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हिन्दू पंचांग दिनांक 10 अक्टूबर 2021 दिन – रविवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 10 अक्टूबर 2021*
⛅ *दिन – रविवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078 (गुजरात – 2077)*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – शरद*
⛅ *मास -अश्विन*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – पंचमी 11 अक्टूबर रात्रि 02:14 तक तत्पश्चात षष्ठी*
⛅ *नक्षत्र – अनुराधा दोपहर 02:44 तक तत्पश्चात जेष्ठा*
⛅ *योग – आयुष्मान शाम 03:04 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
⛅ *राहुकाल – शाम 04:50 से शाम 06:18 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:33*
⛅ *सूर्यास्त – 18:17*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – उपांग- ललिता पंचमी*
💥 *विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *बहुत समस्या रहती हो तो* 🌷
🙏🏻 *जिनको कोई तकलीफ रहती है, कर्जा है, काम धंधा नहीं चलता, नौकरी नहीं मिलती तो*
➡ *सोमवार का दिन हो ना सुबह बेलपत्र, पानी और दूध | पहले दूध और पानी शिवलिंग पर चढ़ा दो फिर बेलपत्र रख दो |*
*त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधं | त्रिजन्म पापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणं ||*
➡ *पाँच बत्ती वाला दीपक जलाकर रख दो और बैठकर थोडा अपना गुरुमंत्र जपो | तो जप भी हो जायेगा, जप का जप, पूजा की पूजा, काम का काम |*
➡ *मंगलवार को २ मिनट लगेंगे अगर गन्ने का रस मिल जाय थोडा सा या घर पर निकाल सकते है | वो थोडा रस शिवलिंग पर चढ़ा दिया |*
*मृत्‍युंजय महादेव त्राहिमाम् शरणागतमं | जन्म मृत्यु जराव्याधि पीड़ितं कर्मबंधनेहि ||*
➡ *बुधवार को थोडा जप कर लिया जल आदि चढ़ा दिया, नारियल रख दिया अगर हो तो नहीं तो कोई जरुरत नहीं है | जिनको ज्यादा तकलीफे है उनके लिए है और जिनको न हो तो हरि ॐ तत् सत् बाकी सब गपसप |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *नवरात्र की पंचमी तिथि यानी पांचवे दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं ।इससे परिवार में सुख-शांति रहती है ।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *स्कंदमाता की पूजा से मिलती है शांति व सुख*
*नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करने वाली हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जानते हैं। स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि जीवन स्वयं ही अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है व हम स्वयं अपने सेनापति हैं। हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहे। इसलिए स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में अवस्थित होना चाहिए, जिससे कि ध्यान वृत्ति एकाग्र हो सके। यह शक्ति परम शांति व सुख का अनुभव कराती हैं।*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

प्रति वर्ष दशहरे के ठीक 21 दिन बाद ही दीपावली क्यों आती है ?

*🔴. प्रति वर्ष दशहरे के ठीक 21 दिन बाद ही दीपावली क्यों आती है ?*
*क्या कभी आपने इस पर विचार किया है ?*
*विश्वास न हो तो कैलेंडर देख लीजिएगा !*

*रामायण में वाल्मीकि महाराज ने लिखा है कि प्रभु श्री राम को अपनी पूरी सेना को श्रीलंका से अयोध्या तक पैदल चलकर आने में 504 घंटे लगे !!*

*अब हम 504 घंटे को 24 घंटे से भाग दें तो उत्तर आता है इक्कीस दिन !!!*

*🚩मुझे भी आश्चर्य हुआ, जो कुछ भी बताया है! यह सोचकर कौतूहल वश गूगल मैप पर सर्च किया!*

*🤔. उसमें दर्शाता है कि श्रीलंका से अयोध्या की पैदल दूरी 3145 किलोमीटर और लगने वाला समय 504 घंटे !!*

*💥. है न आश्चर्यजनक बात ?*
*वर्तमान समय में गूगल मैप को पूरी तरह विश्वनीय माना जाता है !*

*लेकिन हम भारतीयों का दशहरा और दीपावली पर्व त्रेतायुग से चला आ रहा है और परम्परानुसार मनाते आ रहे हैं! समय के इस गणित पर आपको विश्वास न हो रहा हो तो गूगल सर्च कर देख सकते हैं !!*
*औरों को भी दीजिए यह रोचक जानकारी !!!*

*भगवान वाल्मीकि ऋषि ने तो रामायण की रचना श्रीराम के जन्म से पहले ही कर दी थी !!!!*
*उनकी भविष्यवाणी और आगे घटने वाली घटनाओं का वर्णन कितना सटीक था !!!!!*

