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हिन्दू पंचांग दिनांक – 03 अगस्त 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 03 अगस्त 2023*
*⛅दिन – गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – अधिक श्रावण*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – द्वितीया रात्रि 08:05 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – धनिष्ठा सुबह 09:56 तक तत्पश्चात शतभिषा*
*⛅योग – सौभाग्य सुबह 10:18 तक तत्पश्चात शोभन*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:24 से 04:03 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:11*
*⛅सूर्यास्त – 07:20*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:44 से 05:28 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:24 से 01:08 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹मौन : शक्तिसंचय का महान स्रोत🔹*

*🔸मौन शब्द की संधि विच्छेद की जाय तो म+उ+न होता है । म = मन, उ = उत्कृष्ट और न =नकार। मन को संसार की ओर उत्कृष्ट न होने देना और परमात्मा के स्वरूप में लीन करना ही वास्तविक अर्थ में मौन कहा जाता है ।*

*🔸वाणी के संयम हेतु मौन अनिवार्य साधन है । मनु्ष्य अन्य इन्द्रियों के उपयोग से जैसे अपनी शक्ति खर्च करता है ऐसे ही बोलकर भी वह अपनी शक्ति का बहुत व्यय करता है ।*

*🔸मनुष्य वाणी के संयम द्वारा अपनी शक्तियों को विकसित कर सकता है । मौन से आंतरिक शक्तियों का बहुत विकास होता है । अपनी शक्ति को अपने भीतर संचित करने के लिए मौन धारण करने की आवश्यकता है । कहावत है कि न बोलने में नौ गुण ।*

*🔸ये नौ गुण इस प्रकार हैं । 1. किसी की निंदा नहीं होगी । 2. असत्य बोलने से बचेंगे । 3. किसी से वैर नहीं होगा । 4. किसी से क्षमा नहीं माँगनी पड़ेगी । 5. बाद में आपको पछताना नहीं पड़ेगा । 6. समय का दुरूपयोग नहीं होगा । 7. किसी कार्य का बंधन नहीं रहेगा । 8. अपने वास्तविक ज्ञान की रक्षा होगी । अपना अज्ञान मिटेगा । 9. अंतःकरण की शाँति भंग नहीं होगी ।*

*🔹मौन के विषय में महापुरूष कहते हैं ।*

*🔸सुषुप्त शक्तियों को विकसित करने का अमोघ साधन है मौन । योग्यता विकसित करने के लिए मौन जैसा सुगम साधन मैंने दूसरा कोई नहीं देखा ।*

*मौन रखने से आंतरिक शक्तियों का विकास होता है और मनोबल मजबूत होता है ।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

हिन्दू पंचांग दिनांक – 03 अगस्त 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 03 अगस्त 2023*
*⛅दिन – गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – अधिक श्रावण*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – द्वितीया रात्रि 08:05 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – धनिष्ठा सुबह 09:56 तक तत्पश्चात शतभिषा*
*⛅योग – सौभाग्य सुबह 10:18 तक तत्पश्चात शोभन*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:24 से 04:03 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:11*
*⛅सूर्यास्त – 07:20*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:44 से 05:28 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:24 से 01:08 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹मौन : शक्तिसंचय का महान स्रोत🔹*

*🔸मौन शब्द की संधि विच्छेद की जाय तो म+उ+न होता है । म = मन, उ = उत्कृष्ट और न =नकार। मन को संसार की ओर उत्कृष्ट न होने देना और परमात्मा के स्वरूप में लीन करना ही वास्तविक अर्थ में मौन कहा जाता है ।*

*🔸वाणी के संयम हेतु मौन अनिवार्य साधन है । मनु्ष्य अन्य इन्द्रियों के उपयोग से जैसे अपनी शक्ति खर्च करता है ऐसे ही बोलकर भी वह अपनी शक्ति का बहुत व्यय करता है ।*

*🔸मनुष्य वाणी के संयम द्वारा अपनी शक्तियों को विकसित कर सकता है । मौन से आंतरिक शक्तियों का बहुत विकास होता है । अपनी शक्ति को अपने भीतर संचित करने के लिए मौन धारण करने की आवश्यकता है । कहावत है कि न बोलने में नौ गुण ।*

*🔸ये नौ गुण इस प्रकार हैं । 1. किसी की निंदा नहीं होगी । 2. असत्य बोलने से बचेंगे । 3. किसी से वैर नहीं होगा । 4. किसी से क्षमा नहीं माँगनी पड़ेगी । 5. बाद में आपको पछताना नहीं पड़ेगा । 6. समय का दुरूपयोग नहीं होगा । 7. किसी कार्य का बंधन नहीं रहेगा । 8. अपने वास्तविक ज्ञान की रक्षा होगी । अपना अज्ञान मिटेगा । 9. अंतःकरण की शाँति भंग नहीं होगी ।*

*🔹मौन के विषय में महापुरूष कहते हैं ।*

*🔸सुषुप्त शक्तियों को विकसित करने का अमोघ साधन है मौन । योग्यता विकसित करने के लिए मौन जैसा सुगम साधन मैंने दूसरा कोई नहीं देखा ।*

*मौन रखने से आंतरिक शक्तियों का विकास होता है और मनोबल मजबूत होता है ।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

सुंदर विचार

मी माझ्या आयुष्यात प्रत्येक व्यक्तिला किंमत देतो….!*
*कारण या जगात उद्या काय होईल ते कोणालाच माहित नसते……!!*
*एकत्र येणे ही सुरवात, एकामेकांसोबत राहणे ही प्रगति…….!!!*
*आणि*
*एकामेकांसोबत काम करणे म्हणजे यश………!!!!*
*🌺🙏🌅 रामराजे आसबे 🌇🙏🌺*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 02 अगस्त 2023 दिन – बुधवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 02 अगस्त 2023 दिन – बुधवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – अधिक श्रावण*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – प्रतिपदा रात्रि 08:05 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – श्रवण दोपहर 12:58 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
*⛅योग – आयुष्मान दोपहर 02:34 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
*⛅राहु काल – दोपहर 12:46 से 02:25 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:11*
*⛅सूर्यास्त – 07:21*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:44 से 05:27 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:24 से 01:08 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹शीघ्र ऋण मुक्ति के लिए🔹*

*🔸प्रत्येक बुधवार को वटवृक्ष के नीचे गाय के घी या तिल के तेल का दीपक अर्पित करें और शांत मन से अपने गुरुमंत्र या इष्टमंत्र का जप करें । यह शीघ्र ऋण मुक्ति के लिए प्रभावशाली उपाय है ।*

*[संत श्री आशारामजी आश्रम की विभिन्न शाखाओं में पूज्य बापूजी द्वारा शक्तिपात किये हुए मनोकामना पूर्ण करनेवाले वटवृक्ष (बड़ बादशाह) हैं । अपने नजदीकी आश्रम में जा के बड़ बादशाह की परिक्रमा प्रार्थना से आप लौकिक व आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं ।]*

