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पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनीही सुध्दा जनतेला रक्षाबंधनच्या शुभेच्छा देत लहान मुलांसमवेत रक्षाबंधन सण साजरा केला.

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पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनीही सुध्दा जनतेला रक्षाबंधनच्या शुभेच्छा देत लहान मुलांसमवेत रक्षाबंधन सण साजरा केला.*

लम्पी चर्मरोगाचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी संपूर्ण पुणे जिल्हा ‘नियंत्रित क्षेत्र’ म्हणून घोषित

लम्पी चर्मरोगाचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी संपूर्ण पुणे जिल्हा ‘नियंत्रित क्षेत्र’ म्हणून घोषित

पुणे, दि. ३०: जिल्ह्यातील शिरूर, दौंड, खेड, आंबेगाव, हवेली व मुळशी तालुक्यातील काही गोवर्गीय जनावरांमध्ये लम्पी चर्मरोगाचा प्रादुर्भाव झाल्याचे आढळून आल्यामुळे प्रतिबंधात्मक उपाययोजनांच्यादृष्टीने संक्रामक व सांसर्गिक रोगास प्रतिबंध व नियंत्रण अधिनियम २००९ नुसार जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांनी संपूर्ण पुणे जिल्हा लम्पी चर्म रोगासाठी ‘नियंत्रित क्षेत्र’ म्हणून घोषित केल्याचे आदेश जारी केले आहेत.

काही जनावरांचे लम्पी रोग नमुने सहआयुक्त पशुसंवर्धन विभाग व रोग अन्वेषण विभाग, औंध यांच्या अहवालानुसार सकारात्मक आल्याचे निदर्शनास आले आहे. त्यामुळे जिल्हाधिकारी डॉ. देशमुख यांनी हे आदेश जारी करत उपाययोजना नमूद केल्या आहेत.

गुरे आणि म्हैस वर्गीय वगळून गोजातीय प्रजातीमधील इतर सर्व प्राणी यांना ज्या ठिकाणी ते पाळले जातात त्या ठिकाणापासून नियंत्रण क्षेत्रातील किंवा क्षेत्राबाहेरील अन्य कोणत्याही ठिकाणी ने आण व वाहतूक करताना किमान २८ दिवसांपूर्वी लम्पी चर्मरोगासाठी प्रतिबंधात्मक गोट पॉक्स लसीकरण केल्याचे लसीकरण प्रमाणपत्र सोबत बाळगणे बंधनकारक राहील.

बाधीत गोजातीय प्रजातीचे जीवंत अथवा मृत प्राणी, बाधीत झालेल्या गोजातीय प्राण्यांच्या संपर्कात आलेली कोणत्याही प्रकारची वैरण, प्राण्यांच्या निवाऱ्यासाठी गवत किंवा अन्य साहित्य आणि अशा प्राण्याचे कातडी किंवा कोणताही भाग किंवा अशा प्राण्यांपासूनचे अन्य कोणतेही उत्पादन नियंत्रित क्षेत्रामधून बाहेर नेण्यास मनाई करण्यात आली आहे.

कोणत्याही गोजातीय प्रजातीच्या प्राण्याचे बाजार भरवणे व बाजारातील खरेदी विक्री करताना किमान २८ दिवसापूर्वी लम्पी चर्मरोगासाठी प्रतिबंधात्मक गोट पॉक्स लसीकरण केल्याचे लसीकरण प्रमाणपत्र व पशुवैद्यकीय अधिकाऱ्याचा आरोग्य दाखला बाजार समितीस सादर करणे बंधनकारक राहील.

गोवर्गीय प्राण्यांच्या शर्यती, जत्रा भरवणे, प्रदर्शन याठिकाणी सहभागी होणारी सर्व गोवर्गीय प्रजातीच्या जनावरांचे किमान २८ दिवसांपूर्वी लम्पी चर्म रोगासाठी प्रतिबंधात्मक गोट पॉक्स लसीकरण केल्याचे लसीकरण प्रमाणपत्र व पशुवैद्यकीय अधिकाऱ्यांचा आरोग्य दाखला आयोजकास सादर करणे बंधनकारक राहील.

प्रयोगशाळा निदानामध्ये ज्या भागातील पशुपालकाचे गोजातीय प्रर्वगातील जनावरांना लम्पी चर्म रोग झाल्याचे निष्कर्ष सकारात्मक येतील अशा ठिकाणापासून 5 कि.मी. त्रिजेच्या परिघामधील सर्व संक्रमित न झालेल्या जनावरांचे लसीकरण (रिंग व्हॅक्सीनेशन) त्वरीत करुन रोगाचा फैलाव इतरत्र होणार नाही यासाठी आवश्यक त्या सर्व उपाययोजना कराव्यात.

