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आज का हिन्दू पंचांगदि नांक – 17 जनवरी 2024 दिन – बुधवार

आज का हिन्दू पंचांगदि नांक – 17 जनवरी 2024 दिन – बुधवार

*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – शिशिर*
*⛅मास – पौष*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – सप्तमी रात्रि 10:06 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र – रेवती 18 जनवरी प्रातः 03:33 तक तत्पश्चात अश्विनी*
*⛅योग – शिव शाम 05 :13 तक तत्पश्चात सिद्ध*
*⛅राहु काल – दोहर 12:50 से 02:11 तक*
*⛅सूर्योदय – 07:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:16*
*⛅दिशा शूल – उत्तर*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:38 से 06:30 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:23 से 01:16 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – गुरु गोविंदसिंहजी जयंती (ति. अ)*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔸वायु की तकलीफ में🔸*

*🔹वायु की तकलीफ है, जोडों का दर्द है तो १०-१५ तुलसी के पत्ते, १-२ काली मिर्च, १०-१५ ग्राम गाय का घी मिलाकर खाया करें । वायु सम्बन्धी बीमारियों में आराम होगा ।*

*🔸कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो…🔸*

*🔹घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें ।*

*🔹नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये ।*

*🔹कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें । ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है ।*

*🔹स्वप्न में देशी गौवंश व गौ-उत्पादों के दर्शन से शुभ फल*

*🔸स्वप्न में गौओं, उनसे प्राप्त दूध, दही आदि गव्यों तथा प्रसंगों, क्रियाओं के दर्शन से नीचे दिये अनुसार विभिन्न फल प्राप्त होते हैं ।*

*🔸१] साँड अथवा गौ-दर्शन से कल्याण-लाभ, व्याधि-नाश, कुटुम्ब-वृद्धि होती है । सभी काली वस्तुओं का दर्शन निंद्ध माना जाता है जबकि काली गाय का दर्शन शुभ होता है । गौ के थन को चूसना भी श्रेष्ठ माना गया है ।*

*🔸२] गौ का घर में ब्याना, बैल या साँड की सवारी करना, तालाब के बीच में घी-मिश्रित खीर का भोजन उत्तम माना गया है । घी सहित खर का भोजन तो राज्यप्राप्ति का सूचक माना गया है ।*

*🔸३] स्वप्न में ताजे दुहे हुए फेनसहित दुग्ध का पान करनेवाले को अनेक भोगों की तथा दही के दर्शन से प्रसन्नता की प्राप्ति होती है ।*

*🔸४] जो बैल अथवा साँड से युक्त रथ पर अकेला सवार होता है और उसी अवस्था में जाग जाता है उसे शीघ्र धन मिलता है ।*

*🔸५] घी मिलने या दही खाने से यश की तथा दही मिलने से धन की प्राप्ति निश्चित है | इसी प्रकार यात्रा आरम्भ करते समय दही और दूध का दिखना शुभ शकुन माना गया है ।*

*🔸६] दही-भात खाने से कार्यसिद्धि होती है तथा बैल पर चढ़ने से धन-लाभ होता है एवं व्याधि से छुटकारा मिलता है ।*

*🔸स्वप्न में उपरोक्त अनुसार देशी गोवंश व गाय के दूध-दही आदि के दर्शनमात्र से यदि इतना फल मिल सकता है तो प्रत्यक्ष देशी गाय के दर्शन व सेवा से कितना महान फल मिलता होगा, आप सोच सकते हैं लेकिन जो भी सोचेंगे फल उससे कई-कई गुना अधिक ही होगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 16 जनवरी 2024 दिन – मंगलवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 16 जनवरी 2024
दिन – मंगलवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – शिशिर*
*⛅मास – पौष*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – षष्ठी रात्रि 11:57 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद 17 जनवरी प्रातः 04:38 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद*
*⛅योग – परिघ रात्रि 08 :01 तक तत्पश्चात शिव*
*⛅राहु काल – शाम 03:33 से 04:54 तक*
*⛅सूर्योदय – 07:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:16*
*⛅दिशा शूल – उत्तर*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:38 से 06:30 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:23 से 01:16 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – मकर संक्रांति, पोंगल*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹तिल के औषधीय प्रयोग🔹*

*🔸काले तिल चबाकर खाने व शीतल जल पीने से शरीर की पर्याप्त पुष्टि हो जाती है। दाँत मृत्युपर्यन्त दृढ़ बने रहते हैं।*

*🔸एक भाग सोंठ चूर्ण में दस भाग तिल का चूर्ण मिलाकर 5 से 10 ग्राम मिश्रण सुबह शाम लेने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।*

*🔸तिल का तेल पीने से अति स्थूल (मोटे) व्यक्तियों का वजन घटने लगता है व कृश (पतले) व्यक्तियों का वजन बढ़ने लगता है। यह कार्य तेल के द्वारा सप्तधातुओं के प्राकृत निर्माण से होता है।*

*🔹तैलपान विधिः सुबह 20 से 50 मि.ली. गुनगुना तेल पीकर,गुनगुना पानी पियें। बाद में जब तक खुलकर भूख न लगे तब तक कुछ न खायें।*

*🔸अत्यन्त प्यास लगती हो तो तिल की खली को सिरके में पीसकर समग्र शरीर पर लेप करें।*

