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आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 नवम्बर 2023 दिन – रविवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 नवम्बर 2023*

दिन – रविवार

*⛅विक्रम संवत् – 2080*

*⛅शक संवत् – 1945*

*⛅अयन – दक्षिणायन*

*⛅ऋतु – हेमंत*

*⛅मास – कार्तिक*

*⛅पक्ष – कृष्ण*

*⛅तिथि – अष्टमी 06 नवम्बर प्रातः 03:18 तक तत्पश्चात नवमी*

*⛅नक्षत्र – पुष्य सुबह 10:29 तक तत्पश्चात अश्लेषा*

*⛅योग – शुभ दोपहर 01:37 तक तत्पश्चात शुक्ल*

*⛅राहु काल – शाम 04:35 से 06:00 तक*

*⛅सूर्योदय – 06:47*

*⛅सूर्यास्त – 06:00*

*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*

*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:04 से 05:55 तक*

*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*

*⛅व्रत पर्व विवरण – कालाष्टमी, रविपुष्यामृत योग (सूर्योदय से सुबह 10:29 तक)*

*⛅विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹रविपुष्यामृत योग : 05 नवम्बर 2023🌹*

*पूण्य काल: सूर्योदय से सुबह 10:29 तक*

*🔸पुष्टिप्रदायक पुष्य नक्षत्र का रविवार के साथ का संयोग ” रविपुष्यामृत योग ” कहलाता है । ‘ सर्वसिद्धिकरः पुष्यः । ‘ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है ।*

 *🌹यह योग मंत्रसिद्धि और औषधि – प्रयोग के लिए विशेष फलदायी है ।*

*🌹इस योग में किया गया जप-ध्यान, दान-पुण्य महाफलदायी होता है परंतु पुष्य में विवाह व उससे संबंधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित हैं । (शिव पुराण)*

*🔹आयुष्य, आरोग्य, ऐश्वर्य, सम्पत्ति और कीर्ति बढ़ाने के लिए🔹*

*ॐ ह्रीं घृणि: सूर्य आदित्य: क्लीं ॐ*

*🔸सुख-सौभाग्य की वृद्धि करने एवं दुःख-दारिद्र्य को दूर करने के लिए तथा रोग व दोष के शमन के लिए इस प्रभावकारी मंत्र की साधना रविवार के दिन से करने चाहिए । रविवार को खुले आकाश के नीचे पूर्व की ओर मुख करके शुद्ध ऊन के आसन पर अथवा कुशासन पर बैठकर काले तिल, जौ, गूगल, कपूर और घी मिश्रित शाकल (हवन-सामग्री) तैयार करके आम की लकड़ियों से अग्नि को प्रदीप्त कर उपरोक्त मंत्र से १०८ आहुतियाँ दें । तत्पश्च्यात सिद्धासन लगाकर इसी मंत्र का १०८ बार जप करें । जप करते समय दोनों भौहों के मध्य भाग में भगवान सूर्य का ध्यान करते रहें । इस तरह ११ दिन तक करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है । इस साधना में रविवार का व्रत (बिना नमक का, तेलहीन भोजन सूर्यास्त से पहले दिन में एक ही बार करना अनिवार्य है ।)*

*🔸इसके बाद प्रतिदिन स्नान के बाद ताम्र-पात्र में जल भरकर उपरोक्त मंत्र से सूर्य को अर्घ्य दें । जमीन पर जल न गिरे इसलिए नीचे दूसरा ताम्र-पात्र रखें । तत्पश्च्यात इस मंत्र का १०८ बार जप करें । मात्र इतना करने से आयुष्य, आरोग्य, ऐश्वर्य, सम्पत्ति और कीर्ति उत्तरोत्तर बढती हैं ।*

*🌹कैसे बदलें दुर्भाग्य को सौभाग्य में ?🌹*

*🔸बरगद (बड़) के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वास्तिक बनाकर घर में रखें । -लोक कल्याण सेतु पत्रिका*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 नवम्बर 2023 दिन – रविवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 नवम्बर 2023*

दिन – रविवार

*⛅विक्रम संवत् – 2080*

*⛅शक संवत् – 1945*

*⛅अयन – दक्षिणायन*

*⛅ऋतु – हेमंत*

*⛅मास – कार्तिक*

*⛅पक्ष – कृष्ण*

*⛅तिथि – अष्टमी 06 नवम्बर प्रातः 03:18 तक तत्पश्चात नवमी*

*⛅नक्षत्र – पुष्य सुबह 10:29 तक तत्पश्चात अश्लेषा*

*⛅योग – शुभ दोपहर 01:37 तक तत्पश्चात शुक्ल*

*⛅राहु काल – शाम 04:35 से 06:00 तक*

*⛅सूर्योदय – 06:47*

*⛅सूर्यास्त – 06:00*

*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*

*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:04 से 05:55 तक*

*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*

*⛅व्रत पर्व विवरण – कालाष्टमी, रविपुष्यामृत योग (सूर्योदय से सुबह 10:29 तक)*

*⛅विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹रविपुष्यामृत योग : 05 नवम्बर 2023🌹*