लम्पी रोगाचा फैलाव इतरत्र होऊ नये यासाठी केंद्र शासनाच्या मार्गदर्शक सूचनांनुसार बाह्य किटक नियंत्रण कार्यक्रम जिल्ह्यातील सर्व स्थानिक स्वराज्य संस्थांमध्ये राबविण्यात यावा.

लम्पी चर्म रोगाविषयी पशुपालकामध्ये जनजागृती होण्याच्यादृष्टीने ग्रामपंचायतीमार्फत व्यापक प्रसिद्धी करण्यात येवून रोगाचे नियंत्रण व निर्मुलन पशुसंर्वधन विभागाच्या समन्वयाने कामकाज करावे. हे आदेश पुढील आदेश निर्गमित होईपर्यंत लागू राहतील व लम्पी चर्म रोग परिस्थितीचा वेळोवेळी आढावा घेण्यात येईल, असेही आदेशात नमूद करण्यात आलेले आहे.

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 31 अगस्त 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 31 अगस्त 2023 दिन – गुरुवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – पूर्णिमा सुबह 07:06 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
*⛅नक्षत्र – शतभिषा शाम 05:45 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
*⛅योग – सुकर्मा शाम 05:16 तक तत्पश्चात धृति*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:15 से 03:49 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:21*
*⛅सूर्यास्त – 06:58*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:50 से 05:36 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:18 से 01:03 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – श्रावणी पूर्णिमा, संस्कृत दिवस, गायत्री जयंती*
*⛅विशेष – पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38/34)*

*🔸श्रावणी पूर्णिमा – 31 अगस्त 2023🔸*

*🔸रक्षा सूत्र बाँधने का शुभ मुहूर्त🔸*
*31 अगस्त प्रातः 3:32 से 4:54 तक – ब्रह्म मुहूर्त लाभ चौघड़िया*
*31 अगस्त सुबह 6:21 से 7:06 तक – शुभ अमृत चौघड़िया*

*🔹अन्नपूर्णा प्रयोग🔹*

*🔹प्रति पूर्णिमा को घर के अन्न-भंडार के स्थान पर कपास तेल का दीपक जलायें । इसके प्रभाव से घर की रसोई में बहुत बरकत होती है । यह अन्नपूर्णा प्रयोग है ।*

*🔸संतरा – फलों द्वारा स्वास्थ्य-रक्षा🔸*

*🔹यह सुपाच्य, क्षुधा व उत्साहवर्धक तथा तृप्तिदायी है ।*

*🔸निम्नलिखित सभी प्रयोगों में संतरे के रस की मात्रा : ५० से १०० मि.ली. दिन में २ बार लें ।*

*👉 (१) संतरे व नींबू का रस (१० मि.ली.) हृदय की दुर्बलता व दोष मिटानेवाला है ।*

*👉 (२) संतरे के रस में उतना ही नारियल पानी पेशाब की रुकावट दूर कर उसे स्वच्छ व खुल के लानेवाला है ।*

*👉 (३) शहदसंयुक्त संतरे का रस हृदयरोगजन्य सीने के दर्द, जकड़न व धड़कन बढ़ाने में लाभदायी है ।*

*👉 (४) संतरे के रस के साथ स्वादानुसार पुदीना, अदरक व नींबू का रस पेट के विकारों (उलटी, अरुचि, उदरवायु, दर्द व कब्ज आदि) में विशेष लाभकारी है ।*

*👉 (५) संतरे का रस व १० ग्राम सत्तू अत्यधिक मासिक स्राव व उसके कारण उत्पन्न दुर्बलता में लाभदायी है । सगर्भावस्था में इसका नियमित सेवन करने से प्रसव सुलभ हो जाता है ।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 31 अगस्त 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 31 अगस्त 2023 दिन – गुरुवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – पूर्णिमा सुबह 07:06 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
*⛅नक्षत्र – शतभिषा शाम 05:45 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
*⛅योग – सुकर्मा शाम 05:16 तक तत्पश्चात धृति*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:15 से 03:49 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:21*
*⛅सूर्यास्त – 06:58*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:50 से 05:36 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:18 से 01:03 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – श्रावणी पूर्णिमा, संस्कृत दिवस, गायत्री जयंती*
*⛅विशेष – पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38/34)*

