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हिन्दू पंचांग दिनांक – 23 दिसम्बर 2021 दिन – गुरुवार

आज का हिन्दू पंचांग
⛅ *दिनांक – 23 दिसम्बर 2021*
⛅ *दिन – गुरुवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – पौस (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार मार्गशीर्ष मास)*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – चतुर्थी शाम 06:27 तक तत्पश्चात पंचमी*
⛅ *नक्षत्र – अश्लेशा 24 दिसम्बर रात्रि 02:42 तक तत्पश्चात मघा*
⛅ *योग – वैधृति दोपहर 12:12 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 01:59 से शाम 03:21 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:13*
⛅ *सूर्यास्त – 18:02*
⛅ *दिशाशूल – दक्षिण दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष – *चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *तुलसी को पानी अर्पण से पुण्य* 🌷
🌿 *अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए उसकी हवा से भी बहुत लाभ होते हैं और तुलसी को एक ग्लास पानी अर्पण करने से सवा मासा सुवर्ण दान का फल मिलता है।*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *तुलसी पूजन विधि व तुलसी – नामाष्टक* 🌷
🌿 *तुलसी पूजन विधि* 🌿
🙏🏻 *25 दिसम्बर को सुबह स्नानादि के बाद घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें | उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढायें :*
🌷 *महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी*
*आधि व्याधि हरा नित्यम् तुलसी त्वाम् नमोस्तुते*
🌿 *फिर ‘तुलस्यै नम:’ मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत (चावल) व पुष्प अर्पित करें तथा वस्त्र व कुछ प्रसाद चढायें | दीपक जलाकर आरती करें और तुलसीजी की ७, ११, २१,५१ व १०८ परिक्रमा करें | उस शुद्ध वातावरण में शांत तुल के पास बैठकर प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है |*
🌿 *तुलसी – पत्ते डालकर प्रसाद वितरित करें | तुलसी के समीप रात्रि १२ बजे तक जागरण कर भजन, कीर्तन, सत्संग-श्रवण व जप करके भगवद-विश्रांति पायें | तुलसी – नामाष्टक का पाठ भी पुण्यदायक है | तुलसी – पूजन अपने नजदीकी आश्रम या तुलसी वन में अथवा यथा–अनुकूल किसी भी पवित्र स्थान में कर सकते हैं |*
🌷 *तुलसी – नामाष्टक* 🌷
*वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनी विश्वपूजिताम् |*
*पुष्पसारां नन्दिनी च तुलसी कृष्णजीवनीम् ||*
*एतन्नामाष्टकं चैतत्स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् |*
*य: पठेत्तां च संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ||*
🌿 *भगवान नारायण देवर्षि नारदजी से कहते हैं : “वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी – ये तुलसी देवी के आठ नाम हैं | यह सार्थक नामावली स्तोत्र के रूप में परिणत है |*
🌿 *जो पुरुष तुलसी की पूजा करके इस नामाष्टक का पाठ करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है | ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृति खण्ड :२२.३२-३३)*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

अभाविप बारामती जिल्हा अभ्यास वर्ग उत्साहात संपन्न.

अभाविप बारामती जिल्हा अभ्यास वर्ग उत्साहात संपन्न.

दि.18 व 19 डिसेंबर 2021 रोजी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बारामती जिल्हा अभ्यास वर्ग इंदापूर येथील कस्तुराबाई श्रीपती कदम विद्यालय येथे उत्साहात पार पडला.
कार्यक्रमाचे उद्घाटन बारामती शहर अध्यक्ष श्री राऊत सर व इंदापूर शहर अध्यक्ष श्री प्रशांत बंगाळे सर यांनी केले.
या दोन दिवसीय अभ्यास वर्गामध्ये इंदापूर शहर कार्यकारिणीतील काही घोषणा केल्या.
त्याचबरोबर अभाविप बारामती जिल्हा सह-संयोजक अशी जबाबदारी अजय चव्हाण व विक्रम शिंदे यांना देण्यात आली.
या अभ्यास वर्गासाठी पुणे विभाग संघटन मंत्री रोहित(दादा) राऊत, पुणे विभाग संयोजक सौरभ शिंगाडे, बारामती जिल्हा संयोजक ओंकार कुरुमकर, विस्तारक गोरखनाथ केंद्रे, इंदापूर तालुका प्रमुख भरत आसबे, बारामती शहरमंत्री अण्णा धुलुगुडे, इंदापूर शहर मंत्री अवधूत बाचल, इंदापूर सहमंत्री ऋतुजा कदम, शितल भंडलकर, रूपाली नरुटे, स्वप्नील भंडलकर इत्यादी विद्यार्थी व विद्यार्थिनी उपस्थित होते.

