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कोरोनाच्या उपचारात ‘मोलनुपिरावीर’ औषधाचा समावेश नाही : ICMR

Molnupiravir Drug : कोरोनाच्या उपचारात ‘मोलनुपिरावीर’ या औषधाचा समावेश न करण्याचा निर्णय घेण्यात आला आहे. कोरोना उपचारात ‘मोलनुपिरावीर’ जास्त फायदेशीर नसल्याचं ICMR ने म्हटलं आहे. ICMR च्या तज्ज्ञांनी सुरक्षेच्या चिंतेचा हवाला देत मोलनुपिरावीर जास्त फायदेशीर नसल्याचं सांगितलं आहे.

इंडियन कौन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्चच्या  (Indian Council of Medical Research) नॅशनल टास्क फोर्स ऑन कोरोना व्हायरस (Coronavirus) ने कोरोना व्हायरस संसर्गाच्या वैद्यकीय व्यवस्थापन प्रोटोकॉलमध्ये अँटीव्हायरल औषध मोलनुपिरावीरचा समावेश न करण्याचा निर्णय घेतला आहे.

एस. सोमनाथ : भारतीय अंतराळ संस्था ( इसरो ) चे नवे अध्यक्ष

*एस. सोमनाथ : भारतीय अंतराळ संस्था ( इसरो ) चे नवे अध्यक्ष.*
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एस. सोमनाथ यांची भारतीय अंतराळ संस्था अर्थात इसरो चे नवे अध्यक्ष म्हणून निवड. इसरो चे मावळते अध्यक्ष एस. सिवान यांची जागा ते घेतील. त्यांचा कार्यकाळ ३ वर्षाचा असणार आहे.
या आधी ते विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर चे अध्यक्ष होते. जी. एस. एल. व्ही. एम. के. ३ च्या निर्मितीत त्यांच प्रमुख योगदान राहिलेलं आहे.
त्यांच्या अध्यक्षतेखाली इसरो आणि भारत अवकाशात खूप उंचीवर जाईल याबद्दल माझ्या मनात शंका नाही. त्यांना समस्त भारतीयांतर्फे खूप खूप शुभेच्छा.
जय हिंद!!!

रामवर्मा आसबे

अध्यक्ष:- आत्मनिर्भर उद्योग समुह

_सनातन धर्म का काल..

🌈 *_सनातन धर्म यूं ही नहीं महान इसकी प्राचीनता कह रही इसकी दास्तान_*

जय सनातन जय श्री राम
*विवेक दर्शन* पत्रिका
प्रताप सिंह

*”इतना प्राचीन है हिन्दू धर्म, “*

कोई लाखों वर्ष, तो कोई हजारों वर्ष पुराना मानता है हिन्दू धर्म को। लेकिन क्या यह सच है? आओ हम कुछ महापुरुषों की जन्म तिथियों के आधार पर जानते हैं कि कितना पुराना है हिन्दू धर्म?
*हिन्दू धर्म की पुन: शुरुआत वराह कल्प से होती है। इससे पहले पद्म कल्प, ब्रह्म कल्प, हिरण्य गर्भ कल्प और महत कल्प बीत चुके हैं।*

*गुरु नानक : 500 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*
सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक का जन्म 15 अप्रैल 1469 को हुआ और 22 सितंबर 1539 को उन्होंने देह छोड़ दी। गुरु परंपरा के सभी 10 गुरुओं द्वारा भारत और हिन्दू धर्म रक्षित हुआ।

*बाबा रामदेव : 650 साल पहले हिन्दू धर्म*
बाबा रामदेव का जन्म 1352 ईस्वी में हुआ और 1385 ईस्वी में उन्होंने समाधि ले ली। द्वारिका‍धीश के अवतार बाबा को पीरों का पीर ‘रामसा पीर’ कहा जाता है।

*झूलेलाल : 1,000 साल पहले हिन्दू धर्म*
सिन्ध प्रांत के हिन्दुओं की रक्षार्थ वरुणदेव ने झूलेलाल के रूप में अवतार लिया था। पाकिस्तान में झूलेलालजी को जिंद पीर और लालशाह के नाम से जाना जाता है। इनका जन्म 1007 ईस्वी में हुआ था।

*गुरु गोरक्षनाथ : 1,100 साल पहले हिन्दू धर्म*
राहुल सांकृत्यायन के अनुसार महान योगी गुरु गोरक्षनाथ या गोरखनाथ का जन्म 845 ई. को हुआ था। 9वीं शताब्दी में गोरखपुर में गुरु गोरखनाथ के मंदिर के जीर्णोद्धार होने का उल्लेख मिलता है। गोरखनाथ लंबे काल तक जीवित रहे थे।

