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महाभारत का अभ्यास

*यदि “महाभारत” को पढ़ने का समय न हो तो भी इसके नौ सार- सूत्र हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं :-*

*1.संतानों की गलत माँग और हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे-* *कौरव*

*2.आप भले ही कितने बलवान हो लेकिन अधर्म के साथ हो तो, आपकी विद्या, अस्त्र-शस्त्र शक्ति और वरदान सब निष्फल हो जायेगा -* *कर्ण*

*3.संतानों को इतना महत्वाकांक्षी मत बना दो कि विद्या का दुरुपयोग कर स्वयंनाश कर सर्वनाश को आमंत्रित करे-*
*अश्वत्थामा*

*4.कभी किसी को ऐसा वचन मत दो कि आपको अधर्मियों के आगे समर्पण करना पड़े -* *भीष्म पितामह*

*5.संपत्ति, शक्ति व सत्ता का दुरुपयोग और दुराचारियों का साथ अंत में स्वयंनाश का दर्शन कराता है -* *दुर्योधन*

*6.अंध व्यक्ति- अर्थात मुद्रा, मदिरा, अज्ञान, मोह और काम ( मृदुला) अंध व्यक्ति के हाथ में सत्ता भी विनाश की ओर ले जाती है -* *धृतराष्ट्र*

*7.यदि व्यक्ति के पास विद्या, विवेक से बँधी हो तो विजय अवश्य मिलती है -*
*अर्जुन*

*8.हर कार्य में छल, कपट व प्रपंच रच कर आप हमेशा सफल नहीं हो सकते -*
*शकुनि*

*9.यदि आप नीति, धर्म व कर्म का सफलता पूर्वक पालन करेंगे, तो विश्व की कोई भी शक्ति आपको पराजित नहीं कर सकती -* *युधिष्ठिर*

*यदि इन नौ सूत्रों से सबक लेना सम्भव नहीं होता है तो जीवन में महाभारत संभव हो जाता है।*

रामवर्मा आसबे

9767010050

महाभारत का अभ्यास

*यदि “महाभारत” को पढ़ने का समय न हो तो भी इसके नौ सार- सूत्र हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं :-*

*1.संतानों की गलत माँग और हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे-* *कौरव*

*2.आप भले ही कितने बलवान हो लेकिन अधर्म के साथ हो तो, आपकी विद्या, अस्त्र-शस्त्र शक्ति और वरदान सब निष्फल हो जायेगा -* *कर्ण*

*3.संतानों को इतना महत्वाकांक्षी मत बना दो कि विद्या का दुरुपयोग कर स्वयंनाश कर सर्वनाश को आमंत्रित करे-*
*अश्वत्थामा*

*4.कभी किसी को ऐसा वचन मत दो कि आपको अधर्मियों के आगे समर्पण करना पड़े -* *भीष्म पितामह*

*5.संपत्ति, शक्ति व सत्ता का दुरुपयोग और दुराचारियों का साथ अंत में स्वयंनाश का दर्शन कराता है -* *दुर्योधन*

*6.अंध व्यक्ति- अर्थात मुद्रा, मदिरा, अज्ञान, मोह और काम ( मृदुला) अंध व्यक्ति के हाथ में सत्ता भी विनाश की ओर ले जाती है -* *धृतराष्ट्र*

*7.यदि व्यक्ति के पास विद्या, विवेक से बँधी हो तो विजय अवश्य मिलती है -*
*अर्जुन*

*8.हर कार्य में छल, कपट व प्रपंच रच कर आप हमेशा सफल नहीं हो सकते -*
*शकुनि*

*9.यदि आप नीति, धर्म व कर्म का सफलता पूर्वक पालन करेंगे, तो विश्व की कोई भी शक्ति आपको पराजित नहीं कर सकती -* *युधिष्ठिर*

*यदि इन नौ सूत्रों से सबक लेना सम्भव नहीं होता है तो जीवन में महाभारत संभव हो जाता है।*

रामवर्मा आसबे

9767010050

*आदरणीय अटल जी यांच्या जयंतीनिमित्त पंतप्रधान किसान सन्मान निधीचा आणखी एक हप्ता एकाच वेळी कोट्यावधी शेतकऱ्यांच्या बँक खात्यात वर्ग केले जातील.मा.नरेंद्र मोदी

