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आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 30 अप्रैल 2023 दिन – रविवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 30 अप्रैल 2023*
*⛅दिन – रविवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – वैशाख*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – दशमी रात्रि 08:28 तक तत्पश्चात एकादशी*
*⛅नक्षत्र – मघा दोपहर 03:30 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
*⛅योग – वृद्धि सुबह 11:17 तक तत्पश्चात ध्रुव*
*⛅राहु काल – शाम 05:29 से 07:06 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:08*
*⛅सूर्यास्त – 07:06*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:39 से 05:24 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – श्री माँ आनन्दमयी जयंती*
*⛅विशेष – दशमी को कलंबी शाक त्याज्य है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹मोहिनी एकादशी – 01 मई 2023🌹*

*🔹एकादशी तिथि 30 अप्रैल रात्रि 08:28 से 01 मई रात्रि 10:09 तक*

*🔸एकादशी के दिन कुछ बातों का ध्यान रखें🔸*

*१. बार-बार पानी नही पियें ।*

*२. वाणी या शरीर से हिंसा न करें ।*

*३. अपवित्रता का त्याग करें ।*

*४. असत्य भाषण न करें ।*

*५. पान न चबायें ।*

*६. दिन को नीद न करें ।*

*७. संसारी व्यवहार- मैथुन भूलकर भी न करें ।*

*८. जुआ और जुआरियों की बातों में न आयें ।*

*९. रात को शयन कम करें, थोड़ा जागरण करें ( रात्रि १२ बजे तक ) ।*

*१०. पतित, हलकी वार्ता करें-सुनें नहीं ।*

*११. दातुन न चबायें, मंजन कर लें ।*

*🔸एकादशी व्रत के लाभ🔸*

*👉 एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।*

*👉 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*

*👉 जो पुण्य गौ-दान, सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*

*👉 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*

*👉 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*

*👉 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*

*👉 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ । भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 30 अप्रैल 2023 दिन – रविवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 30 अप्रैल 2023*
*⛅दिन – रविवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – वैशाख*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – दशमी रात्रि 08:28 तक तत्पश्चात एकादशी*
*⛅नक्षत्र – मघा दोपहर 03:30 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
*⛅योग – वृद्धि सुबह 11:17 तक तत्पश्चात ध्रुव*
*⛅राहु काल – शाम 05:29 से 07:06 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:08*
*⛅सूर्यास्त – 07:06*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:39 से 05:24 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – श्री माँ आनन्दमयी जयंती*
*⛅विशेष – दशमी को कलंबी शाक त्याज्य है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹मोहिनी एकादशी – 01 मई 2023🌹*

*🔹एकादशी तिथि 30 अप्रैल रात्रि 08:28 से 01 मई रात्रि 10:09 तक*

*🔸एकादशी के दिन कुछ बातों का ध्यान रखें🔸*

*१. बार-बार पानी नही पियें ।*

*२. वाणी या शरीर से हिंसा न करें ।*

*३. अपवित्रता का त्याग करें ।*

*४. असत्य भाषण न करें ।*

*५. पान न चबायें ।*

*६. दिन को नीद न करें ।*

*७. संसारी व्यवहार- मैथुन भूलकर भी न करें ।*

*८. जुआ और जुआरियों की बातों में न आयें ।*

*९. रात को शयन कम करें, थोड़ा जागरण करें ( रात्रि १२ बजे तक ) ।*

*१०. पतित, हलकी वार्ता करें-सुनें नहीं ।*

*११. दातुन न चबायें, मंजन कर लें ।*

*🔸एकादशी व्रत के लाभ🔸*

*👉 एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।*

*👉 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*

*👉 जो पुण्य गौ-दान, सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*

*👉 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*

*👉 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*

*👉 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*

*👉 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ । भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*

*🔹 रविवार विशेष🔹*

*🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*

*🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*

*🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।*

*🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।*

*🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।*

*🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।*

*🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 29 अप्रैल 2023 दिन – शनिवार

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 29 अप्रैल 2023*
*⛅दिन – शनिवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – वैशाख*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – नवमी शाम 06:22 तक तत्पश्चात दशमी*
*⛅नक्षत्र – अश्लेषा दोपहर 12:37 तक तत्पश्चात मघा*
*⛅योग – गंड सुबह 10:32 तक तत्पश्चात वृद्धि*
*⛅राहु काल – सुबह 09:23 से 11:00 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:08*
*⛅सूर्यास्त – 07:06*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:40 से 05:24 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – श्री सीता नवमी*
*⛅विशेष – नवमी को लौकी खाना त्याज्य है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹 जीवन को सफल बनाने वाले सीता जी के 12 दिव्य गुण 🌹*

*🌹 (श्री सीता नवमी : 29 अप्रैल 2023 ) 🌹*

*🌹 पद्म पुराण (भूमि खंड, अध्याय 34) में स्त्री के जिन 12 दिव्य गुणों का वर्णन आता है, वे सारे-के-सारे सद्गुण सीता जी में थे ।*

*🌹 स्त्री का पहला सद्गुण है रूप । अपने रूप को साफ-सुथरा और प्रसन्नवदन रखना चाहिए, कृत्रिमता (फैशन) की गुलामी नहीं करनी चाहिए ।*

*🌹 सीता जी में दूसरा गुण था शील । शील माने लज्जा । स्त्री का आभूषण है लज्जा । तू तड़ाके की भाषा या फटाक-से बोल देना नहीं, बेशर्मी नहीं, लज्जा और संकोच करके पुरुषों के बीच बात करने का सद्गुण होता है शीलवान नारियों में ग।*