*अपनी सनातन हिन्दू संस्कृति कितनी महान है !*
*हमें गर्व है ऐसी महान हिन्दू संस्कृति में जन्म लेने पर !!*
*🚩जय श्रीराम🚩*
*🙏🌹जय- जय सिया राम🌹🙏🏻*

हिंदु पंचांग दिनांक-:09/10/2021,शनिवार*

🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏

*दिनांक-:09/10/2021,शनिवार*

तिथि————तृतीया 07:48 तक
तिथि———– चतुर्थी 28:54
पक्ष————————– शुक्ल
नक्षत्र———–विशाखा 16:46
योग————— प्रीति 18:27
करण—————-गर 07:48
वार———————- शनिवार
माह————————आश्विन
चन्द्र राशि———-तुला 11:18
चन्द्र राशि——————-वृश्चिक
सूर्य राशि——————- कन्या
रितु—————————शरद
आयन——————दक्षिणायण
संवत्सर————– आनंद
सूर्योदय—————–06:07
सूर्यास्त——————17:45

*🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩*

राहू काल 09:02 – 10:29 अशुभ
अभिजित 11:33 -12:19 शुभ

💮चोघडिया, दिन
काल 06:07 – 07:44 अशुभ
शुभ 07:44 – 09:12 शुभ
रोग 09:12 – 10:39 अशुभ
उद्वेग 10:39 – 12:06 अशुभ
चर 12:06 – 13:33 शुभ
लाभ 13:33 – 15:01 शुभ
अमृत 15:01 – 16:28 शुभ
काल 16:28 – 17:45 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
लाभ 17:45 – 19:28 शुभ
उद्वेग 19:28 – 21:01 अशुभ
शुभ 21:01 – 22:34 शुभ
अमृत 22:34 – 24:06* शुभ
चर 24:06* – 25:39* शुभ

*💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

3 + 7 + 1 = 11 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*💮 शिव वास एवं फल -:*

3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

सांय 18:22 से रात्रि 28:55 तक

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* नवरात्रि तृतीय दिवस ,चन्द्रघंटा व कुष्माण्डा देवी पूजन

* चतुर्थीक्षय

* विनायक चतुर्थी

* विश्व डांक दिवस

* द्वितीय शनिवार

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

🐏मेष
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। कोई मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। शरीर कष्ट से बचें।

🐂वृष
मित्रों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दूसरे से अधिक अपेक्षा करेंगे। जल्दबाजी से काम में बाधा उत्पन्न होगी। दौड़धूप अधिक रहेगी। बुरी सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। बनते कामों में देरी होगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

👫मिथुन
भूमि, भवन, दुकान, शोरूम व फैक्टरी इत्यादि की खरीद-फरोख्त हो सकती है। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। विवाद को बढ़ावा न दें। कुसंगति से बचें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🦀कर्क
किसी धार्मिक स्थल की यात्रा की आयोजन हो सकती है। सत्संग का लाभ मिलेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन सहायता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति में बाधाएं दूर होंगी। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा व्यय हो सकता है।

🐅सिंह
जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे तथा समस्या बढ़ सकती है। विरोध होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। बाहर जाने की योजना बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग कार्य में आसानी देगा। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे। नौकरी में चैन रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

🙍‍♀️कन्या
व्यापार ठीक चलेगा। लोगों से अधिक अपेक्षा न करें। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। लापरवाही न करें। किसी व्यक्ति से व्यर्थ विवाद हो सकता है। मानसिक क्लेश होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में कमी हो सकती है।

⚖️तुला
कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। कारोबार में वृद्धि पर विचार हो सकता है। नौकरी में अधिकारीगण प्रसन्न रहेंगे। मातहतों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। व्यापार में मनोनुकूल लाभ होगा। उत्साह व प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्‍य उत्तम रहेगा। शुभ समय।

🦂वृश्चिक
परिवार तथा मित्रों के साथ कोई मनोरंजक यात्रा का आयोजन हो सकता है। रुका हुआ पैसा मिलने का योग है। मित्रों के सहयोग से कार्य पूर्ण होंगे। नया कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रशंसा प्राप्त होगी। समय अनुकूल है। आलस्य त्यागकर प्रयास करें।

🏹धनु
पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय भावना में बहकर न करें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। आय बनी रहेगी। थकान महसूस होगी।

🐊मकर
नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। नए मित्र बनेंगे। नया उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बन सकती है। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शुभ समय।

🍯कुंभ
घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ बढ़ेगा। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। दूर से सुखद सूचना मिल सकती है।

