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होमगार्डना सलग 6 महिने सलग काम,3 वर्षांनी केली जाणारी नोंदणी बंद राज्य सरकारची महत्त्वाची घोषणा

*मुंबई – होमगार्ड अर्थात राज्य गृहरक्षक दलासंबंधित राज्याचे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी एक महत्त्वाची घोषणा केली आहे. होमगार्डना आता सलग 6 महिने काम दिलं जाणार आहे आणि त्यासाठी 350 कोटी रुपयांची तरतूद करण्यात आली आहे.तसेच दर 3 वर्षांनी केली जाणारी त्यांची नोंदणी आता बंद करण्यात येईल अशीही घोषणा देवेंद्र फडणवीसांनी केली आहे. सरकारच्या या निर्णयाचा फायदा राज्यातील हजारो होमगार्डना होणार आहे.*

*👉🅾️🅾️👉होमगार्ड ही स्वेच्छित सेवा आहे. इतर राज्यात 180 दिवस काम दिले जाते. पण आपल्या राज्यात दिले जात नाही. माझ्या सरकारच्या काळात आपण 180 दिवस लागू केले, पण आर्थिक अडचणीमुळे हे परत थांबवले गेले. होमगार्डची खूप मदत होते, त्यामुळे आता 350 कोटी रुपयांची तरतूद करुन होमगार्ड्सना सलग सहा महिने काम दिले जाईल. होमगार्डच्या सेवेसाठी 175 कोटींची मर्यादा घालण्यात आली होती ती आता बंद करण्यात आली आहे.होमगार्डसाठी दर तीन वर्षांनी केली जाणारी नोंदणी बंद करण्यात येत आहे. होमगार्डना कवायत भत्ता देखील मंजूर केला आहे अशी माहिती उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी दिली.*

*👉🟥🟥👉राज्यात भाजपचे सरकार असताना 2019 साली तत्कालिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसांनी होमगार्डचा भत्ता वाढवण्याचा आणि त्यांना किमान 180 दिवस काम देण्याचा निर्णय घेतला होता. त्यावेळी त्यांनी सांगितलं होतं की, होमगार्डचे बळकटिकरण करणे आवश्यक आहे, त्यामुळे होमगार्ड कर्मचाऱ्यांच्या मागण्या मान्य करण्यात आल्या आहेत. होमगार्डना प्रती दिन 300 रुपये भत्ता देण्यात येत होता. आता त्यामध्ये वाढ करून 670 रुपये करण्यात आले, तसेच त्यांच्या वयाची मर्यादा 58 वर्षे करण्यात यावी, त्यांना वर्षभरातून किमान 180 दिवस काम देण्याचा निर्णय घेण्यात येईल. होमगार्डसाठी तक्रार निवारण यंत्रणा तयार करणे, नवनियुक्त पोलीस उपायुक्तांना प्रशिक्षणानंतर होमगार्डमध्ये नियुक्ती देणे, 13 जुलै 2010 चा शासन निर्णय रद्द करणे, उजळणी प्रशिक्षणाचा कालावधी वाढविणे, यांना महात्मा फुले जीवनदायी आरोग्य योजना, अटल पेन्शन योजना व समूह अपघात विमा योजनेचा लाभ देणे आदी महत्त्वपूर्ण निर्णय घेण्यात आले असल्याचेही त्यांनी सांगितले होते.*

*👉🅾️🅾️👉पण नंतर होमगार्डना 180 दिवस काम देण्याची योजना अंमलात येऊ शकली नव्हती. त्यावेळी आर्थिक अडचणींमुळे तो निर्णय अंमलात येऊ शकला नसल्याचं देवेंद्र फडणवीस यांनी आता सभागृहात सांगितलं. त्यामुळे होमगार्डसंबंधित निधीची 175 कोटींची मर्यादा आता काढून ती 350 कोटीवर नेण्यात आली आहे. यामुळे राज्यातील होमगार्डना आता सलग सहा महिने काम करता येणार आहे.*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 29 जुलाई 2023 दिन – शनिवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 29 जुलाई 2023*
*⛅दिन – शनिवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – अधिक श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – एकादशी दोपहर 01:05 तक तत्पश्चात द्वादशी*
*⛅नक्षत्र – ज्येष्ठा रात्रि 12:55 तक तत्पश्चात मूल*
*⛅योग – ब्रह्म सुबह 09:34 तक तत्पश्चात इन्द्र*
*⛅राहु काल – सुबह 09:27 से 11:07 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:09*
*⛅सूर्यास्त – 07:23*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:43 से 05:26 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:25 से 01:08 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – पद्मिनी एकादशी*
*⛅विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) एवं द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹पद्मिनी (कमला) एकादशी – 29 जुलाई 2023🌹*

