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एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से हल्द्वानी की सड़कों में घूम घूम कर शहर के चौराहों में अपना जीवन यापन करने को मजबूर बेघर गायों के लिए तत्काल गौशाला बनाने के लिए संस्था पदाधिकारियों ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को ज्ञापन दिया
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू सदस्य रितिक साहू ने संयुक्त रूप से कहा की हल्द्वानी शहर में गौशाला नहीं होने के कारण से गायों को पिछले कई वर्षों से सड़कों में घूम घूम कर शहर के चौराहों में अपना जीवन गुजर बसर करने के लिए मजबूर हो गई हैं जिस कारण से शहर की यातायात व्यवस्था कभी कभी पूर्ण रूप से सुचारू नहीं हो पाती है जिससे राहगीरों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और यातायात बाधित होने से कई गाय वाहनों की चपेट में आ जाती हैं जिससे बेघर गायों और राहगीरों की जान माल का खतरा लगातार बना रहता है इसके बावजूद भी नगर निगम की तरफ से आज तक गौशाला बनाने की कोई पहल नहीं की गई है जबकि वैज्ञानिक कहते हैं कि गाय के गोबर में विटामिन बी 12 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है यह रेडियोधर्मिता को भी सोख लेता है आम मान्यता है कि गाय के गोबर के कंडे से धुआं करने पर कीटाणु मच्छर आदि कीटाणु भाग जाते हैं और दुर्गंध भी नष्ट हो जाती है गौमूत्र और गौ गोबर फसलों के लिए बहुत उपयोगी कीटनाशक सिद्ध हुऐं हैं कीटनाशक के रूप में गौ गोबर और गौमूत्र के इस्तेमाल के लिए अनुसंधान केंद्र भी खोले जा सकते हैं क्योंकि इनमें रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बिना खेती के हर उत्पादन बढ़ाने की अपार क्षमता है और गाय का गोबर इस्तेमाल करने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है वहीं दूसरी ओर पैदा की जा रही सब्जी फल या अनाज की फसल की गुणवत्ता भी बनी रहती है जुताई करते समय गिरने वाले गौ गोबर और गौमूत्र से भूमि में स्वतः खाद डलती जाती हैं प्रकृति के 99% कीट प्रणाली के लिए लाभदायक हैं एक गाय के गोबर से 7 एकड़ भूमि को खाद और गौमूत्र से 100 एकड़ भूमि की फसल को कीटों से बचा सकता हैं और गौवंश के गौ गोबर व गौमूत्र से भारत में करोड़ों एकड़ भूमि को उपजाऊ बनाया जा सकता है और गौ गोबर व गौमूत्र से कैंसर चर्म रोग सहित सैकड़ों रोगों में बचाने में महत्वपूर्ण उपयोग किया जाता हैं इसके बावजूद दुर्भाग्य से शहरों में जिस तरह पॉलिथिन का उपयोग कर उसे फेंक दिया जाता हैं जिसे खाकर गायों की असमय मौत हो रही हैं इस दिशा में सभी को गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि हमारी आस्था और अर्थव्यवस्था के प्रतीक गोवंश को बचाया जा सके क्योंकि गौ माता का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व हैं गौ माता हमेशा से शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं इसलिए सर्वगुण संपन्न गौ माता के लिए रहने एवं खाने पीने का स्थान गौशाला सुनिश्चित कराना बहुत जरूरी हैं और यह शासन प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी हैं
इस दौरान ज्ञापन देने में संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार रितिक साहू नीलेश गुप्ता पवन शर्मा आशा शुक्ला निकिता शुक्ला अमन कुमार सुशील राय मुकेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे

राष्ट्रपती रामनाथ कोविंद यांचे लोहगाव विमानतळावर स्वागत

*राष्ट्रपती रामनाथ कोविंद यांचे लोहगाव विमानतळावर स्वागत*

पुणे,दि.26: राष्ट्रपती रामनाथ कोविंद यांचे आज वायुसेनेच्या विमानाने लोहगाव विमानतळावर आगमन झाले. राष्ट्रपती महोदयांच्या समवेत त्यांच्या पत्नी सविता कोविंद होत्या. यावेळी राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी आणि गृहमंत्री दिलीप वळसे पाटील यांनी राष्ट्रपती महोदयांचे स्वागत केले.