*आदिशंकराचार्य : 1,200 साल पहले हिन्दू धर्म*
आदिशंकराचार्य ने हिन्दू धर्म को पुनर्गठित किया था। उनका जन्म 788 ईस्वी में हुआ और 820 ईस्वी में उन्होंने मात्र 32 वर्ष की उम्र में देह छोड़ दी थी। उन्होंने 4 पीठों की स्थापना की थी। केरल में जन्म और केदारनाथ में उन्होंने समाधि ले ली थी। वैसे चार मठों की गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार आदि शंकराचार्य का जन्म 508 ईसा पूर्व हुआ था। 788 ईस्वी को जिन शंकराचार्य का जन्म हुआ था वे अभिनव शंकराचार्य थे।

*सम्राट हर्षवर्धन : 1,400 साल पहले हिन्दू धर्म*
महान सम्राट हर्षवर्धन का जन्म 590 ईस्वी में और मृत्यु 647 ईस्वी में हुआ था। माना जाता है कि हर्षवर्धन ने अरब पर भी चढ़ाई कर दी थी, लेकिन रेगिस्तान के एक क्षेत्र में उनको रोक दिया गया। इसका उल्लेख भविष्यपुराण में मिलता है। हर्ष के शासनकाल में ही चीन यात्री ह्वेनसांग आया था।

*चन्द्रगुप्त द्वितीय : 1,650 साल पहले हिन्दू धर्म*
सम्राट चन्द्रगुप्त द्वितीय को विक्रमादित्य की उपाधि प्राप्त थी। उनका शासन 380 ईस्वी से 412 ईस्वी तक रहा। महाकवि कालिदास उसके दरबार की शोभा थे।

*सम्राट विक्रमादित्य : 2,100 साल पहले हिन्दू धर्म*
विक्रमादित्य के पिता गंधर्वसेन और बड़े भाई भर्तृहरि थे। कलिकाल के 3,000 वर्ष बीत जाने पर 101 ईसा पूर्व सम्राट विक्रमादित्य का जन्म हुआ। उनके काल में हिन्दू धर्म ने महान ऊंचाइयों को प्राप्त किया था। वे एक ऐतिहासिक पुरुष थे।

*आचार्य चाणक्य : 2,300 साल पहले हिन्दू धर्म*
चाणक्य का जन्म ईस्वी पूर्व 371 में हुआ था जबकि उनकी मृत्यु ईस्वी पूर्व 283 में हुई थी। चाणक्य का उल्लेख मुद्राराक्षस, बृहत्कथाकोश, वायुपुराण, मत्स्यपुराण, विष्णुपुराण, बौद्ध ग्रंथ महावंश, जैन पुराण आदि में मिलता है। चाणक्य के समय ही भारत पर सिकंदर का आक्रमण हुआ था।

*भगवान महावीर स्वामी : 2,650 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*
जैन धर्म के पुनर्संस्थापक महावीर स्वामी का जन्म ईस्वी पूर्व 599 में हुआ था। वे जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे। उनके काल में भी हिन्दू धर्म भारत का प्रमुख धर्म था। उनके काल में ही भगवान बुद्ध (563 ईस्वी पूर्व) ने अपना एक नया धर्म स्थापित किया था।

*भगवान पार्श्वनाथ : 2,850 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*
भगवान महावीर स्वामी के 250 वर्ष पहले 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ हुए थे। माना जाता है कि उनके काल में हिन्दू धर्म भारत का राजधर्म हुआ करता था। पार्श्वनाथ के समय भारत में बहुत शांति और समृद्धि थी।

*भगवान श्रीकृष्ण : 5,000 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*
ऐतिहासिक शोध के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म 3112 ईस्वी पूर्व मथुरा में हुआ था। जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर अरिष्ट नेमिनाथ भगवान कृष्ण के चचेरे भाई थे। गीता हिन्दुओं का प्रमुख धर्मग्रंथ है, जो कि महाभारत एक हिस्सा है।

*भगवान श्रीराम : 7,000 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*
शोधानुसार 5114 ईसा पूर्व भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। राम के जन्म के समय आकाश में पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान 5 ग्रह अपने उच्च स्थान में थे। वाल्मीकि द्वारा बताई गई यह स्थिति आज से 7,131 वर्ष पहले निर्मित हुई थी।

*वैवस्वत मनु : 8,500 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*
अनुमानित रूप से 6673 ईसा पूर्व वैवस्वत मनु हुए थे। इन मनु के काल में ही जलप्रलय हुई थी। कई माह तक वैवस्वत मनु और उनके लोगों द्वारा नाव में ही गुजारने के बाद उनकी नाव गौरी-शंकर के शिखर से होते हुए जल के उतरने के साथ ही नीचे उतरी। तब फिर से धरती पर मनुष्यों का जीवन चक्र चला। माथुरों के इतिहास में उनके होने की यही तिथि लिखी है।

