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आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 21 अगस्त 2023 दिन – सोमवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 21 अगस्त 2023
दिन – सोमवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – पंचमी रात्रि 02:00 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*⛅नक्षत्र – चित्रा पूर्ण रात्रि तक*
*⛅योग – शुभ रात्रि 10:21 तक तत्पश्चात शुक्ल*
*⛅राहु काल – सुबह 07:54 से 09:30 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:18*
*⛅सूर्यास्त – 07:07*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:49 से 05:33 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:21 से 01:05 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – नागपंचमी*
*⛅विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹 नागपंचमी : 21 अगस्त 2023 🌹*

*🌹 श्रावण शुक्ल पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है । यह नागों की पूजा का पर्व है । मनुष्यों और नागों का संबंध पौराणिक कथाओं से झलकता रहा है । शेषनाग के सहस्र फनों पर पृथ्वी टिकी है, भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषशैय्या पर सोते हैं, शिवजी के गले में सर्पों के हार हैं, कृष्ण जन्म पर नाग की सहायता से ही वसुदेवजी ने यमुना पार की थी । जनमेजय ने पिता परीक्षित की मृत्यु का बदला लेने हेतु सर्पों का नाश करने वाला जो सर्पयज्ञ आरम्भ किया था, वह आस्तीक मुनि के कहने पर इसी पंचमी के दिन बंद किया गया था । यहाँ तक कि समुद्र-मंथन के समय देवताओं की भी मदद वासुकि नाग ने की थी । अतः नाग देवता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है – नागपंचमी ।*

*🌹श्रावण मास में ही क्यों मनाते हैं नागपंचमी ? 🌹*

*🌹 वर्षा ऋतु में वर्षा का जल धीरे-धीरे धरती में समाकर साँपों के बिलों में भर जाता है । अतः श्रावण मास के काल में साँप सुरक्षित स्थान की खोज में बाहर निकलते हैं । सम्भवतः उस समय उनकी रक्षा करने हेतु एवं सर्पभय व सर्पविष से मुक्ति के लिए हमारी भारतीय संस्कृति में इस दिन नागपूजन, उपवास आदि की परम्परा रही है ।*

*🌹 सर्प हैं खेतों के ʹक्षेत्रपालʹ 🌹*

*🌹 भारत देश कृषिप्रधान देश है । साँप खेती का रक्षण करते हैं, इसलिए उसे ʹक्षेत्रपालʹ कहते हैं । जीव-जंतु, चूहे आदि जो फसल का नुकसान करने वाले तत्त्व हैं, उनका नाश करके साँप हमारे खेतों को हराभरा रखते हैं । इस तरह साँप मानवजाति की पोषण व्यवस्था का रक्षण करते हैं । ऐसे रक्षक की हम नागपंचमी को पूजा करते हैं ।*

*🌹 कैसे मनाते हैं नागपंचमी ? 🌹*

*🔸इस दिन कुछ लोग उपवास करते हैं । नागपूजन के लिए दरवाजे के दोनों ओर गोबर या गेरुआ या लेपन (पिसे हुए चावल व हल्दी का गीला लेप) से नाग बनाया जाता है । कहीं-कहीं मूँज की रस्सी में 7 गाँठें लगाकर उसे साँप का आकार देते हैं। पटरे या जमीन को गोबर से लीपकर, उस पर साँप का चित्र बना के पूजा की जाती है । गंध, पुष्प, कच्चा दूध, खीर, भीगे चने, लावा आदि से नागपूजा होती है । जहाँ साँप की बाँबी दिखे, वहाँ कच्चा दूध और लावा चढ़ाया जाता है । इस दिन सर्पदर्शन बहुत शुभ माना जाता है ।*

*🔸नागपूजन करते समय इन 12 प्रसिद्ध नागों के नाम लिये जाते हैं – धृतराष्ट्र, कर्कोटक, अश्वतर, शंखपाल, पद्म, कम्बल, अनंत, शेष, वासुकि, पिंगल, तक्षक, कालिय और इनसे अपने परिवार की रक्षा हेतु प्रार्थना की जाती है । इस दिन सूर्यास्त के बाद जमीन खोदना निषिद्ध है ।*

*🌹 नागपंचमी का सदभावना संदेश 🌹*

*🌹 यह उत्सव प्रकृति-प्रेम को उजागर करता है । हमारी भारतीय संस्कृति हिंसक प्राणियों में भी अपना आत्मदेव निहारकर सदभाव रखने की प्रेरणा देती है । नागपंचमी का यह उत्सव नागों की पूजा तथा स्तुति द्वारा नागों के प्रति नफरत व भय को आत्मिक प्रेम व निर्भयता में परिणत करने का संदेश देता है ।*

