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आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 07 मई 2023 दिन – रविवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 07 मई 2023*
*⛅दिन – रविवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ (गुजरात एवं महाराष्ट्र में वैशाख)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – द्वितीया रात्रि 08:15 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – अनुराधा रात्रि 08:21 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
*⛅योग – परिघ रात्रि 02:53 तक तत्पश्चात शिव*
*⛅राहु काल – शाम 05:21 से 07:10 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:03*
*⛅सूर्यास्त – 07:10*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:36 से 05:20 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:14 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹युवाधन सुरक्षा (वीर्यरक्षा के उपाय)🔹*

*🔸1. सादा रहन-सहन बनायें – लाल रंग के भड़कीले एवं रेशमी कपड़े नहीं पहनो । तेल-फुलेल और भाँति-भाँति के इत्रों का प्रयोग करने से बचो । जीवन में जितनी तड़क-भड़क बढ़ेगी, इन्द्रियाँ उतनी चंचल हो उठेंगी, फिर वीर्यरक्षा तो दूर की बात है ।*

*🔸2. उपयुक्त आहार – आप स्वादलोलुप नहीं बनो । जिह्वा को नियंत्रण में रखो । क्या खायें, कब खायें, कैसे खायें और कितना खायें इसका विवेक नहीं रखा तो पेट खराब होगा, शरीर को रोग घेर लेंगे, वीर्यनाश को प्रोत्साहन मिलेगा और अपने को पतन के रास्ते जाने से नहीं रोक सकोगे ।*

*🔸3. शिश्नेन्द्रिय स्नान – शौच के समय एवं लघुशंका के समय साथ में गिलास अथवा लोटे में ठंड़ा जल लेकर जाओ और उससे शिश्नेन्द्रिय को धोया करो । कभी-कभी उस पर ठंड़े पानी की धार किया करो । इससे कामवृत्ति का शमन होता है और स्वप्नदोष नहीं होता ।*

*🔸4. उचित आसन एवं व्यायाम करो – जिसका शरीर स्वस्थ नहीं रहता, उसका मन अधिक विकारग्रस्त होता है । इसलिये रोज प्रातः व्यायाम एवं आसन करने का नियम बना लो । रोज प्रातः काल 3-4 मिनट दौड़ने और तेजी से टहलने से भी शरीर को अच्छा व्यायाम मिल जाता है । सूर्यनमस्कार 13 अथवा उससे अधिक किया करो तो उत्तम है । इसमें आसन व व्यायाम दोनों का समावेश होता है ।*

*🔸5. ब्रह्ममुहूर्त में उठो – स्वप्नदोष अधिकांशतः रात्रि के अंतिम प्रहर में हुआ करता है । इसलिये प्रातः चार-साढ़े चार बजे यानी ब्रह्ममुहूर्त में ही शैया का त्याग कर दो । जो लोग प्रातः काल देरी तक सोते रहते हैं, उनका जीवन निस्तेज हो जाता है ।*

*🔸6.दुर्व्यसनों से दूर रहो – शराब एवं बीड़ी-सिगरेट-तम्बाकू का सेवन मनुष्य की कामवासना को उद्यीप्त करता है । नशीली वस्तुओं के सेवन से फेफड़े और हृदय कमजोर हो जाते हैं, सहनशक्ति घट जाती है और आयुष्य भी कम हो जाता है ।अमरीकी डॉक्टरों ने खोज करके बतलाया है कि नशीली वस्तुओं के सेवन से कामभाव उत्तेजित होने पर वीर्य पतला और कमजोर पड़ जाता है ।*

*🔸7.सत्संग करो – आप सत्संग नहीं करोगे तो कुसंग अवश्य होगा । इसलिये मन, वचन, कर्म से सदैव सत्संग का ही सेवन करो ।*

*🔸8. शुभ संकल्प करो – दृढ़ संकल्प करने से वीर्यरक्षण में मदद होती है और वीर्यरक्षण से संकल्पबल बढ़ता है । विश्वासो फलदायकः । जैसा विश्वास और जैसी श्रद्धा होगी वैसा ही फल प्राप्त होगा । ब्रह्मज्ञानी महापुरुषों में यह संकल्पबल असीम होता है । वस्तुतः ब्रह्मचर्य की तो वे जीती-जागती मुर्ति ही होते हैं ।*