*🔸श्रावणी पूर्णिमा – 31 अगस्त 2023🔸*

*🔸रक्षा सूत्र बाँधने का शुभ मुहूर्त🔸*
*31 अगस्त प्रातः 3:32 से 4:54 तक – ब्रह्म मुहूर्त लाभ चौघड़िया*
*31 अगस्त सुबह 6:21 से 7:06 तक – शुभ अमृत चौघड़िया*

*🔹अन्नपूर्णा प्रयोग🔹*

*🔹प्रति पूर्णिमा को घर के अन्न-भंडार के स्थान पर कपास तेल का दीपक जलायें । इसके प्रभाव से घर की रसोई में बहुत बरकत होती है । यह अन्नपूर्णा प्रयोग है ।*

*🔸संतरा – फलों द्वारा स्वास्थ्य-रक्षा🔸*

*🔹यह सुपाच्य, क्षुधा व उत्साहवर्धक तथा तृप्तिदायी है ।*

*🔸निम्नलिखित सभी प्रयोगों में संतरे के रस की मात्रा : ५० से १०० मि.ली. दिन में २ बार लें ।*

*👉 (१) संतरे व नींबू का रस (१० मि.ली.) हृदय की दुर्बलता व दोष मिटानेवाला है ।*

*👉 (२) संतरे के रस में उतना ही नारियल पानी पेशाब की रुकावट दूर कर उसे स्वच्छ व खुल के लानेवाला है ।*

*👉 (३) शहदसंयुक्त संतरे का रस हृदयरोगजन्य सीने के दर्द, जकड़न व धड़कन बढ़ाने में लाभदायी है ।*

*👉 (४) संतरे के रस के साथ स्वादानुसार पुदीना, अदरक व नींबू का रस पेट के विकारों (उलटी, अरुचि, उदरवायु, दर्द व कब्ज आदि) में विशेष लाभकारी है ।*

*👉 (५) संतरे का रस व १० ग्राम सत्तू अत्यधिक मासिक स्राव व उसके कारण उत्पन्न दुर्बलता में लाभदायी है । सगर्भावस्था में इसका नियमित सेवन करने से प्रसव सुलभ हो जाता है ।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त 2023

🪷 रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त 2023 ❤️

भाई बहन के अटूट प्यार, पवित्रता, प्रतिज्ञा और रक्षा का प्रतीक रक्षाबंधन देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर उनकी रक्षा के लिए पवित्रता का धागा बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। वहीं भाई भी संबंधों में पवित्रता और बहन की रक्षा की प्रतिज्ञा करते हैं व उनकी रक्षा का वचन देते हुए उपहार भेंट करते हैं। पौराणिक काल से रक्षाबंधन का त्योहार प्रत्येक साल सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रक्षाबंधन को राखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन पड़ रही है। ऐसे में लोगों में रक्षाबंधन को लेकर असमंजस की स्थिति है।

*क्या कहता है पंचांग*

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 30 अगस्त 2023 को प्रातः 10:59 मिनट से होगा और अगले दिन 31 अगस्त की सुबह 7.04 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। इसके बाद से भाद्रपद मास शुरू हो जाएगा।

30 अगस्त को प्रातः पूर्णिमा तिथि के आरंभ के साथ ही भद्रा आरंभ हो जाएगी जोकि रात्रि 09:02 तक रहेगी।
भद्रा होने की स्थिति में शास्त्रों में शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है।
भद्राकाल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार “भद्रा” सूर्यदेव एवं छाया देवी की पुत्री और यमराज एवं शनि देव की बहन है। शनि देव की तरह इनका स्वभाव भी क्रोधी बताया गया है। उनके स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही ब्रह्मा जी ने उन्हें काल गणना या पंचांग के एक प्रमुख अंग में विशिष्ट स्थान दिया है।
शास्त्रों में भद्रा काल में श्रावणी पर्व मनाने का निषेध कहा गया है और इस दिन भद्रा का काल रात्रि 09:02 तक रहेगा। वहीं श्रावण पूर्णिमा 31 अगस्त को सुबह 7.05 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इसलिए रात में भद्रा खत्म होने के बाद और 31 अगस्त को सुबह 7.07 बजे से पहले राखी बांधना ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
पौराणिक मान्यता के अनुसार राखी बांधने के लिए दोपहर का समय शुभ होता है, लेकिन यदि दोपहर के समय भद्रा काल हो तो फिर “प्रदोष काल” में राखी बांधना उत्तम और शुभ होता है।