*🌹 काल सर्प योग विशेष 🌹*

*🌹 नाग पंचमी के दिन, जिन को काल सर्प योग है, वे शांति के लिए ये उपाय करें । पंचमी के दिन पीपल के नीचे, एक कटोरी में कच्चा दूध रख दीजिये, घी का दीप जलाएं, कच्चा आटा, घी और गुड़ मिला कर एक छोटा लड्डू बना के रख दें और ये मंत्र बोल कर प्रार्थना करें :-*

*🌹 ॐ अनंताय नमः*
*🌹 ॐ वासुकाय नमः*
*🌹 ॐ शंख पालाय नमः*
*🌹 ॐ तक्षकाय नमः*
*🌹 ॐ कर्कोटकाय नमः*
*🌹 ॐ धनंजयाय नमः*
*🌹 ॐ ऐरावताय नमः*
*🌹 ॐ मणि भद्राय नमः*
*🌹 ॐ धृतराष्ट्राय नमः*
*🌹 ॐ कालियाये नमः*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 20 अगस्त 2023 दिन – रविवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 20 अगस्त 2023 दिन – रविवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – चतुर्थी रात्रि 12:21 तक तत्पश्चात पंचमी*
*⛅नक्षत्र – हस्त 21 अगस्त प्रातः 04:22 तक तत्पश्चात चित्रा*
*⛅योग – साध्य रात्रि 09:59 तक तत्पश्चात शुभ*
*⛅राहु काल – शाम 05:32 से 07:08 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:18*
*⛅सूर्यास्त – 07:08*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:49 से 05:33 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:21 से 01:05 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी*
*⛅विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹विनायक चतुर्थी – 20 अगस्त 2023🔹*

*🔸विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व है । गणेश जी की पूजा सुख, शांति और धन प्राप्ति के लिए की जाती है। भविष्य पुराण में भी कहा गया है । कि विनायक चतुर्थी का व्रत करने से हर तरह के कष्ट दूर होते हैं और धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, विद्या, धन तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है ।*

*🔹औषधीय गुणों से भरपूर व विविध रोगों में लाभदायी तोरई🔹*

*🔸तोरई पथ्यकर (स्वास्थ्य के लिए हितकर), औषधीय गुणों से युक्त व स्वादिष्ट सब्जी है । आयुर्वेद के अनुसार यह स्निग्ध, शीतल, भूखवर्धक, मल-मूत्र को साफ़ लाने में सहायक व कृमिनाशक होती है । यह पित्त-विकृति को दूर करती है फिर भी कफवर्धक नहीं है । उष्ण प्रकृतिवालों के लिए एवं पित्तजन्य व्याधियों तथा सुजाक, बवासीर, पेशाब में खून आना, बुखार एवं बुखार के बाद आयी हुई कमजोरी, कृमि, अरुचि, पीलिया आदि में यह विशेष पथ्यकर है । यह शरीर में तरावट लाती है तथा रोगों से बचाती है ।*

*🔸आधुनिक अनुसंधान के अनुसार तोरई में विटामिन ‘बी’ व ‘सी’ एवं मैग्नेशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस , जिंक, लौह तत्त्व, रेशे, बीटा केरोटिन और थायमीन प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं । तोरई शुक्रधातु की क्षीणता से दुर्बल हुए व्यक्ति, श्रमजीवी व बालकों को विशेष शक्ति प्रदान करनेवाली है । इसका सेवन कम-से कम मसाले डालकर सब्जी, सूप बना के अथवा दाल के साथ पका के हफ्ते में २-३ बार करना चाहिए ।*

*🔸इसमें जीवाणुरोधी गुण पायें जाते हैं । इसका आहार में समावेश करने से आमाशय-अल्सर से रक्षा होती है यह हड्डियों को मजबूत करने में सहायक है ।*

*🔹तोरई के सेवन से होनेवाले लाभ🔹*

*🔸१) इसमें पाया जानेवाला बीटा केरोटिन नेत्रज्योति बढ़ाने में सहायक है ।*

*🔸२) यह रक्तशुद्धि करने तथा यकृत के स्वास्थ्य को सुधारने में भी फायदेमंद है ।*

*🔸३) तोरई में रेशे होने के कारण जिन लोगों को पाचनतंत्र के विकार रहते हों उनके लिए इसका सेवन अधिक लाभप्रद है । जिन्हें कब्ज की शिकायत रहती हो उन्हें शाम के भोजन में तोरई की रसदार सब्जी खानी चाहिए । पाचन में सुधार होने के कारण तोरई के सेवन से त्वचा में निखार आता है ।*

*🔸४) घी में जीरे का छौंक लगाकर धनिया डाल के बनायीं गयी तोरई की सब्जी खाने से नकसीर, रक्तपित्त, बवासीर तथा शरीर व पेशाब में होनेवाली जलन में लाभ होता है ।*

