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राज्यात १५ हजार महाविद्यालयांमध्ये समान संधी केंद्र-समाज कल्याण आयुक्त डॉ. प्रशांत नारनवरे

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पुणे, दि.२२: विद्यार्थ्यांच्या शैक्षणिक विकासासाठी तसेच शासनाच्या विविध योजना विद्यार्थ्यांच्या माध्यमातून समाजापर्यंत पोहोचवण्यासाठी देशात प्रथमच राज्यातील १५ हजार महाविद्यालयांमध्ये समान संधी केंद्र समाज कल्याण विभागामार्फत सुरू करण्यात आल्याची माहिती समाज कल्याण विभागाचे आयुक्त डॉ. प्रशांत नारनवरे यांनी दिली.

सामाजिक न्याय भवन येथे आयोजित भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्वाधार योजनेच्या ऑनलाईन पोर्टलचा शुभारंभ आणि जिल्ह्यातील विविध योजनांचा लाभार्थ्यांच्या यशोगाथा पुस्तिका प्रकाशनप्रसंगी ते बोलत होते. यावेळी सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठाचे कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल पवार, समाज कल्याण विभागाचे प्रादेशिक उपायुक्त बाळासाहेब सोळंकी, सहाय्यक आयुक्त संगिता डावखर, पुणे जिल्हा जात प्रमाणपत्र पडताळणी समितीचे संशोधन अधिकारी संतोष जाधव , विशेष अधिकारी मल्लीनाथ हरसुरे, समाज कल्याण अधिकारी मीना आंबाडेकर यांच्यासह विभागाचे अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित होते.

आयुक्त डॉ. नारनवरे म्हणाले, शिक्षण घेत असताना विद्यार्थ्यांना शैक्षणिक योजनांविषयी येणाऱ्या अडचणी व त्यांचे प्रश्न याचे निराकरण महाविद्यालयस्तरावरच व्हावे, तसेच शासनाच्या विविध योजनांची माहिती सर्वसामान्य जनतेपर्यंत पोहचविणे व त्यातून समाजामध्ये जनजागृती करणे यासाठी समान संधी केंद्र सुरू करण्यात आले आहे. राज्यातील महाविद्यालयामध्ये स्थापन करण्यात आलेल्या समाज संधी केंद्रातील प्राध्यापक, सभासद, संबंधित महाविद्यालयाचे प्राचार्य व विद्यार्थी संघटनांचे प्रतिनिधी यांच्यासाठी लवकरच राज्यस्तरावर महासंमेलन आयेाजित करणार असल्याचेही आयुक्त डॉ. नारनवरे म्हणाले.

कुलसचिव डॉ.पवार म्हणाले, देशात उच्च शिक्षण घेणाऱ्यांचे प्रमाण २७ टक्के असून त्यात मागासवर्गीय समाजाचे प्रमाण अत्यल्प आहे. ही परिस्थिती बदलण्यासाठी व त्यातून लोककल्याण साधण्यासाठी शिक्षणाच्या प्रवाहामध्ये अनेक बदल करणे आवश्यक आहे. त्या बदलांसाठी समान संधी केंद्राची महत्त्वाची भूमिका आहे. समाज कल्याण विभागाच्या योजनांबरोबरच समाजासाठी व विद्यार्थांसाठी उपयुक्त असलेल्या सर्वच विभागाच्या योजनांची माहिती याद्वारे उपलब्ध करुन देण्यासाठी विद्यापीठामार्फत उपाययोजना करण्यात येत असल्याचे डॉ. पवार म्हणाले.

श्री. सोळंकी यांनी प्रस्ताविकात पुणे विभागात राबविण्यात आलेल्या विविध उपक्रमांचा आढावा सादर केला व राज्यात योजनांची अंमलबजावणी करण्यात पुणे विभाग अग्रेसर असल्याचे नमूद केले.

यावेळी मान्यवरांच्या हस्ते स्वाधार योजनेचा लाभ दिलेल्या विद्यार्थ्यांचा सन्मानही करण्यात आला.

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 22 मई 2023 दिन – सोमवार

आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 22 मई 2023*
*⛅दिन – सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – तृतीया रात्रि 11:18 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
*⛅नक्षत्र – मृगशिरा सुबह 10:37 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*⛅योग – धृति शाम 04:34 तक तत्पश्चात शूल*
*⛅राहु काल – सुबह 07:36 से 09:16 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:56*
*⛅सूर्यास्त – 07:17*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:31 से 05:14 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – रम्भा तृतीया, महाराणा प्रताप जयंती, वीर छत्रसाल जयंती*
*⛅विशेष – तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹गर्मी के प्रभाव से सुरक्षा हेतु – प्रकृति के उपहार🔹*

*🔹नारियल पानी :- नारियल का पानी पित्तशामक, स्वादिष्ट, स्निग्ध और ताजगी प्रदान करनेवाला है । यह प्यास को शांत कर ग्रीष्म ऋतू की उष्णता से सुरक्षा करता है । अत: गर्मियों में नारियल पानी का सेवन विशेष लाभदायी हैं ।*

*🔸लू लगने पर नारियल पानी के साथ काला जीरा पीस के शरीर पर लेप करने से लाभ होता है ।*

*🔸प्रतिदिन नारियल खाने व नारियल पानी पीने से शारीरिक शक्ति का विकास होता है, वीर्य की तेजी से वृद्धि होती है । ( अष्टमी को नारियल न खायें । )*

