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हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक – 19 फरवरी 2022* ⛅ *दिन – शनिवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 19 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – शनिवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – वसंत ऋतु प्रारंभ*
⛅ *मास – फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार- माघ)*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – तृतीया रात्रि 09:56 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
⛅ *नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी शाम 04:51 तक तत्पश्चात हस्त*
⛅ *योग – धृति शाम 04:57 तक तत्पश्चात शूल*
⛅ *राहुकाल – सुबह 10:00 से सुबह 11:26 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:07*
⛅ *सूर्यास्त – 18:37*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – छत्रपति शिवाजी जयंती (दि.अ.)*
💥 *विशेष – तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷
👉 *20 फरवरी 2022 रविवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 10:07)*
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

‪🌷 *चतुर्थी‬ तिथि विशेष* 🌷

🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।*
📆 *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।*
🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥*
➡ *“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷
🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*
👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
🙏🏻

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक – 18 फरवरी 2022* ⛅ *दिन – शुक्रवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 18 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – वसंत ऋतु प्रारंभ*
⛅ *मास – फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार- माघ)*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – द्वितीया रात्रि 10:29 तक तत्पश्चात तृतीया*
⛅ *नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी शाम 04:42 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
⛅ *योग – सुकर्मा शाम 06:31 तक तत्पश्चात धृति*
⛅ *राहुकाल – सुबह 11:26 से दोपहर 12:53 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:08*
⛅ *सूर्यास्त – 18:36*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – वसंत ऋतु प्रारंभ*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वसंत ऋतु का संदेश* 🌷
🍝 *खान-पान का ध्यान विशेष-वसंत ऋतु का है संदेश*
➡ *18 फरवरी 2022 शुक्रवार से वसंत ऋतु प्रारंभ ।*
🍃 *ऋतुराज वसंत शीत व उष्णता का संधिकाल है | इसमें शीत ऋतु का संचित कफ सूर्य की संतप्त किरणों से पिघलने लगता है, जिससे जठराग्नि मंद हो जाती है और सर्दी-खाँसी, उल्टी-दस्त आदि अनेक रोग उत्पन्न होने लगते हैं | अतः इस समय आहार-विहार की विशेष सावधानी रखनी चाहिए |*
🍝 *आहार : इस ऋतु में देर से पचनेवाले, शीतल पदार्थ, दिन में सोना, स्निग्ध अर्थात घी-तेल में बने तथा अम्ल व रसप्रधान पदार्थो का सेवन न करें क्योंकि ये सभी कफ वर्धक हैं | (अष्टांगहृदय ३.२६)*
🍃 *वसंत में मिठाई, सूखा मेवा, खट्टे-मीठे फल, दही, आईसक्रीम तथा गरिष्ठ भोजन का सेवन वर्जित है | इन दिनों में शीघ्र पचनेवाले, अल्प तेल व घी में बने, तीखे, कड़वे, कसैले, उष्ण पदार्थों जैसे- लाई, मुरमुरे, जौ, भुने हुए चने, पुराना गेहूँ, चना, मूँग , अदरक, सौंठ, अजवायन, हल्दी, पीपरामूल, काली मिर्च, हींग, सूरन, सहजन की फली, करेला, मेथी, ताजी मूली, तिल का तेल, शहद, गौमूत्र आदि कफनाशकपदार्थों का सेवन करें | भरपेट भोजन ना करें | नमक का कम उपयोग तथा १५ दिनों में एक कड़क उपवास स्वास्थ्य के लिए हितकारी है | उपवास के नाम पर पेट में फलाहार ठूँसना बुद्धिमानी नही है |*