*🔸५) तोरई शराब व नशे के दुष्प्रभाव को कम करने में मदद करती है ।*

*🔸६) इसमें वसा, कोलेस्ट्रॉल व कैलोरी कम होने के कारण यह वजन कम करने तथा ह्रदयरोग व मधुमेह में लाभदायी है ।*

*🔸७) पेट के कीड़े नष्ट करने के लिए तोरई की सब्जी नियमित खायें अथवा तोरई को पानी में उबालकर सूप बनायें व उसमें नमक मिला के दिन में दो बार लें ।*

*🔹सावधानी : पेचिश, मंदाग्नि, बार-बार मल प्रवृत्ति की समस्या में तोरई का सेवन नही करना चाहिए । पुरानी सख्त तोरई नहीं खानी चाहिए ।*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 20 अगस्त 2023 दिन – रविवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 20 अगस्त 2023 दिन – रविवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – चतुर्थी रात्रि 12:21 तक तत्पश्चात पंचमी*
*⛅नक्षत्र – हस्त 21 अगस्त प्रातः 04:22 तक तत्पश्चात चित्रा*
*⛅योग – साध्य रात्रि 09:59 तक तत्पश्चात शुभ*
*⛅राहु काल – शाम 05:32 से 07:08 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:18*
*⛅सूर्यास्त – 07:08*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:49 से 05:33 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:21 से 01:05 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी*
*⛅विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹विनायक चतुर्थी – 20 अगस्त 2023🔹*

*🔸विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व है । गणेश जी की पूजा सुख, शांति और धन प्राप्ति के लिए की जाती है। भविष्य पुराण में भी कहा गया है । कि विनायक चतुर्थी का व्रत करने से हर तरह के कष्ट दूर होते हैं और धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, विद्या, धन तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है ।*

*🔹औषधीय गुणों से भरपूर व विविध रोगों में लाभदायी तोरई🔹*

*🔸तोरई पथ्यकर (स्वास्थ्य के लिए हितकर), औषधीय गुणों से युक्त व स्वादिष्ट सब्जी है । आयुर्वेद के अनुसार यह स्निग्ध, शीतल, भूखवर्धक, मल-मूत्र को साफ़ लाने में सहायक व कृमिनाशक होती है । यह पित्त-विकृति को दूर करती है फिर भी कफवर्धक नहीं है । उष्ण प्रकृतिवालों के लिए एवं पित्तजन्य व्याधियों तथा सुजाक, बवासीर, पेशाब में खून आना, बुखार एवं बुखार के बाद आयी हुई कमजोरी, कृमि, अरुचि, पीलिया आदि में यह विशेष पथ्यकर है । यह शरीर में तरावट लाती है तथा रोगों से बचाती है ।*

*🔸आधुनिक अनुसंधान के अनुसार तोरई में विटामिन ‘बी’ व ‘सी’ एवं मैग्नेशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस , जिंक, लौह तत्त्व, रेशे, बीटा केरोटिन और थायमीन प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं । तोरई शुक्रधातु की क्षीणता से दुर्बल हुए व्यक्ति, श्रमजीवी व बालकों को विशेष शक्ति प्रदान करनेवाली है । इसका सेवन कम-से कम मसाले डालकर सब्जी, सूप बना के अथवा दाल के साथ पका के हफ्ते में २-३ बार करना चाहिए ।*

*🔸इसमें जीवाणुरोधी गुण पायें जाते हैं । इसका आहार में समावेश करने से आमाशय-अल्सर से रक्षा होती है यह हड्डियों को मजबूत करने में सहायक है ।*

*🔹तोरई के सेवन से होनेवाले लाभ🔹*

*🔸१) इसमें पाया जानेवाला बीटा केरोटिन नेत्रज्योति बढ़ाने में सहायक है ।*

*🔸२) यह रक्तशुद्धि करने तथा यकृत के स्वास्थ्य को सुधारने में भी फायदेमंद है ।*

*🔸३) तोरई में रेशे होने के कारण जिन लोगों को पाचनतंत्र के विकार रहते हों उनके लिए इसका सेवन अधिक लाभप्रद है । जिन्हें कब्ज की शिकायत रहती हो उन्हें शाम के भोजन में तोरई की रसदार सब्जी खानी चाहिए । पाचन में सुधार होने के कारण तोरई के सेवन से त्वचा में निखार आता है ।*

*🔸४) घी में जीरे का छौंक लगाकर धनिया डाल के बनायीं गयी तोरई की सब्जी खाने से नकसीर, रक्तपित्त, बवासीर तथा शरीर व पेशाब में होनेवाली जलन में लाभ होता है ।*