*आदरणीय अटल जी यांच्या जयंतीनिमित्त पंतप्रधान किसान सन्मान निधीचा आणखी एक हप्ता एकाच वेळी कोट्यावधी शेतकऱ्यांच्या बँक खात्यात वर्ग केले जातील.*
मा.पंंतप्रधान नरेंद्र मोदी

आरएसएसचे माजी प्रवक्ते आणि तरुण भारतचे माजी मुख्य संपादक मा. गो. वैद्य यांचं निधन

🚩🚩आरएसएसचे माजी प्रवक्ते आणि तरुण भारतचे माजी मुख्य संपादक मा. गो. वैद्य यांचं निधन 💐💐

*नागपूर, १९ डिसेंबर:-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाचे माजी प्रवक्ते मा. गो. वैद्य यांचं निधन झालं. ते ९७ वर्षांचे होते. मा. गो. वैद्य यांनी संघाच्या अनेक महत्त्वाच्या पदांवर काम केलं होतं. 1966 पासून पुढे अनेक वर्षे पत्रकारिता करताना मा. गो. वैद्यांना पत्रकारिता व समाजसेवेचे अनेक पुरस्कार मिळाले होते. मॉरिस कॉलेजमध्ये असताना 1943 सालापासूनच मा. गो. वैद्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाचे सक्रिय स्वयंसेवक होते. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाची माहिती देणारे ’सुगम संघ’ नावाचे हिंदी पुस्तक त्यांनी लिहिले आहे. 1978 साली मा. गो. वैद्य महाराष्ट्र विधान परिषदेचे सदस्य झाले. त्यावेळची त्यांची कारकीर्दही उल्लेखनीय राहिली.*

*विचारवंत पत्रकार, हिंदुत्वाचे भाष्यकार, तरुण भारतचे माजी मुख्य संपादक, रा. स्व. संघाचे माजी बौद्धिक आणि प्रचार प्रमुख माधव गोविंद उपाख्य बाबुराव वैद्य यांचे शनिवार 19 डिसेंबर 2020 रोजी दुपारी 3.30 वाजता निधन झाले. ते 97 वर्षांचे होते. त्यांच्या पश्चात पत्नी सुनंदा, तीन मुली विभावरी गिरीश नाईक, डॉ. प्रतिभा उदय राजहंस, भारती जयंत कहू, तसेच पाच मुले धनंजय, डॉ. मनमोहन (सह सरकार्यवाह, रा. स्व. संघ), श्रीनिवास, शशिभूषण व डॉ. राम (हिंदू स्वयंसेवक संघ, सह संयोजक) आणि बराच मोठा आप्त परिवार आहे. अंत्ययात्रा रविवार 20 डिसेंबर रोजी सकाळी 9.30 वाजता त्यांचे राहते घर- 80, विद्याविहार, प्रतापनगर, नागपूर-22 येथून निघेल आणि अंबाझरी घाटावर अंत्यसंस्कार होतील.*

*मा. गो. वैद्य हे विचारवंत पत्रकार, हिंदुत्वाचे भाष्यकार, तरुण भारतचे माजी मुख्य संपादक, रा. स्व. संघाचे माजी बौद्धिक आणि प्रचार प्रमुख अशी त्यांची ओळख आहे. त्यांचे संपूर्ण नाव माधव गोविंद उपाख्य बाबुराव वैद्य. त्यांच्या पश्चाेत पत्नी, तीन मुली तसेच पाच मुले असा मोठा आप्त परिवार आहे. त्यांचे मुलगेही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघात कार्यरत आहेत. त्यापैकी डॉ. मनमोहन हे संघाटे सह सरकार्यवाह, तर श्रीनिवास, शशिभूषण आणि डॉ. राम हे हिंदू स्वयंसेवक संघ, सह संयोजक म्हणून काम पाहत आहेत.*

शेती करारामध्ये जमीन शेतकर्‍याकडेच राहील, करार आणि जमिनीचा काही संबंध नाही. मा.पंतप्रधान नरेंद्र मोदी

शेती करारामध्ये जमीन शेतकर्‍याकडेच राहील, करार आणि जमिनीचा काही संबंध नाही.
मा. पंतप्रधान नरेंद्र मोदी

यूपी में किसी भी मंत्री/MP/MLA/MLC या पदाधिकारी के रिश्तेदार नहीं लड़ेंगे पंचायत चुनाव…केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही मिलेगा चुनाव लड़ने का मौका : सीएम योगी जी