*पूण्य काल: सूर्योदय से सुबह 10:29 तक*

*🔸पुष्टिप्रदायक पुष्य नक्षत्र का रविवार के साथ का संयोग ” रविपुष्यामृत योग ” कहलाता है । ‘ सर्वसिद्धिकरः पुष्यः । ‘ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है ।*

 *🌹यह योग मंत्रसिद्धि और औषधि – प्रयोग के लिए विशेष फलदायी है ।*

*🌹इस योग में किया गया जप-ध्यान, दान-पुण्य महाफलदायी होता है परंतु पुष्य में विवाह व उससे संबंधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित हैं । (शिव पुराण)*

*🔹आयुष्य, आरोग्य, ऐश्वर्य, सम्पत्ति और कीर्ति बढ़ाने के लिए🔹*

*ॐ ह्रीं घृणि: सूर्य आदित्य: क्लीं ॐ*

*🔸सुख-सौभाग्य की वृद्धि करने एवं दुःख-दारिद्र्य को दूर करने के लिए तथा रोग व दोष के शमन के लिए इस प्रभावकारी मंत्र की साधना रविवार के दिन से करने चाहिए । रविवार को खुले आकाश के नीचे पूर्व की ओर मुख करके शुद्ध ऊन के आसन पर अथवा कुशासन पर बैठकर काले तिल, जौ, गूगल, कपूर और घी मिश्रित शाकल (हवन-सामग्री) तैयार करके आम की लकड़ियों से अग्नि को प्रदीप्त कर उपरोक्त मंत्र से १०८ आहुतियाँ दें । तत्पश्च्यात सिद्धासन लगाकर इसी मंत्र का १०८ बार जप करें । जप करते समय दोनों भौहों के मध्य भाग में भगवान सूर्य का ध्यान करते रहें । इस तरह ११ दिन तक करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है । इस साधना में रविवार का व्रत (बिना नमक का, तेलहीन भोजन सूर्यास्त से पहले दिन में एक ही बार करना अनिवार्य है ।)*

*🔸इसके बाद प्रतिदिन स्नान के बाद ताम्र-पात्र में जल भरकर उपरोक्त मंत्र से सूर्य को अर्घ्य दें । जमीन पर जल न गिरे इसलिए नीचे दूसरा ताम्र-पात्र रखें । तत्पश्च्यात इस मंत्र का १०८ बार जप करें । मात्र इतना करने से आयुष्य, आरोग्य, ऐश्वर्य, सम्पत्ति और कीर्ति उत्तरोत्तर बढती हैं ।*

*🌹कैसे बदलें दुर्भाग्य को सौभाग्य में ?🌹*

*🔸बरगद (बड़) के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वास्तिक बनाकर घर में रखें । -लोक कल्याण सेतु पत्रिका*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 04 नवम्बर 2023 दिन – शनिवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 04 नवम्बर 2023 दिन – शनिवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – हेमंत*
*⛅मास – कार्तिक*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – सप्तमी रात्रि 12:59 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र – पुनर्वसु सुबह 07:67 तक तत्पश्चात पुष्य*
*⛅योग – साध्य दोपहर 01:03 तक तत्पश्चात शुभ*
*⛅राहु काल – सुबह 09:35 से 10:59 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:46*
*⛅सूर्यास्त – 06:00*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:04 से 05:55 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹दूध के शत्रु अथवा दूध के विरोधी द्रव्य🔹*

*🔸मूंग, मूली, गुड़, मछली, मांस के साथ लिया हुआ दूध कोढ़ उत्पन्न करता है । प्रत्येक सब्जी, जामुन, शराब के साथ लिया हुआ दूध अज्ञानी मानव को सर्प की तरह मार डालता है ।*

*🔸प्रवाही या प्रवाही न हो ऐसे प्रत्येक गरम पदार्थ को दूध के साथ मिला कर नहीं खाना चाहिये । उसी तरह से हरे शाकभाजी, तेल, तल की खली, सरसव, कोठफल जामुन, नींबू, कटहल, विजोरु, बांस का फल, बोर, खट्टा अनार ऐसा दूसरा कोई भी फल खास करके खट्टे आम जैसा फल तथा बिल्व फल दूध के साथ विरोधी होने से एक साथ खाया नहीं जाता । अगर ये चीजें दूध के साथ खाई जायें तो बहरापन, अंधापन, शरीर में विवर्णता फीकापन, मूकपन आदि आते है और किसी समय मृत्यु भी होती है। पीसे हुए आटे के पदार्थ, आचार के साथ दूध का सेवन नहीं करना चाहिये ।*