रक्षाबंधन भद्रा पूंछ – शाम 05:32 – शाम 06:32 तक

रक्षाबंधन भद्रा मुख – शाम 06:32 – रात 08:11 तक

रक्षाबंधन भद्रा का अंत – रात्रि 09:02 बजे

*राखी बांधने के लिए उत्तम एवं शुभ “प्रदोष काल” मुहूर्त – 30 अगस्त रात्रि 09:03 से – मध्यरात्रि 12:20 तक परन्तु लोक मान्यतानुसार रात्रि में राखी नहीं बांधनी चाहिए। सो बहुतायत लोग रात्रि में यह पर्व नहीं मनाते।*

*31 अगस्त को पूरे दिन है रक्षाबंधन का मुहूर्त*

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हमारे जीवन में सूर्य का बहुत बड़ा महत्व है। जन्मकुंडली में भी सूर्य को ही मुख्य मान कर गणना की जाती है। आचार्यों के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा सावन पूर्णिमा की उदयातिथि में मनाना ही सही रहता है। इस साल सावन पूर्णिमा की उदयातिथि 31 अगस्त गुरुवार को है। ऐसे में रक्षाबंधन 31 अगस्त को ही मनाना शास्त्र सम्मत है।

*31 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 05:55 से सुबह 07:05 तक है। यह रक्षाबंधन का मध्यम उत्तम मुहूर्त है।*

*उसके बाद आप सुबह 08:12 से शाम 05:42 के मध्य कभी भी राखी बांध सकते हैं। इस समय में रक्षाबंधन मनाने में कोई दोष नहीं होगा। यह रक्षाबंधन का सामान्य मुहूर्त है। पूर्णिमा की उदया तिथि होने के कारण सारा दिन पूर्णिमा की मान्यता ‌होगी। इस दिन सुकर्मा योग सुबह से शाम 05:16 तक है जो बहुत शुभ है।*

*ज्योतिषियों के मंथन से निष्कर्ष :*

*★ पहला : राखी बांधने के लिए उत्तम एवं शुभ प्रदोष काल मुहूर्त – 30 अगस्त रात्रि 09:03 से – मध्यरात्रि 12:20 तक*
(नोट: रात्रि भेद न मानते हों तो इस मुहूर्त में राखी बांध सकते हैं)

*★ दूसरा : राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 31 अगस्त को सुबह 05:55 से सुबह 07:05 तक है। यह रक्षाबंधन का मध्यम उत्तम मुहूर्त है।*

*★ तीसरा : आप सुबह 08:12 से शाम 05:42 के मध्य कभी भी राखी बांध सकते हैं। इस समय में रक्षाबंधन मनाने में कोई दोष नहीं होगा। यह रक्षाबंधन का सामान्य मुहूर्त है।*

*अतः आप उपरोक्त समय और सुविधा के अनुसार 30 अगस्त एवं 31 अगस्त दोनों ही दिनों में किसी भी शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन का त्योहार मना सकते हैं।*

*💕भाई बहन के प्रेम, पवित्रता, प्रतिज्ञा, एक दूसरे की रक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन की आप सभी को बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं,,🌹💐
*🌹🙏🏻🙏🏻🌹*

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रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त 2023

🪷 रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त 2023 ❤️

भाई बहन के अटूट प्यार, पवित्रता, प्रतिज्ञा और रक्षा का प्रतीक रक्षाबंधन देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर उनकी रक्षा के लिए पवित्रता का धागा बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। वहीं भाई भी संबंधों में पवित्रता और बहन की रक्षा की प्रतिज्ञा करते हैं व उनकी रक्षा का वचन देते हुए उपहार भेंट करते हैं। पौराणिक काल से रक्षाबंधन का त्योहार प्रत्येक साल सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रक्षाबंधन को राखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन पड़ रही है। ऐसे में लोगों में रक्षाबंधन को लेकर असमंजस की स्थिति है।

*क्या कहता है पंचांग*

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 30 अगस्त 2023 को प्रातः 10:59 मिनट से होगा और अगले दिन 31 अगस्त की सुबह 7.04 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। इसके बाद से भाद्रपद मास शुरू हो जाएगा।