*🔸मूत्र में जलन होने पर पिसा हरा धनिया तथा मिश्री नारियल पानी में मिला के पीने से जलन दूर होती है ।*

*🔹खीरा : – खीरा शरीर को शीतलता प्रदान करता है । इसमें बड़ी मात्रा में पानी और खनिज तत्त्व पाये जाते हैं ।*
*अत: इसके सेवन से शरीर में खनिज तत्त्वों का संतुलन बना रहता हैं । यह मूत्र की जलन शांत करता है एवं यकृत ( लीवर ) के लिए भी हितकारी है । खीरा भूख बढाने के साथ ही आँतों को सक्रिय करता हैं ।*

*🔸 अधिक पढने – लिखने, चित्रकला, संगणक व सिलाई का काम करने से आँखों में थकावट होने पर खीरे के दुकड़े काटकर आँखों पर रखें । इससे उनको आराम मिलता है तथा थकावट दूर होती है ।*

*🔸नींबू और खीरे का रस मिलाकर लगाने से धूप से झुलसी हुई त्वचा ठीक होती है ।*

*🔹तरबूज : ग्रीष्म ऋतू में प्यास की अधिकता से मुक्ति दिलाता है तरबूज । इसके सेवन से शरीर में लू का प्रकोप कम होता है और बेचैनी से रक्षा होती है ।*

*👉 तरबूज के रस में सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर पीने से लू से सुरक्षा होती है ।*

*👉 गर्मी के प्रकोप से मूत्रावरोध होने पर तरबूज का रस पिलाने से मूत्र शीघ्र निष्कासित होता है ।*

*👉 तरबूज के छोटे – छोटे टुकड़ों पर थोडा – सा जीरा चूर्ण और मिश्री डाल के सेवन करने से शरीर की उष्णता दूर होती है ।*

*👉 धनिया : – धनिया ग्रीष्म ऋतू में अधिक प्यास के प्रकोप को शांत करता है ।*
*👉 १० ग्राम सूखा धनिया व ५ ग्राम आँवला चूर्ण रात को मिटटी के पात्र में १ गिलास पानी में भिगो दें । प्रात: मसलकर मिश्री मिला के छान के पियें । यह गर्मी के कारण होनेवाले सिरदर्द व मूँह के छालों में हितकर हैं । धनिया पीसकर सिर पर लेप करने से भी आशातीत लाभ होगा । इससे पेशाब की जलन, गर्मी के कारण चक्कर आना तथा उलटी होना आदि समस्याएँ दूर होती हैं ।*

*🔹 सोमवार विशेष 🔹*

*🔸कार्यों में सफलता-प्राप्ति हेतु*

*🔸जो व्यक्ति बार-बार प्रयत्नों के बावजूद सफलता प्राप्त न कर पा रहा हो अथवा सफलता-प्राप्ति के प्रति पूर्णतया निराश हो चुका हो, उसे प्रत्येक सोमवार को पीपल वृक्ष के नीचे सायंकाल के समय एक दीपक जला के उस वृक्ष की ५ परिक्रमा करनी चाहिए । इस प्रयोग को कुछ ही दिनों तक सम्पन्न करनेवाले को उसके कार्यों में धीरे-धीरे सफलता प्राप्त होने लगती है ।*

*🔸सोमवार को बाल कटवाने से शिवभक्ति की हानि होती है ।*

*🔸सोमवार को तथा दोपहर के बाद बिल्वपत्र न तोड़ें ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 22 मई 2023 दिन – सोमवार

आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 22 मई 2023*
*⛅दिन – सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – तृतीया रात्रि 11:18 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
*⛅नक्षत्र – मृगशिरा सुबह 10:37 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*⛅योग – धृति शाम 04:34 तक तत्पश्चात शूल*
*⛅राहु काल – सुबह 07:36 से 09:16 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:56*
*⛅सूर्यास्त – 07:17*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:31 से 05:14 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – रम्भा तृतीया, महाराणा प्रताप जयंती, वीर छत्रसाल जयंती*
*⛅विशेष – तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹गर्मी के प्रभाव से सुरक्षा हेतु – प्रकृति के उपहार🔹*

*🔹नारियल पानी :- नारियल का पानी पित्तशामक, स्वादिष्ट, स्निग्ध और ताजगी प्रदान करनेवाला है । यह प्यास को शांत कर ग्रीष्म ऋतू की उष्णता से सुरक्षा करता है । अत: गर्मियों में नारियल पानी का सेवन विशेष लाभदायी हैं ।*

*🔸लू लगने पर नारियल पानी के साथ काला जीरा पीस के शरीर पर लेप करने से लाभ होता है ।*

*🔸प्रतिदिन नारियल खाने व नारियल पानी पीने से शारीरिक शक्ति का विकास होता है, वीर्य की तेजी से वृद्धि होती है । ( अष्टमी को नारियल न खायें । )*

*🔸मूत्र में जलन होने पर पिसा हरा धनिया तथा मिश्री नारियल पानी में मिला के पीने से जलन दूर होती है ।*

*🔹खीरा : – खीरा शरीर को शीतलता प्रदान करता है । इसमें बड़ी मात्रा में पानी और खनिज तत्त्व पाये जाते हैं ।*
*अत: इसके सेवन से शरीर में खनिज तत्त्वों का संतुलन बना रहता हैं । यह मूत्र की जलन शांत करता है एवं यकृत ( लीवर ) के लिए भी हितकारी है । खीरा भूख बढाने के साथ ही आँतों को सक्रिय करता हैं ।*