*🔹दूध के मित्र🔹*

*🔸शहद, घी, मक्खन, अदरक, पीपर, कालीमिर्च, मिश्री या शक्कर, चूड़ा, परवल, सौंठ और हरड़े इतने द्रव्य में से कोई भी एक द्रव्य दूध के साथ लिया जाय तो यह उत्तम है ।*

*🔹दूध कैसे पियें🔹*

*🔸दूध को खूब फेंटकर झाग पैदा करके धीरे-धीरे घूँट-घूँट पीना चाहिए । इसका झाग त्रिदोष नाशक, बलवर्धक, तृप्ति कारक व हलका होता है । ये विशेषताएँ केवल देशी गाय के दूध में ही होती हैं । जर्सी गाय, भैंस अथवा बकरी आदि के दूध से उपरोक्त लाभ नहीं होते ।*

*🔹दूध कब न पीना ?🔹*

*🔸नया बुखार, कमजोर पाचन शक्ति मन्दाग्नि में, आंव के दोष में, कोढ़ के रोगी को, चर्मरोग वाले को, कफ के रोग में, खाँसी में, अतिसार (दस्त) वाले रोगी को दूध नहीं पीना चाहिये । प्रत्येक प्रकार का दूध कृमि-दोष उत्पन्न करता है । अतः कृमि रोग वाले व्यक्ति को मुख्यतः दूध का सेवन नहीं करना चाहिये ।*

 

*🔹 ग्रहदोष निवारण के लिए 🔹*

*🔹 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*

*🔸 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*

*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*

*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 04 नवम्बर 2023 दिन – शनिवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 04 नवम्बर 2023 दिन – शनिवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – हेमंत*
*⛅मास – कार्तिक*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – सप्तमी रात्रि 12:59 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र – पुनर्वसु सुबह 07:67 तक तत्पश्चात पुष्य*
*⛅योग – साध्य दोपहर 01:03 तक तत्पश्चात शुभ*
*⛅राहु काल – सुबह 09:35 से 10:59 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:46*
*⛅सूर्यास्त – 06:00*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:04 से 05:55 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹दूध के शत्रु अथवा दूध के विरोधी द्रव्य🔹*

*🔸मूंग, मूली, गुड़, मछली, मांस के साथ लिया हुआ दूध कोढ़ उत्पन्न करता है । प्रत्येक सब्जी, जामुन, शराब के साथ लिया हुआ दूध अज्ञानी मानव को सर्प की तरह मार डालता है ।*

*🔸प्रवाही या प्रवाही न हो ऐसे प्रत्येक गरम पदार्थ को दूध के साथ मिला कर नहीं खाना चाहिये । उसी तरह से हरे शाकभाजी, तेल, तल की खली, सरसव, कोठफल जामुन, नींबू, कटहल, विजोरु, बांस का फल, बोर, खट्टा अनार ऐसा दूसरा कोई भी फल खास करके खट्टे आम जैसा फल तथा बिल्व फल दूध के साथ विरोधी होने से एक साथ खाया नहीं जाता । अगर ये चीजें दूध के साथ खाई जायें तो बहरापन, अंधापन, शरीर में विवर्णता फीकापन, मूकपन आदि आते है और किसी समय मृत्यु भी होती है। पीसे हुए आटे के पदार्थ, आचार के साथ दूध का सेवन नहीं करना चाहिये ।*

*🔹दूध के मित्र🔹*

*🔸शहद, घी, मक्खन, अदरक, पीपर, कालीमिर्च, मिश्री या शक्कर, चूड़ा, परवल, सौंठ और हरड़े इतने द्रव्य में से कोई भी एक द्रव्य दूध के साथ लिया जाय तो यह उत्तम है ।*

*🔹दूध कैसे पियें🔹*

*🔸दूध को खूब फेंटकर झाग पैदा करके धीरे-धीरे घूँट-घूँट पीना चाहिए । इसका झाग त्रिदोष नाशक, बलवर्धक, तृप्ति कारक व हलका होता है । ये विशेषताएँ केवल देशी गाय के दूध में ही होती हैं । जर्सी गाय, भैंस अथवा बकरी आदि के दूध से उपरोक्त लाभ नहीं होते ।*

*🔹दूध कब न पीना ?🔹*

*🔸नया बुखार, कमजोर पाचन शक्ति मन्दाग्नि में, आंव के दोष में, कोढ़ के रोगी को, चर्मरोग वाले को, कफ के रोग में, खाँसी में, अतिसार (दस्त) वाले रोगी को दूध नहीं पीना चाहिये । प्रत्येक प्रकार का दूध कृमि-दोष उत्पन्न करता है । अतः कृमि रोग वाले व्यक्ति को मुख्यतः दूध का सेवन नहीं करना चाहिये ।*

