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मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की प्रदेश में दो नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की

प्रदेश में दो नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे
को जोड़ने के लिए एक लिंक एक्सप्रेस-वे के सम्बन्ध में
विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें : मुख्यमंत्री

जनपद फर्रुखाबाद को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने
के सम्बन्ध में अध्ययन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कराएं

गंगा एक्सप्रेस-वे, बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे
का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर पूरा करा लिया जाए

बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे को सौर एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित किया जाना है

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उत्तरी स्लोप पर पौधरोपण और
दक्षिणी स्लोप पर सौर ऊर्जा प्रकल्पों को विकसित किया जाए

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए बजट का प्राविधान किया जा
चुका, इसके लिए विकासकर्ता का चयन यथाशीघ्र कर लिया जाए

गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे 11, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के किनारे 06, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के किनारे 05, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के
किनारे 06 और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे
02 औद्योगिक गलियारे विकसित किये जायेंगे

गंगा एक्सप्रेस-वे को दिसम्बर, 2024 तक आम
जनता के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखें

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर, संतकबीर नगर, आजमगढ़ और अम्बेडकरनगर जनपद के लिए शानदार कनेक्टिविटी का माध्यम बनेगा
लखनऊ : 17 नवम्बर, 2023
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में दो नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में विगत साढ़े 06 वर्षां में उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस-वे प्रदेश के रूप में नई पहचान मिली है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद वर्तमान में गंगा एक्सप्रेस-वे, बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। इसकी कार्यवाही को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर पूरा करा लिया जाए। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे की राइडिंग क्वालिटी को और बेहतर करने के लिए किये जा रहे अनुरक्षण कार्य को समय से पूरा करा लिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने के लिए एक लिंक एक्सप्रेस-वे की आवश्यकता है। इस एक परियोजना से सभी एक्सप्रेस-वे आपस मे जुड़ जाएंगे। लगभग 60 किलोमीटर के इस लिंक एक्सप्रेस-वे के सम्बन्ध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। जन आकांक्षा के दृष्टिगत जनपद फर्रुखाबाद को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की आवश्यकता है। इस सम्बन्ध में अध्ययन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कराएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे को सौर एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित किया जाना है। इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही तेज की जाए। इसी प्रकार, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उत्तरी स्लोप पर पौधरोपण और दक्षिणी स्लोप पर सौर ऊर्जा प्रकल्पों को विकसित किया जाए। इन प्रयासों से यह एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय पटल पर एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत हो सकेंगे। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए बजट का प्राविधान किया जा चुका है। प्रारम्भिक अध्ययन के अनुसार 04 लेन (06 लेन तक विस्तारणीय) चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे लगभग 14 किलोमीटर लम्बा होगा। इसके लिए विकासकर्ता का चयन यथाशीघ्र कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर के विकास की प्रक्रिया तेज की जाए। गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे 11, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के किनारे 06, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के किनारे 05, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे 06 और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे 02 औद्योगिक गलियारे विकसित किये जायेंगे। इस सम्बन्ध में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से शुरू की जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। नवम्बर, 2022 से इसका कार्य प्रारम्भ हो चुका है। यह एक्सप्रेस-वे प्रत्येक स्थिति में दिसम्बर, 2024 तक आम जनता के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखें, ताकि प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में देश-दुनिया के श्रद्धालुगण गंगा एक्सप्रेस-वे पर यात्रा का लाभ उठा सकें। विभागीय मंत्रिगणों के साथ समीक्षा करते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे का काम तेज कराएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रगति संतोषप्रद है। यह लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर, संतकबीर नगर, आजमगढ़ और अम्बेडकरनगर जनपद के लिए शानदार कनेक्टिविटी का माध्यम बनेगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण समयबद्ध ढंग से पूरा करा लिया जाए। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के अंतर्गत घाघरा नदी पर महत्वपूर्ण सेतु बनकर तैयार हो गया है। यह आस-पास के पूरे क्षेत्र को लाभान्वित करने वाला होगा।
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मुख्यमंत्री ने यू पी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सम्बन्ध में समीक्षा की, प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सम्बन्ध में समीक्षा की, प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन
से 39.52 लाख करोड़ रु0 के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, इससे 1.10
करोड़ नौकरी व रोजगार के अवसर सृजित होंगे : मुख्यमंत्री