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू मार्गदर्शक चंपा भगत के नेतृत्व में संस्था के माध्यम नैनीताल जिले में नवनियुक्त एसएसपी पंकज भट्ट जि का किया स्वागत

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू मार्गदर्शक चंपा भगत के नेतृत्व में संस्था के माध्यम नैनीताल जिले में नवनियुक्त एसएसपी पंकज भट्ट से संस्था पदाधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात कर शॉल ओढ़ाकर भगवान गणेश जी की प्रतिमा देकर स्वागत किया
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था संरक्षक रुपेन्द्र नागर मार्गदर्शक महेश साहू ने संयुक्त रूप से कहा की हम नैनीताल जिले में नवनियुक्त एसएसपी पंकज भट्ट से भविष्य में आशा करते हैं की नैनीताल जिले को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में आपका अहम योगदान रहेगा क्योंकि अपराध की जड़ नशा जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है यह बहुत चिंता का विषय है जिस पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना बहुत जरूरी है और हम सबकी भारतीय होने के नाते यह नैतिक जिम्मेदारी है की हम अपने शहर व जिला सहित प्रदेश एवं देश को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हम सबको अपने अंदर जागरुकता उत्पन्न करनी होगी क्योंकि किसी भी अपराध नशा भ्रष्टाचारी बीमारी से मुक्ति पाने के लिए इंसान का जागरूक होना बहुत जरूरी है और जिस दिन हम भारतवासी अपराध की जड़ नशा के प्रति जागरूक हो गये उस दिन हमारे भारत देश में नशे के साथ अपराध भ्रष्टाचार का नामोनिशान नहीं होगा तभी हम अपने आने वाली पीढ़ियों को अच्छे वातावरण एवं संस्कार दे सकेंगे तभी हमारा भारत देश विश्वगुरु बनेगा इसीलिए एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को नशा मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त अपराध मुक्त अभियान के अंतर्गत जागरूक करने का लगातार प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी क्योंकि नशा मुक्त भारत हर भारतीय नागरिक की आवश्यकता है साथ ही संस्था प्रशासन के सभी अच्छे कार्यों में सहयोग करने के लिए सदैव तत्पर रहेगी
इस दौरान नवनियुक्त एसएसपी का स्वागत करने में संस्था संरक्षक हरीश चन्द्र पाण्डेय संरक्षक रुपेन्द्र नागर अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार मार्गदर्शक चंपा भगत सूरज लंबा महेश साहू मीडिया प्रभारी मुकेश सरकार एक्टर साहिल राज विधिक सलाहकार पंकज तिवारी रितिक साहू दीपक पलड़िया सूरज मिस्त्री संदीप यादव सुशील राय गोविन्द मिस्त्री अशोक कुमार वाल्मीकि दीपक प्रजापति मुकेश कुमार सूरज कुम्हार आदि लोग उपस्थित है

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू मार्गदर्शक चंपा भगत के नेतृत्व में संस्था के माध्यम नैनीताल जिले में नवनियुक्त एसएसपी पंकज भट्ट जि का किया स्वागत

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू मार्गदर्शक चंपा भगत के नेतृत्व में संस्था के माध्यम नैनीताल जिले में नवनियुक्त एसएसपी पंकज भट्ट से संस्था पदाधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात कर शॉल ओढ़ाकर भगवान गणेश जी की प्रतिमा देकर स्वागत किया
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था संरक्षक रुपेन्द्र नागर मार्गदर्शक महेश साहू ने संयुक्त रूप से कहा की हम नैनीताल जिले में नवनियुक्त एसएसपी पंकज भट्ट से भविष्य में आशा करते हैं की नैनीताल जिले को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में आपका अहम योगदान रहेगा क्योंकि अपराध की जड़ नशा जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है यह बहुत चिंता का विषय है जिस पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना बहुत जरूरी है और हम सबकी भारतीय होने के नाते यह नैतिक जिम्मेदारी है की हम अपने शहर व जिला सहित प्रदेश एवं देश को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हम सबको अपने अंदर जागरुकता उत्पन्न करनी होगी क्योंकि किसी भी अपराध नशा भ्रष्टाचारी बीमारी से मुक्ति पाने के लिए इंसान का जागरूक होना बहुत जरूरी है और जिस दिन हम भारतवासी अपराध की जड़ नशा के प्रति जागरूक हो गये उस दिन हमारे भारत देश में नशे के साथ अपराध भ्रष्टाचार का नामोनिशान नहीं होगा तभी हम अपने आने वाली पीढ़ियों को अच्छे वातावरण एवं संस्कार दे सकेंगे तभी हमारा भारत देश विश्वगुरु बनेगा इसीलिए एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को नशा मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त अपराध मुक्त अभियान के अंतर्गत जागरूक करने का लगातार प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी क्योंकि नशा मुक्त भारत हर भारतीय नागरिक की आवश्यकता है साथ ही संस्था प्रशासन के सभी अच्छे कार्यों में सहयोग करने के लिए सदैव तत्पर रहेगी
इस दौरान नवनियुक्त एसएसपी का स्वागत करने में संस्था संरक्षक हरीश चन्द्र पाण्डेय संरक्षक रुपेन्द्र नागर अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार मार्गदर्शक चंपा भगत सूरज लंबा महेश साहू मीडिया प्रभारी मुकेश सरकार एक्टर साहिल राज विधिक सलाहकार पंकज तिवारी रितिक साहू दीपक पलड़िया सूरज मिस्त्री संदीप यादव सुशील राय गोविन्द मिस्त्री अशोक कुमार वाल्मीकि दीपक प्रजापति मुकेश कुमार सूरज कुम्हार आदि लोग उपस्थित है

