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कुणबी दाखले देण्याकरिता कार्यपद्धती निश्चितीसाठी निवृत्त न्यायाधीशांच्या अध्यक्षतेखाली समिती मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची घोषणा

मुख्यमंत्री सचिवालय ( जनसंपर्क कक्ष)
बुधवार, दि. ६ सप्टेंबर, २०२३

कुणबी दाखले देण्याकरिता कार्यपद्धती निश्चितीसाठी निवृत्त न्यायाधीशांच्या अध्यक्षतेखाली समिती

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची घोषणा

मुंबई, दि. ६ :- मराठवाड्यातील मराठा समाजाला कुणबी जातीचे प्रमाणपत्र देण्याकरिता कार्यपद्धती निश्चितीसाठी निवृत्त न्यायाधीशांच्या अध्यक्षतेखाली समितीची स्थापना करण्यात येत असल्याची घोषणा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी आज येथे केली.

आंदोलनाच्या माध्यमातून मनोज जारंगे – पाटील यांनी ‘निजामकालीन महसुली रेकॉर्ड तपासून याठिकाणी पूर्वी जे कुणबी म्हणून नोंदणीकृत होते त्यांना मान्यता’ देण्याची मागणी केली आहे. त्या अनुषंगाने ही समिती स्थापन करण्यात येत आहे.

ही समिती महसुली, शैक्षणिक व संबंधित नोंदी तपासून मागणीनुसार निजामकालीन ‘कुणबी’ नोंद असणाऱ्या मराठा समाजास ‘कुणबी’ दाखले देण्याकरिता अशा प्रकरणांची वैधानिक व प्रशासकीय तपासणी करणे व त्याबाबतची कार्यपद्धती (एसओपी) निश्चित करेल. याबाबत समिती अहवाल तयार करून तो एक महिन्यात शासनास सादर करेल. निवृत्त न्यायाधीश न्या. संदीप शिंदे यांच्या अध्यक्षतेखालील या समितीत महसूल विभागाचे अतिरिक्त मुख्य सचिव, विधी व न्याय विभागाचे प्रधान सचिव, तसेच संबंधित सर्व जिल्हयांचे जिल्हाधिकारी सदस्य म्हणून काम पाहतील. तसेच औरंगाबाद (छत्रपती संभाजी नगर)चे विभागीय आयुक्त समितीचे सदस्य सचिव असतील. यापुर्वीची महसूल विभागाच्या अतिरिक्त मुख्य सचिव यांच्या अध्यक्षतेखालील समिती देखील या समितीस पूरक माहिती देण्याचे काम करेल.

सुंदर विचार

*🌹आपके पास जो भी छोटी-मोटी योग्यता है, उसका सदुपयोग दूसरों की भलाई के लिए करें। अपनी योग्यता विकसित करने के लिए ईश्वर का ध्यान करें; और अपना काम मन लगाकर करो, और आलसी न हो।*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 06 सितम्बर 2023 दिन – बुधवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 06 सितम्बर 2023
दिन – बुधवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र में श्रावण)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – सप्तमी दोपहर 03:37 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र – कृतिका सुबह 09:20 तक तत्पश्चात रोहिणी*
*⛅योग – हर्षण रात्रि 10:26 तक तत्पश्चात वज्र*
*⛅राहु काल – दोपहर 12:38 से 02:12 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:53*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:37 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 01:01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – शीतला सप्तमी, श्रीकॄष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त), बुधवारी अष्टमी*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹बुधवारी अष्टमी : 06 सितम्बर 2023*

*🌹पुण्यकाल : 06 सितम्बर दोपहर 03:37 से 07 सितम्बर सूर्योदय तक ।*

*🌹बुधवारी अष्टमी को किये गए जप, तप, मौन, दान व ध्यान 10 लाख गुना फलदायी होता है ।*

*🌹मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं । इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है ।*

*(शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)*

*🌹 जन्माष्टमी (स्मार्त)- 06 सितम्बर 2023 🌹*

*🔸जन्माष्टमी व्रत की महिमा🔸*

*👉 06 सितम्बर 2023 बुधवार को जन्माष्टमी (स्मार्त) 07 सितम्बर 2023 गुरुवार को जन्माष्टमी (भागवत)*

*👉 १] भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिरजी को कहते हैं : “२० करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत हैं ।”*

*👉 २] धर्मराज सावित्री से कहते हैं : “ भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह १०० जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है ।”*

*👉 जन्माष्टमी के दिन पापमुक्ति के लिए तिलमिश्रित जल से स्नान कर सको तो अच्छा है, गोबर लीपकर अपने शरीर को मलकर स्नान कर सको तो अच्छा है, गोझरण, गोमूत्र से रगड़ के स्नान कर सको तो स्फूर्तिदायी पापनाशक होगा ।*

*👉 बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।*

*👉जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।*

*👉 उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।*

*👉 ‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है।*

*🔹जन्माष्टमी व्रत पुण्य के साथ दिलाये स्वास्थ्य लाभ🔹*

*🔸जन्माष्टमी के दिनों में मिलने वाला पंजीरी का प्रसाद वायुनाशक होता है । उसमें अजवायन, जीरा व गुड़ पड़ता है । इस मौसम में वायु की प्रधानता है तो पंजीरी खाने खिलाने का उत्सव आ गया । यह मौसम मंदाग्नि का भी है । उपवास रखने से मंदाग्नि दूर होगी और शरीर में जो अनावश्यक द्रव्य पड़े हैं, उपवास करने से वे खिंचकर जठर में आ के स्वाहा हो जायेंगे, शारीरिक स्वास्थ्य मिलेगा । तो पंजीरी खाने से वायु का प्रभाव दूर होगा और व्रत रखने से चित्त में भगवदीय आनंद, भगवदीय प्रसन्नता उभरेगी तथा भगवान का ज्ञान देने वाले गुरु मिलेंगे तो ज्ञान में स्थिति भी होगी ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 06 सितम्बर 2023 दिन – बुधवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 06 सितम्बर 2023
दिन – बुधवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र में श्रावण)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – सप्तमी दोपहर 03:37 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र – कृतिका सुबह 09:20 तक तत्पश्चात रोहिणी*
*⛅योग – हर्षण रात्रि 10:26 तक तत्पश्चात वज्र*
*⛅राहु काल – दोपहर 12:38 से 02:12 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:53*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:37 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 01:01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – शीतला सप्तमी, श्रीकॄष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त), बुधवारी अष्टमी*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹बुधवारी अष्टमी : 06 सितम्बर 2023*

