सुंदर विचार
*🌹सच्चा सेवक सुख और सम्मान की चाह नहीं रखता। जब कोई साधक सुख या सम्मान की लालसा को मिटाने के लिए सेवा करता है तो उसे सहज और सहजता से सुख और सम्मान मिलना शुरू हो जाता है। उसे आंतरिक आनंद मिलता है और उसका जीवन सहज रूप से सम्माननीय बन जाता है।*
आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 19 सितम्बर 2023 दिन – मंगलवार
आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 19 सितम्बर 2023 दिन – मंगलवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – चतुर्थी दोपहर 01:43 तक तत्पश्चात पंचमी*
*⛅नक्षत्र – स्वाती दोपहर 01:48 तक तत्पश्चात विशाखा*
*⛅योग – वैधृति 20 सितम्बर प्रातः 03:58 तक तत्पश्चात विष्कम्भ*
*⛅राहु काल – दोपहर 03:36 से 05:08 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:27*
*⛅सूर्यास्त – 06:40*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:53 से 05:40 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:10 से 12:57 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – गणेश चतुर्थी, शिवा चतुर्थी, मंगलवारी चतुर्थी*
*⛅विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है । पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🌹मंगलवारी चतुर्थी – 19 सितम्बर 2023🌹*
*🔸 पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर 01:43 तक*
*🌹जैसे सूर्य ग्रहण को दस लाख गुना फल होता है, वैसे ही मंगलवारी चतुर्थी को होता है । बहुत मुश्किल से ऐसा योग आता है । मत्स्य पुराण, नारद पुराण आदि शास्त्र में इसकी भारी महिमा है ।*
*🌹इस दिन अगर कोई जप, दान, ध्यान, संयम करता है तो वह दस लाख गुना प्रभावशाली होता है, ऐसा वेदव्यास जी ने कहा है ।*
🔹 *कर्जे से छुटकारा के लिए*🔹
*🔹मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना । जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है । बिना नमक का भोजन करें, मंगल देव का मानसिक आह्वान करें । चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें । कितना भी कर्जदार हो… काम धंधे से बेरोजगार हो… रोजी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा ।*
*🌹विघ्न निवारण हेतु*🌹
*🌹गणेश चतुर्थी के दिन ‘ॐ गं गणपतये नमः ।’ का जप करने और गुड़मिश्रित जल से गणेशजी को स्नान कराने एवं दूर्वा व सिंदूर की आहुति देने से विघ्नों का निवारण होता है तथा मेधाशक्ति बढ़ती है ।*
*🌹गणेश चतुर्थी : 19 सितम्बर 2023🌹*
*👉🏻 गणेश चतुर्थी का व्रत एवं पूजन 19 सितम्बर 2023 को है । ‘इस दिन स्नान, दान, जप और उपवास करने से 100 गुना फल होता है ।’ (भविष्यपुराण)*
*👉🏻 भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (कलंकी चौथ) को चन्द्रदर्शन करने से मिथ्या दोष लगता है । इस वर्ष दिनांक 18 सितम्बर और 19 सितम्बर – दो दिन चन्द्रदर्शन न करें ।*
*18 सितम्बर – चन्द्रदर्शन निषिद्ध (चन्द्रोस्त – रात्रि 08:40)*
*19 सितम्बर – चन्द्रदर्शन निषिद्ध (चन्द्रोस्त – रात्रि 09:18)*
🌹 *भूलवश चन्द्रदर्शन हो जाये तो उसका प्रभाव कम करने के लिये -*
*👉🏻 इस मंत्र का 21, 51 या 108 बार जप करके पवित्र किया हुआ जल पीयें ।*
*मंत्र:-*
*सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः ।*
*सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः ।।*
*अर्थ – ‘सुंदर सलोने कुमार ! इस मणि के लिये सिंह ने प्रसेन को मारा है और जाम्बवान् ने उस सिंह का संहार किया है; अतः तुम रोओ मत । अब इस स्यमन्तक मणि पर तुम्हारा ही अधिकार है ।’*
*(ब्रह्मवैवर्तपुराण)*
👉🏻 *‘श्रीमद् भागवत’ के 10वें स्कंध के 56-57वें अध्याय में दी गयी ‘स्यमंतक मणि की चोरी’ की कथा का आदरपूर्वक पठन-श्रवण करना चाहिए ।*