२२ डिसेंबर वर्षातील सर्वात लहान दिवस

*@ २२ डिसेंबर @*
*वर्षातील सर्वात लहान दिवस*
********************************

आज २२ डिसेंबर ! वर्षातील सर्वात लहान दिवस !

२२ डिसेंबर रोजी सुर्य जास्त दक्षिणेकडे असतो. या बिंदूला ‘विंटर सोल्सस्टाईल’ असे म्हणतात. या बिंदूवर सुर्य असताना हा दिवस वर्षातील सर्वात लहान दिवस आणि सर्वात मोठी रात्र ठरते.

आजच्या दिवसाचा सूर्यास्त पाहण्यासाठी समुद्र किनारी जगभरातील लोकं गर्दी करतात आणि वर्षातील मोठी समजल्या जाणाऱ्या रात्रीचे स्वागत करतात.

याच दिवशी समुद्रावर सूर्यास्त पाहण्यासाठी भरपूर लोकांची गर्दी पाहायला मिळते. रात्रीची गुलाबी थंडीची मजा घेत फेरफटका मारण्याचे बेत अनेकांनी आखलेले असतात.

ग्रेगरी दिनदर्शिकेत २२ डिसेंबर हा वर्षातील ३५५वा किंवा लीप वर्षात ३५६वा दिवस असतो. हा उत्तर गोलार्धातील सर्वात लहान दिवस असून रात्र सर्वात मोठी असते.

आजपासून सूर्य उत्तर गोलार्धात प्रवेश करतो. सूर्याचे उत्तरायण सुरू होते. आजच्या दिवसाचे आणखी एक खास वैशिष्ट्य आहे.

वास्तविक पृथ्वीच्या सू्र्यापासूनच्या अंतरात कायम होणाऱ्या बदलांमुळे हा फरक पडत असतो. पृथ्वी ही कायम सूर्याच्या बाजूने थोडीशी कललेली असते. त्यामुळे बारकाईने निरीक्षण केल्यास वर्षातल्या प्रत्येक दिवशी सूर्याची उगवण्याची जागा किंचित बदलत असते.

२२ डिसेंबरला सूर्याचं दक्षिणायण संपून उत्तरायण सुरु होतं. याचा अर्थ सूर्याची किरणं पृथ्वीवर सर्वाधिक तिरपी पोहोचत असतात आणि पृथ्वीच्या दक्षिण गोलार्धात ती जवळपास सरळ पडतात.

त्यामुळे पृथ्वीच्या इतर भागात दिवस खूप लहान होतो आणि रात्र मोठी होते. त्यानंतर लगेचच सूर्याचं उत्तरायण सुरु होतं. याचाच अर्थ पृथ्वी स्वत:भोवती फिरता फिरता हळूहळू दक्षिणेकडे कलू लागते.

याचाच परिणाम म्हणून २२ मार्च आणि २२ सप्टेंबर या दोन दिवशी दिवस आणि रात्र हे समान म्हणजेच १२ तासांचे असतात.

२२ डिसेंबर वर्षातील सर्वात लहान दिवस

*@ २२ डिसेंबर @*
*वर्षातील सर्वात लहान दिवस*
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आज २२ डिसेंबर ! वर्षातील सर्वात लहान दिवस !

२२ डिसेंबर रोजी सुर्य जास्त दक्षिणेकडे असतो. या बिंदूला ‘विंटर सोल्सस्टाईल’ असे म्हणतात. या बिंदूवर सुर्य असताना हा दिवस वर्षातील सर्वात लहान दिवस आणि सर्वात मोठी रात्र ठरते.