*🌹पुण्यकाल : 06 सितम्बर दोपहर 03:37 से 07 सितम्बर सूर्योदय तक ।*

*🌹बुधवारी अष्टमी को किये गए जप, तप, मौन, दान व ध्यान 10 लाख गुना फलदायी होता है ।*

*🌹मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं । इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है ।*

*(शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)*

*🌹 जन्माष्टमी (स्मार्त)- 06 सितम्बर 2023 🌹*

*🔸जन्माष्टमी व्रत की महिमा🔸*

*👉 06 सितम्बर 2023 बुधवार को जन्माष्टमी (स्मार्त) 07 सितम्बर 2023 गुरुवार को जन्माष्टमी (भागवत)*

*👉 १] भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिरजी को कहते हैं : “२० करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत हैं ।”*

*👉 २] धर्मराज सावित्री से कहते हैं : “ भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह १०० जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है ।”*

*👉 जन्माष्टमी के दिन पापमुक्ति के लिए तिलमिश्रित जल से स्नान कर सको तो अच्छा है, गोबर लीपकर अपने शरीर को मलकर स्नान कर सको तो अच्छा है, गोझरण, गोमूत्र से रगड़ के स्नान कर सको तो स्फूर्तिदायी पापनाशक होगा ।*

*👉 बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।*

*👉जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।*

*👉 उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।*

*👉 ‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है।*

*🔹जन्माष्टमी व्रत पुण्य के साथ दिलाये स्वास्थ्य लाभ🔹*

*🔸जन्माष्टमी के दिनों में मिलने वाला पंजीरी का प्रसाद वायुनाशक होता है । उसमें अजवायन, जीरा व गुड़ पड़ता है । इस मौसम में वायु की प्रधानता है तो पंजीरी खाने खिलाने का उत्सव आ गया । यह मौसम मंदाग्नि का भी है । उपवास रखने से मंदाग्नि दूर होगी और शरीर में जो अनावश्यक द्रव्य पड़े हैं, उपवास करने से वे खिंचकर जठर में आ के स्वाहा हो जायेंगे, शारीरिक स्वास्थ्य मिलेगा । तो पंजीरी खाने से वायु का प्रभाव दूर होगा और व्रत रखने से चित्त में भगवदीय आनंद, भगवदीय प्रसन्नता उभरेगी तथा भगवान का ज्ञान देने वाले गुरु मिलेंगे तो ज्ञान में स्थिति भी होगी ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 05 सितम्बर 2023 दिन – मंगलवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 05 सितम्बर 2023
दिन – मंगलवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र में श्रावण)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – षष्ठी दोपहर 03:46 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – भरणी सुबह 09:00 तक तत्पश्चात कृतिका*
*⛅योग – ध्रुव रात्रि 11:24 तक तत्पश्चात हर्षण*
*⛅राहु काल – शाम 03:46 से 05:20 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:54*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:37 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 01:01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – बलराम जयंती, शिक्षक दिवस*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹शिक्षक दिवस – 05 सितम्बर🌹*

*🌹शिक्षकों का कर्तव्य🌹*

*🌹विद्यार्थियों को सदाचार के मार्ग में प्रशिक्षित करने और उनका चरित्र सही ढंग से मोड़ने में स्कूल तथा कॉलेजों के शिक्षकों और प्रोफेसरों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी आती है । उनको स्वयं पूर्ण सदाचारी और पवित्र होना चाहिए । उनमें पूर्णता होनी चाहिए । अन्यथा वैसा ही होगा जैसा एक अंधा दूसरे अंधे को रास्ता दिखाये । शिक्षक-वृत्ति अपनाने से पहले प्रत्येक शिक्षक को शिक्षा के प्रति अपनी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जान लेनी चाहिए । केवल शुष्क विषयों को लेकर व्याख्यान देने की कला सीखने से ही काम नहीं चलेगा । यही प्राध्यापक की पूरी योग्यता नहीं है ।*

*🌹संसार का भावी भाग्य पूर्णतया शिक्षकों और विद्यार्थियों पर निर्भर है । यदि शिक्षक अपने विद्यार्थियों को ठीक ढंग से सही दिशा में, धार्मिक वृत्ति में शिक्षा दें तो संसार में अच्छे नागरिक, योगी और जीवन्मुक्त भर जायेंगे, जो सर्वत्र प्रकाश, शांति, सुख और आनंद बिखेर देंगे ।*

*🌹शिक्षको और प्राध्यापको ! जाग उठो । विद्यार्थियों को ब्रह्मचर्य, सदाचार और धार्मिकता की शिक्षा दो । उन्हें सच्चे ब्रह्मचारी बनाओ । इस दिव्य धर्म की अवहेलना न करो । इस पवित्र कार्य के लिए नैतिकता की दृष्टि से तुम्हीं लोग जिम्मेदार हो । यह तुम लोगों का योग है । सच्ची निष्ठा से यदि इस काम को अपने हाथ में लेते हो तो तुम्हें भी आत्मज्ञान प्राप्त होगा । सच्चे रहो, निष्ठावान रहो । आँखें खोलो ।*