🐟मीन
मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से परिचय बढ़ेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय सताएगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। बुरे लोगों से दूर रहें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक 08 अक्टूबर 2021 दिन – शुक्रवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 08 अक्टूबर 2021*
⛅ *दिन – शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078 (गुजरात – 2077)*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – शरद*
⛅ *मास -अश्विन*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – द्वितीया सुबह 10:48 तक तत्पश्चात तृतीया*
⛅ *नक्षत्र – स्वाती शाम 06:59 तक तत्पश्चात विशाखा*
⛅ *योग – विष्कम्भ – रात्रि 10:04 तक तत्पश्चात प्रीति*
⛅ *राहुकाल – सुबह 10:57 से दोपहर 12:26 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:32*
⛅ *सूर्यास्त – 18:19*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *अश्विन मास के नवरात्रि का आरंभ 07 अक्टूबर, गुरुवार से हो गया है। मान्यता है कि नवरात्रि में रोज देवी को अलग-अलग भोग लगाने से तथा बाद में इन चीजों का दान करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जानिए नवरात्रि में किस तिथि को देवी को क्या भोग लगाएं-*
🙏🏻 *नवरात्रि की द्वितीया तिथि यानी दूसरे दिन माता दुर्गा को शक्कर का भोग लगाएं ।इससे उम्र लंबी होती है ।*
👉🏻 शेष कल…………
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *अश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 07 अक्टूबर, गुरुवार से हो गया है, धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है। जानिए नवरात्रि में किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करें-*
🌷 *तप की शक्ति का प्रतीक है मां ब्रह्मचारिणी*
🙏🏻 *नवरात्रि की द्वितीया तिथि पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी ब्रह्मचारिणी ब्रह्म शक्ति यानी तप की शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भक्त की तप करने की शक्ति बढ़ती है। साथ ही, सभी मनोवांछित कार्य पूर्ण होते हैं।*
🙏🏻 *मां ब्रह्मचारिणी हमें यह संदेश देती है कि जीवन में बिना तपस्या अर्थात कठोर परिश्रम के सफलता प्राप्त करना असंभव है। बिना श्रम के सफलता प्राप्त करना ईश्वर के प्रबंधन के विपरीत है। अत: ब्रह्मशक्ति अर्थात समझने व तप करने की शक्ति हेतु इस दिन शक्ति का स्मरण करें। योगशास्त्र में यह शक्ति स्वाधिष्ठान चक्र में स्थित होती है। अत: समस्त ध्यान स्वाधिष्ठान चक्र में करने से यह शक्ति बलवान होती है एवं सर्वत्र सिद्धि व विजय प्राप्त होती है।*
👉🏻 शेष कल………..
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *नवरात्रि में त्रिदेवी आराधना* 🌷
🙏🏻 *नवरात्रि में 9 तिथियों को 3-3-3 तिथि में बांटा गया है। प्रथम 3 तिथि माँ दुर्गा की पूजा (तमस को जीतने की आराधना), बीच की तीन तिथि माँ लक्ष्मी की पूजा (रजस को जीतने की आराधना) तथा अंतिम तीन तिथि माँ सरस्वती की पूजा (सत्व को जीतने की आराधना) विशेष रूप से की जाती है।*
🙏🏻 *दुर्गा की पूजा करके प्रथम तीन दिनों में मनुष्य अपने अंदर उपस्थित दैत्य, अपने विघ्न, रोग, पाप तथा शत्रु का नाश कर डालता है। उसके बाद अगले तीन दिन सभी भौतिकवादी, आध्यात्मिक धन और समृद्धि प्राप्त करने के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करता है। अंत में आध्यात्मिक ज्ञान के उद्देश्य से कला तथा ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना करता है ।*
👉🏻 *अब मैं तीनों शक्तियों की आराधना के मूल मंत्रों का वर्णन करता हूँ। नवरात्र में इनका यथासंभव जप करना चाहिए।*
🙏🏻 *१. दुर्गाजी का उत्तमोत्तम नवार्ण मंत्र महामंत्र है। इसको मंत्रराज कहा गया है। नवार्ण मंत्र की साधना धन-धान्य, सुख-समृद्धि आदि सहित सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती है।*
🌷 *“ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”*
🙏🏻 *२. लक्ष्मी जी का मूल मंत्र जिसके द्वारा कुबेर ने परमऐश्वर्य प्राप्त किया था ।*
🌷 *“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा”*
🙏🏻 *३. सरस्वती जी का वैदिक अष्टाक्षर मूल मंत्र जिसे भगवान शिव ने कणादमुनि तथा गौतम को, श्रीनारायण ने वाल्मीकि को, ब्रह्मा जी ने भृगु को, भृगुमुनि ने शुक्राचार्य को, कश्यप ने बृहस्पति को दिया था जिसको सिद्ध करने से मनुष्य बृहस्पति के समान हो जाता है ।*
🌷 *“श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा”*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