*🌹 सीता जी में तीसरा सद्गुण था सत्य वचन । सीता जी सारगर्भित बोलतीं, सत्य बोलतीं, दूसरों को मान देने वाला बोलतीं और आप अमानी रहती थीं ।*

*🌹 चौथा सद्गुण था आर्यता (सदाचार) । दुर्गुण-दुराचार में जो रत हैं उन महिलाओं की गंदगी अपने चित्त में या व्यवहार में न आये । छल-छिद्र, कपट का स्वभाव अपना न बने, सीता माता की नाईं अपने हृदय में सदाचार की भावना बढ़ती रहे इसका ख्याल रखना भारत की देवियाँ !*

*🌹 पाँचवाँ सद्गुण था धर्म-पालन । सीता जी वार-त्यौहार, तिथि के अनुरूप आचरण करतीं और घर का भोजन आदि बनाती थीं ।*

*🌹 छठा सद्गुण था सतीत्व (पातिव्रत्य) । श्री रामचन्द्र जी के सिवाय उनको और जो भी पुरुष दिखते वे अपने सपूतों जैसे दिखते या बड़ी उम्र के हों तो पिता की नाईं दिखते – ऐसा सद्गुण सीता जी में था । सीता जी के चित्त में स्वप्न में भी परपुरुष को पुरुषरूप में देखने की वृत्ति नहीं जगती थी । वे उत्तम पतिव्रता देवी थीं । पाषाण की मूर्ति में दृढ़ भक्ति करने से वहाँ से मनोवांछित फल मिलता है तो पति में तो साक्षात् परमात्मसत्ता है । उसके दोष या ऐब न देखकर उसमें परमात्म-सत्ता को देख के सेवा करने का सद्गुण – यह एक बड़ा भारी सद्गुण है, अपने-आपमें बहुत ऊँची बात है ।*

*🌹 सातवाँ सद्गुण था दृढ़ता । रावण जब सीता जी को रिझाने-समझाने आता है तो सीता जी तिनका रख देती हैं । फिर महीनों भर सीता जी रहीं, रावण तिनके की रेखा से आगे नहीं आया ।*

*🌹 आठवाँ सद्गुण है साहस । सीता जी जब अशोक वाटिका में रहती थीं तब राक्षस-राक्षसियाँ रावण के कहने से उन्हें डराने आते थे लेकिन सीता जी डरती नहीं थीं । अंदर से हँसती थीं कि ‘ये सब माया के खिलौने हैं, आत्मा अमर है । ये सब मन के डरावने खेल हैं । मैं क्यों डरूँ ?’*

*🌹 सीता जी में नौवाँ सद्गुण था मंगल गान । सीता जी ने कष्ट, प्रतिकूलताएँ सब कुछ सहा फिर भी कभी राम जी के प्रति फरियाद नहीं की । सदा उनका यश ही गाती रहीं ।*

*🌹 नारी का दसवाँ सद्गुण है कार्य-कुशलता । सीता जी टूटे मन से नहीं, सब कार्य मनोयोग से करतीं, पूरी सावधानी, उत्साह और कुशलता से करतीं । उनको न कर्मफल के भोग की कामना थी और न उनके जीवन में लापरवाही व पलायनवादिता थी ।*

*🌹 ग्यारहवाँ सद्गुण है – पति के प्रति प्रेमभाव, अनुराग । सीता जी राम जी को प्रेमस्वरूप, ब्रह्मस्वरूप जानती थीं । सीता जी राम के चिंतन में राममय हो गयीं । अशोक वाटिका में सीता जी नज़रकैद थीं । रावण ने उनको प्रलोभन दिये, डरा के, छल-कपट, धोखे से गुमराह करने की कोशिश की फिर भी राम जी के प्रति असीम अनुराग के कारण सीता जी का मन एक क्षण भी फिसला नहीं ।*

*🌹 बारहवाँ सद्गुण है – मीठे, नम्र वचन । सीता जी सब कुटुम्बियों के साथ प्रेमपूर्वक बर्ताव करती थीं, खिन्न हो के नहीं । ‘जाओ, कर लो… मेरा सिर खपा दिया…. ‘नहीं, नहीं ! सीता के देश की देवियों को यह बात शोभा नहीं देती है । ‘अरे छोरे ! मर जाओ !…. अरे मैं तो हैरान हो गयी, परेशान हो गयी !….’ ऐसी वाणी का दुर्गुण भारत की देवियाँ क्यों अपने जीवन में लायेंगी ? माँ सीता की नाईं प्रेमपूर्वक बर्ताव करने का सद्गुण अपने में लाना चाहिए । सीता जी सास-ससुर की सेवा स्नेह से करती थीं । जिन्होंने पति को जन्म दिया है वे पति के माता-पिता भी सीता जी की सेवा से बड़े संतुष्ट रहते थे, प्रसन्न रहते थे ।*

*🌹 आज लोग ‘सीताराम-सीताराम’ करते हैं । ‘सीताराम’ करके राम जी के गुण पुरुष भरें अपने में और ‘सीता’ का उच्चारण करके सीता जी के सद्गुण भारत की नारियाँ भरें अपने में तो आज भी घर-घर में सीता-राम, सीता-राम, सीता-राम प्रत्यक्ष होने लगेंगे ।*