30 अगस्त को प्रातः पूर्णिमा तिथि के आरंभ के साथ ही भद्रा आरंभ हो जाएगी जोकि रात्रि 09:02 तक रहेगी।
भद्रा होने की स्थिति में शास्त्रों में शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है।
भद्राकाल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार “भद्रा” सूर्यदेव एवं छाया देवी की पुत्री और यमराज एवं शनि देव की बहन है। शनि देव की तरह इनका स्वभाव भी क्रोधी बताया गया है। उनके स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही ब्रह्मा जी ने उन्हें काल गणना या पंचांग के एक प्रमुख अंग में विशिष्ट स्थान दिया है।
शास्त्रों में भद्रा काल में श्रावणी पर्व मनाने का निषेध कहा गया है और इस दिन भद्रा का काल रात्रि 09:02 तक रहेगा। वहीं श्रावण पूर्णिमा 31 अगस्त को सुबह 7.05 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इसलिए रात में भद्रा खत्म होने के बाद और 31 अगस्त को सुबह 7.07 बजे से पहले राखी बांधना ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
पौराणिक मान्यता के अनुसार राखी बांधने के लिए दोपहर का समय शुभ होता है, लेकिन यदि दोपहर के समय भद्रा काल हो तो फिर “प्रदोष काल” में राखी बांधना उत्तम और शुभ होता है।

रक्षाबंधन भद्रा पूंछ – शाम 05:32 – शाम 06:32 तक

रक्षाबंधन भद्रा मुख – शाम 06:32 – रात 08:11 तक

रक्षाबंधन भद्रा का अंत – रात्रि 09:02 बजे

*राखी बांधने के लिए उत्तम एवं शुभ “प्रदोष काल” मुहूर्त – 30 अगस्त रात्रि 09:03 से – मध्यरात्रि 12:20 तक परन्तु लोक मान्यतानुसार रात्रि में राखी नहीं बांधनी चाहिए। सो बहुतायत लोग रात्रि में यह पर्व नहीं मनाते।*

*31 अगस्त को पूरे दिन है रक्षाबंधन का मुहूर्त*

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हमारे जीवन में सूर्य का बहुत बड़ा महत्व है। जन्मकुंडली में भी सूर्य को ही मुख्य मान कर गणना की जाती है। आचार्यों के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा सावन पूर्णिमा की उदयातिथि में मनाना ही सही रहता है। इस साल सावन पूर्णिमा की उदयातिथि 31 अगस्त गुरुवार को है। ऐसे में रक्षाबंधन 31 अगस्त को ही मनाना शास्त्र सम्मत है।

*31 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 05:55 से सुबह 07:05 तक है। यह रक्षाबंधन का मध्यम उत्तम मुहूर्त है।*

*उसके बाद आप सुबह 08:12 से शाम 05:42 के मध्य कभी भी राखी बांध सकते हैं। इस समय में रक्षाबंधन मनाने में कोई दोष नहीं होगा। यह रक्षाबंधन का सामान्य मुहूर्त है। पूर्णिमा की उदया तिथि होने के कारण सारा दिन पूर्णिमा की मान्यता ‌होगी। इस दिन सुकर्मा योग सुबह से शाम 05:16 तक है जो बहुत शुभ है।*

*ज्योतिषियों के मंथन से निष्कर्ष :*

*★ पहला : राखी बांधने के लिए उत्तम एवं शुभ प्रदोष काल मुहूर्त – 30 अगस्त रात्रि 09:03 से – मध्यरात्रि 12:20 तक*
(नोट: रात्रि भेद न मानते हों तो इस मुहूर्त में राखी बांध सकते हैं)

*★ दूसरा : राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 31 अगस्त को सुबह 05:55 से सुबह 07:05 तक है। यह रक्षाबंधन का मध्यम उत्तम मुहूर्त है।*

*★ तीसरा : आप सुबह 08:12 से शाम 05:42 के मध्य कभी भी राखी बांध सकते हैं। इस समय में रक्षाबंधन मनाने में कोई दोष नहीं होगा। यह रक्षाबंधन का सामान्य मुहूर्त है।*

*अतः आप उपरोक्त समय और सुविधा के अनुसार 30 अगस्त एवं 31 अगस्त दोनों ही दिनों में किसी भी शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन का त्योहार मना सकते हैं।*

*💕भाई बहन के प्रेम, पवित्रता, प्रतिज्ञा, एक दूसरे की रक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन की आप सभी को बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं,,🌹💐
*🌹🙏🏻🙏🏻🌹*

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रक्षाबंधनच्या शुभेच्छा

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सर्व हिंदुस्तान मधील हिंदुस्तानी समाज बांधवांना रक्षाबंधनच्या व नारळी  पौर्णिमेच्या खुप खुप शुभेच्छा,

