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३ हजार कर्मचाऱ्यांना बडतर्फीची नोटीस बजावण्यात येणार आहे

३ हजार कर्मचाऱ्यांना बडतर्फीची नोटीस बजावण्यात येणार आहे.*

*👉भरघोस पगारवाढीनंतर एसटी कर्मचाऱ्यांनी संप कायम ठेवण्याचा ठाम निर्णय घेतल्याने अखेर महामंडळाने कठोर कारवाईच्या हालचाली सुरू केल्या आहेत. महामंडळात कायमस्वरूपी असलेल्या ३ हजार कर्मचाऱ्यांना बडतर्फीची नोटीस बजावण्यात येणार आहे.*

*👉एसटी फेऱ्या वेळापत्रकाप्रमाणे धावत्या ठेवण्यासाठी २००० प्रशिक्षणार्थींची महामंडळात नियुक्ती करण्यात येणार आहे. या प्रशिक्षणार्थींचे ९० दिवसांचे प्रशिक्षण पूर्ण झाले आहे. यामुळे अंतिम चाचणी घेऊन त्यांना नियुक्ती पत्र देण्यात येणार असल्याचे महामंडळाकडून स्पष्ट करण्यात आले आहे.*

*👉पहिल्या टप्प्यात तीन हजार कर्मचाऱ्यांना महामंडळाने निलंबनाची नोटीस बजावली होती. या नोटिशीनंतर १५ दिवसांच्या आत संबंधित कर्मचाऱ्यांनी आपले म्हणणे मांडणे अपेक्षित होते. काही कर्मचाऱ्यांनी आपली बाजू मांडली तर काहींनी याकडे दुर्लक्ष केले. यामुळे शिस्त व आवेदन कार्यपद्धतीनुसार पुढील कार्यवाही सुरू करावी. पुढील कारवाई म्हणून महामंडळाकडून बडतर्फीची कारणे दाखवा नोटीस बजावण्यात यावी, असे आदेश सोमवारी एसटी मुख्यालयातून सर्व विभाग नियंत्रकांना देण्यात आले आहे. बडतर्फीची नोटीस मिळाल्यानंतर संबंधित कर्मचाऱ्याने ७ दिवसांत उत्तर देणे अपेक्षित असते. या सात दिवसांत उत्तर दिले अथवा नाही तरी महामंडळ आदेश काढून संबंधितांना सेवेतून कायमचे काढून टाकू शकते, असा दावा महामंडळाकडून करण्यात आला आहे.*

*💫उच्च न्यायालयाने एसटी कर्मचाऱ्यांना धमकावू नये, अशा सूचना महामंडळाला केल्या होत्या. प्रत्यक्षात महामंडळ कर्मचाऱ्यांवर मोठ्या प्रमाणात आणि सर्व बाजूंनी दबाव आणत आहे. मुळात कर्मचाऱ्यांना बडतर्फ करणे इतके सोपे नाही. याविरोधात न्यायालयात अवमान याचिका दाखल करण्यात येणार आहे.*

*💫शेषराव ढोणे, सरचिटणीस, कनिष्ठ वेतन श्रेणी कामगार संघटना*

राशिभविष्य दिनांक -: 30/11/2021,मंगळवार

🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏

*दिनाँक -: 30/11/2021,मंगलवार*

तिथि——— एकादशी 26:13 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———— हस्त 20:33
योग——- आयुष्मान 24:01
करण————- बव 15:18
वार———————-मंगलवार
माह———————-मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि—————– कन्या
सूर्य राशि—————— वृश्चिक
रितु————————-हेमन्त
अयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर —————— आनन्द
सूर्योदय————— 06:43
सूर्यास्त——————17:13

