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आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 अक्टूबर 2023 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 05 अक्टूबर 2023
दिन – गुरुवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – आश्विन*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – सप्तमी पूर्णरात्रि तक*
*⛅नक्षत्र – मृगशिरा रात्रि 07:40 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*⛅योग – व्यतिपात प्रातः 05:43 तक तत्पश्चात वरियान*
*⛅राहु काल – दोपहर 01:57 से 03:26 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:32*
*⛅सूर्यास्त – 06:24*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:55 से 05:44 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:04 से 12:52 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – सप्तमी का श्राद्ध*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹श्राद्ध से सद्गति🌹*

*जिनको जीवन में श्राद्ध का महत्त्व नहीं पता, वे लोग बड़े घाटे में रहते हैं ।*

*🌹 हनुमानप्रसाद पोद्दार, गीताप्रेस-गोरखपुर के जाने-माने सज्जन संत एक बार मुंबई में रात्रि को समुद्र किनारे बैठे थे । उनके सामने आकर एक पारसी सज्जन (प्रेत) ने प्रार्थना की कि ‘हम जाति के पारसी थे इसलिए घरवालों ने श्राद्ध नहीं किया । मेरी रूह (आत्मा) भटक रही है । आप मेरा श्राद्ध करायें तो मेरी सद्गति होगी ।’*

*🌹हनुमानप्रसाद पोद्दार ने उनका श्राद्ध कराया । दूसरे दिन उस पारसी का जीवात्मा सपने में बड़ा प्रसन्न होकर उनका अभिवादन कर रहा था कि ‘अब मैं ऊँची यात्रा कर रहा हूँ । मेरी सद्गति हो गयी, नहीं तो मैं भटक रहा था ।’*

*🔸संसार में जीना कैसे ?🔸*

*🔹कहीं रहने का यह नियम है कि उपयोगी, उद्योगी और सहयोगी बन कर रहना। जो उपयोगी, उद्योगी और सहयोगी होकर रहता है उसे सभी चाहते हैं और अनुपयोगी, अनुद्योगी और असहयोगी को सभी धिक्कारते हैं ।*

*🔹मुझे एक संत ने कहाः “जहाँ कहीं भी रहना, वहाँ आवश्यक बनकर रहना। वहाँ ऐसा काम करो, इतना काम करो कि वे समझें कि तुम्हारे बिना उनका काम रूक जायेगा। वे तुम्हें अपने लिए आवश्यक समझें। कहीं भी बोझ बनकर मत रहो ।” इस हेतु….*

*🔹पहली बातः शरीर को ठीक रखना चाहिए। शरीर में गड़बड़ी होगी तो कोई साथ नहीं देगा – न पुत्र, न पिता, न पत्नी ।*

*🔹दूसरी बातः निकम्मे रहने का स्वभाव नहीं डालना चाहिए । पहले कुछ लोग इसे पसंद कर सकते हैं किंतु वे साथ नहीं देंगे। इसलिए सदा कर्मठ रहना चाहिए ।*

*🔹तीसरी बातः अपने भोग एवं आराम पर अधिक खर्च नहीं करना चाहिए । मात्र जीवन-निर्वाह के लिए खर्च करना चाहिए, स्वाद पर, मजे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। स्वाद के लिए शरीर को ही आगे करके सबको पीछे नहीं करना चाहिए। जब भगवान से प्रेम करना है तो किसी सांसारिक वस्तु के लिए दुःखी होना ही नहीं चाहिए । हृदय में भक्ति की, प्रेम की पूँजी इकट्ठी करो ।*

*🔹पुराना जुकाम🔹*

*१) ५ ग्राम सोंठ १ लीटर पानी में उबालें । दिन में ३ बार यह गुनगुना करके पीने से पुराने जुकाम में लाभ होता है ।*

*२) पीने के पानी में सोंठ का टुकड़ा डालकर वह पानी पीते रहने से पुराना जुकाम ठीक होता है । ( सोंठ के टुकड़े को प्रतिदिन बदलते रहें । )*

*🔹सर्दी – जुकाम : ५ ग्राम सोंठ चूर्ण, १० ग्राम गुड़ और १ चम्मच घी को मिलालें । इसमें थोडा -सा पानी डालके आग पर रखके रबड़ी जैसा बना लें । प्रतिदिन सुबह लेने से ३ दिन में ही सर्दी – जुकाम मिट जाता है ।*

*🔸सावधानी – रक्तपित्त की व्याधि में तथा पित्त प्रकृतिवाले ग्रीष्म व शरद ऋतु में सोंठ का उपयोग न करें ।*
*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

राज्यातील १२ जिल्ह्यांच्या पालकमंत्र्यांची सुधारित यादी जाहीर

राज्यातील १२ जिल्ह्यांच्या पालकमंत्र्यांची सुधारित यादी जाहीर

 

मुंबई, दि. ४ : राज्यातील १२ जिल्ह्यांच्या पालकमंत्र्यांची सुधारित यादी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी आज जाहीर केली आहे. या सुधारित यादीनुसार उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्याकडे पुणे जिल्ह्याचे पालकमंत्रीपद देण्यात आले आहे.