*🔸 अधिक पढने – लिखने, चित्रकला, संगणक व सिलाई का काम करने से आँखों में थकावट होने पर खीरे के दुकड़े काटकर आँखों पर रखें । इससे उनको आराम मिलता है तथा थकावट दूर होती है ।*

*🔸नींबू और खीरे का रस मिलाकर लगाने से धूप से झुलसी हुई त्वचा ठीक होती है ।*

*🔹तरबूज : ग्रीष्म ऋतू में प्यास की अधिकता से मुक्ति दिलाता है तरबूज । इसके सेवन से शरीर में लू का प्रकोप कम होता है और बेचैनी से रक्षा होती है ।*

*👉 तरबूज के रस में सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर पीने से लू से सुरक्षा होती है ।*

*👉 गर्मी के प्रकोप से मूत्रावरोध होने पर तरबूज का रस पिलाने से मूत्र शीघ्र निष्कासित होता है ।*

*👉 तरबूज के छोटे – छोटे टुकड़ों पर थोडा – सा जीरा चूर्ण और मिश्री डाल के सेवन करने से शरीर की उष्णता दूर होती है ।*

*👉 धनिया : – धनिया ग्रीष्म ऋतू में अधिक प्यास के प्रकोप को शांत करता है ।*
*👉 १० ग्राम सूखा धनिया व ५ ग्राम आँवला चूर्ण रात को मिटटी के पात्र में १ गिलास पानी में भिगो दें । प्रात: मसलकर मिश्री मिला के छान के पियें । यह गर्मी के कारण होनेवाले सिरदर्द व मूँह के छालों में हितकर हैं । धनिया पीसकर सिर पर लेप करने से भी आशातीत लाभ होगा । इससे पेशाब की जलन, गर्मी के कारण चक्कर आना तथा उलटी होना आदि समस्याएँ दूर होती हैं ।*

*🔹 सोमवार विशेष 🔹*

*🔸कार्यों में सफलता-प्राप्ति हेतु*

*🔸जो व्यक्ति बार-बार प्रयत्नों के बावजूद सफलता प्राप्त न कर पा रहा हो अथवा सफलता-प्राप्ति के प्रति पूर्णतया निराश हो चुका हो, उसे प्रत्येक सोमवार को पीपल वृक्ष के नीचे सायंकाल के समय एक दीपक जला के उस वृक्ष की ५ परिक्रमा करनी चाहिए । इस प्रयोग को कुछ ही दिनों तक सम्पन्न करनेवाले को उसके कार्यों में धीरे-धीरे सफलता प्राप्त होने लगती है ।*

*🔸सोमवार को बाल कटवाने से शिवभक्ति की हानि होती है ।*

*🔸सोमवार को तथा दोपहर के बाद बिल्वपत्र न तोड़ें ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक – 21 मई 2023* *⛅दिन – रविवार*

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 21 मई 2023*
*⛅दिन – रविवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – द्वितीया रात्रि 10:09 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – रोहिणी सुबह 09:05 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
*⛅योग – सुकर्मा शाम 05:44 तक तत्पश्चात धृति*
*⛅राहु काल – शाम 05:36 से 07:16 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:57*
*⛅सूर्यास्त – 07:16*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:31 से 05:14 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔸धन व विद्या प्रदायक मंत्र🔸*

*🌹 श्रीहरि भगवान सदाशिव से कहते हैं : “हे रूद्र ! भगवान श्री गणेश का यह मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नम: ।’ धन और विद्या प्रदान करनेवाला है । १०० बार इसका जप करनेवाला प्राणी अन्य लोगों का प्रिय बन जाता है ।” (गरुड़ पुराण, आचार कांड, अध्याय:१८५ )*

*वह अन्य लोगों का प्रिय तो होगा किंतु ईश्वर का प्रिय होने के लिए जपे तो कितना अच्छा !*

*🔹गौमाता रोग-दोष निवारिणी🔹*

*🔸कमजोर बच्चों के लिए : अत्यधिक निर्बल, रोगी तथा सूखाग्रस्त बच्चों को गाय के थन से सीधे ही धार बच्चे के मुँह में डालें । प्रतिदिन दो-चार धार बच्चे के मुँह में डालने से बच्चे का स्वास्थ्य धीरे-धीरे ठीक होने लगेगा ।*

*🔸निर्बल तथा रोगी व्यक्तियों को गाय के धारोष्ण दूध (तुरंत निकाला गया दूध) का झाग चाट चाटकर धीरे-धीरे पीना चाहिए । इस प्रकार मात्र २० मिलिलिटर दूध पीने से ही एक लिटर दूध के बराबर लाभ मिलता है ।*

*🔸चक्कर आना तथा प्यास लगना : गोदुग्ध चक्कर आना, अधिक प्यास लगना, पुराना ज्वर, रक्त विकार आदि तकलीफों को दूर करता है तथा क्रोध को शांत करता है ।*

*🔸आँख में चमक लगना या गर्मी के कारण आँख लाल होना : वैल्डिंग की चमक से या गर्मी के दिनों में तेज धूप से कभी-कभी आँखों में चमक लग जाती है, आँखें लाल हो जाती हैं तथा दर्द करने लगती हैं । इसके निवारण के लिए गाय के दूध में फिटकरी डालकर उसे उबालें ताकि दूध फट जाय । फटे दूध का छैना साफ-स्वच्छ रूई के फाहे पर रख लें । उस छैने को फाहेसहित आँखों पर बाँधकर आराम से लेट जायें । आँखें बहुत जल्दी ठीक हो जाएँगी ।*