*🔹लहसुन🔹*

*🔸आयुर्वेद में लहसुन जैसी स्वास्थ्यवर्धक दूसरी कोई भी दवा नहीं है ऐसा कहें तो भी चले । लहसुन को यदि मात्रानुसार, अलग-अलग रोगों में, योग्य मार्गदर्शन द्वारा, औषधि के रूप में लिया जाये तो वह चमत्कारिक कार्य करता है । ‘भावप्रकाश’ में लहसुन की उत्पत्ति के संबंध में एक श्लोक में लहसुन का अलंकार युक्त वर्णन किया गया है । जब समुद्र मंथन हुआ तब इन्द्रदेव के पास से अमृत लेने के लिए गरुड़ ने खींचातानी की थी उस समय जो अमृत की बूँदें पृथ्वी पर गिरीं उनमें से लहसुन की उत्पत्ति हुई है ।*

*🔸पृथ्वी पर कुल छः रस हैं खारा, खट्टा, मीठा, तीखा, कसैला और कड़वा । इनमें से खट्टे रस के अलावा पाँचों रस लहसुन में होते हैं । लहसुन पौष्टिक, गर्म, स्निग्ध, कटु, मधुर, पाचक तथा वीर्यवर्धक है एवं शरीर के टूटे हुए स्थानों को जोड़नेवाला, बुद्धि के लिए हितकारी, पित्त तथा लोहवर्धक और बलवर्धक एक उत्तम रसायन है । लहसुन वात, पित्त और कफ तीनों का शमन करता है । कफ का शमन करने के लिए उसका उपयोग शहद के साथ करना चाहिए, पित्त के लिए लहसुन को मिश्री के साथ लेना चाहिए और वात के शमन के लिए घी के साथ सेवन करना चाहिए । लहसुन कब्जियात, हृदयरोग, अरुचि, मंदाग्नि, जीर्ण ज्वर, खांसी, श्वास, कफ, वायुगोला, कृमि तथा वायु को मिटानेवाला है । उष्ण गुण रखनेवाला लहसुन वात- रोगों में खूब फायदा करता है ।*

*🔸लहसुन की दो से पाँच कलियों को तलकर चबाने से और एक दो चम्मच घी पीने से हर प्रकार के वातजन्य रोग, आमवात, संधिवात, जोड़ों का दर्द, गैस की तकलीफ, कमजोरी, शिथिलता, यौनांग की दुर्बलता, स्नायु की दुर्बलता, सुस्ती आदि दूर होती है और हृदय को बल मिलता है ।*

*🔸लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में उबालकर बनाया गया तेल खूब उपयोगी होता है । ठंड के कारण यदि कान दुःखता हो अथवा ठंडी हवा से कान में बहरापन आ गया हो तो इस तेल को गुनगुना करके उसकी बूँदें कान में डालने से फायदा होता है ।*

*🔸 ठंडी के कारण यदि सिर दुःखता हो तब भी इस तेल की बूँदें कान में डालकर, सिर पर तेल की मालिश करने से आराम मिलता है ।*

*🔸शीतऋतु में इस तेल की मालिश करके, गर्म पानी से स्नान करने से ठंडी का असर कम होता है । छोटे बालकों को यदि खांसी का रोग खूब परेशान करता हो तब छाती एवं पीठ पर इस तेल की मालिश करने से एवं लहसुन की कलियों की माला बनाकर पहनाने से खूब फायदा होता है ।*

*🔸लहसुन की कलियों को चार-पाँच दिन धूप में सुखाकर, काँच की बरनी में भरकर ऊपर से शहद डालकर रख दें । पंद्रह दिन के बाद लहसुन की एक-दो कली को एक चम्मच शहद के साथ चबाकर, फ्रीज बिना का एक गिलास ठंडा दूध पीने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) नार्मल रहता है ।*

*🔸लहसुन की कलियों का आधा चम्मच रस एक कटोरी छाछ में मिलाकर पीने से पेट के तमाम प्रकार के कृमियों का नाश होता है ।*

*🔹लहसुन की गर्म प्रकृति (गुण) होने के कारण तथा तीखा होने के कारण पित्तप्रकोप वाले रोगी को, रक्तपित्त वाले रोगी को तथा गर्भवती स्त्रियों को उसका सेवन नहीं करना चाहिए । एवं गरमी के दिनों में भी गर्म प्रकृतिवाले व्यक्तियों को उसका सेवन करना हितकर नहीं है । अधिक मात्रा में लहसुन का सेवन करने से पेट में तथा आँतों में छाले पड़ जाते हैं, रक्त की कमी होती है (एनिमिया), हाथ-पैर, पेट एवं मूत्रमार्ग में जलन होती है । अतः लहसुन का उचित मात्रा में सेवन करने से ही वह अमृत के समान औषधि बना रहता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 02 अगस्त 2023 दिन – बुधवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 02 अगस्त 2023 दिन – बुधवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – अधिक श्रावण*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – प्रतिपदा रात्रि 08:05 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – श्रवण दोपहर 12:58 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
*⛅योग – आयुष्मान दोपहर 02:34 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
*⛅राहु काल – दोपहर 12:46 से 02:25 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:11*
*⛅सूर्यास्त – 07:21*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:44 से 05:27 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:24 से 01:08 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹शीघ्र ऋण मुक्ति के लिए🔹*

*🔸प्रत्येक बुधवार को वटवृक्ष के नीचे गाय के घी या तिल के तेल का दीपक अर्पित करें और शांत मन से अपने गुरुमंत्र या इष्टमंत्र का जप करें । यह शीघ्र ऋण मुक्ति के लिए प्रभावशाली उपाय है ।*

*[संत श्री आशारामजी आश्रम की विभिन्न शाखाओं में पूज्य बापूजी द्वारा शक्तिपात किये हुए मनोकामना पूर्ण करनेवाले वटवृक्ष (बड़ बादशाह) हैं । अपने नजदीकी आश्रम में जा के बड़ बादशाह की परिक्रमा प्रार्थना से आप लौकिक व आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं ।]*

*🔹लहसुन🔹*

*🔸आयुर्वेद में लहसुन जैसी स्वास्थ्यवर्धक दूसरी कोई भी दवा नहीं है ऐसा कहें तो भी चले । लहसुन को यदि मात्रानुसार, अलग-अलग रोगों में, योग्य मार्गदर्शन द्वारा, औषधि के रूप में लिया जाये तो वह चमत्कारिक कार्य करता है । ‘भावप्रकाश’ में लहसुन की उत्पत्ति के संबंध में एक श्लोक में लहसुन का अलंकार युक्त वर्णन किया गया है । जब समुद्र मंथन हुआ तब इन्द्रदेव के पास से अमृत लेने के लिए गरुड़ ने खींचातानी की थी उस समय जो अमृत की बूँदें पृथ्वी पर गिरीं उनमें से लहसुन की उत्पत्ति हुई है ।*