*🔹एकादशी में क्या करें, क्या न करें ?🔹*

*🌹1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें । नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें ।*

*🌹2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें ।*

*🌹हर एकादशी को श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
*राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।*
*सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।*

*एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णुसहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*

*🌹3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए ।*

*🌹4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।*

*🌹5. एकादशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।*

*🌹6. व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) – इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) – इनका सेवन न करें ।*

*🌹7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।*

*🌹8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।*

*🌹9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।*

*🌹10. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।*

*🌹11. इस दिन बाल नहीं कटायें ।*

*🌹12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।*

*🌹13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) ।*

*🌹14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।*

*🔹 इस विधि से व्रत करनेवाला उत्तम फल को प्राप्त करता है ।*

*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*

*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

अधिक मास कंहा से आया

मल मास कैसे बना पुरषोत्तम मास 🪷*
*अधिक मास कंहा से आया*

 

सत्ययुग में राक्षसराज हिरण्यकश्यप ने मृत्यु से अपने हर संभव बचाव हेतु ब्रह्मा जी से तमाम वर माँगे थे—

कि.. “मैं धरती पे ना मरूँ, आकाश में ना मरूँ! दिन में ना मरूँ, रात में ना मरूँ! अंदर ना मरूँ, बाहर ना मरूँ! अस्त्र से ना मरूँ, शस्त्र से ना मरूँ, नर से ना मरूँ, पशु से ना मरूँ!”…

तब उसने साथ ही यह वर भी माँग लिया था, कि “मैं बारहों महीनों में से किसी महीने में ना मरूँ!” तब भगवान ने उसे मारने हेतु 13वाँ महीना बनाया था!

उधर ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार हिन्दू कैलेंडर के सूर्य-वर्ष (365 दिन) और चंद्र-वर्ष (354) में 11 दिन के अंतर को पाटने के उद्देश्य से लगभग हर 3 वर्ष में एक नया तेरहवाँ महीना प्रकट हो जाता है, जिसे “अधिक मास” कहते हैं!

इस माह में सूर्य की संक्रांति ना पड़ने के कारण इसमें समस्त लौकिक पुण्य कर्म वर्जित थे, जिसके कारण इसका नाम “मल मास” पड़ गया था (मल का अर्थ होता है—गंदा, मैला, त्याज्य)!इसका कोई स्वामी भी नहीं था..

जिसके कारण ये रोते-रोते भगवान विष्णु के पास गया उन्होंने इसकी व्यथा समझते हुए इससे कहा,”जिसका कोई नहीं होता, उसका मैं होता हूँ! अब तू मेरी शरण में आ गया है, तो तुझे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं! मैं तुझे अपनाकर आज से अपना नाम देता हूँ! आज से तू ‘पुरुषोत्तम-मास’ कहलायेगा और तेरे गुण—तेरी महिमा सब मेरे जैसी होगी! तेरी अवधि में जो भी भक्तिभाव से मेरी आराधना करेगा, उसके सारे मनोरथ मैं पूर्ण करूँगा!”

इसलिए सभी विवेकी लोग इस विशेष मास की प्रतीक्षा करते रहते हैं, कि ये कब आएगा!?!अबकी बार ये आज 18 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगा! इसमें किया गया कोई भी आध्यात्मिक कार्य (पूजा, पाठ, भक्ति, जप-तप, योग, ध्यान, सेवा, दान आदि) 108 गुना बढ़कर फल देता है! यह मास हर व्यक्ति के लिए तन-मन से पवित्र होने और अपनी चेतना को ऊर्ध्वगामी बनाने का समय है! इस दौरान की गई साधना से समस्त कुंडली दोषों का भी निराकरण हो जाता है!

