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हिन्दू पंचांग दिनांक – 27 नवंबर 2021 दिन – शनिवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 27 नवंबर 2021*
⛅ *दिन – शनिवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक*)
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – अष्टमी 28 नवंबर सुबह 06:00 तक तत्पश्चात नवमी*
⛅ *नक्षत्र – मघा रात्रि 09:43 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
⛅ *योग – इन्द्र सुबह 07:37 तक तत्पश्चात वैधृति*
⛅ *राहुकाल – सुबह 09:42 से सुबह 11:04 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:58*
⛅ *सूर्यास्त – 17:54*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – कालभैरव जयंती*
💥 *विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *कालभैरवाष्टमी* 🌷
🙏🏻 *शनिवार, 27 नवम्बर 2021 को कालभैरवाष्टमी (कालभैरव जयंती) है। शिवपुराण शतरुद्रासंहिता के अनुसार “भगवान् शिव ने मार्गशीर्ष मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी को भैरवरूप से अवतार लिया था। इसलिये जो मनुष्य मार्गशीर्ष मासकी कृष्णाष्टमी को काल भैरव के संनिकट उपवास करके रात्रि में जागरण करता है वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है | जो मनुष्य भक्तिपूर्वक जागरण सहित इस व्रतका अनुष्ठान करेगा, वह भी महापापो से मुक्त होकर सद्गति को प्राप्त हो जाएगा ।”*
🙏🏻 *वामकेश्वर तंत्र की योगिनीहदयदीपिका टीका में अमृतानंद नाथ कहते हैं- ‘विश्वस्य भरणाद् रमणाद् वमनात्‌ सृष्टि-स्थिति-संहारकारी परशिवो भैरवः’ अर्थात भ- से विश्व का भरण, र- से रमश, व- से वमन अर्थात सृष्टि को उत्पत्ति पालन और संहार करने वाले शिव ही भैरव हैं।*
🙏🏻 *इस दिन उपवास तथा रात्रि जागरण का ही विशेष महत्व है। ‘जागरं चोपवासं च कृत्वा कालाष्टमीदिने । प्रयतः पापनिर्मुक्तः शैवो भवति शोभनः॥’ के अनुसार उपवास करके रात्रि में जागरण करें तो सब पाप दूर हो जाते हैं और व्रती शैव बन जाता है। भैरव रात्रि के देवता माने जाते हैं और इनकी आराधना का खास समय भी मध्य रात्रि में 12 से 3 बजे का माना जाता है।*
🙏🏻 *भैरव का मध्याह्न में जन्म हुआ था, अतः मध्याह्णव्यापिनी अष्टमी ही व्रत/पूजन में लेनी चाहिये ।*
🙏🏻 *भविष्यपुराण, उत्तरपर्व, अध्याय ५८ के अनुसार मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष अष्टमी में अनघाष्टमी व्रत का विधान है जिसको करने से त्रिविध पाप (कायिक, वाचिक और मानसिक) नष्ट हो जाते है और अष्टविध ऐश्वर्य (अणिमा, महिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, लघिमा, ईशित्व, वशित्व तथा सर्वकामावसायिता) प्राप्त होते हैं।*
🙏🏻 *शिवपुराण में “भैरव: पूर्णरूपोहि शंकरस्य परात्मन:। मूढास्तेवै न जानन्ति मोहिता:शिवमायया।।” को शिव का ही पूर्णरूप बताया है। ब्रह्माण्डपुराण के उत्तरभाग में “तयोरेव समुत्पन्नो भैरवः क्रोधसंयुतः” के अनुसार क्रुद्ध शिव से भैरव की उत्पत्ति तथा उसके बाद भैरव द्वारा ब्रह्मा के सिर का छेदन बताया गया है। वामनपुराण में शिव के रक्त से ८ दिशाओं में विभिन्न भैरवों की उत्पत्ति बताई गयी है। जबकी ब्रह्मवैवर्त्तपुराण में कृष्ण के दक्षिण नेत्र से भैरव की उत्पत्ति बताई गयी है।*
🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🌷 *कालभैरव अष्टमी* 🌷
👉🏻 *गतांग से आगे….*
🙏🏻 *5. कालभैरव अष्टमी पर 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ॐ नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ ही, एकमुखी रुद्राक्ष भी अर्पण करें। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।*
🙏🏻 *6. कालभैरव अष्टमी को एक रोटी लें। इस रोटी पर अपनी तर्जनी और मध्यमा अंगुली से तेल में डुबोकर लाइन खींचें। यह रोटी किसी भी दो रंग वाले कुत्ते को खाने को दीजिए। इस क्रम को जारी रखें, लेकिन सिर्फ हफ्ते के तीन दिन (रविवार, बुधवार व गुरुवार)। यही तीन दिन भैरवनाथ के माने गए हैं।*
🙏🏻 *7. अगर आप कर्ज से परेशान हैं तो कालभैरव अष्टमी की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव की पूजा करें। उन्हें बिल्व पत्र अर्पित करें। भगवान शिव के सामने आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला लेकर इस मंत्र का जप करें।*
🌷 *मंत्र- ॐ ऋणमुक्तेश्वराय नम:*
🙏🏻 *8. कालभैरव अष्टमी के एक दिन पहले उड़द की दाल के पकौड़े सरसों के तेल में बनाएं और रात भर उन्हें ढककर रखें। सुबह जल्दी उठकर सुबह 6 से 7 बजे के बीच बिना किसी से कुछ बोलें घर से निकलें और कुत्तों को खिला दें।*
🙏🏻 *9. सवा किलो जलेबी भगवान भैरवनाथ को चढ़ाएं और बाद में गरीबों को प्रसाद के रूप में बांट दें। पांच नींबू भैरवजी को चढ़ाएं। किसी कोढ़ी, भिखारी को काला कंबल दान करें।*
🙏🏻 *10. कालभैरव अष्टमी पर सरसो के तेल में पापड़, पकौड़े, पुए जैसे पकवान तलें और गरीब बस्ती में जाकर बांट दें। घर के पास स्थित किसी भैरव मंदिर में गुलाब, चंदन और गूगल की खुशबूदार 33 अगरबत्ती जलाएं।*
🙏🏻 *11. सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा 11 रुपए, सवा मीटर काले कपड़े में पोटली बनाकर भैरवनाथ के मंदिर में कालभैरव अष्टमी पर चढ़ाएं।*
🙏🏻 *12. कालभैरव अष्टमी की सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान कालभैरव के मंदिर जाएं और इमरती का भोग लगाएं। बाद में यह इमरती दान कर दें। ऐसा करने से भगवान कालभैरव प्रसन्न होते हैं।*
🙏🏻 *13. कालभैरव अष्टमी को समीप स्थित किसी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और उन्हें काले तिल अर्पण करें। इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में ॐ नम: शिवाय मंत्र का जप करें।*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