यावेळी वायुसेनेच्या पुणे विभागाचे प्रमुख एच. असुदानी, पी.पी.मल्होत्रा, विभागीय आयुक्त सौरभ राव, पोलीस आयुक्त अमिताभ गुप्ता, जिल्हाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख यांनीही राष्ट्रपती महोदय यांचे स्वागत केले.

हिन्दू पंचांग ~ 🌞* *⛅दिनांक 25 मई 2022* *⛅दिन – बुधवार*

*🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞*
*⛅दिनांक 25 मई 2022*
*⛅दिन – बुधवार*
*⛅विक्रम संवत – 2079*
*⛅शक संवत – 1944*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – दशमी सुबह 10:32 तक तत्पश्चात एकादशी*
*⛅नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात रेवती*
*⛅योग – प्रिती रात्रि 10:45 तक तत्पश्चात आयुष्मान*
*⛅राहुकाल – दोपहर 12:37 से 02:17 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:55*
*⛅सूर्यास्त – 07:18*
*⛅दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:30 से 05:13 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12.15 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण- संत मुक्ताबाई पुण्यतिथि*
*⛅ विशेष – दशमी को कलंबी खाना निषेध है।*

*🔶अपरा एकादशी मई 25 बुधवार सुबह 10:33 से 26 मई सुबह 10:54 तक है। व्रत उपवास 26 मई को रखें ।*

*🔹ग्रहदोष और ग्रहबाधा जिनको भी लगी हो, वे अपने घर में 9 अंगुल चौड़ा और 9 अंगुल लम्बा कुमकुम का स्वास्तिक बना दें तो ग्रहबाधा की जो भी समस्याएँ, दूर हो जायेंगी।*

*🔹घर की आर्थिक कमी दूर करने के सचोट, सरल उपाय🔹*

*🔹गाय के दूध के दही में थोड़ा पिसा जौ और तिल मिला दें। फिर उससे रगड़-रगड़कर ‘ॐ लक्ष्मीनारायणाय नमः, ॐ लक्ष्मीनारायणाय नमः।….’ जप करके स्नान करें।*

*🔹तनाव व अनिद्रा से पायें छुटकारा🔹*

*🔹10 मिनट विधिवत् शवासन करने से या जीभ के अग्रभाग को दाँतों से थोड़ा दबाकर 10 मिनट तक ज्ञान मुद्रा लगा के बैठने से शारीरिक-मानसिक तनाव व अनिद्रा आदि की बीमारी दूर होती है।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

हिन्दू पंचांग ~ 🌞* *⛅दिनांक 25 मई 2022* *⛅दिन – बुधवार*

*🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞*
*⛅दिनांक 25 मई 2022*
*⛅दिन – बुधवार*
*⛅विक्रम संवत – 2079*
*⛅शक संवत – 1944*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – दशमी सुबह 10:32 तक तत्पश्चात एकादशी*
*⛅नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात रेवती*
*⛅योग – प्रिती रात्रि 10:45 तक तत्पश्चात आयुष्मान*
*⛅राहुकाल – दोपहर 12:37 से 02:17 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:55*
*⛅सूर्यास्त – 07:18*
*⛅दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:30 से 05:13 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12.15 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण- संत मुक्ताबाई पुण्यतिथि*
*⛅ विशेष – दशमी को कलंबी खाना निषेध है।*

*🔶अपरा एकादशी मई 25 बुधवार सुबह 10:33 से 26 मई सुबह 10:54 तक है। व्रत उपवास 26 मई को रखें ।*