*🔸दुग्ध वर्जित : बासी दूध, ठंडा, खट्टा, दुर्गंधयुक्त, फटा, खराब रंग का दूध नहीं पीना चाहिए । कफ, खाँसी, अतिसार, श्वास और गैस के रोगी दूध का प्रयोग न करें । अगर करें तो बताई गई विधि और दवा के साथ ही प्रयोग करें ।*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक – 21 मई 2023* *⛅दिन – रविवार*

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 21 मई 2023*
*⛅दिन – रविवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – द्वितीया रात्रि 10:09 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र – रोहिणी सुबह 09:05 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
*⛅योग – सुकर्मा शाम 05:44 तक तत्पश्चात धृति*
*⛅राहु काल – शाम 05:36 से 07:16 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:57*
*⛅सूर्यास्त – 07:16*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:31 से 05:14 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔸धन व विद्या प्रदायक मंत्र🔸*

*🌹 श्रीहरि भगवान सदाशिव से कहते हैं : “हे रूद्र ! भगवान श्री गणेश का यह मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नम: ।’ धन और विद्या प्रदान करनेवाला है । १०० बार इसका जप करनेवाला प्राणी अन्य लोगों का प्रिय बन जाता है ।” (गरुड़ पुराण, आचार कांड, अध्याय:१८५ )*

*वह अन्य लोगों का प्रिय तो होगा किंतु ईश्वर का प्रिय होने के लिए जपे तो कितना अच्छा !*

*🔹गौमाता रोग-दोष निवारिणी🔹*

*🔸कमजोर बच्चों के लिए : अत्यधिक निर्बल, रोगी तथा सूखाग्रस्त बच्चों को गाय के थन से सीधे ही धार बच्चे के मुँह में डालें । प्रतिदिन दो-चार धार बच्चे के मुँह में डालने से बच्चे का स्वास्थ्य धीरे-धीरे ठीक होने लगेगा ।*

*🔸निर्बल तथा रोगी व्यक्तियों को गाय के धारोष्ण दूध (तुरंत निकाला गया दूध) का झाग चाट चाटकर धीरे-धीरे पीना चाहिए । इस प्रकार मात्र २० मिलिलिटर दूध पीने से ही एक लिटर दूध के बराबर लाभ मिलता है ।*

*🔸चक्कर आना तथा प्यास लगना : गोदुग्ध चक्कर आना, अधिक प्यास लगना, पुराना ज्वर, रक्त विकार आदि तकलीफों को दूर करता है तथा क्रोध को शांत करता है ।*

*🔸आँख में चमक लगना या गर्मी के कारण आँख लाल होना : वैल्डिंग की चमक से या गर्मी के दिनों में तेज धूप से कभी-कभी आँखों में चमक लग जाती है, आँखें लाल हो जाती हैं तथा दर्द करने लगती हैं । इसके निवारण के लिए गाय के दूध में फिटकरी डालकर उसे उबालें ताकि दूध फट जाय । फटे दूध का छैना साफ-स्वच्छ रूई के फाहे पर रख लें । उस छैने को फाहेसहित आँखों पर बाँधकर आराम से लेट जायें । आँखें बहुत जल्दी ठीक हो जाएँगी ।*

*🔸दुग्ध वर्जित : बासी दूध, ठंडा, खट्टा, दुर्गंधयुक्त, फटा, खराब रंग का दूध नहीं पीना चाहिए । कफ, खाँसी, अतिसार, श्वास और गैस के रोगी दूध का प्रयोग न करें । अगर करें तो बताई गई विधि और दवा के साथ ही प्रयोग करें ।*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांची पालखीमार्ग व पालखीतळांना भेट *वारकऱ्यांना असुविधेला तोंड द्यावे लागू नये याची दक्षता घेण्याचे निर्देश

पुणे, दि. २०: श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखीच्या अनुषंगाने जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांनी हवेली तसेच पुरंदर तालुक्यातून जाणाऱ्या पुणे-सासवड-जेजुरी-नीरा या पालखीमार्गाला व पालखी तळ, विसाव्यांच्या ठिकाणांना भेटी देऊन तेथील तयारीच्या अनुषंगाने आढावा घेतला.

यावेळी जिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद, पुणे ग्रामीण पोलीस अधीक्षक अंकित गोयल, माजी राज्यमंत्री बाळा भेगडे, हवेलीचे प्रांताधिकारी संजय आसवले, दौण्ड- पुरंदर उपविभागीय अधिकारी मिनाज मुल्ला, श्री संत ज्ञानदेव महाराज देवस्थान आळंदीचे पदाधिकारी, हवेलीचे तहसीलदार किरण सुरवसे, राष्ट्रीय महामार्गचे कार्यकारी अभियंता अभिजित औटी आदी उपस्थित होते.

वारकऱ्यांना कोणत्याही असुविधांना तोंड द्यावे लागू नये याची दक्षता प्रशासनाने घ्यावी. पालखीमार्गावर आरोग्य सुविधा, पुरेसा औषध साठा, फिरत्या शौचालयांची व्यवस्था, पाणी, वीज आदी सर्व सुविधा प्राधान्याने पुरवण्यात याव्यात. दरवर्षीपेक्षा एक महिना अगोदर पालखीचे प्रस्थान होणार असल्याने उन्हाचा त्रास वारकरी भाविकांना होऊ नये यासाठी आवश्यक त्या औषधांची व्यवस्था ठेवावी, पुरेसे पिण्याचे पाण्याचा पुरवठा करण्यास प्राधान्य द्या, असे निर्देश डॉ. देशमुख यांनी यावेळी दिले.