सर्व भारतियांना नवरात्रीच्या हार्दिक शुभेच्छा:-नमोन्युजनेशन परिवार

सर्व भारतियांना नवरात्रीच्या हार्दिक शुभेच्छा

आई जगदंबेची अखंड
कृपा तुमच्यावर आणि तुमच्या
🌿 कुटुंबियांवर राहो.🙏

आणि तुम्हा सर्वांचे जीवन
आनंदमय आणि सुखमय होवो,

अशी श्री जगदंबेच्या चरणी
🥀🌼 प्रार्थना..!🙏👍

घटस्थापनेच्या हार्दिक शुभेच्छा
🌻🌹*सुप्रभात*🌹🌻
#घटस्थापनेच्या हार्दिक शुभेच्छा💐💐 #शुभ सकाळ 🙏🌹

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक 07 अक्टूबर 2021दिन – गुरुवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 07 अक्टूबर 2021*
⛅ *दिन – गुरुवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078 (गुजरात – 2077)*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – शरद*
⛅ *मास -अश्विन*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – प्रतिपदा दोपहर 01:46 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र – चित्रा रात्रि 09:13 तक तत्पश्चात स्वाती*
⛅ *योग – वैधृति – 08 अक्टूबर रात्रि 01:40 तक तत्पश्चात विष्कम्भ*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 01:55 से शाम 03:24 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:32*
⛅ *सूर्यास्त – 18:19*
⛅ *दिशाशूल – दक्षिण दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – शारदीय नवरात्र प्रारंभ, घट- स्थापन, पूज्य संत श्री आशारामजी बापू का 58वां आत्मसाक्षात्कार दिवस, मातामह श्राद्ध, चंद्र- दर्शन, महाराजा अग्रसेन जयंती (ति.अ.)*
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *नवरात्रि पूजन विधि* 🌷
➡ *07 अक्टूबर 2021 गुरुवार से नवरात्रि प्रारंभ ।*
🙏🏻 *नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री चंद्रघंटा, श्री कुष्मांडा, श्री स्कंदमाता, श्री कात्यायनी, श्री कालरात्रि, श्री महागौरी, श्री सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम शारदीय शुक्ल प्रतिपदा को प्रातःकाल शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।*
➡ *कलश / घट स्थापना विधि*
🌷 *घट स्थापना शुभ मुहूर्त (सुरत) :*
*07 अक्टूबर 2021 शुक्रवार को सुबह 06:32 से सुबह 10:28 तक*
➡ *घट स्थापना अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:03 से दोपहर 12:50 तक*
🙏🏻 *देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सर्वप्रथम कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना । कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।*
🌷 *सामग्री:*
👉🏻 *जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र*
👉🏻 *जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी*
👉🏻 *पात्र में बोने के लिए जौ*
👉🏻 *घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात ‘कलश’ सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )*
👉🏻 *कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल*
👉🏻 *मौली (Sacred Thread)*
👉🏻 *इत्र*
👉🏻 *साबुत सुपारी*
👉🏻 *दूर्वा*
👉🏻 *कलश में रखने के लिए कुछ सिक्के*
👉🏻 *पंचरत्न*
👉🏻 *अशोक या आम के 5 पत्ते*
👉🏻 *कलश ढकने के लिए ढक्कन*
👉🏻 *ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल*
👉🏻 *पानी वाला नारियल*
👉🏻 *नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा*
👉🏻 *फूल माला*
🌷 *विधि*
🙏🏻 *सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।*
🙏🏻 *नारियल पर लाल कपडा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है: “अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय,ऊर्ध्वस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय,तस्तमात् शुभं संमुख्यं नारीकेलं”। अर्थात् नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।*
🙏🏻 *अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। “हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।” अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।*
🌷 *कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।*
🙏🏻 *नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर सुन्दर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें “हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।” उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।*
🙏🏻 *नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।*
🙏🏻 *नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे “चावल” रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा “सप्तधान्य” रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है*
🙏🏻 *माता की पूजा “लाल रंग के कम्बल” के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है*
🙏🏻 *नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।*
🙏🏻 *नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।*
🙏🏻 *लक्ष्मी प्राप्ति के लिए नवरात्रि में पान और गुलाब की ७ पंखुरियां रखें तथा मां भगवती को अर्पित कर दें*
🙏🏻 *मां दुर्गा को प्रतिदिन विशेष भोग लगाया जाता है। किस दिन किस चीज़ का भोग लगाना है ये हम विस्तार में आगे बताएँगे।*
🙏🏻 *प्रतिदिन कन्याओं का विशेष पूजन किया जाता है। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “एकैकां पूजयेत् कन्यामेकवृद्ध्या तथैव च। द्विगुणं त्रिगुणं वापि प्रत्येकं नवकन्तु वा॥” अर्थात नित्य ही एक कुमारी का पूजन करें अथवा प्रतिदिन एक-एक-कुमारी की संख्या के वृद्धिक्रम से पूजन करें अथवा प्रतिदिन दुगुने-तिगुने के वृद्धिक्रम से और या तो प्रत्येक दिन नौ कुमारी कन्याओं का पूजन करें। किस दिन क्या सामग्री गिफ्ट देनी चाहिए ये भी आगे बताएँगे।*
🙏🏻 *यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि पर्यन्त प्रतिदिन पूजा करने में असमर्थ हैं तो उसे अष्टमी तिथि को विशेष रूप से अवश्य पूजा करनी चाहिए। प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