*🔹ग्रहदोष और ग्रहबाधा जिनको भी लगी हो, वे अपने घर में 9 अंगुल चौड़ा और 9 अंगुल लम्बा कुमकुम का स्वास्तिक बना दें तो ग्रहबाधा की जो भी समस्याएँ, दूर हो जायेंगी।*

*🔹घर की आर्थिक कमी दूर करने के सचोट, सरल उपाय🔹*

*🔹गाय के दूध के दही में थोड़ा पिसा जौ और तिल मिला दें। फिर उससे रगड़-रगड़कर ‘ॐ लक्ष्मीनारायणाय नमः, ॐ लक्ष्मीनारायणाय नमः।….’ जप करके स्नान करें।*

*🔹तनाव व अनिद्रा से पायें छुटकारा🔹*

*🔹10 मिनट विधिवत् शवासन करने से या जीभ के अग्रभाग को दाँतों से थोड़ा दबाकर 10 मिनट तक ज्ञान मुद्रा लगा के बैठने से शारीरिक-मानसिक तनाव व अनिद्रा आदि की बीमारी दूर होती है।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

दिव्य शक्ति केन्द्र सहस्त्रार 

दिव्य शक्ति केन्द्र सहस्त्रार

-हर मनुष्य शरीर नही एक आत्मा है । आत्मा एक सूक्ष्म प्रकाश का बिंदू है जो भृकुटी में रहती है और दिमाग के द्वारा सारे शरीर को नियंत्रित करती है ।

-मनुष्य के शरीर में सात दिव्य शक्ति केन्द्र हैं  । जिनके  द्वारा आत्मा  शरीर के अलग अलग अंगो को शक्ति देती है तथा  शरीर से सूचनायें प्राप्त करती है और आवश्यक निर्देश देती है ।

-ये शक्ति केन्द्र रीढ़ की हड्डी में अलग अलग जगहो पर हैं ।

-मुख्य दो दिव्य शक्ति केन्द्र हैं । एक है मूल आधार  जो रीढ़ की हड्डी के सबसे नीचे वाले मनके में है ।  इसमे कुंडलनी शक्ति रहती है ।  दूसरा शक्ति केन्द्र है सहस्त्रार जो सिर में पतालू में है ।

-आज हम सहस्त्रार  के बारे चर्चा  करेगें ।

-पृथ्वी के उतरी एवम दक्षिणी ध्रुव की तरह हर मनुष्य में दो ध्रुव है सहस्त्रार  और मूलाधार ।

-सहस्त्रार  को उतरी ध्रुव के समान समझा  जा सकता है ।

-पृथ्वी उतरी ध्रुव से सूर्य से शक्तियां  प्राप्त करती है । जिस से  धरती पर  पेड़ पौधे उगते है  तथ चुम्बकीय बल पैदा होता है । मनुष्य वा जीव जन्तुओं  के  शरीर की रक्षा के  लिये भोजन   की पूर्ति होती  है ।

-ऐसे ही सहस्त्रार चक्र सूर्य के माध्यम  से भगवान  से जुड़ा  हुआ है । इस केन्द्र से हम सूर्य तथा  भगवान  दोनो से शक्ति प्राप्त करते है । जिस से आत्मा और शरीर दोनो का काम चलता  है ।

-ये चक्र भी  आत्मा के समान  एक प्रकाश का बिंदू है । परंतु यहां पर स्थूल शरीर, सूक्ष्म शरीर तथा  भगवान  से सम्पर्क करने वाली नस नाड़ीया मिलती है । उन  से निकलता हुआ प्रकाश ऐसे लगता है जैसे फूल की पंखडीया   हो, इसी लिये इसे  1000 पंखडीयों वाला कमल भी  कहते हैं लेकिन वह ।

-यह सिर के मध्य में पतालू (नवजात बच्चे का कोमल भाग ) में स्थित होता है । बच्चा  जब दाँत  निकालने लगता है तो पतालू का कोमल भाग  कठोर हो जाता है ।