राहू काल 14:35 – 16:00 अशुभ
अभिजित 11:37 -12:19 शुभ

💮चोघडिया, दिन
रोग 06:43 – 08:12 अशुभ
उद्वेग 08:12 – 09:30 अशुभ
चर 09:30 – 10:49 शुभ
लाभ 10:49 – 12:08 शुभ
अमृत 12:08 – 13:27 शुभ
काल 13:27 – 14:45 अशुभ
शुभ 14:45 – 16:04 शुभ
रोग 16:04 – 17:13 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
काल 17:13 – 19:04 अशुभ
लाभ 19:04 – 20:46 शुभ
उद्वेग 20:46 – 22:27 अशुभ
शुभ 22:27 – 24:08* शुभ

*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 11 + 3 + 1 = 30 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति
उपरान्त 8:34 केतु

*💮 शिव वास एवं फल -:*

26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* उत्पत्ति एकादशी व्रत (सर्वेषां)

* वैतरणी व्रत

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

🐏मेष
धन प्राप्ति सुगम होगी। पराक्रम बढ़ेगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। कामकाज में आशानुरूप स्थिति बनेगी। संतान के व्यवहार पर नजर रखें। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। थकान रहेगी।

🐂वृष
आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से लाभ होगा। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें।

👫मिथुन
दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। पूंजी निवेश बढ़ेगा। साहित्यिक रुचि बढ़ेगी। आर्थिक योग शुभ हैं। यात्रा से व्यापारिक लाभ हो सकता है। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुसंगति से लाभ होगा।

🦀कर्क
अप्रत्याशित लाभ होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम बिलकुल न लें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार व नौकरी में हितकारकों की पूर्ण कृपा रहेगी। गृह उपयोगी वस्तुएं क्रय करेंगे। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें।

🐅सिंह
पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। रुका पैसा मिलेगा। शत्रु आपकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करेंगे। अतः सावधान रहें। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। दूसरों पर भरोसा न करें। धैर्य रखें। व्यापार में सफलता मिलेगी।

🙎‍♀️कन्या
पुराने मित्र-संबंधी मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। विवादों से दूर रहना चाहिए। उत्साहवर्द्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बढ़ेगा। आर्थिक तंगी रहेगी। पिछले कार्यों को टालें। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। व्यापार में हानि हो सकती है।

⚖️तुला
कार्यसिद्धि होगी। आय-व्यय में संतुलन रहेगा। क्रोध पर संयम आवश्यक है। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। धर्म में रुचि बढ़ेगी। नई योजना से लाभ होगा। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। वरिष्ठजनों का सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे।

🦂वृश्चिक
संतान की ओर से अच्छे समाचार मिलेंगे। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करें। परिवार की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार के विस्तार हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे।

🏹धनु
लाभ होगा। पिछले कार्यों को टालना चाहिए क्योंकि उसमें असफलता का योग है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रुभय रहेगा। अनावश्यक विवाद होगा। व्यावसायिक योजनाएँ क्रियान्वित नहीं हो पाएँगी।

🐊मकर
नए अनुबंध होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी व भागदौड़ से काम करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ। अच्छे मित्र से भेंट होगी। पराक्रम की वृद्धि होगी। समाज-परिवार में आदर मिलेगा। योजना फलीभूत होगी।

🍯कुंभ
धनलाभ होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। वाहन सुख मिलेगा। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी बरतें। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। संतान पर ध्यान दें। जल्दबाजी व भागदौड़ से कार्य करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं।

🐟मीन
प्रसन्नता रहेगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। संतान के रोजगार की समस्या का समाधान संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। कश्मकश दूर होगी। स्वजनों से भेंट होगी। खर्चों में वृद्धि से चिंता होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

राशिभविष्य दिनांक -: 30/11/2021,मंगळवार

🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏

*दिनाँक -: 30/11/2021,मंगलवार*

तिथि——— एकादशी 26:13 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———— हस्त 20:33
योग——- आयुष्मान 24:01
करण————- बव 15:18
वार———————-मंगलवार
माह———————-मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि—————– कन्या
सूर्य राशि—————— वृश्चिक
रितु————————-हेमन्त
अयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर —————— आनन्द
सूर्योदय————— 06:43
सूर्यास्त——————17:13