सुधारित १२ जिल्ह्यांच्या पालकमंत्रीपदाची जबाबदारी पुढीलप्रमाणे :-

पुणे- अजित पवार

अकोला- राधाकृष्ण विखे- पाटील

सोलापूर- चंद्रकांत दादा पाटील

अमरावती- चंद्रकांत दादा पाटील

भंडारा- डॉ.विजयकुमार गावित

बुलढाणा- दिलीप वळसे-पाटील

कोल्हापूर- हसन मुश्रीफ

गोंदिया- धर्मरावबाबा आत्राम

बीड- धनंजय मुंडे

परभणी- संजय बनसोडे

नंदुरबार- अनिल पाटील

वर्धा – सुधीर मुनगंटीवार

विभागीय आयुक्त कार्यालय येथे कार्बन न्युट्रलिटी सुविधा कक्षाची स्थापना

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विभागीय आयुक्त कार्यालय येथे कार्बन न्युट्रलिटी सुविधा कक्षाची स्थापना

पुणे, दि. ३: विभागीय आयुक्त सौरभ राव यांच्या हस्ते पुणे आंतरराष्ट्रीय संस्थेच्या पर्यावरण विभागाच्या सहकार्याने विभागीय आयुक्त कार्यालय येथे स्थापन करण्यात आलेल्या कार्बन न्युट्रलिटी सुविधा कक्षाचे उद्घाटन करण्यात आले.

यावेळी पुणे जिल्हाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, सोलापूरचे जिल्हाधिकारी कुमार आशिर्वाद, पुणे जि.प. चे मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश चव्हाण, सोलापूरचे जि.प. च्या मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनिषा आवळे, पुणे आंतरराष्ट्रीय संस्थेचे पर्यावरण विभाग प्रमुख प्रा. अमितव मल्लीक, पुणे महानगरविकास प्रदेश प्राधिकरण, पुणे व पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका, पीएमपीएमएल, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडळाचे अधिकारी, नगरपरिषदांचे मुख्याधिकारी उपस्थित होते

श्री. राव म्हणाले, अतिरिक्त कार्बन उत्सर्जनामुळे अत्यंत गंभीर स्वरूपाच्या पर्यावरणीय हानीपासून पृथ्वीला वाचविण्यासाठी प्रयत्न करण्याची गरज आहे. कार्बन न्युट्रलिटी सुविधा कक्ष काळाची गरज असल्यामुळे स्वयंस्फूर्तीने हा कक्ष स्थापन करण्यात आला आहे. या माध्यमातून कार्बनचे प्रमाण नियंत्रित ठेवण्यासाठी प्रयत्न केले जाणार आहे. कार्बन स्थिरीकरणाच्या महत्वाविषयी जनजागृती करणे, हा या कक्ष स्थापनेमागील प्रमुख उद्देश आहे. पुणे महानगरविकास प्रदेश प्राधिकरणाच्या हद्दीपासून या पथदर्शी प्रकल्पाच्या अंमलबजावणीस सुरुवात केली जाणार असून हा प्रकल्प यापुढे कार्बन स्थिरीकरणासाठी संपूर्ण पुणे विभागात राबविण्यात येणार असल्याचेही श्री. राव म्हणाले.

या कक्षाचे सनियंत्रण सहआयुक्त पूनम मेहता आणि उपायुक्त विजय मुळीक यांच्या मार्गदर्शनाखाली नगर परिषद प्रशासन विभाग येथून करण्यात येणार आहे.

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 04 अक्टूबर 2023

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 04 अक्टूबर 2023
दिन – बुधवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – आश्विन*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – षष्ठी 05 अक्टूबर प्रातः 05:41 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – रोहिणी शाम 06:29 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
*⛅योग – व्यतिपात सुबह 06:43 से 05 अक्टूबर प्रातः 05:43 तक*
*⛅राहु काल – दोपहर 12:28 से 01:57 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:32*
*⛅सूर्यास्त – 06:25*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:55 से 05:44 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:53 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – षष्ठी का श्राद्ध, व्यतिपात योग*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹व्यतिपात योग🔹*

*🔸समय अवधि : 04 अक्टूबर सुबह 06:43 से 05 अक्टूबर प्रातः 05:46 तक*

*🔸व्यतिपात योग में किया हुआ जप, तप, मौन, दान व ध्यान का फल १ लाख गुना होता है । – वराह पुराण*

*🔹बुद्धिमान, धनवान, धर्मात्मा व दीर्घजीवी संतान हेतु🔹*

*🔸मनु महाराज कहते हैं कि किसी स्त्री को दीर्घजीवी, यशस्वी, बुद्धिमान, धनवान, संतानवान ( पुत्र-पौत्रादि संतानों से युक्त होनेवाला), सात्त्विक तथा धर्मात्मा पुत्र चाहिए तो श्राद्ध करे और श्राद्ध में पिंडदान के समय बीच का ( पितामह संबंधी) पिंड उठाकर उस स्त्री को खाने को दे दिया । ‘आधत्त पितरो गर्भ कुमारं पुष्करस्त्रजम ।’ (पितरो ! आप लोग मेरे गर्भ में कमलों की माला से अलंकृत एक सुंदर कुमार की स्थापना करें ।) इस मंत्र को प्रार्थना करते हुए स्त्री पिंड को ग्रहण करे श्रद्धा-भक्तिपूर्वक यह विधि करने से उपरोक्त गुणोंवाला बच्चा होगा ।*