आजच्या दिवसाचा सूर्यास्त पाहण्यासाठी समुद्र किनारी जगभरातील लोकं गर्दी करतात आणि वर्षातील मोठी समजल्या जाणाऱ्या रात्रीचे स्वागत करतात.

याच दिवशी समुद्रावर सूर्यास्त पाहण्यासाठी भरपूर लोकांची गर्दी पाहायला मिळते. रात्रीची गुलाबी थंडीची मजा घेत फेरफटका मारण्याचे बेत अनेकांनी आखलेले असतात.

ग्रेगरी दिनदर्शिकेत २२ डिसेंबर हा वर्षातील ३५५वा किंवा लीप वर्षात ३५६वा दिवस असतो. हा उत्तर गोलार्धातील सर्वात लहान दिवस असून रात्र सर्वात मोठी असते.

आजपासून सूर्य उत्तर गोलार्धात प्रवेश करतो. सूर्याचे उत्तरायण सुरू होते. आजच्या दिवसाचे आणखी एक खास वैशिष्ट्य आहे.

वास्तविक पृथ्वीच्या सू्र्यापासूनच्या अंतरात कायम होणाऱ्या बदलांमुळे हा फरक पडत असतो. पृथ्वी ही कायम सूर्याच्या बाजूने थोडीशी कललेली असते. त्यामुळे बारकाईने निरीक्षण केल्यास वर्षातल्या प्रत्येक दिवशी सूर्याची उगवण्याची जागा किंचित बदलत असते.

२२ डिसेंबरला सूर्याचं दक्षिणायण संपून उत्तरायण सुरु होतं. याचा अर्थ सूर्याची किरणं पृथ्वीवर सर्वाधिक तिरपी पोहोचत असतात आणि पृथ्वीच्या दक्षिण गोलार्धात ती जवळपास सरळ पडतात.

त्यामुळे पृथ्वीच्या इतर भागात दिवस खूप लहान होतो आणि रात्र मोठी होते. त्यानंतर लगेचच सूर्याचं उत्तरायण सुरु होतं. याचाच अर्थ पृथ्वी स्वत:भोवती फिरता फिरता हळूहळू दक्षिणेकडे कलू लागते.

याचाच परिणाम म्हणून २२ मार्च आणि २२ सप्टेंबर या दोन दिवशी दिवस आणि रात्र हे समान म्हणजेच १२ तासांचे असतात.

मूर्खता का शिक्षा के साथ कोई संबंध नहीं है।

मूर्खता का शिक्षा के साथ कोई संबंध नहीं है। कोई बहुत शिक्षित होकर भी मूर्ख हो सकता है। स्वयं को प्रगतिशील और आधुनिक दिखाने की होड़ में भी कुछ लोग मूर्खताएँ करते हैं। एक IAS अधिकारी हैं, जिनकी मीडिया में बड़ी वाहवाही हो रही है कि उन्होंने अपने विवाह में पिता को अपना कन्यादान करने से रोक दिया। कहा कि मैं दान की वस्तु नहीं हूँ। कुछ दिन पहले ऐसा ही ज्ञान ‘मान्यवर’ कंपनी के विज्ञापन में आलिया भट्ट द्वारा दिलाया गया था। मानो कन्यादान कोई सामाजिक बुराई है। लेकिन वो नहीं जानते कि इस परंपरा का अर्थ क्या है?

हिंदू विवाह के कुल 22 चरण होते हैं। कन्यादान इसमें सबसे महत्वपूर्ण है। अग्नि को साक्षी मानकर लड़की का पिता/अभिभावक अपनी बेटी के गोत्र का दान करता है। इसके बाद बेटी अपने पिता का गोत्र छोड़कर पति के गोत्र में प्रवेश करती है। कन्यादान का यह अर्थ नहीं कि ऐसा करके पिता बेटी को दान कर देता है। कन्यादान हर पिता का धार्मिक कर्तव्य है। कन्यादान धरती का सबसे बड़ा दान है अकेला एक ऐसा दान है जिस दान को करते समय दाता नतमस्तक होता है जबकि अन्य दानों को देते समय देने वाले अंदर कहीं न कहीं अहंकार आ जाता है…लेकिन कन्यादान में शरणागति का भाव होता है…बिना कन्यादान के पिता ऋणों से मुक्त नही होता है…. इस दौरान जो मंत्रोच्चार होता है उसमें पिता होने वाले दामाद से वचन लेता है कि आज से वह उसकी बेटी की सभी ख़ुशियों का ध्यान रखेगा।