 

*🔹 ग्रहदोष निवारण के लिए 🔹*

*🔹 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*

*🔸 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*

*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*

*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 03 नवम्बर 2023 दिन – शुक्रवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 03 नवम्बर 2023
दिन – शुक्रवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – हेमंत*
*⛅मास – कार्तिक*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – षष्ठी रात्रि 11:07 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – पुनर्वसु पूर्ण रात्रि तक*
*⛅योग – सिद्ध दोपहर 12:53 तक तत्पश्चात साध्य*
*⛅राहु काल – दोपहर 01:48 से 03:12 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:45*
*⛅सूर्यास्त – 06:01*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:04 से 05:54 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹धन-लाभ के साथ पायें पुण्यलाभ व आरोग्य🔹*

*🔸व्यवसाय में लाभ नहीं हो रहा हो तो शुक्रवार के दिन शाम की संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास देशी गाय के घी या तिल के तेल का दीपक जलायें । परब्रह्म-प्रकाशस्वरूपा दीपज्योति को नमस्कार करें और निम्न मंत्रों का उच्चारण करें :*

*दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः ।*
*दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥*
*शुभं करोतु कल्याणमारोग्यं सुखसम्पदाम् ।* *शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥*

*🔹जन्मदिन कैसे मनायें ?🔹*

*🔸बच्चों को अपना जन्मदिन मनाने का बड़ा शौक होता है और उनमें उस दिन बड़ा उत्साह होता है लेकिन अपनी परतंत्र मानसिकता के कारण हम उस दिन भी बच्चे के दिमाग पर अंग्रजियत की छाप छोड़कर अपने साथ, उनके साथ व देश तथा संस्कृति के साथ बड़ा अन्याय कर रहे हैं ।*

*🔸बच्चों के जन्मदिन पर हम केक बनवाते हैं तथा बच्चे को जितने वर्ष हुए हों उतनी मोमबत्तियाँ केक पर लगवाते हैं । उनको जलाकर फिर फूँक मारकर बुझा देते हैं ।*

*🔸ज़रा विचार तो कीजिए के हम कैसी उल्टी गंगा बहा रहे हैं ! जहाँ दीये जलाने चाहिए वहाँ बुझा रहे हैं । जहाँ शुद्ध चीज़ खानी चाहिए वहीं फूँक मारकर उड़े हुए थूक से जूठे बने हुए केक को हम बड़े चाव से खाते हैं! जहाँ हमें गरीबों को अन्न खिलाना चाहिए वहीं हम बड़ी पार्टियों का आयोजन कर व्यर्थ पैसा उड़ा रहे हैं ! कैसा विचित्र है आज का हमारा समाज ?*

*🔸हमें चाहिए कि हम बच्चों को उनके जन्मदिन पर भारतीय संस्कार व पद्धति के अनुसार ही कार्य करना सिखाएँ ताकि इन मासूम को हम अंग्रेज न बनाकर सम्माननीय भारतीय नागरिक बनायें ।*

*🔹1. मान लो, किसी बच्चे का 11 वाँ जन्मदिन है तो थोड़े-से अक्षत् (चावल) लेकर उन्हें हल्दी, कुंकुम, गुलाल, सिंदूर आदि मांगलिक द्रव्यों से रंग ले एवं उनसे स्वस्तिक बना लें । उस स्वस्तिक पर 11 छोटे-छोटे दीये रख दें और 12 वें वर्ष की शुरूआत के प्रतीकरूप एक बड़ा दीया रख दें। फिर घर के बड़े सदस्यों से सब दीये जलवायें एवं बड़ों को प्रणाम करके उनका आशीर्वाद ग्रहण करें ।*

*🔹2. पार्टियों में फालतू का खर्च करने के बजाए बच्चों के हाथों से गरीबों में, अनाथालयों में भोजन, वस्त्रादि का वितरण करवाकर अपने धन को सत्कर्म में लगाने के सुसंस्कार सुदृढ़ करें ।*

*🔹3. लोगों के पास से चीज-वस्तुएँ लेने के बजाए हम अपने बच्चों के हाथों दान करवाना सिखाएँ ताकि उनमें लेने की वृत्ति नहीं अपितु देने की वृत्ति को बल मिले ।*

*🔹4. हमें बच्चों से नये कार्य करवाकर उनमें देशहित की भावना का संचार करना चाहिए । जैसे, पेड़-पौधे लगवाना इत्यादि ।*

*🔹5. बच्चों को इस दिन अपने गत वर्ष का हिसाब करना चाहिए यानि कि उन्होंने वर्ष भर में क्या-क्या अच्छे काम किये ? क्या-क्या बुरे काम किये? जो अच्छे कार्य किये उन्हें भगवान के चरणों में अर्पण करना चाहिए एवं जो बुरे कार्य हुए उनको भूलकर आगे उसे न दोहराने व सन्मार्ग पर चलने का संकल्प करना चाहिए ।*