संविधान दिनानिमित्त जिल्हाधिकारी कार्यालयात उद्देशिकावाचन

संविधान दिनानिमित्त जिल्हाधिकारी कार्यालयात उद्देशिकावाचन*

पुणे, दि. 26- संविधान दिनानिमित्त जिल्हाधिकारी कार्यालयात आज जिल्हाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख यांच्या उपस्थितीत भारतीय संविधानाच्या उद्देशिकेचे सामूहिक वाचन करण्यात आले.

यावेळी निवासी उपजिल्हाधिकारी हिम्मत खराडे, उपजिल्हाधिकारी श्रीमंत पाटोळे, भाऊसाहेब गलांडे, संजय तेली, महिला व बाल विकास अधिकारी अश्विनी कांबळे, नायब तहसीलदार श्रावण ताते यांच्यासह अनेक अधिकारी व कर्मचारी यावेळी उपस्थित होते.

संविधान दिनानिमित्त जिल्हाधिकारी कार्यालयात उद्देशिकावाचन

संविधान दिनानिमित्त जिल्हाधिकारी कार्यालयात उद्देशिकावाचन*

पुणे, दि. 26- संविधान दिनानिमित्त जिल्हाधिकारी कार्यालयात आज जिल्हाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख यांच्या उपस्थितीत भारतीय संविधानाच्या उद्देशिकेचे सामूहिक वाचन करण्यात आले.

यावेळी निवासी उपजिल्हाधिकारी हिम्मत खराडे, उपजिल्हाधिकारी श्रीमंत पाटोळे, भाऊसाहेब गलांडे, संजय तेली, महिला व बाल विकास अधिकारी अश्विनी कांबळे, नायब तहसीलदार श्रावण ताते यांच्यासह अनेक अधिकारी व कर्मचारी यावेळी उपस्थित होते.