तो मेरा आप सबसे निवेदन है कि इस दुर्लभ स्वर्णिम अवसर को बिल्कुल भी हाथ से ना जाने दें!कई साँसारिक अभागों को तो पता भी नहीं चलता, कि ये परम पवित्र मास कब आया और कब गया!?!…आपके भक्तिमार्ग में कोई बाधा हो अथवा आपका जो भी काम कहीं भी अटक रहा हो, तो इस एक महीने में साधना करके परिणाम देखें!🙏🏻🚩🚩🚩🙏🏻

अधिक मास कंहा से आया

मल मास कैसे बना पुरषोत्तम मास 🪷*
*अधिक मास कंहा से आया*

 

सत्ययुग में राक्षसराज हिरण्यकश्यप ने मृत्यु से अपने हर संभव बचाव हेतु ब्रह्मा जी से तमाम वर माँगे थे—

कि.. “मैं धरती पे ना मरूँ, आकाश में ना मरूँ! दिन में ना मरूँ, रात में ना मरूँ! अंदर ना मरूँ, बाहर ना मरूँ! अस्त्र से ना मरूँ, शस्त्र से ना मरूँ, नर से ना मरूँ, पशु से ना मरूँ!”…

तब उसने साथ ही यह वर भी माँग लिया था, कि “मैं बारहों महीनों में से किसी महीने में ना मरूँ!” तब भगवान ने उसे मारने हेतु 13वाँ महीना बनाया था!

उधर ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार हिन्दू कैलेंडर के सूर्य-वर्ष (365 दिन) और चंद्र-वर्ष (354) में 11 दिन के अंतर को पाटने के उद्देश्य से लगभग हर 3 वर्ष में एक नया तेरहवाँ महीना प्रकट हो जाता है, जिसे “अधिक मास” कहते हैं!

इस माह में सूर्य की संक्रांति ना पड़ने के कारण इसमें समस्त लौकिक पुण्य कर्म वर्जित थे, जिसके कारण इसका नाम “मल मास” पड़ गया था (मल का अर्थ होता है—गंदा, मैला, त्याज्य)!इसका कोई स्वामी भी नहीं था..

जिसके कारण ये रोते-रोते भगवान विष्णु के पास गया उन्होंने इसकी व्यथा समझते हुए इससे कहा,”जिसका कोई नहीं होता, उसका मैं होता हूँ! अब तू मेरी शरण में आ गया है, तो तुझे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं! मैं तुझे अपनाकर आज से अपना नाम देता हूँ! आज से तू ‘पुरुषोत्तम-मास’ कहलायेगा और तेरे गुण—तेरी महिमा सब मेरे जैसी होगी! तेरी अवधि में जो भी भक्तिभाव से मेरी आराधना करेगा, उसके सारे मनोरथ मैं पूर्ण करूँगा!”

इसलिए सभी विवेकी लोग इस विशेष मास की प्रतीक्षा करते रहते हैं, कि ये कब आएगा!?!अबकी बार ये आज 18 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगा! इसमें किया गया कोई भी आध्यात्मिक कार्य (पूजा, पाठ, भक्ति, जप-तप, योग, ध्यान, सेवा, दान आदि) 108 गुना बढ़कर फल देता है! यह मास हर व्यक्ति के लिए तन-मन से पवित्र होने और अपनी चेतना को ऊर्ध्वगामी बनाने का समय है! इस दौरान की गई साधना से समस्त कुंडली दोषों का भी निराकरण हो जाता है!