*🔸वार्धक्यजन्य हड्डियों की कमजोरी  उससे होने वाले दर्द में दर्दवाले स्थान पर 15 मिनट तक तिल के तेल की धारा करें।*

*🔸पैर में फटने या सूई चुभने जैसी पीड़ा हो तो तिल के तेल से मालिश कर रात को गर्म पानी से सेंक करें।*

*🔸पेट मे वायु के कारण दर्द हो रहा हो तो तिल को पीसकर, गोला बनाकर पेट पर घुमायें।*

*🔹वातजनित रोगों में तिल में पुराना गुड़ मिलाकर खायें।**

*🔸एक भाग गोखरू चूर्ण में दस भाग तिल का चूर्ण मिलाके 5 से 10 ग्राम मिश्रण बकरी के दूध में उबाल कर, मिश्री मिला के पीने से षढंता∕नपुंसकता (Impotency) नष्ट होती है।*

*🔸काले तिल के चूर्ण में मक्खन मिलाकर खाने से रक्तार्श (खूनी बवासीर) नष्ट हो जाती है।*

*🔹तिल की मात्राः 10 से 25 ग्राम ।*

*🔹विशेषः देश, काल, ऋतु, प्रकृति, आयु आदि के अनुसार मात्रा बदलती है। उष्ण प्रकृति के व्यक्ति, गर्भिणी स्त्रियाँ तिल का सेवन अल्प मात्रा में करें। अधिक मासिक-स्राव में तिल न खायें।*

*🌹 बरकत लाने व सुखमय वातावरण बनाने हेतु🌹*

*🌹 जिस घर में भगवान का, ब्रह्मवेत्ता संत का चित्र नहीं है वह घर स्मशान है । जिस घर में माँ-बाप, बुजुर्ग व बीमार का खयाल नहीं रखा जाता उस घर से लक्ष्मी रूठ जाती है । बिल्ली, बकरी व झाड़ू कि धूलि घर में आने से बरकत चली जाती है । गाय के खुर कि धूलि से, सुह्र्दयता से, ब्रह्मज्ञानी सत्पुरुष के सत्संग से घर का वातावरण स्वर्गमय, सुखमय, मुक्तिमय हो जाता है ।*

*🔹बच्चे – बच्चियों को गन्दगी से बचाने के लिए🔹*

*🔹अपने बच्चे – बच्चियाँ वहाँ की गंदगी से बचें इसलिए ‘दिव्य प्रेरणा – प्रकाश’ पुस्तक बार – बार पढ़ें । रात्रि को सोने से पूर्व २१ बार ‘ॐ अर्यमायै नम:’ मंत्र का जप करना तथा तकिये पर अपनी माँ का नाम (केवल ऊँगली से ) लिखकर सोना, सुबह स्नान के बाद ललाट पर तिलक करना और पढाई के दिनों में एवं अवसाद (डिप्रेशन) के समय प्राणायाम करने चाहिए ।*

*🔹सर्वांगासन करके गुदाद्वार का जितनी देर सम्भव हो संकोचन करें और ‘वीर्य ऊपर की ओर आ रहा है…’ ऐसा चिंतन करें । देर रात को न खायें, कॉफ़ी-चाय के आदि के व्यसन में न पड़ें और सादा जीवन जियें, जिससे अपनी जीवनीशक्ति की रक्षा हो ।*

*🔹सुबह थोड़ी देर भगवत्प्रार्थना – स्मरण करते हुए शांत हो जाओ । बुद्धि में सत्त्व बढ़ेगा तो बुद्धि निर्मल होगी, गड़बड़ से मन को बचायेगी और मन इन्द्रियों को नियंत्रित रखेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 16 जनवरी 2024 दिन – मंगलवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 16 जनवरी 2024
दिन – मंगलवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – शिशिर*
*⛅मास – पौष*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – षष्ठी रात्रि 11:57 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद 17 जनवरी प्रातः 04:38 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद*
*⛅योग – परिघ रात्रि 08 :01 तक तत्पश्चात शिव*
*⛅राहु काल – शाम 03:33 से 04:54 तक*
*⛅सूर्योदय – 07:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:16*
*⛅दिशा शूल – उत्तर*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:38 से 06:30 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:23 से 01:16 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – मकर संक्रांति, पोंगल*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹तिल के औषधीय प्रयोग🔹*

*🔸काले तिल चबाकर खाने व शीतल जल पीने से शरीर की पर्याप्त पुष्टि हो जाती है। दाँत मृत्युपर्यन्त दृढ़ बने रहते हैं।*

*🔸एक भाग सोंठ चूर्ण में दस भाग तिल का चूर्ण मिलाकर 5 से 10 ग्राम मिश्रण सुबह शाम लेने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।*

*🔸तिल का तेल पीने से अति स्थूल (मोटे) व्यक्तियों का वजन घटने लगता है व कृश (पतले) व्यक्तियों का वजन बढ़ने लगता है। यह कार्य तेल के द्वारा सप्तधातुओं के प्राकृत निर्माण से होता है।*

*🔹तैलपान विधिः सुबह 20 से 50 मि.ली. गुनगुना तेल पीकर,गुनगुना पानी पियें। बाद में जब तक खुलकर भूख न लगे तब तक कुछ न खायें।*