*🔹6. उनसे संकल्प करवाना चाहिए कि वे नए वर्ष में पढ़ाई, साधना, सत्कर्म, सच्चाई तथा ईमानदारी में आगे बढ़कर अपने माता-पिता व देश के गौरव को बढ़ायेंगे ।*

*🔸उपरोक्त सिद्धान्तों के अनुसार अगर हम बच्चों के जन्मदिन को मनाते हैं तो जरूर समझ लें कि हम कदाचित् उन्हें भौतिक रूप से भले ही कुछ न दे पायें लेकिन इन संस्कारों से ही हम उन्हें महान बना सकते हैं । उन्हें ऐसे महकते फूल बना सकते हैं कि अपनी सुवास से वे केवल अपना घर, पड़ोस, शहर, राज्य व देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को सुवासित कर सकेंगे ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 03 नवम्बर 2023 दिन – शुक्रवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 03 नवम्बर 2023
दिन – शुक्रवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – हेमंत*
*⛅मास – कार्तिक*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – षष्ठी रात्रि 11:07 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – पुनर्वसु पूर्ण रात्रि तक*
*⛅योग – सिद्ध दोपहर 12:53 तक तत्पश्चात साध्य*
*⛅राहु काल – दोपहर 01:48 से 03:12 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:45*
*⛅सूर्यास्त – 06:01*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:04 से 05:54 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹धन-लाभ के साथ पायें पुण्यलाभ व आरोग्य🔹*

*🔸व्यवसाय में लाभ नहीं हो रहा हो तो शुक्रवार के दिन शाम की संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास देशी गाय के घी या तिल के तेल का दीपक जलायें । परब्रह्म-प्रकाशस्वरूपा दीपज्योति को नमस्कार करें और निम्न मंत्रों का उच्चारण करें :*

*दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः ।*
*दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥*
*शुभं करोतु कल्याणमारोग्यं सुखसम्पदाम् ।* *शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥*

*🔹जन्मदिन कैसे मनायें ?🔹*

*🔸बच्चों को अपना जन्मदिन मनाने का बड़ा शौक होता है और उनमें उस दिन बड़ा उत्साह होता है लेकिन अपनी परतंत्र मानसिकता के कारण हम उस दिन भी बच्चे के दिमाग पर अंग्रजियत की छाप छोड़कर अपने साथ, उनके साथ व देश तथा संस्कृति के साथ बड़ा अन्याय कर रहे हैं ।*

*🔸बच्चों के जन्मदिन पर हम केक बनवाते हैं तथा बच्चे को जितने वर्ष हुए हों उतनी मोमबत्तियाँ केक पर लगवाते हैं । उनको जलाकर फिर फूँक मारकर बुझा देते हैं ।*

*🔸ज़रा विचार तो कीजिए के हम कैसी उल्टी गंगा बहा रहे हैं ! जहाँ दीये जलाने चाहिए वहाँ बुझा रहे हैं । जहाँ शुद्ध चीज़ खानी चाहिए वहीं फूँक मारकर उड़े हुए थूक से जूठे बने हुए केक को हम बड़े चाव से खाते हैं! जहाँ हमें गरीबों को अन्न खिलाना चाहिए वहीं हम बड़ी पार्टियों का आयोजन कर व्यर्थ पैसा उड़ा रहे हैं ! कैसा विचित्र है आज का हमारा समाज ?*

*🔸हमें चाहिए कि हम बच्चों को उनके जन्मदिन पर भारतीय संस्कार व पद्धति के अनुसार ही कार्य करना सिखाएँ ताकि इन मासूम को हम अंग्रेज न बनाकर सम्माननीय भारतीय नागरिक बनायें ।*

*🔹1. मान लो, किसी बच्चे का 11 वाँ जन्मदिन है तो थोड़े-से अक्षत् (चावल) लेकर उन्हें हल्दी, कुंकुम, गुलाल, सिंदूर आदि मांगलिक द्रव्यों से रंग ले एवं उनसे स्वस्तिक बना लें । उस स्वस्तिक पर 11 छोटे-छोटे दीये रख दें और 12 वें वर्ष की शुरूआत के प्रतीकरूप एक बड़ा दीया रख दें। फिर घर के बड़े सदस्यों से सब दीये जलवायें एवं बड़ों को प्रणाम करके उनका आशीर्वाद ग्रहण करें ।*

*🔹2. पार्टियों में फालतू का खर्च करने के बजाए बच्चों के हाथों से गरीबों में, अनाथालयों में भोजन, वस्त्रादि का वितरण करवाकर अपने धन को सत्कर्म में लगाने के सुसंस्कार सुदृढ़ करें ।*