*🔸५) तोरई शराब व नशे के दुष्प्रभाव को कम करने में मदद करती है ।*

*🔸६) इसमें वसा, कोलेस्ट्रॉल व कैलोरी कम होने के कारण यह वजन कम करने तथा ह्रदयरोग व मधुमेह में लाभदायी है ।*

*🔸७) पेट के कीड़े नष्ट करने के लिए तोरई की सब्जी नियमित खायें अथवा तोरई को पानी में उबालकर सूप बनायें व उसमें नमक मिला के दिन में दो बार लें ।*

*🔹सावधानी : पेचिश, मंदाग्नि, बार-बार मल प्रवृत्ति की समस्या में तोरई का सेवन नही करना चाहिए । पुरानी सख्त तोरई नहीं खानी चाहिए ।*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

श्रावण महिन्यानिमित्त विविध तीर्थक्षेत्रांना भेटी देण्यासाठी महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडळाचा निर्णय

श्रावण महिन्यानिमित्त विविध तीर्थक्षेत्रांना भेटी देण्यासाठी महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडळाच्या विविध

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आगारांच्या माध्यमातून ‘श्रावणात एसटी संगे तीर्थाटन’ हा अभिनव उपक्रम सुरू करण्यात आला आहे. यात ज्येष्ठ नागरिक, महिला यांना मोफत आणि माफक दरात तीर्थाटनाचा आनंद घेता येणार आहे. या उपक्रमाचे कौतुक करतानाच महामंडळाने प्रवाशांना अधिक दर्जेदार सुविधा देण्याचे आवाहन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी केले आहे.

राज्यसभेतील २७ खासदार अब्जाधीश;तर यामध्ये भाजपचे ६ खासदारांचा समावेश आहे.कोणत्या पक्षात जास्त गुन्हेगार?

नवी दिल्ली : राज्यसभेतील २२५ खासदारांपैकी १२ टक्के म्हणजे २७ जण अब्जाधीश असून त्यात भाजपच्या ६ खासदारांचा समावेश आहे. अतिश्रीमंत खासदारांमध्ये आंध्र प्रदेश, तेलंगणाचा वरचष्मा आहे असे असोसिएशन ऑफ डेमोक्रॅटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) व नॅशनल इलेक्शन वॉच (न्यू) या दोन संघटनांनी केलेल्या संयुक्त पाहणीच्या निष्कर्षांत म्हटले आहे, तर ७५ खासदारांवर ७५ खासदारांवर गंभीर स्वरूपाचे गुन्हे दाखल आहेत.*

*👉🔴🔴👉७ खासदारांची मालमत्ता ५,५९६ कोटी*

*तेलंगणातील ७, तसेच आंध्र प्रदेशमधील ११ राज्यसभा खासदारांची एकूण मालमत्ता अनुक्रमे ५,५९६ कोटी रुपये व ३८२३ कोटी रुपये आहे. उत्तर प्रदेशच्या ३० राज्यसभा खासदारांची मालमत्ता १९४१ कोटी रुपये आहे.*

*👉🛑🛑👉एडीआर व न्यूने राज्यसभेतील २३३ पैकी २२५ खासदारांच्या सांपत्तिक, तसेच अन्य बाबींबद्दल उपलब्ध माहितीचे विश्लेषण केले. राज्यसभेत सध्या एक जागा रिक्त आहे. तीन खासदारांची प्रतिज्ञापत्रे उपलब्ध होऊ शकली नाहीत, तर जम्मू-काश्मीरमधील राज्यसभेच्या ४ जागा अनडिफाइंड म्हणजे त्यांची वर्गवारी अद्याप निश्चित झालेली नाही.*

*🔺🔺३३ टक्के खासदारांवर फौजदारी गुन्हे*
*🔺🔺४१ जण गंभीर स्वरूपात आरोपी*
*🔺🔺२ खासदारांवर हत्येच्या गुन्ह्याची (भारतीय दंडसंहितेच्या कलम ३०२ नुसार) नोंद आहे.*
*🔺🔺४ खासदारांवर महिलांवर अत्याचार केल्याचा गुन्हा आहे.*
*🔺🔺बलात्काराचा (भारतीय दंडसंहितेचे कलम ३० नुसार) गुन्हा खासदार के. सी. वेणूगोपाल यांच्यावर आहे.*

*👉🅾️🅾️👉पक्षनिहाय १०० कोटींचे मालक*

*६ भाजप, ४ काँग्रेस, ३ आप, ३ भारास, २ राजद. वायएसआरसीपी ४*

*👉🔴🔴👉कोणत्या पक्षात जास्त गुन्हेगार*

*भाजप (८५ पैकी २३), काँग्रेस (३० पैकी १२), तृणमूल (१३ पैकी ४), राजद (६ पैकी ५), माकप (५ पैकी ४), आप (१० पैकी ३), वायएसआरसीपी (९ पैकी ३), गुन्हेगार खासदार राष्ट्रवादी (३ पैकी २)*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 18 अगस्त 2023 दिन – शुक्रवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 18 अगस्त 2023
दिन – शुक्रवार