-यह शक्ति केन्द्र पीनियाल ग्रंथि ( जिस में आत्मा रहती है ), मस्तिष्क और  पूरे शरीर पर अपना अधिकार  रखता  है ।

-इसका सीधा  सम्बन्ध आज्ञा चक्र अर्थात मन अर्थात आत्मा  से होता है ।

-आकाश तत्व अर्थात सूर्य और भगवान  की शक्तियों के प्रवेश करने का मुख्य द्वार  है ।

-जीवन को नई दिशा देने वाली  – आन्तरिक बल ( भाग -1 ), आंतरिक बल (   भाग -2 ), आंतरिक बल ( भाग,-3) विश्व परिवर्तन और  ‘उड़ती कला के टिप’ पुस्तकें लेने  के लिए  संपर्क करें ! आप अपना नाम, पूरा पोस्टल पता , पिन नम्बर और फोन नम्बर मेरे  व्हाटसअप नम्बर 9896348516 पर लिख कर भेजें ! लागत मूल्य पर  डाक  से पुस्तक/पुस्तकें  भेज  दूंगा !  अगर आप को आर्थिक   चैलेंज  है तो आप को निशुल्क भेज दूंगा !  आप को नया मार्ग  मिलेगा ! ये  पुस्तकेँ Flipkart पर भी उपलब्ध है !

Milakh Raj  Sandha, Hisar, Haryana, 9896348516

सुषमना नाड़ी

सुषमना नाड़ी

-यह सुषमना नाड़ी सातों चक्रों और छटी  इंद्रिय का केंद्र मानी  जाती  है ।

-यही से सुषमना नाड़ी  सहस्त्रार चक्र से भी  जुड़ी है ।

-सहस्त्रार चक्र एक विशाल  चक्र है जो ब्रह्मांड से जुड़ा हुआ है ।

-सुषमना नाड़ी  के जागृत होने  से छठी इंद्रिय जागृत हो जाती  है ।

-भक्ति मार्ग  में प्राणायाम के अभ्यास से छटी  इंद्रिय को जागृत करते है ।

-परंतु हम जितना जितना ध्यान भ्रुकुटि में ज्योति पर लगाते  है उतना ही छठी इंद्रिय अपने आप जागृत होती जाती  है ।

-दोनों नाकों के बीचों बीच नाक के   एक इंच आगे अगर बिंदु पर ध्यान लगाते है तब भी छठी इंद्रिय जागृत होती रहती है ।

– मुख के अंदर तालू में जो छोटा सा छेद है वहां  बिंदु प्रकाश  को देखते रहे  तब भी छठी इंद्रिय जल्दी जागृत हो जाती  है ।

-कोई भी ध्यान या साधना या अच्छी चीजों पर एकाग्रता करते है  तो  उसके प्रभाव  से छठी इन्द्रिय  अनजाने में  जागृत होती रहती है ।

-एक साधारण  व्यक्ति भी अगर ऐसा अभ्यास करता रहे तो वह अपने कार्य व्यवहार और काम धंधे मेंं कभी असफल नहीं होगा क्योंकि उसकी बुद्वि का प्रत्येक निर्णय सही  होगा ।

-वह अपने क्षेत्र मेंं बुद्विवान बनेगा ।

सांस  और  कुंडलनी.

सांस  और  कुंडलनी.

-इस समय संसार मे विज्ञान  की क्रांति चरम पर  है । वैज्ञानिक उन्नति का कारण   विद्युत है । विद्युत का आधार   दो तार  है । एक नेगेटिव एक पॉज़िटिव । अगर यह दोनो  तार न  मिले तो कोई भी साधन काम नहीं करेगा ।

-सभी पेड़ पौधों के दो आधार  है,  जड़ और फल । जड़ न हो तो हमें फल नहीं मिलेंगे और अगर फल न  हो  तो जड़(बीज ) नहीं मिलेगा ।