 

शुभेच्छुक रामवर्मा आसबे

संपादक:-नमोन्यूजनेशन

गणेशमंडळांनी उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धेत सहभाग घ्यावा – सांस्कृतिक कार्यमंत्री सुधीर मनगंटीवार

गणेशमंडळांनी उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धेत सहभाग घ्यावा

– सांस्कृतिक कार्यमंत्री सुधीर मनगंटीवार

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मुंबई, दि. 29 : गणेश मंडळांना प्रोत्साहन देण्यासाठी सांस्कृतिक कार्य संचालनालयाच्या अधिनस्थ पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमीतर्फे सन २०२२ पासून उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धा सुरु करण्यात आली. यावर्षी आयोजित उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धेत जास्तीत जास्त गणेशमंडळांनी सहभाग नोंदवावा, असे आवाहन सांस्कृतिक कार्य मंत्री सुधीर मुनगंटीवार यांनी केले.

या स्पर्धेची माहिती सांस्कृतिक कार्य संचालनालयाच्या संकेतस्थळावर देण्यात यावी. तसेच राज्यातील नागरिकांना घरबसल्या राज्यातील विविध गणेश मंडळाच्या गणपतींचे दर्शन व त्यांच्या सजावटीचा आनंद घेता यावा यासाठी स्पर्धेत सहभागी होण्यासाठी अर्ज करणाऱ्या गणेश मंडळाची छायाचित्रे संकेतस्थळावर प्रसिद्ध करावीत, अशा सूचना सांस्कृतिक कार्य मंत्री श्री. मुनगंटीवार यांनी दिल्यात.

मंत्रालयातील समिती सभागृहात आयोजित करण्यात आलेल्या बैठकीत मंत्री श्री. मुनगंटीवार बोलत होते. यावेळी सांस्कृतिक कार्य विभागाचे प्रधान सचिव विकास खारगे, उपसचिव विद्या वाघमारे, पु.ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमीचे संचालक संतोष रोकडे, उपसंचालक विद्यारत्न काकडे, माहिती व जनसंपर्कचे उपसंचालक (वृत्त) दयानंद कांबळे, अवर सचिव सु.वि.पासी उपस्थित होते.

मंत्री श्री. मुनगंटीवार म्हणाले की, यावर्षी सहभागी होणाऱ्या गणेशोत्सव मंडळांची सविस्तर माहिती, गणेशोत्सव सुरू झाला त्या संदर्भातील माहिती, गणेशाची पूजा-अर्चना यासंदर्भात माहिती देण्यासाठी आकाशवाणीवर 30 मिनिटांचा विशेष कार्यक्रम करण्यात यावा.

स्पर्धेत पुरस्कार प्राप्त गणेश मंडळांना मुंबईतील सिद्धिविनायकाच्या दर्शनाचे पासेस देण्यात यावेत. गिरगावमध्ये पहिला गणेशोत्सव आयोजित करणाऱ्या व्यक्तीचा, त्यांच्या कुटुंबातील सदस्यांचा सत्कार करण्यात यावा. गणेश मंडळांना प्रोत्साहन देण्यासाठी जिल्हाधिकारी, पोलीस अधीक्षक, नगर परिषद मुख्याधिकारी यांना सूचना देण्यात याव्यात. तसेच स्पर्धेची सर्व माध्यमातून मोठ्या प्रमाणात प्रसिद्धी करावी, असेही मंत्री श्री. मुनगंटीवार यांनी यावेळी सांगितले.

उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धेचे वेळापत्रक असे

उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धेत सहभागी होण्यासाठी गणेश मंडळांना 15 सप्टेंबर 2023 पर्यंत स्पर्धेत अर्ज करता येईल. mahotsav.plda.@gmail.com या ई – मेलवर गणेशमंडळांनी अर्ज करावा. पु. ल. देशपांडे कला अकादमी तर्फे ई-मेलवर प्राप्त अर्ज संबंधित जिल्हाधिकारी कार्यालयाला १८ सप्टेंबर पर्यंत परीक्षणासाठी उपलब्ध करून देण्यात येईल. १९ ते २८ सप्टेंबर दरम्यान जिल्हास्तरीय समितीचे सदस्य स्पर्धेत सहभागी गणेशोत्सव मंडळाचे प्रत्यक्ष भेटी देऊन परीक्षण करतील. व्हिडिओग्राफी आणि कागदपत्रे तपासून अभिप्रायासह गुणांकन करतील. जिल्हास्तरीय समिती जिल्ह्यातून एका उत्कृष्ट गणेश मंडळाची शिफारस १ ऑक्टोबरपर्यंत पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमीला करतील. राज्यस्तरीय समिती राज्यातील उत्कृष्ट ३ गणेश मंडळाची शिफारस पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमीला करतील. त्यानुसार कला अकादमी विजेत्या मंडळाची घोषणा करुन १२ ऑक्टोबरला विजेत्या गणेश मंडळाला पुरस्कार प्रदान करण्यात येईल.