*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 19

45*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – द्वितीया रात्रि 08:01 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 10:57 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
*⛅योग – शिव रात्रि 08:28 तक तत्पश्चात सिद्ध*
*⛅राहु काल – सुबह 11:07 से 12:43 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:17*
*⛅सूर्यास्त – 07:10*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:48 से 05:33 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:21 से 01:06 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌹 *मघा नक्षत्र के बारिश जल की महिमा 🌹*

*🌹वर्षा ऋतु में सूर्य का मघा नक्षत्र में भ्रमण बहुत ही लाभदायक है । मघा नक्षत्र के बारे में कहा जाता है कि _”मघा के बरसे, माता के परसे”_*
*अर्थात, जैसे बालक का पेट माता द्वारा भोजन कराने से ही भरता है, वैसे ही मघा नक्षत्र की वर्षा ही धरती माता की प्यास बुझाती है जिससे फसल भी अच्छी होती है ।*

*🌹 मघा नक्षत्र में वर्षा हो तो उस वर्षा का जल गुणों में ‘सोने के समान व पवित्रता में गंगाजल के समान’ माना जाता है ।*

*🌹इस जल को किसी बर्तन में भर कर पूरे वर्ष रखे जाने पर भी यह किसी प्रकार से खराब नहीं होता, इसमें कीड़े नही पड़ते ।*
*खंभात (गुजरात) में हर घर में बारिश के पानी को इकट्ठा करने के लिए बड़े-बड़े टैंक थे और आज भी ये टैंक कुछ घरों में पाए जाते हैं जहाँ खंभातवासी वर्षा का जल एकत्र कर उसका उपयोग करते हैं ।*
*🔹 इस जल का उपयोग किसलिए किया जा सकता है ?*

*👉🏻 परमात्मा के दिव्य-अभिषेक के लिए उत्तम जल ।*

*👉🏻 आँखों के किसी भी रोग में दो-दो बूंद आँखों में डाल सकते हैं ।*

*👉🏻 किसी भी प्रकार के पेट दर्द में इस जल का सेवन बहुत फायदेमंद है ।*

*👉🏻 यह जल बच्चों को पिलाने से, उनके पेट में कृमि हो तो निकल जाती है ।*

*👉🏻 यदि आप कोई आयुर्वेदिक दवा ले रहे हैं तो इस जल के साथ लेने से उसके लाभ बढ़ जाते हैं ।*

*👉🏻 इस जल में भोजन बनाना भी बहुत स्वादवर्धक और स्वास्थकारक है ।*

*🔹 ‘महत्वपूर्ण सूचना’ :- इस वर्ष सूर्य की कक्षा मघा नक्षत्र में 17/08/2023 से 31/08/2023 तक रहेगी ।*

*🔹इन दिनों में जब भी बारिश हो, जितना हो सके बारिश का पानी इकट्ठा कर लें । इन दिनों में खुले मैदान में ताँबा, पीतल, काँसा या स्टील के पात्र इस प्रकार रखें कि वर्षा का जल सीधे आपके द्वारा रखे गए पात्रों में भर जाए ।*

*🔹कैसे भी खतरनाक रोग में… 🔹*

*🔸कैसा भी खतरनाक रोग हो- कैंसर, रक्तचाप, हृदय के वाल्व का रोग, मस्तिष्क के भयंकर रोग, जिनमें डॉक्टर, हकीम लोगों ने हार मान ली हो, ऐसे रोगों से ग्रस्त रोगी को सोचना चाहिए कि ‘जो बीमार होता है वह मैं नहीं हूँ । बीमार यह देह है । मैं तो चैतन्य हूँ । मैं तो अमर आत्मा हूँ । मैं व्यापक परमात्मा से भिन्न नहीं हूँ । हरि ॐ… हरि ॐ… हरि ॐ…’ इस प्रकार हरि ॐ के उच्चारण के साथ आत्मविचार करना चाहिए । इसके अतिरिक्त रोगी को निम्नलिखित प्रयोग करने चाहिए ।*

*🔸पहला प्रयोग : प्रातःकाल, मध्याह्नकाल और सायंकाल एक बंद कमरे में सीटी बजाकर ३० मिनट तक हँसना चाहिए। हँसी न आये तो भी झूठमूठ हँसे ।*

*🔸दूसरा प्रयोग : तुलसी के पत्तों का १० ग्राम रस और १० ग्राम शुद्ध शहद अथवा तुलसी के पत्तों का १० ग्राम रस और ४०-५० ग्राम ताजा दही (जो खट्टा न हो । हो सके तो गाय के दूध का दही) सुबह, दोपहर और शाम को लेना चाहिए ।*