पालखीमार्गाच्या साईडपट्टया भरुन घेण्यासह खड्डे तसेच पाणी साचणाऱ्या ठिकाणी मुरूम व अन्य पर्यायांचा वापर करुन डागडुजी करावी. पालखी विसावा, मुक्काम असलेल्या गावातील पिण्याच्या पाणी योजनांसाठी अतिरिक्त राखीव पंप ठेवावेत. टँकर वाढवावेत. ऐनवेळी तांत्रिक अडचणी येऊ नयेत म्हणून पर्यायी व्यवस्था तयार ठेवावी. मार्गात आवश्यक तेथे पाण्याच्या टाक्या ठेवाव्यात.

दिवे घाटाचा टप्पा पार केल्यानंतर झेंडेवाडी विसाव्याच्या ठिकाणी वारकऱ्यांना मोठा विसावा घ्यावा लागतो. त्या ठिकाणी वारकऱ्यांना विसावा घेता यावा यासाठी पुरेशी जागा उपलब्ध व्हावी म्हणून प्रशासनाने शेजारील खासगी जमीनधारकांशी संपर्क साधून व्यवस्था करावी.

सासवड पालखीतळाची उंची वाढवण्याचे काम झाल्यामुळे पावसाचे पाणी साठण्याच्या अडचणीवर मात करणे शक्य झाले आहे. पालखी मुक्कामाच्या ठिकाणी वीजपुरवठा सुरळीत राहील याकडे लक्ष द्या. पर्यायी व्यवस्था म्हणून जनरेटर ठेवावेत, असेही निर्देश त्यांनी यावेळी दिले. कऱ्हा नदीवरील पुलाच्या कामालाही जिल्हाधिकाऱ्यांनी भेट देऊन कामाला गती देण्याचा सूचना दिल्या. कोणत्याही परिस्थिती पुलाचे काम पूर्ण करून पालखी पुलावरून जाईल असे नियोजन सुरू असल्याचेही डॉ. देशमुख म्हणाले.

जेजुरी पालखीतळाच्या सीमाभिंतीच्या कामाची पाहणी करून हे काम वेळेत पूर्ण करा अशा सूचना त्यांनी दिल्या. डॉ.देशमुख यांनी सासवड जवळील बोरावके मळा विसावा, वाल्हे पालखीतळ, नीरा पालखी विसावा स्थळ पाहणीदेखील केली . नीरा नदीवरील पुलाच्या संरक्षक कठड्यांची दुरुस्ती तत्काळ करून घ्या असेही त्यांनी सांगितले.

हवेली तालुक्यात ऊरुळी देवाची पोलीस ठाण्याजवळील विसाव्याच्या ठिकाणाची डागडुजी करण्याच्या सूचना जिल्हाधिकाऱ्यांनी दिल्या. वडकी विसावा येथे स्थायी स्वरुपात उभारण्यात आलेल्या सिमेंट काँक्रेट स्टेजचीही त्यांनी पाहणी केली. स्थानिक ग्रामस्थांशी संवाद साधत तेथील अडचणी जाणून घेतल्या.

*घाटामध्ये कचरा टाकणाऱ्यांवर कठोर कारवाई*
दिवे घाटामध्ये कचरा टाकण्यात येत असल्याच्या तक्रारींच्या अनुषंगाने घाटामध्ये गस्त घालण्यात यावी. असे प्रकार आढळून आल्यास कठोर कारवाई करण्यात यावी, असे निर्देशही डॉ. देशमुख यांनी दिले.

यावेळी राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, पुणे मनपा क्षेत्रीय अधिकारी, आरोग्य विभागाचे अधिकारी, संबंधित गावचे पदाधिकारी, ग्रामस्थ

केजरीवालांना झटका… केंद्राने सर्वोच्च न्यायालयाचा निर्णय पलटवला, दिल्लीतील अधिकाऱ्यांच्या बदल्या – पोस्टिंगसाठी आणला अध्यादेश

नवी दिल्ली – केंद्र सरकारने सर्वोच्च न्यायालयाचा निर्णय फिरवला असून दिल्लीतील अधिकाऱ्यांच्या बदल्या आणि पोस्टिंगचे अधिकार स्वतःकडे ठेवण्यासाठी अध्यादेश काढला आहे. केंद्र सरकारने हा अध्यादेश दिल्लीचे नायब राज्यपाल विनय कुमार यांना दिला असून हा केजरीवाल सरकारसाठी मोठी धक्का असल्याचं सांगितलं जातंय. गेल्या आठवड्यात सर्वोच्च न्यायालयाने यासंबंधी निकाल देताना दिल्लीतील अधिकाऱ्यांच्या बदल्या आणि पोस्टिंगचे अधिकार हे दिल्ली सरकारला असल्याचा निर्णय दिला होता.*

*👉🅾️🅾️👉केंद्र सरकारच्या या अध्यादेशानंतर दिल्लीतील अधिकाऱ्यांच्या बदल्याचे अधिकार हे नायब राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना यांच्याकडे म्हणजे अप्रत्यक्षरित्या केंद्र सरकारकडे असणार आहेत.*