ऐसी भावुक रस्म को भी वामपंथी मूर्खता का शिकार बनाया जा रहा है। इन मूर्ख संस्कारहीनों को नहीं पता कि हिंदू धर्म के विवाह मंत्रों की रचना किसी पुरुष ने नहीं, बल्कि विदुषी सूर्या सावित्री ने की थी। कन्यादान को लेकर मूर्खतापूर्ण अभियान चलाने वालों की बुद्धि पर तरस खाइए। और चिंता कीजिए कि ऐसे IAS-IFS अधिकारी और उनकी मूर्खता पर वाह-वाह करने वाला मीडिया देश, समाज और धर्म का कितना अहित कर रहे हैं।

साभार

भारत की संस्कृति विश्व की सबसे पुरानी सनातन और वैज्ञानिक विचारधारा से परिपूर्ण है

भारत की संस्कृति विश्व की सबसे पुरानी सनातन और वैज्ञानिक विचारधारा से परिपूर्ण है_*

*विवेक दर्शन* पत्रिका
लेख अच्छा लगा इसलिए आप सब के साथ शेयर कर रहा हूँ

*अंधमार्गी भारतीय, विदेशियों की विवशता और हमारी महामूर्खता…*

🚩विश्व की सबसे प्राचीन और महान संस्कृति अगर है तो “भारतीय सनातन संस्कृति” जिसको “हिंदू संस्कृति” भी कहते हैं।

*विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता भारत में ही मिली है। संसार का सबसे पुराना इतिहास भी यहीं पर उपलब्ध है।*

हमारे ऋषियों ने उच्छृंखल यूरोपियों के जंगली पूर्वजों को मनुष्यत्व एवं सामाजिक परिवेश प्रदान किया, इस बात के लाखों ऐतिहासिक प्रमाण आज भी उपलब्ध हैं।

🚩यूनान के प्राचीन इतिहास का दावा है कि भारतवासी वहाँ जाकर बसे तथा वहाँ उन्होंने विद्या का खूब प्रचार किया। यूनान के विश्वप्रसिद्ध दर्शनशास्त्र का मूल भारतीय वेदान्त दर्शन ही है।

🚩 *यूनान के प्रसिद्ध विद्वान एरियन ने लिखा हैः ‘जो लोग भारत से आकर यहाँ बसे थे, वे कैसे थे ? वे देवताओं के वंशज थे, उनके पास विपुल सोना था। वे रेशम के दुशाले ओढ़ते थे और बहुमूल्य रत्नों के हार पहनते थे।’*

🚩एरियन भारतीयों के ज्ञान, चरित्र एवं उज्ज्वल-तेजस्वी जीवन के कारण उन्हें देवताओं के वंशज कहता है। यहाँ पर उसने भारतीयों के आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास को स्पष्ट किया है।

*लेकिन महान भारतीय संस्कृति को छोड़कर भारतीय लोग पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण करके कितने मूर्ख बन रहे है वे भी जान लीजिये।*

🚩1. आठ महीने ठण्ड पड़ने के कारण कोट पेंट पहनना विदेशियों की विवशता और शादी वाले दिन भरी गर्मी में कोट – पेंट डालकर बारात लेकर जाना हमारी मूर्खता ।

🚩2. ठण्ड में नाक बहते रहने के कारण टाई लगाना विदेशियों की विवशता और दूसरों को प्रभावित करने के लिऐ जून महीने में टाई कसकर घर से निकलना हमारी मूर्खता ।

🚩3. ताजा भोजन उपलब्ध ना होने के कारण सड़े आटे से पिज्जा, बर्गर, नूडल्स आदि खाना यूरोप की विवशता और 56 भोग छोड 400/- की सड़ी रोटी (पिज्जा ) खाना हमारी मूर्खता ।

🚩4. ताजे भोजन की कमी के कारण फ्रीज का इस्तेमाल करना यूरोप की विवशता और रोज दो समय ताजी सब्जी बाजार में मिलनें पर भी हफ्ते भर की सब्जी मंडी से लेकर फ्रीज में ठूसकर सड़ा-सड़ा कर खाना हमारी मूर्खता ।

🚩5. जड़ी बूटियों का ज्ञान ना होने के कारण… जीव जंतुओं के हाड़मांस से दवाएं बनाना उनकी विवशता और आयुर्वेद जैसा महान चिकित्सा ग्रंथ होेने के बावजूद हाड़मांस की दवाइयां उपयोग करना हमारी महामूर्खता ।

🚩6. पर्याप्त अनाज ना होने के कारण जानवरों को खाना उनकी विवशता और 1600 किस्मों की फसलें होनें के बाबजूद जीभ के स्वाद के लिए किसी निर्दोष प्राणी को मारकर उसे खाना हमारी मूर्खता ।