*🔸पृथ्वी पर कुल छः रस हैं खारा, खट्टा, मीठा, तीखा, कसैला और कड़वा । इनमें से खट्टे रस के अलावा पाँचों रस लहसुन में होते हैं । लहसुन पौष्टिक, गर्म, स्निग्ध, कटु, मधुर, पाचक तथा वीर्यवर्धक है एवं शरीर के टूटे हुए स्थानों को जोड़नेवाला, बुद्धि के लिए हितकारी, पित्त तथा लोहवर्धक और बलवर्धक एक उत्तम रसायन है । लहसुन वात, पित्त और कफ तीनों का शमन करता है । कफ का शमन करने के लिए उसका उपयोग शहद के साथ करना चाहिए, पित्त के लिए लहसुन को मिश्री के साथ लेना चाहिए और वात के शमन के लिए घी के साथ सेवन करना चाहिए । लहसुन कब्जियात, हृदयरोग, अरुचि, मंदाग्नि, जीर्ण ज्वर, खांसी, श्वास, कफ, वायुगोला, कृमि तथा वायु को मिटानेवाला है । उष्ण गुण रखनेवाला लहसुन वात- रोगों में खूब फायदा करता है ।*

*🔸लहसुन की दो से पाँच कलियों को तलकर चबाने से और एक दो चम्मच घी पीने से हर प्रकार के वातजन्य रोग, आमवात, संधिवात, जोड़ों का दर्द, गैस की तकलीफ, कमजोरी, शिथिलता, यौनांग की दुर्बलता, स्नायु की दुर्बलता, सुस्ती आदि दूर होती है और हृदय को बल मिलता है ।*

*🔸लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में उबालकर बनाया गया तेल खूब उपयोगी होता है । ठंड के कारण यदि कान दुःखता हो अथवा ठंडी हवा से कान में बहरापन आ गया हो तो इस तेल को गुनगुना करके उसकी बूँदें कान में डालने से फायदा होता है ।*

*🔸 ठंडी के कारण यदि सिर दुःखता हो तब भी इस तेल की बूँदें कान में डालकर, सिर पर तेल की मालिश करने से आराम मिलता है ।*

*🔸शीतऋतु में इस तेल की मालिश करके, गर्म पानी से स्नान करने से ठंडी का असर कम होता है । छोटे बालकों को यदि खांसी का रोग खूब परेशान करता हो तब छाती एवं पीठ पर इस तेल की मालिश करने से एवं लहसुन की कलियों की माला बनाकर पहनाने से खूब फायदा होता है ।*

*🔸लहसुन की कलियों को चार-पाँच दिन धूप में सुखाकर, काँच की बरनी में भरकर ऊपर से शहद डालकर रख दें । पंद्रह दिन के बाद लहसुन की एक-दो कली को एक चम्मच शहद के साथ चबाकर, फ्रीज बिना का एक गिलास ठंडा दूध पीने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) नार्मल रहता है ।*

*🔸लहसुन की कलियों का आधा चम्मच रस एक कटोरी छाछ में मिलाकर पीने से पेट के तमाम प्रकार के कृमियों का नाश होता है ।*

*🔹लहसुन की गर्म प्रकृति (गुण) होने के कारण तथा तीखा होने के कारण पित्तप्रकोप वाले रोगी को, रक्तपित्त वाले रोगी को तथा गर्भवती स्त्रियों को उसका सेवन नहीं करना चाहिए । एवं गरमी के दिनों में भी गर्म प्रकृतिवाले व्यक्तियों को उसका सेवन करना हितकर नहीं है । अधिक मात्रा में लहसुन का सेवन करने से पेट में तथा आँतों में छाले पड़ जाते हैं, रक्त की कमी होती है (एनिमिया), हाथ-पैर, पेट एवं मूत्रमार्ग में जलन होती है । अतः लहसुन का उचित मात्रा में सेवन करने से ही वह अमृत के समान औषधि बना रहता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची जीवनरेखा- प्रधानमंत्री

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*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्याहस्ते पुणे मेट्रोच्या मार्गिकांसह विविध प्रकल्पांचे लोकार्पण आणि भूमिपूजन*

*मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची जीवनरेखा- प्रधानमंत्री*

*देशाला ५ ट्रिलियन डॉलरची अर्थव्यवस्था करण्यासाठी महाराष्ट्र योगदान देईल- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे*

पुणे, दि. १: शहरी मध्यमवर्गीयांच्या जीवनशैलीविषयी सरकार गंभीर असून सर्वसामान्यांचे जीवन सुकर करण्यासाठी सार्वजनिक वाहतूक व्यवस्थेला आधुनिक बनवावे लागेल. त्यादृष्टीने पुणे शहरात मेट्रो सुरू करण्यात आली असून मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची जीवनरेखा बनत आहे, असे प्रतिपादन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी केले.

प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांनी पुणे मेट्रोच्या टप्पा २ च्या पूर्ण झालेल्या दोन मार्गिकांचे हिरवा झेंडा दाखवून लोकार्पण केले. शिवाजीनगर येथील पोलीस मुख्यालय येथे आयोजित या कार्यक्रमात मेट्रो लोकार्पणासह पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका अंतर्गत कचऱ्यापासून ऊर्जा निर्माण करणाऱ्या (वेस्ट टू एनर्जी) संयंत्राचे उद्घाटन, पुणे आणि पिंपरी चिंचवड महानगरपालिकेद्वारे प्रधानमंत्री आवास योजनेंतर्गत बांधण्यात आलेल्या घरांचे लाभार्थ्यांना हस्तांतरण, पिंपरी चिंचवड मनपा आणि पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरणामार्फत प्रधानमंत्री आवास योजनेंतर्गत बांधण्यात येणाऱ्या घरांचे भूमिपूजन प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांच्या हस्ते करण्यात आले.

यावेळी राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, पालकमंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, सहकारमंत्री दिलीप वळसे पाटील, विधान परिषदेच्या उपसभापती डॉ. नीलम गोऱ्हे, आमदार चंद्रशेखर बावनकुळे आदी उपस्थित होते.

*पुणे शहर हे युवकांची स्वप्ने पूर्ण करणारे शहर*
पुणे शहर हे देशाच्या अर्थव्यवस्थेला गती देणारे, युवांची स्वप्ने पूर्ण करणारे शहर आहे, असे सांगून प्रधानमंत्री श्री. मोदी म्हणाले, या पाच वर्षात पुण्यात सुमारे २४ कि.मी. मेट्रोचे नेटवर्क सुरू झाले आहे. पुण्यासारख्या शहरात प्रदूषण कमी करण्यासाठी मेट्रो रेल्वे आवश्यक असून हे जाळे वाढविण्यासाठी आम्ही प्रयत्न करत आहोत. २०१४ पर्यंत देशात २५० कि.मी. पेक्षा कमी मेट्रो नेटवर्क होते. आता देशात ८०० कि.मी. पेक्षा अधिक मेट्रोचे जाळे तयार झाले असून आणखी 1 हजार किलोमीटरचे काम सुरू आहे. २०१४ मध्ये फक्त ५ शहरात असलेली मेट्रो आज देशातील २० शहरात संचालित आहे. महाराष्ट्रात मुंबई, पुणे आणि नागपूर येथे मेट्रो कार्यरत आहेत. मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची नवी ‘जीवनरेषा’ बनत आहे, असेही श्री. मोदी म्हणाले.