प्राचीन भारत में मंदिर बनाने का नक्शा || || कुण्डलिनी जाग्रत करने के स्थान थे प्राचीन मंदिर ||

|| प्राचीन भारत में मंदिर बनाने का नक्शा ||
|| कुण्डलिनी जाग्रत करने के स्थान थे प्राचीन मंदिर ||

प्राचीन भारत में मंदिर बनाने से पहले जगह और दिशा का विशेष महत्व होता था | मंदिरो का निर्माण अलग अलग शैलियों के हिसाब से हुआ करता था पर अधिकतर मंदिर ऐसी पद्धति से बनते थे जिसमे हर एक कुण्डलिनी चक्र के हिसाब से गर्भगृह, मंडप, प्रस्थान, परिक्रमा आदि का निर्माण होता था और जिस चक्र के हिसाब से उस जगह का निर्माण होता था वहा व्यक्ति को चलकर या बैठकर उस चक्र को जागृत करने में सहयोग मिलता था | यही कारण होता है की प्राचीन मंदिरो में आज भी जाने पर व्यक्ति मानसिक रूप से शांति और संतुष्टि का अनुभव होता है | एक चित्र साझा कर रहे है जिसमे आपको बताया गया है की मंदिर निर्माण का विचार कैसा होता था |

प्राचीन भारत में मंदिर बनाने का नक्शा || || कुण्डलिनी जाग्रत करने के स्थान थे प्राचीन मंदिर ||

|| प्राचीन भारत में मंदिर बनाने का नक्शा ||
|| कुण्डलिनी जाग्रत करने के स्थान थे प्राचीन मंदिर ||

प्राचीन भारत में मंदिर बनाने से पहले जगह और दिशा का विशेष महत्व होता था | मंदिरो का निर्माण अलग अलग शैलियों के हिसाब से हुआ करता था पर अधिकतर मंदिर ऐसी पद्धति से बनते थे जिसमे हर एक कुण्डलिनी चक्र के हिसाब से गर्भगृह, मंडप, प्रस्थान, परिक्रमा आदि का निर्माण होता था और जिस चक्र के हिसाब से उस जगह का निर्माण होता था वहा व्यक्ति को चलकर या बैठकर उस चक्र को जागृत करने में सहयोग मिलता था | यही कारण होता है की प्राचीन मंदिरो में आज भी जाने पर व्यक्ति मानसिक रूप से शांति और संतुष्टि का अनुभव होता है | एक चित्र साझा कर रहे है जिसमे आपको बताया गया है की मंदिर निर्माण का विचार कैसा होता था |

राशिभविष्य दिनांक-: 26/11/2021,शुक्रवार

🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏

*दिनाँक-: 26/11/2021,शुक्रवार*

तिथि———- सप्तमी 29:42 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र——— आश्लेषा 20:35
योग————- ब्रह्म 08:00
करण——— विष्टि भद्र 17:17
वार———————–शुक्रवार
माह———————-मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि——- कर्क 20:35
चन्द्र राशि—————— सिंह
सूर्य राशि—————– वृश्चिक
रितु————————–हेमन्त
अयन—————– दक्षिणायन
संवत्सर ——————- आनन्द
सूर्योदय————— 06:40
सूर्यास्त—————— 17:13

राहू काल 10:37 – 12:00 अशुभ
अभिजित 11:35 -12:28 शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन
चर 06:40 – 08:09 शुभ
लाभ 08:09 – 09:28 शुभ
अमृत 09:28 – 10:47 शुभ
काल 10:47 – 12:06 अशुभ
शुभ 12:06 – 13:26 शुभ
रोग 13:26 – 14:45 अशुभ
उद्वेग 14:45 – 16:04 अशुभ
चर 16:04 – 17:13 शुभ

🚩चोघडिया, रात
रोग 17:13 – 19:04 अशुभ
काल 19:04 – 20:45 अशुभ
लाभ 20:45 – 22:26 शुभ
उद्वेग 22:26 – 24:07* अशुभ

*💮दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 7 + 6 + 1 = 29 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

सांय 17:17 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*अपराजिता सप्तमी

* संविधान दिवस

* कानून दिवस

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

🐏मेष
यात्रा व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ मिलने के योग हैं। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें।