राहू काल 14:35 – 16:00 अशुभ
अभिजित 11:37 -12:19 शुभ

💮चोघडिया, दिन
रोग 06:43 – 08:12 अशुभ
उद्वेग 08:12 – 09:30 अशुभ
चर 09:30 – 10:49 शुभ
लाभ 10:49 – 12:08 शुभ
अमृत 12:08 – 13:27 शुभ
काल 13:27 – 14:45 अशुभ
शुभ 14:45 – 16:04 शुभ
रोग 16:04 – 17:13 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
काल 17:13 – 19:04 अशुभ
लाभ 19:04 – 20:46 शुभ
उद्वेग 20:46 – 22:27 अशुभ
शुभ 22:27 – 24:08* शुभ

*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 11 + 3 + 1 = 30 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति
उपरान्त 8:34 केतु

*💮 शिव वास एवं फल -:*

26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* उत्पत्ति एकादशी व्रत (सर्वेषां)

* वैतरणी व्रत

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

🐏मेष
धन प्राप्ति सुगम होगी। पराक्रम बढ़ेगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। कामकाज में आशानुरूप स्थिति बनेगी। संतान के व्यवहार पर नजर रखें। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। थकान रहेगी।

🐂वृष
आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से लाभ होगा। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें।

👫मिथुन
दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। पूंजी निवेश बढ़ेगा। साहित्यिक रुचि बढ़ेगी। आर्थिक योग शुभ हैं। यात्रा से व्यापारिक लाभ हो सकता है। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुसंगति से लाभ होगा।

🦀कर्क
अप्रत्याशित लाभ होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम बिलकुल न लें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार व नौकरी में हितकारकों की पूर्ण कृपा रहेगी। गृह उपयोगी वस्तुएं क्रय करेंगे। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें।

🐅सिंह
पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। रुका पैसा मिलेगा। शत्रु आपकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करेंगे। अतः सावधान रहें। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। दूसरों पर भरोसा न करें। धैर्य रखें। व्यापार में सफलता मिलेगी।

🙎‍♀️कन्या
पुराने मित्र-संबंधी मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। विवादों से दूर रहना चाहिए। उत्साहवर्द्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बढ़ेगा। आर्थिक तंगी रहेगी। पिछले कार्यों को टालें। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। व्यापार में हानि हो सकती है।

⚖️तुला
कार्यसिद्धि होगी। आय-व्यय में संतुलन रहेगा। क्रोध पर संयम आवश्यक है। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। धर्म में रुचि बढ़ेगी। नई योजना से लाभ होगा। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। वरिष्ठजनों का सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे।

🦂वृश्चिक
संतान की ओर से अच्छे समाचार मिलेंगे। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करें। परिवार की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार के विस्तार हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे।

🏹धनु
लाभ होगा। पिछले कार्यों को टालना चाहिए क्योंकि उसमें असफलता का योग है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रुभय रहेगा। अनावश्यक विवाद होगा। व्यावसायिक योजनाएँ क्रियान्वित नहीं हो पाएँगी।

🐊मकर
नए अनुबंध होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी व भागदौड़ से काम करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ। अच्छे मित्र से भेंट होगी। पराक्रम की वृद्धि होगी। समाज-परिवार में आदर मिलेगा। योजना फलीभूत होगी।

🍯कुंभ
धनलाभ होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। वाहन सुख मिलेगा। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी बरतें। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। संतान पर ध्यान दें। जल्दबाजी व भागदौड़ से कार्य करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं।

🐟मीन
प्रसन्नता रहेगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। संतान के रोजगार की समस्या का समाधान संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। कश्मकश दूर होगी। स्वजनों से भेंट होगी। खर्चों में वृद्धि से चिंता होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