➡ *विहार : ऋतु-परिवर्तन से शरीर में उत्पन्न भारीपन तथा आलस्य को दूर करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठना, व्यायाम, दौड़, तेज चलना, आसन तथा प्राणायाम (विशेषकर सूर्यभेदी) लाभदायी है | तिल के तेल से मालिश कर सप्तधान उबटन से स्नान करना स्वास्थ्य की कुंजी है |*
🌷 *वसंत ऋतु के विशेष प्रयोग* 🌷
🔶 *२ से ३ ग्राम हरड चूर्ण में समभाग मिलाकर सुबह खाली पेट लेने से ‘रसायन’ के लाभ प्राप्त होते हैं |*
🔶 *१५ से २० नीम के पत्ते तथा २-३ काली मिर्च १५-२० दिन चबाकर खाने से वर्षभर चर्मरोग, ज्वर, रक्तविकार आदि रोगों से रक्षा होती है |*
🔶 *अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसमें नींबू का रस और थोडा नमक मिला के सेवन करने से मंदाग्नि दूर होती है |*
🔶 *५ ग्राम रात को भिगोयी हुई मेथी सुबह चबाकर पानी पीने से पेट की गैस दूर होती है |*
🔶 *रीठे का छिलका पानी में पीसकर २-२ बूँद नाक में टपकाने से आधासीसी (सिर) का दर्द दूर होता है |*
🔶 *१० ग्राम घी में १५ ग्राम गुड़ मिलाकर लेने से सूखी खाँसी में राहत मिलती है |*
🔶 *१० ग्राम शहद, २ ग्राम सोंठ व १ ग्राम काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम चाटने से बलगमी खाँसी दूर होती है |*
🔥 *सावधानी : मुँह में कफ आने पर उसे तुरंत बाहर निकाल दें | कफ की तकलीफ में अंग्रेजी दवाइयाँ लेने से कफ सूख जाता है, जो भविष्य में टी.बी., दमा, कैंसर जैसे गम्भीर रोग उत्पन्न कर सकता है | अतः कफ बढ़ने पर ? जकरणी जलनेति का प्रयोग करें (विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें आश्रम से प्रकाशित पुस्तक ‘योगासन’) |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक – 18 फरवरी 2022* ⛅ *दिन – शुक्रवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 18 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – वसंत ऋतु प्रारंभ*
⛅ *मास – फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार- माघ)*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – द्वितीया रात्रि 10:29 तक तत्पश्चात तृतीया*
⛅ *नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी शाम 04:42 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
⛅ *योग – सुकर्मा शाम 06:31 तक तत्पश्चात धृति*
⛅ *राहुकाल – सुबह 11:26 से दोपहर 12:53 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:08*
⛅ *सूर्यास्त – 18:36*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – वसंत ऋतु प्रारंभ*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वसंत ऋतु का संदेश* 🌷
🍝 *खान-पान का ध्यान विशेष-वसंत ऋतु का है संदेश*
➡ *18 फरवरी 2022 शुक्रवार से वसंत ऋतु प्रारंभ ।*
🍃 *ऋतुराज वसंत शीत व उष्णता का संधिकाल है | इसमें शीत ऋतु का संचित कफ सूर्य की संतप्त किरणों से पिघलने लगता है, जिससे जठराग्नि मंद हो जाती है और सर्दी-खाँसी, उल्टी-दस्त आदि अनेक रोग उत्पन्न होने लगते हैं | अतः इस समय आहार-विहार की विशेष सावधानी रखनी चाहिए |*
🍝 *आहार : इस ऋतु में देर से पचनेवाले, शीतल पदार्थ, दिन में सोना, स्निग्ध अर्थात घी-तेल में बने तथा अम्ल व रसप्रधान पदार्थो का सेवन न करें क्योंकि ये सभी कफ वर्धक हैं | (अष्टांगहृदय ३.२६)*
🍃 *वसंत में मिठाई, सूखा मेवा, खट्टे-मीठे फल, दही, आईसक्रीम तथा गरिष्ठ भोजन का सेवन वर्जित है | इन दिनों में शीघ्र पचनेवाले, अल्प तेल व घी में बने, तीखे, कड़वे, कसैले, उष्ण पदार्थों जैसे- लाई, मुरमुरे, जौ, भुने हुए चने, पुराना गेहूँ, चना, मूँग , अदरक, सौंठ, अजवायन, हल्दी, पीपरामूल, काली मिर्च, हींग, सूरन, सहजन की फली, करेला, मेथी, ताजी मूली, तिल का तेल, शहद, गौमूत्र आदि कफनाशकपदार्थों का सेवन करें | भरपेट भोजन ना करें | नमक का कम उपयोग तथा १५ दिनों में एक कड़क उपवास स्वास्थ्य के लिए हितकारी है | उपवास के नाम पर पेट में फलाहार ठूँसना बुद्धिमानी नही है |*