*🔹3. लोगों के पास से चीज-वस्तुएँ लेने के बजाए हम अपने बच्चों के हाथों दान करवाना सिखाएँ ताकि उनमें लेने की वृत्ति नहीं अपितु देने की वृत्ति को बल मिले ।*

*🔹4. हमें बच्चों से नये कार्य करवाकर उनमें देशहित की भावना का संचार करना चाहिए । जैसे, पेड़-पौधे लगवाना इत्यादि ।*

*🔹5. बच्चों को इस दिन अपने गत वर्ष का हिसाब करना चाहिए यानि कि उन्होंने वर्ष भर में क्या-क्या अच्छे काम किये ? क्या-क्या बुरे काम किये? जो अच्छे कार्य किये उन्हें भगवान के चरणों में अर्पण करना चाहिए एवं जो बुरे कार्य हुए उनको भूलकर आगे उसे न दोहराने व सन्मार्ग पर चलने का संकल्प करना चाहिए ।*

*🔹6. उनसे संकल्प करवाना चाहिए कि वे नए वर्ष में पढ़ाई, साधना, सत्कर्म, सच्चाई तथा ईमानदारी में आगे बढ़कर अपने माता-पिता व देश के गौरव को बढ़ायेंगे ।*

*🔸उपरोक्त सिद्धान्तों के अनुसार अगर हम बच्चों के जन्मदिन को मनाते हैं तो जरूर समझ लें कि हम कदाचित् उन्हें भौतिक रूप से भले ही कुछ न दे पायें लेकिन इन संस्कारों से ही हम उन्हें महान बना सकते हैं । उन्हें ऐसे महकते फूल बना सकते हैं कि अपनी सुवास से वे केवल अपना घर, पड़ोस, शहर, राज्य व देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को सुवासित कर सकेंगे ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

सरकारने घेतलेला आजचा एकही निर्णय आम्हाला मान्य नाही;सरसकट प्रमाणपत्रांचा निर्णय घ्या,अन्यथा मनोज जरांगेंचा इशारा

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सरकारने घेतलेला आजचा एकही निर्णय आम्हाला मान्य नाही;सरसकट प्रमाणपत्रांचा निर्णय घ्या,अन्यथा

मनोज जरांगेंचा इशारा

मुंबई – मराठा आरक्षणाच्या मुद्यावर सुरू असलेले आंदोलन शमवण्यासाठी न्या. शिंदे समितीच्या आधारे कुणबी प्रमाणपत्र देण्याचा निर्णय घेतला.मात्र, उपोषणावर असलेल्या मनोज जरांगे यांनी सरकारचा निर्णय अमान्य असल्याचे म्हटले आहे.*

*👉🛑🛑👉सरकारने घेतलेले आजचा एकही निर्णय आम्हाला मान्य नाही. अर्धवट प्रमाणपत्र घेणार नाही आणि वाटू देणार नाहीत, असेही मनोज जरांगे यांनी म्हटले. मराठा आरक्षणासाठी विशेष अधिवेशन बोलावण्याची मागणी त्यांनी केली. सरकारने पावले न उचलल्यास उद्यापासून पाणी घेणेही बंद करू, पुढील परिणामाला सरकार जबाबदार असेल असेही त्यांनी म्हटले.*

*👉🟥🟥👉बीडमधील हिंसाचार प्रकरणी निर्दोष मराठा युवकांना अटक करण्यात आली असून ही दडपशाही बंद करावी असा इशाराही जरांगे यांनी दिला.मनोज जरांगे यांनी अंतरवाली सराटीमध्ये उपोषण स्थळावरून माध्यमांशी संवाद साधला. मनोज जरांगे यांनी म्हटले की, सकाळी सरकारला सांगितले होते की सरसकट निर्णय घ्यावा. ज्यांच्याकडे नोंदी आहे, त्यांनाच कुणबी प्रमाणपत्र न देता सरसकट प्रमाणपत्र देण्याची मागणी जरांगे यांनी केली. राज्य सरकारने विशेष अधिवेशन बोलावण्याची घोषणा करून शिंदे समितीचा प्रथम अहवाल तयार करावा.*

*👉🛑🛑👉उद्यापर्यत ठोस निर्णय घेतला नाही तर उद्या पासून पाणी घेणे बंद करणार असल्याचा इशाराही जरांगे यांनी दिला.*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 02 नवम्बर 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 02 नवम्बर 2023
दिन – गुरुवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – हेमंत*
*⛅मास – कार्तिक*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – पंचमी रात्रि 09:52 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*⛅नक्षत्र – आर्द्रा 03 नवम्बर प्रातः 05:57 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
*⛅योग – शिव दोपहर 01:14 तक तत्पश्चात सिद्ध*
*⛅राहु काल – दोपहर 01:48 से 03:12 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:45*
*⛅सूर्यास्त – 06:01*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:03 से 05:54 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹घर में सुख-शांति के लिए🔹*