*‘वेस्ट टू वेल्थ’ संकल्पनेवर भर*
श्री. मोदी पुढे म्हणाले, जीवनाची गुणवत्ता सुधारण्यासाठी स्वच्छता महत्वाची आहे. आम्ही स्वच्छ भारत अभियान केवळ शौचालयांच्या निर्मतीपूरते मर्यादित ठेवले नाही तर कचरा व्यवस्थापनावर भर देत आहोत. कचऱ्याचे डोंगर हटविण्यासाठी प्रयत्न करत आहोत. ‘वेस्ट टू वेल्थ’ या संकल्पनेवर भर देत आहोत. पिंपरी चिंचवडचा ‘वेस्ट टू एनर्जी’ खूप उत्कृष्ट प्रकल्प असून यातून कचऱ्यापासून वीज बनणार आहे. यामुळे प्रदुषणाची समस्या नष्ट होण्यासह महापालिकेची आर्थिक बचतही होणार आहे.

*महाराष्ट्राने देशाच्या औद्योगिक विकासाला गती दिली*
स्वातंत्र्यानंतर महाराष्ट्राच्या औद्योगिक विकासाने देशाच्या औद्योगिक विकासाला गती दिली आहे. म्हणून येथे औद्योगिक विकासाला अधिक गती देण्यासाठी पायाभूत सुविधांवर अधिक भर देण्यात येत आहे. रेल्वेच्या विकासात २०१४ च्या तुलनेत १२ पट अधिक खर्च केला जात आहे. महाराष्ट्राच्या विविध शहरांना आसपासच्या इकॉनॉमिक हबशी जोडले जात आहे. मुंबई- अहमदाबाद हायस्पीड रेल्वे, दिल्ली मुंबई इकॉनॉमिक कॉरिडॉरमुळे औद्योगिक विकास होणार आहे. वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडॉर मुळे महाराष्ट्राची उत्तर भारतासोबत रेल्वे जोडणी वाढणार आहे. महाराष्ट्र, तेलंगणा आणि छत्तीसगड यांच्यादरम्यान बनविण्यात आलेल्या पारेषण वाहिनी जाळ्यामुळे महाराष्ट्रातील उद्योगांना नवी गती मिळणार आहे. त्याचबरोबर ऑईल गॅस लाईन, औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी, नवी मुंबई विमानतळ, सेंद्रा बिडकीन औद्योगिक पार्क यांच्यात महाराष्ट्राच्या अर्थव्यवस्थेला नवी गती देण्याची क्षमता आहे.

*डिजीटल क्षेत्रातील पायाभूत सुविधांच्या विकासात पुण्याचा मोठा वाटा*
महाराष्ट्राचा विकास होईल तेव्हा भारताचा विकास होईल आणि भारताचा विकास होईल त्याचा तेवढाचा लाभ महाराष्ट्राला होईल. गेल्या ९ वर्षात इनोव्हेशन आणि स्टार्टअपच्या बाबतीत भारताने जगात नवी ओळख मिळवली आहे. आज स्टार्टअपची संख्या १ लाखाच्या वर झाली आहे. ही इकोसिस्टीम डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चरच्या विस्तारामुळे तयार झाली आहे. भारतात डिजीटल इन्फ्रास्ट्रक्चरचा पाया घालण्यात पुण्याचा मोठा वाटा आहे. स्वस्त स्मार्टफोन, गावोगावी पोहोचलेल्या इंटरनेट सुविधेमुळे हे शक्य झाले आहे. जगभरात सर्वाधिक वेगाने ५ जी इंटरनेट सुविधा पोहोचवणारा आपला देश बनला आहे. फिनटेक, बायोटेक, ॲग्रीटेक आदी सर्वच क्षेत्रात आपले युवा उत्कृष्ट काम करत आहेत.

*गरीबांसाठी ४ कोटीपेक्षा अधिक घरांची निर्मिती*
गेल्या ९ वर्षात गाव आणि शहरात गरीबांसाठी ४ कोटीपेक्षा अधिक पक्क्या घरांची निर्मिती केली आहे. त्यातही शहरी गरिबांसाठी ७५ लाखापेक्षा अधिक घरे बनविली आहेत. नवीन घरांच्या निर्मितीमध्ये पारदर्शकता आणली असून गुणवत्ताही सुधारली आहे. त्यातील जास्तीत जास्त घरे महिलांच्या नावावर करण्याचे काम आम्ही केले आहे. पहिल्यांदाच महिलांच्या नावावर काही संपत्ती नोंदणीकृत झाली आहे. पुणे आणि पिंपरी चिंचवड शहरात प्रधानमंत्री आवास योजनेअंतर्गत बांधलेल्या घरांमुळे नागरिकांसाठी येणारे सण विशेष आनंदाचे ठरतील, असेही प्रधानमंत्री म्हणाले.

मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची जीवनरेखा- प्रधानमंत्री

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*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांच्याहस्ते पुणे मेट्रोच्या मार्गिकांसह विविध प्रकल्पांचे लोकार्पण आणि भूमिपूजन*

*मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची जीवनरेखा- प्रधानमंत्री*

*देशाला ५ ट्रिलियन डॉलरची अर्थव्यवस्था करण्यासाठी महाराष्ट्र योगदान देईल- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे*

पुणे, दि. १: शहरी मध्यमवर्गीयांच्या जीवनशैलीविषयी सरकार गंभीर असून सर्वसामान्यांचे जीवन सुकर करण्यासाठी सार्वजनिक वाहतूक व्यवस्थेला आधुनिक बनवावे लागेल. त्यादृष्टीने पुणे शहरात मेट्रो सुरू करण्यात आली असून मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची जीवनरेखा बनत आहे, असे प्रतिपादन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी केले.

प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांनी पुणे मेट्रोच्या टप्पा २ च्या पूर्ण झालेल्या दोन मार्गिकांचे हिरवा झेंडा दाखवून लोकार्पण केले. शिवाजीनगर येथील पोलीस मुख्यालय येथे आयोजित या कार्यक्रमात मेट्रो लोकार्पणासह पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका अंतर्गत कचऱ्यापासून ऊर्जा निर्माण करणाऱ्या (वेस्ट टू एनर्जी) संयंत्राचे उद्घाटन, पुणे आणि पिंपरी चिंचवड महानगरपालिकेद्वारे प्रधानमंत्री आवास योजनेंतर्गत बांधण्यात आलेल्या घरांचे लाभार्थ्यांना हस्तांतरण, पिंपरी चिंचवड मनपा आणि पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरणामार्फत प्रधानमंत्री आवास योजनेंतर्गत बांधण्यात येणाऱ्या घरांचे भूमिपूजन प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांच्या हस्ते करण्यात आले.