🐂वृष
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जिम्मेदारी का पूर्ण ध्यान रखें। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कानूनी विवादों का निपटारा होगा।

👫मिथुन
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सोच-समझकर व्यय करें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें।

🦀कर्क
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। प्रसन्नता रहेगी। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएँगे। काम के प्रति लापरवाही न करें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग व समर्थन मिलेगा। लाभ होगा।

🐅सिंह
प्रसन्नता रहेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। प्रयास व सहयोग से अनुकूलता आएगी। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। पिता से मतभेद हो सकते हैं।

🙎‍♀️कन्या
प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यवहार-कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। व्यापारिक निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए। लाभ होगा।

⚖️तुला
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। फालतू खर्च होगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएँगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। रिश्तेदारों से भेंट हो सकेगी। दूसरों की आलोचना, निंदा से दूर रहें।

🦂वृश्चिक
नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक समस्याओं का हल आपके माध्यम से हो सकेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। दूसरों से व्यर्थ में न उलझें।

🏹धनु
प्रसन्नता रहेगी। स्वाभिमान रहेगा। अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आय-व्यय में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। प्रमाद न करें। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। वैवाहिक अड़चनें समाप्त होंगी। विरोधी परास्त होंगे।

🐊मकर
प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश, यात्रा व नौकरी लाभ देंगे। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। इच्छित काम पूर्ण हो सकेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य की समस्या सुलझेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।

🍯कुंभ
मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। संतान पर अनावश्यक रोक न लगाएँ। धन लाभ होने की भी संभावना है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दौड़धूप अधिक होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। सामाजिक कार्यों में सीमित रहें।

🐟मीन
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। सुखद यात्रा के योग हैं। रचनात्मक काम होंगे। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आलस्य को त्यागें। अपने कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

राशिभविष्य दिनांक-: 26/11/2021,शुक्रवार

🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏

*दिनाँक-: 26/11/2021,शुक्रवार*

तिथि———- सप्तमी 29:42 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र——— आश्लेषा 20:35
योग————- ब्रह्म 08:00
करण——— विष्टि भद्र 17:17
वार———————–शुक्रवार
माह———————-मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि——- कर्क 20:35
चन्द्र राशि—————— सिंह
सूर्य राशि—————– वृश्चिक
रितु————————–हेमन्त
अयन—————– दक्षिणायन
संवत्सर ——————- आनन्द
सूर्योदय————— 06:40
सूर्यास्त—————— 17:13

राहू काल 10:37 – 12:00 अशुभ
अभिजित 11:35 -12:28 शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन
चर 06:40 – 08:09 शुभ
लाभ 08:09 – 09:28 शुभ
अमृत 09:28 – 10:47 शुभ
काल 10:47 – 12:06 अशुभ
शुभ 12:06 – 13:26 शुभ
रोग 13:26 – 14:45 अशुभ
उद्वेग 14:45 – 16:04 अशुभ
चर 16:04 – 17:13 शुभ

🚩चोघडिया, रात
रोग 17:13 – 19:04 अशुभ
काल 19:04 – 20:45 अशुभ
लाभ 20:45 – 22:26 शुभ
उद्वेग 22:26 – 24:07* अशुभ

*💮दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 7 + 6 + 1 = 29 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

सांय 17:17 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*अपराजिता सप्तमी

* संविधान दिवस

* कानून दिवस

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

🐏मेष
यात्रा व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ मिलने के योग हैं। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें।

🐂वृष
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जिम्मेदारी का पूर्ण ध्यान रखें। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कानूनी विवादों का निपटारा होगा।

👫मिथुन
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सोच-समझकर व्यय करें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें।

🦀कर्क
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। प्रसन्नता रहेगी। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएँगे। काम के प्रति लापरवाही न करें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग व समर्थन मिलेगा। लाभ होगा।

🐅सिंह
प्रसन्नता रहेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। प्रयास व सहयोग से अनुकूलता आएगी। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। पिता से मतभेद हो सकते हैं।

🙎‍♀️कन्या
प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यवहार-कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। व्यापारिक निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए। लाभ होगा।

⚖️तुला
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। फालतू खर्च होगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएँगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। रिश्तेदारों से भेंट हो सकेगी। दूसरों की आलोचना, निंदा से दूर रहें।

🦂वृश्चिक
नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक समस्याओं का हल आपके माध्यम से हो सकेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। दूसरों से व्यर्थ में न उलझें।