*🔸तीसरा प्रयोग : तुलसी के ताजे पत्तों की माला बनाकर गले में पहननी चाहिए और २४ घण्टे के बाद रोज प्रातः काल माला बदलनी चाहिए ।*

*🔸ये तीनों उपाय करने से कैसे भी रोग में, चाहे डॉक्टरों ने हार मान ली हो, अवश्य चमत्कारिक लाभ होता है ।*

*🔹निराशा के क्षणों में… 🔹*

*🔸अपने मन में हिम्मत और दृढ़ता का संचार करते हुए अपने आपसे कहो कि “मेरा जन्म परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने के लिए हुआ है, पराजित होने के लिए नहीं । मैं इश्वर का, चैतन्य का सनातन अंश हूँ । जीवन में सदैव सफलता व प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए ही मेरा जन्म हुआ है, असफलता या पराजय के लिए नहीं । मैं अपने मन में दीनता हीनता और पलायनवादिता के विचार कभी नहीं आने दूँगा । किसी भी कीमत पर मैं निराशा के हाथों अपनी शक्तियों का नाश नहीं होने दूँगा ।”*

*🔸दु:खाकार वृत्ति से दु:ख बनता है । वृत्ति बदलने की कला का उपयोग करके दु:खाकार वृत्ति को काट देना चाहिए ।*

*🔸आज से ही निश्चय कर लो कि “आत्म साक्षात्कार के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ता रहूँगा । नकारात्मक या फरियादात्मक विचार करके दु:ख को बढ़ाऊँगा नहीं, अपितु सुख दु:ख से परे आनंदस्वरुप आत्मा का चिन्तन करुँगा ।”*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 18 अगस्त 2023 दिन – शुक्रवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 18 अगस्त 2023
दिन – शुक्रवार

*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 19

45*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – द्वितीया रात्रि 08:01 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 10:57 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
*⛅योग – शिव रात्रि 08:28 तक तत्पश्चात सिद्ध*
*⛅राहु काल – सुबह 11:07 से 12:43 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:17*
*⛅सूर्यास्त – 07:10*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:48 से 05:33 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:21 से 01:06 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌹 *मघा नक्षत्र के बारिश जल की महिमा 🌹*

*🌹वर्षा ऋतु में सूर्य का मघा नक्षत्र में भ्रमण बहुत ही लाभदायक है । मघा नक्षत्र के बारे में कहा जाता है कि _”मघा के बरसे, माता के परसे”_*
*अर्थात, जैसे बालक का पेट माता द्वारा भोजन कराने से ही भरता है, वैसे ही मघा नक्षत्र की वर्षा ही धरती माता की प्यास बुझाती है जिससे फसल भी अच्छी होती है ।*

*🌹 मघा नक्षत्र में वर्षा हो तो उस वर्षा का जल गुणों में ‘सोने के समान व पवित्रता में गंगाजल के समान’ माना जाता है ।*

*🌹इस जल को किसी बर्तन में भर कर पूरे वर्ष रखे जाने पर भी यह किसी प्रकार से खराब नहीं होता, इसमें कीड़े नही पड़ते ।*
*खंभात (गुजरात) में हर घर में बारिश के पानी को इकट्ठा करने के लिए बड़े-बड़े टैंक थे और आज भी ये टैंक कुछ घरों में पाए जाते हैं जहाँ खंभातवासी वर्षा का जल एकत्र कर उसका उपयोग करते हैं ।*
*🔹 इस जल का उपयोग किसलिए किया जा सकता है ?*

*👉🏻 परमात्मा के दिव्य-अभिषेक के लिए उत्तम जल ।*

*👉🏻 आँखों के किसी भी रोग में दो-दो बूंद आँखों में डाल सकते हैं ।*

*👉🏻 किसी भी प्रकार के पेट दर्द में इस जल का सेवन बहुत फायदेमंद है ।*

*👉🏻 यह जल बच्चों को पिलाने से, उनके पेट में कृमि हो तो निकल जाती है ।*

*👉🏻 यदि आप कोई आयुर्वेदिक दवा ले रहे हैं तो इस जल के साथ लेने से उसके लाभ बढ़ जाते हैं ।*

*👉🏻 इस जल में भोजन बनाना भी बहुत स्वादवर्धक और स्वास्थकारक है ।*

*🔹 ‘महत्वपूर्ण सूचना’ :- इस वर्ष सूर्य की कक्षा मघा नक्षत्र में 17/08/2023 से 31/08/2023 तक रहेगी ।*

