🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 02 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – प्रतिपदा सुबह 08:31 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र – धनिष्ठा शाम 05:53 तक तत्पश्चात शतभिषा*
⛅ *योग – वरीयान रात्रि 11:59 तक तत्पश्चात परिघ*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 12:53 से दोपहर 02:17 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:16*
⛅ *सूर्यास्त – 18:28*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – चंद्र- दर्शन,द्वितीया क्षय तिथि*
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
👩 *गुप्त नवरात्रि माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग* ⤵️
🌷 *गुप्त नवरात्रि* 🌷
👉 *माघ मास, शुक्ल पक्ष की प्रथम नौ तिथियाँ गुप्त नवरात्रियाँ है जिसकी शुरुआत 02 फरवरी से होने जा रही है l*
🙏 *एक वर्ष में कुल चार नवरात्रियाँ आती हैं , जिनमे से सामान्यतः दो नवरात्रियो के बारे में आपको पता है ,पर शेष दो गुप्त नवरात्रियाँ हैं l*
🌷 *शत्रु को मित्र बनाने के लिए* 🌷
🙏 *नवरात्रि में शुभ संकल्पों को पोषित करने, रक्षित करने, मनोवांछित सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए और शत्रुओं को मित्र बनाने वाले मंत्र की सिद्धि का योग होता है।*
🙏 *नवरात्रि में स्नानादि से निवृत्त हो तिलक लगाके एवं दीपक जलाकर यदि कोई बीज मंत्र ‘हूं’ (Hum) अथवा ‘अं रां अं’ (Am Raam Am) मंत्र की इक्कीस माला जप करे एवं ‘श्री गुरुगीता’ का पाठ करे तो शत्रु भी उसके मित्र बन जायेंगे l*
👩 *माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 1*
👵 *जिन माताओं बहनों को दुःख और कष्ट ज्यादा सताते हैं, वे नवरात्रि के प्रथम दिन (देवी-स्थापना के दिन) दिया जलायें और कुम-कुम से अशोक वृक्ष की पूजा करें ,पूजा करते समय निम्न मंत्र बोलें :*
🌷 *“अशोक शोक शमनो भव सर्वत्र नः कुले “*
🙏 *” ASHOK SHOK SHAMNO BHAV SARVATRA NAH KULE “*
🙏 *भविष्योत्तर पुराण के अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन इस तरह पूजा करने से माताओ बहनों के कष्टों का जल्दी निवारण होता है l*
👩 *माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 2*
🙏 *माघ मास शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन में सिर्फ बिना नमक मिर्च का भोजन करें l (जैसे दूध, रोटी या खीर खा सकते हैं l)*
🌷 • *” ॐ ह्रीं गौरये नमः “* 🌷
🙏 *”Om Hreem Goryaye Namah”*
🙏 *मंत्र का जप करते हुए उत्तर दिशा की ओर मुख करके स्वयं को कुम-कुम का तिलक करें l*
🐄 *गाय को चन्दन का तिलक करके गुड़ ओर रोटी खिलाएं l*
💶 *श्रेष्ठ अर्थ (धन) की प्राप्ति हेतु* 💶
💥 *प्रयोग : नवरात्रि में देवी के एक विशेष मंत्र का जप करने से श्रेष्ठ अर्थ कि प्राप्ति होती है*
🙏 *मंत्र ध्यान से पढ़ें* 🙏
🌷 *”ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल-वासिन्ये स्वाह् “*
🌷 *” OM SHREEM HREEM KLEEM AIM KAMALVAASINYE SWAHA “*
👦 *विद्यार्थियों के लिए* 👦
🙏 *प्रथम नवरात्रि के दिन विद्यार्थी अपनी पुस्तकों को ईशान कोण में रख कर पूजन करें और नवरात्रि के तीसरे तीन दिन विद्यार्थी सारस्वत्य मंत्र का जप करें।*
🙏 *इससे उन्हें विद्या प्राप्ति में अपार सफलता मिलती है l*
🙏 *बुद्धि व ज्ञान का विकास करना हो तो सूर्यदेवता का भ्रूमध्य में ध्यान करें । जिनको गुरुमंत्र मिला है वे गुरुमंत्र का, गुरुदेव का, सूर्यनारायण का ध्यान करें।*
🙏 *अतः इस सरल मंत्र की एक-दो माला नवरात्रि में अवश्य करें और लाभ लें l*
🙏 *–(श्री वेद-व्यास जी , देवी भागवत)*
🙏
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩
अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल वरिष्ठ उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा की हमने संस्था के माध्यम से असहाय निर्धन लोगों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए खुले आसमान के नीचे फुटपाथ में सो रहे असहाय निर्धन लोगों को कंबल वितरण किया है क्योंकि सबका यह कर्तव्य है कि असहाय निर्धन लोगों की हम सब जितनी मदद कर सकते हैं उतनी मदद करनी चाहिए क्योंकि बहुत लोगों के पास गरम वस्त्र न होने की वजह से बहुत से लोग ठंड के कारण बीमार हो जाते हैं ऐसे में हम सबको आगे आकर असहाय निर्धन लोगों की हर संभव मदद करनी चाहिए क्योंकि हो सकता है की हम सबके एक छोटे से अच्छे कदम के कारण बहुत से असहाय निर्धन लोगों के चेहरे पर खुशी झलक सकती है इसलिए हम सब मिलकर यदि असहाय निर्धन लोगों की मदद करें तो उन्हें भी अपना जीवन यापन करने में कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि हमारे द्वारा किए गए अच्छे कार्यों से असहाय निर्धन व्यक्तियों को भी यह महसूस होगा कि इस दुनिया में भगवान के आशीर्वाद से उनकी भी मदद करने वालों की कोई कमी नहीं है और उन्हें भी एक घर परिवार की तरह खुशी का वातावरण एहसास होगा इसलिए एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था हमेशा जनहित में कार्य करती रहती है और आगे भी जनहित में कार्य करती रहेगी