यावेळी राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, पालकमंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, सहकारमंत्री दिलीप वळसे पाटील, विधान परिषदेच्या उपसभापती डॉ. नीलम गोऱ्हे, आमदार चंद्रशेखर बावनकुळे आदी उपस्थित होते.

*पुणे शहर हे युवकांची स्वप्ने पूर्ण करणारे शहर*
पुणे शहर हे देशाच्या अर्थव्यवस्थेला गती देणारे, युवांची स्वप्ने पूर्ण करणारे शहर आहे, असे सांगून प्रधानमंत्री श्री. मोदी म्हणाले, या पाच वर्षात पुण्यात सुमारे २४ कि.मी. मेट्रोचे नेटवर्क सुरू झाले आहे. पुण्यासारख्या शहरात प्रदूषण कमी करण्यासाठी मेट्रो रेल्वे आवश्यक असून हे जाळे वाढविण्यासाठी आम्ही प्रयत्न करत आहोत. २०१४ पर्यंत देशात २५० कि.मी. पेक्षा कमी मेट्रो नेटवर्क होते. आता देशात ८०० कि.मी. पेक्षा अधिक मेट्रोचे जाळे तयार झाले असून आणखी 1 हजार किलोमीटरचे काम सुरू आहे. २०१४ मध्ये फक्त ५ शहरात असलेली मेट्रो आज देशातील २० शहरात संचालित आहे. महाराष्ट्रात मुंबई, पुणे आणि नागपूर येथे मेट्रो कार्यरत आहेत. मेट्रो ही आधुनिक भारतातील शहरांची नवी ‘जीवनरेषा’ बनत आहे, असेही श्री. मोदी म्हणाले.

*‘वेस्ट टू वेल्थ’ संकल्पनेवर भर*
श्री. मोदी पुढे म्हणाले, जीवनाची गुणवत्ता सुधारण्यासाठी स्वच्छता महत्वाची आहे. आम्ही स्वच्छ भारत अभियान केवळ शौचालयांच्या निर्मतीपूरते मर्यादित ठेवले नाही तर कचरा व्यवस्थापनावर भर देत आहोत. कचऱ्याचे डोंगर हटविण्यासाठी प्रयत्न करत आहोत. ‘वेस्ट टू वेल्थ’ या संकल्पनेवर भर देत आहोत. पिंपरी चिंचवडचा ‘वेस्ट टू एनर्जी’ खूप उत्कृष्ट प्रकल्प असून यातून कचऱ्यापासून वीज बनणार आहे. यामुळे प्रदुषणाची समस्या नष्ट होण्यासह महापालिकेची आर्थिक बचतही होणार आहे.

*महाराष्ट्राने देशाच्या औद्योगिक विकासाला गती दिली*
स्वातंत्र्यानंतर महाराष्ट्राच्या औद्योगिक विकासाने देशाच्या औद्योगिक विकासाला गती दिली आहे. म्हणून येथे औद्योगिक विकासाला अधिक गती देण्यासाठी पायाभूत सुविधांवर अधिक भर देण्यात येत आहे. रेल्वेच्या विकासात २०१४ च्या तुलनेत १२ पट अधिक खर्च केला जात आहे. महाराष्ट्राच्या विविध शहरांना आसपासच्या इकॉनॉमिक हबशी जोडले जात आहे. मुंबई- अहमदाबाद हायस्पीड रेल्वे, दिल्ली मुंबई इकॉनॉमिक कॉरिडॉरमुळे औद्योगिक विकास होणार आहे. वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडॉर मुळे महाराष्ट्राची उत्तर भारतासोबत रेल्वे जोडणी वाढणार आहे. महाराष्ट्र, तेलंगणा आणि छत्तीसगड यांच्यादरम्यान बनविण्यात आलेल्या पारेषण वाहिनी जाळ्यामुळे महाराष्ट्रातील उद्योगांना नवी गती मिळणार आहे. त्याचबरोबर ऑईल गॅस लाईन, औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी, नवी मुंबई विमानतळ, सेंद्रा बिडकीन औद्योगिक पार्क यांच्यात महाराष्ट्राच्या अर्थव्यवस्थेला नवी गती देण्याची क्षमता आहे.

*डिजीटल क्षेत्रातील पायाभूत सुविधांच्या विकासात पुण्याचा मोठा वाटा*
महाराष्ट्राचा विकास होईल तेव्हा भारताचा विकास होईल आणि भारताचा विकास होईल त्याचा तेवढाचा लाभ महाराष्ट्राला होईल. गेल्या ९ वर्षात इनोव्हेशन आणि स्टार्टअपच्या बाबतीत भारताने जगात नवी ओळख मिळवली आहे. आज स्टार्टअपची संख्या १ लाखाच्या वर झाली आहे. ही इकोसिस्टीम डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चरच्या विस्तारामुळे तयार झाली आहे. भारतात डिजीटल इन्फ्रास्ट्रक्चरचा पाया घालण्यात पुण्याचा मोठा वाटा आहे. स्वस्त स्मार्टफोन, गावोगावी पोहोचलेल्या इंटरनेट सुविधेमुळे हे शक्य झाले आहे. जगभरात सर्वाधिक वेगाने ५ जी इंटरनेट सुविधा पोहोचवणारा आपला देश बनला आहे. फिनटेक, बायोटेक, ॲग्रीटेक आदी सर्वच क्षेत्रात आपले युवा उत्कृष्ट काम करत आहेत.

*गरीबांसाठी ४ कोटीपेक्षा अधिक घरांची निर्मिती*
गेल्या ९ वर्षात गाव आणि शहरात गरीबांसाठी ४ कोटीपेक्षा अधिक पक्क्या घरांची निर्मिती केली आहे. त्यातही शहरी गरिबांसाठी ७५ लाखापेक्षा अधिक घरे बनविली आहेत. नवीन घरांच्या निर्मितीमध्ये पारदर्शकता आणली असून गुणवत्ताही सुधारली आहे. त्यातील जास्तीत जास्त घरे महिलांच्या नावावर करण्याचे काम आम्ही केले आहे. पहिल्यांदाच महिलांच्या नावावर काही संपत्ती नोंदणीकृत झाली आहे. पुणे आणि पिंपरी चिंचवड शहरात प्रधानमंत्री आवास योजनेअंतर्गत बांधलेल्या घरांमुळे नागरिकांसाठी येणारे सण विशेष आनंदाचे ठरतील, असेही प्रधानमंत्री म्हणाले.

चेतना फाउंडेशन संचलित, चेतना इंटरनॅशनल स्कूल सरडेवाडी, विषय:- लोकमान्य टिळक पुण्यतिथी , व शाहीर अण्णाभाऊ साठे जयंती उत्साहात साजरी करण्यात आली.