🚩7. लस्सी, दूध, जूस आदि ना होने के कारण कोल्ड ड्रिंक को पीना उनकी विवशता और 36 तरह के पेय पदार्थ होते हुए भी कोल्ड ड्रिंक नामक जहर को पीकर खुद को आधुनिक समझ कर इतराना हमारी महा मूर्खता ।

🚩8. टाइट कपड़े पहनने के कारण जमीन की जगह कुर्सी पर बैठ कर भोजन करना उनकी विवशता और हमारी मूर्खता ।

🚩9. न बोल पाने की असमर्थता के कारण उनका संस्कृत ना बोलना और जोड़-तोड़ वाली अंग्रेजी से काम चलाना और दूसरी ओर अपनी महान संस्कृत से विमुख होकर अंग्रेजी बोलने का प्रयास करना हमारी मूर्खता ।

🚩10. असभ्य, लालची और स्वार्थी स्वभाव के कारण अपने माँ बाप से अलग रहना । ये उनका दुर्व्यवहार अपने में लाना हमारी मूर्खता ।

*क्या ये भारतीयों को शोभा देता है..???*

🚩भारत महान था , महान है ,
किंतु महान तब रहेगा जब देशवासी ऐसी महामूर्खताओं को त्याग कर अपने देश की महानता को समझेंगे ।

🚩15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की बाह्य गुलामी तो दूर हुई लेकिन अंग्रेजी भाषा की, उनके विचारों की गुलामी तो हमारे दिल-दिमाग में घुसी हुई है । अतः अपनी वैदिक संस्कृति, अपने देश की जलवायु और रीति-रिवाजों के अनुसार स्वास्थ्य लाभ, सामाजिक जीवन और आत्मिक उन्नति करानेवाली भारत की महान संस्कृति का आदर करना चाहिये, लाभ लेना चाहिए । अंग्रेजी कल्चर का दिखावटी जीवन भीतर से खोखला कर देता है । संयमी, सदाचारी और साहसी भारतीय संस्कृति के सपूतों को अपनी मिली हुई आजादी को सावधानी से सँभाले रखना चाहिये ।

भारत की संस्कृति विश्व की सबसे पुरानी सनातन और वैज्ञानिक विचारधारा से परिपूर्ण है

भारत की संस्कृति विश्व की सबसे पुरानी सनातन और वैज्ञानिक विचारधारा से परिपूर्ण है_*

*विवेक दर्शन* पत्रिका
लेख अच्छा लगा इसलिए आप सब के साथ शेयर कर रहा हूँ

*अंधमार्गी भारतीय, विदेशियों की विवशता और हमारी महामूर्खता…*

🚩विश्व की सबसे प्राचीन और महान संस्कृति अगर है तो “भारतीय सनातन संस्कृति” जिसको “हिंदू संस्कृति” भी कहते हैं।

*विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता भारत में ही मिली है। संसार का सबसे पुराना इतिहास भी यहीं पर उपलब्ध है।*

हमारे ऋषियों ने उच्छृंखल यूरोपियों के जंगली पूर्वजों को मनुष्यत्व एवं सामाजिक परिवेश प्रदान किया, इस बात के लाखों ऐतिहासिक प्रमाण आज भी उपलब्ध हैं।

🚩यूनान के प्राचीन इतिहास का दावा है कि भारतवासी वहाँ जाकर बसे तथा वहाँ उन्होंने विद्या का खूब प्रचार किया। यूनान के विश्वप्रसिद्ध दर्शनशास्त्र का मूल भारतीय वेदान्त दर्शन ही है।

🚩 *यूनान के प्रसिद्ध विद्वान एरियन ने लिखा हैः ‘जो लोग भारत से आकर यहाँ बसे थे, वे कैसे थे ? वे देवताओं के वंशज थे, उनके पास विपुल सोना था। वे रेशम के दुशाले ओढ़ते थे और बहुमूल्य रत्नों के हार पहनते थे।’*

🚩एरियन भारतीयों के ज्ञान, चरित्र एवं उज्ज्वल-तेजस्वी जीवन के कारण उन्हें देवताओं के वंशज कहता है। यहाँ पर उसने भारतीयों के आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास को स्पष्ट किया है।

*लेकिन महान भारतीय संस्कृति को छोड़कर भारतीय लोग पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण करके कितने मूर्ख बन रहे है वे भी जान लीजिये।*