यूपी में किसी भी मंत्री/MP/MLA/MLC या पदाधिकारी के रिश्तेदार नहीं लड़ेंगे पंचायत चुनाव…केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही मिलेगा चुनाव लड़ने का मौका : सीएम योगी जी

यूपी में किसी भी मंत्री/MP/MLA/MLC या पदाधिकारी के रिश्तेदार नहीं लड़ेंगे पंचायत चुनाव…केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही मिलेगा चुनाव लड़ने का मौका : सीएम योगी जी

यूपी में किसी भी मंत्री/MP/MLA/MLC या पदाधिकारी के रिश्तेदार नहीं लड़ेंगे पंचायत चुनाव…केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही मिलेगा चुनाव लड़ने का मौका : सीएम योगी जी

भोजन के प्रकार और रहस्य

*#भोजन के प्रकार*

*#भीष्म पितामह ने गीता में अर्जुन को 4 प्रकार से भोजन ना करने के लिए बताया था।*

👉🏿1) #पहला भोजन- जिस भोजन की थाली को कोई लांघ कर गया हो वह भोजन की थाली नाले में पड़े कीचड़ के समान होती है।

👉🏿2) #दूसरा भोजन- जिस भोजन की थाली में ठोकर लग गई ,पाव लग गया वह भोजन की थाली भिष्टा के समान होता है।

👉🏿3) #तीसरे प्रकार का भोजन -जिस भोजन की थाली में बाल पड़ा हो, केश पड़ा हो वह दरिद्रता के समान होता है।

👉🏿4)#चौथे नंबर का भोजन -अगर पति और पत्नी एक ही थाली में भोजन कर रहे हो तो वह मदिरा के तुल्य होता है।

#विषेश सूचना —
और सुन अर्जुन- बेटी अगर कुवारी हो और अपने पिता के साथ भोजन करती है एक ही थाली में ,, उस पिता की कभी अकाल मृत्यु नहीं होती ,क्योंकि बेटी पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती है ।इसीलिए बेटी जब तक कुमारी रहे तो अपने पिता के साथ बैठकर भोजन करें। क्योंकि वह अपने पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती हैं।

*स्नान कब ओर केसे करे घर की समृद्धि बढाना हमारे हाथमे है*
सुबह के स्नान को धर्म शास्त्र में चार उपनाम दिए है।

*1* *मुनि स्नान।*
जो सुबह 4 से 5 के बिच किया जाता है।
.
*2* *देव स्नान।*
जो सुबह 5 से 6 के बिच किया जाता है।
.
*3* *मानव स्नान।*
जो सुबह 6 से 8 के बिच किया जाता है।
.
*4* *राक्षसी स्नान।*
जो सुबह 8 के बाद किया जाता है।

▶मुनि स्नान सर्वोत्तम है।
▶देव स्नान उत्तम है।
▶मानव स्नान समान्य है।
▶राक्षसी स्नान धर्म में निषेध है।
.

किसी भी मानव को 8 बजे के बाद स्नान नही करना चाहिए।
.
*मुनि स्नान …….*
👉🏻घर में सुख ,शांति ,समृद्धि, विध्या , बल , आरोग्य , चेतना , प्रदान करता है।
.
*देव स्नान ……*
👉🏻 आप के जीवन में यश , किर्ती , धन वैभव,सुख ,शान्ति, संतोष , प्रदान करता है।
.
*मानव स्नान…..*
👉🏻काम में सफलता ,भाग्य ,अच्छे कर्मो की सूझ ,परिवार में एकता , मंगल मय , प्रदान करता है।
.
*राक्षसी स्नान…..*
👉🏻 दरिद्रता , हानि , कलेश ,धन हानि , परेशानी, प्रदान करता है ।
.
किसी भी मनुष्य को 8 के बाद स्नान नही करना चाहिए।
.
पुराने जमाने में इसी लिए सभी सूरज निकलने से पहले स्नान करते थे।

