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पंढरपूरच्या विठ्ठल मंदिरामध्ये मास्क सक्ती; राज्यात कोरोनाचा परिस्थिती काय?

कोरोनाचा धोका वरचेवर वाढत चालला आहे. देशभरात कोरोनाची एकूण रुग्णसंख्या २५ हजारांच्या पुढे गेलीय. तर महाराष्ट्रात चार हजारांच्या पुढे कोरोनाचे अॅक्टिव्ह रुग्ण आहेत.काल एका दिवसात ८०३ कोरोना पॉझिटिव्ह रुग्ण आढळून आलेले आहेत.*

*👉🛑🛑👉त्यातच आता देशभरात १० आणि ११ एप्रिलदरम्यान कोरोना मॉक ड्रील होणार आहे. या दोन दिवसांमध्ये देशभरातील कोरोना परिस्थितीचा, उपाययोजनांचा आढावा घेण्यात येईल. याच अनुषंगाने राज्यातील पंढरपूरच्या विठ्ठल मंदिरमध्ये मास्क सक्ती करण्यात आलीय.विठ्ठल मंदिर प्रशासनानेही मास्कसक्ती करण्याचा निर्णय घेतला आहे. त्यामुळे भाविकांना पांडुरंगाच्या दर्शनासाठी जातांना मास्क घालणं आवश्यक असणार आहे.*

*👉🔴🔴👉सध्या देशभरात २५ हजारांच्या पुढे अॅक्टिव्ह रुग्ण आहेत. मागच्या २४ तासांमध्ये कोरोनामुळे एकट्या महाराष्ट्रात ३ जणांचा मृत्यू झालेला असून ८०३ नवीन कोरोना रुग्ण आढळून आलेले आहेत. कालच्या आकडेवारीनुसार महाराष्ट्रात ३ हजार ९८७ कोरोनाचे सक्रीय रुग्ण आहेत. मुंबईतल्या अनेक रुग्णालयांनी मागच्या आठवड्यात कोरोनाचा धोका ओळखून कोविड वार्ड सज्ज ठेवलेले आहेत.*

*👉🟥🟥👉आज केंद्रीय आरोग्य मंत्र्यांनी राज्यांच्या आरोग्य मंत्र्यांसोबत बैठक घेऊन कोरोना परिस्थितीचा आढावा घेतला. केंद्रीय आरोग्य राज्यमंत्री भारती पवार यांनी १० आणि ११ एप्रिल दरम्यान देशभरात मॉक ड्रील होणार असल्याचं जाहीर केलं आहे.*

सरकारी कर्मचाऱ्यांचं निवृत्तीचं वय 60 वर्षं करण्यास मुख्यमंत्री अनुकूल,राजपात्रित अधिकाऱ्यांच्या बैठकीत शिंदेंचा

मुंबई :-निवृत्तीच वय 60 वर्षं करण्याच्या मागणीवर सरकार विचार करत असून मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे याबद्दल अनुकूल आहेत असंही समजतंय.राजपत्रित अधिकारी महासंघाला मुख्यमंत्र्यांनी तसं आश्वासनही दिलंय. महासंघाची गुरुवारी मुख्यमंत्र्यांसोबत बैठक झाली. या बैठकीतच, निवृत्तीचं वय 60 वर्षं करण्याला मुख्यमंत्र्यांनी अनुकूलता दर्शवली. राजपत्रित अधिकारी महासंघाचे अध्यक्ष विनोद देसाई यांनी एबीपी माझा या वृत्तवाहिनीला ही माहिती दिली आहे.*

*👉🔴🔴👉सेवानिवृत्तीचे वय केंद्राप्रमाणे 60 करण्याबाबत अधिकारी महासंघाने बैठकीत भूमिका मांडली. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी देखील अनुकुलता दर्शवली आहे. मुख्यमंत्र्यांच्या अध्यक्षतेखाली संपन्न झालेल्या या बैठकीत भूषण गगराणी तर अधिकारी महासंघाच्यावतीने संस्थापक व. दि. कुलथे; अध्यक्ष विनोद देसाई, सरचिटणीस समीर भाटकर उपस्थित होते. या बैठकीत महसूल विभागीय संवर्ग वाटपाच्या अधिनियमातून पदोन्नत अधिकाऱ्यांना वगळणे, सेवानिवृत्ती उपदानाची मर्यादा केंद्राप्रमाणे 20 लाख करणे, 80 वर्षे वयावरील वरिष्ठ सेवानिवृत्तांना केंद्राप्रमाणे निवृत्तीवेतन वाढ देणे आदी मागण्यांबाबत देखील सकारात्मक चर्चा झाली. चर्चा झालेल्या उपरोक्त सर्व मागण्याबाबत शासन निर्णय प्राधान्याने व्हावेत, अशी आग्रही भूमिका महासंघाच्या वतीने बैठकीत स्पष्ट करण्यात आली.मात्र निवृत्तीच्या वयात वाढ करू नये अशी देखील मागणी करणारे पत्र मुत्र्यमंत्र्यांना पाठवण्यात आले आहे. दरवर्षी तीन टक्के कर्मचारी निवृत्त होतात. 16 लाख कर्मचाऱ्यांत दरवर्षी 48 हजार नोकऱ्या निर्माण होतात. जर निवृत्तीवय दोन वर्षाने वाढवले तर 96000 म्हणजे एक लाख नोकऱ्या निर्माण होतात त्या तरुणांना मिळणार नाहीत. त्यामुळे राज्यातील लाखो सुशिक्षित बेकार तरुणांच्या जखमेवर मीठ चोळणारा हा निर्णय आहे. अशा आशयाचे पत्र सामाजिक कार्यकर्ते हेरंब कुलकर्णी यांनी मुख्यमंत्र्यांना लिहिले आहे.*

*👉🟥🟥👉2011 च्या जनगणनेनुसार देशातील 20 टक्के तरुण बेरोजगार आहेत. राज्यात इतकी बेकारी असताना रिक्त पदे तातडीने भरायला हवीत आणि त्याचवेळी निवृत्तीचे वय 50 करायला हवे. खरे तर इतकी प्रचंड बेकारी असताना एका व्यक्तिला जास्तीत जास्त 25 वर्षे नोकरी द्यायला हवी त्यामुळे सुशिक्षित बेकारांना संधी मिळेल, असे देखील ते पत्रात म्हणाले. हेरंब कुलकर्णी म्हणाले, सेवाकाळात अखेरच्या काळात आखलेल्या धोरणात सातत्य राहण्यासाठी त्या कर्मचार्याला मुदत वाढवून द्यावी असा युक्तिवाद संघटना करतात मग याच निकषावर उद्या 60 वर्षे वय केल्यावर त्याला त्याचे धोरण पुढे न्यायला पुन्हा दोन वर्षे द्यावी लागतील असे हेरंब कुलकर्णी म्हणाले.*