*👉🟥🟥👉दिल्ली हा केंद्रशासित प्रदेश आहे, पण या ठिकाणी विधिमंडळ आहे. पंतप्रधान कार्यालय, राष्ट्रपती कार्यालय, अनेक राष्ट्रीय आणि आंतरराष्ट्रीय संस्था आणि प्राधिकरणे दिल्लीत कार्यरत आहेत. सर्वोच्च न्यायालयासह अनेक घटनात्मक संस्था आहेत. अनेक परदेशी कार्यालये आहेत. अशा परिस्थितीत त्यांच्या सुरक्षेचा विचार करून हा निर्णय घेण्यात आला आहे असं केंद्र सरकारने म्हटलं आहे.*

*👉🅾️🅾️👉दिल्लीचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यांनी याबाबत आधीच भीती व्यक्त केली होती. त्यांनी ट्वीट केले होते की, नायब राज्यपाल न्यायालयाच्या आदेशाचे पालन का करत नाहीत? दोन दिवस सेवा सचिवांच्या निलंबनाच्या फाईलवर सही का केली नाही? पुढच्या आठवड्यात केंद्र सरकार अध्यादेश आणून सर्वोच्च न्यायालयाचा आदेश फिरवणार आहे असे बोलले जात आहे. नायब राज्यपाल अध्यादेशाची वाट पाहत आहेत, म्हणून फाइलवर सही का करत नाहीत?*

*👉🔴🔴👉भाजपची भूमिका काय?*

*केंद्र सरकारच्या या निर्णयानंतर दिल्ली भाजपचे अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा म्हणाले की, दिल्ली ही देशाची राजधानी आहे, त्यावर संपूर्ण भारताचा हक्क आहे आणि अरविंद केजरीवाल सरकारने दीर्घकाळ दिल्लीच्या प्रशासकीय प्रतिष्ठेला धक्का लावला आहे. जगातील प्रत्येक देशाचे राजदूत दिल्लीत राहतात आणि येथे जे काही प्रशासकीय गैरप्रकार घडतात ते संपूर्ण जगात भारताची प्रतिष्ठा खराब करतात.*

*👉🟥🟥👉सर्वोच्च न्यायालय काय म्हणालं होतं?*

*गेल्या आठवड्यातच एका महत्त्वपूर्ण निर्णयात सर्वोच्च न्यायालयाने दिल्ली सरकारला अधिकाऱ्यांच्या बदल्या आणि नियुक्तीचे अधिकार दिल्लीच्या केजरीवाल सरकारला दिले होते. न्यायालयाने निर्णय देताना म्हटले होते की, सार्वजनिक व्यवस्था, पोलीस आणि जमीन याशिवाय इतर सेवांच्या बाबतीत दिल्ली सरकारला कार्यकारी अधिकार आहेत. सार्वजनिक सुव्यवस्था, पोलीस आणि जमीन या विषयांवर केंद्र सरकारचे अधिकार आहेत.*

जिल्ह्यात २४ मे रोजी ‘लाक्षणिक हेल्मेट दिवस’ साजरा करण्यात येणार

जिल्ह्यात २४ मे रोजी ‘लाक्षणिक हेल्मेट दिवस’ साजरा करण्यात येणार

*दुचाकीचा वापर करणाऱ्या सर्व शासकीय अधिकारी, कर्मचाऱ्यांनी हेल्मेट परिधान करण्याचे आवाहन*

पुणे, दिनांक १९: हेल्मेट वापराच्या व्यापक जनजागृतीसाठी जिल्ह्यात २४ मे रोजी लाक्षणिक हेल्मेट दिवस साजरा करण्यात येणार आहे. शासकीय अधिकारी, कर्मचारी हे नियमितपणे हेल्मेटचा वापर करीत असले तरी त्यांनी हेल्मेट वापराच्या व्यापक जनजागृतीसाठी, जनतेस मार्गदर्शक ठरावे आणि स्वतःच्या व सहप्रवाशांच्या सुरक्षिततेच्या दृष्टीने २४ मे रोजी हेल्मेट परिधान करून ‘लाक्षणीक हेल्मेट दिवस’ साजरा करावा, असे आवाहन जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख यांनी केले आहे.

भारतात दररोज सुमारे ४११ भारतीयांचा रस्ते अपघातांमध्ये बळी जातो. वाहन अपघातात दगावणाच्या व्यक्तींमध्ये सुमारे ८० टक्के व्यक्ती या दुचाकी वाहन चालक, पादचारी आणि सायकलस्वार असतात. हेल्मेटमुळे दुचाकीचा अपघात घडल्यास जीव वाचण्याची शक्यता ८० टक्क्याने वाढते. मोटार वाहन कायद्यानुसार ४ वर्षांवरील प्रत्येक व्यक्तीने दुचाकीवरुन प्रवास करतांना हेल्मेट परिधान करणे आवश्यक आहे.

जागतिक स्तरावर १५ ते २१ मे दरम्यान शाश्वत वाहतूक या विषयासंदर्भात ‘७ यूएन ग्लोबल रोड सेफ्टी वीक २०२३’ चे आयोजन करण्यात आले आहे. रस्ते अपघातांप्रती स्वयंसेवी संस्था, शासन यंत्रणा, प्रसारमाध्यमे तसेच सामान्य नागरिकांचे लक्ष वेधणे व रस्ते अपघात टाळण्याच्या प्रयत्नांना बळकटी देणे हा या सप्ताहाचा हेतू आहे. केवळ जागरूकता वाढवणे हाच नव्हे तर रस्ते अपघातातील जखमींना वेळेत व योग्य उपचार व मदत मिळवून देणे हेही यात अंतर्भूत आहे.