गणेशमंडळांना देण्यात येणाऱ्या पुरस्काराचे स्वरुप

राज्यातील पहिल्या तीन विजेत्या गणेशमंडळांना पुरस्कार देऊन गौरवण्यात येणार आहे, त्या पुरस्काराचे स्वरूप असे आहे. यामध्ये प्रथम पुरस्कार ५ लक्ष रुपये व प्रमाणपत्र, द्वितीय पुरस्कार २ लक्ष ५० हजार रुपये व प्रमाणपत्र , तृतीय पुरस्कार १ लक्ष रुपये व प्रमाणपत्र तसेच जिल्ह्यातील एका उत्कृष्ट गणेश मंडळाला २५ हजार रुपये व प्रमाणपत्र देऊन गौरविण्यात येईल.

WorldAthleticsChampionships मधील Neeraj Chopra यांनी केलेल्या महत्त्वपूर्ण कामगिरीबद्दल त्यांचे हार्दिक अभिनंदन! 🇮🇳

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WorldAthleticsChampionships मधील Neeraj Chopra यांनी केलेल्या महत्त्वपूर्ण कामगिरीबद्दल त्यांचे हार्दिक अभिनंदन! 🇮🇳 88.17 मीटरच्या जबरदस्त थ्रोसह सुवर्णपदक जिंकणारा पहिला भारतीय खेळाडू म्हणून इतिहास रचला. तुमची मेहनत आणि समर्पण खरोखरच प्रेरणादायी आहे! 🥇 देशाला मैदानी खेळांमधलं द्वितीय सुवर्णपदक जिंकून देणाऱ्या नीरज चोप्रा यांनी आज इतिहास रचला आहे. त्याच्या कामगिरीनं देशातील मैदानी खेळांच्या सुवर्णयुगाची सुरुवात झाली आहे.

केंद्र सरकार… #9YearsOfSeva #Modi@9 #MaanKiBaat

🌼 केंद्र सरकार…
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#MaanKiBaat

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🌼”पीएम_मोदीजी ने आज, 28 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 51,000 कर्मियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किया”
🌼”आसमान में सिर उठाकर
घने बादलों को चीरकर
रोशनी का संकल्प ले
अभी तो सूरज उगा है।…
चंद्रयान-3 की सफलता पर #प्रधानमंत्री_मोदीजी ने पढ़ी कविता”
🌼”भारत का मिशन चंद्रयान, नारी शक्ति का भी जीवंत उदाहरण है,इस पूरे मिशन में अनेकों Women Scientists और Engineers सीधे तौर पर जुड़ी रही हैं”- #पीएम_मोदीजी
🌼”सितम्बर में होने जा रही G-20 Summit के लिए भारत पूरी तरह से तैयार है,G-20 Summit के इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी होगी”- #पीएम_मोदीजी
🌼”कुछ ही दिनों पहले चीन में world University Games हुए थे,इन खेलों में इस बार भारत की Best Ever Performance रही है, हमारे खिलाड़ियों ने कुल 26 पदक जीते, जिनमें से 11 Gold Medal थे”- #पीएम_मोदीजी
🌼”इस बार 15 अगस्त के दौरान देश ने ‘सबका प्रयास’ का सामर्थ्य देखा,सभी देशवासियों के प्रयास ने ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को वास्तव में ‘हर मन तिरंगा अभियान’ बना दिया”- #पीएम_मोदीजी
🌼”अविश्वास के इस माहौल में पूरी संवेदनशीलता और विनम्रता के साथ ”विश्वास का झंडा” लेकर जो देश आपके सामने खड़ा है, वह है भारत”- #पीएम_मोदीजी
🌼”9 साल पहले आज के ही दिन #प्रधानमंत्री_जन_धन_योजना लॉन्च की गई थी,इस योजना ने गांव और गरीब के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही रोजगार निर्माण में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई है”- #पीएम_मोदीजी
🌼”मोदीजी ने कहा – संस्कृत को लेकर गर्व का भाव बढा है, इस बात की बडी खुशी है की लोगों के मन में संस्कृत को लेकर जागरूकता बढी है और इसके प्रति गौरव का भाव भी बडा है,मोदीजी ने आने वाले विश्व संस्कृत दिवस पर लोगों को बधाई भी दि है”
🌼”29अगस्त को तेलुगु भाषा दिवस के रूप में मनाया जाएगा”
– #पीएम_मोदीजी
🌼”ईवाई- पार्थेनॉन की पार्टनर #अवंतिका_तोमर का कहना है कि भारत की शिक्षा पर विश्वास है और 2047 में भारत की उच्च शिक्षा वर्ल्ड क्लास स्टॅंडर्ड के साथ न्यायसंगत, समावेशी और सुलभ होनी चाहिए”
🌼”9 साल में 47 साल के बराबर आगे बढा भारत…
पिछले कई वर्षों में भारत के डिजिटल ट्रान्सफॉर्मेशन ने बहुत बडा बदलाव लाया है और आर्थिक विकास का एक नया मॉडल तैयार किया है”- #नंदन_नीलेकणी, आधार के संस्थापक