➡ *विहार : ऋतु-परिवर्तन से शरीर में उत्पन्न भारीपन तथा आलस्य को दूर करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठना, व्यायाम, दौड़, तेज चलना, आसन तथा प्राणायाम (विशेषकर सूर्यभेदी) लाभदायी है | तिल के तेल से मालिश कर सप्तधान उबटन से स्नान करना स्वास्थ्य की कुंजी है |*
🌷 *वसंत ऋतु के विशेष प्रयोग* 🌷
🔶 *२ से ३ ग्राम हरड चूर्ण में समभाग मिलाकर सुबह खाली पेट लेने से ‘रसायन’ के लाभ प्राप्त होते हैं |*
🔶 *१५ से २० नीम के पत्ते तथा २-३ काली मिर्च १५-२० दिन चबाकर खाने से वर्षभर चर्मरोग, ज्वर, रक्तविकार आदि रोगों से रक्षा होती है |*
🔶 *अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसमें नींबू का रस और थोडा नमक मिला के सेवन करने से मंदाग्नि दूर होती है |*
🔶 *५ ग्राम रात को भिगोयी हुई मेथी सुबह चबाकर पानी पीने से पेट की गैस दूर होती है |*
🔶 *रीठे का छिलका पानी में पीसकर २-२ बूँद नाक में टपकाने से आधासीसी (सिर) का दर्द दूर होता है |*
🔶 *१० ग्राम घी में १५ ग्राम गुड़ मिलाकर लेने से सूखी खाँसी में राहत मिलती है |*
🔶 *१० ग्राम शहद, २ ग्राम सोंठ व १ ग्राम काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम चाटने से बलगमी खाँसी दूर होती है |*
🔥 *सावधानी : मुँह में कफ आने पर उसे तुरंत बाहर निकाल दें | कफ की तकलीफ में अंग्रेजी दवाइयाँ लेने से कफ सूख जाता है, जो भविष्य में टी.बी., दमा, कैंसर जैसे गम्भीर रोग उत्पन्न कर सकता है | अतः कफ बढ़ने पर ? जकरणी जलनेति का प्रयोग करें (विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें आश्रम से प्रकाशित पुस्तक ‘योगासन’) |*
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🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक – 17 फरवरी 2022* ⛅ *दिन – गुरुवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 17 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – गुरुवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार- माघ)*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – प्रतिपदा रात्रि 10:40 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र – मघा शाम 04:11 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
⛅ *योग – अतिगण्ड शाम 07:47 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 02:19 से शाम 03:45 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:09*
⛅ *सूर्यास्त – 18:36*
⛅ *दिशाशूल – दक्षिण दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – गुरु प्रतिपदा*
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वसंत ऋतू में विशेष उपयोगी कफनाशक पेय* 🌷
➡ *(वसंत ऋतू : 18 फरवरी से 19 अप्रैल 2022 )*
👉🏻 *आधा लीटर पानी में ३ से ५ तेजपत्ते, २ इंच अदरक के १ या २ टुकड़े (काट के ) और ३ – ४ लौंग डाल के १० – १५ मिनट उबालें | ठंडा होने पर छान के २ चम्मच शहद मिलाकर रख लें | इसे दिन में तीन – चार बार आधा कप गुनगुने पानी में थोडा-थोडा डाल के पिये | बिना शहद मिलाये मधुमेह में भी ले सकते हैं |*
👉🏻 *लाभ: यह प्रयोग रुचिवर्धक, पाचक, रक्तशोधक, व उत्तम कफशामक है | सर्दी, जुकाम और खाँसी में लाभदायी है | वसंत ऋतू में कफजन्य समस्याएँ ज्यादा होती हैं अत: इन दिनों में यह विशेष उपयोगी है | इसमें लौंग होने से यह प्रयोग श्वासनली में जमा कफ को आसानी से बाहर निकालता है | अदरक वायरस से लड़ने में सहायक है |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वसंत ऋतु में क्या करें क्या न करें* 🌷
👉🏻 *18 फरवरी से 19 अप्रैल तक क्या करें*
✅ *1] कड़वे, तीखे, कसैले, शीघ्र पचनेवाले, रुक्ष (चिकनाईरहित) व उष्ण पदार्थों का सेवन करें | (अष्टांगह्रदय, योगरत्नाकर )*
✅ *2] पुराने जौ तथा गेहूँ की रोटी, मूँग, साठी चावल, करेला, लहसुन, अदरक, सूरन, कच्ची मूली, लौकी, तोरई, बैंगन, सोंठ, काली मिर्च, पीपर, अजवायन, राई, हींग, मेथी, गिलोय, हरड, बहेड़ा, आँवला आदि का सेवन हितकारी है |*