*🌹धन्य है वह, जो वास्तव में अपने विद्यार्थियों को संयमी, सदाचारी और नैष्ठिक ब्रह्मचारी बनाने में सफल है । उन पर भगवान का आशीर्वाद रहे । ऐसे शिक्षकों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की जय हो !*

*🌹 जन्माष्टमी – 06/07 सितम्बर 2023 🌹*

*🔸हजार एकादशी का फल देनेवाला व्रत🔸*

🔸 *जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है ।*

🔸 *भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता ।*

🔸 *एकादशी का व्रत हजारों – लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है लेकिन एक जन्माष्टमी का व्रत हजार एकादशी व्रत रखने के पुण्य की बराबरी का है ।*

🔸 *एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए ।*

🔸 *बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर – उधर का कचरा अपने मुख में न डालें ।*

🔸 *इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते – पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें।*

*🔹कफ शामक – पंजीरी प्रसाद🔹*

*🔸जन्माष्टमी के दिन पंजीरी का प्रसाद बनाया जाता है जो, कफ को शमन करता है । वात के प्रकोप, पित्त के संचय को कम करता है । यह पाचन के लिए, आंखों के लिए लाभदायक है । पंजीरी दिमागी तरावट, मस्तिष्क संबंधी समस्याओं फायदेमंद है ।*

*धनियां पाउडर- 100 ग्राम*
*देशी घी – 3 से 4 टेबल स्पून*
*मखाने – 10-15 ग्राम*
*पिसी मिश्री – 100 ग्राम*
*काजू ,बादाम – 8 से 10 (बारीक कटे हुये)*
*चिरोंजी – एक चम्मच*

*🔹विधि🔹*

*🔸कढ़ाई में 2 टेबल स्पून घी डालें और बारीक पिसे धनियां पाउडर को अच्छी खुशबू आने तक भून लिजिये । बचे हुए घी में मखाने डाल कर भुने लीजिये, मखाने भुनने के बाद मखाने को किसी भारी चीज से या हाथ से तोड़ कर बारीक या दरदरा कर लीजिये । काजू और बादाम को भी छोटे-छोटे टुकड़ो में काट लीजिये । अब भुने हुए धनियां पाउडर में मखाने, काजू , बादाम एवं पिसा हुआ मिश्री मिला कर पंजरी बना लीजिए ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 05 सितम्बर 2023 दिन – मंगलवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 05 सितम्बर 2023
दिन – मंगलवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र में श्रावण)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – षष्ठी दोपहर 03:46 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – भरणी सुबह 09:00 तक तत्पश्चात कृतिका*
*⛅योग – ध्रुव रात्रि 11:24 तक तत्पश्चात हर्षण*
*⛅राहु काल – शाम 03:46 से 05:20 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:54*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:37 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 01:01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – बलराम जयंती, शिक्षक दिवस*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹शिक्षक दिवस – 05 सितम्बर🌹*

*🌹शिक्षकों का कर्तव्य🌹*

*🌹विद्यार्थियों को सदाचार के मार्ग में प्रशिक्षित करने और उनका चरित्र सही ढंग से मोड़ने में स्कूल तथा कॉलेजों के शिक्षकों और प्रोफेसरों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी आती है । उनको स्वयं पूर्ण सदाचारी और पवित्र होना चाहिए । उनमें पूर्णता होनी चाहिए । अन्यथा वैसा ही होगा जैसा एक अंधा दूसरे अंधे को रास्ता दिखाये । शिक्षक-वृत्ति अपनाने से पहले प्रत्येक शिक्षक को शिक्षा के प्रति अपनी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जान लेनी चाहिए । केवल शुष्क विषयों को लेकर व्याख्यान देने की कला सीखने से ही काम नहीं चलेगा । यही प्राध्यापक की पूरी योग्यता नहीं है ।*

*🌹संसार का भावी भाग्य पूर्णतया शिक्षकों और विद्यार्थियों पर निर्भर है । यदि शिक्षक अपने विद्यार्थियों को ठीक ढंग से सही दिशा में, धार्मिक वृत्ति में शिक्षा दें तो संसार में अच्छे नागरिक, योगी और जीवन्मुक्त भर जायेंगे, जो सर्वत्र प्रकाश, शांति, सुख और आनंद बिखेर देंगे ।*

*🌹शिक्षको और प्राध्यापको ! जाग उठो । विद्यार्थियों को ब्रह्मचर्य, सदाचार और धार्मिकता की शिक्षा दो । उन्हें सच्चे ब्रह्मचारी बनाओ । इस दिव्य धर्म की अवहेलना न करो । इस पवित्र कार्य के लिए नैतिकता की दृष्टि से तुम्हीं लोग जिम्मेदार हो । यह तुम लोगों का योग है । सच्ची निष्ठा से यदि इस काम को अपने हाथ में लेते हो तो तुम्हें भी आत्मज्ञान प्राप्त होगा । सच्चे रहो, निष्ठावान रहो । आँखें खोलो ।*

*🌹धन्य है वह, जो वास्तव में अपने विद्यार्थियों को संयमी, सदाचारी और नैष्ठिक ब्रह्मचारी बनाने में सफल है । उन पर भगवान का आशीर्वाद रहे । ऐसे शिक्षकों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की जय हो !*

*🌹 जन्माष्टमी – 06/07 सितम्बर 2023 🌹*

*🔸हजार एकादशी का फल देनेवाला व्रत🔸*

🔸 *जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है ।*

🔸 *भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता ।*

🔸 *एकादशी का व्रत हजारों – लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है लेकिन एक जन्माष्टमी का व्रत हजार एकादशी व्रत रखने के पुण्य की बराबरी का है ।*