उ0प्र0 इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार

न्यूनतम 15 लाख करोड़ रु0 की औद्योगिक परियोजनाओं
के साथ ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन करना चाहिए

मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, ई0वी0, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फ़ूड प्रोसेसिंग,
सर्कुलर इकोनॉमी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर सेक्टर में उद्यमियों ने रुचि दर्शायी

औद्योगिक विकास एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति सहित सभी सेक्टोरल नीतियों
का लाभ निवेशकर्ता को बिना विलम्ब, न्यूनतम ह्यूमन इन्टरफेयरेन्स के मिलना चाहिए

नवगठित बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में
सी0ई0ओ0 व अन्य मानव संसाधन की तैनाती तत्काल कर दी जाए

निवेशकों की आवश्यकता और प्रदेशहित का ध्यान रखते हुए औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति दिए
जाने पर यथोचित विचार करते हुए उचित निर्णय लिया जाए

गैर पारम्परिक ऊर्जा विकल्पों को प्रोत्साहन देने के क्रम
में यथाशीघ्र प्रदेश की ग्रीन हाइड्रोजन नीति जारी की जाए
लखनऊ : 17 नवम्बर, 2023
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सम्बन्ध में आज विभागवार व जनपदवार समीक्षा की। इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक बैठक में मुख्यमंत्री जी ने इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव अपने विभागीय मंत्रीगण के नेतृत्व में सम्बंधित विभागों को प्राप्त प्रत्येक औद्योगिक निवेश प्रस्ताव की तत्काल समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में विगत 10-12 फरवरी को यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का सफल आयोजन हुआ। इस आयोजन में 10 कन्ट्री पार्टनर, 40 देशों के 1000 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों, पार्टनर कण्ट्री के 04 मंत्रीगणों, 17 केंद्रीय मंत्रीगणों, राजदूतों/उच्चायुक्तों और 25,000 से अधिक डेलीगेट्स सहित राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तथा अन्य गणमान्य महानुभावों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया। यह आयोजन राज्य की 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं तथा युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने वाला है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 16 देशों के 21 नगरों और देश के 10 शहरों में रोड शो के आयोजन सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेशक सम्मेलन के उपरान्त तीन दिवसीय यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के माध्यम से 39.52 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1.10 करोड़ नौकरी व रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब उत्तर प्रदेश इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए यह अति आवश्यक है कि निवेशकर्ता से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखा जाए। उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं का तत्काल समाधान हो। एन0ओ0सी0/क्लीयरेंस देने में अनावश्यक देरी न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, ई0वी0, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फ़ूड प्रोसेसिंग, सर्कुलर इकोनॉमी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर सेक्टर में उद्यमियों ने रुचि दर्शायी है। जी0आई0एस0 के बाद अब तक 08 माह में एम0ओ0यू0 के क्रियान्वयन के लिए किए गए प्रयासों से 8000 से अधिक परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए तैयार हैं। हमें न्यूनतम 15 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं के साथ ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन करना चाहिए। इस लक्ष्य के साथ सभी विभाग तैयारी तेज कर दें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि औद्योगिक विकास एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति सहित सभी सेक्टोरल नीतियों का लाभ निवेशकर्ता को बिना विलम्ब, न्यूनतम ह्यूमन इन्टरफेयरेन्स के मिलना चाहिए। हर एक निवेशक का ध्यान रखें। उन्हें कहीं कोई असुविधा न हो और निवेश प्रस्ताव सरलता के साथ क्रियान्वित हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नवगठित बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में 36,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यहां सी0ई0ओ0 व अन्य मानव संसाधन की तैनाती तत्काल कर दी जाए। यह प्रयास प्रदेश में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास को एक नई ऊंचाई देने वाला होगा। उद्योगों के लिए भूमि प्राथमिक आवश्यकता है। भूमि अधिग्रहण के लिए नवगठित बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) सहित विभिन्न प्राधिकरणों को आवश्यक धनराशि जारी की गई है। इनका यथोचित उपयोग करते हुए लैंडबैंक का विस्तार किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निवेशकों की आवश्यकता और प्रदेशहित का ध्यान रखते हुए औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित क्षेत्रों में राजस्व संहिता की धारा-80 के अंतर्गत भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति दिए जाने पर यथोचित विचार करते हुए उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि अनेक आवासीय परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद भी अधिभोग प्रमाण पत्र/पूर्णता प्रमाण पत्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण के स्तर पर लम्बित हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है, इसके सम्बन्ध में तत्काल निर्णय लेकर नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी करें। गैर पारम्परिक ऊर्जा विकल्पों को प्रोत्साहन देने के क्रम में यथाशीघ्र प्रदेश की ग्रीन हाइड्रोजन नीति जारी की जाए।
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मुख्यमंत्री ने यू पी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सम्बन्ध में समीक्षा की, प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सम्बन्ध में समीक्षा की, प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन
से 39.52 लाख करोड़ रु0 के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, इससे 1.10
करोड़ नौकरी व रोजगार के अवसर सृजित होंगे : मुख्यमंत्री