*सम्राट ययाति : 9,000 वर्ष पूर्व हिन्दू धर्म*
सम्राट ययाति के प्रमुख 5 पुत्र थे- 1. पुरु, 2. यदु, 3. तुर्वस, 4. अनु और 5. द्रुहु। इन्हें वेदों में पंचनंद कहा गया है। अनुमानित रूप से 7,200 ईसा पूर्व अर्थात आज से 9,217 वर्ष पूर्व ययाति के इन पांचों पुत्रों का संपूर्ण धरती पर राज था। पांचों पुत्रों ने अपने-अपने नाम से राजवंशों की स्थापना की। यदु से यादव, तुर्वसु से यवन, द्रुहु से भोज, अनु से मलेच्छ और पुरु से पौरव वंश की स्थापना हुई। ययाति प्रजापति ब्रह्मा की 10वीं पीढ़ी में हुए थे।

*स्वायम्भुव मनु : 11,000 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*
माथुरों के इतिहास के अनुसार स्वायम्भुव मनु अनुमानित 9057 ईसा पूर्व हुए थे। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ स्वायम्भुव मनु से 5वीं पीढ़ी में इस क्रम में हुए- स्वायम्भुव मनु, प्रियव्रत, अग्नीघ्र, नाभि और फिर ऋषभ। ऋषभनाथ के 2 पुत्र थे- चक्रवर्ती सम्राट भरत और बाहुबली। स्वायम्भुव मनु को धरती का पहला मानव माने जाने के कई कारण हैं। धर्मशास्त्र और प्राचेतस मनु को अर्थशास्त्र का आचार्य माना जाता है। मनुस्मृति ने सनातन धर्म को आचार संहिता से जोड़ा था।

*ब्रह्मा : 14,000 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*

अनुमानित रूप से लगभग 12,000 ईसा पूर्व भगवान ब्रह्मा के कुल की शुरुआत हुई। ब्रह्मा के प्रमुख पुत्र ये थे- मारिचि, अत्रि, अंगिरस, पुलस्त्य, पुलह, कृतु, भृगु, वशिष्ठ, दक्ष, कंदर्भ, नारद, सनक, सनन्दन, सनातन और सनतकुमार, स्वायम्भुव मनु और चित्रगुप्त। मरीचि के पुत्र ऋषि कश्यप थे जिनके देवता, दैत्य, दानव, राक्षस आदि सैकड़ों पुत्र थे। ब्रह्मा को प्रजातियों की उत्पत्ति का श्रेय जाता है।

*नील वराह : 16,000 वर्ष पहले हिन्दू धर्म*

कहते हैं कि लगभग 14,000 विक्रम संवत पूर्व अर्थात आज से 15,923 वर्ष पूर्व भगवान नील वराह ने अवतार लिया था। नील वराह काल के बाद आदि वराह काल और फिर श्वेत वराह काल हुए। इस काल में भगवान वराह ने धरती पर से जल को हटाया और उसे इंसानों के रहने लायक बनाया था। उसके बाद ब्रह्मा ने इंसानों की जाति का विस्तार किया और शिव ने संपूर्ण धरती पर धर्म और न्याय का राज्य कायम किया। इससे पहले लोग स्वर्ग या कहें कि देवलोक में रहते थे। हालांकि मानव तब भी था लेकिन सभ्यता की शुरुआत यहीं से मानी जाती है। इस वीडियो में उल्लेखित समय अनुमानित और पुराणों से प्राप्त हैं। हिन्दू धर्म की यह कहानी वराह कल्प से ही शुरू होती है जबकि इससे पहले का इतिहास भी पुराणों में दर्ज है जिसे मुख्य 5 कल्पों के माध्यम से बताया गया है। जम्बूद्वीप का पहला राजा स्वायम्भुव मनु ही था।

*पीढ़ियों का उल्लेख*
ब्रह्माजी से मरीचि का जन्म हुआ। मरीचि के पुत्र कश्यप हुए। कश्यप के विवस्वान और विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए। 6673 ईसा पूर्व वैवस्वत मनु हुए थे। वैवस्वत मनु के कुल की 64वीं पीढ़ी में भगवान राम हुए थे और राम के पुत्र कुश की 50वीं पीढ़ी में शल्य हुए, जो महाभारत में कौरवों की ओर से लड़े थे। महाभारत का युद्ध 3000 ईस्वी पूर्व हुआ था।