 

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चेतना इंटरनॅशनल स्कूल सरडेवाडी येथे आज लोकमान्य टिळक पुण्यतिथी निमित्त तसेच शाहिर अण्णाभाऊ साठे जयंती निमित्त

विविध कार्यक्रम आयोजित करण्यात आले.
मा. अध्यक्ष उदय देशपांडे सर
सचिव मा.विलास भोसले सर
प्रिन्सिपल निकिता माने मॅडम , खजिनदार सोमनाथ माने सर व प्रमुख पाहुणे गवळी सर उपस्थित होते.
कार्यक्रमाची सुरुवात लोकमान्य टिळक व अण्णाभाऊ साठे यांच्या प्रतिमेचे पूजन करून झाली. तसेच अध्यक्ष व माननीय सचिव विलास भोसले सर यांनी लोकमान्य टिळकांच्या सामाजिक शैक्षणिक राजकीय जीवनावर आपले विचार व्यक्त केले. ते सांगतात बाळ गंगाधर टिळक यांचा जन्म 23 जुलै १८५६ रोजी रत्नागिरी मधील चिखल गावी झाला. स्वातंत्र्यासाठी लढणारी जी अनेक रत्ने होती त्यातील हे रत्नागिरीचे ‘रत्न’ होते. त्यांचे ‘केशव’ हे नाव ठेवण्यात आले होते. पण ते ‘बाळ’ या टोपण नावाने प्रसिद्ध झाले. वडिल शिक्षण खात्यात सेवक होते. लहानपणी आई वारल्याने संगोपन चुलतीनेच केले. वडिलांची पुणे येथे बढती मिळाल्याने बदली झाला. वडिलांचे छत्र १९ यावर्षी हरपले. सोळाव्या वर्षी मॅट्रिकची परीक्षा झाल्याने टिळकांचे लग्न सतराव्या वर्षी झाले. उच्च शिक्षणासाठी पुण्याच्या डेक्कन कॉलेजमध्ये प्रवेश घेतला. त्यांना पदवीधर होण्यासाठी पैशांची फारशी अडचण भासली नाही. १८७६ सली टिळक बी .ए ची परीक्षा गणित घेऊन पहिल्या वर्गात उत्तीर्ण झाले. त्यांनी ‘केसरी’व ‘मराठी’ ही वृत्तपत्रे सुरू केली. तसेच ते जहाल गटाचे नेतृत्व करत होते. त्यांनी भारतीय स्वातंत्र्यलढ्यात केलेली कामगिरी आणि अखिल भारतीय काँग्रेस या संघटनेची स्थापना महत्वपूर्ण आहे. तसेच ते भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनाचे पहिले नेते होते. बाळ गंगाधर टिळकांनी गणेश उत्सव व शिवजयंती उत्सवाला सुरुवात केली व समाजाला एकत्रित आणण्याचा प्रयत्न केला. “स्वराज्य हा माझा जन्मसिद्ध अधिकार आहे आणि मी तो मिळवणारच”
हे ब्रीद वाक्य उच्चारले अशाप्रकारे लोकमान्य टिळकांच्या शैक्षणिक ,सामाजिक, राजकीय जीवनाविषयी थोडक्यात परिचय करून दिला. व आपल्या भाषणाला पूर्णविराम दिला. तसेच आलेल्या प्रमुख पाहुण्यांचे पुष्प देऊन स्वागत करण्यात आले. मुलांनी लोकमान्य टिळक व अण्णाभाऊ साठे यांच्या प्रतिमेला अभिवादन करून त्यांच्याविषयी भाषण दिले. यावेळी प्रा.हर्षदा चौधरी मॅडम, प्रा.अश्विनी देशमाने मॅडम, प्रा.पुनम सरडे मॅडम, प्रा.फौजीया पठाण मॅडम, प्रियंका मारकड मॅडम, प्रा.अमोल भुजबळ सर, सुयोग देवकर सर ,राणी मॅडम, नितीन शिरतोडे, सतीश शेंडगे हे कार्यक्रमाला उपस्थित राहिले. तसेच कार्यक्रमानिमित्त वृक्षारोपण करण्यात आले. कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन प्राध्यापक फौजीया पठाण मॅडम यांनी केले. प्रा. प्रांजली सुतार मॅडम व प्रा. कैलास खबाले सर यांनी कार्यक्रमाचे आभार मानले. तसेच कार्यक्रमाचे नियोजन प्राचार्य निकिता माने मॅडम यांनी केले. कार्यक्रमाची सांगता “वंदे मातरम” या गीताने झाली.त्यानंतर वृक्षारोपण करण्यात आले

महापुरुषांच्या भूमीत लोकमान्यांच्या नावाने पुरस्कार मिळणे हे सौभाग्य-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांना लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान

*महापुरुषांच्या भूमीत लोकमान्यांच्या नावाने पुरस्कार मिळणे हे सौभाग्य-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी*

*लोकमान्य टिळकांना अपेक्षित देश घडविण्याचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांचे प्रयत्न-मुख्यमंत्री*

पुणे, दि. १: पुणे ही छत्रपती शिवाजी महाराज, चाफेकर बंधू यांची भूमी आहे. या भूमीशी ज्योतिबा फुले आणि सावित्रीबाई फुले यांची प्रेरणा आणि आदर्श जोडलेले आहेत. अशा भूमीत लोकमान्य टिळक यांच्या नावाचा पुरस्कार मिळत आहे ते आपले सौभाग्य आहे, विद्येचे माहेरघर असलेल्या पुण्यभूमीत मिळणारा पुरस्कार हा आपला सन्मान आहे, अशा शब्दात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी आपल्या भावना व्यक्त केल्या.

स.प. महाविद्यालय येथे प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांना लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्काराने सन्मानित करण्यात आले. यावेळी ते बोलत होते. कार्यक्रमाला राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, ज्येष्ठ नेते खासदार शरद पवार, ट्रस्टचे अध्यक्ष डॉ. दीपक टिळक, विश्वस्त सुशीलकुमार शिंदे, डॉ. रोहित टिळक, गीताली टिळक, डॉ. प्रणती टिळक आदी उपस्थित होते. स्मृतिचिन्ह, मानपत्र आणि एक लाख रुपये असे या पुरस्काराचे स्वरूप आहे.

प्रधानमंत्री श्री.मोदी म्हणाले, लोकमान्य टिळकांनी स्वातंत्र्य लढ्याची दिशाच बदलली. देशाची संस्कृती आणि परंपरा महान असल्याचा विश्वास लोकांमध्ये निर्माण केला. देश स्वतंत्र होऊ शकतो हा विश्वास लोकांमध्ये त्यांनी पहिल्यांदा निर्माण केला. देशासमोर सहकार्याचे मोठे उदाहरण ठेवले. स्वातंत्र्य लढ्यातील वर्तमानपत्राचे महत्व ओळखून त्यांनी केसरी आणि मराठा ही वृत्तपत्र सुरू केली. स्वातंत्र्यासाठी इंग्रजांसोबत लढा देतानाच समाजातील वाईट प्रथांविरोधातही त्यांनी लढा दिला.