*(इस प्रयोग हेतु पिंड बनाने के लिए चावल को पकाते समय उसमें दूध और मिश्री भी डाल दें । पानी एवं दूध की मात्रा उतनी ही रखें जिससे उस चावल का पिंड बनाया जा सके । पिंडदान – विधि के समय पिंड को साफ़-सुथरा रखें । उत्तम संतानप्राप्ति के इच्छुक दम्पति आश्रम की समितियों के सेवाकेन्द्रों पर उपलब्ध पुस्तक दिव्य शिशु संस्कार अवश्य पढ़ें ।)*

*🔹पित्त-प्रकोप के कारण, लक्षण और निवारण🔹*

*🔸मसालेदार, चटपटे भोजन का अधिक सेवन, सरसों के तेल का अधिक उपयोग, अधिक मेहनत में या मानसिक तनाव, समय पर न खाने-पीने- सोने से, गुस्सा करने से एवं शरद ऋतु में वातावरण के प्रभाव से पित्त बढ़ता है ।*

*🔸पित्त की समस्या से अपच, अम्लपित्त (hyperacidity) उलटी, भूख न लगना आदि पेट के रोग होते हैं तथा सिरदर्द, पीलिया, बवासीर, बार-बार पेशाब में संक्रमण होना, आँखों एवं हाथ-पैरों की जलन आदि तकलीफें होती हैं, साथ ही पुरुषों में स्वप्नदोष व महिलाओं में प्रदररोग जैसी समस्याएँ भी देखी जाती हैं ।*

*🔹पित्त का रामबाण इलाज🔹*

*🔸जीवनशैली सुधारना पित्त का रामबाण इलाज है । सरल व साधारण नियमों के पालन से पित्तदोष से बचा जा सकता हैं ।*

*🔸(१) शयनं पित्तनाशाय… पित्तनाश हेतु समय पर सो जायें, रात में जागरण न करें । रात्रि ९ से ३ बजे की नींद अच्छी मानी गयी है ।*

*🔸(२) मुलतानी मिट्टी लगाकर ठंडे पानी से स्नान करना एवं तैरना, नदी किनारे एवं प्राकृतिक वातावरण में भ्रमण करना, मन को शांत एवं प्रसन्न रखना ये सरल दिखनेवाले प्रयोग पित्त शमन में बहुत लाभदायी हैं ।*

*🔸(३) भोजन हलका व सुपाच्य हो । भोजन में सीजनल फल व सब्जियों का उपयोग हो, खट्टी चीजें न खायें । पत्तेदार हरी सब्जियाँ, लौकी, कद्दू, गिल्की, परवल, गोभी जैसी रसदार सब्जियाँ, मूँग, अरहर की दाल, पुराना चावल, ककड़ी, खीरे का सलाद आदि का सेवन करें । पित्त को शांत करने में गाय का दूध, मक्खन और घी लाभकारी होते हैं । इन्हें भोजन में उपयोग में ला सकते हैं ।*

*🔸(४) दिन में प्यास के अनुरूप उचित मात्रा •में पानी पियें । इससे भोजन अच्छी तरह पचता है और अम्लपित्त आदि से बचाव होता है । (भोजन से पहले पानी न पियें । भोजन के बीच में तथा भोजन के डेढ़-दो घंटे बाद पानी पीना हितकर होता है ।)*

*🔸(५) ज्यादा धूप में न घूमें । धूप में जाते समय सिर पर टोपी आदि अवश्य पहनें ।*

*🔸(६) कड़वे, कसैले और मीठे पदार्थ खायें । तरी आँवला चूर्ण, शतावरी चूर्ण, गुलकंद, एलोवेरा जूस आदि औषधियाँ पित्तशामक हैं ।*

*🔸(७) पित्त को संतुलित करने का सुंदर आध्यात्मिक उपाय है ध्यान करना । इससे मानसिक तनाव व समस्याएँ दूर होकर पित्त शांत होने में मदद मिलती है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 04 अक्टूबर 2023

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 04 अक्टूबर 2023
दिन – बुधवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – आश्विन*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – षष्ठी 05 अक्टूबर प्रातः 05:41 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – रोहिणी शाम 06:29 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
*⛅योग – व्यतिपात सुबह 06:43 से 05 अक्टूबर प्रातः 05:43 तक*
*⛅राहु काल – दोपहर 12:28 से 01:57 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:32*
*⛅सूर्यास्त – 06:25*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:55 से 05:44 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:53 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – षष्ठी का श्राद्ध, व्यतिपात योग*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹व्यतिपात योग🔹*

*🔸समय अवधि : 04 अक्टूबर सुबह 06:43 से 05 अक्टूबर प्रातः 05:46 तक*

*🔸व्यतिपात योग में किया हुआ जप, तप, मौन, दान व ध्यान का फल १ लाख गुना होता है । – वराह पुराण*