*🔸अत्यन्त प्यास लगती हो तो तिल की खली को सिरके में पीसकर समग्र शरीर पर लेप करें।*

*🔸वार्धक्यजन्य हड्डियों की कमजोरी  उससे होने वाले दर्द में दर्दवाले स्थान पर 15 मिनट तक तिल के तेल की धारा करें।*

*🔸पैर में फटने या सूई चुभने जैसी पीड़ा हो तो तिल के तेल से मालिश कर रात को गर्म पानी से सेंक करें।*

*🔸पेट मे वायु के कारण दर्द हो रहा हो तो तिल को पीसकर, गोला बनाकर पेट पर घुमायें।*

*🔹वातजनित रोगों में तिल में पुराना गुड़ मिलाकर खायें।**

*🔸एक भाग गोखरू चूर्ण में दस भाग तिल का चूर्ण मिलाके 5 से 10 ग्राम मिश्रण बकरी के दूध में उबाल कर, मिश्री मिला के पीने से षढंता∕नपुंसकता (Impotency) नष्ट होती है।*

*🔸काले तिल के चूर्ण में मक्खन मिलाकर खाने से रक्तार्श (खूनी बवासीर) नष्ट हो जाती है।*

*🔹तिल की मात्राः 10 से 25 ग्राम ।*

*🔹विशेषः देश, काल, ऋतु, प्रकृति, आयु आदि के अनुसार मात्रा बदलती है। उष्ण प्रकृति के व्यक्ति, गर्भिणी स्त्रियाँ तिल का सेवन अल्प मात्रा में करें। अधिक मासिक-स्राव में तिल न खायें।*

*🌹 बरकत लाने व सुखमय वातावरण बनाने हेतु🌹*

*🌹 जिस घर में भगवान का, ब्रह्मवेत्ता संत का चित्र नहीं है वह घर स्मशान है । जिस घर में माँ-बाप, बुजुर्ग व बीमार का खयाल नहीं रखा जाता उस घर से लक्ष्मी रूठ जाती है । बिल्ली, बकरी व झाड़ू कि धूलि घर में आने से बरकत चली जाती है । गाय के खुर कि धूलि से, सुह्र्दयता से, ब्रह्मज्ञानी सत्पुरुष के सत्संग से घर का वातावरण स्वर्गमय, सुखमय, मुक्तिमय हो जाता है ।*

*🔹बच्चे – बच्चियों को गन्दगी से बचाने के लिए🔹*

*🔹अपने बच्चे – बच्चियाँ वहाँ की गंदगी से बचें इसलिए ‘दिव्य प्रेरणा – प्रकाश’ पुस्तक बार – बार पढ़ें । रात्रि को सोने से पूर्व २१ बार ‘ॐ अर्यमायै नम:’ मंत्र का जप करना तथा तकिये पर अपनी माँ का नाम (केवल ऊँगली से ) लिखकर सोना, सुबह स्नान के बाद ललाट पर तिलक करना और पढाई के दिनों में एवं अवसाद (डिप्रेशन) के समय प्राणायाम करने चाहिए ।*

*🔹सर्वांगासन करके गुदाद्वार का जितनी देर सम्भव हो संकोचन करें और ‘वीर्य ऊपर की ओर आ रहा है…’ ऐसा चिंतन करें । देर रात को न खायें, कॉफ़ी-चाय के आदि के व्यसन में न पड़ें और सादा जीवन जियें, जिससे अपनी जीवनीशक्ति की रक्षा हो ।*

*🔹सुबह थोड़ी देर भगवत्प्रार्थना – स्मरण करते हुए शांत हो जाओ । बुद्धि में सत्त्व बढ़ेगा तो बुद्धि निर्मल होगी, गड़बड़ से मन को बचायेगी और मन इन्द्रियों को नियंत्रित रखेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

II सस्नेह जय जिजाऊ II 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 विश्वातील सर्वोत्कृष्ट मातृत्व, नेतृत्व, कर्तुत्व म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… स्वराज्य जननी म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… स्वराज्य संकल्पिका म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… स्वराज्याला २ छत्रपती देणाऱ्या राजमाता म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… शिव – शंभुंच्या संस्काराचे विचार पीठ,, विद्यापीठ म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… १२ जानेवारी.. आंतरराष्ट्रीय राष्ट्रमाता जिजाऊ जन्मोत्सव…. सर्वांना लक्ष लक्ष सदिच्छा… जिजाऊ यांना विनम्र अभिवादन. 💐💐💐💐💐💐💐💐 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 II जय जिजाऊ II

II सस्नेह जय जिजाऊ II
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
विश्वातील सर्वोत्कृष्ट मातृत्व, नेतृत्व, कर्तुत्व म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
स्वराज्य जननी म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
स्वराज्य संकल्पिका म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
स्वराज्याला २ छत्रपती देणाऱ्या राजमाता म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
शिव – शंभुंच्या संस्काराचे विचार पीठ,, विद्यापीठ म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
१२ जानेवारी.. आंतरराष्ट्रीय राष्ट्रमाता जिजाऊ जन्मोत्सव….
सर्वांना लक्ष लक्ष सदिच्छा…
जिजाऊ यांना विनम्र अभिवादन.
💐💐💐💐💐💐💐💐
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
II जय जिजाऊ II