🏹धनु
प्रसन्नता रहेगी। स्वाभिमान रहेगा। अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आय-व्यय में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। प्रमाद न करें। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। वैवाहिक अड़चनें समाप्त होंगी। विरोधी परास्त होंगे।

🐊मकर
प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश, यात्रा व नौकरी लाभ देंगे। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। इच्छित काम पूर्ण हो सकेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य की समस्या सुलझेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।

🍯कुंभ
मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। संतान पर अनावश्यक रोक न लगाएँ। धन लाभ होने की भी संभावना है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दौड़धूप अधिक होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। सामाजिक कार्यों में सीमित रहें।

🐟मीन
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। सुखद यात्रा के योग हैं। रचनात्मक काम होंगे। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आलस्य को त्यागें। अपने कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

हिन्दू पंचांग दिनांक – 26 नवंबर 2021 दिन – शुक्रवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 26 नवंबर 2021*
⛅ *दिन – शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक*)
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – सप्तमी 27 नवंबर प्रातः 05:43 तक तत्पश्चात अष्टमी*
⛅ *नक्षत्र – अश्लेशा रात्रि 08:37 तक तत्पश्चात मघा*
⛅ *योग – ब्रह्म सुबह 08:03 तक तत्पश्चात इन्द्र*
⛅ *राहुकाल – सुबह 11:04 से दोपहर 12:26 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:57*
⛅ *सूर्यास्त – 17:54*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *भैरव अष्टमी* 🌷
🙏🏻 *27 नवंबर,शनिवार को भैरव अष्टमी पर्व है। यह दिन भगवान भैरव और उनके सभी रूपों के समर्पित होता है। भगवान भैरव को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है,इनकी पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना जाता है। 🙏🏻 भगवान भैरव को कई रूपों में पूजा जाता है। भगवान भैरव के मुख्य 8 रूप माने जाते हैं। उन रूपों की पूजा करने से भगवान अपने सभी भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें अलग-अलग फल प्रदान करते हैं।*
➡ *भगवान भैरव के 8 रूप जानें कौन-सी मनोकामना के लिए करें किसकी पूजा*
1⃣ *कपाल भैरव*
*इस रूप में भगवान का शरीर चमकीला है, उनकी सवारी हाथी है । कपाल भैरव एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में तलवार तीसरे में शस्त्र और चौथे में पात्र पकड़े हैं। भैरव के इन रुप की पूजा अर्चना करने से कानूनी कारवाइयां बंद हो जाती है । अटके हुए कार्य पूरे होते हैं ।*
2⃣ *क्रोध भैरव*
*क्रोध भैरव गहरे नीले रंग के शरीर वाले हैं और उनकी तीन आंखें हैं । भगवान के इस रुप का वाहन गरुण हैं और ये दक्षिण-पश्चिम दिशा के स्वामी माने जाते ह । क्रोध भैरव की पूजा-अर्चना करने से सभी परेशानियों और बुरे वक्त से लड़ने की क्षमता बढ़ती है ।*
3⃣ *असितांग भैरव*
*असितांग भैरव ने गले में सफेद कपालों की माला पहन रखी है और हाथ में भी एक कपाल धारण किए हैं । तीन आंखों वाले असितांग भैरव की सवारी हंस है । भगवान भैरव के इस रुप की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य में कलात्मक क्षमताएं बढ़ती है ।*
4⃣ *चंद भैरव*
*इस रुप में भगवान की तीन आंखें हैं और सवारी मोर है ।चंद भैरव एक हाथ में तलवार और दूसरे में पात्र, तीसरे में तीर और चौथे हाथ में धनुष लिए हुए है। चंद भैरव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलता हैं और हर बुरी परिस्थिति से लड़ने की क्षमता आती है ।*
5⃣ *गुरू भैरव*
*गुरु भैरव हाथ में कपाल, कुल्हाडी, और तलवार पकड़े हुए है ।यह भगवान का नग्न रुप है और उनकी सवारी बैल है।गुरु भैरव के शरीर पर सांप लिपटा हुआ है।गुरु भैरव की पूजा करने से अच्छी विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है ।*
6⃣ *संहार भैरव*
*संहार भैरव नग्न रुप में है, और उनके सिर पर कपाल स्थापित है ।इनकी तीन आंखें हैं और वाहन कुत्ता है । संहार भैरव की आठ भुजाएं हैं और शरीर पर सांप लिपटा हुआ है ।इसकी पूजा करने से मनुष्य के सभी पाप खत्म हो जाते है ।*
7⃣ *उन्मत भैरव*
*उन्मत भैरव शांत स्वभाव का प्रतीक है । इनकी पूजा-अर्चना करने से मनुष्य की सारी नकारात्मकता और बुराइयां खत्म हो जाती है । भैरव के इस रुप का स्वरूप भी शांत और सुखद है । उन्मत भैरव के शरीर का रंग हल्का पीला हैं और उनका वाहन घोड़ा हैं।*
8⃣ *भीषण भैरव*
*भीषण भैरव की पूजा-अर्चना करने से बुरी आत्माओं और भूतों से छुटकारा मिलता है । भीषण भैरव अपने एक हाथ में कमल, दूसरे में त्रिशूल, तीसरे हाथ में तलवार और चौथे में एक पात्र पकड़े हुए है ।भीषण भैरव का वाहन शेर है ।*
🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🌷 *कालभैरव अष्टमी* 🌷
🙏🏻 *धर्म ग्रंथों के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने कालभैरव का अवतार लिया था। इसलिए इस पर्व को कालभैरव जयंती को रूप में मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 27 नवंबर, शनिवार को है।*