गीतारहस्याच्या माध्यमातून त्यांनी कर्मयोग सोप्या पद्धतीत सांगितला. त्यांचा लोकांवर विश्वास होता. असाच लोकांच्या कर्तृत्वावर प्रामाणिकपणावर आमचाही विश्वास आहे. देशात विश्वासाने भरलेले सकारात्मक वातावरण तयार झाले आहे. यामुळेच देश विकासाकडे वेगाने वाटचाल करीत आहे. लोकमान्य टिळकांच्या विचारांमधील देश निर्माण करण्यासाठी आम्ही प्रयत्नशील आहोत.

लोकमान्य टिळकांना समृद्ध, बलाढ्य, कर्तुत्ववान देशाची निर्मिती अपेक्षित होती. त्यासाठी त्यांनी देशामध्ये विश्वासाचे वातावरण निर्माण केले. त्यांच्यापासून प्रेरणा घेऊन अनेक युवकांनी त्याकाळी स्वातंत्र्य संग्रामात सहभाग घेतला. त्यापैकी महत्वाचे उदाहरण म्हणजे स्वातंत्र्यवीर सावरकर हे होत. स्वातंत्र्यवीर सावरकर यांना इंग्लडला जावून बॅरीस्टर होता यावे यासाठी त्यांना शिष्यवृत्ती देण्याची शिफारसही टिळकांनी केली होती.

न्यू इंग्लिश स्कूल, डेक्क्न एज्युकेशन सोसायटी, फर्ग्युसन महाविद्यालयासारख्या संस्थांची स्थापना ही त्यांची दूरदृष्टी दर्शवून देते. या संस्थातून असे कित्येक युवा निघाले ज्यांनी टिळकांचे मिशन पुढे चालवले. राष्ट्रनिर्माणामध्ये आपली भूमिका बजावली. व्यवस्था निर्मितीकडून संस्थांची निर्मिती, संस्था निर्मितीतून व्यक्तीनिर्मिती आणि व्यक्तीनिर्मितीतून राष्ट्रनिर्मिती हे व्हिजन राष्ट्राच्या भविष्यासाठी पथदर्शी असते. त्यावर आज देश प्रभावीपणे वाटचाल करत आहे. देशातील लोकांच्या विश्वासाने आणि प्रयत्नांमुळेच देश आज जगातील पाचवी मोठी अर्थव्यवस्था बनल्याचे श्री.मोदी म्हणाले.

लोकमान्य बाळ गंगाधर टिळक यांच्या नावे मिळणाऱ्या पुरस्काराची रक्कम नमामी गंगे प्रकल्पाला देत असल्याची घोषणा प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांनी यावेळी केली.

*लोकमान्य टिळकांना अपेक्षित देश घडविण्याचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांचे प्रयत्न-मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे म्हणाले, लोकमान्य टिळक हे भारतीय स्वातंत्र्यचळवळीचे जनक आणि बहुआयामी प्रतिभावंत होते. त्यांनी दिलेल्या लढ्यामुळे आपण स्वातंत्र्याचा सूर्य अनुभवतो आहे. ते प्रखर राष्ट्रभक्त होते. ब्रिटींशांविरुद्ध लढताना त्यांच्या शब्दांना धार येत होती. लोकमान्य टिळकांना अपेक्षित असलेला देश निर्माण करण्यामध्ये प्रधानमंत्री श्री.मोदी यांचे कार्य महत्वाचे आहे. आज जग एक महत्वाचा नेता म्हणून मोदीजींकडे पाहत आहे. परदेशात त्यांना मिळणारा मान पाहून आम्हा देशवासियांना अभिमान वाटतो.

मुख्यमंत्री पुढे म्हणाले, प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांना गेल्या ९ वर्षामध्ये आपल्या देशासाठी केलेल्या कामांना लोकमान्यता मिळाली आहे. ते समाजाचे, सामान्य माणसाचे मन ओळखणारे नेते आहेत. त्यांनी देशाची सूत्रे हाती घेतल्यानंतर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ हे सूत्र ठेऊन देशात सुराज्य निर्माण करण्याचा प्रयत्न केला आहे. हा पुरस्कार म्हणजे त्यांच्या या कामाचा सन्मान आहे. मोठ मोठ्या देशांची अर्थव्यवस्था कोलमडून जात असताना भारताची अर्थव्यवस्था १० व्या क्रमांकावरुन ५ व्या क्रमांकावर आणण्याचे काम प्रधानमंत्री श्री.मोदी यांनी केले आहे.

खासदार श्री. पवार म्हणाले, यापूर्वी लोकमान्य टिळक पुरस्कार हा इंदिरा गांधी, खान अब्दुल गफार खान, शंकर दयाल शर्मा, अटलबिहारी वाजपेयी, बाळासाहेब देवरस, मनमोहन सिंह यांना मिळाला होता. या नेत्यांच्या पंक्तीत नरेंद्र मोदी यांचा समावेश झाला याचा आनंद आहे. देशाच्या जडणघडणीमध्ये लोकमान्य टिळक व महात्मा गांधी यांचे मोलाचे योगदान आहे. नव्या पिढीला या कर्तृत्ववान दृष्टीचा आदर्श अखंडपणे प्रेरणा देईल.

स्वागत करताना ट्रस्टचे अध्यक्ष डॉ. टिळक यांनी लोकमान्य टिळक यांचे व्यक्तीमत्व आणि कार्य यांची ओळख करुन दिली. तसेच ४१ वा लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांना प्रदान करण्यामागील भूमिका विषद केली.

यावेळी महसूल मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील यांच्यासह विशेष निमंत्रित व नागरिक उपस्थित होते. कार्यक्रमापूर्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी दगडुशेठ हलवाई गणपतीचे दर्शन घेतले.

महापुरुषांच्या भूमीत लोकमान्यांच्या नावाने पुरस्कार मिळणे हे सौभाग्य-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांना लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान

*महापुरुषांच्या भूमीत लोकमान्यांच्या नावाने पुरस्कार मिळणे हे सौभाग्य-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी*

*लोकमान्य टिळकांना अपेक्षित देश घडविण्याचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांचे प्रयत्न-मुख्यमंत्री*

पुणे, दि. १: पुणे ही छत्रपती शिवाजी महाराज, चाफेकर बंधू यांची भूमी आहे. या भूमीशी ज्योतिबा फुले आणि सावित्रीबाई फुले यांची प्रेरणा आणि आदर्श जोडलेले आहेत. अशा भूमीत लोकमान्य टिळक यांच्या नावाचा पुरस्कार मिळत आहे ते आपले सौभाग्य आहे, विद्येचे माहेरघर असलेल्या पुण्यभूमीत मिळणारा पुरस्कार हा आपला सन्मान आहे, अशा शब्दात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी आपल्या भावना व्यक्त केल्या.