II सस्नेह जय जिजाऊ II 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 विश्वातील सर्वोत्कृष्ट मातृत्व, नेतृत्व, कर्तुत्व म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… स्वराज्य जननी म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… स्वराज्य संकल्पिका म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… स्वराज्याला २ छत्रपती देणाऱ्या राजमाता म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… शिव – शंभुंच्या संस्काराचे विचार पीठ,, विद्यापीठ म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ… १२ जानेवारी.. आंतरराष्ट्रीय राष्ट्रमाता जिजाऊ जन्मोत्सव…. सर्वांना लक्ष लक्ष सदिच्छा… जिजाऊ यांना विनम्र अभिवादन. 💐💐💐💐💐💐💐💐 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 II जय जिजाऊ II

II सस्नेह जय जिजाऊ II
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
विश्वातील सर्वोत्कृष्ट मातृत्व, नेतृत्व, कर्तुत्व म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
स्वराज्य जननी म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
स्वराज्य संकल्पिका म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
स्वराज्याला २ छत्रपती देणाऱ्या राजमाता म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
शिव – शंभुंच्या संस्काराचे विचार पीठ,, विद्यापीठ म्हणजेच राष्ट्रमाता जिजाऊ…
१२ जानेवारी.. आंतरराष्ट्रीय राष्ट्रमाता जिजाऊ जन्मोत्सव….
सर्वांना लक्ष लक्ष सदिच्छा…
जिजाऊ यांना विनम्र अभिवादन.
💐💐💐💐💐💐💐💐
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II जय जिजाऊ II

इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालयात स्त्रीरोग तज्ञ नसल्याने गोरगरिबांच्या गरोदर महिलांची हेळसांड

इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालयात स्त्रीरोग तज्ञ नसल्याने गोरगरिबांच्या गरोदर महिलांची हेळसांड

डॉक्टरांची उडवाउडवीची उत्तरे; नवजात बालकाच्या आणि गरोदर मातेच्या जीवनाशी खेळ

संपादकीय

इंदापूर तालुक्यातील उपजिल्हा रुग्णालय हे पुणे जिल्ह्यातील एक उत्कृष्ट इमारत आणि इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालय हे उपचारासाठी एक वेगळी ओळख होती पण आता सध्या गेली काही दिवसापासून इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालयाचा भोंगळ कारभार चव्हाट्यावर आला असून आजच्या स्थितीला इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालय हे वेगवेगळ्या कारणांनी चर्चेसाठी ओळखले जात आहे.

करमाळा, टेंभूर्णी, इंदापूर तालुक्यातील अनेक रुग्ण उपचारासाठी इंदापूर उप जिल्हा रुग्णालयात येत असतात पण गेली काही वर्षांपासून इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालयातील अनेक विभाग धुळखात बंद आहे.महिलांसाठी अनेक लागणार्या मिशनरी असून सुद्धा कर्मचारी नसल्याने बंद आहेत.कि, जाणूनबुजून खाजगी दवाखान्याच्या फायद्यासाठी बंद ठेवल्या आहेत.की, कर्मचारी भरला जात नाही.सरकारने पाच लाखांपर्यंत आजारांवरील खर्च मोफत केला असून त्याला केराची टोपली दाखवली आहे.डॉक्टर वेळेवर येत नाहीत सतत गैरहजर मात्र पगार फुल घेतला जातोय.

*भुलतज्ञ व डॉक्टर उपलब्ध नाही म्हणून डिलिव्हरी करण्यासाठी टाळा*

इंदापूर तालुक्यातील वडापुरी व इतर गावांतील दोन गरोदर महिला डिलिव्हरी आल्यासाठी तेथील उपस्थित नर्स किंवा डॉक्टरांनी सांगितले की, डिलिव्हरी करण्यासाठी डॉक्टर उपलब्ध नाही. भूलतज्ञ उपलब्ध नाही. तुम्ही बारामतीला जावा किंवा सुसनला जावा, सोलापूरला जावून डिलिव्हरी करा. बाळ काच ठेवावे लागेल अशी उडवाउडवीची उत्तरे दिली जातात‌ आणि मग गोर गरीबांची महिला ,नागरिक घाबरून कर्ज काढून, आपल्या जवळचे किडूकमिडूक सोनाराकडे गाणं ठेवून किंवा मोडून खाजगी दवाखान्यात जातात आणि तिथे मग सिझर डिलिव्हरी होते .

सरकारी दवाखान्यातील संबंधित आणि खाजगी दवाखान्याचे लागेबंधे असून कमिशन, टक्केवारी प्रकार घडत आहे अशी सामान्य नागरिका आणि इंदापुरात चर्चा आहे. इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालयामध्ये एवढ्या मोठे ऑपरेशन थिएटर सुविधा असताना अशी कारणे का सांगितले जातात? आणि इंदापूरच्या गरोदर मातेला बारामती, सुसून, सोलापूर सारख्या ठिकाणी पाठवले जाते. इंदापूर तालुक्यातील डॉक्टर नेमके काय करतात? कितीतरी स्त्रीरोग तज्ञ असताना इंदापूर मध्ये भुलतज्ञ मिळत नाही याच्या मागचं गुढ काय आणि गुढ मागचे कारणांचा शोध लावणार का असावा सवाल उपस्थित होत आहे.