मोटार वाहन कायदा १९८८ च्या कलम १२९ नुसार तसेच उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय यांनी वेळोवेळी दिलेल्या निर्देशानुसार भारतात कोणत्याही सार्वजनिक ठिकाणी दुचाकी चालविणाऱ्या तसेच पाठीमागे बसणाऱ्या व्यक्तीने हेल्मेट परिधान करणे आवश्यक आहे. त्या अनुषंगाने जनजागृतीसाठी या सप्ताहाअंतर्गत जिल्हाधिकाऱ्यांच्या संकल्पनेतून ‘लाक्षणिक हेल्मेट दिवस’ साजर करण्याचे निश्चित करण्यात आले आहे.

दुचाकीचा वापर करणाऱ्या सर्व शासकीय, निमशासकीय कार्यालये, महामंडळे, महानगरपालिका, नगरपालिका, नगरपरिषद, सर्व शाळा, कॉलेज व शासकीय यंत्रणा यांच्या कार्यालयात काम करणाऱ्या शासकीय अधिकारी, कर्मचारी यांना शासकीय कार्यालयात येताना जाताना हेल्मेट परिधान करणे बंधनकारक आहे.

सर्व कार्यालयप्रमुखांनी आपल्या कार्यालयामध्ये दुचाकीवरुन येणारे अधिकारी, कर्मचारी यांनी हेल्मेट परिधान करावे याबाबतच्या सुचना आपल्या स्तरावरुन पारित कराव्यात. दुचाकी वापरतांना हेल्मेट घातलेले नसल्यास संबंधीत अधिकारी, कर्मचारी व नागरीक हे मोटार वाहन अधिनियम १९८८ मधील तरतूदीनुसार शिक्षेस पात्र राहतील, असेही कळवण्यात आले आहे.

कांदाचाळीसाठी मिळणार १ लाख ६० हजार अनुदान – संदिपान भुमरे

मुंबई, दि. १९ : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार हमी योजनेंतर्गत कांदे साठवण करण्याचे गोदाम म्हणून कांदाचाळ उभारण्यासाठी १ लाख ६० हजार ३६७ अनुदान देण्यात येणार असल्याची माहिती रोजगार हमी योजना आणि फलोत्पादन मंत्री संदिपान भुमरे यांनी दिली. यासंदर्भात शासन निर्णय निर्गमित करण्यात आल्याचे त्यांनी सांगितले.

रांगडा हंगामातील कांदा सुकवून साठविला जाऊ शकतो. परंतु कांदा साठविण्यासाठी वैज्ञानिक दृष्टिकोनातून तयार केलेले गोदाम उपलब्ध नसल्याने खरीप हंगामातील कांदा काढला की लगेच विकावा लागतो. कांद्याचे उत्पादन ठरावीक हंगामात येते. मागणी मात्र वर्षभर सारखीच असते. कांद्याचे पीक निघाल्यावर मागणी नसल्यामुळे बाजारात कांद्याचा भाव पडतो. याचा शेतकऱ्यांना मोठा फटका बसतो. त्यामुळे कांद्याच्या बाजार भावातील चढ-उतार पासून सुरक्षा, स्थानिक बाजारपेठेत योग्य दरात पुरवठा व निर्यातीची मागणी भागविण्यासाठी कांदा साठवणूक क्षमता वाढविणे गरजेचे असल्याचे श्री. भुमरे यांनी सांगितले.

कांदा ही एक जीवंत वस्तू आहे. तिचे मंदपणे श्वसन चालू असते. तसेच पाण्याचे उत्सर्जन देखील होत असते. त्यामुळे योग्य प्रकारे साठवण न केल्यास कांद्यास ४५-६० टक्क्यांपर्यंत नुकसान होऊ शकते. हे नुकसान प्रामुख्याने वजनातील घट, कांद्याची सड व कोंब येणे इ. कारणांमुळे होते. त्यामुळे कांद्याचे कमीतकमी नुकसान होण्यासाठी कांद्याची शास्त्रोक्त पद्धतीने साठवणूक होणे अत्यंत गरजेचे आहे. त्यासाठी कांदाचाळ च्या माध्यमातून कांदा पिकाची साठवणूक आवश्यक असल्याचे त्यांनी सांगितले.

मनरेगा अंतर्गत एकूण १,६०,३६७ रूपये मिळणार

मनरेगा अंतर्गत अकुशल मनुष्यबळासाठी ६० टक्के प्रमाणे ९६ हजार २२० रुपये इतकी मजुरी तसेच साहित्यासाठी लागणारा खर्च कुशल मनुष्यबळासाठी ४० टक्केच्या मर्यादेत म्हणजे ६४ हजार १४७ रुपये आणि अधिक साहित्याचा खर्च असे एकूण १ लाख ६० हजार ३६७ रूपये इतके अनुदान मिळणार आहे. उर्वरित रक्कम २ लाख ९८ हजार ३६३ रुपये इतका निधी लोकवाटाच्या माध्यमातून उपलब्ध होणार असून कांदाचाळीसाठी एकूण खर्च – ४ लाख ५८ हजार ७३० रुपये येणार असल्याचे श्री. भुमरे यांनी सांगितले.