-पृथ्वी के दो शक्ति केन्द्र है  एक है उतरी ध्रुव  और दूसरा  है दक्षिणी ध्रुव ।

-पृथ्वी उतरी ध्रुव के द्वारा सूर्य से शक्ति ग्रहण करती है । सूर्य की यह शक्ति पृथ्वी को सब नियामतों से भरपूर करती हुई दक्षिणी ध्रुव से बाहर निकलती है ।

-धरती की उपजाऊँ शक्ति और चुम्बकीय शक्ति को सूर्य की किरणो से  ताकत मिलती  है जो वह उतरी ध्रुव से प्राप्त करती है ।

-दक्षिणी ध्रुव से सूर्य की उर्जा धरती को भरपूर करने के बाद   बाहर निकलती है । जब यहाँ से उर्जा बाहर निकलती है तो वह प्यार से भरपूर होती है । कहते है दक्षिणी  ध्रुव पर 50-60 किलोमीटर ऐसा इलाका है वहां कोई भी आ  जाये सभी प्यार करने लगते है । सांप और चूहा, बिल्ली और कुत्ते, शेर और बकरी भी  एक दूसरे से प्यार करने लगते है ।

-धरती से हमें जो कुछ  मिल रहा है  वह सब उतरी और  दक्षिणी ध्रुवो के  कारण है  ।

-ऐसे ही मनुष्य  शरीर मे दो मुख्य ध्रुव व केन्द्र है जो दिव्य शक्तियों  से भरपूर है ।

-एक केन्द्र रीढ़ की हड्डी के ऊपर से नीचे की ओर आखिरी मनके मे है । जिसे मूल आधार  कहते है ।

-दूसरा   शक्ति केन्द्र मनुष्य के सिर में  पतालू में  है । यह वह स्थान  है जो बच्चे के जन्म के समय सिर मे नाजुक जगह होती है । इसे सहस्त्रार  कहते हैं  ।

-इन दोनो केन्द्रों का संचालन आत्मा से होता है जो कि  भृकुटी मे बिंदू रुप मे रहती है ।

-मूल आधार  का केन्द्र    संसार से जुड़ा  हुआ है तथा  दूसरा सहस्त्रार  केन्द्र भगवान  से जुड़ा  हुआ है ।

-इसके इलावा और भी  पाँच शक्ति केन्द्र है ।

-यॆ सारे शक्ति केन्द्र रीढ़ की  हड्डी मे भिन्न  भिन्न  मनकों मे निवास करते है ।

-ईमानदार लोग अड़ियल होते हैं ।

-अच्छे और विल्लिंग वर्कर प्रायः अड़ियल होते हैं ।

-अच्छे विज्ञानिक,  श्रेष्ट ऑफीसर  और उच्च कोटि के योगी भी कई  बार रूखे होते हैं ।  उनका व्यवहार अच्छा नहीं होता ।

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पोलिसांवर हात उगारणं म्हणजे कायदा सुव्यवस्थेच्या कानशिलात मारल्यासारखं’*

‘पोलिसांवर हात उगारणं म्हणजे कायदा सुव्यवस्थेच्या कानशिलात मारल्यासारखं’*

*मुंबई:-पोलिसांवर होणारे हल्ले काही नवे नाहीत. मात्र पोलिसांवर होणारे हल्ले हे कायदा सुव्यवस्थेवर झालेल्या हल्लासारखे आहेत, असं निरीक्षण कोर्टानं नोंदवलं आहे.पोलिसावर हात उचलणं कायदा सुव्यवस्थेच्या कानशिलात मारल्यासारखं असल्याचं कोर्टानं म्हटलंय.*

*👉मुंबई सत्र न्यायालयात एक सुनावणी पार पडली. त्यादरम्यान, मुंबई सत्र न्यायालयानं हे महत्त्वपूर्ण निरीक्षण नोंदवलं आहे. तसंच पोलिसावर हात उगारणाऱ्याला चार वर्षांच्या कारावासाची शिक्षा आणि 11 हजार रुपयांच्या दंड ठोठावण्यात आला आहे. चकीत करणारी बाब म्हणजे तब्बल 11 वर्षानंतर मुंबई सत्र न्यायालयानं आरोपीला शिक्षा सुनावली आहे. दरम्यान, या निकालामुळे कर्तव्य बजावणाऱ्या पोलिसावर हात उचलणाऱ्यांना आतातरी चाप बसतो का, हे पाहणं महत्त्वाचं असणार आहे.*