*🔸9. त्रिबन्धयुक्त प्राणायाम और योगाभ्यास करो –  त्रिबन्ध करके प्राणायाम करने से विकारी जीवन सहज भाव से निर्विकारिता में प्रवेश करने लगता है । मूलबन्ध से विकारों पर विजय पाने का सामर्थ्य आता है । उड्डियानबन्ध से आदमी उन्नति में विलक्षण उड़ान ले सकता है । जालन्धरबन्ध से बुद्धि विकसित होती है ।*

*🔸10. स्त्री-जाति के प्रति मातृभाव प्रबल करो श्री रामकृष्ण परमहंस कहा करते थे : “ किसी सुंदर स्त्री पर नजर पड़ जाए तो उसमें माँ जगदम्बा के दर्शन करो । ऐसा विचार करो कि यह अवश्य देवी का अवतार है, तभी तो इसमें इतना सौंदर्य है | माँ प्रसन्न होकर इस रूप में दर्शन दे रही है, ऐसा समझकर सामने खड़ी स्त्री को मन-ही-मन प्रणाम करो । इससे तुम्हारे भीतर काम विकार नहीं उठ सकेगा ।*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

VIDHYA VANDAN INSTITUTE

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Welcome back everyone,

VIDHYA VANDAN INSTITUTE

 

National Development Agency, Established In 1952 By Planning Commission, Govt. Of India life time online verification. Central board exam nation marksheet

What we providing Under Vidhya Vandan ?

• All Safety Course
• Diploma
• ADIS
•PDIS
• environment safety
• health safety

ALL COURSE AVAILABLE ☺️

Cantact:-

Gujarat:- +91 6353 929 146

Maharashtra :- 9130605050

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औद्योगिक कंपन्या व व्यापाऱ्यांना खंडणी मागणाऱ्यांना व त्रास देणाऱ्या संघटना व गुन्हेगारांनवर कडक कारवाई करणार,पुणे शहर पोलीस आयुक्त रितेश कुमार

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पुणे :- पुणे शहरात काही दिवसांपूर्वी घडलेल्या गुन्हेगारी घटनांच्या पार्श्वभूमीवर पुणे शहर पोलिस आयुक्त रितेश कुमारांनी काही पोलिस ठाण्यांच्या प्रभारी अधिकार्‍यांना (वरिष्ठ पोलिस निरीक्षक) आढावा बैठकीत सज्ज इशारा दिला आहे त्यांनी ‘कामगिरी दाखवा, नाहीतर उचलबांगडी नक्की’. एवढेच नाही, तर सहायक पोलिस आयुक्तांच्या कामगिरीवर नाराजी व्यक्त करीत त्यांनादेखील प्रतिबंधात्मक कारवाईवर लक्ष देण्याच्या सूचना देण्यात आल्या आहेत.पोलिस ठाण्याच्या हद्दीतील गुन्हेगारीवर पोलिसांचा अंकुश असला पाहिजे. त्यासाठी प्रतिबंधात्मक कारवाईवर भर द्या. कारवाईमुळे घडू पाहणार्‍या गुन्हेगारी कृत्यांना वेळीच रोखता येते. मात्र, तसे काम होताना दिसून येत नाही. गुन्हेगारी कमी करण्यासाठी तुम्ही सक्षम नसाल, तर तत्काळ वेगळा विचार करावा लागेल, असा इशारादेखील आयुक्तांनी दिला आहे.पुणे शहरातील काही पोलिस ठाण्यांच्या हद्दीत गंभीर गुन्हेगारी घटना घडल्या आहेत. खून, खुनाच्या प्रयत्नाच्या या गंभीर घटना आहेत. प्रतिबंधात्मक कारवाई केली असती, तर त्या रोखतादेखील आल्या असत्या.*

*👉🔴🔴👉गुन्हेगारी वाटेवर चालू पाहणार्‍या अल्पवयीन मुलांसाठी समुपदेशनाचा कार्यक्रम हाती घेण्यास सांगण्यात आले आहे. त्यांच्या पालकांनादेखील या उपक्रमात सहभागी करून घेत त्यांना गुन्हेगारी कृत्यामुळे होणार्‍या गंभीर परिणामाची जाणीव करून देण्यात येणार आहे. पोलिस आयुक्तालयात गुरुवारी ही बैठक पार पडली. या वेळी सहपोलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, अपर पोलिस आयुक्त, पोलिस उपायुक्त, वरिष्ठ पोलिस निरीक्षक आदी अधिकारी उपस्थित होते.*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 06 मई 2023 दिन – शनिवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 06 मई 2023*
*⛅दिन – शनिवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ (गुजरात एवं महाराष्ट्र में वैशाख)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – प्रतिपदा रात्रि 09:52 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – विशाखा रात्रि 09:13 तक तत्पश्चात अनुराधा*
*⛅योग – व्यतिपात सुबह 07:31 तक तत्पश्चात वरियान*
*⛅राहु काल – सुबह 09:20 से 10:58 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:04*
*⛅सूर्यास्त – 07:09*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:36 से 05:20 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:14 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – देवर्षि नारद जयंती, व्यतिपात योग (सुबह 07:31 तक)*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹कितना खतरनाक है टेलकम पाउडर !🔹*