तो मेरा आप सबसे निवेदन है कि इस दुर्लभ स्वर्णिम अवसर को बिल्कुल भी हाथ से ना जाने दें!कई साँसारिक अभागों को तो पता भी नहीं चलता, कि ये परम पवित्र मास कब आया और कब गया!?!…आपके भक्तिमार्ग में कोई बाधा हो अथवा आपका जो भी काम कहीं भी अटक रहा हो, तो इस एक महीने में साधना करके परिणाम देखें!🙏🏻🚩🚩🚩🙏🏻

सन २००१ पूर्वीच्या कायम विनाअनुदानित महाविद्यालयांच्या अनुदानाबाबत शासन सकारात्मक निर्णय घेणार – उच्च व तंत्र शिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटील

मुंबई, दि. 27 : नक्षलग्रस्त भागातील उर्वरित महिला महाविद्यालय तसेच अल्पसंख्यांक, भूकंपग्रस्त, आदिवासी, डोंगराळ, सीमावर्ती भागातील महाविद्यालयांना सन २००१ पूर्वी कायम विनाअनुदानित तत्त्वावर मान्यता देण्यात आलेल्या कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधी, विद्या शाखा यांना अनुदान मंजूर करण्याबाबत शासन सकारात्मक असून याबाबतचा प्रस्ताव वित्त विभागाकडे पाठविण्यात येईल, अशी माहिती उच्च व तंत्र शिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटील यांनी विधानसभेत दिली.

सदस्य राजेश टोपे यांनी याबाबतची लक्षवेधी सूचना मांडली होती.

मंत्री श्री. पाटील म्हणाले की, सन 2001 पूर्वीच्या 78 महाविद्यालयाबाबत सविस्तर प्रस्ताव वित्त विभागाकडे पाठविला होता. त्यात काही त्रुटी आहेत असे वित्त विभागाने कळविले आहे. या त्रुटींची विभागाकडून तातडीने पूर्तता करून वित्त मंत्री यांच्याशी चर्चा करून या महाविद्यालयांना अनुदान देण्याबाबत लवकरच सकारात्मक निर्णय घेण्यात येईल.

नक्षलग्रस्त भागातील पात्र 14 महिला महाविद्यालयांना विशेष बाब म्हणून अनुदान मंजूर करण्यात आले आहे. अकृषी विद्यापीठाची संलग्नित महाविद्यालयातील ज्या तालुक्यात एकही अनुदानित महाविद्यालय अथवा विद्या शाखा नाही, अशा प्रत्येक तालुक्यामध्ये एका महाविद्यालयास किंवा विद्याशाखेस 100 टक्के अनुदान मंजूर करण्यात आले आहे, असेही मंत्री श्री. पाटील यांनी सांगितले.

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महिला स्वयं सहायता गटांना दुपटीने अर्थसहाय* *६० लाखांपेक्षा जास्त महिलांना लाभ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची विधानसभेत घोषणा

मुंबई दि. २८: उमेद अभियानातील महिलांच्या स्वयं सहाय्यता गटांना देण्यात येणाऱ्या फिरत्या निधीत दुपटीने वाढ करून ३० हजार रुपये निधी प्रत्येक गटांना देण्याचा तसेच कर्मचारी व चळवळीतील संसाधन व्यक्तींना देखील मानधनात भरीव वाढ करण्याची घोषणा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी केली. मुख्यमंत्र्यांनी यासंदर्भात निवेदन केले.

महिलांची देशाच्या विकासात महत्वाची भूमिका आहे.

*फिरता निधी दुप्पट*

आपल्या निवेदनात मुख्यमंत्री म्हणतात की, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियानांतर्गत स्वयं सहाय्यता गटांना प्रती गट रु 15 हजार फ़िरता निधी देण्यात येतो. त्यामध्ये वाढ करुन प्रती समुह रु 30 हजार फ़िरता निधी देण्यात येईल. या वाढीमुळे अतिरिक्त रु 913 कोटी एवढ्या निधीची तरतुद राज्य शासनामार्फ़त करण्यात येणार आहे.