🔸 *एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए ।*

🔸 *बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर – उधर का कचरा अपने मुख में न डालें ।*

🔸 *इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते – पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें।*

*🔹कफ शामक – पंजीरी प्रसाद🔹*

*🔸जन्माष्टमी के दिन पंजीरी का प्रसाद बनाया जाता है जो, कफ को शमन करता है । वात के प्रकोप, पित्त के संचय को कम करता है । यह पाचन के लिए, आंखों के लिए लाभदायक है । पंजीरी दिमागी तरावट, मस्तिष्क संबंधी समस्याओं फायदेमंद है ।*

*धनियां पाउडर- 100 ग्राम*
*देशी घी – 3 से 4 टेबल स्पून*
*मखाने – 10-15 ग्राम*
*पिसी मिश्री – 100 ग्राम*
*काजू ,बादाम – 8 से 10 (बारीक कटे हुये)*
*चिरोंजी – एक चम्मच*

*🔹विधि🔹*

*🔸कढ़ाई में 2 टेबल स्पून घी डालें और बारीक पिसे धनियां पाउडर को अच्छी खुशबू आने तक भून लिजिये । बचे हुए घी में मखाने डाल कर भुने लीजिये, मखाने भुनने के बाद मखाने को किसी भारी चीज से या हाथ से तोड़ कर बारीक या दरदरा कर लीजिये । काजू और बादाम को भी छोटे-छोटे टुकड़ो में काट लीजिये । अब भुने हुए धनियां पाउडर में मखाने, काजू , बादाम एवं पिसा हुआ मिश्री मिला कर पंजरी बना लीजिए ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

मराठवाड्यातील मराठा समाजास कुणबी प्रमाणपत्र देण्याबाबत प्रक्रिया गतिमान करण्याचे मुख्यमंत्र्यांचे निर्देश

जनसंपर्क कक्ष (मुख्यमंत्री सचिवालय)

*मराठवाड्यातील मराठा समाजास कुणबी प्रमाणपत्र देण्याबाबत प्रक्रिया गतिमान करण्याचे मुख्यमंत्र्यांचे निर्देश*
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*अपर मुख्य सचिवांच्या समितीने प्राधान्याने महिन्याभरात अहवाल सादर करावा*
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मुंबई दि. ४: मराठवाड्यातील मराठा समाजास कुणबी प्रमाणपत्र देण्यासाठी प्रक्रिया करण्याकरिता नेमलेल्या अपर मुख्य सचिवांच्या समितीने तातडीने कार्यवाही करून महिनाभरात अंतिम अहवाल द्यावा, या कामी सर्वोच्च प्राधान्य द्यावे असे निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी आज दिले.

मराठा आरक्षण व समाजाला सुविधा देण्यासाठी नेमलेल्या राज्य मंत्रिमंडळाच्या उपसमितीची बैठक आज सह्याद्री अतिथगृह येथे झाली. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उपसमितीचे अध्यक्ष उच्च शिक्षण मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, समितीचे इतर सदस्य महसूल मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, उद्योग मंत्री उदय सामंत, राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री शंभूराज देसाई, इतर मागस बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री दादा भुसे, ग्रामविकास मंत्री गिरीश महाजन, खा. उदयनराजे भोसले, आ. आशिष शेलार, महाधिवक्ता बिरेंद्र सराफ, विशेष सल्लागार समितीचे सदस्य नरेंद्र पाटील, योगेश कदम, प्रवीण दरेकर, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, मंत्रालयीन सचिव, वरिष्ठ अधिकारी यावेळी उपस्थित होते.

मराठवाड्यातले महसूल आणि शैक्षणिक रेकॉर्ड तपासण्याचे काम तातडीने पूर्ण करण्याचे निर्देशही मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी दिले. या समितीकडे मराठवाड्यातल्या पाच जिल्ह्यातून कुणबी समाजाची माहिती संकलित झाली आहे. याशिवाय हैद्राबाद येथून निझामाचे जुने रेकॉर्ड तातडीने तपासण्यात येत आहे अशी माहिती यावेळी महसूल विभागाचे अतिरिक्त मुख्य सचिव राजगोपाल देवरा यांनी बैठकीत दिली. कुणबी नोंद असलेल्यांची वंशावळी तपासण्यात येणार आहेत.

प्रारंभी सामाजिक न्याय सचिव सुमंत भांगे यांनी प्रास्ताविकात मराठा आरक्षणासंदर्भात शासनाने केलेल्या कार्यवाहीची विस्तृत माहिती दिली.

*मराठा समाजासाठी विविध निर्णय*

मराठा समाजाला आरक्षण मिळवून देण्यासाठी आम्ही कटिबद्ध असून युती शासन सत्तेवर आल्यानंतर आम्ही युवकांना नोकऱ्या, शिक्षण, शिष्यवृत्ती तसेच उद्योग व्यवसायांसाठी कर्ज , आर्थिक सहाय या माध्यमातून मदत केली आहे. मराठा समाजाचे प्रश्न सोडविण्यासाठी आमचे प्रामाणिक प्रयत्न सुरु असतांना कुणीही राजकीय स्वार्थासाठी समाजाला भडकावू नये असे मुख्यमंत्री या बैठकीनंतर झालेल्या पत्रकार परिषदेत मुख्यमंत्र्यांनी मराठा समाजासाठी घेतलेल्या निर्णयांची माहिती दिली.

मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांना ओबीसीप्रमाणे शैक्षणिक सवलती, सुविधा दिल्या जातात असे सांगून मुख्यमंत्री म्हणाले की, सारथी संस्थेमार्फत उच्च शिक्षणासाठी फेलोशीप, स्कॉलरशीप, एमपीएससी व युपीएससी व इतर स्पर्धा परिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम राबविला जातो. आतापर्यंत सुमारे १२ हजार विद्यार्थ्यांना ४४. ५८ कोटी रुपये खर्च करून स्पर्धा परिक्षा प्रशिक्षण देण्यात आले.

*सारथीला मजबूत केले*

रोजगार व स्वयंरोजगारासाठी कौशल्य विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम राबवून २७ हजार ३४७ मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांना लाभ देण्यात आला. राज्यात सारथीचे ८ विभागीय कार्यालयासाठी कोल्हापूर, पुणे, नाशिक, खारघर, औरंगाबाद, लातूर, अमरावती, नागपूर येथे शासनाने विनामुल्य जमिनी सारथीच्या ताब्यात दिल्या आहेत. सारथी मुख्यालयासाठी पुणे येथे जमिन उपलब्ध करून दिली. ४२ कोटी अनुदान उपलब्ध करून दिले. मुख्यालय इमारतीचे बांधकाम पाचव्या माळ्यापर्यंत झाले आहे. नाशिक येथे विभागीय कार्यालयाची जी प्लस २० मजल्याची इमारत प्रस्तावित आहे शासनाने सात विभागीय कार्यालयांसाठी १०१५ कोटी रकमेच्या कामांना मान्यता दिली आहे असेही ते म्हणाले.

पंजाबराव देशमुख वसतीगृह निर्वाह भत्ता योजना, परदेशी विद्यापीठात उच्च शिक्षणासाठी स्कॉलरशीप दिली जाते. छत्रपती शिवाजी महाराज संकुल अंतर्गत विभागीय कार्यालय, ३०० विद्यार्थ्यांसाठी अभ्यासिका, ५०० मुले व ५०० मुली यांच्यासाठी वसतीगृह, शेतकरी समुपदेशन केंद्र व कौशल्य विकास प्रशिक्षण केंद्र बांधण्यात येत आहे.

*३५०० पेक्षा जास्त नोकऱ्या*

१५५३ अधिसंख्य पदे निर्माण करून उमेजवारांना रुजू करून घेण्यात आले. तसेच २००० विद्यार्थ्यांना रखडलेली नोकरभरती कार्यवाही पूर्ण करून सेवेत रुजू करून घेण्याचा निर्णय घेण्यात आला. असे एकूण ३५५३ जणांना शासकीय सेवेत सामावून घेण्यात आले. आतापर्यंत वर्ग १ (७४), वर्ग २ (२३०) असे एकूण ३०४ मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांची एमपीएससीमार्फत निवड झाली आहे अशी माहितीही त्यांनी दिली.

मराठी समाजातील १२ आयएएस, १८ आयपीएस, ८ आयआरएस, १ आयएफएस व १२ इतर सेवांमध्ये असे एकूण ५१ जणांची निवड युपीएससीमार्फत झालेली आहे. एमफील व पीएचडीसाठी २१०९ विद्यार्थ्यांना लाभ दिला आहे. प्रति विद्यार्थी २० लाख रुपये पाच वर्षांसाठी फेलोशीपसाठी अनुदान दिले जाते, अशीही माहिती मुख्यमंत्र्यांनी दिली.

*स्पर्धा परीक्षेसाठी प्रोत्साहन, प्रशिक्षण*

मुख्यमंत्री म्हणाले की, परदेशी शिक्षणासाठी ७५ गुणवंत विद्यार्थ्यांना स्कॉलरशीप दिली जाते. एमएससाठी प्रति वर्ष ३० लाख याप्रमाणे दोन वर्षांसाठी ६० लाख जर विद्यार्थी पीएचडी करत असेल तर १ कोटी ६० लाख अनुदान दिले जाते. सारथी मार्फत छत्रपती शिवाजी महाराष स्मृती ग्रंथाच्या ५० हजार प्रती प्रकाशित करून विविध ग्रामपंचायत, पंचायत समिती, जिल्हा परीषद, नगरपालिका, महापालिका, माध्यमिक शाळा, शासकीय कार्यालयात वितरीत करण्यात आल्या आहेत. युपीएससीच्या तयारीसाठी मराठा समाजातील ५०० मुलांसाठी दरवर्षी दिल्ली व पुणे येथे प्रशिक्षण देण्यात येते. त्याचबरोबर एमपीएससीसाठी ७५० विद्यार्थ्यांना प्रशिक्षण दिले जाते.आयबीपीएस, नेट-सेट परिक्षेसाठी प्रशिक्षण दिले जाते. मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांना ओबीसीप्रमाणे देण्यात आलेल्या सवलती: विद्यार्थ्यांसाठी वसतीगृह सुविधा, शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ती, शिष्यवृत्ती, स्पर्धा परिक्षांमध्ये वयात सवलत व परिक्षा शुल्क सवलत, याप्रमाणे फायदे दिले जातात.