इमोशंस और केंसर

इमोशंस और केंसर

-केंसर एक जानलेवा रोग हैँ ।  इसका इलाज बहुत महंगा हैँ ।

-केंसर का मतलब है कोई एक नकारात्मक संकल्प बहुत लम्बे समय तक चलता है तो वह केंसर के  रूप में शरीर पर प्रकट हो जाता हैँ ।

-यह ऐसे ही हैँ जैसे हम हथौडे़ से दीवार  पर चोट मारते रहें  तो पहले हथौडे़ से कुछ नहीं होगा परन्तु जब 1000 बार या इस से ज्यादा बार चोट  मारते हैँ तो  दीवार उस स्थान से टूट जाती है जहां लगातार चोट मारी है !

-केंसर एक ऐसी ही  बीमारी है  जो लम्बे समय  से चली आ रही नाराजगी को दबाए रखने से पैदा होती है  ।

-नाराज हो जाने के बाद हम कई  कई दिनो तक आपस में बात नहीं करते ।

-कभी कभी तो ठान लेते हैँ क़ि   जिंदगी भर  इनसे बात नहीं करेंगे, इसके साथ कोई रिश्ता नहीं रखेंगे ।

-हम जिंदगी के अति महत्वपूर्ण लोगो से दूर हो जाते हैँ जिनसे हम बहुत प्यार करते थे जो दुख में सदा साथ देते थे ।

-चुटकी में  हम उन सभी बातो को भुला देते हैँ  ।

-इस वजह हम जिंदगी भर  दुखी रहते हैँ और अंदर ही  अंदर   घुटे रहते हैँ ।

-ऐसी बात न हम किसी को बता सकते हैँ,  न ही  बताते हैँ  और न ही भूल पाते हैँ ।

-जब दूसरा आदमी हमारी उमीद  या हमरी नजरो में खरा  नहीं उतरता या वैसा नहीं करता जैसा हम चाहते हैँ  तो हम उस से नाराज हो जाते हैँ ।

-हम एक बार भी नहीं पूछते क़ि  आप ने ऐसा क्यो किया बस जो हमें जंचता है  हम एक तरफा उस से नाराज हो जाते हैँ ।

-साथ रहते हुए भी अपनो से  दुखी रहते हैँ और उन्ही बातो पर सोचते रहते हैँ    और दुश्मनों क़ी  तरह रहने लगते हैँ ।

-यह  नाराजगी शरीर को दीमक क़ी  तरह  चट  कर जाती हैँ । इस से शरीर क़ी रोग विरोधी क्षमता खत्म हो जाती है ।

-बचपन में कहीँ कुछ  ऐसा घटा होता है  जो विश्वास को ठेस पहुंचाता है ।

-ना उमीदी,  असहायता तथा खो देने का भाव उनकी विचार प्रक्रिया पर हावी रहता है ।

-अपनी सभी समस्याओ का दोष दूसरों  पर मढ़ देते हैँ ।

-इस तरह  नाराजगी क़ी  इमोशन केंसर बन कर शरीर में कहीं न कहीं प्रकट हो जाती हैं  ।

-आध्यात्मिक दृश्टि से इसका इलाज प्यार है  !

-दवाई के साथ साथ  हमें जीवन में प्यार भी लाना है  ।

-परमात्मा आप प्यार के सागर हैँ अगर हम यह शब्द एक करोड़ बार सिमरन कर लें तो केंसर का रोग ठीक होने  लगेगा ।

-हर पल किसी ना किसी व्यक्ति को मन में देखतें हुए कहते रहो आप प्रेम स्वरूप हैँ तो इस  से  आप के संबंध और सभी दुख ठीक होने लगेगे ।

-जिन लोगो से हम बोलते नहीं हैँ उन्हे भी जब आप दूर होते हैँ  मन में देखतें हुए बाबा या इष्ट को कहते रहा करो आप प्यार के सागर हैँ । आप क़ी यह तरंगे उन्हे भी बदल देंगी  ।