*🌹 शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 🌹*

*🌹 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*

*🌹 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*

*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*

*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 28 अप्रैल 2023 दिन – शुक्रवार

विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – वैशाख*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – अष्टमी शाम 04:01 तक तत्पश्चात नवमी*
*⛅नक्षत्र – पुष्य सुबह 09:53 तक तत्पश्चात अश्लेषा*
*⛅योग – शूल सुबह 09:39 तक तत्पश्चात गंड*
*⛅राहु काल – सुबह 11:00 से 12:37 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:09*
*⛅सूर्यास्त – 07:06*
*⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:41 से 05:25 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । नवमी को लौकी खाना त्याज्य है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🔹घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि हेतु🔹*

*🔹देशी गाय के गोबर का छोटा-सा दीपक बनाकर उसमें गुड़ की डली तथा गाय का घी या तिल का तेल डालें । फिर ज्योति जलाकर उसे घर के मुख्य द्वार के निकट रख दें । परब्रह्म-प्रकाशस्वरूपा दीपज्योति को नमस्कार करके प्रार्थना करें । इससे घर के वातावरण में सात्विक ऊर्जा बनेगी और घर में सुख-समृद्धि सदैव बनी रहेगी ।*

*🌹गर्मियों में विशेष उपयोगी-पुदीना🌹*

*🔹पुदीना गर्मियों में विशेष उपयोगी एक सुगंधित औषध है यह रुचिकर, पचने में हलका, तीक्ष्ण, ह्रदय-उत्तेजक, विकृत कफ को बाहर लानेवाला, गर्भाशय-संकोचक बी चित्त को प्रसन्न करनेवाला हैं ।*

*🔹पुदीने के सेवन से भूख खुलकर लगती है और वायु का शमन होता हैं । यह पेट के विकारों में विशेष लाभकारी है । श्वास, मुत्राल्पता तथा त्वचा के रोगों में भी यह उपयुक्त है ।*

*🔹औषधि प्रयोग🔹*

*१] पेट के रोग : अपच, अजीर्ण, अरुचि, मंदाग्नि, अफरा, पेचिश, पेट में मरोड़, अतिसार, उलटियाँ, खट्टी डकारें आदि में पुदीने के रस में जीरे का चूर्ण व आधे नींबू का रस मिलाकर पीने से लाभ होता है ।*

*२] मासिक धर्म : पुदीने को उबालकर पीने से मासिक धर्म की पीड़ा तथा अल्प मासिक स्राव में लाभ होता है । अधिक मासिक स्त्राव में यह प्रयोग न करें ।*

*३] गर्मियों में : गर्मी के कारण व्याकुलता बढ़ने पर एक गिलास ठंडे पानी में पुदीने का रस तथा मिश्री मिलाकर पीने से शीतलता आती है ।*

*४] पाचक चटनी : ताजा पुदीना, काली मिर्च, अदरक, सेंधा नमक, काली द्राक्ष और जीरा – इन सबकी चटनी बनाकर उसमें नींबू का रस निचोड़ कर खाने ने रूचि उत्पन्न होती है, वायु दूर होकर पाचनशक्ति तेज होती है । पेट के अन्य रोगों में भी लाभकारी है ।*

*५] उलटी-दस्त, हैजा : पुदीने के रस में नींबू का रस, अदरक का रस एवं शहद मिलाकर पिलाने से लाभ होता है ।*

*६] सिरदर्द : पुदीना पीसकर ललाट पर लेप करें तथा पुदीने का शरबत पिएं ।*

*७] ज्वर आदि : गर्मी में जुकाम, खाँसी व ज्वर होने पर पुदीना उबाल के पीने से लाभ होता है ।*

*८] नकसीर : नाक में पुदीने के रस की ३ बूँद डालने से रक्तस्त्राव बंद हो जाता है ।*

*९] मूत्र-अवरोध : पुदीने के पत्ते और मिश्री पीसकर १ गिलास ठंडे पानी में मिलाकर पिएं ।*

*१०] गर्मी की फुंसियाँ : समान मात्रा में सूखा पुदीना एंव मिश्री पीसकर रख लें । रोज प्रात: आधा गिलास पानी में ४ चम्मच मिलाकर पिएं ।*

*११] हिचकी : पुदीने या नींबू के रस-सेवन से राहत मिलती है ।*

*🔹विशेषः पुदीने का ताजा रस लेने की मात्रा है 5 से 20 ग्राम । पत्तों का चूर्ण लेने की मात्रा 3 से 6 ग्राम । काढ़ा लेने की मात्रा 20 से 40 ग्राम । अर्क लेने की मात्रा 20 से 40 ग्राम । बीज का तेल लेने की मात्रा आधी बूँद से 3 बूँद ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

पत्रकारांना धमकी देणाऱ्यास होणार दंड ५०,०००/-, ३ वर्षांपर्यंत तुरुंगवासही होऊ शकतो.