🙏🏻 *भगवान कालभैरव को तंत्र का देवता माना गया है। तंत्र शास्त्र के अनुसार,किसी भी सिद्धि के लिए भैरव की पूजा अनिवार्य है। इनकी कृपा के बिना तंत्र साधना अधूरी रहती है। इनके 52 रूप माने जाते हैं। इनकी कृपा प्राप्त करके भक्त निर्भय और सभी कष्टों से मुक्त हो जाते हैं। कालभैरव जयंती पर कुछ आसान उपाय कर आप भगवान कालभैरव को प्रसन्न कर सकते हैं।*
➡ *ये हैं कालभैरव को प्रसन्न करने के 11 उपाय, कोई भी 1 करें*

🙏🏻 *1. कालभैरव अष्टमी को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद कुश (एक प्रकार की घास) के आसन पर बैठ जाएं। सामने भगवान कालभैरव की तस्वीर स्थापित करें व पंचोपचार से विधिवत पूजा करें। इसके बाद रूद्राक्ष की माला से नीचे लिखे मंत्र की कम से कम पांच माला जाप करें तथा भैरव महाराज से सुख-संपत्ति के लिए प्रार्थना करें।*
🌷 *मंत्र- ‘ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:’*
🙏🏻 *2. कालभैरव अष्टमी पर किसी ऐसे भैरव मंदिर में जाएं, जहां कम ही लोग जाते हों। वहां जाकर सिंदूर व तेल से भैरव प्रतिमा को चोला चढ़ाएं। इसके बाद नारियल, पुए, जलेबी आदि का भोग लगाएं। मन लगाकर पूजा करें। बाद में जलेबी आदि का प्रसाद बांट दें। याद रखिए अपूज्य भैरव की पूजा से भैरवनाथ विशेष प्रसन्न होते हैं।*
🙏🏻 *3. कालभैरव अष्टमी को भगवान कालभैरव की विधि-विधान से पूजा करें और नीचे लिखे किसी भी एक मंत्र का जाप करें। कम से कम 11 माला जाप अवश्य करें।*
🌷 *- ॐ कालभैरवाय नम:।*
🌷 *- ॐ भयहरणं च भैरव:।*
🌷 *- ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।*
🌷 *- ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्*
🙏🏻 *4. कालभैरव अष्टमी की सुबह भगवान कालभैरव की उपासना करें और शाम के समय सरसों के तेल का दीपक लगाकर समस्याओं से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।*
👉🏻 *शेष कल…..*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

तेजपृथ्वी ग्रुप कडून डीवाईडर मध्ये मोकळी जागा सोडणे व स्पीड ब्रेकर टाकने यासाठी सार्वजनिक बांधकाम विभागाला निवेदन

तेजपृथ्वी ग्रुप कडून डीवाईडर मध्ये मोकळी जागा सोडणे व स्पीड ब्रेकर टाकने यासाठी सार्वजनिक बांधकाम विभागाला निवेदन