उ0प्र0 इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार

न्यूनतम 15 लाख करोड़ रु0 की औद्योगिक परियोजनाओं
के साथ ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन करना चाहिए

मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, ई0वी0, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फ़ूड प्रोसेसिंग,
सर्कुलर इकोनॉमी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर सेक्टर में उद्यमियों ने रुचि दर्शायी

औद्योगिक विकास एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति सहित सभी सेक्टोरल नीतियों
का लाभ निवेशकर्ता को बिना विलम्ब, न्यूनतम ह्यूमन इन्टरफेयरेन्स के मिलना चाहिए

नवगठित बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में
सी0ई0ओ0 व अन्य मानव संसाधन की तैनाती तत्काल कर दी जाए

निवेशकों की आवश्यकता और प्रदेशहित का ध्यान रखते हुए औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति दिए
जाने पर यथोचित विचार करते हुए उचित निर्णय लिया जाए

गैर पारम्परिक ऊर्जा विकल्पों को प्रोत्साहन देने के क्रम
में यथाशीघ्र प्रदेश की ग्रीन हाइड्रोजन नीति जारी की जाए
लखनऊ : 17 नवम्बर, 2023
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सम्बन्ध में आज विभागवार व जनपदवार समीक्षा की। इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक बैठक में मुख्यमंत्री जी ने इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव अपने विभागीय मंत्रीगण के नेतृत्व में सम्बंधित विभागों को प्राप्त प्रत्येक औद्योगिक निवेश प्रस्ताव की तत्काल समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में विगत 10-12 फरवरी को यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का सफल आयोजन हुआ। इस आयोजन में 10 कन्ट्री पार्टनर, 40 देशों के 1000 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों, पार्टनर कण्ट्री के 04 मंत्रीगणों, 17 केंद्रीय मंत्रीगणों, राजदूतों/उच्चायुक्तों और 25,000 से अधिक डेलीगेट्स सहित राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तथा अन्य गणमान्य महानुभावों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया। यह आयोजन राज्य की 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं तथा युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने वाला है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 16 देशों के 21 नगरों और देश के 10 शहरों में रोड शो के आयोजन सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेशक सम्मेलन के उपरान्त तीन दिवसीय यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के माध्यम से 39.52 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1.10 करोड़ नौकरी व रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब उत्तर प्रदेश इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए यह अति आवश्यक है कि निवेशकर्ता से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखा जाए। उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं का तत्काल समाधान हो। एन0ओ0सी0/क्लीयरेंस देने में अनावश्यक देरी न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, ई0वी0, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फ़ूड प्रोसेसिंग, सर्कुलर इकोनॉमी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर सेक्टर में उद्यमियों ने रुचि दर्शायी है। जी0आई0एस0 के बाद अब तक 08 माह में एम0ओ0यू0 के क्रियान्वयन के लिए किए गए प्रयासों से 8000 से अधिक परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए तैयार हैं। हमें न्यूनतम 15 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं के साथ ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन करना चाहिए। इस लक्ष्य के साथ सभी विभाग तैयारी तेज कर दें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि औद्योगिक विकास एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति सहित सभी सेक्टोरल नीतियों का लाभ निवेशकर्ता को बिना विलम्ब, न्यूनतम ह्यूमन इन्टरफेयरेन्स के मिलना चाहिए। हर एक निवेशक का ध्यान रखें। उन्हें कहीं कोई असुविधा न हो और निवेश प्रस्ताव सरलता के साथ क्रियान्वित हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नवगठित बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में 36,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यहां सी0ई0ओ0 व अन्य मानव संसाधन की तैनाती तत्काल कर दी जाए। यह प्रयास प्रदेश में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास को एक नई ऊंचाई देने वाला होगा। उद्योगों के लिए भूमि प्राथमिक आवश्यकता है। भूमि अधिग्रहण के लिए नवगठित बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) सहित विभिन्न प्राधिकरणों को आवश्यक धनराशि जारी की गई है। इनका यथोचित उपयोग करते हुए लैंडबैंक का विस्तार किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निवेशकों की आवश्यकता और प्रदेशहित का ध्यान रखते हुए औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित क्षेत्रों में राजस्व संहिता की धारा-80 के अंतर्गत भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति दिए जाने पर यथोचित विचार करते हुए उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि अनेक आवासीय परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद भी अधिभोग प्रमाण पत्र/पूर्णता प्रमाण पत्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण के स्तर पर लम्बित हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है, इसके सम्बन्ध में तत्काल निर्णय लेकर नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी करें। गैर पारम्परिक ऊर्जा विकल्पों को प्रोत्साहन देने के क्रम में यथाशीघ्र प्रदेश की ग्रीन हाइड्रोजन नीति जारी की जाए।
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Up मुख्यमंत्री ने आगामी छठ पर्व को ‘स्वच्छता और सुरक्षा’ के मानक पर्व के रूप में आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए

*PN CM Nagar Vikas, Chhath Puja Review Meeting*

पत्र सूचना शाखा
(मुख्यमंत्री सूचना परिसर)
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ0प्र0

मुख्यमंत्री ने आगामी छठ पर्व को ‘स्वच्छता और सुरक्षा’ के मानक पर्व के रूप में आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए

लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि नदियां/जलाशय दूषित न हों, लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करें: मुख्यमंत्री

उगते सूर्य को अघ्र्य देने के लिए रात्रि 1-2 बजे से ही श्रद्धालुओं/व्रतियों का आवागमन प्रारम्भ हो जाता है, ऐसे में हर जगह समुचित प्रकाश की व्यवस्था की जाए, नदी/जलाशय के घाटों की साफ-सफाई की जाए

प्रदेश में छठ पर्व पर स्वच्छता के दृष्टिगत ‘स्वच्छ घाट’ प्रतियोगिता कराई जाए

राजधानी को गरिमा के अनुरूप स्वच्छ रखा जाए, सफाई कर्मियों के मानदेय का भुगतान समय पर किया जाए

अवैध टैक्सी स्टैण्ड किसी भी दशा में संचालित न होने पाएं

लखनऊ में अधिकाधिक स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे यथाशीघ्र लगाए जाएं