हिन्दू पंचांग दिनांक – 30/11/ 2021 दिन – मंगळवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 30 नवंबर 2021*
⛅ *दिन – मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक*)
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – एकादशी 01 दिसम्बर रात्रि 02:13 तक तत्पश्चात द्वादशी*
⛅ *नक्षत्र – हस्त रात्रि 08:34 तक तत्पश्चात चित्रा*
⛅ *योग – आयुष्मान 12:03 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
⛅ *राहुकाल – शाम 03:12 से शाम 04:34 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:00*
⛅ *सूर्यास्त – 17:54*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – उत्पत्ति एकादशी, आलंदी यात्रा (पुणे)*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *उत्पत्ति एकादशी* 🌷
➡️ *30 नवम्बर 2021 मंगलवार को प्रातः 04:14 से रात्रि 02:13 तक (यानी 30 नवम्बर, मंगलवार को पूरा दिन) एकादशी है।*
💥 *विशेष – 30 नवम्बर, मंगलवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें ।*
🙏🏻 *उत्पत्ति एकादशी ( व्रत करने से धन, धर्म और मोक्ष की प्राप्ति होती है | – पद्म पुराण )*
🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🌷 *स्नान के साथ पायें अन्य लाभ* 🌷
🐄 *गोमय से ( देशी गौ-गोबर को पानी में मिलाकर उससे ) स्नान करने पर लक्ष्मीप्राप्ति होती है तथा गोमूत्र से स्नान करने पर पाप-नाश होता है | गोदुग्ध से स्नान करने पर बलवृद्धि एवं दही से स्नान करने पर लक्ष्मी की वृद्धि होती है | ( अग्निपुराण : २६७.४-५)*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *पौष्टिक खजूर* 🌷
🔹 *१३२ प्रकार की बीमारियों को जड़ से उखाडनेवाला, त्रिदोषनाशक खजूर तुरंत शक्ति – स्फूर्ति देनेवाला, रक्त – मांस व वीर्य की वृद्धि करनेवाला, कब्जनाशक, कान्तिवर्धक, ह्रदय व मस्तिष्क का टॉनिक है |*
💥 *सेवन – विधि : बच्चों के लिए २ से ४ और बड़ों के लिए ४ से ७ |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🍀🌹🌻🍁🌺💐🌸🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

हिन्दू पंचांग दिनांक – 30/11/ 2021 दिन – मंगळवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 30 नवंबर 2021*
⛅ *दिन – मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक*)
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – एकादशी 01 दिसम्बर रात्रि 02:13 तक तत्पश्चात द्वादशी*
⛅ *नक्षत्र – हस्त रात्रि 08:34 तक तत्पश्चात चित्रा*
⛅ *योग – आयुष्मान 12:03 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
⛅ *राहुकाल – शाम 03:12 से शाम 04:34 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:00*
⛅ *सूर्यास्त – 17:54*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – उत्पत्ति एकादशी, आलंदी यात्रा (पुणे)*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *उत्पत्ति एकादशी* 🌷
➡️ *30 नवम्बर 2021 मंगलवार को प्रातः 04:14 से रात्रि 02:13 तक (यानी 30 नवम्बर, मंगलवार को पूरा दिन) एकादशी है।*
💥 *विशेष – 30 नवम्बर, मंगलवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें ।*
🙏🏻 *उत्पत्ति एकादशी ( व्रत करने से धन, धर्म और मोक्ष की प्राप्ति होती है | – पद्म पुराण )*
🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🌷 *स्नान के साथ पायें अन्य लाभ* 🌷
🐄 *गोमय से ( देशी गौ-गोबर को पानी में मिलाकर उससे ) स्नान करने पर लक्ष्मीप्राप्ति होती है तथा गोमूत्र से स्नान करने पर पाप-नाश होता है | गोदुग्ध से स्नान करने पर बलवृद्धि एवं दही से स्नान करने पर लक्ष्मी की वृद्धि होती है | ( अग्निपुराण : २६७.४-५)*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *पौष्टिक खजूर* 🌷
🔹 *१३२ प्रकार की बीमारियों को जड़ से उखाडनेवाला, त्रिदोषनाशक खजूर तुरंत शक्ति – स्फूर्ति देनेवाला, रक्त – मांस व वीर्य की वृद्धि करनेवाला, कब्जनाशक, कान्तिवर्धक, ह्रदय व मस्तिष्क का टॉनिक है |*
💥 *सेवन – विधि : बच्चों के लिए २ से ४ और बड़ों के लिए ४ से ७ |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🍀🌹🌻🍁🌺💐🌸🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधी सप्तशतकोत्तर रौप्य महोत्सव* *राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी यांच्या हस्ते बोधचिन्हाचे अनावरण