जब योगी आदित्यनाथजी ने BJP छोड़ दी

जब योगी आदित्यनाथजी ने BJP छोड़ दी…

बात अक्टूबर 2005 की है UP का एक माफिया, नाम था मुख़्तार अंसारी, वो खुली जीप में हथियार लहराते हुए मऊ में साम्प्रदायिक दंगा करवा रहा था

3 दिन बीत चुके थे, दंगे को
उस वक़्त UP के CM थे मुलायम सिंह यादव और वो भी कई बार बोल चुके थे कि मुझसे बड़ा गुंडा इस UP में नही है
ये बात वो सिंर्फ़ योगी जी के लिये बोलते थे

जब दंगे को तीसरा दिन था, तो *प्रशासन और UP के CM इस दंगे पे कुछ भी नहीं कर रहे थे… मूक दर्शक बने बैठे थे…

योगी जी ने राजनाथ जी को चुनौती दे दी।
तब मऊ से 64 KM दूरी पे गोरखपुर में बैठे योगी जी को ये दंगा बर्दास्त नहीं हुआ और वो BJP के सारे बड़े नेता… अटल जी, आडवाणी जी, मुरली जी और राजनाथ जी को सीधी चुनौती दे दी
कि… अगर BJP के सारे कार्यकर्ता मेरे साथ मऊ नहीं गये तो परिणाम बहुत बुरा होगा।। दंगा तो मैं अपने बल पे भी रोक लूँगा…पर ऐसे हत्यायों को अगर BJP पार्टी बस देख के चुप रहेगी तो मुझसे बर्दास्त न होगा और मैं BJP छोड़ दूँगा…!

BJP के सारे नेताओ को योगी जी की इस बात से पसीना आ गया
लेकिन BJP के सारे नेता इस दंगे को जा के रोकने की हिम्मत ही नही जुटा पा रहे थे
कारण???
कारण सिंर्फ़ एक था. मुलायम सिंह यादव*
क्योंकि
BJP के सारे नेताओ को पता था, कि *जब अयोध्या में कार सेवकों पर ये मुलायम गोली चलवा सकता है. जो कार सेवक पूरे देश से आये थे तब इसने गोली चलवा दी फिर यहां तो एक छोटे से शहर में दंगा को रोकने जाना है, जहाँ दंगा करवाने वाला भी एक कुख्यात अपराधी है. इन दोनों से बच पाना तो मुश्किल है. और इस घटना में बहुत से BjP के कार्यकर्ता मारे जायेगे

तब इन सारे वरिष्ठ नेताओं ने धीमे से कन्नी काट ली योगी जी से क्योंकि उनको लगा, ’ये योगी बिना BJP के कार्यकर्ताओं के वहाँ जा ही नही सकता है क्योंकि मुख्तार अंसारी पिछले 2 साल से योगी जी को मरवाना चाहता था, और असफल भी कई बार हुआ है… योगी जी अकेले तो वहाँ नहीं जायेंगे…

पर योगी जी भी कम जिद्दी नही थे वो अपने आश्रम से सिंर्फ़ 3 गाड़ी लेकर चल दिये मऊ…
योगी जी मऊ जा रहे दंगा रुकवाने
फिर क्या था जैसे ही गोरखपुर के लोगो को और गोरखपुर से मऊ के बीच के लोगो को पता चला योगी जी मऊ जा रहे हैं दंगा रुकवाने… सारे लोग योगी जी के साथ हो लिये क्योंकि सबको पता था, अगर योगी जी अकेले गये तो ये मुख्तार जान से मरवा दे

मऊ पहुँचते पहुँचते 140 से 160 गाड़ियों का काफिला* हो गया, और मऊ में घुसते ही जब सारी गाड़ी आगे निकल रही थी, तभी उनके अंतिम 8 गाड़ियों पे पेट्रोल बम फेंका गया जो सिंर्फ़ 2 गाड़ियों पे पड़ा. जब सारे लोग गाड़ी से उतरने लगे तो ये पेट्रोल बम फेंकने वालों को मौत का ख़ौफ़ लगने लगा और वो सभी भागने लगे

CM मुलायम सिंह यादव ने साफ शब्दों में बोल दिया था कि ”अगर योगी मऊ पहुँचा तो अरेस्ट कर लिया जाए

तभी प्रशासन भागा भागा योगी जी के काफ़िले की तरफ पहुँचा, प्रशासन के भी हाथ पांव फूलने लगे इतना बड़ा काफ़िला देख कर… इस प्रशासन की हिम्मत ही नहीं हुई कि योगी जी को अरेस्ट कर सके

फ़िर उसी दिन मऊ का दंगा खत्म भी हुआ….
वजह जानते हो क्यों? क्योंकि प्रशासन ने जब CM मुलायम सिंह को ये बताया कि अगर हम योगी जी को अरेस्ट करेगे तो, ये काफ़िले के लोग हम लोगो को जान से मार देंगे, और मुख्तार को भी नही छोड़ेंगे…

और दंगा खत्म होने पर योगी जी ने BJP छोड़ दी….

दंगा खत्म होने के बाद योगी जी ने BJP छोड़ तो दी लेकिन BJP इनका स्तीफा नही ले रही थी… बड़ी मान-मनुहार की गयी कि योगी जी आप BJP मत छोड़िये”

राजनाथ सिंह जी लगातार फोन किया कि ”मैं आ रहा हूँ, गोरखपुर आकर बात करता हूं आप से
तब योगी जी ने राजनाथ जी को सीधा ही बोल दिया कि ”गोरखपुर में कदम भी मत रखना

तब अटल जी बड़े विचलित थे कि पूर्वांचल का एक ही तो नेता था, अगर वो BJP छोड़ देगा तो कैसे चलेगा, तब आडवाणी जी गोरखपुर पहुँचे, बहुत मनाया गया, 2 दिन बाद माने योगी जी

अब जरा सोचिये, यही योगी जी जब कोई मंत्री, CM न रह कर भी दंगाइयों और माफियाओं को भगा सकता है… और BJP को लात मार सकता है, तो जरा सोचो अब तो ये प्रदेश का CM बन के बैठा है… ये क्या से क्या न करवा दे

एक बात और, ये योगी जी है कोई मोदी जी नहीं… 900 लोगो में से कुछ को जेल कुछ को ऊपर तेल लेने भेज चुके है… कुछ तो दूसरे प्रदेश में भाग गये है…