*पत्रकारांना धमकी देणाऱ्यास होणार दंड ५०,०००/-, ३ वर्षांपर्यंत तुरुंगवासही होऊ शकतो.*
‐——
*■ हायकोर्टाच्या टीकेनंतर पंतप्रधान आणि मुख्यमंत्र्यांनीही जाहीर केले आहे की,पत्रकारांशी असभ्य वर्तन करणाऱ्यांना 50,000 हजारांचा दंड आणि पत्रकारांशी गैरवर्तन करणाऱ्याला ३ वर्षांचा तुरुंगवास होऊ शकतो, पत्रकाराला धमकी देणाऱ्याला आतमध्ये तुरुंगात पाठवण्यात येईल.पत्रकारांना धमकावल्याप्रकरणी अटक करण्यात आलेल्यांना सहजासहजी जामीन मिळणार नाही*

*सीएम म्हणाले की, पत्रकार अडचणीत आल्यास त्वरित त्यांच्याशी संपर्क साधा आणि मदत करा आणि पत्रकारांशी आदराने बोला, नाहीतर तुम्हाला मोठी किंमत मोजावी लागेल.*

*■गैरवर्तन करणार्‍या पोलीस कर्मचार्‍यांवर एफआयआर नोंदवला जाईल, अन्यथा एसएसपीवर कारवाई केली जाईल.पत्रकार जमावाचा भाग नाहीत.*
*■हीच बाब लक्षात घेऊन प्रेस कौन्सिल ऑफ इंडियाचे अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू यांनी राज्य सरकारांना ताकीद दिली असून पत्रकारांशी गैरवर्तन करू नये, अशा सूचना दिल्या आहेत.*
*कोणत्याही ठिकाणी हाणामारी किंवा गदारोळ झाल्यास पोलीस पत्रकारांच्या कामात हस्तक्षेप करू शकत नाहीत.पोलीस पत्रकारांना जशी गर्दी हटवतात तशी वागणूक देऊ शकत नाही.*
*■पोलिस किंवा अधिकाऱ्यांवर फौजदारी गुन्हा दाखल केला जाईल.काटजू म्हणाले, “जसा एखादा वकील आपल्या अशिलाच्या हत्येचा खटला न्यायालयात लढतो, तसा तो खुनी होत नाही. तसेच पत्रकार त्यांचे काम सार्वजनिक ठिकाणी करतात पण ते गर्दीचा भाग नसतात. त्यामुळे पत्रकारांना त्यांच्या कामापासून रोखणे हे माध्यमांच्या स्वातंत्र्यावर गदा आणणारे आहे.*
*■यासंदर्भात प्रेस कौन्सिलने देशाचे कॅबिनेट सचिव, गृह सचिव, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव आणि सर्व राज्यांच्या गृह सचिवांना सूचना पाठवल्या असून पत्रकारांसोबत पोलिस किंवा निमलष्करी दलाकडून होणारा हिंसाचार खपवून घेतला जाणार नाही, असे स्पष्टपणे नमूद करण्यात आले आहे.पत्रकारांवर असे कोणतेही कृत्य होणार नाही याची काळजी सरकारने घ्यावी.*
*■पत्रकारांसोबत पोलिसांनी केलेला हिंसाचार हा प्रसारमाध्यमांच्या स्वातंत्र्याच्या अधिकाराचे उल्लंघन मानला जाईल, जो घटनेच्या कलम 19A मध्ये देण्यात आला आहे आणि घटनेच्या या कलमानुसार गैरवर्तन करणाऱ्या पोलिस किंवा अधिकाऱ्यावर फौजदारी गुन्हा दाखल केला जाईल.*

पत्रकारांना धमकी देणाऱ्यास होणार दंड ५०,०००/-, ३ वर्षांपर्यंत तुरुंगवासही होऊ शकतो.

*पत्रकारांना धमकी देणाऱ्यास होणार दंड ५०,०००/-, ३ वर्षांपर्यंत तुरुंगवासही होऊ शकतो.*
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*■ हायकोर्टाच्या टीकेनंतर पंतप्रधान आणि मुख्यमंत्र्यांनीही जाहीर केले आहे की,पत्रकारांशी असभ्य वर्तन करणाऱ्यांना 50,000 हजारांचा दंड आणि पत्रकारांशी गैरवर्तन करणाऱ्याला ३ वर्षांचा तुरुंगवास होऊ शकतो, पत्रकाराला धमकी देणाऱ्याला आतमध्ये तुरुंगात पाठवण्यात येईल.पत्रकारांना धमकावल्याप्रकरणी अटक करण्यात आलेल्यांना सहजासहजी जामीन मिळणार नाही*

*सीएम म्हणाले की, पत्रकार अडचणीत आल्यास त्वरित त्यांच्याशी संपर्क साधा आणि मदत करा आणि पत्रकारांशी आदराने बोला, नाहीतर तुम्हाला मोठी किंमत मोजावी लागेल.*