*🔹वास्तुशास्त्र के नियमों के उचित पालन से शरीर की जैव-रासायनिक क्रिया को संतुलित रखने में सहायता मिलती है ।*

*🔹घर या वास्तु के मुख्य दरवाजे में देहरी (दहलीज) लगाने से अनेक अनिष्टकारी शक्तियाँ प्रवेश नहीं कर पातीं व दूर रहती हैं । प्रतिदिन सुबह मुख्य द्वार के सामने हल्दी, कुमकुम व गोमूत्र मिश्रित गोबर से स्वस्तिक, कलश आदि आकारों में रंगोली बनाकर देहरी (दहलीज) एवं रंगोली की पूजा कर परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि ‘हे ईश्वर ! आप मेरे घर व स्वास्थ्य की अनिष्ट शक्तियों से रक्षा करें ।’*

*🔹प्रवेश-द्वार के ऊपर नीम, आम, अशोक आदि के पत्ते का तोरण (बंदनवार) बाँधना मंगलकारी है ।*

*🔹वास्तु कि मुख्य द्वार के सामने भोजन-कक्ष, रसोईघर या खाने की मेज नहीं होनी चाहिए ।*

*🔹मुख्य द्वार के अलावा पूजाघर, भोजन-कक्ष एवं तिजोरी के कमरे के दरवाजे पर भी देहरी (दहलीज) अवश्य लगवानी चाहिए ।*

*🔹भूमि-पूजन, वास्तु-शांति, गृह-प्रवेश आदि सामान्यतः शनिवार एवं मंगलवार को नहीं करने चाहिए ।*

*🔹गृहस्थियों को शयन-कक्ष में सफेद संगमरमर नहीं लगावाना चाहिए । इसे मन्दिर मे लगाना उचित है क्योंकि यह पवित्रता का द्योतक है ।*

*🔹कार्यालय के कामकाज, अध्ययन आदि के लिए बैठने का स्थान छत की बीम के नीचे नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे मानसिक दबाव रहता है ।*

*🔹बीम के नीचे वाले स्थान में भोजन बनाना व करना नहीं चाहिए । इससे आर्थिक हानि हो सकती है । बीम के नीचे सोने से स्वास्थ्य में गड़बड़ होती है तथा नींद ठीक से नहीं आती ।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 02 नवम्बर 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 02 नवम्बर 2023
दिन – गुरुवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – हेमंत*
*⛅मास – कार्तिक*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – पंचमी रात्रि 09:52 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*⛅नक्षत्र – आर्द्रा 03 नवम्बर प्रातः 05:57 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
*⛅योग – शिव दोपहर 01:14 तक तत्पश्चात सिद्ध*
*⛅राहु काल – दोपहर 01:48 से 03:12 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:45*
*⛅सूर्यास्त – 06:01*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:03 से 05:54 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹घर में सुख-शांति के लिए🔹*

*🔹वास्तुशास्त्र के नियमों के उचित पालन से शरीर की जैव-रासायनिक क्रिया को संतुलित रखने में सहायता मिलती है ।*

*🔹घर या वास्तु के मुख्य दरवाजे में देहरी (दहलीज) लगाने से अनेक अनिष्टकारी शक्तियाँ प्रवेश नहीं कर पातीं व दूर रहती हैं । प्रतिदिन सुबह मुख्य द्वार के सामने हल्दी, कुमकुम व गोमूत्र मिश्रित गोबर से स्वस्तिक, कलश आदि आकारों में रंगोली बनाकर देहरी (दहलीज) एवं रंगोली की पूजा कर परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि ‘हे ईश्वर ! आप मेरे घर व स्वास्थ्य की अनिष्ट शक्तियों से रक्षा करें ।’*

*🔹प्रवेश-द्वार के ऊपर नीम, आम, अशोक आदि के पत्ते का तोरण (बंदनवार) बाँधना मंगलकारी है ।*

*🔹वास्तु कि मुख्य द्वार के सामने भोजन-कक्ष, रसोईघर या खाने की मेज नहीं होनी चाहिए ।*

*🔹मुख्य द्वार के अलावा पूजाघर, भोजन-कक्ष एवं तिजोरी के कमरे के दरवाजे पर भी देहरी (दहलीज) अवश्य लगवानी चाहिए ।*

*🔹भूमि-पूजन, वास्तु-शांति, गृह-प्रवेश आदि सामान्यतः शनिवार एवं मंगलवार को नहीं करने चाहिए ।*

*🔹गृहस्थियों को शयन-कक्ष में सफेद संगमरमर नहीं लगावाना चाहिए । इसे मन्दिर मे लगाना उचित है क्योंकि यह पवित्रता का द्योतक है ।*