अब शायद आपको समझ में आ गया कि मुख्तार अंसारी UP क्यों नहीं आना चाहता था, इसके लिए उसने एड़ी-चोटी का जोर लगा लिया कि उसे पंजाब की जेल में ही रहने दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में पूर्व उपराष्ट्रपति (हामिद अंसारी) से पारिवारिक वास्ता दिया गया, और अब स्वास्थ्य खराब होने पर स्ट्रेचर और व्हील चेयर का सहारा…

लेकिन UP में CM योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपराधियों के गुनाहों का पूरा हिसाब करने का मन बना लिया है. अपनी गुंडागर्दी और अपराध के दम पर दहशत फैलाने वाले मुख्तार अंसारी की मुश्किलें अब और भी बढ़ चुकी हैं, क्योंकि यूपी की जेल में रहते हुए किसी विशेष सुविधा की बात तो छोड़िये , अब हर केस में पेशी और सजा का कार्यक्रम चल रहा है। अगर कभी बचने के लिये भागने का प्रयास किया तो दूसरा खतरा (…..) अलग…

ना जाने क्यों, लेकिन मुझे मशहूर शायर मीर तकी ‘मीर’ की ग़ज़ल का मुखड़ा याद आ रहा है
’इब्तदा-ए- इश्क है, रोता है क्या! आगे आगे देखिये, होता है क्या
अर्थात, अरे बावले, ये तो इश्क की शुरुआत है अभी से रोने लगा! आगे आगे देख, अभी और क्या क्या होता है…
Rahul Singh Amethiya

जब योगी आदित्यनाथजी ने BJP छोड़ दी

जब योगी आदित्यनाथजी ने BJP छोड़ दी…

बात अक्टूबर 2005 की है UP का एक माफिया, नाम था मुख़्तार अंसारी, वो खुली जीप में हथियार लहराते हुए मऊ में साम्प्रदायिक दंगा करवा रहा था

3 दिन बीत चुके थे, दंगे को
उस वक़्त UP के CM थे मुलायम सिंह यादव और वो भी कई बार बोल चुके थे कि मुझसे बड़ा गुंडा इस UP में नही है
ये बात वो सिंर्फ़ योगी जी के लिये बोलते थे

जब दंगे को तीसरा दिन था, तो *प्रशासन और UP के CM इस दंगे पे कुछ भी नहीं कर रहे थे… मूक दर्शक बने बैठे थे…

योगी जी ने राजनाथ जी को चुनौती दे दी।
तब मऊ से 64 KM दूरी पे गोरखपुर में बैठे योगी जी को ये दंगा बर्दास्त नहीं हुआ और वो BJP के सारे बड़े नेता… अटल जी, आडवाणी जी, मुरली जी और राजनाथ जी को सीधी चुनौती दे दी
कि… अगर BJP के सारे कार्यकर्ता मेरे साथ मऊ नहीं गये तो परिणाम बहुत बुरा होगा।। दंगा तो मैं अपने बल पे भी रोक लूँगा…पर ऐसे हत्यायों को अगर BJP पार्टी बस देख के चुप रहेगी तो मुझसे बर्दास्त न होगा और मैं BJP छोड़ दूँगा…!

BJP के सारे नेताओ को योगी जी की इस बात से पसीना आ गया
लेकिन BJP के सारे नेता इस दंगे को जा के रोकने की हिम्मत ही नही जुटा पा रहे थे
कारण???
कारण सिंर्फ़ एक था. मुलायम सिंह यादव*
क्योंकि
BJP के सारे नेताओ को पता था, कि *जब अयोध्या में कार सेवकों पर ये मुलायम गोली चलवा सकता है. जो कार सेवक पूरे देश से आये थे तब इसने गोली चलवा दी फिर यहां तो एक छोटे से शहर में दंगा को रोकने जाना है, जहाँ दंगा करवाने वाला भी एक कुख्यात अपराधी है. इन दोनों से बच पाना तो मुश्किल है. और इस घटना में बहुत से BjP के कार्यकर्ता मारे जायेगे

तब इन सारे वरिष्ठ नेताओं ने धीमे से कन्नी काट ली योगी जी से क्योंकि उनको लगा, ’ये योगी बिना BJP के कार्यकर्ताओं के वहाँ जा ही नही सकता है क्योंकि मुख्तार अंसारी पिछले 2 साल से योगी जी को मरवाना चाहता था, और असफल भी कई बार हुआ है… योगी जी अकेले तो वहाँ नहीं जायेंगे…

पर योगी जी भी कम जिद्दी नही थे वो अपने आश्रम से सिंर्फ़ 3 गाड़ी लेकर चल दिये मऊ…
योगी जी मऊ जा रहे दंगा रुकवाने
फिर क्या था जैसे ही गोरखपुर के लोगो को और गोरखपुर से मऊ के बीच के लोगो को पता चला योगी जी मऊ जा रहे हैं दंगा रुकवाने… सारे लोग योगी जी के साथ हो लिये क्योंकि सबको पता था, अगर योगी जी अकेले गये तो ये मुख्तार जान से मरवा दे

मऊ पहुँचते पहुँचते 140 से 160 गाड़ियों का काफिला* हो गया, और मऊ में घुसते ही जब सारी गाड़ी आगे निकल रही थी, तभी उनके अंतिम 8 गाड़ियों पे पेट्रोल बम फेंका गया जो सिंर्फ़ 2 गाड़ियों पे पड़ा. जब सारे लोग गाड़ी से उतरने लगे तो ये पेट्रोल बम फेंकने वालों को मौत का ख़ौफ़ लगने लगा और वो सभी भागने लगे

CM मुलायम सिंह यादव ने साफ शब्दों में बोल दिया था कि ”अगर योगी मऊ पहुँचा तो अरेस्ट कर लिया जाए

तभी प्रशासन भागा भागा योगी जी के काफ़िले की तरफ पहुँचा, प्रशासन के भी हाथ पांव फूलने लगे इतना बड़ा काफ़िला देख कर… इस प्रशासन की हिम्मत ही नहीं हुई कि योगी जी को अरेस्ट कर सके

फ़िर उसी दिन मऊ का दंगा खत्म भी हुआ….
वजह जानते हो क्यों? क्योंकि प्रशासन ने जब CM मुलायम सिंह को ये बताया कि अगर हम योगी जी को अरेस्ट करेगे तो, ये काफ़िले के लोग हम लोगो को जान से मार देंगे, और मुख्तार को भी नही छोड़ेंगे…

और दंगा खत्म होने पर योगी जी ने BJP छोड़ दी….