*👉👉नेमकं प्रकरण कधीच?*

*मुंबई सत्र न्यायालयात 2011 सालच्या एका प्रकरणी ही शिक्षा सुनावली आहे. 10 मार्च 2011 रोजी सायन रेल्वे स्टेशन जवळ असलेल्या एका एटीएम जवळ भांडण सुरु होतं. दोघांमध्ये सुरु असलेल्या भांडणावर पोलिसांची नजर पडली.यावेळी कर्तव्यावर असलेल्या हवालदार कल्पेश मोकल आणि पोलीस शिपाई कांबळे हे भांडण सोडवण्यासाठी गेले. तेव्हा अनिल घोलप यानं पोलिसांसोबत हुज्जत घातली होती. इतकंच काय तर या आरोपीनं पोलिसांच्या कानशिलात लगावली होती.पोलिसांवर हात उगारल्याप्रकरणी घोलप यांच्यावर कारवाई करण्यात आली होती.त्यांच्याविरोधात गुन्हा दाखल करण्यात आला होता.याप्रकरणी गेल्या दहा वर्षांपासून मुंबई सत्र न्यायालयामध्ये सुनावणी सुरु होती. अखेर या प्रकरणाचा निकाल लागला असून आरोपीला कोर्टानं दणका दिला आहे.*

*👉🟥👉पोलिसांवरील हल्ले कधी थांबणार?*

*दरम्यान, गेल्या काही महिन्यांपूर्वी मुंबईच्या वाहतूक पोलिसांवर हल्ले होत असल्याचे व्हिडीओ समोर आले होते. एका वाहतूक पोलिसाला महिलेनं मारहाण केली होती. तर एका पोलिसाला वाहन चालकानं थेट बोनेटवर बसवून, पोलिसांचा जीव वेठीस ठरला होता. दरम्यान, आता पोलिसांनी याप्रकरणी महत्त्वपूर्ण निकाल दिला आहे. पोलिसांवर हात उगारणं हे कायद्याच्या कानशिलात लगावण्यासारखं असल्याचं कोर्टानं म्हटलंय. यानंतर तरी पोलिसांवरील हल्ले थांबतात का, हे पाहणं आता महत्त्वाचंय.*

ओबीसी, व्हीजे एनटी आरक्षणासाठी गठित केलेल्या समर्पित आयोगाच्या भेटीचा कार्यक्रम घोषित

ओबीसी, व्हीजे एनटी आरक्षणासाठी

गठित केलेल्या समर्पित आयोगाच्या भेटीचा कार्यक्रम घोषित

 

मुंबई, दि. 13 :- रामवर्मा आसबे

: नागरिकांच्या मागास प्रवर्गास आरक्षण देण्यासंदर्भात नागरिकांची मते जाणून घेण्यासाठी समर्पित आयोगाने कार्यक्रम जाहीर केला आहे. नागरिकांना वेळेत निवेदन देता यावेत यासाठी संबंधित विभागीय आयुक्त कार्यालयात नावाची नोंदणी भेटीच्या दिनांकापूर्वी करावी असे आवाहन आयोगातर्फे करण्यात आले आहे.

राज्यातील जिल्हा परिषद, पंचायत समिती, ग्राम पंचायती आणि शहरातील महानगर पालिका, नगर पालिका आणि नगर पंचायती या स्थानिक स्वराज्य संस्थांमध्ये ओबीसी, व्हीजे एनटींना आरक्षण देण्यासाठी सर्वोच्च न्यायालयाने दिलेल्या निर्देशाप्रमाणे महाराष्ट्र शासनाने समर्पित आयोग गठित केला आहे.