*🔹बुद्धिमान, धनवान, धर्मात्मा व दीर्घजीवी संतान हेतु🔹*

*🔸मनु महाराज कहते हैं कि किसी स्त्री को दीर्घजीवी, यशस्वी, बुद्धिमान, धनवान, संतानवान ( पुत्र-पौत्रादि संतानों से युक्त होनेवाला), सात्त्विक तथा धर्मात्मा पुत्र चाहिए तो श्राद्ध करे और श्राद्ध में पिंडदान के समय बीच का ( पितामह संबंधी) पिंड उठाकर उस स्त्री को खाने को दे दिया । ‘आधत्त पितरो गर्भ कुमारं पुष्करस्त्रजम ।’ (पितरो ! आप लोग मेरे गर्भ में कमलों की माला से अलंकृत एक सुंदर कुमार की स्थापना करें ।) इस मंत्र को प्रार्थना करते हुए स्त्री पिंड को ग्रहण करे श्रद्धा-भक्तिपूर्वक यह विधि करने से उपरोक्त गुणोंवाला बच्चा होगा ।*

*(इस प्रयोग हेतु पिंड बनाने के लिए चावल को पकाते समय उसमें दूध और मिश्री भी डाल दें । पानी एवं दूध की मात्रा उतनी ही रखें जिससे उस चावल का पिंड बनाया जा सके । पिंडदान – विधि के समय पिंड को साफ़-सुथरा रखें । उत्तम संतानप्राप्ति के इच्छुक दम्पति आश्रम की समितियों के सेवाकेन्द्रों पर उपलब्ध पुस्तक दिव्य शिशु संस्कार अवश्य पढ़ें ।)*

*🔹पित्त-प्रकोप के कारण, लक्षण और निवारण🔹*

*🔸मसालेदार, चटपटे भोजन का अधिक सेवन, सरसों के तेल का अधिक उपयोग, अधिक मेहनत में या मानसिक तनाव, समय पर न खाने-पीने- सोने से, गुस्सा करने से एवं शरद ऋतु में वातावरण के प्रभाव से पित्त बढ़ता है ।*

*🔸पित्त की समस्या से अपच, अम्लपित्त (hyperacidity) उलटी, भूख न लगना आदि पेट के रोग होते हैं तथा सिरदर्द, पीलिया, बवासीर, बार-बार पेशाब में संक्रमण होना, आँखों एवं हाथ-पैरों की जलन आदि तकलीफें होती हैं, साथ ही पुरुषों में स्वप्नदोष व महिलाओं में प्रदररोग जैसी समस्याएँ भी देखी जाती हैं ।*

*🔹पित्त का रामबाण इलाज🔹*

*🔸जीवनशैली सुधारना पित्त का रामबाण इलाज है । सरल व साधारण नियमों के पालन से पित्तदोष से बचा जा सकता हैं ।*

*🔸(१) शयनं पित्तनाशाय… पित्तनाश हेतु समय पर सो जायें, रात में जागरण न करें । रात्रि ९ से ३ बजे की नींद अच्छी मानी गयी है ।*

*🔸(२) मुलतानी मिट्टी लगाकर ठंडे पानी से स्नान करना एवं तैरना, नदी किनारे एवं प्राकृतिक वातावरण में भ्रमण करना, मन को शांत एवं प्रसन्न रखना ये सरल दिखनेवाले प्रयोग पित्त शमन में बहुत लाभदायी हैं ।*

*🔸(३) भोजन हलका व सुपाच्य हो । भोजन में सीजनल फल व सब्जियों का उपयोग हो, खट्टी चीजें न खायें । पत्तेदार हरी सब्जियाँ, लौकी, कद्दू, गिल्की, परवल, गोभी जैसी रसदार सब्जियाँ, मूँग, अरहर की दाल, पुराना चावल, ककड़ी, खीरे का सलाद आदि का सेवन करें । पित्त को शांत करने में गाय का दूध, मक्खन और घी लाभकारी होते हैं । इन्हें भोजन में उपयोग में ला सकते हैं ।*

*🔸(४) दिन में प्यास के अनुरूप उचित मात्रा •में पानी पियें । इससे भोजन अच्छी तरह पचता है और अम्लपित्त आदि से बचाव होता है । (भोजन से पहले पानी न पियें । भोजन के बीच में तथा भोजन के डेढ़-दो घंटे बाद पानी पीना हितकर होता है ।)*

*🔸(५) ज्यादा धूप में न घूमें । धूप में जाते समय सिर पर टोपी आदि अवश्य पहनें ।*

*🔸(६) कड़वे, कसैले और मीठे पदार्थ खायें । तरी आँवला चूर्ण, शतावरी चूर्ण, गुलकंद, एलोवेरा जूस आदि औषधियाँ पित्तशामक हैं ।*

*🔸(७) पित्त को संतुलित करने का सुंदर आध्यात्मिक उपाय है ध्यान करना । इससे मानसिक तनाव व समस्याएँ दूर होकर पित्त शांत होने में मदद मिलती है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 03 अक्टूबर 2023 दिन – मंगलवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 03 अक्टूबर 2023
दिन – मंगलवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – आश्विन*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – चतुर्थी प्रातः 06:11 तक तत्पश्चात पंचमी (4 अक्टूबर प्रातः 05:33 तक)*
*⛅नक्षत्र – कृतिका शाम 06:04 तक तत्पश्चात रोहिणी*
*⛅योग – वज्र सुबह 08:18 तक तत्पश्चात सिद्धि*
*⛅राहु काल – दोपहर 03:27 से 04:56 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:33*
*⛅सूर्यास्त – 06:26*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:55 से 05:43 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:53 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – पंचमी का श्राद्ध*
*⛅विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹विद्यार्थियों को सफल बनानेवालीं सार कुंजियाँ🔹*