👉🏻 *भाद्रपद शुक्ल तृतीया या पंचमी के चन्द्रमा का दर्शन करना चाहिए ।*
*🌹शिवा चतुर्थी – 19 सितम्बर 2023🌹*
*🌹भविष्य पुराण के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का नाम ‘शिवा’ है । इस दिन किये गये स्नान, दान, उपवास, जप आदि सत्कर्म 100 गुना हो जाते हैं ।*
*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*
आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 17 सितम्बर 2023 दिन – रविवार
आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 17 सितम्बर 2023 दिन – रविवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – द्वितीया सुबह 11:08 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – हस्त सुबह 10:02 तक तत्पश्चात चित्रा*
*⛅योग – ब्रह्म 18 सितम्बर प्रातः 04:28 तक तत्पश्चात इन्द्र*
*⛅राहु काल – शाम 05:10 से 06:42 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:27*
*⛅सूर्यास्त – 06:42*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:53 से 05:40 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:11 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – श्री वराह जयन्ती, विश्वकर्मा पूजा, षडशीति-कन्या संक्रांति (पुण्यकाल दोपहर 01:43 से सूर्यास्त तक)*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🌹षडशीति-कन्या-संक्रांति : 17 सितम्बर 2023 🌹*
*🌹पुण्यकाल : दोपहर 01:43 से सूर्यास्त तक*
*🌹षडशीति संक्रांति में किये गए जप-ध्यान व पुण्यकर्म का फल 86000 हजार गुना होता है । -पद्म पुराण*
*🌹वराह जयंती – 17 सितम्बर 2023🌹*
*🌹वराह जयंती के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है । यह अवतार भगवान विष्णु का तीसरा अवतार माना जाता है । भगवान विष्णु ने यह अवतार सतयुग में लिया था । ऐसा माना जाता है कि हिरण्याक्ष नामक दैत्य का संहार करने हेतु भगवान विष्णु ने यह अवतार लिया था ।*
*🌹विश्वकर्मा पूजा – 17 सितम्बर 2023🌹*
*🌹इस दिन भगवान ब्रह्मा के सातवें पुत्र विश्वकर्मा का जन्म हुआ था । पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने इस संसार की रचना की थी तो उन्होंने इसको सजाने और संवारने का काम विश्वकर्मा जी को ही सौंपा था ।*
*🌹विश्वकर्मा जी ही इस संसार के पहले शिल्पकार और बढ़ई थे । इसी कारण इन्हें वास्तुकला का भगवान भी कहा जाता है । विश्वकर्मा जयंती कि खास बात ये है कि ये त्यौहार घरों में नहीं बल्कि दफ्तरों, कार्यस्थलों और व्यावसायिक स्थानों पर पूजा कर मनाया जाता है ।*
*🌹भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से इंजीनियर, बढ़ई, वेल्डर और मिस्त्री जैसे व्यवसाय से जुड़े लोगों को कुशलता हासिल होती है । साथ ही उनके जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है ।*
*🔹 रविवार विशेष🔹*
*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*
*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*
*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*
*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*
*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*
*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*
निमसाखर एज्युकेशन सोसायटीचे एन.ई.एस. हायस्कूल व कनिष्ठ महाविद्यालय निमसाखर तालुका इंदापूर जिल्हा पुणे, येथे दिनांक 15 व 16 सप्टेंबर रोजी तालुकास्तरीय कबड्डी स्पर्धेचे आयोजन करण्यात आले

कबड्डी सामने व्यवस्थित रित्या पार पाडण्यात आले.यासाठी विद्यालयातील सर्व क्रीडा शिक्षक व शिक्षिकानीसर्व खेळाडूंसाठी खूप मार्गदर्शन केले. दत्तात्रय पोपटराव ढोबळे यांनी संघाचे कोच म्हणून अत्यंत महत्त्वाची भूमिका पार पाडली.
आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 16 सितम्बर 2023 दिन – शनिवार
आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 16 सितम्बर 2023
दिन – शनिवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – प्रतिपदा सुबह 09:17 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी सुबह 07:36 तक तत्पश्चात हस्त*
*⛅योग – शुक्ल 17 सितम्बर प्रातः 04:13 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
*⛅राहु काल – सुबह 09:30 से 11:02 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:26*
*⛅सूर्यास्त – 06:43*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:53 से 05:39 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:11 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – द्वितीया चन्द्र दर्शन (शाम 06:43 से रात्रि 07:29), सामवेद उपाकर्म*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🔹लक्ष्मीप्राप्ति व घर में सुख-शांति हेतु🔹*
*🔹 ‘परमात्मा मेरे आत्मा हैं । ॐ आनंद, ॐ शांति, ॐ माधुर्य… ।’ घर में अन्न की कमी हो तो ऐसा चिंतन करके जौ का ध्यान करें, अन्न की कमी सदा के लिए मिट जायेगी । – पूज्य बापूजी*
*🔹घर में टूटी-फूटी अथवा अग्नि से जली हुई प्रतिमा की पूजा नहीं करनी चाहिए । ऐसी मूर्ति की पूजा करने से गृहस्वामी के मन में उद्वेग या अनिष्ट होता है । (वराह पुराण :१८६.३७)*
*🔹अशुभ क्या है ? (भाग-१)🔹*
*🔹 बिल्ली की धूलि शुभ प्रारब्ध का हरण करती है । (नारद पुराण, पूर्व भाग : 26.32)*
*🔹 कुत्ता रखने वालों के लिए स्वर्गलोक में स्थान नहीं है । उनका पुण्य क्रोधवश नामक राक्षस हर लेते हैं । (महाभारत, महाप्रयाण पर्व : 3.10)*
*🔹 ‘महाभारत’ में यह भी आया है कि ‘घर में टूटा-फूटा बर्तन, सामान (फर्नीचर), मुर्गा, कुत्ता, बिल्ली होना अच्छा नहीं है । ये शुभ गुणों को हरते हैं ।’*
*🔹 दूसरे का अन्न, दूसरे का वस्त्र, दूसरे का धन, दूसरे की शय्या, दूसरे की गाड़ी, दूसरे की स्त्री का सेवन और दूसरे के घर में वास – ये इन्द्र के भी ऐश्वर्य को नष्ट कर देते हैं । (शंखलिखित स्मृति : 17)*
*🔹जिस तरह शरीर में जीवन न हो तो वह मुर्दा शरीर अशुभ माना जाता है । इसी तरह खाली कलश भी अशुभ है । दूध, घी, पानी अथवा अनाज से भरा हुआ कलश कल्याणकारी माना जाता है । भरा हुआ घड़ा मांगलिकता का प्रतीक है ।*
*🌹 शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 🌹*
*🌹 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*
*🌹 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*
*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*
*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*
*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*
गाय आणि म्हशीच्या दुधात फरक फार कमी लोकांना माहीत आहे.
गाय आणि म्हशीच्या दुधात फरक फार कमी लोकांना माहीत आहे.
😡म्हैस आपल्या मुलापासून दूर पाठ करून बसते, जरी तिचे मूल कुत्र्यांनी खाल्ले तरी ती त्याला वाचवणार नाही.
🔴 तर गाईच्या पिल्लाकडे अनोळखी व्यक्ती आल्यास ( वाघ सुद्धा )जीव देईल पण तो जिवंत असताना बाळावर आच येऊ देणार नाही.
त्यामुळेच त्याच्या दुधात आपुलकीचा गुण मुबलक आहे.
म्हशीला घाण आवडते, चिखलात देखील बसेल ,
पण गाय शेणावरही बसणार नाही, तिला स्वच्छता आवडते.
म्हशीला घरापासून 2 किमी अंतरावर तलावात सोडून या, ती घरी येऊ शकत नाही, तिची स्मरणशक्ती शून्य आहे.
गायीला घरापासून ५ किमी अंतरावर सोडा.
तिला घरचा रस्ता माहित आहे, ती येईल.गायीच्या दुधात स्मरणशक्ती तीक्ष्ण असते.
दहा म्हशी बांधा आणि त्यांच्या पिल्लांना 20 फूट दूर सोडा, एकही मूल आईला ओळखू शकत नाही.
तर गोशाळांमध्ये दिवसभर गाई-वासरांना स्वतंत्र शेडमध्ये ठेवले जाते, संध्याकाळी जेव्हा प्रत्येकजण आईला भेटतो तेव्हा सर्व मुले (हजारोच्या संख्येने) आपल्या आईला ओळखतात आणि दूध पितात, ही गाईच्या दुधाची आठवण आहे.
म्हशीचे दूध काढल्यावर म्हैस सर्व दूध देते,
पण गाय थोडं दूध शिल्लक ठेवतर आणि जेव्हा ती आपली पिल्लं दूध पाजायला घेते तेव्हा शिल्लक दूध पाजते.
हे गुण गाईचे आहेत जे म्हशीत नाहीत.
रस्त्यावर मुले खेळत असतील आणि म्हैस धावत आली तर ती नक्कीच मुलांवर पाय ठेवते.
पण गाय आली तर ती मुलांवर कधीच पाय ठेवत नाही.
म्हशीला सूर्य आणि गरमी सहन होत नाही…
तर गाय मे-जूनमध्येही उन्हात बसू शकते.
म्हशीचे दूध तामसिक असते.गाईचे सात्विक असताना.
म्हशीच्या दुधात आळस भरलेला असतो, तिचे पिल्लू दिवसभर भांग खाल्ल्यासारखे पडून असते.