*मानधनात दुपटीने वाढ*

स्वयं सहाय्यता गटांना दैनंदिन मार्गदर्शन करण्यासाठी गावपातळीवर एकूण ४६ हजार ९५६ समुदाय संसाधन व्यक्ती (CRP) कार्यरत आहेत. त्यांना सर्वसाधारणपणे दरमहा रु ३ हजार एवढे मानधन अदा करण्यात येते. बचत गट चळवळीतील त्यांचे योगदान व मागणी लक्षात घेऊन त्यांच्या मानधनात वाढ करून ते प्रति महा ६ हजार रुपये एवढे करण्यात येणार आहे. या करिता १६३ कोटी रुपये एवढ्या अतिरिक्त निधीची तरतुद करण्याची घोषणाही मुख्यमंत्र्यांनी केली. या अभियानात राज्यस्तरापासून ते क्लस्टर स्तरापर्यत स्वतंत्र, समर्पित व संवेदनशील यंत्रणा तयार करण्यात आलेली आहे. सद्यस्थितीत अभियानांतर्गत एकूण २७४१ कंत्राटी कर्मचारी कार्यरत असून त्यांच्या मासिक मानधनामध्ये २० टक्के वाढ करण्यात येणार आहे तसेच त्यांच्या इतरही मागण्या मान्य करण्यात आल्या आहेत, असेही मुख्यमंत्री म्हणाले.

स्वयं सहाय्यता गटातील महिलांनी उत्पादीत केलेल्या वस्तुचे मूल्यवर्धन करणे ,गुणवत्तेत वाढ करणे , आधुनिक पॅकेजिंग व ब्रॅन्डींग करिता प्रोत्साहन देणे व उत्पादनांना हक्काची बाजारेपठ मिळवून देणे इत्यादी उपक्रम राबवून ग्रामीण महिलांचे सर्वार्थाने सक्षमीकरण करण्यासाठी शासन भविष्यात देखील कटीबध्द असल्याचे मुख्यमंत्र्यांनी सांगितले.

शालेय विद्यार्थ्यांचे गणवेश देखील महिला स्वयं सहायता गटांमार्फत देण्यात येतील असे मुख्यमंत्री म्हणाले.

*बँक कर्जाची नियमित परतफेड*

मुख्यमंत्री आपल्या निवेदनात म्हणाले की, उमेद अभियानांतर्गत आतापर्यत सुमारे ६ लाख स्वयं सहाय्यता समूह स्थापित करण्यात आले असून यामध्ये ६० लाखांपेक्षा अधिक महिलांचा समावेश आहे. तसेच ३० हजार ८५४ ग्रामसंघ व १ हजार ७८८ प्रभागसंघ आहेत. या महिलांना उत्पन्न मिळावे म्हणून उमेद अभियान तसेच बॅकामार्फ़त अर्थसहाय्य देण्यात येते. स्वयं सहाय्यता गट स्थापन झाल्यानंतर ३ महिन्यानंतर त्यांना अंतर्गत कर्ज व्यवहाराला अर्थसहाय्य म्हणून रु.१० हजार ते रु १५ हजार याप्रमाणे फिरता निधी वितरीत करण्यात येतो.

आतापर्यत ३ लाख ९१ हजार ४७६ गटांना रु. ५८४ कोटीचा फिरता निधी देण्यात आला आहे. तसेच आतापर्यंत ८० हजार ३४८ समूहांना रु.५७७ कोटीचा समुदाय गुंतवणूक निधी देण्यात आला आहे.

आतापर्यत बॅकामार्फ़त राज्यातील ४.७५ लाख स्वयं सहाय्यता गटांना रु. १९ हजार ७७१ कोटीचे कर्ज उपलब्ध करुन देण्यात आले आहे. यामध्ये २०२२-२३ या एकाच वर्षात २ लाख ३८ हजार ३६८ स्वयं सहाय्यता गटांना तब्बल रु. ५ हजार ८६० कोटीचे बँक कर्ज देण्यात आले आहे.

अभियानाअंतर्गत ९६% बँक कर्जाची परतफेड वेळेवर होत असून सध्यस्थितीत NPA चे प्रमाण फ़क्त ४.३१% आहे त्यामुळे स्वयं सहाय्यता समूहांना कर्ज देण्यामध्ये बँका पुढे येत असून या गटातील महिलांना पतपुरवठा करण्यासाठी बॅका मोठ्या प्रमाणात सहकार्य करीत आहेत.