*प्राचीन ग्रंथों में मानव इतिहास को 5 कल्पों में बांटा गया है-*
(1) *हमत् कल्प* 1 लाख 9,800 वर्ष विक्रम संवत पूर्व से आरंभ होकर 85,800 वर्ष पूर्व तक,
(2) *हिरण्य गर्भ कल्प* 85,800 विक्रम संवत पूर्व से 61,800 वर्ष पूर्व तक, ब्राह्म कल्प 60,800 विक्रम संवत पूर्व से 37,800 वर्ष पूर्व तक,
(3) *ब्रह्म कल्प* 60,800 विक्रम संवत पूर्व से 37,800 वर्ष पूर्व तक,
(4) *पद्म कल्प* 37,800 विक्रम संवत पूर्व से 13,800 वर्ष पूर्व तक और
(5) *वराह कल्प* 13,800 विक्रम संवत पूर्व से आरंभ होकर इस समय तक चल रहा है।

अब तक वराह कल्प के स्वायम्भुव मनु, स्वरोचिष मनु, उत्तम मनु, तामस मनु, रैवत मनु, चाक्षुष मनु तथा वैवस्वत मनु के मन्वंतर बीत चुके हैं और अब वैवस्वत तथा सावर्णि मनु की अंतरदशा चल रही है। सावर्णि मनु का आविर्भाव विक्रमी संवत् प्रारंभ होने से 5,630 वर्ष पूर्व हुआ था।

-संदर्भ पुराण और महाभारत
साभार

*गर्व से कहो हम हिन्दू हैं*
🇮🇳भारत माता की जय,,🚩🚩

हिन्दू पंचांग दिनांक – 13 जनवरी 2022 दिन – गुरुवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 13 जनवरी 2022*
⛅ *दिन – गुरुवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – पौस*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – एकादशी शाम 07:32 तक तत्पश्चात द्वादशी*
⛅ *नक्षत्र – कृत्तिका शाम 05:07 तक तत्पश्चात रोहिणी*
⛅ *योग – शुभ दोपहर 12:35 तक तत्पश्चात शुक्ल*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 02:10 से शाम 03:32 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:19*
⛅ *सूर्यास्त – 18:15*
⛅ *दिशाशूल – दक्षिण दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – पुत्रदा एकादशी, तैलंग स्वामी जयंती, लोहड़ी पर्व (पंजाब हिमाचल प्रदेश, जम्मू- कश्मीर)*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l (संपूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम पाठ राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *पुत्रदा एकादशी* 🌷
🙏🏻 *पुत्रदा एकादशी ( पुत्र की इच्छा से व्रत करनेवाला पुत्र पाकर स्वर्ग का अधिकारी हो जाता है | सब पापों को हरनेवाले इस व्रत का माहात्म्य पढ़ने व सुनने से अग्निष्टोम यज्ञ का फल मिलता है | )*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा की सुव्‍यवस्‍था* 🌷
➡ *14 जनवरी 2022 शुक्रवार को (पुण्यकाल दोपहर 02:30 से सूर्यास्त तक) मकर संक्रान्‍ति (उत्तरायण) है।*
🙏🏻 *मकर संक्रान्‍ति के दिन तिल गुड़ के व्‍यंजन और चावल में मूंग की दाल मिलाकर बनाई गई खिचड़ी का सेवन ऋतु-परिवर्तनजन्‍य रोगों से रक्षा करता है । इनका दान करने का भी विधान है ।*
🙏🏻 *मकर संक्रान्‍ति पर्व पर तिल के उपयोग की महिमा पर शास्‍त्रीय दृष्‍टि से प्रकाश डालते हुए पूज्‍य बापूजी कहते हैं : ‘’जो मकर संक्रांति में इन छह प्रकारों से तिलों का उपयोग करता है वह इहलोक और परलोक में वांछित फल पाता है – तिल का उबटन, तिलमिश्रित जल से स्‍नान, तिल-जल से अर्घ, तिल का होम, तिल का दान और तिलयुक्‍त भोजन । किंतु ध्‍यान रखें – रात्रि को तिल व उसके तेल से बनी वस्‍तुएं खाना वर्जित है ।‘’*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *उत्तरायण विशेष* 🌷
🙏🏻 *जिनके जीवन में अर्थ का अभाव… पैसों की तंगी बहुत देखनी पड़ती है जिनको कोई बहुत परेशान कर रहा है जिनके शरीर में रोग रहते हैं ..मिटते नहीं हैं उन सभी के लिए ये योग बहुत सुन्दर है क्या करें ?*
🙏🏻 *तपस्या कर सकें तो बहुत अच्छा है .. नमक -मिर्च नहीं खाना उस दिन आदित्यह्रदय स्त्रोत्र का पाठ भी जरुर करें (संपूर्ण आदित्यहृदय स्तोत्र पाठ जितना हो सके १/२/३ बार… जो आप चाहते हैं …सुबह स्नान आदि करके श्वास गहरा लेके रोकना …गायत्री मंत्र बोलना …संकल्प करना …”हम ये चाहते हैं प्रभु !…ऐसा हो ..” फिर श्वास छोड़ना … ऐसा ३ बार जरुर करें फिर अपना गुरु मंत्र का जप करें और सूर्य भगवन को अर्घ दें तो ये २१ मंत्र बोलें*
🌷 *ॐ सूर्याय नमः*
🌷 *ॐ रवये नमः*
🌷 *ॐ भानवे नमः*
🌷 *ॐ आदित्याय नमः*
🌷 *ॐ मार्तण्डाय नमः*
🌷 *ॐ भास्कराय नमः*
🌷 *ॐ दिनकराय नमः*
🌷 *ॐ दिवाकराय नमः*
🌷 *ॐ मरिचये नमः*
🌷 *ॐ हिरणगर्भाय नमः*
🌷 *ॐ गभस्तिभीः नमः*
🌷 *ॐ तेजस्विनाय नमः*
🌷 *ॐ सहस्त्रकिरणाय नमः*
🌷 *ॐ सहस्त्ररश्मिभिः नमः*
🌷 *ॐ मित्राय नमः*
🌷 *ॐ खगाय नमः*
🌷 *ॐ पूष्णे नमः*
🌷 *ॐ अर्काय नमः*
🌷 *ॐ प्रभाकराय नमः*
🌷 *ॐ कश्यपाय नमः*
🌷 *ॐ श्री सवितृ सूर्य नारायणाय नमः*
🙏🏻 *पौराणिक सूर्य भगवान की स्तुति का मंत्र अर्घ देने से पहले बोले :-*
🌷 *”जपा कुसुम संकाशं काश्य पेयम महा द्युतिम । तमो अरिम सर्व पापघ्नं प्रणतोस्मी दिवाकर ।।”*
🙏🏻 *गाय को कुछ घास आदि डाल दें ।*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