*🔹कार्यालय के कामकाज, अध्ययन आदि के लिए बैठने का स्थान छत की बीम के नीचे नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे मानसिक दबाव रहता है ।*

*🔹बीम के नीचे वाले स्थान में भोजन बनाना व करना नहीं चाहिए । इससे आर्थिक हानि हो सकती है । बीम के नीचे सोने से स्वास्थ्य में गड़बड़ होती है तथा नींद ठीक से नहीं आती ।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

मी सरकारला शेवटचं सांगतो…मनोज जरांगे पाटील यांचा निर्वाणीचा इशारा

“मी सरकारला शेवटचं सांगतो…मनोज जरांगे पाटील यांचा निर्वाणीचा इशारा*

*👉🛑🛑👉कुणाचा जीव गेला तर ती संपूर्ण जबाबदारी सरकारची असेल*

*👉💥💥👉मराठा बांधवांना माझी विनंती आहे की आरक्षणासाठी कुणीही आत्महत्या करु नये. माझी सरकारलाही विनंती आहे आहे की आरक्षणाचा प्रश्न गांभीर्याने घ्या. राज्य सरकारला शेवटचं सांगतो की त्यांनी मराठा समाजाला तातडीने आरक्षण द्यावं. कुणीही उग्र आंदोलन करु नका अशी विनंती मी मराठा बांधवांना करतो आहे असं मनोज जरांगे पाटील यांनी म्हटलं आहे. आंतरवली सराटी गावात मनोज जरांगे पाटील उपोषणाला बसले आहेत. त्यातूनच हे आवाहन मनोज जरांगे पाटील यांनी केलं आहे.*

*👉🅾️🅾️👉२९ ऑक्टोबरपासून दुसऱ्या टप्प्यातलं आंदोलन*

*२९ ऑक्टोबरपासून साखळी उपोषण सुरु केलं जाणार आहेच. पण ज्यांना शक्य आहे त्यांनी हे उपोषण नक्की करा. वयोवृद्ध माणसांचा विचार करा. माझी तरुणांना आणखी एक विनंती आहे की २९ तारखेपासून प्रत्येक गावात तरुण आंदोलकांनी बेमुदत उपोषण सुरु करा. तसं झालं तर सरकारला आपल्या प्रश्नाची दखल घ्यावीच लागेल. तसंच आपल्या गावात कुठल्याही राजकीय पक्षाच्या नेत्याला येऊ द्यायचं नाही आणि कुणाच्या दारात आपणही जायचं नाही. आधी मराठा आरक्षण मिळालं पाहिजे त्यानंतर नेत्यांना येऊ द्या असंही मनोज जरांगे पाटील यांनी म्हटलं आहे. दुसऱ्या टप्प्यातलं आंदोलन २९ तारखेपासून सुरु होईल. या आंदोलनात कुणाला काही झालं तर त्याची संपूर्ण जबाबदारी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री आणि सरकारची असणार आहे असंही मनोज जरांगे पाटील यांनी स्पष्ट केलं. आमरण उपोषणाठी २९ पासून अनेक लोक बसणार आहेत. यात कुणाचा जीव गेला तर ती संपूर्ण जबाबदारी सरकारची असेल. सगळ्यांनी शांततेत उपोषण सुरु करावं अशी मी विनंती करतो आहे असंही मनोज जरांगे पाटील यांनी म्हटलं आहे.*

*👉🟥🟥👉३१ ऑक्टोबरपासून आंदोलनाचा तिसरा टप्पा सुरु होईल*

*तिसऱ्या टप्प्यातलं आंदोलन ३१ ऑक्टोबरपासून सुरु होईल. आरक्षण मिळणार आहे मात्र कुणी आत्महत्या करु नका असंही आवाहन मनोज जरांगे पाटील म्हणाले आहेत. माझ्या पोटात चार दिवसांपासून पाणीही नाही. मला त्रास होतो आहे. मात्र त्यापेक्षा मराठा समाजाला होणारा त्रास खूप मोठा आहे. माझ्या त्रासापेक्षा माझ्या समाजाचा, पोरांचा त्रास जास्त होतो आहे. माझ्या समाजाला आरक्षण कसं मिळेल यासाठी मी उपोषणाला बसलो आहे असंही जरांगे पाटील यांनी म्हटलं आहे.*

*👉🅾️🅾️👉मराठा समाजासाठी पुन्हा आंदोलन सुरु झाल्यापासून महाराष्ट्र सरकारतर्फे मुख्यमंत्री किंवा उपमुख्यमंत्री यांनी कुणीही आपल्याशी संपर्क केलेला नाही. त्यांना कदाचित मराठा आरक्षणाचा प्रश्न गंभीर वाटत नसावा. त्यांना आम्ही शांततेच्या मार्गाने आंदोलन करुन उत्तर देऊ असंही मनोज जरांगे पाटील यांनी म्हटलं आहे.

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