*🔹इन दिनों में जब भी बारिश हो, जितना हो सके बारिश का पानी इकट्ठा कर लें । इन दिनों में खुले मैदान में ताँबा, पीतल, काँसा या स्टील के पात्र इस प्रकार रखें कि वर्षा का जल सीधे आपके द्वारा रखे गए पात्रों में भर जाए ।*

*🔹कैसे भी खतरनाक रोग में… 🔹*

*🔸कैसा भी खतरनाक रोग हो- कैंसर, रक्तचाप, हृदय के वाल्व का रोग, मस्तिष्क के भयंकर रोग, जिनमें डॉक्टर, हकीम लोगों ने हार मान ली हो, ऐसे रोगों से ग्रस्त रोगी को सोचना चाहिए कि ‘जो बीमार होता है वह मैं नहीं हूँ । बीमार यह देह है । मैं तो चैतन्य हूँ । मैं तो अमर आत्मा हूँ । मैं व्यापक परमात्मा से भिन्न नहीं हूँ । हरि ॐ… हरि ॐ… हरि ॐ…’ इस प्रकार हरि ॐ के उच्चारण के साथ आत्मविचार करना चाहिए । इसके अतिरिक्त रोगी को निम्नलिखित प्रयोग करने चाहिए ।*

*🔸पहला प्रयोग : प्रातःकाल, मध्याह्नकाल और सायंकाल एक बंद कमरे में सीटी बजाकर ३० मिनट तक हँसना चाहिए। हँसी न आये तो भी झूठमूठ हँसे ।*

*🔸दूसरा प्रयोग : तुलसी के पत्तों का १० ग्राम रस और १० ग्राम शुद्ध शहद अथवा तुलसी के पत्तों का १० ग्राम रस और ४०-५० ग्राम ताजा दही (जो खट्टा न हो । हो सके तो गाय के दूध का दही) सुबह, दोपहर और शाम को लेना चाहिए ।*

*🔸तीसरा प्रयोग : तुलसी के ताजे पत्तों की माला बनाकर गले में पहननी चाहिए और २४ घण्टे के बाद रोज प्रातः काल माला बदलनी चाहिए ।*

*🔸ये तीनों उपाय करने से कैसे भी रोग में, चाहे डॉक्टरों ने हार मान ली हो, अवश्य चमत्कारिक लाभ होता है ।*

*🔹निराशा के क्षणों में… 🔹*

*🔸अपने मन में हिम्मत और दृढ़ता का संचार करते हुए अपने आपसे कहो कि “मेरा जन्म परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने के लिए हुआ है, पराजित होने के लिए नहीं । मैं इश्वर का, चैतन्य का सनातन अंश हूँ । जीवन में सदैव सफलता व प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए ही मेरा जन्म हुआ है, असफलता या पराजय के लिए नहीं । मैं अपने मन में दीनता हीनता और पलायनवादिता के विचार कभी नहीं आने दूँगा । किसी भी कीमत पर मैं निराशा के हाथों अपनी शक्तियों का नाश नहीं होने दूँगा ।”*

*🔸दु:खाकार वृत्ति से दु:ख बनता है । वृत्ति बदलने की कला का उपयोग करके दु:खाकार वृत्ति को काट देना चाहिए ।*

*🔸आज से ही निश्चय कर लो कि “आत्म साक्षात्कार के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ता रहूँगा । नकारात्मक या फरियादात्मक विचार करके दु:ख को बढ़ाऊँगा नहीं, अपितु सुख दु:ख से परे आनंदस्वरुप आत्मा का चिन्तन करुँगा ।”*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

इंदापूर न्यायालयात सौ वडगावकर कोर्टात आरोपीस कलम 279, 337 अंतर्गत तीन हजार रुपये अपघातात जखमीस नुकानभरपाई व कोर्ट उठेपर्यंत शिक्षा

इंदापूर न्यायालयात सौ वडगावकर कोर्टात आरोपीस कलम 279 337 अंतर्गत  कोर्ट उठेपर्यंत शिक्षा व 3000 रूपये  रक्कम आरोपीने अपघातात जखमीस नुकसान भरपाई म्हणून देण्याचा आदेश कोर्टाने केला आहे

केस नंबर SCC 404/2014
गुन्हा कलम 279,337
या मध्ये सरकरी वकील म्हणून सौ कीर्ती कस्तुरे – गाढवे यानी काम पाहिले , तपासी अधकारी म्हणून सुधाकर माधव जाधव यांनी काम पाहिले

इंदापूर न्यायालयात सौ वडगावकर कोर्टात आरोपीस कलम 279, 337 अंतर्गत तीन हजार रुपये अपघातात जखमीस नुकानभरपाई व कोर्ट उठेपर्यंत शिक्षा