*🔸आजकल सौंदर्य-प्रसाधन आदि के रूप में टेलकम पाउडर का उपयोग धडल्ले से हो रहा है । जबकि बहुत कम लोग इस बात से अवगत हैं कि इसका उपयोग करनेवालों को कई गम्भीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है । जैसे – साँसों की घरघराहट (wheezing), खाँसी, दमा, साँस लेने में तकलीफ, फेफड़ों की जलन (lung irritation), न्यूमोनिया तथा फेफड़ों से संबंधित अन्य कई समस्याएँ ।*

*🔸’जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी २०१६’ में प्रकाशित हुए एक अध्ययन के अनुसार महिलाओं द्वारा जननांग क्षेत्र में टेलकम पाउडर का प्रतिदिन इस्तेमाल करने से उनमें डिम्बग्रंथि के कैंसर (ovarian cancer) का खतरा ३३% तक बढ़ जाता है । अतः इसके इस्तेमाल से सावधान !*

*🔹किन बातों से होती है लक्ष्मी की हानि🔹*

*👉 ‘जो मलिन वस्त्र धारण करता है, दाँतों को स्वच्छ नहीं रखता, अधिक भोजन करनेवाला है, कठोर वचन बोलता है, सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय भी सोता है, वह यदि साक्षात् चक्रपाणि विष्णु हों तो उन्हें भी लक्ष्मी छोड़ देती हैं ।’ (गरुड़ पुराण : ११४.३५)*

*🔹अशुद्ध आत्मा से बचने हेतु🔹*

*👉 गाय २४ घंटा सात्विक ओरा फेंकती है । गोझरन व गोबर लेकर कभी स्नान कर लिया करो । गाय झरन जहाँ होता है वहां अशुद्ध आत्मा प्रवेश नहीं होते ।*

*🌹 शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 🌹*

*🌹 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*

*🌹 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*

*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*

*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 06 मई 2023 दिन – शनिवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 06 मई 2023*
*⛅दिन – शनिवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ (गुजरात एवं महाराष्ट्र में वैशाख)*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – प्रतिपदा रात्रि 09:52 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – विशाखा रात्रि 09:13 तक तत्पश्चात अनुराधा*
*⛅योग – व्यतिपात सुबह 07:31 तक तत्पश्चात वरियान*
*⛅राहु काल – सुबह 09:20 से 10:58 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:04*
*⛅सूर्यास्त – 07:09*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:36 से 05:20 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:14 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – देवर्षि नारद जयंती, व्यतिपात योग (सुबह 07:31 तक)*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹कितना खतरनाक है टेलकम पाउडर !🔹*

*🔸आजकल सौंदर्य-प्रसाधन आदि के रूप में टेलकम पाउडर का उपयोग धडल्ले से हो रहा है । जबकि बहुत कम लोग इस बात से अवगत हैं कि इसका उपयोग करनेवालों को कई गम्भीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है । जैसे – साँसों की घरघराहट (wheezing), खाँसी, दमा, साँस लेने में तकलीफ, फेफड़ों की जलन (lung irritation), न्यूमोनिया तथा फेफड़ों से संबंधित अन्य कई समस्याएँ ।*

*🔸’जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी २०१६’ में प्रकाशित हुए एक अध्ययन के अनुसार महिलाओं द्वारा जननांग क्षेत्र में टेलकम पाउडर का प्रतिदिन इस्तेमाल करने से उनमें डिम्बग्रंथि के कैंसर (ovarian cancer) का खतरा ३३% तक बढ़ जाता है । अतः इसके इस्तेमाल से सावधान !*

*🔹किन बातों से होती है लक्ष्मी की हानि🔹*

*👉 ‘जो मलिन वस्त्र धारण करता है, दाँतों को स्वच्छ नहीं रखता, अधिक भोजन करनेवाला है, कठोर वचन बोलता है, सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय भी सोता है, वह यदि साक्षात् चक्रपाणि विष्णु हों तो उन्हें भी लक्ष्मी छोड़ देती हैं ।’ (गरुड़ पुराण : ११४.३५)*