स.प. महाविद्यालय येथे प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांना लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्काराने सन्मानित करण्यात आले. यावेळी ते बोलत होते. कार्यक्रमाला राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, ज्येष्ठ नेते खासदार शरद पवार, ट्रस्टचे अध्यक्ष डॉ. दीपक टिळक, विश्वस्त सुशीलकुमार शिंदे, डॉ. रोहित टिळक, गीताली टिळक, डॉ. प्रणती टिळक आदी उपस्थित होते. स्मृतिचिन्ह, मानपत्र आणि एक लाख रुपये असे या पुरस्काराचे स्वरूप आहे.

प्रधानमंत्री श्री.मोदी म्हणाले, लोकमान्य टिळकांनी स्वातंत्र्य लढ्याची दिशाच बदलली. देशाची संस्कृती आणि परंपरा महान असल्याचा विश्वास लोकांमध्ये निर्माण केला. देश स्वतंत्र होऊ शकतो हा विश्वास लोकांमध्ये त्यांनी पहिल्यांदा निर्माण केला. देशासमोर सहकार्याचे मोठे उदाहरण ठेवले. स्वातंत्र्य लढ्यातील वर्तमानपत्राचे महत्व ओळखून त्यांनी केसरी आणि मराठा ही वृत्तपत्र सुरू केली. स्वातंत्र्यासाठी इंग्रजांसोबत लढा देतानाच समाजातील वाईट प्रथांविरोधातही त्यांनी लढा दिला.

गीतारहस्याच्या माध्यमातून त्यांनी कर्मयोग सोप्या पद्धतीत सांगितला. त्यांचा लोकांवर विश्वास होता. असाच लोकांच्या कर्तृत्वावर प्रामाणिकपणावर आमचाही विश्वास आहे. देशात विश्वासाने भरलेले सकारात्मक वातावरण तयार झाले आहे. यामुळेच देश विकासाकडे वेगाने वाटचाल करीत आहे. लोकमान्य टिळकांच्या विचारांमधील देश निर्माण करण्यासाठी आम्ही प्रयत्नशील आहोत.

लोकमान्य टिळकांना समृद्ध, बलाढ्य, कर्तुत्ववान देशाची निर्मिती अपेक्षित होती. त्यासाठी त्यांनी देशामध्ये विश्वासाचे वातावरण निर्माण केले. त्यांच्यापासून प्रेरणा घेऊन अनेक युवकांनी त्याकाळी स्वातंत्र्य संग्रामात सहभाग घेतला. त्यापैकी महत्वाचे उदाहरण म्हणजे स्वातंत्र्यवीर सावरकर हे होत. स्वातंत्र्यवीर सावरकर यांना इंग्लडला जावून बॅरीस्टर होता यावे यासाठी त्यांना शिष्यवृत्ती देण्याची शिफारसही टिळकांनी केली होती.

न्यू इंग्लिश स्कूल, डेक्क्न एज्युकेशन सोसायटी, फर्ग्युसन महाविद्यालयासारख्या संस्थांची स्थापना ही त्यांची दूरदृष्टी दर्शवून देते. या संस्थातून असे कित्येक युवा निघाले ज्यांनी टिळकांचे मिशन पुढे चालवले. राष्ट्रनिर्माणामध्ये आपली भूमिका बजावली. व्यवस्था निर्मितीकडून संस्थांची निर्मिती, संस्था निर्मितीतून व्यक्तीनिर्मिती आणि व्यक्तीनिर्मितीतून राष्ट्रनिर्मिती हे व्हिजन राष्ट्राच्या भविष्यासाठी पथदर्शी असते. त्यावर आज देश प्रभावीपणे वाटचाल करत आहे. देशातील लोकांच्या विश्वासाने आणि प्रयत्नांमुळेच देश आज जगातील पाचवी मोठी अर्थव्यवस्था बनल्याचे श्री.मोदी म्हणाले.

लोकमान्य बाळ गंगाधर टिळक यांच्या नावे मिळणाऱ्या पुरस्काराची रक्कम नमामी गंगे प्रकल्पाला देत असल्याची घोषणा प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांनी यावेळी केली.

*लोकमान्य टिळकांना अपेक्षित देश घडविण्याचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांचे प्रयत्न-मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे म्हणाले, लोकमान्य टिळक हे भारतीय स्वातंत्र्यचळवळीचे जनक आणि बहुआयामी प्रतिभावंत होते. त्यांनी दिलेल्या लढ्यामुळे आपण स्वातंत्र्याचा सूर्य अनुभवतो आहे. ते प्रखर राष्ट्रभक्त होते. ब्रिटींशांविरुद्ध लढताना त्यांच्या शब्दांना धार येत होती. लोकमान्य टिळकांना अपेक्षित असलेला देश निर्माण करण्यामध्ये प्रधानमंत्री श्री.मोदी यांचे कार्य महत्वाचे आहे. आज जग एक महत्वाचा नेता म्हणून मोदीजींकडे पाहत आहे. परदेशात त्यांना मिळणारा मान पाहून आम्हा देशवासियांना अभिमान वाटतो.

मुख्यमंत्री पुढे म्हणाले, प्रधानमंत्री श्री. मोदी यांना गेल्या ९ वर्षामध्ये आपल्या देशासाठी केलेल्या कामांना लोकमान्यता मिळाली आहे. ते समाजाचे, सामान्य माणसाचे मन ओळखणारे नेते आहेत. त्यांनी देशाची सूत्रे हाती घेतल्यानंतर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ हे सूत्र ठेऊन देशात सुराज्य निर्माण करण्याचा प्रयत्न केला आहे. हा पुरस्कार म्हणजे त्यांच्या या कामाचा सन्मान आहे. मोठ मोठ्या देशांची अर्थव्यवस्था कोलमडून जात असताना भारताची अर्थव्यवस्था १० व्या क्रमांकावरुन ५ व्या क्रमांकावर आणण्याचे काम प्रधानमंत्री श्री.मोदी यांनी केले आहे.

खासदार श्री. पवार म्हणाले, यापूर्वी लोकमान्य टिळक पुरस्कार हा इंदिरा गांधी, खान अब्दुल गफार खान, शंकर दयाल शर्मा, अटलबिहारी वाजपेयी, बाळासाहेब देवरस, मनमोहन सिंह यांना मिळाला होता. या नेत्यांच्या पंक्तीत नरेंद्र मोदी यांचा समावेश झाला याचा आनंद आहे. देशाच्या जडणघडणीमध्ये लोकमान्य टिळक व महात्मा गांधी यांचे मोलाचे योगदान आहे. नव्या पिढीला या कर्तृत्ववान दृष्टीचा आदर्श अखंडपणे प्रेरणा देईल.

स्वागत करताना ट्रस्टचे अध्यक्ष डॉ. टिळक यांनी लोकमान्य टिळक यांचे व्यक्तीमत्व आणि कार्य यांची ओळख करुन दिली. तसेच ४१ वा लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांना प्रदान करण्यामागील भूमिका विषद केली.

यावेळी महसूल मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील यांच्यासह विशेष निमंत्रित व नागरिक उपस्थित होते. कार्यक्रमापूर्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी दगडुशेठ हलवाई गणपतीचे दर्शन घेतले.

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