-जिन लोगो के प्रति प्रेम नहीं निकलता उनके लिये मन में कहते रहो आप का कल्याण हो ।

-किसी  भी जीव जन्तु को देखो मन में कहो आप का कल्याण  हो ।

-प्यार के गीत सुना करो ।  छोटे  बच्चों से घिरे रहा करो ।  बच्चे आप से भरपूर प्यार करेंगे ।

-जहां खेल चल रहें हो वहां  जाया  करो ।  आप को एनेर्जी मिलेगी ।

-जहां शब्द कीर्तन और बड़े बड़े समागम होते हैँ वहां जाने से हमें शक्ति मिलती हैँ ।

-पार्क में और फूलो के बीच बैठा  करो ।

-मन पसंद लोगो से बाते किया  करो ।

-हर पल किसी ना किसी महान गुरु को मन में याद करते रहो ।

-जितना मन में प्यार हिलोरे लेता रहेगा उतना ही सभी बीमारियो से बचे रहेंगे  तथा जीवन में मनचाहे लक्ष्य प्राप्त करेंगे ।

जीवन को नई दिशा देने वाली  – आन्तरिक बल ( भाग -1 ) और आंतरिक बल ( भाग -2 )
–  पुस्तकें लेने  के लिए  संपर्क करें ! आप अपना नाम, पूरा पोस्टल पता , पिन नम्बर और फोन नम्बर मेरे  व्हाटसअप नम्बर 9896348516 पर लिख कर भेजें ! मैं आप को कोरियर से पुस्तक/पुस्तकें भेज दूंगा !

–  दोनों पुस्तकें आप को पसंद आएगी ! पसंद आने पर  लागत राशी भेज देना !    दूसरों के कल्याण हेतू  आप अपनी   मर्जी से अधिक आर्थिक सहयोग भी भेज सकते हैं !    अगर आप को आर्थिक चैलेंज है  तो मुझे सूचित करना मैं आप को गिफ्ट के रूप में भेज दूंगा   !  चाहे आप कितने भी व्यस्त हैं या कोई भी अतृप्ती है ,   एक बार यह पुस्तकें  जरूर पढ़ें !  आप के पढ़ने मात्र से,  आप को , आप के आस पास वालों को , आप के प्रिय लोगों को नया मार्ग  और सारे विश्व का नव निर्माण होगा  !

Milakh Raj  Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516

इमोशंस और केंसर

इमोशंस और केंसर

-केंसर एक जानलेवा रोग हैँ ।  इसका इलाज बहुत महंगा हैँ ।

-केंसर का मतलब है कोई एक नकारात्मक संकल्प बहुत लम्बे समय तक चलता है तो वह केंसर के  रूप में शरीर पर प्रकट हो जाता हैँ ।

-यह ऐसे ही हैँ जैसे हम हथौडे़ से दीवार  पर चोट मारते रहें  तो पहले हथौडे़ से कुछ नहीं होगा परन्तु जब 1000 बार या इस से ज्यादा बार चोट  मारते हैँ तो  दीवार उस स्थान से टूट जाती है जहां लगातार चोट मारी है !

-केंसर एक ऐसी ही  बीमारी है  जो लम्बे समय  से चली आ रही नाराजगी को दबाए रखने से पैदा होती है  ।

-नाराज हो जाने के बाद हम कई  कई दिनो तक आपस में बात नहीं करते ।

-कभी कभी तो ठान लेते हैँ क़ि   जिंदगी भर  इनसे बात नहीं करेंगे, इसके साथ कोई रिश्ता नहीं रखेंगे ।

-हम जिंदगी के अति महत्वपूर्ण लोगो से दूर हो जाते हैँ जिनसे हम बहुत प्यार करते थे जो दुख में सदा साथ देते थे ।

-चुटकी में  हम उन सभी बातो को भुला देते हैँ  ।

-इस वजह हम जिंदगी भर  दुखी रहते हैँ और अंदर ही  अंदर   घुटे रहते हैँ ।

-ऐसी बात न हम किसी को बता सकते हैँ,  न ही  बताते हैँ  और न ही भूल पाते हैँ ।

-जब दूसरा आदमी हमारी उमीद  या हमरी नजरो में खरा  नहीं उतरता या वैसा नहीं करता जैसा हम चाहते हैँ  तो हम उस से नाराज हो जाते हैँ ।

-हम एक बार भी नहीं पूछते क़ि  आप ने ऐसा क्यो किया बस जो हमें जंचता है  हम एक तरफा उस से नाराज हो जाते हैँ ।

-साथ रहते हुए भी अपनो से  दुखी रहते हैँ और उन्ही बातो पर सोचते रहते हैँ    और दुश्मनों क़ी  तरह रहने लगते हैँ ।

-यह  नाराजगी शरीर को दीमक क़ी  तरह  चट  कर जाती हैँ । इस से शरीर क़ी रोग विरोधी क्षमता खत्म हो जाती है ।

-बचपन में कहीँ कुछ  ऐसा घटा होता है  जो विश्वास को ठेस पहुंचाता है ।

-ना उमीदी,  असहायता तथा खो देने का भाव उनकी विचार प्रक्रिया पर हावी रहता है ।

-अपनी सभी समस्याओ का दोष दूसरों  पर मढ़ देते हैँ ।

-इस तरह  नाराजगी क़ी  इमोशन केंसर बन कर शरीर में कहीं न कहीं प्रकट हो जाती हैं  ।

-आध्यात्मिक दृश्टि से इसका इलाज प्यार है  !