*🔹अशुद्ध आत्मा से बचने हेतु🔹*

*👉 गाय २४ घंटा सात्विक ओरा फेंकती है । गोझरन व गोबर लेकर कभी स्नान कर लिया करो । गाय झरन जहाँ होता है वहां अशुद्ध आत्मा प्रवेश नहीं होते ।*

*🌹 शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 🌹*

*🌹 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*

*🌹 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*

*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*

*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

पालखी सोहळा यशस्वी करण्यासाठी सर्वांनी समन्वयाने काम करावे- जिल्हाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख

पुणे, दि. ४: आषाढी वारी पालखी सोहळ्यासाठी पाणी, शौचालय, वाहतूक व्यवस्था, रस्ते, आरोग्य सुविधा आदी सर्व सोयी सुविधा योग्य पद्धतीने उपलब्ध करून देण्यासह पालखी सोहळा यशस्वी करण्यासाठी सर्व यंत्रणांनी समन्वयाने काम करावे, असे निर्देश जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांनी दिले.

जगद्गुरू श्री संत तुकाराम महाराज संस्थान आणि संतश्रेष्ठ श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान पालखी सोहळ्याबाबत पूर्वतयारी आढावा बैठक डॉ. देशमुख यांच्या अध्यक्षतेखाली संपन्न झाली. यावेळी पुणे ग्रामीणचे पोलीस अधीक्षक अंकित गोयल, पुणे शहर विशेष शाखेचे पोलीस उपयुक्त ए. राजा, पिंपरी चिंचवड परिमंडळ 1 चे पोलीस उपायुक्त विवेक पाटील, पिंपरी चिंचवड महानगरपालिकेचे अतिरिक्त आयुक्त जितेंद्र वाघ, निवासी उपजिल्हाधिकारी श्रीमती ज्योती कदम, श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज देवस्थानचे विश्वस्त ॲड. विकास ढगे-पाटील, श्री संत तुकाराम महाराज पालखी सोहळा प्रमुख ह.भ.प. माणिक मोरे आदी उपस्थित होते.

यंदा दरवर्षीपेक्षा एक महिना अगोदर पालखी सोहळा होत आहे त्यामुळे सर्व विभागांनी संपूर्ण तयारी गतीने करावी, असे सांगून डॉ. देशमुख म्हणाले, यंदा भारतीय हवामानशास्त्र विभागाने अल निनोचा प्रभाव राहण्याची शक्यता वर्तवली आहे. त्यामुळे पुणे, पिंपरी चिंचवड मनपा, नगरपरिषदा तसेच सर्व स्थानिक यंत्रणांनी पाणीपुरवठ्याबाबत दक्ष रहावे. पालखी जूनमध्ये निघणार असल्याने उष्णतेचा घटकही लक्षात घेणे गरजेचे आहे.

जिल्ह्यातील पालखी सोहळा हा महत्त्वाचा आणि ऐतिहासिक सोहळा असून सर्वांच्या सहभागातून शांततेत, आनंदात व सौहार्दात हा सोहळा यशस्वी करू. भाविकांची कोणतीही अडचण होणार नाही यासाठी प्रशासन प्रयत्नशील आहे. उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, गटविकास अधिकारी यांनी पालखी मार्ग, पालखी तळ, विसाव्यांची संयुक्त्त पाहणी केली आहे. पालखी सोहळा प्रमुखांसमवेत समन्वयाने काम सुरू आहे. पाहणी आणि बैठकीत निदर्शनास आलेल्या बाबींच्या अनुषंगाने सर्व संबंधित विभागांनी आपापल्या विभागांकडील कामे तातडीने पूर्ण करून घ्यावीत.

पाणीपुरवठ्याचे टँकर आणि शौचालयांच्या संख्येत गतवर्षीपेक्षा वाढ करण्यात येईल. पालखीला टँकरने पाणीपुरवठा होणाऱ्या सर्व स्रोतांची तपासणी करावी. आवश्यक ती निर्जंतुकीकरणाची औषधे, दवाखान्यांमध्ये औषधे उपलब्ध ठेवावीत. पालखीच्या रस्त्यावर कोठे अतिक्रमणे असल्यास ती तात्काळ काढून टाकण्यात यावीत असे निर्देश त्यांनी दिले.