शंकरराव पाटील चॅरिटेबल ट्रस्ट संचालित, शंकरराव पाटील प्राथमिक आरोग्य केंद्राचे डाॅ. संदेश शहा यांच्या हस्ते उदघाटन संपन्न

शंकरराव पाटील चॅरिटेबल ट्रस्ट संचालित, शंकरराव पाटील प्राथमिक आरोग्य केंद्राचे डाॅ. संदेश शहा यांच्या हस्ते उदघाटन संपन्न
इंदापूर :- येथील शंकरराव पाटील चॅरिटेबल ट्रस्ट संचलित शंकरराव पाटील प्राथमिक आरोग्य केंद्राचे उदघाटन इंदापूर आरोग्य संदेश प्रतिष्ठानचे अध्यक्ष डॉ. संदेश शहा यांच्या हस्ते करण्यात आले. ट्रस्टच्या अध्यक्षा श्रीमती पद्माताई भोसले, सचिव डॉ. गिरीश देसाई यांच्या मार्गदर्शनाखाली हे केंद्र सुरू करण्यात आले आहे. कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी कर्मयोगी शंकरराव
पाटील कारखान्याचे उपाध्यक्ष भरत शहा होते.
यावेळी कर्मयोगी कारखान्याचे उपाध्यक्ष भरत शहा म्हणाले, कर्मयोगी शंकररावजी पाटील सहकारी साखर कारखाना व निरा भिमा सहकारी साखर कारखान्यातील ऊसतोड कामगारांसाठी शंकरराव पाटील चॅरिटेबल ट्रस्टच्या वतीने गतवर्षी प्राथमिक आरोग्य केंद्र इंदापूर या ठिकाणी सुरु करण्यात आले. राज्यातील या प्रथम पथदर्शी प्रकल्पात सुमारे ८ हजार ऊसतोड कामगार व त्यांच्या कुटूंबाची मोफत तपासणी करून त्यांच्यावर औषधोपचार करण्यात आले. ट्रस्टच्या अध्यक्षा पद्मताई भोसले यांनी सुरू केलेल्या या उपक्रमास माजी सहकार मंत्री हर्षवर्धन पाटील यांची अनमोल साथ मिळाली.त्यामुळे यंदा पुन्हा हे केंद्र सुरू केले असून त्यामध्ये प्राथमिक तपासणी करून योग्य ते उपचार व औषधे दिली जाणार आहेत. कारखान्याचे गाळप चालू हंगामापर्यंत ही सुविधा ऊसतोड मजुरासाठी मोफत सेवा दिली जाणार आहे. तसेच मजुराच्या कुटुंबातील लहान मुलांवर देखील औषधोपचार केले जाणार आहेत. यावेळी ट्रस्टचे खजिनदार तुषार रंजनकर म्हणाले, शंकरराव पाटील प्राथमिक आरोग्य केंद्रमार्फत फिरता दवाखाना आठवड्यातून सहा दिवसाकरिता असणार आहे. त्यामध्ये डॉक्टर, नर्स, मदतनीस व इतर टीम कारखाना परिसर, शेतकऱ्यांच्या शेतात जिथे ऊसतोड मजूर काम करतात किंवा राहतात अश्या ठिकाणी आरोग्य सेवा पुरविणार आहेत.
यावेळी कर्मयोगी शंकरराव पाटील सहकारी साखर कारखान्याचे कार्यकारी संचालक देवराव लोकरे, माजी उपाध्यक्ष भागवत गटकुळ, नगरपरिषद गटनेते कैलास कदम, माजी सरपंच गोपीचंद गलांडे, शंकरराव पाटील चॅरिटेबल ट्रस्टचे विश्वस्त अरविंद गारटकर, जय नर्सिंग चे अध्यक्ष जयंत नायकुडे,आरोग्य केंद्र प्रमुख महादेव चव्हाण ,आरोग्य केंद्र व्यवस्थापक भारत बोराटे, आरोग्य केंद्राचे डॉ. मनोज शिंदे, डॉ. श्वेता शिंदे, सामाजिक कार्यकर्ते हमीदभाई आत्तार , विलास गाढवे, धनंजय कळमकर, देविदास राखुंडे उपस्थित होते. सुत्रसंचलन महादेव चव्हाण, भारत बोराटे व दीपक जगताप यांनी केले.
फोटो १) : शंकरराव पाटील प्राथमिक आरोग्य केंद्राचे उदघाटन करताना डॉ. संदेश शहा, भरत शहा, भागवत गटकुळ.
२) महादेव चव्हाण व भारत बोराटे यांच्या सत्कार प्रसंगी मान्यवर.