*🔸पढ़ते समय अगर बच्चों को आलस्य आता’ है, नींद आती है तो उनके कमरे में हरे रंग के पर्दे लगा दो, आलस्य और नींद गायब हो जायेंगे ।*

*🔸परीक्षा देने जाते समय दही और शक्कर मिला के थोड़ा-सा बच्चों को दो, केसर का तिलक करो । आहा ! बच्चे अंक अच्छे लायेंगे और प्रसन्न व परीक्षा में अच्छे स्वस्थ रहेंगे ।*

*🔸बच्चो ! देर रात तक नहीं जागना । रात को समय पर सो जाओ और प्रातः जल्दी उठकर ब्राह्ममुहूर्त का लाभ लो ।*

*🔸नींद में से उठो तो शरीर को अच्छे-से खींचो फिर थोड़ा ढीला छोड़ो. खींचो फिर ढीला छोड़ो तो मन में, बुद्धि में आत्मा की शक्ति ज्यादा आयेगी । फिर १-२ मिनट शांत बैठ जाओ । ‘मैं भगवान का हूँ, भगवान मेरे हैं । हे भगवान ! मैं तेरा हूँ, तू मेरा है ।’ ऐसा चिंतन करके फिर ‘हरि ॐ, हरि ॐ, हरि ॐ… करके जोर से हँसो तो तुम्हारा रक्त तो शुद्ध होगा, ७२ हजार नाड़ियाँ शुद्ध होंगी और घर का वातावरण भी पवित्र होगा ।*

*🔸चाय-कॉफी पीना नहीं, किसीको पिलाना नहीं, खाली पेट तो दुश्मन को भी नहीं देना ।*

*🔸खाली पेट तुलसी के ५-७ पत्ते चबा के थोड़ा- सा पानी पी लें. स्मरणशक्ति बढ़ेगी । रविवार को तुलसी के पत्ते न खायें ।*

*🔸स्नान के बाद भ्रामरी प्राणायाम (चमत्कारिक ॐकार प्रयोग ) और सारस्वत्य मंत्र, गुरुमंत्र या भगवन्नाम का जप करो ।*

*🔸सूर्यस्नान व सूर्यनमस्कार करने और सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर तंदुरुस्त तथा बुद्धि विशेष विकसित होगी ।*

*🔸जिन विद्यार्थियों को पढ़ा हुआ याद नहीं रहता वे यदि पढ़ते समय जिह्वा को तालू में लगाकर पढ़ेंगे तो उन्हें पढ़ा हुआ याद रहने लगेगा ।*

*🔸१० मि.ली. तुलसी-रस (या तुलसी अर्क) अनार के रस में या गुनगुने पानी में च्यवनप्राश मिलाकर बनाये गये घोल में मिला के ४० दिन तक लें और सारस्वत्य मंत्र जपें तो स्मरणशक्ति, बुद्धिशक्ति विलक्षण लक्षणों से सम्पन्न होगी ।*

*🔹केले के चिप्स से सावधान !🔹*

*🔸केले के चिप्स कच्चे केले को तलकर बनाये जाते हैं ।*

*🔸चरक संहिता (सूत्रस्थान : २६.१००, १०२) में आचार्य चरकजी कहते हैं : जिस आहार-द्रव्य में उचितरूप से रस उत्पन्न न हुए हों अर्थात् जो अति कच्चा हो (जैसे कच्चे केले) अथवा जो अतिक्रांत रस से युक्त हो माने जो अति पक गया हो उसका सेवन करना सम्पद्- विरुद्ध (अर्थात् प्राकृत गुण उत्पन्न होने से पहले या उनमें विकृति होने पर सेवन करने में अहितकर) माना जाता है ।*

*🔸विरुद्ध आहार के सेवन से पेट फूलना, अम्लपित्त (hyperacidity), जलोदर (ascites), विसर्प (herpes), रक्ताल्पता (anaemia), नपुंसकता आदि रोग होते हैं ।*

*🔸जानकारों का कहना है कि सैच्युरेटेड फैट्स की प्रचुरता के कारण कच्चे केले के चिप्स से कोलेस्ट्रॉल की वृद्धि, मोटापा आदि रोग होते हैं ।*

*🔸शक्कर से लेपित केले के चिप्स के सेवन से रक्त- शर्करा (blood sugar) की वृद्धि होती है, जिससे मधुमेह (diabetes) होने की सम्भावना होती है ।*

*🔸अति पका या कच्चा फल किसी भी हालत में नहीं खाना चाहिए । कच्चे केले के चिप्स अथवा कच्चे केले की सब्जी खाना भविष्य के लिए कैंसर को बुलावा देना है । ऐसा नमकीन जो खायेंगे देर-सवेर बीमार होंगे, उनको आमदोष के रोग होंगे ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग  दिनांक – 03 अक्टूबर 2023 दिन – मंगलवार

आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 03 अक्टूबर 2023
दिन – मंगलवार
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – दक्षिणायन*
*⛅ऋतु – शरद*
*⛅मास – आश्विन*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – चतुर्थी प्रातः 06:11 तक तत्पश्चात पंचमी (4 अक्टूबर प्रातः 05:33 तक)*
*⛅नक्षत्र – कृतिका शाम 06:04 तक तत्पश्चात रोहिणी*
*⛅योग – वज्र सुबह 08:18 तक तत्पश्चात सिद्धि*
*⛅राहु काल – दोपहर 03:27 से 04:56 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:33*
*⛅सूर्यास्त – 06:26*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:55 से 05:43 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:53 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – पंचमी का श्राद्ध*
*⛅विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹विद्यार्थियों को सफल बनानेवालीं सार कुंजियाँ🔹*

*🔸पढ़ते समय अगर बच्चों को आलस्य आता’ है, नींद आती है तो उनके कमरे में हरे रंग के पर्दे लगा दो, आलस्य और नींद गायब हो जायेंगे ।*

*🔸परीक्षा देने जाते समय दही और शक्कर मिला के थोड़ा-सा बच्चों को दो, केसर का तिलक करो । आहा ! बच्चे अंक अच्छे लायेंगे और प्रसन्न व परीक्षा में अच्छे स्वस्थ रहेंगे ।*

*🔸बच्चो ! देर रात तक नहीं जागना । रात को समय पर सो जाओ और प्रातः जल्दी उठकर ब्राह्ममुहूर्त का लाभ लो ।*

*🔸नींद में से उठो तो शरीर को अच्छे-से खींचो फिर थोड़ा ढीला छोड़ो. खींचो फिर ढीला छोड़ो तो मन में, बुद्धि में आत्मा की शक्ति ज्यादा आयेगी । फिर १-२ मिनट शांत बैठ जाओ । ‘मैं भगवान का हूँ, भगवान मेरे हैं । हे भगवान ! मैं तेरा हूँ, तू मेरा है ।’ ऐसा चिंतन करके फिर ‘हरि ॐ, हरि ॐ, हरि ॐ… करके जोर से हँसो तो तुम्हारा रक्त तो शुद्ध होगा, ७२ हजार नाड़ियाँ शुद्ध होंगी और घर का वातावरण भी पवित्र होगा ।*

*🔸चाय-कॉफी पीना नहीं, किसीको पिलाना नहीं, खाली पेट तो दुश्मन को भी नहीं देना ।*

*🔸खाली पेट तुलसी के ५-७ पत्ते चबा के थोड़ा- सा पानी पी लें. स्मरणशक्ति बढ़ेगी । रविवार को तुलसी के पत्ते न खायें ।*

*🔸स्नान के बाद भ्रामरी प्राणायाम (चमत्कारिक ॐकार प्रयोग ) और सारस्वत्य मंत्र, गुरुमंत्र या भगवन्नाम का जप करो ।*

*🔸सूर्यस्नान व सूर्यनमस्कार करने और सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर तंदुरुस्त तथा बुद्धि विशेष विकसित होगी ।*

*🔸जिन विद्यार्थियों को पढ़ा हुआ याद नहीं रहता वे यदि पढ़ते समय जिह्वा को तालू में लगाकर पढ़ेंगे तो उन्हें पढ़ा हुआ याद रहने लगेगा ।*

*🔸१० मि.ली. तुलसी-रस (या तुलसी अर्क) अनार के रस में या गुनगुने पानी में च्यवनप्राश मिलाकर बनाये गये घोल में मिला के ४० दिन तक लें और सारस्वत्य मंत्र जपें तो स्मरणशक्ति, बुद्धिशक्ति विलक्षण लक्षणों से सम्पन्न होगी ।*

*🔹केले के चिप्स से सावधान !🔹*

*🔸केले के चिप्स कच्चे केले को तलकर बनाये जाते हैं ।*

*🔸चरक संहिता (सूत्रस्थान : २६.१००, १०२) में आचार्य चरकजी कहते हैं : जिस आहार-द्रव्य में उचितरूप से रस उत्पन्न न हुए हों अर्थात् जो अति कच्चा हो (जैसे कच्चे केले) अथवा जो अतिक्रांत रस से युक्त हो माने जो अति पक गया हो उसका सेवन करना सम्पद्- विरुद्ध (अर्थात् प्राकृत गुण उत्पन्न होने से पहले या उनमें विकृति होने पर सेवन करने में अहितकर) माना जाता है ।*

*🔸विरुद्ध आहार के सेवन से पेट फूलना, अम्लपित्त (hyperacidity), जलोदर (ascites), विसर्प (herpes), रक्ताल्पता (anaemia), नपुंसकता आदि रोग होते हैं ।*

*🔸जानकारों का कहना है कि सैच्युरेटेड फैट्स की प्रचुरता के कारण कच्चे केले के चिप्स से कोलेस्ट्रॉल की वृद्धि, मोटापा आदि रोग होते हैं ।*

*🔸शक्कर से लेपित केले के चिप्स के सेवन से रक्त- शर्करा (blood sugar) की वृद्धि होती है, जिससे मधुमेह (diabetes) होने की सम्भावना होती है ।*