पोलीस अधीक्षक श्री. गोयल म्हणाले, पालखीसाठी पुरेसा पोलीस बंदोबस्त पुरविण्यात येईल. पालखी सोहळ्याच्या मार्गावरील वाहतूक वळविण्याबाबत अगोदर पूर्वप्रसिद्धी करण्यात येईल. पालखी सोहळा व्यवस्थापकांनीही पुरेसे स्वयंसेवक नेमावेत, अशीही सूचना श्री. गोयल यांनी केली.

बैठकीत जिल्हाधिकारी डॉ. देशमुख यांनी संबंधित उपविभागीय अधिकारी, मुख्याधिकारी, गटविकास अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण, सार्वजनीक बांधकाम विभागाचे अभियंता, अन्न व औषध प्रशासन, महावितरण आदी विभागांकडून पूर्वतयारीचा आढावा घेतला.

बैठकीस श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज देवस्थान, श्री संत तुकाराम महाराज देवस्थान, श्री संत सोपानदेव महाराज देवस्थान, श्री संत चांगावटेश्वर महाराज देवस्थान पदाधिकारी, उपविभागांचे प्रांताधिकारी, संबंधित तालुक्यांचे तहसीलदार, महानगरपालिका, नगरपरिषदेचे मुख्याधिकारी, आरोग्य विभाग, पोलीस, अग्निशमन विभाग, पशुसंवर्धन विभाग, परिवहन विभाग, राज्य मार्ग परिवहन महामंडळ आदी विभागांचे अधिकारी उपस्थित होते.

जिल्हा आपत्ती व्यवस्थापन प्राधिकरणाची बैठक संपन्न सर्व विभागांनी आपत्तीच्या परिस्थितीत समन्वयाने काम करावे-डॉ.राजेश देशमुख

पुणे दि. ४: नैसर्गिक आपत्ती या अचानक येत असल्या तरी संभाव्य आपत्तींना यशस्वीपणे सामोरे जात त्यातून होणाऱ्या हानीचे प्रमाण कमी करण्यासाठी सदैव दक्ष रहावे; सर्व विभागांनी परस्पर समन्वय राखून मदतकार्य आणि माहितीचे आदानप्रदान गतीने करावे, अशा सूचना जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांनी दिल्या.

जिल्हाधिकारी कार्यालयात आयोजित जिल्हा आपत्ती व्यवस्थापन प्राधिकरणाच्या मान्सूनपूर्व आढावा बैठकीत ते बोलत होते. बैठकीस पुणे ग्रामीणचे पोलीस अधीक्षक अंकित गोयल, एनडीआरएफचे कमांडंट संतोष बहादूर सिंग, पिंपरी चिंचवड महानगरपालिकेचे अतिरिक्त आयुक्त जितेंद्र वाघ, निवासी उपजिल्हाधिकारी श्रीमती ज्योती कदम, जिल्हा आपत्ती व्यवस्थापन अधिकारी विठ्ठल बनोटे उपस्थित होते.

डॉ. देशमुख म्हणाले, जिल्ह्यात ११ नद्या आणि ८० पेक्षा जास्त पूरप्रवण गावे, २२ दरडप्रवण गावे आहेत. याशिवाय पुणे, पिंपरी चिंचवडसह शहरांमध्ये जुने वाडे, जुन्या निवासी इमारती आहेत. यंदा अल निनोचा अंदाज असला तरी गतवर्षी पर्जन्यछायेतील तालुक्यात एका दिवसात मोठ्या प्रमाणात पाऊस झाला आहे. या बाबींचा विचार करुन आपत्तीच्या अनुषंगाने आवश्यक त्या उपाययोजना कराव्यात.

आपत्तीच्या प्रसंगी आवश्यक असलेली जेसीबी, पोक्लेन आदी यंत्रसामुग्री गतीने उपलब्ध व्हावी यासाठी त्यांची यादी करुन परिवहन विभागाने सर्व संबंधित यंत्रणांना उपलब्ध करुन द्यावी. मोठ्या पावसामुळे रस्ते तुंबण्याच्या घटना घडू नयेत यासाठी पावसाळी नालेसफाईची कामे वेळेत पूर्ण करुन घ्यावीत. जिल्हा परिषदेच्या तसेच नगरपरिषदांच्या अधिकारक्षेत्रातील तलावांतील गाळ काढावा. जलसंपदा विभागाला पावसाच्या प्रमाणानुसार धरणातून पाणी सोडण्याचे नियोजन करावे लागते. त्यांनीही नदीत पाणी सोडण्यापूर्वी गतीने माहिती पोहोचवण्याची व्यवस्था करावी.