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू एक्टर साहिल राज के नेतृत्व में

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू एक्टर साहिल राज के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से बनभूलपुरा नवनियुक्त थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी को संस्था पदाधिकारियों ने भगवान गणेश जी की प्रतिमा देकर स्वागत किया
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार ने संयुक्त रूप से कहा की हम बनभूलपुरा नवनियुक्त थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी से भविष्य में आशा करते हैं की बनभूलपुरा क्षेत्र को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में आपका अहम योगदान रहेगा क्योंकि अपराध की जड़ नशा जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है यह बहुत चिंता का विषय है जिस पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना बहुत जरूरी है और हम सबकी भारतीय होने के नाते यह नैतिक जिम्मेदारी है की हम अपने क्षेत्र व शहर और जिला सहित प्रदेश एवं देश को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हम सबको अपने अंदर जागरुकता उत्पन्न करनी होगी क्योंकि किसी भी अपराध नशा भ्रष्टाचारी बीमारी से मुक्ति पाने के लिए इंसान का जागरूक होना बहुत जरूरी है और जिस दिन हम भारतवासी अपराध की जड़ नशा के प्रति जागरूक हो गये उस दिन हमारे भारत देश में नशे के साथ अपराध भ्रष्टाचार का नामोनिशान नहीं होगा तभी हम अपने आने वाली पीढ़ियों को अच्छे वातावरण व संस्कार दे सकेंगे तभी हमारा भारत देश विश्वगुरु बनेगा इसीलिए एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था क्षेत्रवासियों एवं भारतवासियों को नशा मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त अपराध मुक्त अभियान के अंतर्गत जागरूक करने का लगातार प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी क्योंकि नशा मुक्त भारत हर भारतीय नागरिक की आवश्यकता है साथ ही संस्था प्रशासन के सभी अच्छे कार्यों में सहयोग करने के लिए सदैव तत्पर रहेगी
इस दौरान नवनियुक्त थानाध्यक्ष का स्वागत करने में संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार एक्टर साहिल राज गोविन्द मिस्त्री संदीप यादव आदि लोग उपस्थित है

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू एक्टर साहिल राज के नेतृत्व में