*मनुशबळ कमी आहे, डॉक्टर काम करत नसल्याने वरिष्ठांचा कांगावा की,…मुजबरी ?”

सध्या इंदापूर तालुक्याच्या उपजिल्हा रुग्णालयात गेल्या काय वर्षात काही डॉक्टरांनी चांगल्याप्रकारे कामगिरी करून नावलौकिक मिळवून गेले. पण इंदापूर उपजिल्हा रुग्णालयात मनुष्यबळ कमी आहे, डॉक्टर आहेत पण वेळेवर येत नाहीत, कामच करत नाहीत असा वरिष्ठांकडून उत्तरे दिले जातात की, जाणूनबुजून कांगावा केला जातोय का? मजबुरी आहे. वरिष्ठांचे नेमके के डॉक्टर आदेश पाळत नाहीत. आदेश पायदळी तुडवून मनमानी कारभार करतात अशी एक ना बारा चर्चा इंदापूर तालुक्यात सुरू आहे. हलगर्जीपणा करणारे संबंधित उपजिल्हा रुग्णालयातील डॉक्टरांवर फौजदारी मनुष्यवधाचा स्वरूपाचे गुन्हा दाखल करावा. संबंधित सरकारी डॉक्टर, कर्मचारी आणि खाजगी दवाखान्याशी कुणाचे लागेबंधे असतील त्यांच्यावर फौजदारी गुन्हे दाखल करावेत. डॉक्टर काम करत नसतील तर त्यांच्यावर तात्काळ कडक कारवाई करावी अशी नागरिकांकडून मागणी होत आहे.
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आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 12 जनवरी 2024 दिन – शुक्रवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 12 जनवरी 2024
दिन – शुक्रवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – शिशिर*
*⛅मास – पौष*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – प्रतिपदा दोपहर 02:23 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – उत्तराषाढा दोपहर 03:18 तक तत्पश्चात श्रवण*
*⛅योग – हर्षण दोपहर 02:05 तक तत्पश्चात वज्र*
*⛅राहु काल – सुबह 11:27 से 12:48 तक*
*⛅सूर्योदय – 07:23*
*⛅सूर्यास्त – 06:13*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:37 से 06:30 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:22 से 01:14 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – चन्द्र-दर्शन (शाम ६-०० से ६-५४ तक), स्वामी विवेकानंद जयंती (दि.अ.), राष्ट्रीय युवा दिवस*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹 उत्तरायण पर्व कैसे मनाएं ?🌹*

*(मकर संक्रांति: 15 जनवरी- पुण्यकाल : सूर्योदय से सूर्यास्त तक )*

*🌹इस दिन स्नान, दान, जप, तप का प्रभाव ज्यादा होता है । उत्तरायण के एक दिन पूर्व रात को भोजन थोडा कम लेना ।*

*दूसरी बात, उत्तरायण के दिन पंचगव्य का पान पापनाशक एवं विशेष पुण्यदायी माना गया है । त्वचा से लेकर अस्थि तक की बीमारियों की जड़ें पंचगव्य उखाड़ के फेंक देता है । पंचगव्य आदि न बना सको तो कम-से-कम गाय का गोबर, गोझारण, थोड़े तिल, थोड़ी हल्दी और आँवले का चूर्ण इनका उबटन बनाकर उसे लगा के स्नान करो अथवा सप्तधान्य उबटन से स्नान करो (पिसे हुए गेहूँ, चावल, जौ, टिल, चना, मूँग और उड़द से बना मिश्रण) ।*

*🔹इस पर्व पर जो प्रात: स्नान नहीं करते हैं वे सात जन्मों तक रोगी और निर्धन रहते हैं ।*

*🌹 मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करने से दस हजार गौदान करने का फल शास्त्र में लिखा है और इस दिन सूर्यनारायण का मानसिक रूप से ध्यान करके मन-ही-मन उनसे आयु-आरोग्य के लिए की गयी प्रार्थना विशेष प्रभावशाली होती है ।*

*🌹इस दिन किये गए सत्कर्म विशेष फलदायी होते हैं । इस दिन भगवान् शिव को तिल, चावल अर्पण करने अथवा तिल, चावल मिश्रित जल से अर्घ्य देने का भी विधान है । उत्तरायण के दिन रात्रि का भोजन न करें तो अच्छा है लेकिन जिनको सन्तान है उनको उपवास करना मना किया गया है ।*

*🌹इस दिन जो ६ प्रकार से तिलों का उपयोग करता है वह इस लोक और परलोक में वांछित फल को पाता है :*

*१] पानी में तिल डाल के स्नान करना ।*

*२] तिलों का उबटन लगाना ।*

*३] तिल डालकर पितरों का तर्पण करना, जल देना ।*

*४] अग्नि में तिल डालकर यज्ञादि करना ।*

*५] तिलों का दान करना ।*

*६] तिल खाना ।*

*🌹तिलों की महिमा तो है लेकिन तिल की महिमा सुनकर तिल अति भी न खायें और रात्रि को तिल और तिलमिश्रित वस्तु खाना वर्जित है ।*