जुन्या इमारती, वाड्यांकडे विशेष लक्ष द्यावे. पूलांचे स्ट्रक्टरल ऑडिट, खासगी रुग्णालयांचे फायर ऑडिट करावे तसेच अद्ययावत सोईसुविधा उपलब्ध करुन द्याव्यात. पावसाळी पर्यटनस्थळावर होणारी गर्दी लक्षात घेता अपघात होणार नाही यासाठी पूर्व खबरदारीच्या उपाययोजना कराव्यात. त्या अनुषंगाने पोलीस विभागाने प्रमाणित कार्य प्रणाली तयार केल्यास उपयुक्त राहील. सर्व प्रांताधिकारी, तहसीलदारांनी आपल्या क्षेत्रातील पर्जन्यमापके सुस्थितीत असल्याची खात्री करावी. महावितरणने आपत्तीच्या स्थितीत वीजपुरवठा गतीने सुरळीत करावा. पुरवठा विभागाने डोंगराळ, दुर्गम भागात पुरेसा धान्यसाठा करुन ठेवावा, असेही ते म्हणाले.

केंद्र शासनाने निर्देश दिल्याप्रमाणे एखादी घटना घडताच तात्काळ ‘इन्सीडन्स रिस्पॉन्स सिस्टीम’ (आयआरएस) या संगणकीय प्रणालीवर माहिती भरणे आवश्यक आहे. आपत्तीच्या अनुषंगाने नुकसान भरपाईची रक्कम आता थेट लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) पद्धतीने बँक खात्यात जमा होणार असल्याने संबंधित विभागांनी माहिती अचूक आणि वेळेत भरण्याकडे लक्ष द्यावे, असेही निर्देश जिल्हाधिकाऱ्यांनी दिले.

जिल्ह्यात ५०० पेक्षा जास्त आपत्तीमित्रांना आपत्तीनिवारणाचे अद्ययावत प्रशिक्षण देण्यात आले असून आपत्तीच्या परिस्थितीत त्यांची चांगल्याप्रकारे मदत घेता येईल, असेही ते म्हणाले.

यावेळी पाटबंधारे विभाग, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, पुणे व पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका, नगरपरिषदा, पीएमआरडीए, आरोग्य विभाग, पुणे, पिंपरी चिंचवड शहर व ग्रामीण पोलीस, एनडीआरएफ, प्रांताधिकारी, तहसीलदार, परिवहन विभाग आदी विभागांनी केलेल्या पूर्वतयारीची माहिती दिली.

पिकांचा उत्पादन खर्च कमी करुन उत्पादकता वाढविण्यासाठी प्रयत्न करावेत- जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख

पुणे, दि.४ :- गतवर्षीचा झालेला मान्सून तसेच चालू वर्षातील एल निनोचा प्रभाव, हवामान खात्याचे अंदाज लक्षात घेऊन या वर्षीच्या खरीप हंगामाचे नियोजन करावे. शेतकऱ्यांचा होणारा पीकांवरील उत्पादन खर्च कमी करुन पीकांची उत्पादकता वाढविण्याबाबत कृषि विभागाने प्रयत्न करावेत, सूचना जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांनी दिल्या.

जिल्हाधिकारी कार्यालय येथे आयोजित जिल्हास्तरीय खरीप हंगाम २०२३ पूर्वतयारी आढावा बैठकीत ते बोलत होते. बैठकीस पुणे पाटबंधारे मंडळाचे अधीक्षक अभियंता सुनंदा जगताप, जिल्हा अधीक्षक कृषि अधिकारी संजय काचोळे, आत्माचे प्रकल्प संचालक विजय हिरेमठ, जिल्हा परिषदेचे जिल्हा कृषि विकास अधिकारी अनिल देशमुख, अग्रणी बँक व्यवस्थापक श्रीकांत कारेगावकर आदी उपस्थित होते.

शेतकऱ्यांना बियाणे आणि खतांची कमतरता भासणार नाही याची दक्षता घ्यावी अशा सूचना देऊन डॉ. देशमुख पुढे म्हणाले, कृषि निविष्ठांची गुणवत्ता तपासावी तसेच पुरेसा पुरवठा करावा. शेतकऱ्यांना उत्तम प्रतीचे बियाणे उपलब्ध करुन देण्यासाठी कार्यवाही करावी. जिल्ह्यात ऊस पिकाचे क्षेत्र विचारात घेता उत्पादकता वाढविण्यासाठी हुमणी नियंत्रण कार्यक्रम, ऊस पाचट अभियान यासारखे नाविन्यपूर्ण उपक्रम राबवावेत. केंद्र व राज्य शासनाच्या कृषि विभागाशी निगडीत असलेल्या योजनांची प्रभावीपणे अंमलबजावणी करुन शेतकऱ्यांना लाभ देण्यावर भर द्यावा.