*खास कर जो घर की स्त्री होती थी।* चाहे वो स्त्री माँ के रूप में हो,पत्नी के रूप में हो,बेहन के रूप में हो।
.
घर के बडे बुजुर्ग यही समझाते सूरज के निकलने से पहले ही स्नान हो जाना चाहिए।
.
*ऐसा करने से धन ,वैभव लक्ष्मी, आप के घर में सदैव वास करती है।*
.
उस समय…… एक मात्र व्यक्ति की कमाई से पूरा हरा भरा पारिवार पल जाता था , और आज मात्र पारिवार में चार सदस्य भी कमाते है तो भी पूरा नही होता।
.
उस की वजह हम खुद ही है । पुराने नियमो को तोड़ कर अपनी सुख सुविधा के लिए नए नियम बनाए है।
.
प्रकृति ……का नियम है, जो भी उस के नियमो का पालन नही करता ,उस का दुष्टपरिणाम सब को मिलता है।
.
इसलिए अपने जीवन में कुछ नियमो को अपनाये । ओर उन का पालन भी करे।
.
आप का भला हो ,आपके अपनों का भला हो।
.
मनुष्य अवतार बार बार नही मिलता।
.
अपने जीवन को सुखमय बनाये।

जीवन जीने के कुछ जरूरी नियम बनाये।
☝🏼 *याद रखियेगा !* 👇🏽
*संस्कार दिये बिना सुविधायें देना, पतन का कारण है।*
*सुविधाएं अगर आप ने बच्चों को नहीं दिए तो हो सकता है वह थोड़ी देर के लिए रोए।*
*पर संस्कार नहीं दिए तो वे जिंदगी भर रोएंगे।*
ऊपर जाने पर एक सवाल ये भी पूँछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ ।
जवाब:-
अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :-
(1)जल
(2) पथ्वी
(3)आकाश
(4)वायू
(5) अग्नि
ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी ।

5 जगह हँसना करोड़ो पाप के बराबर है
1. श्मशान में
2. अर्थी के पीछे
3. शौक में
4. मन्दिर में
5. कथा में

सिर्फ 1 बार भेजो बहुत लोग इन पापो से बचेंगे ।।

अकेले हो?
परमात्मा को याद करो ।

परेशान हो?
ग्रँथ पढ़ो ।

उदास हो?
कथाए पढो ।

टेन्शन मे हो?
भगवत गीता पढो ।

फ्री हो?
अच्छी चीजे फोरवार्ड करो
हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियो पर कृपा करो……

सूचना
क्या आप जानते हैं ?
हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है।

व्रत,उपवास करने से तेज़ बढ़ता है,सर दर्द और बाल गिरने से बचाव होता है ।
आरती—-के दौरान ताली बजाने से
दिल मजबूत होता है ।

ये मेसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नही होने दे और मेसेज सब नम्बरो को भेजे ।

श्रीमद भगवत गीता पुराण और रामायण ।
.
”कैन्सर”
एक खतरनाक बीमारी है…
बहुत से लोग इसको खुद दावत देते हैं …
बहुत मामूली इलाज करके इस
बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है …

अक्सर लोग खाना खाने के बाद “पानी” पी लेते है …
खाना खाने के बाद “पानी” ख़ून में मौजूद “कैन्सर “का अणु बनाने वाले ”’सैल्स”’को ”’आक्सीजन”’ पैदा करता है…

”हिन्दु ग्रंथो मे बताया गया है कि…

खाने से पहले’पानी ‘पीना
अमृत”है…

खाने के बीच मे ‘पानी ‘ पीना शरीर की
”पूजा” है…

खाना खत्म होने से पहले ‘पानी’
”पीना औषधि” है…

खाने के बाद ‘पानी’ पीना”
बीमारीयो का घर है…

बेहतर है खाना खत्म होने के कुछ देर बाद ‘पानी ‘पीये…

ये बात उनको भी बतायें जो आपको “जान”से भी ज्यादा प्यारे है…

जय श्री राम

रोज एक सेब
नो डाक्टर ।

रोज पांच बदाम,
नो कैन्सर ।

रोज एक निबु,
नो पेट बढना ।

रोज एक गिलास दूध,
नो बौना (कद का छोटा)।

रोज 12 गिलास पानी,
नो चेहेरे की समस्या ।

रोज चार काजू,
नो भूख ।

रोज मन्दिर जाओ,
नो टेन्शन ।

रोज कथा सुनो
मन को शान्ति मिलेगी ।।

“चेहरे के लिए ताजा पानी”।

“मन के लिए गीता की बाते”।

“सेहत के लिए योग”।

और खुश रहने के लिए परमात्मा को याद किया करो ।

अच्छी बाते फैलाना पुण्य है.किस्मत मे करोड़ो खुशियाँ लिख दी जाती हैं ।
जीवन के अंतिम दिनो मे इन्सान इक इक पुण्य के लिए तरसेगा ।

जब तक ये लेख पढते रहोगे मुझे और आपको इसका पुण्य मिलता रहेगा..