दंगा खत्म होने के बाद योगी जी ने BJP छोड़ तो दी लेकिन BJP इनका स्तीफा नही ले रही थी… बड़ी मान-मनुहार की गयी कि योगी जी आप BJP मत छोड़िये”

राजनाथ सिंह जी लगातार फोन किया कि ”मैं आ रहा हूँ, गोरखपुर आकर बात करता हूं आप से
तब योगी जी ने राजनाथ जी को सीधा ही बोल दिया कि ”गोरखपुर में कदम भी मत रखना

तब अटल जी बड़े विचलित थे कि पूर्वांचल का एक ही तो नेता था, अगर वो BJP छोड़ देगा तो कैसे चलेगा, तब आडवाणी जी गोरखपुर पहुँचे, बहुत मनाया गया, 2 दिन बाद माने योगी जी

अब जरा सोचिये, यही योगी जी जब कोई मंत्री, CM न रह कर भी दंगाइयों और माफियाओं को भगा सकता है… और BJP को लात मार सकता है, तो जरा सोचो अब तो ये प्रदेश का CM बन के बैठा है… ये क्या से क्या न करवा दे

एक बात और, ये योगी जी है कोई मोदी जी नहीं… 900 लोगो में से कुछ को जेल कुछ को ऊपर तेल लेने भेज चुके है… कुछ तो दूसरे प्रदेश में भाग गये है…

अब शायद आपको समझ में आ गया कि मुख्तार अंसारी UP क्यों नहीं आना चाहता था, इसके लिए उसने एड़ी-चोटी का जोर लगा लिया कि उसे पंजाब की जेल में ही रहने दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में पूर्व उपराष्ट्रपति (हामिद अंसारी) से पारिवारिक वास्ता दिया गया, और अब स्वास्थ्य खराब होने पर स्ट्रेचर और व्हील चेयर का सहारा…

लेकिन UP में CM योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपराधियों के गुनाहों का पूरा हिसाब करने का मन बना लिया है. अपनी गुंडागर्दी और अपराध के दम पर दहशत फैलाने वाले मुख्तार अंसारी की मुश्किलें अब और भी बढ़ चुकी हैं, क्योंकि यूपी की जेल में रहते हुए किसी विशेष सुविधा की बात तो छोड़िये , अब हर केस में पेशी और सजा का कार्यक्रम चल रहा है। अगर कभी बचने के लिये भागने का प्रयास किया तो दूसरा खतरा (…..) अलग…

ना जाने क्यों, लेकिन मुझे मशहूर शायर मीर तकी ‘मीर’ की ग़ज़ल का मुखड़ा याद आ रहा है
’इब्तदा-ए- इश्क है, रोता है क्या! आगे आगे देखिये, होता है क्या
अर्थात, अरे बावले, ये तो इश्क की शुरुआत है अभी से रोने लगा! आगे आगे देख, अभी और क्या क्या होता है…
Rahul Singh Amethiya

21 ते 26 एप्रिल 2023 दरम्यान पुण्यात रंगणार रोलबॉल ची अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा – मा. ना. चंद्रकांतदादा पाटील यांची माहिती

स्पर्धेच्या मानचिन्हाचे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ना. चंद्रकांतदादा पाटील व क्रीडा मंत्री गिरीष महाजन यांच्या हस्ते प्रकाशन*.

येत्या 21 एप्रिल ते 26 एप्रिल दरम्यान पुण्यात श्री शिवछत्रपती क्रीडानगरी म्हाळुंगे बालेवाडी येथे रोलबॉल ची अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा आयोजित करण्यात आली असून स्पर्धेची तयारी जोरात सुरु असल्याचे स्पर्धा समितीचे अध्यक्ष व पुण्याचे पालकमंत्री ना. चंद्रकांतदादा पाटील यांनी सांगितले. आज मुंबईत ह्या स्पर्धेच्या मानचिन्हाचे प्रकाशन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्पर्धेचे प्रमुख ना. चंद्रकांतदादा पाटील,क्रीडा मंत्री गिरीष महाजन, रोलबॉल ह्या खेळाचे जनक राजू दाभाडे, रोलबॉल संघटनेचे महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष संदीप खर्डेकर, उपाध्यक्ष ऍड.अमोल काजळे पाटील,मुंबई रोलबॉल संघटनेचे सचिव जयप्रकाश सिंग आणि चंदन जयस्वाल यांच्या हस्ते करण्यात आले.यावेळी चंद्रकांतदादांनी मा. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व क्रीडा मंत्री महोदयांना स्पर्धेच्या उदघाट्न व समारोपाला उपस्थित राहण्याचे निमंत्रण दिले, ते त्यांनी स्वीकारले तसेच स्पर्धेला सर्वतोपरी मदत करू असे वचन ही दिले.आत्तापर्यंत ह्या स्पर्धेसाठी 32 देशांनी सहभाग नोंदविला असून त्यांची व्हिसा प्रक्रिया देखील पूर्ण झाली असल्याचे राजू दाभाडे व संदीप खर्डेकर यांनी सांगितले.
ह्या स्पर्धेचा जन्म पुण्यात झाला असल्यामुळे व आता तब्ब्ल 57 देशात हा वेगवान खेळ खेळला जात असल्याने त्याची पुण्यात होणारी आंतरराष्ट्रीय स्पर्धा यशस्वी व्हावी यासाठी सर्वतोपरी प्रयत्न करणे हे पुण्याचा पालकमंत्री आणि संयोजन समितीचा अध्यक्ष ह्या नात्याने माझे कर्तव्य असल्याचे मी मानतो असे मा. ना. चंद्रकांतदादा पाटील यांनी स्पष्ट केले. ह्या स्पर्धेसाठी क्रीडानगरी मधील बॅडमिंटन हॉल सुसज्ज करत असून जगभरातून येणाऱ्या स्पर्धकांच्या स्वागतासाठी आम्ही सज्ज असल्याचेही मा.चंद्रकांतदादा पाटील यांनी सांगितले.

आपला,
संदीप खर्डेकर.
अध्यक्ष, महाराष्ट्र रोलबॉल संघटना.
मो – 9850999995

छायाचित्र 1 व 2 मानचिन्ह प्रकाशन.
छायाचित्र 3 – मा. मुख्यमंत्री एकनाथराव शिंदे यांना स्पर्धेची माहिती देताना ना. चंद्रकांतदादा पाटील.

21 ते 26 एप्रिल 2023 दरम्यान पुण्यात रंगणार रोलबॉल ची अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा – मा. ना. चंद्रकांतदादा पाटील यांची माहिती

स्पर्धेच्या मानचिन्हाचे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ना. चंद्रकांतदादा पाटील व क्रीडा मंत्री गिरीष महाजन यांच्या हस्ते प्रकाशन*.