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू एक्टर साहिल राज के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से बनभूलपुरा नवनियुक्त थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी को संस्था पदाधिकारियों ने भगवान गणेश जी की प्रतिमा देकर स्वागत किया
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार ने संयुक्त रूप से कहा की हम बनभूलपुरा नवनियुक्त थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी से भविष्य में आशा करते हैं की बनभूलपुरा क्षेत्र को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में आपका अहम योगदान रहेगा क्योंकि अपराध की जड़ नशा जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है यह बहुत चिंता का विषय है जिस पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना बहुत जरूरी है और हम सबकी भारतीय होने के नाते यह नैतिक जिम्मेदारी है की हम अपने क्षेत्र व शहर और जिला सहित प्रदेश एवं देश को नशा मुक्त अपराध मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हम सबको अपने अंदर जागरुकता उत्पन्न करनी होगी क्योंकि किसी भी अपराध नशा भ्रष्टाचारी बीमारी से मुक्ति पाने के लिए इंसान का जागरूक होना बहुत जरूरी है और जिस दिन हम भारतवासी अपराध की जड़ नशा के प्रति जागरूक हो गये उस दिन हमारे भारत देश में नशे के साथ अपराध भ्रष्टाचार का नामोनिशान नहीं होगा तभी हम अपने आने वाली पीढ़ियों को अच्छे वातावरण व संस्कार दे सकेंगे तभी हमारा भारत देश विश्वगुरु बनेगा इसीलिए एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था क्षेत्रवासियों एवं भारतवासियों को नशा मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त अपराध मुक्त अभियान के अंतर्गत जागरूक करने का लगातार प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी क्योंकि नशा मुक्त भारत हर भारतीय नागरिक की आवश्यकता है साथ ही संस्था प्रशासन के सभी अच्छे कार्यों में सहयोग करने के लिए सदैव तत्पर रहेगी
इस दौरान नवनियुक्त थानाध्यक्ष का स्वागत करने में संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार एक्टर साहिल राज गोविन्द मिस्त्री संदीप यादव आदि लोग उपस्थित है

तारुण्यातील मैत्री व चाळिशीनंतरची मैत्री

तारुण्यातील मैत्री व चाळिशीनंतरची मैत्री यात बराच फरक असतो*

*तारुण्यातल्या मैत्रीत खूप मजा असते, आपण तारुण्यात कोणाची कदर करत नसतो. कारण तेव्हा मैत्रीचा खरा अर्थच कळलेला नसतो. मैत्री टिकली तर टिकली नाहीतर उडत गेली. कधी आपण पुढचा विचार करत नाही व पाठीमागे वळूनपण पाहात नाही. आपण आपल्या विश्वात खूप रमून जातो आणि आपलं विश्व त्या बेडकाच्या डबक्यासारखे असते. डबकं सोडून कधी विशाल सागराचा विचारच केलेला नसतो पण जेव्हा चाळिशीला पोहचतो तेव्हां कधी डबकं सोडून सागराला मिळालेलो असतो ते कळतसुद्धा नाही.*

*जेव्हा चाळिशीच्या सागरात मित्रमैत्रिणी भेटतात तेव्हा सगळ्या नात्यात ते मैत्रीचे नाते इतकं आपलसं वाटत असते की, ती मैत्री खूपखूप हवीहवीशी वाटत असते. नात्यापेक्षा मैत्रीचा आधार खूप हवासा वाटत असतो. मैत्रीत खूप मोकळेपणा असतो,*

*त्यात भेद अजिबात नसतो. आपली विचारांची तार जर जुळत असेल तर सर्व गोष्टी पडद्याआड न ठेवता आपण मनसोक्त गप्पागोष्टी करतो आणि आपलं कोणी ऐकून घेतं किंवा आपल्यासाठी वेळ काढतो, आपल्याला समजावून जो घेतो, सुखादुःखात सहभागी होतो व चुकलं तर बोलतात व माफ ही करतात असे मिळालेले मित्र म्हणजे ‘नवरत्ना’तल्या रत्नातले कोहिनूर हिरेच म्हटल तर वावगे ठरणार नाही. आपण कोणाचे कोणीच नसतो, पण आपलं मात्र काहीतरी ऋणानुबंध असतात म्हणूनच आपली भेट कोणत्या ना कोणत्या रूपात ही नक्कीच होते.*

*आत्ता आयुष्याची चाळिशी ओलांडल्यावर पुढचे आयुष्य हे बोनस आयुष्य आहे तेव्हा या वळणावर जेवढे मित्रमैत्रिणी भेटतात त्यांना भेटूया….*

*कोणाला काय माहीत की आपला प्रवास हा कुठेपर्यंत आहे? प्रत्येकाचे स्टेशन वेगळे आहे. ते आले की उतरावेच लागते… म्हणून जोपर्यंत प्रवास आपला चालू आहे त्या प्रवासात सगळे तक्रारींना काढून टाकूया. माहीत नाही परत आपण कधी, कुठे आणि कसे भेटू म्हणून मैत्रीची ही साथ खूप आधाराची व समाधानाची वाटते हे मात्र नक्की!*

*पण अशी मैत्री समजून घेणारे फार कमी असतात. ज्याला खरे निःस्वार्थी मित्र लाभले ते भाग्यवान*
🙏🙏😊