महिला स्वयं सहायता गटांना दुपटीने अर्थसहाय* *६० लाखांपेक्षा जास्त महिलांना लाभ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची विधानसभेत घोषणा

मुंबई दि. २८: उमेद अभियानातील महिलांच्या स्वयं सहाय्यता गटांना देण्यात येणाऱ्या फिरत्या निधीत दुपटीने वाढ करून ३० हजार रुपये निधी प्रत्येक गटांना देण्याचा तसेच कर्मचारी व चळवळीतील संसाधन व्यक्तींना देखील मानधनात भरीव वाढ करण्याची घोषणा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी केली. मुख्यमंत्र्यांनी यासंदर्भात निवेदन केले.

महिलांची देशाच्या विकासात महत्वाची भूमिका आहे.

*फिरता निधी दुप्पट*

आपल्या निवेदनात मुख्यमंत्री म्हणतात की, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियानांतर्गत स्वयं सहाय्यता गटांना प्रती गट रु 15 हजार फ़िरता निधी देण्यात येतो. त्यामध्ये वाढ करुन प्रती समुह रु 30 हजार फ़िरता निधी देण्यात येईल. या वाढीमुळे अतिरिक्त रु 913 कोटी एवढ्या निधीची तरतुद राज्य शासनामार्फ़त करण्यात येणार आहे.

*मानधनात दुपटीने वाढ*

स्वयं सहाय्यता गटांना दैनंदिन मार्गदर्शन करण्यासाठी गावपातळीवर एकूण ४६ हजार ९५६ समुदाय संसाधन व्यक्ती (CRP) कार्यरत आहेत. त्यांना सर्वसाधारणपणे दरमहा रु ३ हजार एवढे मानधन अदा करण्यात येते. बचत गट चळवळीतील त्यांचे योगदान व मागणी लक्षात घेऊन त्यांच्या मानधनात वाढ करून ते प्रति महा ६ हजार रुपये एवढे करण्यात येणार आहे. या करिता १६३ कोटी रुपये एवढ्या अतिरिक्त निधीची तरतुद करण्याची घोषणाही मुख्यमंत्र्यांनी केली. या अभियानात राज्यस्तरापासून ते क्लस्टर स्तरापर्यत स्वतंत्र, समर्पित व संवेदनशील यंत्रणा तयार करण्यात आलेली आहे. सद्यस्थितीत अभियानांतर्गत एकूण २७४१ कंत्राटी कर्मचारी कार्यरत असून त्यांच्या मासिक मानधनामध्ये २० टक्के वाढ करण्यात येणार आहे तसेच त्यांच्या इतरही मागण्या मान्य करण्यात आल्या आहेत, असेही मुख्यमंत्री म्हणाले.

स्वयं सहाय्यता गटातील महिलांनी उत्पादीत केलेल्या वस्तुचे मूल्यवर्धन करणे ,गुणवत्तेत वाढ करणे , आधुनिक पॅकेजिंग व ब्रॅन्डींग करिता प्रोत्साहन देणे व उत्पादनांना हक्काची बाजारेपठ मिळवून देणे इत्यादी उपक्रम राबवून ग्रामीण महिलांचे सर्वार्थाने सक्षमीकरण करण्यासाठी शासन भविष्यात देखील कटीबध्द असल्याचे मुख्यमंत्र्यांनी सांगितले.

शालेय विद्यार्थ्यांचे गणवेश देखील महिला स्वयं सहायता गटांमार्फत देण्यात येतील असे मुख्यमंत्री म्हणाले.