येत्या 21 एप्रिल ते 26 एप्रिल दरम्यान पुण्यात श्री शिवछत्रपती क्रीडानगरी म्हाळुंगे बालेवाडी येथे रोलबॉल ची अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा आयोजित करण्यात आली असून स्पर्धेची तयारी जोरात सुरु असल्याचे स्पर्धा समितीचे अध्यक्ष व पुण्याचे पालकमंत्री ना. चंद्रकांतदादा पाटील यांनी सांगितले. आज मुंबईत ह्या स्पर्धेच्या मानचिन्हाचे प्रकाशन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्पर्धेचे प्रमुख ना. चंद्रकांतदादा पाटील,क्रीडा मंत्री गिरीष महाजन, रोलबॉल ह्या खेळाचे जनक राजू दाभाडे, रोलबॉल संघटनेचे महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष संदीप खर्डेकर, उपाध्यक्ष ऍड.अमोल काजळे पाटील,मुंबई रोलबॉल संघटनेचे सचिव जयप्रकाश सिंग आणि चंदन जयस्वाल यांच्या हस्ते करण्यात आले.यावेळी चंद्रकांतदादांनी मा. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व क्रीडा मंत्री महोदयांना स्पर्धेच्या उदघाट्न व समारोपाला उपस्थित राहण्याचे निमंत्रण दिले, ते त्यांनी स्वीकारले तसेच स्पर्धेला सर्वतोपरी मदत करू असे वचन ही दिले.आत्तापर्यंत ह्या स्पर्धेसाठी 32 देशांनी सहभाग नोंदविला असून त्यांची व्हिसा प्रक्रिया देखील पूर्ण झाली असल्याचे राजू दाभाडे व संदीप खर्डेकर यांनी सांगितले.
ह्या स्पर्धेचा जन्म पुण्यात झाला असल्यामुळे व आता तब्ब्ल 57 देशात हा वेगवान खेळ खेळला जात असल्याने त्याची पुण्यात होणारी आंतरराष्ट्रीय स्पर्धा यशस्वी व्हावी यासाठी सर्वतोपरी प्रयत्न करणे हे पुण्याचा पालकमंत्री आणि संयोजन समितीचा अध्यक्ष ह्या नात्याने माझे कर्तव्य असल्याचे मी मानतो असे मा. ना. चंद्रकांतदादा पाटील यांनी स्पष्ट केले. ह्या स्पर्धेसाठी क्रीडानगरी मधील बॅडमिंटन हॉल सुसज्ज करत असून जगभरातून येणाऱ्या स्पर्धकांच्या स्वागतासाठी आम्ही सज्ज असल्याचेही मा.चंद्रकांतदादा पाटील यांनी सांगितले.

आपला,
संदीप खर्डेकर.
अध्यक्ष, महाराष्ट्र रोलबॉल संघटना.
मो – 9850999995

छायाचित्र 1 व 2 मानचिन्ह प्रकाशन.
छायाचित्र 3 – मा. मुख्यमंत्री एकनाथराव शिंदे यांना स्पर्धेची माहिती देताना ना. चंद्रकांतदादा पाटील.

श्री हनुमान जी जन्मोत्सव 06अप्रैल बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं श्री हनुमान

आधुनिक समय के सबसे जागृत, सिद्ध, चमत्कार घटित करने वाले एवं अपने भक्तों के दुःखों को हरने वाले भगवान श्री हनुमान हैं, उनका चरित्र अतुलित पराक्रम, ज्ञान और शक्ति के बाद भी अहंकार से विहीन था। यही आदर्श आज हमारे लिये प्रकाश स्तंभ हैं, जो विषमताओं से भरे हुए संसार सागर में हमारा मार्गदर्शन करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि असंभव लगने वाले कार्यों में भी जब श्री हनुमानजी ने विजय प्राप्त की तब भी उन्होंने प्रत्येक सफलता का श्रेय ‘सो सब तव प्रताप रघुराई’ कहकर अपने स्वामी को समर्पित कर दिया। पूरी मेहनत करना पर श्रेय प्राप्ति की इच्छा न रखना सेवक का देव दुर्लभ गुण होता है, जो उसे अन्य सभी सद्गुणों का उपहार दे देता है। यहीं श्री हनुमानजी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है। वे शौर्य, साहस और नेतृत्व के भी प्रतीक हैं। समर्पण एवं भक्ति उनका सर्वाधिक लोकप्रिय गुण है।

🚩🕉️रामभक्त श्री हनुमान बल, बुद्धि और विद्या के सागर तो थे ही, अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता और ज्योतिष के भी प्रकांड विद्वान थे। वे हर युग में अपने भक्तों को अपने स्वरूप का दर्शन कराते हैं और उनके दुःखों कोे हरतेे हैं।

🚩🕉️ श्री हनुमान जयन्ती एक हिन्दू पर्व है। यह चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था यह माना जाता है। श्री हनुमानजी को कलयुग में सबसे प्रभावशाली देवताओं में से एक माना जाता है। विष्णुजी के अवतार के रूप में श्रीराम अवतरण हुआ। रावण ने अपने कठोर साधना से दिव्य शक्तियां प्राप्त की और अपने मोक्ष प्राप्ति हेतु शिवजी से वरदान माँगा। तब शिवजी ने श्रीराम के हाथों मोक्ष प्रदान करने के लिए लीला रची। शिवजी की लीला के अनुसार उन्होंने श्री हनुमान के रूप में जन्म लिया ताकि रावण को मोक्ष दिलवा सके। इस कार्य में रामजी का साथ देने हेतु स्वयं शिवजी के अवतार श्री हनुमानजी आये थे, मंगलकर्त्ता एवं विघ्नहर्त्ता हनुमानजी सदा के लिए अमर हो गए। रावण के वरदान के साथ साथ उसे मोक्ष भी दिलवाया।

🚩🕉️ श्री हनुमानजी को हिन्दू देवताओं में सबसे शक्तिशाली माना गया है, वे रामायण जैसे महाग्रंथ के सह पात्र थे। उनको बजरंग बलि, मारुतिनंदन, पवनपुत्र, केशरीनंदन आदि अनेकों नामों से पुकारा जाता है। उनका एक नाम वायुपुत्र भी है, उन्हें वातात्मज भी कहा गया है अर्थात् वायु से उत्पन्न होने वाला।

🚩🕉️इन्हें सात चिरंजीवियो में से एक माना जाता है। वे सभी कलाओं में सिद्धहस्त एवं माहिर थे। वीरो में वीर, बुद्धिजीवियों में सबसे विद्वान। इन्होंने अपने पराक्रम और विद्या से अनेकों कार्य चुटकीभर समय में पूर्ण कर दिए है।