-दवाई के साथ साथ  हमें जीवन में प्यार भी लाना है  ।

-परमात्मा आप प्यार के सागर हैँ अगर हम यह शब्द एक करोड़ बार सिमरन कर लें तो केंसर का रोग ठीक होने  लगेगा ।

-हर पल किसी ना किसी व्यक्ति को मन में देखतें हुए कहते रहो आप प्रेम स्वरूप हैँ तो इस  से  आप के संबंध और सभी दुख ठीक होने लगेगे ।

-जिन लोगो से हम बोलते नहीं हैँ उन्हे भी जब आप दूर होते हैँ  मन में देखतें हुए बाबा या इष्ट को कहते रहा करो आप प्यार के सागर हैँ । आप क़ी यह तरंगे उन्हे भी बदल देंगी  ।

-जिन लोगो के प्रति प्रेम नहीं निकलता उनके लिये मन में कहते रहो आप का कल्याण हो ।

-किसी  भी जीव जन्तु को देखो मन में कहो आप का कल्याण  हो ।

-प्यार के गीत सुना करो ।  छोटे  बच्चों से घिरे रहा करो ।  बच्चे आप से भरपूर प्यार करेंगे ।

-जहां खेल चल रहें हो वहां  जाया  करो ।  आप को एनेर्जी मिलेगी ।

-जहां शब्द कीर्तन और बड़े बड़े समागम होते हैँ वहां जाने से हमें शक्ति मिलती हैँ ।

-पार्क में और फूलो के बीच बैठा  करो ।

-मन पसंद लोगो से बाते किया  करो ।

-हर पल किसी ना किसी महान गुरु को मन में याद करते रहो ।

-जितना मन में प्यार हिलोरे लेता रहेगा उतना ही सभी बीमारियो से बचे रहेंगे  तथा जीवन में मनचाहे लक्ष्य प्राप्त करेंगे ।

जीवन को नई दिशा देने वाली  – आन्तरिक बल ( भाग -1 ) और आंतरिक बल ( भाग -2 )
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Milakh Raj  Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516

संकल्प एक कम्पन है ।

-संकल्प एक कम्पन है ।

– अल्ट्रा साउंड उस ध्वनि को कहते है जो मनुष्य के कान    किसी भी  स्थिति में  सुन  न सकें  ।

–अति  सूक्ष्म कम्पन्न को जब विद्युत आवेश प्रदान किया जाता  है तो उसकी भेदन क्षमता इतनी बढ़ जाती है कि  कितनी भी  मजबूत धातु हो उसकी आन्तरिक रचना का स्पष्ट फोटोग्राफ प्रस्तुत कर देती है ।

-ब्रह्माण्ड में हर समय स्वर प्रवाह चलते रहते है

-इसी तरह  मनुष्य में भी  संकल्पों  वा अन्य  अनेकों      रुप  में कम्पन पैदा   होते रहते है ।

-रीढ़ की हड्डी वीणा  की तरह है ।

– सात  दिव्य केन्द्रों के सात तार यहां जुड़े हुए  है   ।  जहां पर कम्पन पैदा होते रहते है ।

-मांस पेशियों  के फैलने वा सिकुड़ने से कम्पन पैदा होते रहते है ।

-नाडियो में रक्त  प्रवाह से भी  कम्पन पैदा होते है ।

– मस्तिष्क में  नेगेटिव व पॉज़िटिव विचारों के आरोह अवरोह से भी  तरंगे बनती हैं  ।

-कोशिकाओं के बनने वा टूटने से भी   कम्पन पैदा होती  है ।

-उपरोक्त क्रियाकलाप  ही जीवन विद्युत के मूल  आधार  हैं  ।

-एक सेकेंड में अगर 5 करोड़ कम्पन पैदा किये जा सकें  तो  रूई जल उठेगी । तथा कपड़े गर्म हो जायेगे ।

-जब हम योग युक्त स्थिति में रहते है तो उपरोक्त सभी कम्पन एनर्जी में बदल जाते है और एक सेकेंड में करोडो कम्पन पैदा कर  सकते है । जो कि एनर्जी में बदल जाते है !