पुणे सोलापूर जुना हायवे खुळे चौक येथे अष्टविनायक व्हिल अलाईमेंट व पांडुरंग कृषी सेवा केंद्र त्यासमोर जुना डिव्हायडर असून आता तिथे नवीन डिवायडर चे काम चालू केले आहे त्या पासून पुढे अजून शंभर ते दीडशे फूट वाढवत आहेत तरी नवीन डिवायडर मुळे दोन्ही बाजूच्या व्यापाऱ्यांचे नुकसान होत आहे याचा बांधकाम खात्याने विचार करून नवीन डीवाईडर व जुना डिवायडर दोन्हीच्या मध्ये 10 ते 12 फूट अंतर सोडावे व एक्सीडेंट होऊ नयेत म्हणून स्पीड ब्रेकर चे नियोजन करावे दोन्ही बाजूला व्यापारी वर्ग असून कोरोनो महामारी मुळे एक तर धंदा कमी आहे .आणि जर हे काम पूर्ण झाले तर कस्टमर कमी होण्याची भीती व्यापाऱ्यांना असून बांधकाम खात्याने डिव्हायडर च्या मधे जागा सोडून व स्पीड ब्रेकर करूंन बाकी काम करावे ही नम्र विनंती
निवेदन देताना
पांडूरंग कृषी सेवा केंद्राचे व्यवहारे साहेब , हेल्थकेअर मेडिकल चे दीलीप कुभांर अष्टविनायक विल अलाईमेंट चे अजित देवकर कल्याणी प्लंबिंग चे जाधव साहेब गितांजली कलेक्शनचे नानासाहेब खरात उपस्थित असून तेजप्रुथ्वी ग्रुपच्या संस्थापक अध्यक्षा अनिताताई खरात उपाध्यक्ष गणेशभाऊ शिंगाडे ,संतोष कुंभार ,प्रतीक व्यवहारे ,प्रकाश खिलारी याच्यां सह्या आहेत

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से निर्धन परिवारों के बच्चों की मदद

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था संरक्षक हरीश चन्द्र पाण्डेय अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से निर्धन परिवारों के बच्चों की मदद के लिए संस्था पदाधिकारियों ने हल्द्वानी राजपुरा वार्ड नम्बर 13 में निर्धन के बच्चों को गरम स्वेटर वितरण किया गया
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू एक्टर साहिल राज ने संयुक्त रूप से कहा की हमने संस्था के माध्यम से निर्धन गरीब परिवारों की मदद करने के लिए गरीब परिवारों के बच्चों को गरम स्वेटर वितरण कर रहे हैं क्योंकि सबका यह कर्तव्य है कि निर्धन असहाय लोगों की हम सब जितनी मदद कर सकते हैं उतनी मदद करनी चाहिए क्योंकि बहुत बच्चों के पास कपड़े न होने की वजह से बहुत से बच्चे गंदगी के कारण बीमार हो जाते हैं ऐसे में हम सबको आगे आकर असहाय निर्धन लोगों की हर संभव मदद करना चाहिए क्योंकि हो सकता है की हम सबके एक छोटे से अच्छे कदम के कारण बहुत से गरीब बच्चों के चेहरे पर खुशी झलक सकती है और हम सब मिलकर यदि असहाय निर्धन लोगों की मदद करें तो उन्हें भी अपना जीवन यापन करने में कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि हमारे द्वारा किए गए अच्छे कार्यों से निर्धन व्यक्तियों को भी यह महसूस होगा कि इस दुनिया में भगवान के आशीर्वाद से उनकी भी मदद करने वालों की कोई कमी नहीं है और उन्हें भी एक घर परिवार की तरह खुशी का वातावरण एहसास होगा इसलिए एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था हमेशा जनहित में कार्य करती रहती है और आगे भी जनहित में कार्य करती रहेगी
इस दौरान बच्चों को गरम स्वेटर वितरण करने में संस्था संरक्षक हरीश चन्द्र पाण्डेय अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार मीडिया प्रभारी मुकेश सरकार कांग्रेस जिला महामंत्री हेमन्त कुमार साहू एक्टर साहिल राज प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता अभिषेक साहू रितिक साहू दीपक कुमार संदीप यादव किरन महेश्वरी पूनम सरकार संध्या कुमारी मनीष साहू अशोक कुमार सूरज कुम्हार सूरज मिस्त्री सुशील राय मुकेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे

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