28 AUGUST 2023

#Modi@9
#प्रधानमंत्री_मोदीजी का मूलमंत्र – “सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास और
सबका प्रयास… से होगा देश का विकास!
“नीयत साफ, सोच ईमानदार
काम शानदार, बात दमदार”
#तेज_रफ्तार…
#मोदी_सरकार!
#NarendraModi ji

💗🇮🇳”हमें वो भारत बनाना है…
जो पूज्य बाबू के सपनों का था,
जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना था,
जो हमारे वीर शहीदों का था,
जो हमारी वीरांगनाओं का था”
– #पीएम_मोदीजी

💗🇮🇳”हमें इन तीन बुराइयों से लड़ना होगा…
• भ्रष्टाचार के खिलाफ,
• परिवारवाद के खिलाफ,
• तुष्टिकरण के खिलाफ…”
– #पीएम_मोदीजी
– (15 AUGUST 2023)

💗🇮🇳”#प्रधानमंत्री_नरेंद्र_मोदी जी ने कहा कि भारत में दुनिया के विश्वास के पीछे कई कारण हैं और इनमें…
1.केंद्र में एक निर्णायक सरकार का होना
2. इसके द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास में अद्वितीय निवेश करना,
3. जनसांख्यिकीय लाभांश प्राप्त करने के लिए निवेश करना,
4. युवाओं को कुशल बनाना,
5. ‘जीवन जीने की सुगमता’ और ‘व्यवसाय की सुगमता’ के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता शामिल है…”

💗🇮🇳”भाजपा के विजय अभियान का रहस्य छिपा है ‘#त्रिवेणी’ में…
इसकी पहली शक्ति है- *भाजपा सरकारों के कार्य*
दूसरी शक्ति है- *भाजपा सरकारों की कार्य संस्कृति*
तीसरी शक्ति है- *भाजपा कार्यकर्ताओं का सेवा-भाव*
– #पीएम_मोदीजी

💗🇮🇳”भारत को आकार देने वाले रुझानों के आधार पर बजट में पांच Transformative Strategies पर ध्यान दिया गया…
पांच प्रमुख ट्रेंड …
1.शहरीकरण,2.इन्फ्रास्ट्रक्चर, 3.डिजिटलीकरण,4.ग्रीन ग्रोथ, 5.महिलाओं के नेतृत्व में विकास”

💗🇮🇳आदरणीय पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी ने आजादी के ‘अमृत काल’ में ‘पंच प्रण’ का आह्वान किया…
अमृतकाल के पंच प्रण…
1. विकसित भारत का लक्ष्य
2.गुलामी के हर अंश से मुक्ति
3. अपनी विरासत पर गर्व
4. एकता और एकजुटता
5. नागरिकों में कर्तव्य की भावना
-(15 AUGUST 2022)
💗🇮🇳💗

💗🇮🇳 “वैश्विक मंदी के बीच भारत की चमक बनाये रखने में मदत करने वाले पाच कारक…
1.भारत का कम विदेशी कर्ज
2.वित्तीय बचत में बदलाव
3.कम कॉरपोरेट कर्ज
4.डीबीटी की सफलता और
5.सरकार का कैपैक्स पर जोर”

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