जेव्हा दूध काढण्याची वेळ येईल तेव्हा मालक ते उचलतो …
पण गायीचे वासरू एवढी उडी मारेल की तुम्ही दोरी सोडू शकणार नाही.
तरीही लोक म्हशी खरेदीसाठी लाखो रुपये खर्च करतात. तर गाईचे दूध हे अमृतसारखे आहे.
*(कॉपी पेस्ट)*
गाय आणि म्हशीच्या दुधात फरक फार कमी लोकांना माहीत आहे.
गाय आणि म्हशीच्या दुधात फरक फार कमी लोकांना माहीत आहे.
😡म्हैस आपल्या मुलापासून दूर पाठ करून बसते, जरी तिचे मूल कुत्र्यांनी खाल्ले तरी ती त्याला वाचवणार नाही.
🔴 तर गाईच्या पिल्लाकडे अनोळखी व्यक्ती आल्यास ( वाघ सुद्धा )जीव देईल पण तो जिवंत असताना बाळावर आच येऊ देणार नाही.
त्यामुळेच त्याच्या दुधात आपुलकीचा गुण मुबलक आहे.
म्हशीला घाण आवडते, चिखलात देखील बसेल ,
पण गाय शेणावरही बसणार नाही, तिला स्वच्छता आवडते.
म्हशीला घरापासून 2 किमी अंतरावर तलावात सोडून या, ती घरी येऊ शकत नाही, तिची स्मरणशक्ती शून्य आहे.
गायीला घरापासून ५ किमी अंतरावर सोडा.
तिला घरचा रस्ता माहित आहे, ती येईल.गायीच्या दुधात स्मरणशक्ती तीक्ष्ण असते.
दहा म्हशी बांधा आणि त्यांच्या पिल्लांना 20 फूट दूर सोडा, एकही मूल आईला ओळखू शकत नाही.
तर गोशाळांमध्ये दिवसभर गाई-वासरांना स्वतंत्र शेडमध्ये ठेवले जाते, संध्याकाळी जेव्हा प्रत्येकजण आईला भेटतो तेव्हा सर्व मुले (हजारोच्या संख्येने) आपल्या आईला ओळखतात आणि दूध पितात, ही गाईच्या दुधाची आठवण आहे.
म्हशीचे दूध काढल्यावर म्हैस सर्व दूध देते,
पण गाय थोडं दूध शिल्लक ठेवतर आणि जेव्हा ती आपली पिल्लं दूध पाजायला घेते तेव्हा शिल्लक दूध पाजते.
हे गुण गाईचे आहेत जे म्हशीत नाहीत.
रस्त्यावर मुले खेळत असतील आणि म्हैस धावत आली तर ती नक्कीच मुलांवर पाय ठेवते.
पण गाय आली तर ती मुलांवर कधीच पाय ठेवत नाही.
म्हशीला सूर्य आणि गरमी सहन होत नाही…
तर गाय मे-जूनमध्येही उन्हात बसू शकते.
म्हशीचे दूध तामसिक असते.गाईचे सात्विक असताना.
म्हशीच्या दुधात आळस भरलेला असतो, तिचे पिल्लू दिवसभर भांग खाल्ल्यासारखे पडून असते.
जेव्हा दूध काढण्याची वेळ येईल तेव्हा मालक ते उचलतो …
पण गायीचे वासरू एवढी उडी मारेल की तुम्ही दोरी सोडू शकणार नाही.
तरीही लोक म्हशी खरेदीसाठी लाखो रुपये खर्च करतात. तर गाईचे दूध हे अमृतसारखे आहे.
*(कॉपी पेस्ट)*
चेतना इंटरनॅशनल स्कूल सरडेवाडी येथे हिंदी दिन उत्साहात साजरा

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भारताला स्वातंत्र्य मिळाल्यानंतर पुढच्या 2 वर्षांतच म्हणजेच 14 सप्टेंबर 1949 दिवशी संविधान सभेने हिंदी भाषेची भारताची राजभाषा म्हणून निवड केली. या दिवसाचं औचित्य साधून 14 सप्टेंबर हा दिवस हिंदी दिवस म्हणून साजरा केला जातो.