‘पीएम किसान’ योजनेअंतर्गत पात्र शेतकऱ्यांची प्रलंबित ई-केवायसी प्रक्रिया येत्या दोन महिन्यात अभियानस्तरावर पूर्ण करावी. त्यासाठी गावनिहाय याद्या तयार कराव्यात. पौष्टिक तृणधान्य वर्षानिमित्त तृणधान्याची उत्पादकता आणि क्षेत्र वाढविण्यासाठी जनजागृतीपर कार्यक्रमांचे आयोजन करावे, अशा सूचना डॉ. देशमुख यांनी दिल्या.

जिल्हा अधीक्षक कृषि अधिकारी काचोळे यांनी सदारीकरणाद्वारे २०२३-२४ च्या खरीप हंगाम नियोजनाची माहिती दिली. जिल्ह्यात खरीप हंगामासाठी तृणधान्ये १ लाख ३० हजार ४५६ हेक्टर, गळीत धान्ये २ लाख १३ हजार ४०६ हेक्टर, कडधान्ये २६ हजार ६९०, नगदी पीके ६७ हजार ४९६ हेक्टरवर क्षेत्रावर लागवडीचे नियोजन आहे. एकूण ३० हजार क्विंटल बियाण्याची आवश्यकता असून त्याप्रमाणे पुरवठ्याचे नियोजन करण्यात येत आहे. खतांचे २ लाख २ हजार ४५० टन आवंटन असून ९३ हजार ३३७ टन खते उपलब्ध आहेत, असे त्यांनी सांगितले.

कृषि विस्तार कार्यक्रमाअंतर्गत जमीन सुपिकता निर्देशांक शिफारशी नुसार खतांचा वापर, बीज प्रकिया प्रात्याक्षिकांची मोहिम स्वरुपात अमंलबजावणी, चारसुत्री भात लागवड कार्यक्रम, क्रॉपशॉप सर्व्हेक्षण, शेतीशाळा, पीक स्पर्धेचे आयोजन, नाडेप, गांडुळ खत युनिट उभारणी, फळबाग लागवडीस प्रोत्साहान, महाडीबीटी वेबपोर्टलवरील शेतकऱ्यांची नोंदणी आदीबाबत यावेळी माहिती देण्यात आली.

आत्माचे संचालक श्री. हिरेमठ म्हणाले, कृषि व संलग्न प्रात्यक्षिके, प्रशिक्षणे, शैक्षणिक सहली, शेतीशाळा, प्रदर्शने आदी बाबींसाठी २०२२-२३ या वर्षात ३३३ कोटी ७९ लाख रुपयांचा निधी प्राप्त झाला असून ३२८ कोटी ४५ लाख रुपयांचा निधी वितरीत करण्यात आला आहे. सन २०२३-२४ या वर्षात २२७ कोटी ३७ लाख रुपये लक्षांक देण्यात आला आहे.

यावर्षी ४ लाख ३२ हजार ८८२ खातेदारांना ४ हजार २५९ कोटी रुपयांचा कर्जपुरवठा करण्याचे नियोजन करण्यात आले आहे अशी माहिती श्री. कारेगावकर यांनी दिली.

पिकांचा उत्पादन खर्च कमी करुन उत्पादकता वाढविण्यासाठी प्रयत्न करावेत- जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख

पुणे, दि.४ :- गतवर्षीचा झालेला मान्सून तसेच चालू वर्षातील एल निनोचा प्रभाव, हवामान खात्याचे अंदाज लक्षात घेऊन या वर्षीच्या खरीप हंगामाचे नियोजन करावे. शेतकऱ्यांचा होणारा पीकांवरील उत्पादन खर्च कमी करुन पीकांची उत्पादकता वाढविण्याबाबत कृषि विभागाने प्रयत्न करावेत, सूचना जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांनी दिल्या.