*स्वयंरोजगार व रोजगार आणि उद्योगांसाठी मोठे अर्थसहाय*

अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडळामार्फत स्वयंरोजगार व रोजगार आणि उद्योगांसाठी बॅंकामार्फत घेतलेल्या कर्जावरील व्याजाचा परतावा केला जातो. एकूण ६७ हजार १४८ बॅंक कर्ज लाभार्थ्यांना ४८५० कोटींचे कर्ज वितरीत करण्यात आलेले आहे. ५५ हजार ५१७ लाभार्थ्यांचा व्याज परतावा सुरू झालेला आहे. आतापर्यंत व्याज परताव्यापोटी लाभार्थ्यांना ५१६ कोटींचे अर्थसहाय्य देण्यात आले आहे. अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडळास आणि सारथीस ३०० कोटी रुपये निधी उपलब्ध करून दिला जातो. मनुष्यबळ व निधीमध्ये कोणतीही कमतरता भासू दिली जाणार नाही अशी ग्वाही त्यांनी दिली

मराठवाड्यातील मराठा समाजास कुणबी प्रमाणपत्र देण्याबाबत प्रक्रिया गतिमान करण्याचे मुख्यमंत्र्यांचे निर्देश

जनसंपर्क कक्ष (मुख्यमंत्री सचिवालय)

*मराठवाड्यातील मराठा समाजास कुणबी प्रमाणपत्र देण्याबाबत प्रक्रिया गतिमान करण्याचे मुख्यमंत्र्यांचे निर्देश*
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*अपर मुख्य सचिवांच्या समितीने प्राधान्याने महिन्याभरात अहवाल सादर करावा*
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मुंबई दि. ४: मराठवाड्यातील मराठा समाजास कुणबी प्रमाणपत्र देण्यासाठी प्रक्रिया करण्याकरिता नेमलेल्या अपर मुख्य सचिवांच्या समितीने तातडीने कार्यवाही करून महिनाभरात अंतिम अहवाल द्यावा, या कामी सर्वोच्च प्राधान्य द्यावे असे निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी आज दिले.

मराठा आरक्षण व समाजाला सुविधा देण्यासाठी नेमलेल्या राज्य मंत्रिमंडळाच्या उपसमितीची बैठक आज सह्याद्री अतिथगृह येथे झाली. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उपसमितीचे अध्यक्ष उच्च शिक्षण मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील, समितीचे इतर सदस्य महसूल मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, उद्योग मंत्री उदय सामंत, राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री शंभूराज देसाई, इतर मागस बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री दादा भुसे, ग्रामविकास मंत्री गिरीश महाजन, खा. उदयनराजे भोसले, आ. आशिष शेलार, महाधिवक्ता बिरेंद्र सराफ, विशेष सल्लागार समितीचे सदस्य नरेंद्र पाटील, योगेश कदम, प्रवीण दरेकर, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, मंत्रालयीन सचिव, वरिष्ठ अधिकारी यावेळी उपस्थित होते.

मराठवाड्यातले महसूल आणि शैक्षणिक रेकॉर्ड तपासण्याचे काम तातडीने पूर्ण करण्याचे निर्देशही मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी दिले. या समितीकडे मराठवाड्यातल्या पाच जिल्ह्यातून कुणबी समाजाची माहिती संकलित झाली आहे. याशिवाय हैद्राबाद येथून निझामाचे जुने रेकॉर्ड तातडीने तपासण्यात येत आहे अशी माहिती यावेळी महसूल विभागाचे अतिरिक्त मुख्य सचिव राजगोपाल देवरा यांनी बैठकीत दिली. कुणबी नोंद असलेल्यांची वंशावळी तपासण्यात येणार आहेत.

प्रारंभी सामाजिक न्याय सचिव सुमंत भांगे यांनी प्रास्ताविकात मराठा आरक्षणासंदर्भात शासनाने केलेल्या कार्यवाहीची विस्तृत माहिती दिली.

*मराठा समाजासाठी विविध निर्णय*

मराठा समाजाला आरक्षण मिळवून देण्यासाठी आम्ही कटिबद्ध असून युती शासन सत्तेवर आल्यानंतर आम्ही युवकांना नोकऱ्या, शिक्षण, शिष्यवृत्ती तसेच उद्योग व्यवसायांसाठी कर्ज , आर्थिक सहाय या माध्यमातून मदत केली आहे. मराठा समाजाचे प्रश्न सोडविण्यासाठी आमचे प्रामाणिक प्रयत्न सुरु असतांना कुणीही राजकीय स्वार्थासाठी समाजाला भडकावू नये असे मुख्यमंत्री या बैठकीनंतर झालेल्या पत्रकार परिषदेत मुख्यमंत्र्यांनी मराठा समाजासाठी घेतलेल्या निर्णयांची माहिती दिली.

मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांना ओबीसीप्रमाणे शैक्षणिक सवलती, सुविधा दिल्या जातात असे सांगून मुख्यमंत्री म्हणाले की, सारथी संस्थेमार्फत उच्च शिक्षणासाठी फेलोशीप, स्कॉलरशीप, एमपीएससी व युपीएससी व इतर स्पर्धा परिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम राबविला जातो. आतापर्यंत सुमारे १२ हजार विद्यार्थ्यांना ४४. ५८ कोटी रुपये खर्च करून स्पर्धा परिक्षा प्रशिक्षण देण्यात आले.

*सारथीला मजबूत केले*

रोजगार व स्वयंरोजगारासाठी कौशल्य विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम राबवून २७ हजार ३४७ मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांना लाभ देण्यात आला. राज्यात सारथीचे ८ विभागीय कार्यालयासाठी कोल्हापूर, पुणे, नाशिक, खारघर, औरंगाबाद, लातूर, अमरावती, नागपूर येथे शासनाने विनामुल्य जमिनी सारथीच्या ताब्यात दिल्या आहेत. सारथी मुख्यालयासाठी पुणे येथे जमिन उपलब्ध करून दिली. ४२ कोटी अनुदान उपलब्ध करून दिले. मुख्यालय इमारतीचे बांधकाम पाचव्या माळ्यापर्यंत झाले आहे. नाशिक येथे विभागीय कार्यालयाची जी प्लस २० मजल्याची इमारत प्रस्तावित आहे शासनाने सात विभागीय कार्यालयांसाठी १०१५ कोटी रकमेच्या कामांना मान्यता दिली आहे असेही ते म्हणाले.