*बँक कर्जाची नियमित परतफेड*

मुख्यमंत्री आपल्या निवेदनात म्हणाले की, उमेद अभियानांतर्गत आतापर्यत सुमारे ६ लाख स्वयं सहाय्यता समूह स्थापित करण्यात आले असून यामध्ये ६० लाखांपेक्षा अधिक महिलांचा समावेश आहे. तसेच ३० हजार ८५४ ग्रामसंघ व १ हजार ७८८ प्रभागसंघ आहेत. या महिलांना उत्पन्न मिळावे म्हणून उमेद अभियान तसेच बॅकामार्फ़त अर्थसहाय्य देण्यात येते. स्वयं सहाय्यता गट स्थापन झाल्यानंतर ३ महिन्यानंतर त्यांना अंतर्गत कर्ज व्यवहाराला अर्थसहाय्य म्हणून रु.१० हजार ते रु १५ हजार याप्रमाणे फिरता निधी वितरीत करण्यात येतो.

आतापर्यत ३ लाख ९१ हजार ४७६ गटांना रु. ५८४ कोटीचा फिरता निधी देण्यात आला आहे. तसेच आतापर्यंत ८० हजार ३४८ समूहांना रु.५७७ कोटीचा समुदाय गुंतवणूक निधी देण्यात आला आहे.

आतापर्यत बॅकामार्फ़त राज्यातील ४.७५ लाख स्वयं सहाय्यता गटांना रु. १९ हजार ७७१ कोटीचे कर्ज उपलब्ध करुन देण्यात आले आहे. यामध्ये २०२२-२३ या एकाच वर्षात २ लाख ३८ हजार ३६८ स्वयं सहाय्यता गटांना तब्बल रु. ५ हजार ८६० कोटीचे बँक कर्ज देण्यात आले आहे.

अभियानाअंतर्गत ९६% बँक कर्जाची परतफेड वेळेवर होत असून सध्यस्थितीत NPA चे प्रमाण फ़क्त ४.३१% आहे त्यामुळे स्वयं सहाय्यता समूहांना कर्ज देण्यामध्ये बँका पुढे येत असून या गटातील महिलांना पतपुरवठा करण्यासाठी बॅका मोठ्या प्रमाणात सहकार्य करीत आहेत.

महात्मा फुले जन आरोग्य योजनेअंतर्गत सर्पदंश आणि अपेंडिक्स या आजारांचा समावेश करणार – सार्वजनिक आरोग्य मंत्री तानाजी सावंत

मुंबई, दि. 27 : महात्मा फुले जन आरोग्य योजनेच्या अंतर्गत सर्पदंश आणि अपेंडिक्स या आजारांचा समावेश करण्यात येत असल्याची माहिती सार्वजनिक आरोग्य मंत्री तानाजी सावंत यांनी विधानसभेत दिली.

सदस्य दीपक चव्हाण यांनी महात्मा फुले जन आरोग्य योजनेच्या अंतर्गत आजारांची संख्या वाढविण्याबाबत लक्षवेधी सूचना मांडली होती.

मंत्री श्री. सावंत म्हणाले, राज्य शासनाने महात्मा फुले जन आरोग्य योजना सार्वत्रिक केली आहे. त्याअंतर्गत महाराष्ट्रात 5 लाखांपर्यंत मोफत आरोग्य सुविधा उपलब्ध करून दिल्या जाणार आहेत. या योजनेअंतर्गत सध्या ९९६ आजारांचा समावेश असून त्याची संख्या १ हजार ३५६ केली जाणार आहे. तसेच या योजनेत समावेश करावयाच्या आजारांच्या निवडीसाठी एक विशेष समिती गठीत करण्यात येईल असेही मंत्री श्री.सावंत यांनी सांगितले.

महात्मा फुले जन आरोग्य योजनेअंतर्गत सर्पदंश आणि अपेंडिक्स या आजारांचा समावेश करणार – सार्वजनिक आरोग्य मंत्री तानाजी सावंत

मुंबई, दि. 27 : महात्मा फुले जन आरोग्य योजनेच्या अंतर्गत सर्पदंश आणि अपेंडिक्स या आजारांचा समावेश करण्यात येत असल्याची माहिती सार्वजनिक आरोग्य मंत्री तानाजी सावंत यांनी विधानसभेत दिली.

सदस्य दीपक चव्हाण यांनी महात्मा फुले जन आरोग्य योजनेच्या अंतर्गत आजारांची संख्या वाढविण्याबाबत लक्षवेधी सूचना मांडली होती.