🚩🕉️ श्री हनुमान का चरित्र एक लोकनायक का चरित्र है और उनके इसी चरित्र ने उन्हें सार्वभौमिक, सार्वदैशिक एवं सार्वकालिक लोकप्रियता प्रदान की है। तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं में मात्र हनुमान ही ऐसे हैं जिनकी आधुनिक युग में सर्वाधिक पूजा की जाती है और जन-जन के वे आस्था के केन्द्र हैं। उनके चरित्र ने जाति, धर्म और सम्प्रदाय की संकीर्ण सीमाओं को लांघ कर जन-जन को अनुप्राणित किया हैै।

🚩🕉️श्रीराम के प्रति श्रीहनुमानजी की अपार श्रद्धा, विश्वास और सम्मान के प्रति समर्पण अतुल्य था। उनकी अनुपस्थिति में भी उनके मान की रक्षा का उन्होंने ध्यान रखा। जब रावण की सोने की लंका को जलाकर श्री हनुमानजी दोबारा माता सीता से मिलने पहुंचे, तो सीताजी ने कहा- ‘पुत्र, हमें यहां से ले चलो।’ इस पर हनुमानजी ने कहा कि हे माता! मैं आपको यहां से अभी ले जा सकता हूं, पर मैं नहीं चाहता कि मैं आपको रावण की तरह यहां से चोरी से ले जाऊं। रावण का वध करने के बाद ही प्रभु श्रीराम आदर सहित आपको ले जाएंगे।

🚩🕉️इन्हीं गुणों के बलबूते श्री हनुमानजी ने अष्ट सिद्धियों और सभी नव निधियों की प्राप्ति की। इन्हीं उत्कृष्ट विलक्षणताओं एवं सिद्धियों के प्रतीक हनुमान पूर्ण मानव थे। मानव न केवल संपूर्ण प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ है, प्रत्युत वह अपनी साधना के द्वारा ब्रह्मपद को भी प्राप्त कर सकता है। त्रेतायुग के सर्वाधिक शक्तिशाली मानव हनुमान जिन्हें भ्रमवश अनेक देशी-विदेशी विद्वान पेड़ों पर उछल-कूद करनेवाला साधारण वानर मानते रहे हैं, अपने अलौकिक गुणों और आश्चर्यजनक कार्यों के बल पर कोटि-कोटि लोगों के आराध्य बन गये। निश्चित ही हनुमान का चरित्र बहुआयामी हैं क्योंकि उन्होंने संसार और संन्यास दोनों को जिया।

🚩🕉️वे एक महान् योगी एवं तपस्वी हैं।

🚩🕉️ श्री हनुमान को बुद्धिमानों में अग्रगण्य माना जाता है। ऋग्वेद में उनके लिए ‘विश्ववेदसम्’ शब्द का प्रयोग किया गया है। इसका अभिप्रेत अर्थ है- विद्वानों में सर्वश्रेष्ठ। वाल्मीकि रामायण में हनुमान को महाबलशाली घोषित करते हुए ‘बुद्धिमतां वरिष्ठं’ कहना पूर्ण युक्ति संगत है। ‘रामचरितमानस’ में भी उनके लिए ‘अतुलित बलधामं’ तथा ‘ज्ञानिनामग्रगण्यम’ इन दोनों विशेषणों का प्रयोग द्रष्टव्य है। ब्रह्मचारी हनुमानजी महान् संगीतज्ञ और गायक भी थे। इनके मधुर गायन को सुनकर पशु-पक्षी एवं सृष्टि का कण-कण मुग्ध हो जाता था। उनकी अलौकिक साधना एवं नैसर्गिक दिव्यता का ही परिणाम था कि वे भय और आशंका से भरे वातावरण में भी निःशंक और निर्भीक बने रहते थे। संकट की घड़ी में भी शांतचित्त होकर अपने आसन्न कर्तव्य का निश्चय करना उत्तम प्रज्ञा का प्रमाण है। श्री हनुमान इस सर्वोत्कृष्ट प्रज्ञा से युक्त थे।
🚩🕉️शुद्ध आचार, विचार और व्यवहार से जुड़ी श्री हनुमान की ऐसी अनेक चारित्रिक व्याख्याएं हैं जिनमें जीवन और दर्शन का सही दृष्टिकोण सिमटा हुआ है। आज के समय में श्री हनुमानजी की छवि सिर्फ एक बलशाली देवता के रूप में स्थापित कर दी गई है। जबकि वे बलवान तो थे ही परंतु अपने बल का कहां और कैसे उपयोग करना है वे बहुत अच्छे से जानते थे। इस दृष्टि से वे तीक्ष्ण बुद्धिमान, विवेकवान एवं चतुर थे। श्री हनुमान जी के चातुर्य होने पर किसी भी प्रकार की कोई शंका नहीं होनी चाहिए।

🚩🕉️क्योंकि वाल्मीकि रामायण से लेकर रामचरित मानस तक सभी ग्रथों में श्री हनुमान जी को बलवान होने के साथ-साथ बुद्धिमान एवं चतुर होने के भी प्रमाण मिलते हैं।

🕉️🚩प्राचीन भारत की सर्वश्रेष्ठ भाषा संस्कृत और व्याकरण पर श्री हनुमान का असाधारण अधिकार था। संपूर्ण विद्याओं के ज्ञान में उनकी तुलना देवताओं के गुरु बृहस्पति से की गयी है। महर्षि अगस्त्य के अनुसार हनुमान नवों व्याकरणों के अधिकारी विद्वान थे। नोबेल पुरस्कार विजेता आक्टाभियो पाज का भी यह सुनिश्चित मत है कि हनुमान ने व्याकरण शास्त्र की रचना की थी। तंत्र शास्त्र के आदि देवता और प्रवर्तक भगवान शिव हैं।

🚩🕉️इस प्रकार से श्री हनुमानजी स्वयं भी तंत्र शास्त्र के महान पंडित हैं। समस्त देवताओं में वे शाश्वत देव हैं। परम विद्वान एवं अजर-अमर देवता हैं। वे अपने भक्तों का सदैव ध्यान रखते हैं। उनकी तंत्र-साधना, वीर-साधना है। वे रुद्रावतार और बल-वीरता एवं अखंड ब्रह्मचर्य के प्रतीक हैं।

🚩🕉️एक प्रसंग में विभीषण के ताना मारने पर श्री हनुमानजी ने सीना चिरकर भरी सभा में श्रीराम और जानकी के दर्शन अपने सीने में करा दिए थे।

श्री हनुमानजी की पवित्र मन से की गयी साधना और भक्ति चमत्कारपूर्ण परिणाम देने वाली है। हनुमान की भक्ति या उनको पाने के लिये इंसान को इंसान बनना जरूरी है। जब तक भक्ति की धारा बाहर की ओर प्रवाहित रहेगी तब तक भगवान अलग रहेंगे और भक्त अलग रहेगा।