इंदापूर न्यायालयात सौ वडगावकर कोर्टात आरोपीस कलम 279 337 अंतर्गत  कोर्ट उठेपर्यंत शिक्षा व 3000 रूपये  रक्कम आरोपीने अपघातात जखमीस नुकसान भरपाई म्हणून देण्याचा आदेश कोर्टाने केला आहे

केस नंबर SCC 404/2014
गुन्हा कलम 279,337
या मध्ये सरकरी वकील म्हणून सौ कीर्ती कस्तुरे – गाढवे यानी काम पाहिले , तपासी अधकारी म्हणून सुधाकर माधव जाधव यांनी काम पाहिले

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 17 अगस्त 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 17 अगस्त 2023
दिन – गुरुवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – प्रतिपदा शाम 05:35 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – मघा रात्रि 07:58 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
*⛅योग – परिघ रात्रि 07:30 तक तत्पश्चात शिव*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:20 से 03:57 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:17*
*⛅सूर्यास्त – 07:11*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:48 से 05:32 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:22 से 01:06 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – विष्णुपदी-सिंह संक्रांति, चन्द्र- दर्शन (शाम 07:11 से 07:57 तक)*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔸विष्णुपदी-सिंह संक्रांति – 17 अगस्त 2023🔸*

*🌹 पुण्यकाल : सुबह 06:51 से दोपहर 01:44 तक*

*🌹 विष्णुपदी संक्रांति में किये गये जप-ध्यान व पुण्यकर्म का फल लाख गुना होता है । (पद्म पुराण)*

*🔸बोधायन ऋषि प्रणित – दरिद्रतानाशक प्रयोग🔸*

*🌹२८ दिन ( ४ सप्ताह ) तक सफेद बछड़ेवाली सफेद गाय के दूध की खीर बनायें । खीर बनाते समय दूध को ज्यादा उबालना नहीं चाहिए । चावल पानी में पकायें, फिर दूध डालकर एक – दो उबाल दे दें । उस खीर का सूर्यनारायण को भोग लगायें ।*

*🌹 सूर्यनारायण का स्मरण करें और खीर को देखते – देखते संकल्प कर के एक हजार बार ‘ॐ’ कार का जप करें ।*
*ॐकार मंत्र:, गायत्री छंद: , भगवान नारायण ऋषि:, अन्तर्यामी परमात्मा देवता, अन्तर्यामी प्रीत्यर्थे, परमात्मप्राप्ति अर्थे जपे विनियोग: ।*

*🌹 इससे ब्रह्मचर्य की रक्षा होगी, तेजस्विता बढ़ेगी तथा सात जन्मों की दरिद्रता दूर होकर सुख – सम्पदा की प्राप्ति होगी ।*

*🔹करेले के औषधीय प्रयोग🔹*

*🔸मधुमेह ( डायबिटीज ) : आधा किलो करेले काटकर १ तसले में ले के सुबह आधे घंटे तक पैरों से कुचलें । १५ दिन तक नियमित रूप से यह प्रयोग करने से रक्त – शर्करा (ब्लड शुगर) नियंत्रित हो जाती है । प्रयोग के दिनों में करेले की सब्जी खाना विशेष लाभप्रद है ।*

*🔹तिल्ली व यकृत वृद्धि🔹*

*🔸१] करेले का रस २० ग्राम, राई का चूर्ण ५ ग्राम, सेंधा नमक ३ ग्राम –  इन  सबको मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से तिल्ली व यकृत (लीवर ) वृद्धि में लाभ होता है ।*

*🔸२] आधा कप करेले के रस में आधा कप पानी व २ चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह – शाम पियें ।*

*🔸रक्ताल्पता : करेलों अथवा करेले के पत्तों का २ – २ चम्मच रस सुबह – शाम लेने से खून की कमी में लाभ होता हैं ।*

*🔸मासिक की समस्या : मासिक कम आने या नहीं आने की स्थिति में करेले का रस ४० मि. ली. दिन में २ बार लें । अधिक मासिक में करेले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔸गठिया : करेले या करेले के पत्तों का रस गर्म करके दर्द और सूजनवाले स्थान पर लगाने व करेले की सब्जी खाने से आराम मिलता हैं ।*

*🔸तलवों में जलन : पैर के तलवों में होनेवाली जलन में करेले का रस लगाने या करेला घिसने से लाभ होता हैं ।*

*🔸विशेष : करेले का रस खाली पेट पीना अधिक लाभप्रद हैं । बड़े करेले की अपेक्षा छोटा करेला अधिक गुणकारी होता हैं ।*

*🔹सावधानियाँ : जिन्हें आँव की तकलीफ हो, पाचनशक्ति कमजोर हो, मल के साथ रक्त आता हो, बार – बार मुँह में छाले पड़ते हों तथा जो दुर्बल प्रकृति के हों उन्हें करेले का सेवन नहीं करना चाहिए । करेले कार्तिक मास में वर्जित हैं ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

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