श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधी सप्तशतकोत्तर रौप्य महोत्सव*
*राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी यांच्या हस्ते बोधचिन्हाचे अनावरण*
पुणे दि.२९-श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधी सप्तशतकोत्तर रौप्य महोत्सवी वर्षानिमित्त आळंदी येथील श्री ज्ञानेश्वर महाराज समाधी मंदिरात राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी यांच्या हस्ते बोधचिन्हाचे अनावरण करण्यात आले.

यावेळी पोलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश, उपविभागीय अधिकारी विक्रांत चव्हाण, नगराध्यक्षा वैजयंता उमरगेकर-कांबळे, प्रमुख विश्वस्त योगेश देसाई, विश्वस्त विकास ढगे, मुख्याधिकारी अंकुश जाधव, बाळासाहेब चोपदार, बाळासाहेब अरफळकर, योगी निरंजन नाथ, उमेश बागडे आदी उपस्थित होते.

राज्यपाल श्री.कोश्यारी यांनी श्री ज्ञानेश्वर महाराज समाधीस्थळाचे दर्शन घेतले. संत ज्ञानेश्वर महाराजांचे विचार शाश्वत असून समाजाला या विचारांची आज आवश्यकता आहे. मानवकल्याणसाठी या विचारांचा संपूर्ण विश्वात प्रसार व्हावा , असे त्यांनी सांगितले.

राज्यपाल महोदयांनी मंदिर परिसराला भेट देऊन माहिती घेतली.

मातीच्या भांड्यातील अन्न आरोग्यासाठी फायदेशीर

💁‍♂️ *मातीच्या भांड्यातील अन्न आरोग्यासाठी फायदेशीर*

✅ पुर्वीच्या काळात लोकं मातीच्या भांड्यामध्ये जेवण बनवत असत. मंद आचेवर शिजवलेल्या या अन्नाची चव ही अगदी उत्तम लागत असे. मातीच्या भांड्यात शिजवलेले हे अन्न आरोग्यासाठी फायदेशीर असतं.

👉 *जाणून घ्या अन्न मातीच्या भांड्यात शिजवण्याचे फायदे*

▪️ मातीच्या भांड्यांमध्ये खाद्यपदार्थ स्वादिष्ट बनतात.अन्नाच्या चवीप्रमाणे सुगंधही चांगला येतो. सर्वात मोठी गोष्ट म्हणजे ती निसर्गासाठीही फायदेशीर आहे.

▪️ माती ही क्षारीय स्वरूपाची असते.लोह, फॉस्फरस, कॅल्शियम आणि मॅग्नेशियम हे घटक मातीच्या भांड्यांमध्ये असल्याने ते अन्नामध्येही मुबलक प्रमाणात आढळतात. जे शरीरासाठी खूप फायदेशीर असतात.

▪️ मातीच्या भांड्यांमध्ये तेलाचा कमी वापर केला जातो.कारण मातीच्या भांड्यात अन्न शिजवण्याची प्रक्रिया मंद असते व अन्न हळूहळू शिजले जाते.