लखनऊ: 17 नवम्बर, 2023

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में आगामी छठ पर्व को ‘स्वच्छता और सुरक्षा’ के मानक पर्व के रूप में आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व पर पूजा/अनुष्ठान के दौरान प्रदेश में स्वच्छता का माहौल हो, इसके लिए नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये जायें। लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि नदियां/जलाशय दूषित न हों। लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उगते सूर्य को अघ्र्य देने के लिए रात्रि 1-2 बजे से ही श्रद्धालुओं/व्रतियों का आवागमन प्रारम्भ हो जाता है, ऐसे में हर जगह समुचित प्रकाश की व्यवस्था की जाए। नदी/जलाशय के घाटों की साफ-सफाई की जाए तथा ट्रैफिक प्रबन्धन भी किया जाए। प्रदेश में छठ के बीच स्वच्छता के दृष्टिगत ‘स्वच्छ घाट’ प्रतियोगिता भी कराई जाए। पर्व पर आतिशबाजी की परम्परा है, ऐसे में यह ध्यान रखें कि भीड़ भाड़ के बीच आतिशबाजी न हो। सुरक्षा के दृष्टिगत सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। इस अवसर पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ की दैनिक सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि राजधानी को उसकी गरिमा के अनुरूप स्वच्छ रखा जाए। सफाई कर्मियों के मानदेय का भुगतान समय पर किया जाए। जी-20 और जी0आई0एस0 के समय जिस प्रकार पूरे महानगर की सजावट की गई थी, उसे स्थायी रूप देने की आवश्यकता है। राजधानी के सभी प्रवेश प्वाइंट्स सजाए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने नगरों में ट्रैफिक प्रबन्धन पर जोर देते हुए ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर के लिए रुट तय करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कोई नाबालिग बच्चा ई-रिक्शा न चलाए। अवैध टैक्सी स्टैण्ड किसी भी दशा में संचालित न होने पाएं।
मुख्यमंत्री जी ने सेफ सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुये कहा कि लखनऊ में अधिकाधिक स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे यथाशीघ्र लगाए जाएं। उद्यमी, बैंकिंग संस्थान, कारोबारी सहित आम जन द्वारा लगाये गये सी0सी0टी0वी0 कैमरों का समुचित उपयोग किया जाए। राजधानी की लाइफलाइन ‘शहीद पथ’ को सी0सी0टी0वी0 से कवर किया जाए।
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Up मुख्यमंत्री ने आगामी छठ पर्व को ‘स्वच्छता और सुरक्षा’ के मानक पर्व के रूप में आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए

*PN CM Nagar Vikas, Chhath Puja Review Meeting*

पत्र सूचना शाखा
(मुख्यमंत्री सूचना परिसर)
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ0प्र0

मुख्यमंत्री ने आगामी छठ पर्व को ‘स्वच्छता और सुरक्षा’ के मानक पर्व के रूप में आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए

लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि नदियां/जलाशय दूषित न हों, लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करें: मुख्यमंत्री

उगते सूर्य को अघ्र्य देने के लिए रात्रि 1-2 बजे से ही श्रद्धालुओं/व्रतियों का आवागमन प्रारम्भ हो जाता है, ऐसे में हर जगह समुचित प्रकाश की व्यवस्था की जाए, नदी/जलाशय के घाटों की साफ-सफाई की जाए

प्रदेश में छठ पर्व पर स्वच्छता के दृष्टिगत ‘स्वच्छ घाट’ प्रतियोगिता कराई जाए

राजधानी को गरिमा के अनुरूप स्वच्छ रखा जाए, सफाई कर्मियों के मानदेय का भुगतान समय पर किया जाए

अवैध टैक्सी स्टैण्ड किसी भी दशा में संचालित न होने पाएं

लखनऊ में अधिकाधिक स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे यथाशीघ्र लगाए जाएं