भोजन के प्रकार और रहस्य

*#भोजन के प्रकार*

*#भीष्म पितामह ने गीता में अर्जुन को 4 प्रकार से भोजन ना करने के लिए बताया था।*

👉🏿1) #पहला भोजन- जिस भोजन की थाली को कोई लांघ कर गया हो वह भोजन की थाली नाले में पड़े कीचड़ के समान होती है।

👉🏿2) #दूसरा भोजन- जिस भोजन की थाली में ठोकर लग गई ,पाव लग गया वह भोजन की थाली भिष्टा के समान होता है।

👉🏿3) #तीसरे प्रकार का भोजन -जिस भोजन की थाली में बाल पड़ा हो, केश पड़ा हो वह दरिद्रता के समान होता है।

👉🏿4)#चौथे नंबर का भोजन -अगर पति और पत्नी एक ही थाली में भोजन कर रहे हो तो वह मदिरा के तुल्य होता है।

#विषेश सूचना —
और सुन अर्जुन- बेटी अगर कुवारी हो और अपने पिता के साथ भोजन करती है एक ही थाली में ,, उस पिता की कभी अकाल मृत्यु नहीं होती ,क्योंकि बेटी पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती है ।इसीलिए बेटी जब तक कुमारी रहे तो अपने पिता के साथ बैठकर भोजन करें। क्योंकि वह अपने पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती हैं।

*स्नान कब ओर केसे करे घर की समृद्धि बढाना हमारे हाथमे है*
सुबह के स्नान को धर्म शास्त्र में चार उपनाम दिए है।

*1* *मुनि स्नान।*
जो सुबह 4 से 5 के बिच किया जाता है।
.
*2* *देव स्नान।*
जो सुबह 5 से 6 के बिच किया जाता है।
.
*3* *मानव स्नान।*
जो सुबह 6 से 8 के बिच किया जाता है।
.
*4* *राक्षसी स्नान।*
जो सुबह 8 के बाद किया जाता है।

▶मुनि स्नान सर्वोत्तम है।
▶देव स्नान उत्तम है।
▶मानव स्नान समान्य है।
▶राक्षसी स्नान धर्म में निषेध है।
.

किसी भी मानव को 8 बजे के बाद स्नान नही करना चाहिए।
.
*मुनि स्नान …….*
👉🏻घर में सुख ,शांति ,समृद्धि, विध्या , बल , आरोग्य , चेतना , प्रदान करता है।
.
*देव स्नान ……*
👉🏻 आप के जीवन में यश , किर्ती , धन वैभव,सुख ,शान्ति, संतोष , प्रदान करता है।
.
*मानव स्नान…..*
👉🏻काम में सफलता ,भाग्य ,अच्छे कर्मो की सूझ ,परिवार में एकता , मंगल मय , प्रदान करता है।
.
*राक्षसी स्नान…..*
👉🏻 दरिद्रता , हानि , कलेश ,धन हानि , परेशानी, प्रदान करता है ।
.
किसी भी मनुष्य को 8 के बाद स्नान नही करना चाहिए।
.
पुराने जमाने में इसी लिए सभी सूरज निकलने से पहले स्नान करते थे।

*खास कर जो घर की स्त्री होती थी।* चाहे वो स्त्री माँ के रूप में हो,पत्नी के रूप में हो,बेहन के रूप में हो।
.
घर के बडे बुजुर्ग यही समझाते सूरज के निकलने से पहले ही स्नान हो जाना चाहिए।
.
*ऐसा करने से धन ,वैभव लक्ष्मी, आप के घर में सदैव वास करती है।*
.
उस समय…… एक मात्र व्यक्ति की कमाई से पूरा हरा भरा पारिवार पल जाता था , और आज मात्र पारिवार में चार सदस्य भी कमाते है तो भी पूरा नही होता।
.
उस की वजह हम खुद ही है । पुराने नियमो को तोड़ कर अपनी सुख सुविधा के लिए नए नियम बनाए है।
.
प्रकृति ……का नियम है, जो भी उस के नियमो का पालन नही करता ,उस का दुष्टपरिणाम सब को मिलता है।
.
इसलिए अपने जीवन में कुछ नियमो को अपनाये । ओर उन का पालन भी करे।
.
आप का भला हो ,आपके अपनों का भला हो।
.
मनुष्य अवतार बार बार नही मिलता।
.
अपने जीवन को सुखमय बनाये।