🕉️🚩 श्री हनुमान भक्ति के लिये जरूरी है उनके जीवन से दिशाबोध ग्रहण करो और अपने में डूबकर उसे प्राप्त करो। ‘जिन खोजा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ’- यही है सच्ची हनुमान भक्ति की भूमिका। भक्ति का असली रूप पहचानना जरूरी है, तभी मंजिल पर पहुंचेंगे, अन्यथा संसार की मरुभूमि में ही भटकते रह जायेंगे। हम ‘संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा’ की भावना के अनुरूप प्रार्थना करते हैं कि संकटमोचन हनुमानजी संपूर्ण विश्व की इन राजनीतिक प्रदूषणों, अराजकता, युद्ध, हिंसा एवं महामारियों से रक्षा करें।
🚩🕉️🛕🌺🚩🕉️🛕🌺

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 07 अप्रैल 2023 दिन – शुक्रवार

विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – वसंत*
*⛅मास – वैशाख (गुजरात, महाराष्ट्र में चैत्र)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – प्रतिपदा सुबह 10:20 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – चित्रा दोपहर 01:33 तक तत्पश्चात स्वाती*
*⛅योग – हर्षण रात्रि 01:26 तक तत्पश्चात वज्र*
*⛅राहु काल – सुबह 11:08 से 12:42 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:27*
*⛅सूर्यास्त – 06:57*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:55 से 05:41 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:19 से 01:04 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – विश्व स्वास्थ्य दिवस*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹गर्मियों में स्वास्थ्य-सुरक्षा हेतु🔹*
*✅ क्या करें ?*

*👉🏻 १] गर्मी के कारण जिनको सिरदर्द व कमजोरी होती है वे लोग सूखा धनियां पानी में भिगा दें और घिसके माथे पर लगायें । इससे सिरदर्द और कमजोरी दूर होगी ।*

*👉🏻 २] नाक से खून गिरता हो तो हरे धनिये अथवा ताजी कोमल दूब (दूर्वा) का २ – २ बूँद रस नाक में डालें । इससे नकसीर फूटना बंद हो जायेगा ।*

*👉🏻 ३] सत्तू में शीतल जल, मिश्री और थोडा घी मिलाकर घोल बनाके पियें । यह बड़ा पुष्टिा दायी प्रयोग है । भोजन थोडा कम करें ।*

*👉🏻 ४] भोजन के बीच में २५ – ३५ मि. ली. आँवले का रस पियें । ऐसा २१ दिन करें तो ह्रदय व मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होगी । ( शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन वर्जित है ।)*

*👉🏻 ५] २० मि. ली. आँवला रस, १० ग्राम शहद, ५ ग्राम घी – सबका मिश्रण करके पियें तो बल, बुद्धि, ओज व आयु बढ़ाने में मदद मिलती है ।*

*👉🏻 ६] मुँह में छाले पड गये हों तो त्रिफला चूर्ण को पानी में डाल के कुल्ले करें तथा मिश्री चूसें । इससे छाले शांत हो जायेंगे ।*

*❌ क्या न करें ?*
*👉🏻 १] अति परिश्रम, अति कसरत, अति रात्रि-जागरण, अति भोजन व भारी भोजन नहीं करें । भोजन में लाल मिर्च व गर्म मसालों का प्रयोग न करें ।*

*👉🏻 २] गर्मियों में दही भूल के भी नहीं खाना चाहिए । इससे आगे चल के नस-नाड़ियों में अवरोध उत्पन्न होता है और कई बीमारियाँ होती हैं । दही खाना हो तो सीधा नहीं खायें, पहले उसे मथ के मक्खन निकाल लें और बचे हुए भाग को लस्सी या छाछ बना के मिश्री मिला के या छौंक लगा के सेवन करें । ध्यान रहे, दही खट्टा न हो ।*

*👉🏻 ३] बाजारू शीतल पेयों से बचें । फ्रिज का पानी न पियें । धूप में से आकर तुरंत पानी न पियें ।*

*👉🏻 ४ ] अति मैथुन से बुढापा जल्दी आयेगा, कमजोरी जल्दी आयेगी । अत: इससे दूर रहें | ग्रीष्म ऋतू में विशेषरूप से संयम रखें ।*

*🔹बाल कटवाने का सही तरीका🔹*

*🔹शास्त्रों के ज्ञान को लोग भूलते जा रहे हैं अतः आज चिंता, दुःख, परेशानी, अवसाद आदि बढ़ते जा रहे हैं। पूज्य बापू जी ने शास्त्रों का दोहन कर कई जीवनोपयोगी विधियों के ज्ञान से समाज को लाभान्वित किया है । इनमें क्षौर कर्म भी आता है । पूज्य श्री कहते हैं- “हमारे शास्त्रों ने मुंडन कब करना चाहिए, बाल कब कटवाने चाहिए वह भी खोज लिया है ।*

*🔹रविवार को जो लोग मुंडन कराते हैं अथवा बाल कटवाते हैं, उनके धन, बुद्धि और धर्म की हानि होती है, ऐसा लिखा है । रविवार आदि के दिन बाल कटवा तो लेते हैं, परवाह नहीं करते हैं लेकिन बेचारों के जीवन में उन ग्रहों का कुप्रभाव तो देखने में आता ही है ।*

*🔹सोमवार को अगर क्षौर कर्म कराते हैं तो शिवभक्त की भक्ति की हानि होती है लेकिन शिवभक्त नहीं हैं तो सोमवार को मुंडन, बाल कटाने से कोई हानि नहीं है । पुत्रवान को भी इस दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए ।*

*🔹मंगलवार को आयुष्य क्षीण होता है ।*

*🔹बुधवार को धन-लाभ होता है ।*

*🔹गुरुवार को करायें तो मान और लक्ष्मी अथवा धन-दौलत में बरकत क्षीण होने लगती है ।*

*🔹अगर शुक्रवार को क्षौर कर्म कराते हैं तो धन-लाभ व यश-लाभ बढ़ता है ।*

*🔹 और शनिवार को कराते हैं तो आयुष्य क्षीण होता है, अकाल मृत्यु अथवा दुर्घटना का भय रहेगा ।”*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 07 अप्रैल 2023 दिन – शुक्रवार

विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – वसंत*
*⛅मास – वैशाख (गुजरात, महाराष्ट्र में चैत्र)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – प्रतिपदा सुबह 10:20 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – चित्रा दोपहर 01:33 तक तत्पश्चात स्वाती*
*⛅योग – हर्षण रात्रि 01:26 तक तत्पश्चात वज्र*
*⛅राहु काल – सुबह 11:08 से 12:42 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:27*
*⛅सूर्यास्त – 06:57*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:55 से 05:41 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:19 से 01:04 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – विश्व स्वास्थ्य दिवस*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹गर्मियों में स्वास्थ्य-सुरक्षा हेतु🔹*
*✅ क्या करें ?*