✅ *3] सूर्योदय से पूर्व उठकर प्रात:कालीन वायु का सेवन, प्राणायाम, योगासन – व्यायाम, मालिश, उबटन से स्नान तथा जलनेति करें |*
✅ *4] अंगारों पर थोड़ी-सी अजवायन डालकर उसके धूएँ का सेवन करने से सर्दी, जुकाम, कफजन्य सिरदर्द आदि में लाभ होता है |*
✅ *5] २ से ३ ग्राम हरड चूर्ण में समभाग शहद मिलाकर सुबह खाली पेट लेने से रसायन के लाभ प्राप्त होते हैं |*
👉🏻 *18 फरवरी से 19 अप्रैल तक क्या न करें*
❌ *1] खट्टे, मधुर, खारे, स्निग्ध (घी – तेल से बने), देर से पचनेवाले व शीतल पदार्थो का सेवन हितकर नहीं है, अत: इनका सेवन अधिक न करें | (अष्टांगह्रदय, चरक संहिता )*
❌ *2] नया गेहूँ व चावल, खट्टे फल, आलू, उड़द की दाल, कमल – ककड़ी, अरवी, पनीर, पिस्ता, काजू, शरीफा, नारंगी, दही, गन्ना, नया गुड़, भैस का दूध, सिंघाड़े, कटहल आदि का सेवन अहितकर है |*
❌ *3] दिन में सोना, ओस में सोना, रात्रि – जागरण, परिश्रम न करना हानिकारक है | अति परिश्रम या अति व्यायाम भी न करें |*
❌ *4] आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स व फ्रिज के ठंडे पानी का सेवन न करें |*
❌ *5] एक साथ लम्बे समय तक बैठे या सोयें नहीं तथा अधिक देर तक व ठंडे पानी से स्नान न करें |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक – 16 फरवरी 2022* ⛅ *दिन – बुधवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 16 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – पूर्णिमा रात्रि 10:25 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
⛅ *नक्षत्र – अश्लेशा शाम 03:14 तक तत्पश्चात मघा*
⛅ *योग – शोभन रात्रि 08-44 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 12:53 से दोपहर 02:19 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:09*
⛅ *सूर्यास्त – 18:35*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – व्रत पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा, माघ स्नान समाप्त, संत रविदास जी जयंती*
💥 *विशेष – पूर्णिमा,और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *कष्ट-बाधा और पितृदोष का उपाय* 🌷
🙏🏻 *सदगुरु या इष्ट का ध्यान करते हुए निम्नलिखित शिव-गायत्री मंत्र की एक माला सुबह अथवा शाम की संध्याओं में कभी भी कुछ दिन जपने से पितृदोष, कष्ट-बाधा दूर हो जाते हैं तथा पितर भी प्रसन्न होते हैं | जब पितर प्रसन्न होते हैं तो घर में सुख-समृद्धि, वंशवृद्धि व सर्वत्र उन्नति देते हैं |*
👉🏻 *मंत्र*
🌷 *ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि | तन्नो रुद्र: प्रचोदयात् ||*
*(लिंग पुराण, उत्तर भाग :४८.७)*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *माघी पूर्णिमा* 🌷
🙏🏻 *(16 फरवरी, बुधवार) माघ मास की पूर्णिमा है। धर्म ग्रंथों में इसे माघी पूर्णिमा कहा गया है। इस पूर्णिमा पर संयम से रहना, सुबह स्नान करना एवं व्रत, दान करना आदि नियम बताए गए हैं। इस समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए इस समय व्रत करने से शरीर रोगग्रस्त नहीं होता एवं आगे आने वाले समय के लिए सकारात्मकता प्राप्त होती है।*
🙏🏻 *माघी पूर्णिमा की सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। फिर पितरों का श्राद्ध कर निशक्तजनों को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, जूते, फल, अन्न आदि का दान करें। इस दिन सोने एवं चांदी का दान भी किया जाता है। गौ दान का विशेष फल प्राप्त होता है।*
🙏🏻 *इसी दिन संयमपूर्वक आचरण कर व्रत करें। इस दिन ज्यादा जोर से बोलना या किसी पर क्रोध नहीं करना चाहिए। गृह क्लेश से बचना चाहिए। गरीबों एवं जरुरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके द्वारा या आपके मन, वचन या कर्म के माध्यम से किसी का अपमान न हो। इस प्रकार संयमपूर्वक व्रत करने से व्रती को पुण्य फल प्राप्त होते हैं।*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठातील ‘सी4आय4’ लॅबचे राज्यपालांच्या हस्ते उद्घाटन

सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठातील ‘सी4आय4’ लॅबचे राज्यपालांच्या हस्ते उद्घाटन*

पुणे, दि. 14: सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठात उभारण्यात आलेल्या ‘सेंटर फॉर इंडस्ट्री ४.०’ (सी4आय4 लॅब) येथील ‘एसएमई प्रॉडक्ट डेव्हलपमेंट अँड अनँलिटीक्स लॅब’चे उद्घाटन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी यांच्या हस्ते व उच्च व तंत्रशिक्षण मंत्री उदय सामंत यांच्या उपस्थितीत झाले.

यावेळी, किर्लोस्कर उद्योग समूहाचे उद्योगपती राहुल किर्लोस्कर, कुलगुरू डॉ.नितीन करमळकर, लॅबचे संचालक दत्तात्रय नवलगुंदकर आदी उपस्थित होते.

केंद्र शासनाच्या ‘समर्थ’ उद्योग कार्यक्रमांतर्गत इंडस्ट्री.4 ला गती देण्यासाठी स्थापन करण्यात आलेल्या 5 केंद्रामध्ये ‘सी4आय4’  लॅबचा समावेश आहे. ही लॅब  उद्योग आणि शैक्षणिक क्षेत्रासाठी अनुभव केंद्र म्हणून खुले होत आहे. उद्योगांना येणाऱ्या अडचणींवर मात करण्यासाठी या लॅबमध्ये विश्लेषण आणि उत्पादन विकासच्या अनुषंगाने आधुनिक तंत्रज्ञानयुक्त साधने ठेवण्यात आली आहेत, असे यावेळी सांगण्यात आले.

लहान मुले व महिलांसाठी काम करणाऱ्या स्वंयसेवी संस्थानी एकत्रित यावे* *- पोलीस उपायुक्त सागर पाटील

लहान मुले व महिलांसाठी काम करणाऱ्या स्वंयसेवी संस्थानी एकत्रित यावे*
*- पोलीस उपायुक्त सागर पाटील*
*बालकांसाठी एक पाऊल न्यायासाठी उपक्रमाचा शुभारंभ*

नमोन्युजनेशन:- रामवर्मा आसबे

पुणे,दि. १५ : पुणे शहर तसेच जिल्ह्यात लहान मुले व महिलांसाठी काम करणाऱ्या स्वयंसेवी संस्थानी बालकांच्या अधिकारासंदर्भात कार्य करण्यासाठी एकत्रित यावे असे आवाहन पोलिस उपायुक्त सागर पाटील यांनी केले.

अल्पबचत भवन येथे ज्ञानशक्ती विकास वाहिनी व सत्यार्थी चिल्ड्रन फाऊंडेशनच्यावतीने आयोजित ‘बालकांसाठी एक पाऊल न्यायासाठी’ उपक्रमाच्या शुभारंभप्रसंगी श्री.पाटील बोलत होते. यावेळी वरिष्ठ पोलीस निरीक्षक अशोक कदम, बाल कल्याण संरक्षण समितीचे सदस्य अर्जुन दांगट, बाल संरक्षण अधिकारी परमानंद, बालकल्याण समितीचे बीना हीरेकर, कैलास सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशनच्या व्यवस्थापक हेमंती पवार, प्रसाद ताटे उपस्थित होत्या.