*■गैरवर्तन करणार्‍या पोलीस कर्मचार्‍यांवर एफआयआर नोंदवला जाईल, अन्यथा एसएसपीवर कारवाई केली जाईल.पत्रकार जमावाचा भाग नाहीत.*
*■हीच बाब लक्षात घेऊन प्रेस कौन्सिल ऑफ इंडियाचे अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू यांनी राज्य सरकारांना ताकीद दिली असून पत्रकारांशी गैरवर्तन करू नये, अशा सूचना दिल्या आहेत.*
*कोणत्याही ठिकाणी हाणामारी किंवा गदारोळ झाल्यास पोलीस पत्रकारांच्या कामात हस्तक्षेप करू शकत नाहीत.पोलीस पत्रकारांना जशी गर्दी हटवतात तशी वागणूक देऊ शकत नाही.*
*■पोलिस किंवा अधिकाऱ्यांवर फौजदारी गुन्हा दाखल केला जाईल.काटजू म्हणाले, “जसा एखादा वकील आपल्या अशिलाच्या हत्येचा खटला न्यायालयात लढतो, तसा तो खुनी होत नाही. तसेच पत्रकार त्यांचे काम सार्वजनिक ठिकाणी करतात पण ते गर्दीचा भाग नसतात. त्यामुळे पत्रकारांना त्यांच्या कामापासून रोखणे हे माध्यमांच्या स्वातंत्र्यावर गदा आणणारे आहे.*
*■यासंदर्भात प्रेस कौन्सिलने देशाचे कॅबिनेट सचिव, गृह सचिव, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव आणि सर्व राज्यांच्या गृह सचिवांना सूचना पाठवल्या असून पत्रकारांसोबत पोलिस किंवा निमलष्करी दलाकडून होणारा हिंसाचार खपवून घेतला जाणार नाही, असे स्पष्टपणे नमूद करण्यात आले आहे.पत्रकारांवर असे कोणतेही कृत्य होणार नाही याची काळजी सरकारने घ्यावी.*
*■पत्रकारांसोबत पोलिसांनी केलेला हिंसाचार हा प्रसारमाध्यमांच्या स्वातंत्र्याच्या अधिकाराचे उल्लंघन मानला जाईल, जो घटनेच्या कलम 19A मध्ये देण्यात आला आहे आणि घटनेच्या या कलमानुसार गैरवर्तन करणाऱ्या पोलिस किंवा अधिकाऱ्यावर फौजदारी गुन्हा दाखल केला जाईल.*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 27 अप्रैल 2023 दिन – गुरुवार

विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – वैशाख*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – सप्तमी दोपहर 01:38 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र – पुनर्वसु सुबह 07:00 तक तत्पश्चात पुष्य*
*⛅योग – धृति सुबह 08:48 तक तत्पश्चात शूल*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:14 से 03:51 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:10*
*⛅सूर्यास्त – 07:05*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:41 से 05:26 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – गुरुपुष्यामृत योग, निम्ब सप्तमी*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹 27 अप्रैल 2023 : गुरुपुष्यामृत योग 🌹*

*🔹पुण्य काल – 27 अप्रैल सुबह 07:00 से 28 अप्रैल सूर्योदय तक*

*🌹 पुष्य नक्षत्र का गुरुवार से योग होने पर वह अति दुर्लभ ‘गुरुपुष्यामृत योग’ कहलाता है ।*

*🌹 गुरुपुष्यामृत योग व्यापारिक कार्यों के लिए तो विशेष लाभदायी माना गया है ।*

*🌹 गुरुपुष्यामृत योग में किया गया जप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है ।*

*🌹गुरुपुष्यामृत योग में विद्या एवं धार्मिक अनुष्ठान प्रारम्भ करना, आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना शुभ होता है ।*

*🌹गुरुपुष्यामृत योग में विवाह व उससे संबंधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित है ।*

*🔹कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में🔹*

*🌹 बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें ।*

*🔹निम्ब सप्तमीः 27 अप्रैल 2023*

*🌹‘भविष्य पुराण’ ब्राह्म पर्व में मुनि सुमंतु जी राजा शतानीक को निम्ब सप्तमी (वैशाख शुक्ल सप्तमी) की महिमा बताते हुए कहते हैं- “इस दिन निम्ब पत्र का सेवन किया जाता है । यह सप्तमी सभी तरह से व्याधियों को हरने वाली है। इस दिन भगवान सूर्य का ध्यान कर उनकी पूजा करनी चाहिए । सूर्यदेव की प्रसन्नता के लिए नैवेद्य के रूप में गुड़ोदक (गुड़ मिश्रित जल) समर्पित करे व भगवान सूर्य को निवेदित करके 10-15 कोमल पत्ते प्राशन (ग्रहण) करेः*

*🌹त्वं निम्ब कटुकात्मासि आदित्यनिलयस्तथा।*

*🌹सर्वरोगहरः शान्तो भव मे प्राशनं सदा।।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 27 अप्रैल 2023 दिन – गुरुवार

विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – वैशाख*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – सप्तमी दोपहर 01:38 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र – पुनर्वसु सुबह 07:00 तक तत्पश्चात पुष्य*
*⛅योग – धृति सुबह 08:48 तक तत्पश्चात शूल*
*⛅राहु काल – दोपहर 02:14 से 03:51 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:10*
*⛅सूर्यास्त – 07:05*
*⛅दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:41 से 05:26 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – गुरुपुष्यामृत योग, निम्ब सप्तमी*
*⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹 27 अप्रैल 2023 : गुरुपुष्यामृत योग 🌹*

*🔹पुण्य काल – 27 अप्रैल सुबह 07:00 से 28 अप्रैल सूर्योदय तक*

*🌹 पुष्य नक्षत्र का गुरुवार से योग होने पर वह अति दुर्लभ ‘गुरुपुष्यामृत योग’ कहलाता है ।*

*🌹 गुरुपुष्यामृत योग व्यापारिक कार्यों के लिए तो विशेष लाभदायी माना गया है ।*

*🌹 गुरुपुष्यामृत योग में किया गया जप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है ।*

*🌹गुरुपुष्यामृत योग में विद्या एवं धार्मिक अनुष्ठान प्रारम्भ करना, आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना शुभ होता है ।*

*🌹गुरुपुष्यामृत योग में विवाह व उससे संबंधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित है ।*