*👉🏻 १] गर्मी के कारण जिनको सिरदर्द व कमजोरी होती है वे लोग सूखा धनियां पानी में भिगा दें और घिसके माथे पर लगायें । इससे सिरदर्द और कमजोरी दूर होगी ।*

*👉🏻 २] नाक से खून गिरता हो तो हरे धनिये अथवा ताजी कोमल दूब (दूर्वा) का २ – २ बूँद रस नाक में डालें । इससे नकसीर फूटना बंद हो जायेगा ।*

*👉🏻 ३] सत्तू में शीतल जल, मिश्री और थोडा घी मिलाकर घोल बनाके पियें । यह बड़ा पुष्टिा दायी प्रयोग है । भोजन थोडा कम करें ।*

*👉🏻 ४] भोजन के बीच में २५ – ३५ मि. ली. आँवले का रस पियें । ऐसा २१ दिन करें तो ह्रदय व मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होगी । ( शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन वर्जित है ।)*

*👉🏻 ५] २० मि. ली. आँवला रस, १० ग्राम शहद, ५ ग्राम घी – सबका मिश्रण करके पियें तो बल, बुद्धि, ओज व आयु बढ़ाने में मदद मिलती है ।*

*👉🏻 ६] मुँह में छाले पड गये हों तो त्रिफला चूर्ण को पानी में डाल के कुल्ले करें तथा मिश्री चूसें । इससे छाले शांत हो जायेंगे ।*

*❌ क्या न करें ?*
*👉🏻 १] अति परिश्रम, अति कसरत, अति रात्रि-जागरण, अति भोजन व भारी भोजन नहीं करें । भोजन में लाल मिर्च व गर्म मसालों का प्रयोग न करें ।*

*👉🏻 २] गर्मियों में दही भूल के भी नहीं खाना चाहिए । इससे आगे चल के नस-नाड़ियों में अवरोध उत्पन्न होता है और कई बीमारियाँ होती हैं । दही खाना हो तो सीधा नहीं खायें, पहले उसे मथ के मक्खन निकाल लें और बचे हुए भाग को लस्सी या छाछ बना के मिश्री मिला के या छौंक लगा के सेवन करें । ध्यान रहे, दही खट्टा न हो ।*

*👉🏻 ३] बाजारू शीतल पेयों से बचें । फ्रिज का पानी न पियें । धूप में से आकर तुरंत पानी न पियें ।*

*👉🏻 ४ ] अति मैथुन से बुढापा जल्दी आयेगा, कमजोरी जल्दी आयेगी । अत: इससे दूर रहें | ग्रीष्म ऋतू में विशेषरूप से संयम रखें ।*

*🔹बाल कटवाने का सही तरीका🔹*

*🔹शास्त्रों के ज्ञान को लोग भूलते जा रहे हैं अतः आज चिंता, दुःख, परेशानी, अवसाद आदि बढ़ते जा रहे हैं। पूज्य बापू जी ने शास्त्रों का दोहन कर कई जीवनोपयोगी विधियों के ज्ञान से समाज को लाभान्वित किया है । इनमें क्षौर कर्म भी आता है । पूज्य श्री कहते हैं- “हमारे शास्त्रों ने मुंडन कब करना चाहिए, बाल कब कटवाने चाहिए वह भी खोज लिया है ।*

*🔹रविवार को जो लोग मुंडन कराते हैं अथवा बाल कटवाते हैं, उनके धन, बुद्धि और धर्म की हानि होती है, ऐसा लिखा है । रविवार आदि के दिन बाल कटवा तो लेते हैं, परवाह नहीं करते हैं लेकिन बेचारों के जीवन में उन ग्रहों का कुप्रभाव तो देखने में आता ही है ।*

*🔹सोमवार को अगर क्षौर कर्म कराते हैं तो शिवभक्त की भक्ति की हानि होती है लेकिन शिवभक्त नहीं हैं तो सोमवार को मुंडन, बाल कटाने से कोई हानि नहीं है । पुत्रवान को भी इस दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए ।*

*🔹मंगलवार को आयुष्य क्षीण होता है ।*

*🔹बुधवार को धन-लाभ होता है ।*

*🔹गुरुवार को करायें तो मान और लक्ष्मी अथवा धन-दौलत में बरकत क्षीण होने लगती है ।*

*🔹अगर शुक्रवार को क्षौर कर्म कराते हैं तो धन-लाभ व यश-लाभ बढ़ता है ।*

*🔹 और शनिवार को कराते हैं तो आयुष्य क्षीण होता है, अकाल मृत्यु अथवा दुर्घटना का भय रहेगा ।”*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

विविध ग्रामपंचायतीतील रिक्तपदांच्या पोटनिवडणुकांसाठी १८ मे रोजी मतदान

मुंबई:-राज्यभरातील सुमारे २ हजार ६२० ग्रामपंचायतीतील ३ हजार ६६६ सदस्य आणि १२६ थेट सरपंचांच्या रिक्तपदांचा पोटनिवणुकांसाठी १८ मे २०२३ रोजी मतदान होणार आहे, अशी माहिती राज्य निवडणूक आयोगातर्फे आज येथे देण्यात आली आहे.*

*👉🟥🟥👉मुंबई, पुण्यासह राज्यातील महत्वाच्या महानगरपालिकाच्या निवडणुका लांबणीवर पडल्या आहेत. निधन, राजीनामा, अनर्हता किंवा अन्य कारणांमुळे रिक्त झालेल्या सदस्य आणि थेट सरपंचपदांच्या पोटनिवडणुकांसाठी हे मतदान होत आहे. नामनिर्देशनपत्र २५ एप्रिल ते २ मे २०२३ या कालावधीत दाखल करता येतील. सार्वजनिक सुट्टीच्या दिवशी नामनिर्देशनपत्रे दाखल करता येणार नाहीत. नामनिर्देशनपत्रांची छाननी ३ मे २०२३ रोजी होईल. नामनिर्देशनपत्रे ८ मे २०२३ रोजी दुपारी ३ वाजेपर्यंत मागे घेता येतील. त्याच दिवशी निवडणूक चिन्हांचे वाटप करण्यात येईल. १८ मे २०२३ रोजी सकाळी ७.३० ते सायंकाळी ५.३० या वेळेत मतदान होईल. नक्षलग्रस्त व दुर्गम भागात मात्र दुपारी ३ वाजेपर्यंतच मतदानाची वेळ असेल. मतमोजणी १९ मे २०२३ रोजी होईल.*

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