जिल्हाधिकारी कार्यालय येथे आयोजित जिल्हास्तरीय खरीप हंगाम २०२३ पूर्वतयारी आढावा बैठकीत ते बोलत होते. बैठकीस पुणे पाटबंधारे मंडळाचे अधीक्षक अभियंता सुनंदा जगताप, जिल्हा अधीक्षक कृषि अधिकारी संजय काचोळे, आत्माचे प्रकल्प संचालक विजय हिरेमठ, जिल्हा परिषदेचे जिल्हा कृषि विकास अधिकारी अनिल देशमुख, अग्रणी बँक व्यवस्थापक श्रीकांत कारेगावकर आदी उपस्थित होते.

शेतकऱ्यांना बियाणे आणि खतांची कमतरता भासणार नाही याची दक्षता घ्यावी अशा सूचना देऊन डॉ. देशमुख पुढे म्हणाले, कृषि निविष्ठांची गुणवत्ता तपासावी तसेच पुरेसा पुरवठा करावा. शेतकऱ्यांना उत्तम प्रतीचे बियाणे उपलब्ध करुन देण्यासाठी कार्यवाही करावी. जिल्ह्यात ऊस पिकाचे क्षेत्र विचारात घेता उत्पादकता वाढविण्यासाठी हुमणी नियंत्रण कार्यक्रम, ऊस पाचट अभियान यासारखे नाविन्यपूर्ण उपक्रम राबवावेत. केंद्र व राज्य शासनाच्या कृषि विभागाशी निगडीत असलेल्या योजनांची प्रभावीपणे अंमलबजावणी करुन शेतकऱ्यांना लाभ देण्यावर भर द्यावा.

‘पीएम किसान’ योजनेअंतर्गत पात्र शेतकऱ्यांची प्रलंबित ई-केवायसी प्रक्रिया येत्या दोन महिन्यात अभियानस्तरावर पूर्ण करावी. त्यासाठी गावनिहाय याद्या तयार कराव्यात. पौष्टिक तृणधान्य वर्षानिमित्त तृणधान्याची उत्पादकता आणि क्षेत्र वाढविण्यासाठी जनजागृतीपर कार्यक्रमांचे आयोजन करावे, अशा सूचना डॉ. देशमुख यांनी दिल्या.

जिल्हा अधीक्षक कृषि अधिकारी काचोळे यांनी सदारीकरणाद्वारे २०२३-२४ च्या खरीप हंगाम नियोजनाची माहिती दिली. जिल्ह्यात खरीप हंगामासाठी तृणधान्ये १ लाख ३० हजार ४५६ हेक्टर, गळीत धान्ये २ लाख १३ हजार ४०६ हेक्टर, कडधान्ये २६ हजार ६९०, नगदी पीके ६७ हजार ४९६ हेक्टरवर क्षेत्रावर लागवडीचे नियोजन आहे. एकूण ३० हजार क्विंटल बियाण्याची आवश्यकता असून त्याप्रमाणे पुरवठ्याचे नियोजन करण्यात येत आहे. खतांचे २ लाख २ हजार ४५० टन आवंटन असून ९३ हजार ३३७ टन खते उपलब्ध आहेत, असे त्यांनी सांगितले.

कृषि विस्तार कार्यक्रमाअंतर्गत जमीन सुपिकता निर्देशांक शिफारशी नुसार खतांचा वापर, बीज प्रकिया प्रात्याक्षिकांची मोहिम स्वरुपात अमंलबजावणी, चारसुत्री भात लागवड कार्यक्रम, क्रॉपशॉप सर्व्हेक्षण, शेतीशाळा, पीक स्पर्धेचे आयोजन, नाडेप, गांडुळ खत युनिट उभारणी, फळबाग लागवडीस प्रोत्साहान, महाडीबीटी वेबपोर्टलवरील शेतकऱ्यांची नोंदणी आदीबाबत यावेळी माहिती देण्यात आली.

आत्माचे संचालक श्री. हिरेमठ म्हणाले, कृषि व संलग्न प्रात्यक्षिके, प्रशिक्षणे, शैक्षणिक सहली, शेतीशाळा, प्रदर्शने आदी बाबींसाठी २०२२-२३ या वर्षात ३३३ कोटी ७९ लाख रुपयांचा निधी प्राप्त झाला असून ३२८ कोटी ४५ लाख रुपयांचा निधी वितरीत करण्यात आला आहे. सन २०२३-२४ या वर्षात २२७ कोटी ३७ लाख रुपये लक्षांक देण्यात आला आहे.

यावर्षी ४ लाख ३२ हजार ८८२ खातेदारांना ४ हजार २५९ कोटी रुपयांचा कर्जपुरवठा करण्याचे नियोजन करण्यात आले आहे अशी माहिती श्री. कारेगावकर यांनी दिली.

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