*🔹कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में🔹*

*🌹 बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें ।*

*🔹निम्ब सप्तमीः 27 अप्रैल 2023*

*🌹‘भविष्य पुराण’ ब्राह्म पर्व में मुनि सुमंतु जी राजा शतानीक को निम्ब सप्तमी (वैशाख शुक्ल सप्तमी) की महिमा बताते हुए कहते हैं- “इस दिन निम्ब पत्र का सेवन किया जाता है । यह सप्तमी सभी तरह से व्याधियों को हरने वाली है। इस दिन भगवान सूर्य का ध्यान कर उनकी पूजा करनी चाहिए । सूर्यदेव की प्रसन्नता के लिए नैवेद्य के रूप में गुड़ोदक (गुड़ मिश्रित जल) समर्पित करे व भगवान सूर्य को निवेदित करके 10-15 कोमल पत्ते प्राशन (ग्रहण) करेः*

*🌹त्वं निम्ब कटुकात्मासि आदित्यनिलयस्तथा।*

*🌹सर्वरोगहरः शान्तो भव मे प्राशनं सदा।।*

*🔹गुरुवार विशेष 🔹*

*🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :*

*🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*

*ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।*

*🌹 फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।*

*🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है ।*

*🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 26 अप्रैल 2023 दिन – बुधवार

विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – वैशाख*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – षष्ठी सुबह 11:27 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*⛅नक्षत्र – पुनर्वसु पूर्ण रात्रितक*
*⛅योग – सुकर्मा सुबह 08:07 तक तत्पश्चात धृति*
*⛅राहु काल – दोपहर 12:38 से 02:14 तक*
*⛅सूर्योदय – 06:11*
*⛅सूर्यास्त – 07:04*
*⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:42 से 05:26 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:15 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – गंगा सप्तमी*
*⛅विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*🌹श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) : 26 अप्रैल 🌹*

*🌹 जिस दिन गंगाजी की उत्पत्ति हुई वह दिन ‘गंगा जयंती’ (वैशाख शुक्ल सप्तमी ) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुईं वह दिन ‘गंगा दशहरा’ (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी ) के नाम से जाना जाता है । इन दिनों में गंगाजी में गोता मारने से विशेष सात्त्विकता, प्रसन्नता और पुण्यलाभ होता है ।*

*🌹गंगा स्नान का मंत्र🌹*

*🌹 गंगा स्नान के लिए रोज हरद्वार तो जा नही सकते, घर में ही गंगा स्नान का पुन्य मिलाने के लिए एक छोटा सा मन्त्र है:-*
*ॐ ह्रीं गंगायै । ॐ ह्रीं स्वाहा ।।*
*ये मन्त्र बोलते हुए स्नान करे तो गंगा स्नान का लाभ होगा ।*

*🌹 गंगाजी का मूल मंत्र 🌹*

*🌹 वेद व्यासजी कहते थे कि गंगाजी का एक गोपनीय मंत्र है । और वो गंगाजी का मूल मंत्र एक बार भी जप करो तो तुम निष्पाप होने लगोगे ।*

*🌹गंगाजी का मंत्र – ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नम: ।*

*🌹 जीभ तालू में लगाओ और मन में खाली एक बार बोलो । एक बार जपने से आप का मन पवित्र हो जायेगा । गंगा मैया !! आप विश्वरूपिणी हो, नर नारायण स्वरूपी हो, गंगामाई तुमको नमस्कार !!*

*🌹सर्वरोगहारी निम्ब (नीम) सप्तमी*

*निम्ब सप्तमी : 27 अप्रैल 2023*

*🌹‘भविष्य पुराण’ ब्राह्म पर्व में मुनि सुमंतु जी राजा शतानीक को निम्ब सप्तमी (वैशाख शुक्ल सप्तमी) की महिमा बताते हुए कहते हैं- “इस दिन निम्ब पत्र का सेवन किया जाता है । यह सप्तमी सभी तरह से व्याधियों को हरने वाली है। इस दिन भगवान सूर्य का ध्यान कर उनकी पूजा करनी चाहिए । सूर्यदेव की प्रसन्नता के लिए नैवेद्य के रूप में गुड़ोदक (गुड़ मिश्रित जल) समर्पित करे व भगवान सूर्य को निवेदित करके 10-15 कोमल पत्ते प्राशन (ग्रहण) करेः*

*🌹त्वं निम्ब कटुकात्मासि आदित्यनिलयस्तथा ।*

*🌹सर्वरोगहरः शान्तो भव मे प्राशनं सदा ।।*

*🌹‘हे निम्ब ! तुम भगवान सूर्य के आश्रय स्थान हो । तुम कटु स्वभाव वाले हो । तुम्हारे भक्षण करने से मेरे सभी रोग सदा के लिए नष्ट हो जायें और तुम मेरे लिए शांतस्वरूप हो जाओ ।’*

*🌹इस मंत्र से निम्ब का प्राशन करके भगवान सूर्य के समक्ष पृथ्वी पर आसन बिछाकर बैठ के सूर्यमंत्र का जप करे। भगवान सूर्य का मूल मंत्र है ‘ॐ खखोल्काय नमः।’ सूर्य का गायत्री मंत्र है-*
👇🏻👇🏻
*‘ॐ आदित्याय विद्महे विश्वभागाय धीमहि। तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ।’*

*🌹इसके बाद मौन रहकर बिना नमक का मधुर भोजन करे ।”*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*

मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना शेतकऱ्यांच्या समृद्धीसाठी उपयुक्त – उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना 2.0 लोकार्पण कार्यक्रम

मुंबई दि 24:- शेतकऱ्यांना दिवसाही वीज उपलब्ध होण्यासाठी मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना 2.0 अतिशय उपयुक्त ठरणार असून शेतकऱ्यांच्या समृद्धीसाठीची ही ‘फ्लॅगशीप’ योजना सर्व जिल्ह्यांमध्ये अतिशय प्रभावीपणे राबविण्यात यावी, असे निर्देश उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी दिले. सह्याद्री राज्य अतिथीगृह येथे विभागीय आयुक्त आणि जिल्हाधिकारी यांच्या एक दिवसीय परिषदेत मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना- 2.0 च्या लोकार्पणाचा कार्यक्रम झाला.