*🔸अति पका या कच्चा फल किसी भी हालत में नहीं खाना चाहिए । कच्चे केले के चिप्स अथवा कच्चे केले की सब्जी खाना भविष्य के लिए कैंसर को बुलावा देना है । ऐसा नमकीन जो खायेंगे देर-सवेर बीमार होंगे, उनको आमदोष के रोग होंगे ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

ज्येष्ठ नागरिक संघ इंदापूर व डॉक्टर सुहास शेळके यांच्या संयुक्तमाननेआरोग्य शिबिर आयोजित

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इंदापुर:-

 

ज्येष्ठ नागरिक संघ इंदापूर व डॉक्टर सुहास शेळके यांच्या संयुक्तमानने आज आरोग्य शिबिर आयोजित केले होते कार्यक्रमाचे सुरुवात दीप प्रज्वलन व राष्ट्रगीताने झाली संघाचे अध्यक्ष श्री बाबासाहेब घाडगे सर यांनी डॉक्टर शेळके यांचा सत्कार केला कार्यक्रमांमध्ये ज्येष्ठांचे नवीन ओळखपत्र तयार केले त्याचे वाटप केले व या महिन्यात यांचा वाढदिवस होता त्यांचा सत्कार करण्यात आला माजी अध्यक्ष श्री नंदकुमार गुजर यांनी मनोगत व्यक्त केले डॉक्टरांनी ज्येष्ठ नागरिक संघाच्या 70 सभासदांची कान घसा नाक याची मोफत तपासणी केली त्याबद्दल मनापासून आभार मानले स्वतःच्या व्यवसायातून वेळ देऊन आज ज्येष्ठशी तपासणी करणे हे सामाजिक कार्य अत्यंत चांगल्या प्रकारे केले हॉस्पिटलमध्ये येणाऱ्या ज्येष्ठांना सवलतीच्या दरात तपासणी करू हे आश्वासन डॉक्टरांनी दिले कार्यक्रमास संघाचे अध्यक्ष भानु दास पवार खजिनदार काशिनाथ जगताप संचालक छाया जाधव श्री अशोक गानबोटे हरीभाई गुजराती चव्हाण सर जगतापबापू डॉ चिकने कांबळे मॅडम उपस्थित होते आभार प्रदर्शन श्री सुभाष महाजन सर यांनी केले

ज्येष्ठ नागरिक संघ इंदापूर व डॉक्टर सुहास शेळके यांच्या संयुक्तमाननेआरोग्य शिबिर आयोजित

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इंदापुर:-

 

ज्येष्ठ नागरिक संघ इंदापूर व डॉक्टर सुहास शेळके यांच्या संयुक्तमानने आज आरोग्य शिबिर आयोजित केले होते कार्यक्रमाचे सुरुवात दीप प्रज्वलन व राष्ट्रगीताने झाली संघाचे अध्यक्ष श्री बाबासाहेब घाडगे सर यांनी डॉक्टर शेळके यांचा सत्कार केला कार्यक्रमांमध्ये ज्येष्ठांचे नवीन ओळखपत्र तयार केले त्याचे वाटप केले व या महिन्यात यांचा वाढदिवस होता त्यांचा सत्कार करण्यात आला माजी अध्यक्ष श्री नंदकुमार गुजर यांनी मनोगत व्यक्त केले डॉक्टरांनी ज्येष्ठ नागरिक संघाच्या 70 सभासदांची कान घसा नाक याची मोफत तपासणी केली त्याबद्दल मनापासून आभार मानले स्वतःच्या व्यवसायातून वेळ देऊन आज ज्येष्ठशी तपासणी करणे हे सामाजिक कार्य अत्यंत चांगल्या प्रकारे केले हॉस्पिटलमध्ये येणाऱ्या ज्येष्ठांना सवलतीच्या दरात तपासणी करू हे आश्वासन डॉक्टरांनी दिले कार्यक्रमास संघाचे अध्यक्ष भानु दास पवार खजिनदार काशिनाथ जगताप संचालक छाया जाधव श्री अशोक गानबोटे हरीभाई गुजराती चव्हाण सर जगतापबापू डॉ चिकने कांबळे मॅडम उपस्थित होते आभार प्रदर्शन श्री सुभाष महाजन सर यांनी केले

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्र्यांकडून ओबीसी समाजाची बैठक इतर मागास समाजाच्या आरक्षणाला धक्का न लावता मराठा समाजाला आरक्षण देण्याची शासनाची भूमिका मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची ग्वाही

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मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्र्यांकडून ओबीसी समाजाची बैठक

इतर मागास समाजाच्या आरक्षणाला धक्का न लावता मराठा समाजाला आरक्षण देण्याची शासनाची भूमिका

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची ग्वाही

मुंबई, दि. २९: इतर मागास समाजाच्या आरक्षणाला धक्का न लावता मराठा समाजाला आरक्षण देण्याची शासनाची भूमिका आहे. इतर मागास समाजाचे महामंडळ, सारथी, बार्टी, महाज्योती, टीआरटीआय या संस्थांना निधी वाटपात सुसुत्रता आणतानाच सर्व समाज घटकांना समप्रमाणात न्याय देण्यात येईल, केंद्र शासनाच्या विश्वकर्मा योजनेची सांगड घालत राज्यात त्याची प्रभावी अंमलबजावणी करून बारा बलुतेदारांना लाभ मिळवून दिला जाईल, अशी ग्वाही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी आज येथे दिली.