मंत्री श्री. सावंत म्हणाले, राज्य शासनाने महात्मा फुले जन आरोग्य योजना सार्वत्रिक केली आहे. त्याअंतर्गत महाराष्ट्रात 5 लाखांपर्यंत मोफत आरोग्य सुविधा उपलब्ध करून दिल्या जाणार आहेत. या योजनेअंतर्गत सध्या ९९६ आजारांचा समावेश असून त्याची संख्या १ हजार ३५६ केली जाणार आहे. तसेच या योजनेत समावेश करावयाच्या आजारांच्या निवडीसाठी एक विशेष समिती गठीत करण्यात येईल असेही मंत्री श्री.सावंत यांनी सांगितले.

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 28 जुलाई 2023 दिन – शुक्रवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 28 जुलाई 2023*
*⛅दिन – शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – अधिक श्रावण*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – दशमी दोपहर 02:51 तक तत्पश्चात एकादशी*
*⛅नक्षत्र – अनुराधा रात्रि 12:55 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
*⛅योग – शुक्ल सुबह 11:55 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
*⛅राहु काल – सुबह 11:07 से 12:46 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:08*
*⛅सूर्यास्त – 07:24*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:43 से 05:26 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:25 से 01:08 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – दशमी को कलम्बी शाक खाना त्याज्य है । एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹पद्मिनी (कमला) एकादशी – 29 जुलाई 2023🌹*

*एकादशी 28 जुलाई दोपहर 02:51 से 29 जुलाई दोपहर 01:05 तक*

*व्रत उपवास 29 जुलाई शनिवार को रखा जायेगा ।*

*🔸एकादशी व्रत के लाभ🔸*

*👉 एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।*

*👉 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*

*👉 जो पुण्य गौ-दान, सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*

*👉 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*

*👉 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*

*👉 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*

*🔹बातें छोटी-छोटी, लाभ ढेर सारा🔹*

*👉 प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्योदय के बाद नीम व तुलसी के पाँच-पाँच पत्ते चबाकर ऊपर से थोड़ा पानी पीने से प्लेग तथा कैंसर जैसे खतरनाक रोगों से बचा जा सकता है और यादशक्ति भी बढ़ती है ।*

*👉 ४० दिन तक रोज बिल्वपत्र के ७ पत्ते चबाकर ऊपर से थोड़ा पानी पीने से स्वप्नदोष की बीमारी से छुटकारा मिलता है ।*

*👉 सुबह खाली पेट चुटकीभर साबुत चावल (अर्थात् चावल के दाने टूटे हुए न हो) ताजे पानी के साथ निगलने से यकृत (लीवर) की तकलीफें दूर होती है और वह ठीक हो जाता है ।*

*👉 सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने से जीवनशक्ति का बहुत ह्रास होता है तथा बुढ़ापा जल्दी आता है । पाचनशक्ति मंद हो जाती है, भूख मर जाती है, दिमाग कमजोर होने लगता है, गुदा और वीर्याशय ढीले पड़ जाते हैं । डायबिटीज जैसे रोग होते हैं और नींद उड़ जाती है ।*

*👉 भोजन कम से कम २५ मिनट तक खूब चबा चबाकर करना चाहिए । भोजन से पूर्व अदरक के दो-चार टुकड़े सेंधा नमक व नींबू मिलाकर खाने से मंदाग्नि दूर होती है ।*

*👉 प्रतिदिन स्नान से पूर्व दोनों पैरों के अंगूठों पर सरसों का तेल मलने से वृद्धावस्था तक नेत्रज्योति कमजोर नहीं होती । सुबह नंगे पैर हरी घास पर चलने से तथा आँवला खाने से नेत्रज्योति बढ़ती है ।*

*🔸शत्रुओं की बदनीयत विफल करने हेतु🔸*

*🔹जो शत्रुओं से घिरा है वह सद्गुरु के द्वार पर जब आरती होती हो तो उसका दर्शन करे, उसके सामने शत्रुओं की दाल नहीं गलेगी ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

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