🚩1. आठ महीने ठण्ड पड़ने के कारण कोट पेंट पहनना विदेशियों की विवशता और शादी वाले दिन भरी गर्मी में कोट – पेंट डालकर बारात लेकर जाना हमारी मूर्खता ।

🚩2. ठण्ड में नाक बहते रहने के कारण टाई लगाना विदेशियों की विवशता और दूसरों को प्रभावित करने के लिऐ जून महीने में टाई कसकर घर से निकलना हमारी मूर्खता ।

🚩3. ताजा भोजन उपलब्ध ना होने के कारण सड़े आटे से पिज्जा, बर्गर, नूडल्स आदि खाना यूरोप की विवशता और 56 भोग छोड 400/- की सड़ी रोटी (पिज्जा ) खाना हमारी मूर्खता ।

🚩4. ताजे भोजन की कमी के कारण फ्रीज का इस्तेमाल करना यूरोप की विवशता और रोज दो समय ताजी सब्जी बाजार में मिलनें पर भी हफ्ते भर की सब्जी मंडी से लेकर फ्रीज में ठूसकर सड़ा-सड़ा कर खाना हमारी मूर्खता ।

🚩5. जड़ी बूटियों का ज्ञान ना होने के कारण… जीव जंतुओं के हाड़मांस से दवाएं बनाना उनकी विवशता और आयुर्वेद जैसा महान चिकित्सा ग्रंथ होेने के बावजूद हाड़मांस की दवाइयां उपयोग करना हमारी महामूर्खता ।

🚩6. पर्याप्त अनाज ना होने के कारण जानवरों को खाना उनकी विवशता और 1600 किस्मों की फसलें होनें के बाबजूद जीभ के स्वाद के लिए किसी निर्दोष प्राणी को मारकर उसे खाना हमारी मूर्खता ।

🚩7. लस्सी, दूध, जूस आदि ना होने के कारण कोल्ड ड्रिंक को पीना उनकी विवशता और 36 तरह के पेय पदार्थ होते हुए भी कोल्ड ड्रिंक नामक जहर को पीकर खुद को आधुनिक समझ कर इतराना हमारी महा मूर्खता ।

🚩8. टाइट कपड़े पहनने के कारण जमीन की जगह कुर्सी पर बैठ कर भोजन करना उनकी विवशता और हमारी मूर्खता ।

🚩9. न बोल पाने की असमर्थता के कारण उनका संस्कृत ना बोलना और जोड़-तोड़ वाली अंग्रेजी से काम चलाना और दूसरी ओर अपनी महान संस्कृत से विमुख होकर अंग्रेजी बोलने का प्रयास करना हमारी मूर्खता ।

🚩10. असभ्य, लालची और स्वार्थी स्वभाव के कारण अपने माँ बाप से अलग रहना । ये उनका दुर्व्यवहार अपने में लाना हमारी मूर्खता ।

*क्या ये भारतीयों को शोभा देता है..???*

🚩भारत महान था , महान है ,
किंतु महान तब रहेगा जब देशवासी ऐसी महामूर्खताओं को त्याग कर अपने देश की महानता को समझेंगे ।

🚩15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की बाह्य गुलामी तो दूर हुई लेकिन अंग्रेजी भाषा की, उनके विचारों की गुलामी तो हमारे दिल-दिमाग में घुसी हुई है । अतः अपनी वैदिक संस्कृति, अपने देश की जलवायु और रीति-रिवाजों के अनुसार स्वास्थ्य लाभ, सामाजिक जीवन और आत्मिक उन्नति करानेवाली भारत की महान संस्कृति का आदर करना चाहिये, लाभ लेना चाहिए । अंग्रेजी कल्चर का दिखावटी जीवन भीतर से खोखला कर देता है । संयमी, सदाचारी और साहसी भारतीय संस्कृति के सपूतों को अपनी मिली हुई आजादी को सावधानी से सँभाले रखना चाहिये ।

राशिभविष्य दिनांक-: 22/12/2021,बुधवार

🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏🏻

*दिनाँक-: 22/12/2021,बुधवार*

तिथि———– तृतीया 16:51 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———- पुष्य 24:43
योग————- ऐन्द्र 12:01
करण——– विष्टि भद्र16:51
वार———————- बुधवार
माह (पूर्णिमांत) ——–पौष
चन्द्र राशि—————— कर्क
सूर्य राशि—————— धनु
रितु————————- हेमंत
सायन———————शिशिर
अयन——————- उत्तरायन
संवत्सर —————– आनन्द
सूर्योदय————— 06:57
सूर्यास्त——————17:19