श्री. पाटील म्हणाले, आपल्याकडे सद्यस्थितीत बालकांचे प्रश्न मोठ्या प्रमाणात वाढलेले दिसतात, ते सोडविण्यासाठी कुटुंबातील प्रत्येकाची मानसिकता बदलायला हवी. एकत्र कुटुंब पद्धतीमध्ये संस्कृतीची जपवणुक होत असल्याने या संस्कृतीला अनन्यसाधारण महत्त्व असल्याचे त्यांनी सांगितले.

लष्कर पोलीस स्टेशनने पहिले चाइल्ड फ्रेंडली पोलीस स्टेशनचा बहुमान मिळवला असल्याचा उल्लेख करून श्री. पाटील म्हणाले, व्यसनाधिन मुले तसेच न कळत घडणाऱ्या चुकांना सुधारण्याची संधी देण्यासाठी ‘चाइल्ड फ्रेंडली’ पोलीस स्टेशन काम करते. या सर्व उपक्रमात स्वयंसेवी संस्थांचा सहभागही महत्त्वाचा ठरणार आहे. संस्थांनी एकत्रित येत याकामी पुढाकार घ्यावा, असे आवाहनही त्यांनी केले.

श्री. दांगट म्हणाले, बालकांच्या संरक्षणासाठी सर्व यंत्रणा कार्यरत आहेत. बालकांची सुरक्षा फक्त कायद्याने निर्माण होणार नाही, त्यासाठी समाजातील प्रत्येक घटकाचा सहभाग असला पाहीजे.

श्री. परमानंद म्हणाले, बालकांची काळजी व संरक्षणाची गरज आहे. आपली सर्वांची ही सामाजिक जबाबदारी आहे. बालकांशी संवाद साधला पाहीजे, त्यांच्या अडचणी समजून घेतल्या पाहीजेत. पुणे जिल्ह्यात चाइल्ड फ्रेंडली पोलीस स्टेशनची संख्या वाढत असून चांगला उप्रकम असल्याचेही ते म्हणाले.

श्री. कदम म्हणाले, कुटुंबातील सुख महत्त्वाचे आहे. पालक व मुलांमधील संवाद महत्त्वाचा आहे. मुलांशी संवादातून मुलांना काय पाहीजे, याबाबत पालकांना सहज समजू शकेल.

ज्ञानशक्ती संस्थेच्या कार्यकारी संचालिका गार्गी काळे पाटील यांनी संस्थेच्यावतीने सुरू करण्यात आलेल्या ‘बालकांसाठी एक पाऊल न्यायासाठी’ उपक्रमाबाबत माहिती दिली.15 फेब्रुवारी ते 8 मार्च 2022 या कालावधीत हा जनजागृती उपक्रम राबविण्यात येणार असल्याचे त्यांनी सांगितले.

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू सदस्य रितिक साहू के नेतृत्व में

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू सदस्य रितिक साहू के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में पाकिस्तानी आतंकी हमले में भारतीय सेना के शहीद जवानों की तृतीय पुण्यतिथि पर संस्था पदाधिकारियों ने हल्द्वानी राजपुरा में कैंडल जलाकर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धा सुमन भावभीनी श्रद्धांजलि दी
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार ने संयुक्त रूप से कहा की पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों की शहादत को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है क्योंकि भारतीय सेना के जवान हजारों फुट की ऊंचाई पर अपनी हड्डियाँ गलाकर दुश्मनों की हर हरकत पर पैनी निगाह रखते हुऐं दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देकर दुश्मनों को संभलने का मौका भी नहीं देते हैं तब जाकर हम अपने अपने गांवों शहरों और घरों में सुरक्षित रहते हैं और तभी हम अपने सारे त्यौहार पूरी खुशी के साथ मना पाते हैं इसलिए हम सभी भारतीयों का यह फर्ज है की हमारी सुरक्षा के लिए भारतीय सेना के जवान अपनी जान की परवाह न करते हुए भारत देश व भारतवासियों को हमेशा सुरक्षित रखते है तो हम सभी भारतीयों को भी अपनी भारतीय सेना के त्याग तपस्या बलिदान अदम्य साहस पराक्रम के प्रति सच्ची निष्ठा आस्था बनाए रखते हुए हमेशा भक्ति भाव प्रकट करना चाहिए जिससे हमारे देश भारत की अटूट स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने में सभी भारतवासियों के साथ भारतीय सेना को भी और मजबूती मिलेगी
इस दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि देने में संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार मीडिया प्रभारी मुकेश सरकार एक्टर साहिल राज समाजसेवी पंकज कश्यप रितिक साहू सूरज मिस्त्री जानकी कश्यप दीपक कुमार मनीष साहू हैप्पी महेश्वरी सुशील राय संदीप यादव रोहतास प्रजापति नीलकमल मण्डल गोलू अरोड़ा सचिन कुमार गोविन्द मिस्त्री कनिष्का साहू निखिल साहू अशोक सिंह हिमांशु बाल्मीकि निशांत कुमार सुनील गुप्ता प्रभाकर आर्या संजय सिंह सूरज कुम्हार मुकेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे

हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक – 15 फरवरी 2022* ⛅ *दिन – मंगलवार

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक – 15 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – चतुर्दशी रात्रि 09:42 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
⛅ *नक्षत्र – पुष्य दोपहर 01:49 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
⛅ *योग – सौभाग्य रात्रि 09:18 तक तत्पश्चात शोभन*
⛅ *राहुकाल – शाम 03:45 से शाम 05:11 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:10*
⛅ *सूर्यास्त – 18:35*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष – चतुर्दशी,पूर्णिमा, और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *माघी पूर्णिमा* 🌷
🙏🏻 *ऐसे तो माघ की प्रत्येक तिथि पुण्यपर्व है, तथापि उनमें भी माघी पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्त्व है । इस दिन स्नानादि से निवृत्त होकर भगवत्पूजन, श्राद्ध तथा दान करने का विशेष फल है । माघी पूर्णिमा के दिन तिल, सूती कपडे, कम्बल, रत्न, पगडी, जूते आदि का अपने वैभव के अनुसार दान करके मनुष्य स्वर्गलोक में सुखी होता है । ‘मत्स्य पुराण के अनुसार इस दिन जो व्यक्ति ‘ब्रह्मवैवर्त पुराण का दान करता है, उसे ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है । (मत्स्यपुराण ५३ । ३५)*
💥 *विशेष – 16 फरवरी 2022 बुधवार को माघी पूर्णिमा है।*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *माघी पूर्णिमा* 🌷
🙏🏻 *धर्म शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि को विशेष फलदाई माना गया है। उन सभी पूर्णिमाओं में माघी पूर्णिमा (इस बार 16 फरवरी, बुधवार) का महत्व कहीं अधिक है। पुराणों के अनुसार, इस दिन विशेष उपाय करने से धन की देवी मां लक्ष्मी शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती हैं। और भी कई उपाय इस दिन करने से शुभ फल मिलते हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं-*

➡ *1. माघी पूर्णिमा माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष तिथि मानी गई है। इस पूर्णिमा की रात लगभग 12 बजे महालक्ष्मी की भगवान विष्णु सहित पूजा करें एवं रात को ही घर के मुख्य दरवाजे पर घी का दीपक लगाएं। इस उपाय से माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर उस घर में निवास करती हैं।*

➡ *2. माघी पूर्णिमा की सुबह पास के किसी लक्ष्मी मंदिर में जाएं और 11 गुलाब के फूल अर्पित करें। इससे माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की कृपा भी आपको प्राप्त होगी और अचानक धन लाभ के योग भी बनेंगे।*

➡ *3. माघी पूर्णिमा की सुबह पूरे विधि-विधान से माता सरस्वती की भी पूजा की जाती है। इस दिन माता सरस्वती को सफेद फूल चढ़ाएं व खीर का भोग लगाएं। विद्या, बुद्धि देने वाली यह देवी इस उपाय से विशेष प्रसन्न होती हैं।*

➡ *4. पितरों के तर्पण के लिए भी यह दिन उत्तम माना गया है। इस दिन पितरों के निमित्त जलदान, अन्नदान, भूमिदान, वस्त्र एवं भोजन पदार्थ दान करने से उन्हें तृप्ति होती है। जोड़े सहित ब्राह्मणों को भोजन कराने से अनन्त फल की प्राप्ति होती है।*