सह्याद्री अतिथीगृह येथे इतर मागास वर्ग तसेच भटके-विमुक्त समाजातील विविध संघटनांसमवेत मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांच्या अध्यक्षतेखाली बैठक झाली. त्यावेळी ते बोलत होते. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, अन्न व नागरी पुरवठा मंत्री छगन भुजबळ, इतर मागास बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, खासदार रामदास तडस, आमदार सर्वश्री डॉ. संजय कुटे, परिणय फुके, गोपीचंद पडळकर, प्रकाश शेंडगे, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, मुख्यमंत्र्यांचे प्रधान सचिव विकास खारगे, राष्ट्रीय ओबीसी महासंघाचे राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बबनराव तायवाडे यांच्यासह विविध संघटनांचे प्रतिनीधी उपस्थित होते.

सुमारे तीन चास चाललेल्या बैठकीत इतर मागासवर्ग, भटके-विमुक्त, बारा बलुतेदार आदी समाजाच्या विविध संघटनांच्या प्रतिनिधींनी आपले म्हणणे मांडले.

कुठल्याही समाजाचे आरक्षण कमी करण्याची शासनाची भूमिका नाही, असे स्पष्ट करीत मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी सांगितले की, मराठा समाजाचे रद्द झालेलं आरक्षण पुन्हा मिळवून देताना इतर मागास समाजाच्या आरक्षणाला धक्का लागू देणार नाही. जुन्या कुणबी नोंदी असलेल्यांना कुणबी दाखले देण्यासंदर्भात निवृत्त न्यायमुर्ती संदीप शिंदे यांच्या अध्यक्षतेखालील समितीची कार्यवाही सुरू आहे. राज्य शासन इतर मागास, भटक्या विमुक्त समाजाच्या पाठीशी भक्कमपणे उभे आहे.

राज्यातील सारथी, बार्टी, महाज्योती, टीआरटीआय या महामंडळाना निधी देताना कुठलाही भेदभाव होऊ दिला जाणार नाही अशी ग्वाही देतानाच भटक्या विमुक्तांच्या विविध प्रश्नांबाबत स्वतंत्रपणे बैठक घेण्यात येईल, असे मुख्यमंत्र्यांनी सांगितले. इतर मागास समाजातील विद्यार्थ्य़ांसाठी ७२ वसतीगृहे तातडीने सुरू करण्याच्या कार्यवाहीला गती देण्याचे निर्देश यावेळी मुख्यमंत्र्यांनी दिले. समाजातील विद्यार्थ्यांना शैक्षणिक लाभ देताना नॉन क्रिमिलिअर प्रमाणपत्र असल्यास आठ लाखाच्या मर्यादेचं प्रमाणपत्राची अट मागे घेण्यासंदर्भात तपासणी करण्याची सुचनाही मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी केली.

*इतर मागास समाजासाठी ४००० कोटी रुपयांच्या योजना- उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस*

राज्य शासनाच्या माध्यमातून इतर मागास समाजासाठी सुमारे ४००० कोटी रुपयांच्या योजनांची अमंलबजावणी करण्यात येत असल्याचे उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी यावेळी सांगितले. केंद्र शासनाने ओबीसी आयोगाला संविधानिक दर्जा देण्याचा निर्णय घेतला असून वैद्यकीय प्रवेशामध्ये ओबीसी विद्यार्थ्यांना आरक्षण देण्याचा निर्णयही पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी घेतल्याचे श्री. फडणवीस यांनी सांगितले. राज्य सरकार इतर मागास समाजावर अन्याय होऊ देणार नाही, अशी ग्वाहीही यावेळी उपमुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी दिली.

*भटक्या विमुक्त समाजाला भरघोस निधी – उपमुख्यमंत्री अजित पवार*

राज्यातील भटक्या विमुक्त समाजाला आणि त्यातील दुर्लक्षीत घटकांना भरघोस निधी देण्यासाठी येत्या अर्थसंकल्पात तरतूद करण्याची ग्वाही उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी यावेळी दिली. कोणत्याही घटकाच्या आरक्षणाला धक्का लागू देणार नाही असे सांगतानाच हिवाळी अधिवेशनात पुरवणी मागण्यांद्वारे सारथी, बार्टी, महाज्योती, टीआरटीआय या महामंडळांना निधी उपलब्ध करून दिला जाईल, असेही श्री. पवार यांनी सांगितले.

यावेळी मंत्री श्री. भुजबळ यांच्यासह श्री. शेंडगे, श्री.तडस, डॉ. तायवाडे, श्री. बावकर, श्री. पडळकर, लक्ष्मणराव गायकवाड, पल्लवी रेणके, मंगेश ससाणे, विश्वनाथ पाटील यांनी मनोगत व्यक्त केले.

बैठकीस राष्ट्रीय ओबीसी महासंघाचे समन्वयक डॉ. अशोक जिवतोडे, सचिन राजुरकर, पुरुषोत्तम प. शहाणे (पाटील), शरद वानखेडे, सुभाष घाटे, नरेश बरडे, शकील पटेल, दिनेश चोखारे, प्रकाश भगरथ, भालचंद्र ठाकरे आदी मान्यवर उपस्थित होते.

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