-राजयोग  के सामूहिक  अभ्यास से उत्तम ऊर्जा  बनती है जो सभी मनुष्यों और तत्वों को बदल देती है !

– राजयोगियो और दूसरे  साधको को प्रवचन की बजाय अपनी  साधना पर  ध्यान देना चाहिए तब ही विश्व से दुख के बादल  छठेंगे !

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Milakh Raj  Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516

राशिभविष्य बुधवार 06/10/2021

*🚩आज की हिंदी तिथि*

🌥️ *🚩युगाब्द-५१२३*
🌥️ *🚩विक्रम संवत-२०७८*
⛅ *🚩तिथि – अमावस्या शाम ०४:३४ तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
⛅ *दिनांक ०६ अक्टूबर २०२१*
⛅ *दिन – बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत – २०७८*
⛅ *शक संवत -१९४३*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – शरद*
⛅ *मास -अश्विन*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *नक्षत्र – हस्त रात्रि ११:२० तक तत्पश्चात चित्रा*
⛅ *योग – ब्रह्म सुबह ०८:३३ तक तत्पश्चात इंद्र*
⛅ *राहुकाल – दोपहर १२:२७ से दोपहर ०१:५५ तक*
⛅ *सूर्योदय – ०६:३२*
⛅ *सूर्यास्त – १८:२०*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – चतुर्दशी का श्राद्ध, सर्वपित्री दर्श अमावस्या का श्राद्ध, महालय समाप्त*
💥 *विशेष – अमावस्या तिथि, एवं श्राद्ध और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *श्राद्ध और यज्ञ आदि कार्यों में तुलसी का एक पत्ता भी महान पुण्य देनेवाला है | पद्मपुराण*

🌷 *शारदीय नवरात्रिः सफलता के लिए* 🌷
➡ *07 अक्टूबर 2021 गुरुवार से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ ।*
🙏🏻 *आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक शारदीय नवरात्रि पर्व होता है। यदि कोई पूरे नवरात्रि के उपवास-व्रत न कर सकता हो तो सप्तमी, अष्टमी और नवमी – तीन दिन उपवास करके देवी की पूजा करने से वह संपूर्ण नवरात्रि के उपवास के फल को प्राप्त करता है।*
🙏🏻 *’श्रीमद् देवी भागवत’ में आता है कि यह व्रत महासिद्धि देने वाला, धन-धान्य प्रदान करने वाला, सुख व संतान बढ़ाने वाला, आयु एवं आरोग्य वर्धक तथा स्वर्ग और मोक्ष तक देने में समर्थ है। यह व्रत शत्रुओं का दमन व बल की वृद्धि करने वाला है। महान-से-महान पापी भी यदि नवरात्रि व्रत कर ले तो संपूर्ण पापों से उसका उद्धार हो जाता है।*
🙏🏻 *नवरात्रि का उत्तम जागरण वह है कि जिसमें- शास्त्र ज्ञान की चर्चा हो, प्रज्जवलित दीपक रखा हो, देवी का भक्तिभावयुक्त कीर्तन हो, वाट्य, ताल सहित का सात्त्विक संगीत हो, मन में प्रसन्नता हो, सात्त्विक नृत्य हो, डिस्को या ऐसे दूसरे किसी नृत्य का आयोजन न हो, सात्त्विक नृत्य, कीर्तन के समय भी जगदम्बा माता के सामने दृष्टि स्थिर रखें, किसी को बुरी नजर से न देखें।*
🙏🏻 *नवरात्रि के दिनों में गरबे गाने की प्रथा है। पैर के तलुओ एवं हाथ की हथेलियों में शरीर की सभी नाड़ियों के केन्द्रबिन्दु हैं, जिन पर गरबे में दबाव पड़ने से ‘एक्यूप्रेशर’ का लाभ मिल जाता है एवं शरीर में नयी शक्ति-स्फूर्ति जाग जाती है। नृत्य से प्राण-अपान की गति सम होती है तो सुषुप्त शक्तियों को जागृत होने का अवसर मिलता है एवं गाने से हृदय में माँ के प्रति दिव्य भाव उमड़ता है। बहुत गाने से शक्ति क्षीण होती है।*
🙏🏻 *क्या करें क्या न करें पुस्तक से*

🌷 *अमावस्या* 🌷
➡ *06 अक्टूबर 2021 बुधवार को अमावस्या है ।*
🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)*

🌷 *धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए* 🌷
🔥 *हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।*
🍛 *सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।*
🔥 *विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।*
🔥 *आहुति मंत्र* 🔥
🌷 *१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
🌷 *२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
🌷 *३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
🌷 *४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
🌷 *५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः*

🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉️

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