीमुळे रस्त्यावर वाळू मुरूम माती खडीचे थर आले असून या परिसरात अपघाताचे प्रमाण वाढलेले आहे. याबाबत कंपनी प्रशासनाकडे पाठपुरावा केला असता कंपनी प्रशासन अधिकारी सदर बाबीकडे दुर्लक्ष करीत असल्याने शासनाचे लक्ष वेधण्यासाठी १५/०९/२०२१ रोजी पासून शासकीय वेळेत इंदापूर तहसील कार्यालयासमोर बेमुदत धरणे आंदोलन करण्यात येणार असल्याची माहिती नितीन आरडे यांनी दिली.

हाई बीपी से बचाए

*हाई बीपी से बचाए |*

लहसुन खाने से हाइपरटेंशन के लक्षणों से आराम मिलता है। यह न केवल ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है। साथ ही, लीवर और मूत्राशय को भी सुचारू रूप से काम करने में सहायक होता है।

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