*🌹उत्तरायण पर्व के दिन सूर्य-उपासना करें 🌹*

*ॐ आदित्याय विदमहे भास्कराय धीमहि । तन्नो भानु: प्रचोदयात् ।*

*🌹इस सुर्यगायत्री के द्वारा सूर्यनारायण को अर्घ्य देना विशेष लाभकारी माना गया है अथवा तो ॐ सूर्याय नम: । ॐ रवये नम: । … करके भी अर्घ्य दे सकते है ।*

*🌹आदित्यदेव की उपासना करते समय अगर सूर्यगायत्री का जप करके ताँबे के लोटे से जल चढाते है और चढ़ा हुआ जल जिस धरती पर गिरा, वहा की मिटटी का तिलक लगाते हैं तथा लोटे में ६ घूँट बचाकर रखा हुआ जल महामृत्युंजय मंत्र का जप करके पीते हैं तो आरोग्य की खूब रक्षा होती है । आचमन लेने से पहले उच्चारण करना होता है –*

*अकालमृत्युहरणं सर्वव्याधिविनाशनम् ।*
*सूर्यपादोदकं तीर्थ जठरे धारयाम्यहम् ।।*

*🌹अकालमृत्यु को हरनेवाले सूर्यनारायण के चरणों का जल मैं अपने जठर में धारण करता हूँ । जठर भीतर के सभी रोगों को और सूर्य की कृपा बाहर के शत्रुओं, विघ्नों, अकाल-मृत्यु आदि को हरे ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

स्वच्छ सर्वेक्षणात महाराष्ट्राची प्रथम क्रमांकावर झेप

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मुंबई, दि. 11 : स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2023 मध्ये महाराष्ट्राने देशात प्रथम क्रमांक पटकावला असून राष्ट्रपती द्रौपदी मुर्मू यांच्या हस्ते नवी दिल्ली येथील भारत मंडपम मध्ये झालेल्या सोहळ्यात गुरूवारी हे पुरस्कार प्रदान करण्यात आले. नगरविकास विभागाचे प्रधान सचिव डॉ.के.एच.गोविंदराज यांनी राज्याच्या वतीने हा पुरस्कार स्वीकारला. केंद्रीय गृहनिर्माण व शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी यावेळी उपस्थित होते.

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2023 चे निकाल आज जाहीर झाले. त्यात महाराष्ट्राने पहिल्यांदाच इतर राज्यांना मागे टाकून प्रथम क्रमांकाचा पुरस्कार मिळविला आहे. मागील वर्षी मध्यप्रदेश राज्याला हा पुरस्कार मिळाला होता. देशात इंदूर आणि सुरत या शहरांनी संयुक्त प्रथम क्रमांक पटकावला असून नवी मुंबई हे देशातील तिसरे स्वच्छ शहर ठरले आहे. नवी मुंबई महानगरपालिकेच्या वतीने आयुक्त राजेश नार्वेकर यांनी हा पुरस्कार स्वीकारला.

राष्ट्रीय स्तरावरील नागरी स्थानिक स्वराज्य संस्थांच्या पुरस्कारांपैकी तीन पुरस्कार राज्यातील नवी मुंबई महानगरपालिका, सासवड नगरपालिका तसेच लोणावळा नगरपालिकांना प्राप्त झाले आहेत. नवी मुंबईने देशातील सर्वात स्वच्छ शहरांत सेव्हन स्टार मानांकनासह आपले तिसरे स्थान कायम राखले आहे. तर एक लाख पेक्षा कमी लोकसंख्या असलेल्या शहरात सासवड देशात पहिले तर लोणावळा शहर देशात तिसऱ्या स्थानांवर आहे. या संस्थांना राष्ट्रपतींच्या हस्ते सन्मानित करण्यात आले. याव्यतिरिक्त पुणे महानगरपालिका (स्वच्छतेत 10 वा क्रमांक) तसेच पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका (फाईव्ह स्टार मानांकन आणि वॉटरप्लस मानांकनासह स्वच्छतेत 13 वा क्रमांक), गडहिंग्लज (25 ते 50 हजार लोकसंख्येचे स्वच्छ शहर- पश्चिम विभाग), कराड (50 हजार ते एक लाख लोकसंख्येचे स्वच्छ शहर- पश्चिम विभाग), पाचगणी (15 हजारांहून कमी लोकसंख्येचे स्वच्छ शहर- पश्चिम विभाग) (देशात 28 वा क्रमांक) यांना देखील राष्ट्रीय स्तरावरील पुरस्कार प्राप्त झाले आहेत. एक लाख पेक्षा कमी लोकसंख्या असलेल्या शहरांच्या स्वच्छतेच्या मानांकन प्राप्त प्रथम 10 शहरांपैकी आठ शहरे महाराष्ट्रातील असून यामध्ये सासवड, लोणावळा, गडहिंग्लज, कराड, पाचगणी या शहरांव्यतिरिक्त विटा, देवळाली, सिल्लोड या शहरांचाही समावेश आहे.