यावेळी मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव डॉ नितीन करीर, अपर मुख्य सचिव दीपक कपूर, ऊर्जा विभागाच्या प्रधान सचिव आभा शुक्ला, प्रधान सचिव एकनाथ डवले, अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक दिनेश वाघमारे, विजय सिंगल, पी अन्बलगन, उपमुख्यमंत्री यांचे सचिव डॉ श्रीकर परदेशी, तसेच विभागीय आयुक्त व जिल्हाधिकारी उपस्थित होते. यावेळी मिशन- 2025 या पुस्तिकेचे प्रकाशन मान्यवरांच्या हस्ते झाले.

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस म्हणाले, शेती आणि शेतकरी राज्याच्या अर्थव्यवस्थेचा कणा असून राज्य शासन शेतकऱ्यांच्या पाठिशी भक्कमपणे कायम उभे आहे. मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना 2.0 ही शेतकऱ्यांसाठी अत्यंत उपयुक्त ठरणार आहे. कारण ही स्वस्त आणि हरित ऊर्जा आहे. क्रॉस सबसिडी कमी होण्याच्या माध्यमातून उद्योग क्षेत्रालाही ही योजना चालना देणारी ठरेल. या योजनेच्या माध्यमातून जास्तीत जास्त फीडर हे सौर ऊर्जेवर आणण्यावर भर देण्यात येणार आहे. सौर ऊर्जेच्या माध्यमातून शेतकऱ्यांना दिवसा वीज उपलब्ध होणारा जिल्हा करण्यासाठी जिल्हाधिकारी यांनी प्रयत्नशील रहावे.

या प्रकल्पांमध्ये जमिनीची उपलब्धता कालबद्ध होणे हे अत्यंत गरजेचे असल्याने यासाठी सर्व जिल्हाधिकाऱ्यांनी महावितरण सब स्टेशनच्या पाच ते दहा किलोमीटरमध्ये असणाऱ्या शासकीय व निमशासकीय जमिनींची माहिती गोळा करावी. त्यातील ज्या जमिनी प्रकल्प उभारण्यासाठी सुयोग्य असतील त्या जमिनी आवश्यक ती सगळी प्रक्रिया करून या सर्व प्रकल्पांसाठी उपलब्ध करून द्याव्यात, असे निर्देशही उपमुख्यमंत्री फडणवीस यांनी दिले.

ग्रामपंचायत अंतर्गत विविध सुविधाही सौर ऊर्जेवर

पुढील टप्प्यात ग्रामपंचायत अंतर्गत येणाऱ्या विविध सुविधा, कार्यालये पूर्णपणे सौर ऊर्जेवर करण्यावर भर देण्यात येणार आहे. सौर ऊर्जा विकासाच्या क्षेत्रात मोठे उद्योग येण्यास उत्सुक आहेत. बॅटरीवरील पंपही भविष्यात मोठे बदल घडवून आणणारे ठरतील. सर्व जिल्हाधिकारी यांनी मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना 2.0 योजनेचा संबंधित जिल्ह्यांत अधिकाधिक प्रचार -प्रसार करावा, असे निर्देशही उपमुख्यमंत्री फडणवीस यांनी दिले.

ऊर्जा विभागाच्या प्रधान सचिव आभा शुक्ला प्रास्ताविकात म्हणाल्या, वीज क्षेत्रात गेल्या दशकात मोठे बदल झाले आहेत. २०१७ मध्ये मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना नावाने भविष्याचा वेध घेणारी महत्त्वाकांक्षी योजना सुरू करण्यात आली. याद्वारे किफायतशीर सौर ऊर्जेचा फायदा औद्योगिक ग्राहकांसह शेतकऱ्यांनाही कसा करून देता येईल याचा विचार करण्यात आला. सुरुवातीच्या काळातील या योजनेच्या अंमलबजावणीचे उत्साहवर्धक परिणाम दिसून आले आहेत.

या योजनेद्वारे शेतकऱ्यांना दिवसा पुरवठा उपलब्ध होणार असून त्यामुळे शेतकऱ्यांचा सिंचनाच्या वेळी होणारा त्रासही कमी होणार असल्याचे शुक्ला यांनी सांगितले.

मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना- २.० – ‘मिशन २०२५’

देशाने अपारंपारिक ऊर्जेच्या वापरासाठी ४५० गिगाव्हॅट क्षमता २०३० पर्यंत उभारण्याचे उद्दिष्ट ठेवले आहे. त्या दृष्टीने देखील मिशन २०२५ ची अंमलबजावणी महत्त्वाची ठरेल. याद्वारे फक्त शेतीसाठी आणि एका राज्यात ७ हजार मेगावॅट पेक्षा जास्त सौर ऊर्जा निर्मिती करण्याचे उद्दिष्ट ठेवण्यात आले आहे. इतर अनेक क्षेत्राप्रमाणे शेती क्षेत्रही विजेच्या मागणीत देशभरात अग्रेसर असून

महाराष्ट्रातील सुमारे ४५ लाख शेती वीज पंपांची संख्या ही देशात सर्वाधिक आहे. राज्यातील एकूण विजेच्या वापरापैकी २२ टक्के वीज वापर शेतीसाठी होतो.