जीवन जीने के कुछ जरूरी नियम बनाये।
☝🏼 *याद रखियेगा !* 👇🏽
*संस्कार दिये बिना सुविधायें देना, पतन का कारण है।*
*सुविधाएं अगर आप ने बच्चों को नहीं दिए तो हो सकता है वह थोड़ी देर के लिए रोए।*
*पर संस्कार नहीं दिए तो वे जिंदगी भर रोएंगे।*
ऊपर जाने पर एक सवाल ये भी पूँछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ ।
जवाब:-
अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :-
(1)जल
(2) पथ्वी
(3)आकाश
(4)वायू
(5) अग्नि
ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी ।

5 जगह हँसना करोड़ो पाप के बराबर है
1. श्मशान में
2. अर्थी के पीछे
3. शौक में
4. मन्दिर में
5. कथा में

सिर्फ 1 बार भेजो बहुत लोग इन पापो से बचेंगे ।।

अकेले हो?
परमात्मा को याद करो ।

परेशान हो?
ग्रँथ पढ़ो ।

उदास हो?
कथाए पढो ।

टेन्शन मे हो?
भगवत गीता पढो ।

फ्री हो?
अच्छी चीजे फोरवार्ड करो
हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियो पर कृपा करो……

सूचना
क्या आप जानते हैं ?
हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है।

व्रत,उपवास करने से तेज़ बढ़ता है,सर दर्द और बाल गिरने से बचाव होता है ।
आरती—-के दौरान ताली बजाने से
दिल मजबूत होता है ।

ये मेसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नही होने दे और मेसेज सब नम्बरो को भेजे ।

श्रीमद भगवत गीता पुराण और रामायण ।
.
”कैन्सर”
एक खतरनाक बीमारी है…
बहुत से लोग इसको खुद दावत देते हैं …
बहुत मामूली इलाज करके इस
बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है …

अक्सर लोग खाना खाने के बाद “पानी” पी लेते है …
खाना खाने के बाद “पानी” ख़ून में मौजूद “कैन्सर “का अणु बनाने वाले ”’सैल्स”’को ”’आक्सीजन”’ पैदा करता है…

”हिन्दु ग्रंथो मे बताया गया है कि…

खाने से पहले’पानी ‘पीना
अमृत”है…

खाने के बीच मे ‘पानी ‘ पीना शरीर की
”पूजा” है…

खाना खत्म होने से पहले ‘पानी’
”पीना औषधि” है…

खाने के बाद ‘पानी’ पीना”
बीमारीयो का घर है…

बेहतर है खाना खत्म होने के कुछ देर बाद ‘पानी ‘पीये…

ये बात उनको भी बतायें जो आपको “जान”से भी ज्यादा प्यारे है…

जय श्री राम

रोज एक सेब
नो डाक्टर ।

रोज पांच बदाम,
नो कैन्सर ।

रोज एक निबु,
नो पेट बढना ।

रोज एक गिलास दूध,
नो बौना (कद का छोटा)।

रोज 12 गिलास पानी,
नो चेहेरे की समस्या ।

रोज चार काजू,
नो भूख ।

रोज मन्दिर जाओ,
नो टेन्शन ।

रोज कथा सुनो
मन को शान्ति मिलेगी ।।

“चेहरे के लिए ताजा पानी”।

“मन के लिए गीता की बाते”।

“सेहत के लिए योग”।

और खुश रहने के लिए परमात्मा को याद किया करो ।

अच्छी बाते फैलाना पुण्य है.किस्मत मे करोड़ो खुशियाँ लिख दी जाती हैं ।
जीवन के अंतिम दिनो मे इन्सान इक इक पुण्य के लिए तरसेगा ।

जब तक ये लेख पढते रहोगे मुझे और आपको इसका पुण्य मिलता रहेगा..

अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडळाचे अध्यक्ष पदावर *मा मेघराज राजे भोसले* यांची फेर निवड झाले बद्दल खुप खुप शुभेच्छा

अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडळाचे अध्यक्ष पदावर *मा मेघराज राजे भोसले* यांची फेर निवड झाले बद्दल अभिनंदन

 

शुभेच्छुक:- नमो न्युजनेशन

रामवर्मा आसबे

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