मागील वर्षी राज्यातील केवळ नवी मुंबई या एका शहरास सेव्हन स्टार दर्जा प्राप्त झाला होता. तो दर्जा नवी मुंबईने यावर्षी देखील कायम राखला आहे. देशात केवळ तीन शहरांना सेव्हन स्टार दर्जा प्राप्त आहे. यावर्षी पुणे व पिंपरी-चिंचवड या दोन शहरांनी फाइव्ह स्टार दर्जा मिळविला आहे. तर 28 शहरांना थ्री स्टार दर्जा प्राप्त झाला असून या गटात महाराष्ट्र देशपातळीवर प्रथम आहे. या शिवाय 81 शहरांना वन स्टार दर्जा प्राप्त झाला आहे.

स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 मध्ये महाराष्ट्र राज्यातील फक्त चार शहरांना वॉटर प्लस दर्जा मिळाला होता. त्यात वाढ होऊन स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 मध्ये महाराष्ट्रातील 21 शहरांना वॉटर प्लस दर्जा प्राप्त झाला आहे. देशातील सर्वाधिक वॉटर प्लस शहरे आता महाराष्ट्रात झाली आहेत. स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 मध्ये 200 शहरांना ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा प्राप्त होता. स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 मध्ये 264 शहरांना ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा प्राप्त झालेला आहे.

केंद्र शासनाच्या स्वच्छ भारत अभियान (नागरी) 2.0 च्या धर्तीवर राज्यात स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान (नागरी) 2.0 सन 2021 ते सन 2026 या कालावधीत राबविण्यात येत आहे. या अभियानात शाश्वत घन कचरा व्यवस्थापन, शाश्वत स्वच्छता आणि वापरलेल्या पाण्याचे व्यवस्थापन ही उद्दिष्टे साध्य करण्यात येणार आहेत. तसेच सन 2026 पर्यंत राज्यातील सर्व शहरे कचरा मुक्त (जीएफसी) 3 स्टार मानांकन आणि ओडीएफ प्लस प्लस, तसेच एक लक्षपेक्षा कमी लोकसंख्या असलेली 50 टक्के शहरे वॉटर प्लस करण्याचे उद्दिष्ट आहे.

ही उद्दिष्टे साध्य करण्यासाठी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तसेच नगरविकास विभागाचे प्रधान सचिव डॉ.के.एच.गोविंदराज यांच्या मार्गदर्शनाखाली स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान संचालनालयामार्फत सातत्याने प्रयत्न करण्यात येत आहेत. पुरस्कार स्वीकारताना नगरविकास विभागाचे उपसचिव अनिरूद्ध जेवळीकर, स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान संचालक नवनाथ वाठ आदी उपस्थित होते.

रश्मी शुक्ला यांची अखेर राज्याच्या पोलीस महासंचालक पदावर नियुक्ती

रश्मी शुक्ला यांची अखेर राज्याच्या पोलीस महासंचालक पदावर नियुक्ती

*मुंबई:-महाविकास आघाडी मधील काही राजकीय नेत्यांची फोन टॅपिंग प्रकरणात वादग्रस्त ठरलेल्या रश्मी शुक्ला यांची अखेर राज्याच्या पोलीस महासंचालक पदावर नियुक्ती करण्यात आली आहे.राज्यातील सर्वात वरिष्ठ आयपीएस अधिकारी असल्याने त्यांना ही कमान देण्यात आली आहे. राज्याच्या गृह विभागाने याबाबत आदेश जारी केला आहे. आता शुक्ला या रजनीश सेठ यांची जागा घेणार आहेत. रश्मी शुक्ला या १९८८ च्या बॅचच्या आयपीएस अधिकारी आहेत.*

*👉🟥🟥👉आयपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला यांची महाराष्ट्राच्या पोलीस महासंचालकपदी नियुक्ती करण्यात आली आहे. पोलिस महासंचालक पदासाठीच्या ज्येष्ठता यादीत रश्मी शुक्ला यांचे नाव आघाडीवर होते. शुक्ला यांना मुंबईचे पोलिस आयुक्त करण्यात येणार असल्याची चर्चा होती. शेवटी त्यांची महाराष्ट्राच्या पोलीस महासंचालकपदी नियुक्ती झाली.रश्मी शुक्ला या राज्याच्या पहिल्या महिला पोलीस महासंचालक असतील. राजकीय नेत्यांच्या फोन टॅपिंग प्रकरणात त्यांच्यावर आरोप होते. रश्मी शुक्ला या उपमुख्यमंत्री आणि गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या जवळच्या मानल्या जातात.*

*👉🅾️🅾️👉केंद्रीय लोकसेवा आयोगाची बैठक शुक्रवार २९ डिसेंबर रोजी झाली. यावेळी त्यांनी महासंचालकपदासाठी तीन अधिकाऱ्यांच्या नावांची यादी पाठवली होती. यामध्ये पहिले नाव होते रश्मी शुक्ला. त्यावर मुख्यमंत्री आणि उपमुख्यमंत्र्यांनी निर्णय घ्यायचा होता. अखेर आज सरकारने शुक्ला यांच्या नियुक्तीचे आदेश जारी केले.*