➡ *5. वैसे तो सभी पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की पूजा होती है किंतु माघ मास की पूर्णिमा पर इसका महत्व बढ़कर बताया गया है। शाम को भगवान सत्यनारायण की पूजा कर, धूप दीप नैवेद्य अर्पण करें। भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें।*

➡ *6. माघी पूर्णिमा पर दान का भी विशेष महत्व है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन जरूरतमंदों को तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, मोदक, जूते, फल, अन्न आदि का दान करना चाहिए।*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩

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⛅ *दिनांक – 15 फरवरी 2022*
⛅ *दिन – मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – चतुर्दशी रात्रि 09:42 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
⛅ *नक्षत्र – पुष्य दोपहर 01:49 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
⛅ *योग – सौभाग्य रात्रि 09:18 तक तत्पश्चात शोभन*
⛅ *राहुकाल – शाम 03:45 से शाम 05:11 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:10*
⛅ *सूर्यास्त – 18:35*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
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💥 *विशेष – चतुर्दशी,पूर्णिमा, और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
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🌷 *माघी पूर्णिमा* 🌷
🙏🏻 *ऐसे तो माघ की प्रत्येक तिथि पुण्यपर्व है, तथापि उनमें भी माघी पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्त्व है । इस दिन स्नानादि से निवृत्त होकर भगवत्पूजन, श्राद्ध तथा दान करने का विशेष फल है । माघी पूर्णिमा के दिन तिल, सूती कपडे, कम्बल, रत्न, पगडी, जूते आदि का अपने वैभव के अनुसार दान करके मनुष्य स्वर्गलोक में सुखी होता है । ‘मत्स्य पुराण के अनुसार इस दिन जो व्यक्ति ‘ब्रह्मवैवर्त पुराण का दान करता है, उसे ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है । (मत्स्यपुराण ५३ । ३५)*
💥 *विशेष – 16 फरवरी 2022 बुधवार को माघी पूर्णिमा है।*
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🌷 *माघी पूर्णिमा* 🌷
🙏🏻 *धर्म शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि को विशेष फलदाई माना गया है। उन सभी पूर्णिमाओं में माघी पूर्णिमा (इस बार 16 फरवरी, बुधवार) का महत्व कहीं अधिक है। पुराणों के अनुसार, इस दिन विशेष उपाय करने से धन की देवी मां लक्ष्मी शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती हैं। और भी कई उपाय इस दिन करने से शुभ फल मिलते हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं-*

➡ *1. माघी पूर्णिमा माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष तिथि मानी गई है। इस पूर्णिमा की रात लगभग 12 बजे महालक्ष्मी की भगवान विष्णु सहित पूजा करें एवं रात को ही घर के मुख्य दरवाजे पर घी का दीपक लगाएं। इस उपाय से माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर उस घर में निवास करती हैं।*

➡ *2. माघी पूर्णिमा की सुबह पास के किसी लक्ष्मी मंदिर में जाएं और 11 गुलाब के फूल अर्पित करें। इससे माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की कृपा भी आपको प्राप्त होगी और अचानक धन लाभ के योग भी बनेंगे।*

➡ *3. माघी पूर्णिमा की सुबह पूरे विधि-विधान से माता सरस्वती की भी पूजा की जाती है। इस दिन माता सरस्वती को सफेद फूल चढ़ाएं व खीर का भोग लगाएं। विद्या, बुद्धि देने वाली यह देवी इस उपाय से विशेष प्रसन्न होती हैं।*

➡ *4. पितरों के तर्पण के लिए भी यह दिन उत्तम माना गया है। इस दिन पितरों के निमित्त जलदान, अन्नदान, भूमिदान, वस्त्र एवं भोजन पदार्थ दान करने से उन्हें तृप्ति होती है। जोड़े सहित ब्राह्मणों को भोजन कराने से अनन्त फल की प्राप्ति होती है।*

➡ *5. वैसे तो सभी पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की पूजा होती है किंतु माघ मास की पूर्णिमा पर इसका महत्व बढ़कर बताया गया है। शाम को भगवान सत्यनारायण की पूजा कर, धूप दीप नैवेद्य अर्पण करें। भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें।*

➡ *6. माघी पूर्णिमा पर दान का भी विशेष महत्व है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन जरूरतमंदों को तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, मोदक, जूते, फल, अन्न आदि का दान करना चाहिए।*

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