राहू काल 12:18 – 13:36 अशुभ
अभिजित 11:57 -12:39 अशुभ

🚩गंड मूल 24:44* – अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन
लाभ 06:57 – 08:25 शुभ
अमृत 08:25 – 09:43 शुभ
काल 09:43 – 11:00 अशुभ
शुभ 11:00 – 12:18 शुभ
रोग 12:18 – 13:36 अशुभ
उद्वेग 13:36 – 14:53 अशुभ
चर 14:53 – 16:11 शुभ
लाभ 16:11 – 17:19 शुभ

🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 17:19 – 19:11 अशुभ
शुभ 19:11 – 20:53 शुभ
अमृत 20:53 – 22:36 शुभ
चर 22:36 – 24:18 शुभ

*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*💮 शिव वास एवं फल -:*

18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक,दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

सांय 16:51 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* चतुर्थी व्रत चंद्रोदय रात्रि 20:14

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

🐏मेष
आय में वृद्धि होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। विरोध की संभावना, धनहानि, गृहस्‍थी में कलह, रोग से घिरने की संभावना, कुछ कार्यसिद्धि की संभावना। चिंताएं जन्म लेंगी। स्त्री पीड़ा, कुछ लाभ की आशा करें।

🐂वृष
स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। भागदौड़ रहेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। धनागम सुस्त रहेगा। कार्य के प्रति अनमनापन रहेगा। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। कुछ लाभ की संभावना। चिंताएं कुछ कम होंगी।

👫मिथुन
लेनदारी वसूल होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। शत्रु भय रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में ग्राहकी अच्छी रहेगी। नौकरी में कार्य व्यवहार, ईमानदारी की प्रशंसा होगी। मशक्कत करने से लाभ होगा। चिंता होगी। शत्रु पराजित होंगे।

🦀कर्क
पार्टनर से मतभेद समाप्त होगा। नौकरी में अधिकारी का सहयोग तथा विश्वास मिलेगा। पारिवारिक व्यस्तता रहेगी। आकस्मिक व्यय से तनाव रहेगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। विवेक से कार्य करें। स्थानीय धर्मस्थल की परिवार के साथ यात्रा होगी।

🐅सिंह
लेन-देन में सावधानी रखें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शत्रु पर विजय, हर्ष के समाचार मिलने की संभावना। कुसंग से हानि। धनागम सुखद रहेगा। प्रेमिका मिलेगी। कुछ आय होगी। माता को कष्ट रहेगा।

🙎‍♀️कन्या
कारोबारी नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्त्री कष्ट संभव। कलह से बचें। कार्य में सफलता, शत्रु पराजित होंगे। विवेक से कार्य बनेंगे। पेट रोग से पीड़ित होने की संभावना। वस्त्राभूषण की प्राप्ति के योग।

⚖️तुला
भय, पीड़ा व भ्रम की स्थिति बन सकती है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। भय-पीड़ा, मानसिक कष्ट की संभावना। लाभ तथा पराक्रम ठीक रहेगा। दु:समाचार प्राप्त होंगे। हानि तथा भय की संभावना, पराक्रम से सफलता, कलहकारी वातावरण बनेगा। भयकारक दिन रहेगा।

🦂वृश्चिक
यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। कानूनी बाधा दूर होगी। देव दर्शन होंगे। राज्य से लाभ होने की संभावना। मातृपक्ष की चिंता। वाहन-मशीनरी का प्रयोग सावधानी से करें। धनागम की संभावना। मित्र मिलेंगे। विवाद न करें।

🏹धनु
बेचैनी रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। नेत्र पीड़ा की संभावना। धनलाभ एवं बुद्धि लाभ होगा। शत्रु से परेशान होंगे। अपमान होने की संभावना। कष्ट की संभावना। धनहानि। कष्ट-पीड़ा। शारीरिक पीड़ा होगी।

🐊मकर
प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। झंझटों में न पड़ें। आगे बढ़ने के मार्ग मिलने की संभावना। शत्रु पराजित होंगे। लाभ होगा। स्वास्थ्य ठीक होगा। अनजाना भय सताएगा। राज्य से लाभ। शत्रु शांत होंगे।

🍯कुंभ
रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। परिवार की चिंता रहेगी। लाभ होगा। अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। चिंता से मुक्ति नहीं मिलेगी। शत्रु दबे रहेंगे। कलह-अपमान से बचें। संभावित यात्रा होगी। सावधानी बरतना होगी।

🐟मीन
जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। घर-बाहर अशांति रह सकती है। प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा के योग बनेंगे। कुछ कष्ट होने की संभावना। लाभ के योग बनेंगे। स्त्री वर्ग को कष्ट। कुसंग से कष्ट। कलहकारक दिन रहेगा। अपनी तरफ से बात को बढ़ावा न दें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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