*👉🛑🛑👉तर 1988 च्या बॅचच्या आयपीएस असलेल्या रश्मी शुक्ला यांची कारकीर्द मोठ्या वादात सापडली होती.तसेच शुक्ला यांच्यावरती पुणे आणि मुंबई या दोन ठिकाणी वेगवेगळे दोन गुन्हे देखील दाखल करण्यात आले होते. पुढे दोन्ही गुन्हे कोर्टाने रद्द केले. नाना पटोले, संजय काकडे, संजय राऊत यांच्यासह महाविकास आघाडी मधील अनेक नेत्यांची फोन टॅपिंग प्रकरणाची शुक्ला यांच्यावर आरोप होते.*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 जनवरी 2024 दिन – शुक्रवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 जनवरी 2024
दिन – शुक्रवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – शिशिर*
*⛅मास – पौष*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – नवमी रात्रि 11:46 तक तत्पश्चात दशमी*
*⛅नक्षत्र – चित्रा रात्रि 07:50 तक तत्पश्चात स्वाती*
*⛅योग – सुकर्मा 06 जनवरी सुबह 06:48 तक*
*⛅राहु काल – सुबह 11:24 से 12:45 तक*
*⛅सूर्योदय – 07:22*
*⛅सूर्यास्त – 06:08*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:36 से 06:29 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:19 से 01:11 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – नवमी को लौकी खाना त्याज्य है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹धन-लाभ के साथ पायें पुण्यलाभ व आरोग्य🔹*

*🔸व्यवसाय में लाभ नहीं हो रहा हो तो शुक्रवार के दिन शाम की संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास देशी गाय के घी या तिल के तेल का दीपक जलायें । परब्रह्म-प्रकाशस्वरूपा दीपज्योति को नमस्कार करें और निम्न मंत्रों का उच्चारण करें :*

*दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः ।*
*दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥*
*शुभं करोतु कल्याणमारोग्यं सुखसम्पदाम् ।* *शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥*

*🔸इससे धन-लाभ होता है, साथ ही पापों का नाश होता है । शत्रु का विनाश होकर शत्रुओं की वृद्धि रुकती है तथा आयु-आरोग्य की प्राप्ति होती है ।*

*🔹शास्त्रों में वृक्षारोपण की महत्ता🔹*

*👉 पद्म पुराण में पुलस्त्यजी भीष्मजी से कहते हैं कि “वृक्ष पुत्रहीन पुरुष को पुत्रवान होने का फल देते हैं । इतना ही नहीं, वे अधिदेवतारूप से तीर्थों में जाकर वृक्ष लगानेवालों को पिंड भी देते हैं ।*

*👉 अतः भीष्म ! तुम यत्नपूर्वक पीपल के वृक्ष लगाओ । वह अकेला ही तुम्हें एक हजार पुत्रों का फल देगा।*

*👉 पीपल का पेड़ लगाने से मनुष्य निरोग व धनी होता है ।*

*👉 पलाश से ब्रहातेज, खैर से आरोग्य व नीम से आयु की प्राप्ति होती है ।*

*👉 नीम लगानेवालों पर भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं ।*

*👉 चंदन और कटहल के वृक्ष क्रमशः पुण्य और लक्ष्मी देनेवाले हैं ।*

*👉 चम्पा सौभाग्य-प्रदायक है । इसी प्रकार अन्यान्य वृक्ष भी यथायोग्य फल प्रदान करते हैं ।*

*👉 जो लोग वृक्ष लगाते हैं उन्हें (परलोक में) प्रतिष्ठा प्राप्त होती है और जो वृक्ष व गोचर भूमि का उच्छेद करते हैं उनकी २१ पीढ़ियाँ रौरव नरक में पकायी जाती हैं ।”*

*👉 ‘भविष्य पुराण में आता है कि ‘जो व्यक्ति छाया, फूल और फल देनेवाले वृक्षों का रोपण करता है या मार्ग में तथा देवालय में वृक्षों को लगाता हैं वह अपने पितरों को बड़े-बड़े पापों से तारता है और रोपणकर्ता इस मनुष्यलोक में महती कीर्ति तथा शुभ परिणाम को प्राप्त करता है तथा पूर्वकालीन और भावी पितरों को स्वर्ग में जाकर भी तारता ही रहता है ।*

*👉 विधिपूर्वक वृक्षों का रोपण करने से स्वर्ग-सुख प्राप्त होता है और रोपणकर्ता के तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं ।*

*👉 वृक्ष के आरोपण में वैशाख मास श्रेष्ठ एवं ज्येष्ठ अशुभ है। आषाढ, श्रावण तथा भाद्रपद ये भी श्रेष्ठ हैं ।’*

*👉 अग्नि पुराण में आता है कि ‘दक्षिण में गूलर और पश्चिम में पीपल का वृक्ष उत्तम माना जाता है । लगाये हुए वृक्षों को ग्रीष्मकाल में प्रातः-सायं, शीत ऋतु में मध्याह्न के समय तथा वर्षाकाल में भूमि के सूख जाने पर सींचना चाहिए ।’*

*🔸अतः ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या का हल करना हो, पर्यावरण की सुरक्षा करनी हो, अपना इहलोक व परलोक सँवारना हो, आर्थिक लाभ पाना हो… किसी भी दृष्टि से देखा जाय तो वृक्षों का रोपण, संरक्षण-संवर्धन जरूरी है और हर व्यक्ति का कर्तव्य है ।*

*🔸अपने जन्मदिवस या अन्य किसी शुभ अवसर पर कम-से-कम १ वृक्ष लगाने का अवश्य संकल्प करें और दूसरों को वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित भी करें ।*

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