शेतीला परवडणाऱ्या दरात वीज मिळावी यासाठी शासनाकडून दरवर्षी मोठ्या प्रमाणात अनुदान तर दिले जातेच पण वीज वितरण कंपनीच्या इतर ग्राहकांकडून क्रॉस सबसिडी देखील दिली जाते. शेतकऱ्यांना माफक, सवलतीच्या दरात वीज पुरवठा केला जातो.भविष्यामध्ये क्रॉस सबसिडीच्या माध्यमातून शेतीचे वीजदर मर्यादित ठेवण्यावर मोठ्या प्रमाणात मर्यादा येणार आहे. त्यादृष्टीने वीज ग्राहक, शेतकरी व वीज वितरण कंपनी या सर्वांच्या हिताची अशी ही योजना आहे. शेतकऱ्यांच्या शेतीपंपांना दिवसा अखंडीत व भरवशाचा वीज पुरवठा करण्यासाठी हे अभियान आहे.

डिसेंबर २०२५ पर्यंत ३० टक्के शेतीच्या वाहिन्या सौर ऊर्जेवर

मिशन २०२५ च्या माध्यमातून मुख्यमंत्री सौर कृषी वाहिनी योजना अजून महत्त्वाकांक्षीपणे मोठ्या प्रमाणात व वेगाने अंमलबजावणी करण्याचा निर्णय घेण्यात आला आहे. मिशन २०२५ द्वारे डिसेंबर २०२५ पर्यंत सर्व जिल्ह्यातील किमान ३० टक्के शेतीच्या वाहिन्या अशा प्रकल्पांव्दारे सौर ऊर्जेवर आणण्याचे उद्दिष्ट असून ‘मिशन २०२५’ द्वारे शेतकऱ्यांना दिवसा वीज पुरवठा करण्यासाठी अनेकविध प्रोत्साहनात्मक सुविधा देण्यात आल्या आहेत. त्यात शेतकरी व सौर उद्योग या दोघांसाठीही फायद्याच्या तरतुदी करण्यात आल्या आहेत. शेतकरी या प्रकल्पांसाठी जमीन भाड्याने द्यायला तयार आहेत. त्यांना दर हेक्टरी एक लाख २५ हजार रुपये दरवर्षी एवढा भाडेपट्टा देण्याची तरतूद आहे, त्यामुळे शेतकऱ्यांना खात्रीच्या उत्पन्नाचा एक मार्ग उपलब्ध होऊ शकेल.

ज्या ठिकाणी शासकीय जमिनी महावितरणच्या सब स्टेशनच्या जवळ उपलब्ध आहेत, तिथे या जमिनी सुद्धा सर्व प्रकल्पांसाठी उपलब्ध करून देण्यात येतील. त्यामुळे असे प्रकल्प मोठ्या प्रमाणात राबवणे शक्य होईल.

सौर ऊर्जेच्या संदर्भातली इकोसिस्टीम तयार होणार

शेतकऱ्यांच्या बरोबरच उद्योजकांनीही या प्रकल्पांमध्ये मोठ्या प्रमाणात सहभागी होऊन वेगाने शेतकरी हिताचे प्रकल्प उभारावेत यासाठी प्रोत्साहन दिले जाईल. त्याचबरोबर ज्या गावांमध्ये हे प्रकल्प उभे राहतात अशा ग्रामपंचायतींना देखील पहिली तीन वर्षे पाच लाख रुपये प्रति वर्ष असे अनुदान दिले जाईल. या सर्व उपाययोजनांमुळे ग्रामीण भागामध्ये संपूर्ण सौर ऊर्जेच्या संदर्भातली इकोसिस्टीम तयार होईल. ग्रामीण युवकांसाठी रोजगाराच्या नवीन संधी तयार होतील. त्यांच्यामध्ये सौर ऊर्जा संदर्भातील आवश्यक कौशल्यांचा विकास होईल.

राज्याच्या अर्थव्यवस्थेला व शेतकऱ्यांच्या हिताला प्राधान्य देणारे मिशन

राज्यातील विविध जिल्ह्यांमध्ये ३० हजार कोटी रुपयांची गुंतवणूक या अभियानांतर्गत अपेक्षित आहे. राज्याच्या अर्थव्यवस्थेला व शेतकऱ्यांच्या हिताला प्राधान्य देणारे हे मिशन २०२५ महत्त्वाकांक्षी योजना आहे. मिशन २०२५ ची अंमलबजावणी फक्त महाराष्ट्रासाठीच नाही तर सर्व देशासाठी एक महत्त्वाचा टप्पा ठरणार आहे. मिशन २०२५ अंतर्गत देण्यात येणारे प्रोत्साहनात्मक अनुदान, जमिनीची उपलब्धता वाढवण्यासाठी करण्यात येणारी प्रक्रिया अशा अनेक उपाययोजना राष्ट्रीय स्तरावर देखील कुसुम योजनेच्या यशस्वी अंमलबजावणीसाठी मार्गदर्शक ठरतील. त्या दृष्टीने देखील महाराष्ट्र मिशन २०२५ ची यशस्वी अंमलबजावणी करणार असल्याची माहिती यावेळी देण्यात आली.

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