गटशेती, महिला बचत गट यांना सामुदायिक लाभ घेता येऊ शकतो

खरीप व रब्बी हंगामामध्ये कांदा पिकाचे उत्पादन होते. राज्यात साधारण १३६.६८ लाख मेट्रिक टन इतक्या कांद्याचे उत्पादन घेतले जाते. त्यासाठी साधारणपणे एकूण ९.४५ लाख हेक्टर क्षेत्र कांदा पिकाखाली आहे. कांदा साठवण करण्याच्या गोदामासाठी रुंदी ३.९० मी. लांबी १२.०० मी. एकूण उंची – २.९५ मी. (जमीनीपासून ते टाय लेवलपर्यंत) याप्रमाणे आकारमान असते. साधारण ०१ हेक्टर धारण क्षेत्रावर २५ मेट्रिक टन कांदा उत्पादन होते. कांदाचाळ वैयक्तिक तसेच सामुदायिकरित्या शेतकरी याचा लाभ घेऊ शकतात. तसेच गटशेती, महिला बचत गट यांना सामुदायिक लाभ घेता येऊ शकतो, असेही श्री. भुमरे यांनी सांगितले.

कांदाचाळीसाठी मिळणार १ लाख ६० हजार अनुदान – संदिपान भुमरे

मुंबई, दि. १९ : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार हमी योजनेंतर्गत कांदे साठवण करण्याचे गोदाम म्हणून कांदाचाळ उभारण्यासाठी १ लाख ६० हजार ३६७ अनुदान देण्यात येणार असल्याची माहिती रोजगार हमी योजना आणि फलोत्पादन मंत्री संदिपान भुमरे यांनी दिली. यासंदर्भात शासन निर्णय निर्गमित करण्यात आल्याचे त्यांनी सांगितले.

रांगडा हंगामातील कांदा सुकवून साठविला जाऊ शकतो. परंतु कांदा साठविण्यासाठी वैज्ञानिक दृष्टिकोनातून तयार केलेले गोदाम उपलब्ध नसल्याने खरीप हंगामातील कांदा काढला की लगेच विकावा लागतो. कांद्याचे उत्पादन ठरावीक हंगामात येते. मागणी मात्र वर्षभर सारखीच असते. कांद्याचे पीक निघाल्यावर मागणी नसल्यामुळे बाजारात कांद्याचा भाव पडतो. याचा शेतकऱ्यांना मोठा फटका बसतो. त्यामुळे कांद्याच्या बाजार भावातील चढ-उतार पासून सुरक्षा, स्थानिक बाजारपेठेत योग्य दरात पुरवठा व निर्यातीची मागणी भागविण्यासाठी कांदा साठवणूक क्षमता वाढविणे गरजेचे असल्याचे श्री. भुमरे यांनी सांगितले.

कांदा ही एक जीवंत वस्तू आहे. तिचे मंदपणे श्वसन चालू असते. तसेच पाण्याचे उत्सर्जन देखील होत असते. त्यामुळे योग्य प्रकारे साठवण न केल्यास कांद्यास ४५-६० टक्क्यांपर्यंत नुकसान होऊ शकते. हे नुकसान प्रामुख्याने वजनातील घट, कांद्याची सड व कोंब येणे इ. कारणांमुळे होते. त्यामुळे कांद्याचे कमीतकमी नुकसान होण्यासाठी कांद्याची शास्त्रोक्त पद्धतीने साठवणूक होणे अत्यंत गरजेचे आहे. त्यासाठी कांदाचाळ च्या माध्यमातून कांदा पिकाची साठवणूक आवश्यक असल्याचे त्यांनी सांगितले.

मनरेगा अंतर्गत एकूण १,६०,३६७ रूपये मिळणार

मनरेगा अंतर्गत अकुशल मनुष्यबळासाठी ६० टक्के प्रमाणे ९६ हजार २२० रुपये इतकी मजुरी तसेच साहित्यासाठी लागणारा खर्च कुशल मनुष्यबळासाठी ४० टक्केच्या मर्यादेत म्हणजे ६४ हजार १४७ रुपये आणि अधिक साहित्याचा खर्च असे एकूण १ लाख ६० हजार ३६७ रूपये इतके अनुदान मिळणार आहे. उर्वरित रक्कम २ लाख ९८ हजार ३६३ रुपये इतका निधी लोकवाटाच्या माध्यमातून उपलब्ध होणार असून कांदाचाळीसाठी एकूण खर्च – ४ लाख ५८ हजार ७३० रुपये येणार असल्याचे श्री. भुमरे यांनी सांगितले.

गटशेती, महिला बचत गट यांना सामुदायिक लाभ घेता येऊ शकतो

खरीप व रब्बी हंगामामध्ये कांदा पिकाचे उत्पादन होते. राज्यात साधारण १३६.६८ लाख मेट्रिक टन इतक्या कांद्याचे उत्पादन घेतले जाते. त्यासाठी साधारणपणे एकूण ९.४५ लाख हेक्टर क्षेत्र कांदा पिकाखाली आहे. कांदा साठवण करण्याच्या गोदामासाठी रुंदी ३.९० मी. लांबी १२.०० मी. एकूण उंची – २.९५ मी. (जमीनीपासून ते टाय लेवलपर्यंत) याप्रमाणे आकारमान असते. साधारण ०१ हेक्टर धारण क्षेत्रावर २५ मेट्रिक टन कांदा उत्पादन होते. कांदाचाळ वैयक्तिक तसेच सामुदायिकरित्या शेतकरी याचा लाभ घेऊ शकतात. तसेच गटशेती, महिला बचत गट यांना सामुदायिक लाभ घेता येऊ शकतो, असेही श्री. भुमरे यांनी सांगितले.

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