तारुण्यातील मैत्री व चाळिशीनंतरची मैत्री

तारुण्यातील मैत्री व चाळिशीनंतरची मैत्री यात बराच फरक असतो*

*तारुण्यातल्या मैत्रीत खूप मजा असते, आपण तारुण्यात कोणाची कदर करत नसतो. कारण तेव्हा मैत्रीचा खरा अर्थच कळलेला नसतो. मैत्री टिकली तर टिकली नाहीतर उडत गेली. कधी आपण पुढचा विचार करत नाही व पाठीमागे वळूनपण पाहात नाही. आपण आपल्या विश्वात खूप रमून जातो आणि आपलं विश्व त्या बेडकाच्या डबक्यासारखे असते. डबकं सोडून कधी विशाल सागराचा विचारच केलेला नसतो पण जेव्हा चाळिशीला पोहचतो तेव्हां कधी डबकं सोडून सागराला मिळालेलो असतो ते कळतसुद्धा नाही.*

*जेव्हा चाळिशीच्या सागरात मित्रमैत्रिणी भेटतात तेव्हा सगळ्या नात्यात ते मैत्रीचे नाते इतकं आपलसं वाटत असते की, ती मैत्री खूपखूप हवीहवीशी वाटत असते. नात्यापेक्षा मैत्रीचा आधार खूप हवासा वाटत असतो. मैत्रीत खूप मोकळेपणा असतो,*

*त्यात भेद अजिबात नसतो. आपली विचारांची तार जर जुळत असेल तर सर्व गोष्टी पडद्याआड न ठेवता आपण मनसोक्त गप्पागोष्टी करतो आणि आपलं कोणी ऐकून घेतं किंवा आपल्यासाठी वेळ काढतो, आपल्याला समजावून जो घेतो, सुखादुःखात सहभागी होतो व चुकलं तर बोलतात व माफ ही करतात असे मिळालेले मित्र म्हणजे ‘नवरत्ना’तल्या रत्नातले कोहिनूर हिरेच म्हटल तर वावगे ठरणार नाही. आपण कोणाचे कोणीच नसतो, पण आपलं मात्र काहीतरी ऋणानुबंध असतात म्हणूनच आपली भेट कोणत्या ना कोणत्या रूपात ही नक्कीच होते.*

*आत्ता आयुष्याची चाळिशी ओलांडल्यावर पुढचे आयुष्य हे बोनस आयुष्य आहे तेव्हा या वळणावर जेवढे मित्रमैत्रिणी भेटतात त्यांना भेटूया….*

*कोणाला काय माहीत की आपला प्रवास हा कुठेपर्यंत आहे? प्रत्येकाचे स्टेशन वेगळे आहे. ते आले की उतरावेच लागते… म्हणून जोपर्यंत प्रवास आपला चालू आहे त्या प्रवासात सगळे तक्रारींना काढून टाकूया. माहीत नाही परत आपण कधी, कुठे आणि कसे भेटू म्हणून मैत्रीची ही साथ खूप आधाराची व समाधानाची वाटते हे मात्र नक्की!*

*पण अशी मैत्री समजून घेणारे फार कमी असतात. ज्याला खरे निःस्वार्थी मित्र लाभले ते भाग्यवान*
🙏🙏😊

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से..

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से कोरोना वायरस ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए होने वाले आगामी सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों को कुछ समय के लिए स्थगित करने के लिए संस्था पदाधिकारियों ने हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति व मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन भेजा
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू अधिवक्ता पंकज तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि कोरोना वायरस ओमिक्रॉन का संक्रमण भारत देश में पिछले कुछ दिनों से बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है जो बहुत ही चिंता का विषय है फिर भी राजनीतिक पार्टियां होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए लगातार भीड़ इकट्ठा कर रैलियां और जनसभाएं कर रही है जिससे कोरोना वायरस ओमिक्रॉन का संक्रमण लोगों में बहुत तेजी से फैल सकता है इसलिए आगामी सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों को कुछ समय के लिए स्थगित करना ही उचित होगा क्योंकि अगर चुनाव के चक्कर में इसी तरह भीड़ इकट्ठा करने वाले कार्यक्रम आगे भी होते रहे तो कोरोना वायरस ओमिक्रॉन का संक्रमण बहुत तेजी से फैल कर लोगों की जिंदगी को तबाह कर सकता हैं इसलिए होने वाली अनहोनी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आगामी सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों को कुछ समय के लिए यथाशीघ्र स्थगित किया जाए जिससे आम जनमानस के जीवन को पूर्ण रूप से सुरक्षित किया जा सके
इस दौरान ज्ञापन देने में संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार अधिवक्ता पंकज तिवारी एक्टर साहिल राज रितिक साहू दीपक कुमार मुकेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे

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