▪️ मातीच्या भांड्यांना छोटी छिद्र असतात. ही छिद्र आग आणि ओलावा यांना व्यवस्थित सर्क्युलेट करते. तसेच अन्नतील पोषक घटकांत वाढ होते.शरीरासाठी खूप फायदेशीर असतात.

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गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर जाती कहां हैं बहुत ही ज्ञानवर्धक लेख जरूर पढ़े..!

गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर जाती कहां हैं ??? बहुत ही ज्ञानवर्धक लेख जरूर पढ़े..!!!
——–हर हर गंगे!!!!

पतितपावनी गंगा को देव नदी कहा जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार गंगा स्वर्ग से धरती पर आई है। मान्यता है कि गंगा श्री हरि विष्णु के चरणों से निकली है और भगवान शिव की जटाओं में आकर बसी है।
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श्री हरि और भगवान शिव से घनिष्ठ संबंध होने पर गंगा को पतित पाविनी कहा जाता है। मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है।
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एक दिन देवी गंगा श्री हरि से मिलने बैकुण्ठ धाम गई और उन्हें जाकर बोली,” प्रभु ! मेरे जल में स्नान करने से सभी के पाप नष्ट हो जाते हैं लेकिन मैं इतने पापों का बोझ कैसे उठाऊंगी? मेरे में जो पाप समाएंगे उन्हें कैसे समाप्त करूंगी?”
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इस पर श्री हरि बोले,”गंगा! जब साधु, संत, वैष्णव आ कर आप में स्नान करेंगे तो आप के सभी पाप घुल जाएंगे।”
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गंगा नदी इतनी पवित्र है की प्रत्येक हिंदू की अंतिम इच्छा होती है उसकी अस्थियों का विसर्जन गंगा में ही किया जाए लेकिन यह अस्थियां जाती कहां हैं?
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इसका उत्तर तो वैज्ञानिक भी नहीं दे पाए क्योंकि असंख्य मात्रा में अस्थियों का विसर्जन करने के बाद भी गंगा जल पवित्र एवं पावन है। गंगा सागर तक खोज करने के बाद भी इस प्रश्न का पार नहीं पाया जा सका।
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सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार मृत्यु के बाद आत्मा की शांति के लिए मृत व्यक्ति की अस्थि को गंगा में विसर्जन करना उत्तम माना गया है। यह अस्थियांं सीधे श्री हरि के चरणों में बैकुण्ठ जाती हैं।
जिस व्यक्ति का अंत समय गंगा के समीप आता है उसे मरणोपरांत मुक्ति मिलती है। इन बातों से गंगा के प्रति हिन्दूओं की आस्था तो स्वभाविक है।
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वैज्ञानिक दृष्टि से गंगा जल में पारा अर्थात (मर्करी) विद्यमान होता है जिससे हड्डियों में कैल्सियम और फोस्फोरस पानी में घुल जाता है। जो जलजन्तुओं के लिए एक पौष्टिक आहार है। हड्डियों में गंधक (सल्फर) विद्यमान होता है जो पारे के साथ मिलकर पारद का निर्माण होता है।

इसके साथ-साथ यह दोनों मिलकर मरकरी सल्फाइड साल्ट का निर्माण करते हैं। हड्डियों में बचा शेष कैल्शियम, पानी को स्वच्छ रखने का काम करता है। धार्मिक दृष्टि से पारद शिव का प्रतीक है और गंधक शक्ति का प्रतीक है। सभी जीव अंततःशिव और शक्ति में ही विलीन हो जाते हैं।

गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर जाती कहां हैं बहुत ही ज्ञानवर्धक लेख जरूर पढ़े..!

गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर जाती कहां हैं ??? बहुत ही ज्ञानवर्धक लेख जरूर पढ़े..!!!
——–हर हर गंगे!!!!

