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अंबानी को टारगेट करना ये मात्र षडयंत्र

अंबानी को टारगेट करना ये मात्र वसूली पर नही अटकता लग रहा… ये अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र की तरफ अब शंका की सुई घूमती दिख रही है…
व्यापार युद्ध चल रहा है अमेरीका और चीन के बीच…
उसमे सब से बड़ा लफड़ा है 5G तकनीक और इक्यूपमेंट बेचने का..
अमेरीका और अधिकतर देशो ने हुवावे और ZTE नामक चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है…
भारत आज सब से बड़ा मार्केट है विश्व मे, 136 करोड़ ग्राहक है यहां..
पर भारत भी शाणा है… उसने रिलाइंस को स्वदेशी 5G तकनीक विकसित करने का कार्य दे दिया.. उसके पास पैसा भी है,.. वो सब कुछ मैनेज कर सकता है.. इस लिये अंबानी को डराने को यह कांड किया गया है… वरना अंबानी से पैसा निकालने विस्फोटक भरी गाड़ी उसके घर के बाहर पार्क लड़ने की जरूरत नही पड़ती… मात्र एक फोन करने की जरूरत थी अघाड़ी सरकार के तीन में से किसी एक राजकीय पक्ष ने नेता को… यह कांड अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का हिस्सा ही है… ताकि मुकेश अंबानी 5G तनकनिक और सऊदी के साथ मिलकर 100 बिलियन डॉलर की विश्व की सब से बड़ी रिफाइनरी मुंबई में लगाने जा रहा है… उस से पीछे हटे… इसका सीधा लाभ चीन को होगा…
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दूसरा टारगेट है अडानी….
अंबानी को डरा कर पीछे करने के बाद अडानी खुद पीछे हट जायेगा… पर किस प्रोजेक्ट से..???
अडानी दो वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में कोयले खदाने लिझ पर ले रहा है… वहां से कोयला वह निकाल कर बेचेगा… अभी तो वहां चीन का साम्राज्य था… जिसे अब अडानी को दिया जा रहा है… इसके डॉयचे क्वाड समूह का कमाल है पर्दे के पीछे से.. सब कुछ अमेरीका के आशीर्वाद से हो रहा है…
अब अडानी और अंबानी डर कर पीछे हटे एक बार… तो फिर तो भारत का कोई बिजनेस टाइकून खड़ा नही होगा, और ऐसे किसी प्रोजेक्ट के बारे में सोचेगा भी नही… मतलब भारत का कॉरपोरेट सेक्टर कड़कभूस हो लर गिर जायेगा…
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बड़े मोहरे बड़ी चाल खेलते है….ये हजारों करोड़ का खेल है..
सूना है 700 मिलियन डॉलर की मांग करने का प्लान था इनका… मतलब 5 हजार करोड़…
इतना पैसा अंबानी दे देता.… हर चुनाव मे सभी पक्ष पैसा ले जाते ही है…
ये राजकीय वसूली नही… आंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का पूरा जाल है…
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सूना है आज शरद पवार ने उद्धव ठाकरे के साथ मीटिंग की थी…. इसमे उद्धव ठाकरे कहता है कि गृहमंत्री NCP का है, उसकी बलि दो…
जब कि शरद पवार कहता है कि पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंग की बलि दो….
अब देखना है कि बलि का बकरा कौन बनता है….
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वैसे भारत सरकार ने तुरंत इसमे NIA को डाल दिया है…और पक्का विश्वास से कहता हूं कि CIA भी मुंबई में एक्टिव हो चुकी होगी इसमे….
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एक और बात…. यह अंबानी के घर के बाहर जिलेटिन की स्टिक्स वाला कांड होने के पश्च्यात करीब तीन-चार दिन बाद ही… मतलब क्वाड समूह की वर्चयुअल मीटिंग के दो दिन पूर्व ही भारत सरकार ने चीनी कंपनी हुवावे और ZTE को भारत मे प्रतिबंधित कर दिया था… और सभी मोबाइल नेटवर्किंग कंपनियों को इन कंपनियों के उपकरण सेवा से बाहर करने का आदेश दे दिया है…
मतलब युद्ध कही और चल रहा है… ये अघाड़ी-पिछाड़ी वाले तो मात्र प्यादे है… मात्र नुक्कड़ छाप गुंडे..
साभार

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