चेतना इंटरनॅशनल स्कूल सरडेवाडी येथे 14 सप्टेंबर 2023 रोजी हिंदी दिन मोठ्या उत्साहात साजरा करण्यात आला. कार्यक्रमाची सुरुवात राष्ट्रगीताने करण्यात आली. या कार्यक्रमाच्या वेळी प्रमुख पाहुणे म्हणून मा.अध्यक्ष उदय देशपांडे सर , मा. सचिव विलास भोसले सर, मा.खजिनदार सोमनाथ माने सर उपस्थित होते .स्कूलच्या प्रिन्सिपल मा. निकिता माने मॅडम यांनी सर्व विद्यार्थ्यांना आपण हिंदी दिन का साजरा करतो? याबद्दल माहिती दिली. नंतर स्कूलच्या प्राध्यापिका प्रांजली मॅडम यांनी विद्यार्थ्यांना हिंदी दिनाचे महत्त्व सांगितले. आज या दिवशी विद्यार्थ्यांमध्ये हिंदी कविता स्पर्धा आयोजित करण्यात आली होती. ज्यामध्ये सर्व विद्यार्थ्यांनी सहभाग घेतला. इयत्ता तिसरीच्या विद्यार्थ्यांनी अतिशय उत्कृष्टरित्या हिंदी कविता सादर केल्या.
कार्यक्रमाची सांगता आभार प्रदर्शनाने झाली. व शेवटी वंदे मातरम घेऊन कार्यक्रम संपला असे जाहीर करण्यात आले.
आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 14 सितम्बर 2023 दिन – गुरुवार
आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 14 सितम्बर 2023
दिन – गुरुवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र में श्रावण)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – अमावस्या पूर्णरात्रि तक*
*⛅नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 15 सितम्बर प्रातः 04:54 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
*⛅योग – साध्य 15 सितम्बर प्रातः 03:00 तक तत्पश्चात शुभ*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:08 से 03:40 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:26*
*⛅सूर्यास्त – 06:45*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:52 से 05:39 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:12 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या, राष्ट्रभाषा दिवस*
*⛅विशेष – अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
*🔹भाद्रपद अमावस्या🔹*
*🔸14 सितम्बर प्रातः 04:48 से 15 सितम्बर सुबह 07:09 तक अमावस्या ।*
*🔹नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए🔹*
*🔹घर में हर अमावस्या अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।*
*🌹
*🔹अमावस्या विशेष🔹*
*🌹1. जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महीने भर का किया हुआ पुण्य दूसरे को (अन्नदाता को) मिल जाता है ।*
*(स्कंद पुराण, प्रभास खं. 207.11.13)*
*🌹2. अमावस्या के दिन पेड़-पौधों से फूल-पत्ते, तिनके आदि नहीं तोड़ने चाहिए, इससे ब्रह्महत्या का पाप लगता है ! (विष्णु पुराण)*
*🌹4. अमावस्या के दिन खेती का काम न करें, न मजदूर से करवाएं ।*
*🌹5. अमावस्या के दिन श्रीमद्भगवद्गीता का सातवाँ अध्याय पढ़ें और उस पाठ का पुण्य अपने पितरों को अर्पण करें । सूर्य को अर्घ्य दें और प्रार्थना करें । आज जो मैंने पाठ किया मेरे घर में जो गुजर गए हैं, उनको उसका पुण्य मिल जाए । इससे उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पत्ति बढ़ेगी ।*
*🔹गरीबी भगाने का शास्त्रीय उपाय🔹*
*🌹गरीबी है, बरकत नहीं है, बेरोजगारी ने गला घोंटा है तो फिक्र न करो । हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें ।*
*🔹सामग्री : १. काले तिल २. जौ ३. चावल ४. गाय का घी ५. चंदन पाउडर ६. गूगल ७. गुड़ ८. देशी कपूर एवं गौ चंदन या कण्डा ।*
*🌹विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवन कुण्ड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये मंत्रों से ५ आहुति दें ।*
*आहुति मंत्र*
*🌹 १. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
*🌹 २. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
*🌹 ३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
*🌹 ४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
*🌹 ५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः*
*🌹इस प्रयोग से थोड़े ही दिनों में स्वास्थ्य, समृद्धि और मन की प्रसन्नता दिखायी देगी ।*
*🔹आरोग्यप्रदायक – सूर्य मन्त्र🔹*
*ॐ नमोऽस्तु दिवाकराय अग्नि तत्वप्रवर्धकाय शमय शमय शोषय शोषय अग्नितत्वं समतां कुरु कुरु ॐ ।*
*🔸गर्मी से उत्पन्न शारीरिक रोग, बुद्धि की विकलता ( उन्माद ,पागलपन ) अथवा दुर्बलता, दृष्टि-रोग, अग्नि- तत्व की बिषमता, शरीर में जलन आदि हो तो इनके निवारण के लिए सूर्य मन्त्र हैं । किसी भी अमावस्या को 40 बार जप करने से यह मन्त्र सिद्ध हो जाता हैं ।*
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