पतितपावनी गंगा को देव नदी कहा जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार गंगा स्वर्ग से धरती पर आई है। मान्यता है कि गंगा श्री हरि विष्णु के चरणों से निकली है और भगवान शिव की जटाओं में आकर बसी है।
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श्री हरि और भगवान शिव से घनिष्ठ संबंध होने पर गंगा को पतित पाविनी कहा जाता है। मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है।
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एक दिन देवी गंगा श्री हरि से मिलने बैकुण्ठ धाम गई और उन्हें जाकर बोली,” प्रभु ! मेरे जल में स्नान करने से सभी के पाप नष्ट हो जाते हैं लेकिन मैं इतने पापों का बोझ कैसे उठाऊंगी? मेरे में जो पाप समाएंगे उन्हें कैसे समाप्त करूंगी?”
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इस पर श्री हरि बोले,”गंगा! जब साधु, संत, वैष्णव आ कर आप में स्नान करेंगे तो आप के सभी पाप घुल जाएंगे।”
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गंगा नदी इतनी पवित्र है की प्रत्येक हिंदू की अंतिम इच्छा होती है उसकी अस्थियों का विसर्जन गंगा में ही किया जाए लेकिन यह अस्थियां जाती कहां हैं?
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इसका उत्तर तो वैज्ञानिक भी नहीं दे पाए क्योंकि असंख्य मात्रा में अस्थियों का विसर्जन करने के बाद भी गंगा जल पवित्र एवं पावन है। गंगा सागर तक खोज करने के बाद भी इस प्रश्न का पार नहीं पाया जा सका।
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सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार मृत्यु के बाद आत्मा की शांति के लिए मृत व्यक्ति की अस्थि को गंगा में विसर्जन करना उत्तम माना गया है। यह अस्थियांं सीधे श्री हरि के चरणों में बैकुण्ठ जाती हैं।
जिस व्यक्ति का अंत समय गंगा के समीप आता है उसे मरणोपरांत मुक्ति मिलती है। इन बातों से गंगा के प्रति हिन्दूओं की आस्था तो स्वभाविक है।
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वैज्ञानिक दृष्टि से गंगा जल में पारा अर्थात (मर्करी) विद्यमान होता है जिससे हड्डियों में कैल्सियम और फोस्फोरस पानी में घुल जाता है। जो जलजन्तुओं के लिए एक पौष्टिक आहार है। हड्डियों में गंधक (सल्फर) विद्यमान होता है जो पारे के साथ मिलकर पारद का निर्माण होता है।

इसके साथ-साथ यह दोनों मिलकर मरकरी सल्फाइड साल्ट का निर्माण करते हैं। हड्डियों में बचा शेष कैल्शियम, पानी को स्वच्छ रखने का काम करता है। धार्मिक दृष्टि से पारद शिव का प्रतीक है और गंधक शक्ति का प्रतीक है। सभी जीव अंततःशिव और शक्ति में ही विलीन हो जाते हैं।

हिन्दू पंचांग दिनांक – 29 नवंबर 2021 दिन – सोमवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 29 नवंबर 2021*
⛅ *दिन – सोमवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक*)
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – दशमी 30 नवंबर प्रातः 04:13 तक तत्पश्चात एकादशी*
⛅ *नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी रात्रि 09:42 तक तत्पश्चात हस्त*
⛅ *योग – प्रीति 30 नवंबर रात्रि 02:51 तक तत्पश्चात आयुष्मान्*
⛅ *राहुकाल – सुबह 08:20 से सुबह 09:43 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:59*
⛅ *सूर्यास्त – 17:54*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष -*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷
➡️ *30 नवम्बर 2021 मंगलवार को प्रातः 04:14 से रात्रि 02:13 तक (यानी 30 नवम्बर, मंगलवार को पूरा दिन) एकादशी है।*
💥 *विशेष – 30 नवम्बर, मंगलवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें ।*
🙏🏻 *एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें…….विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है…ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचाग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

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