राज्यातील ग्रामीण आणि शहरी भागातील स्थानिक स्वराज्य संस्थांमधील नागरिकांच्या मागास प्रवर्गातील आरक्षणासाठी जनतेची मते जाणून घेण्यासाठी आणि या क्षेत्रात काम करणा-या विविध सामाजिक संघटना यांची निवेदने स्वीकारण्यासाठी या समर्पित आयोगाने विभागावर कार्यक्रम जाहीर केला आहे. या समर्पित आयोगाच्या भेटीच्या वेळी आपली मते नागरिकांना वेळेत मांडता यावीत आणि निवेदन देता यावेत यासाठी संबंधित विभागीय आयुक्त कार्यालयात आपल्या नावाची नोंदणी भेटीच्या दिनांकापूर्वी करावी असे आयोगातर्फे प्रसिद्धी पत्रकाद्वारे कळविण्यात आले आहे. यासाठी पुणे विभागीय आयुक्त कार्यालयात २१ मे रोजी सकाळी ९.३० ते ११.३० या वेळेत, औरंगाबाद विभागीय कार्यालयात २२ मे रोजी ९.३० ते ११.३० या वेळेत, नाशिक विभागीय कार्यालयात २२ मे रोजी ५.३० ते ७.३० या वेळेत, कोकण भवन विभागीय आयुक्त कार्यालयात २५ मे रोजी २.३० ते ४.३० या वेळेत, अमरावती विभागीय कार्यालयात २८ मे रोजी ९.३० ते ११.३० या वेळेत, नागपूर विभागीय आयुक्त कार्यालयात २८ मे रोजी ४.३० ते ६.३० या वेळेत नागरिकांना आपली मते आयोगापुढे मांडता येतील.

फेरफार अदालतीला चांगला प्रतिसाद; ४ हजार ५५२ नोंदी निर्गत*

फेरफार अदालतीला चांगला प्रतिसाद; ४ हजार ५५२ नोंदी निर्गत*
पुणे दि.१२: जिल्हयात फेरफार अदालतीला चांगला प्रतिसाद मिळाला. एका दिवसात ४ हजार ५५२ नोंदी फेरफार अदालतीमध्ये निर्गत करण्यात आल्या असल्याची माहिती उपजिल्हाधिकारी संजय तेली यांनी दिली.

राज्य शासन महसूल प्रशासन अधिक लोकाभिमुख, कार्यक्षम, गतिमान व पारदर्शक करण्यासाठी महाराजस्व अभियान राबविण्याचा निर्णय घेतला. ई- फेरफार प्रणालीमध्ये एक महिन्याच्या वरील प्रलंबित नोंदी निर्गत करण्यासाठी दर महिन्याच्या दुसऱ्या बुधवारी फेरफार अदालती घेण्याबाबत जिल्हाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख यांनी निर्देश दिले आहेत.

त्यानुसार बुधवार ११ मे रोजी आयोजित फेरफार अदालतीस चांगला प्रतिसाद मिळाला असून सदर फेरफार अदालतीमध्ये साध्या ३ हजार ६८४ , वारस ६७६ आणि तक्रारी १९२ अशा एकूण ४ हजार ५५२ फेरफार नोंदी निर्गत करण्यात आल्या आहेत.

*बारामती तालुक्यात सर्वाधिक फेरफार नोंदी निर्गत*

बारामती तालुक्यात सर्वाधिक ६६५ तर दौंड तालुक्यात ५९७ नोंदी निर्गत करण्यात आल्या. हवेली तालुक्यात ३६८, पुणे शहर ९, पिंपरी चिंचवड १४८, शिरुर ५९१, आंबेगाव ४२७, जुन्नर २८१, इंदापूर २१५, मावळ २४५, मुळशी ८५, भोर १२३, वेल्हा १११, पुरंदर २१८ आणि खेड तालुक्यात ४६९ फेरफार नोंदी निर्गतीचे काम पुर्ण करण्यात आले.

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