पंजाबराव देशमुख वसतीगृह निर्वाह भत्ता योजना, परदेशी विद्यापीठात उच्च शिक्षणासाठी स्कॉलरशीप दिली जाते. छत्रपती शिवाजी महाराज संकुल अंतर्गत विभागीय कार्यालय, ३०० विद्यार्थ्यांसाठी अभ्यासिका, ५०० मुले व ५०० मुली यांच्यासाठी वसतीगृह, शेतकरी समुपदेशन केंद्र व कौशल्य विकास प्रशिक्षण केंद्र बांधण्यात येत आहे.

*३५०० पेक्षा जास्त नोकऱ्या*

१५५३ अधिसंख्य पदे निर्माण करून उमेजवारांना रुजू करून घेण्यात आले. तसेच २००० विद्यार्थ्यांना रखडलेली नोकरभरती कार्यवाही पूर्ण करून सेवेत रुजू करून घेण्याचा निर्णय घेण्यात आला. असे एकूण ३५५३ जणांना शासकीय सेवेत सामावून घेण्यात आले. आतापर्यंत वर्ग १ (७४), वर्ग २ (२३०) असे एकूण ३०४ मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांची एमपीएससीमार्फत निवड झाली आहे अशी माहितीही त्यांनी दिली.

मराठी समाजातील १२ आयएएस, १८ आयपीएस, ८ आयआरएस, १ आयएफएस व १२ इतर सेवांमध्ये असे एकूण ५१ जणांची निवड युपीएससीमार्फत झालेली आहे. एमफील व पीएचडीसाठी २१०९ विद्यार्थ्यांना लाभ दिला आहे. प्रति विद्यार्थी २० लाख रुपये पाच वर्षांसाठी फेलोशीपसाठी अनुदान दिले जाते, अशीही माहिती मुख्यमंत्र्यांनी दिली.

*स्पर्धा परीक्षेसाठी प्रोत्साहन, प्रशिक्षण*

मुख्यमंत्री म्हणाले की, परदेशी शिक्षणासाठी ७५ गुणवंत विद्यार्थ्यांना स्कॉलरशीप दिली जाते. एमएससाठी प्रति वर्ष ३० लाख याप्रमाणे दोन वर्षांसाठी ६० लाख जर विद्यार्थी पीएचडी करत असेल तर १ कोटी ६० लाख अनुदान दिले जाते. सारथी मार्फत छत्रपती शिवाजी महाराष स्मृती ग्रंथाच्या ५० हजार प्रती प्रकाशित करून विविध ग्रामपंचायत, पंचायत समिती, जिल्हा परीषद, नगरपालिका, महापालिका, माध्यमिक शाळा, शासकीय कार्यालयात वितरीत करण्यात आल्या आहेत. युपीएससीच्या तयारीसाठी मराठा समाजातील ५०० मुलांसाठी दरवर्षी दिल्ली व पुणे येथे प्रशिक्षण देण्यात येते. त्याचबरोबर एमपीएससीसाठी ७५० विद्यार्थ्यांना प्रशिक्षण दिले जाते.आयबीपीएस, नेट-सेट परिक्षेसाठी प्रशिक्षण दिले जाते. मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांना ओबीसीप्रमाणे देण्यात आलेल्या सवलती: विद्यार्थ्यांसाठी वसतीगृह सुविधा, शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ती, शिष्यवृत्ती, स्पर्धा परिक्षांमध्ये वयात सवलत व परिक्षा शुल्क सवलत, याप्रमाणे फायदे दिले जातात.

*स्वयंरोजगार व रोजगार आणि उद्योगांसाठी मोठे अर्थसहाय*

अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडळामार्फत स्वयंरोजगार व रोजगार आणि उद्योगांसाठी बॅंकामार्फत घेतलेल्या कर्जावरील व्याजाचा परतावा केला जातो. एकूण ६७ हजार १४८ बॅंक कर्ज लाभार्थ्यांना ४८५० कोटींचे कर्ज वितरीत करण्यात आलेले आहे. ५५ हजार ५१७ लाभार्थ्यांचा व्याज परतावा सुरू झालेला आहे. आतापर्यंत व्याज परताव्यापोटी लाभार्थ्यांना ५१६ कोटींचे अर्थसहाय्य देण्यात आले आहे. अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडळास आणि सारथीस ३०० कोटी रुपये निधी उपलब्ध करून दिला जातो. मनुष्यबळ व निधीमध्ये कोणतीही कमतरता भासू दिली जाणार नाही अशी ग्वाही त्यांनी दिली

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 04 सितम्बर 2023 दिन – सोमवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 04 सितम्बर 2023
दिन – सोमवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र में श्रावण)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – पंचमी शाम 04:41 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*⛅नक्षत्र – अश्विनी सुबह 09:26 तक तत्पश्चात भरणी*
*⛅योग – ध्रुव रात्रि 12:59 तक तत्पश्चात व्याघात*
*⛅राहु काल – सुबह 07:57 से 09:31 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:55*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:37 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:16 से 01:01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – नाग पंचमी (राजस्तान), माधवदेव तिथि (असम)*
*⛅विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹 जन्माष्टमी – 06/07 सितम्बर 2023 🌹*

*🔸इस साल जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी । दरअसल 6 सितम्बर को जन्माष्टमी दोपहर को शुरू हो रही है । इसलिए 6 सितम्बर को और 7 सितंबर को भी जन्माष्टमी मनाई जाएगी । इस साल जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि रात में पड़ रही है । अष्टमी तिथि 06 सितम्बर 2023 को शाम 15:37 बजे शुरू होगी और 07 सितम्बर को शाम 4:14 बजे समाप्त होगी, इसलिए भक्त दोनों दिन जन्माष्टमी मना सकते हैं । कहते हैं कि भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इस बार भी रोहिणी नक्षत्र पड़ रहा है । रोहिणी नक्षत्र 6 सितम्बर को जन्माष्टमी के दिन सुबह 09:20 बजे प्रारम्भ होगा और अगले दिन 7 सितम्बर को सुबह 10:25 पर समाप्त होगा ।*

*🔹जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा*

*🔸जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।*

*🔸जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है ।*

*🔸‘वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है । ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ – ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।*

*🔸बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।*

*🔸जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।*

*🔸उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है । जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।*

*🔸‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है ।*

*🔹लौंग के गुणधर्म🔹*

*🔸मलक्का एवं अंबोय के देश में लौंग के झाड़ अधिक उत्पन्न होते हैं । लौंग का उपयोग मसालों एवं सुगंधित पदार्थों में अधिक होता है । लौंग का तेल भी निकाला जाता है ।*

*🔸लौंग लघु, कडुवा, चक्षुष्य, रूचिकर, तीक्ष्ण, पाककाल में मधुर, पाचक, स्निग्ध, अग्निदीपक, हृद्य, वृष्य और विशद है। यह वायु, पित्त, कफ, आँव, शूल, आनाहवायु (आफरा), खाँसी, हिचकी, वात दोष, विष, छाती में चाँदी, तृषा, पीनस, रक्तदोष तथा ऊर्ध्व वायु का नाश करता है । लौंग मुँख, आमाशय एवं आँतों में रहने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं का नाश करने एवं सड़न को रोकने के गुण हैं ।*

*🔹आत्महत्या कभी नहीं करना🔹*

*🔸आत्महत्यारे घोर नरकों में जाते हैं और हजारों नरक-यातनाएँ भोगकर फिर देहाती सूअरों की योनि में जन्म लेते हैं । इसलिए समझदार मनुष्य को कभी भूलकर भी आत्महत्या नही करनी चाहिए । आत्महत्यारों का न तो इस लोक में और न परलोक में ही कल्याण होता है ।*

*(स्कंद पुराण, काशी खंड, पूर्वार्द्धः 12.12,13)*

*🔸आत्महत्या करने वाला मनुष्य 60 हजार वर्षों तक अंधतामिस्र नरक में निवास करता है। (पाराशर स्मृतिः 4.1-2)*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 04 सितम्बर 2023 दिन – सोमवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 04 सितम्बर 2023
दिन – सोमवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र में श्रावण)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – पंचमी शाम 04:41 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*⛅नक्षत्र – अश्विनी सुबह 09:26 तक तत्पश्चात भरणी*
*⛅योग – ध्रुव रात्रि 12:59 तक तत्पश्चात व्याघात*
*⛅राहु काल – सुबह 07:57 से 09:31 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:55*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:37 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:16 से 01:01 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – नाग पंचमी (राजस्तान), माधवदेव तिथि (असम)*
*⛅विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹 जन्माष्टमी – 06/07 सितम्बर 2023 🌹*

*🔸इस साल जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी । दरअसल 6 सितम्बर को जन्माष्टमी दोपहर को शुरू हो रही है । इसलिए 6 सितम्बर को और 7 सितंबर को भी जन्माष्टमी मनाई जाएगी । इस साल जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि रात में पड़ रही है । अष्टमी तिथि 06 सितम्बर 2023 को शाम 15:37 बजे शुरू होगी और 07 सितम्बर को शाम 4:14 बजे समाप्त होगी, इसलिए भक्त दोनों दिन जन्माष्टमी मना सकते हैं । कहते हैं कि भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इस बार भी रोहिणी नक्षत्र पड़ रहा है । रोहिणी नक्षत्र 6 सितम्बर को जन्माष्टमी के दिन सुबह 09:20 बजे प्रारम्भ होगा और अगले दिन 7 सितम्बर को सुबह 10:25 पर समाप्त होगा ।*

*🔹जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा*

*🔸जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।*

*🔸जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है ।*

*🔸‘वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है । ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ – ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।*

*🔸बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।*

*🔸जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।*

*🔸उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है । जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।*

*🔸‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है ।*

*🔹लौंग के गुणधर्म🔹*

*🔸मलक्का एवं अंबोय के देश में लौंग के झाड़ अधिक उत्पन्न होते हैं । लौंग का उपयोग मसालों एवं सुगंधित पदार्थों में अधिक होता है । लौंग का तेल भी निकाला जाता है ।*

*🔸लौंग लघु, कडुवा, चक्षुष्य, रूचिकर, तीक्ष्ण, पाककाल में मधुर, पाचक, स्निग्ध, अग्निदीपक, हृद्य, वृष्य और विशद है। यह वायु, पित्त, कफ, आँव, शूल, आनाहवायु (आफरा), खाँसी, हिचकी, वात दोष, विष, छाती में चाँदी, तृषा, पीनस, रक्तदोष तथा ऊर्ध्व वायु का नाश करता है । लौंग मुँख, आमाशय एवं आँतों में रहने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं का नाश करने एवं सड़न को रोकने के गुण हैं ।*

*🔹आत्महत्या कभी नहीं करना🔹*

*🔸आत्महत्यारे घोर नरकों में जाते हैं और हजारों नरक-यातनाएँ भोगकर फिर देहाती सूअरों की योनि में जन्म लेते हैं । इसलिए समझदार मनुष्य को कभी भूलकर भी आत्महत्या नही करनी चाहिए । आत्महत्यारों का न तो इस लोक में और न परलोक में ही कल्याण होता है ।*

*(स्कंद पुराण, काशी खंड, पूर्वार्द्धः 12.12,13)*

*🔸आत्महत्या करने वाला मनुष्य 60 हजार वर्षों तक अंधतामिस्र नरक में निवास करता है। (पाराशर स्मृतिः 4.1-2)*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

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