लखनऊ: 17 नवम्बर, 2023

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में आगामी छठ पर्व को ‘स्वच्छता और सुरक्षा’ के मानक पर्व के रूप में आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व पर पूजा/अनुष्ठान के दौरान प्रदेश में स्वच्छता का माहौल हो, इसके लिए नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये जायें। लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि नदियां/जलाशय दूषित न हों। लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उगते सूर्य को अघ्र्य देने के लिए रात्रि 1-2 बजे से ही श्रद्धालुओं/व्रतियों का आवागमन प्रारम्भ हो जाता है, ऐसे में हर जगह समुचित प्रकाश की व्यवस्था की जाए। नदी/जलाशय के घाटों की साफ-सफाई की जाए तथा ट्रैफिक प्रबन्धन भी किया जाए। प्रदेश में छठ के बीच स्वच्छता के दृष्टिगत ‘स्वच्छ घाट’ प्रतियोगिता भी कराई जाए। पर्व पर आतिशबाजी की परम्परा है, ऐसे में यह ध्यान रखें कि भीड़ भाड़ के बीच आतिशबाजी न हो। सुरक्षा के दृष्टिगत सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। इस अवसर पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ की दैनिक सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि राजधानी को उसकी गरिमा के अनुरूप स्वच्छ रखा जाए। सफाई कर्मियों के मानदेय का भुगतान समय पर किया जाए। जी-20 और जी0आई0एस0 के समय जिस प्रकार पूरे महानगर की सजावट की गई थी, उसे स्थायी रूप देने की आवश्यकता है। राजधानी के सभी प्रवेश प्वाइंट्स सजाए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने नगरों में ट्रैफिक प्रबन्धन पर जोर देते हुए ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर के लिए रुट तय करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कोई नाबालिग बच्चा ई-रिक्शा न चलाए। अवैध टैक्सी स्टैण्ड किसी भी दशा में संचालित न होने पाएं।
मुख्यमंत्री जी ने सेफ सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुये कहा कि लखनऊ में अधिकाधिक स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे यथाशीघ्र लगाए जाएं। उद्यमी, बैंकिंग संस्थान, कारोबारी सहित आम जन द्वारा लगाये गये सी0सी0टी0वी0 कैमरों का समुचित उपयोग किया जाए। राजधानी की लाइफलाइन ‘शहीद पथ’ को सी0सी0टी0वी0 से कवर किया जाए।
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वंदनीय हिंदुहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब ठाकरे यांच्या स्मृतिदिनानिमित्त त्यांच्या पुतळ्यास पुष्पहार अर्पण करून मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी अभिवादन केले

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वंदनीय हिंदुहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब ठाकरे यांच्या स्मृतिदिनानिमित्त त्यांच्या पुतळ्यास पुष्पहार अर्पण करून मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी अभिवादन केले. विधान परिषदेच्या उपसभापती डॉ. नीलम गोऱ्हे, खासदार डॉ. श्रीकांत शिंदे आदी मान्यवर उपस्थित होते.

बैठकीतील सविस्तर निर्णय उच्च व तंत्रशिक्षण विभाग

आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीतील सविस्तर निर्णय :*

उच्च व तंत्रशिक्षण विभाग

*राज्यातील शिक्षण संस्था समूह विद्यापीठे स्थापन करू शकतात*
*मार्गदर्शक तत्त्वांना मान्यता*

आता राज्यातील शिक्षण संस्थांना समूह विद्यापीठ स्थापण्याकरिता मार्गदर्शक तत्त्वांना आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीत मान्यता देण्यात आली. बैठकीच्या अध्यक्षस्थानी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होते. यामुळे विद्यापीठांवरील भारही कमी होऊन शैक्षणिक संस्थांचे एक शक्तीशाली जाळे तयार होऊन विद्यार्थ्यांना अधिक संधी प्राप्त होतील. राज्यपाल हे कुलपती या नात्याने या समूह विद्यापीठांच्या कुलगुरुंची नियुक्ती करतील. ही विद्यापीठे सार्वजनिक विद्यापीठे राहणार आहेत.

राष्ट्रीय उच्चस्तर शिक्षा अभियानात अशा प्रकारे चांगल्या शैक्षणिक संस्थांचे समूह विद्यापीठांमध्ये रुपांतर करण्यास प्रोत्साहन देण्यात आले आहे. त्यानुसार राज्यात डॉ.होमीभाभा राज्य विद्यापीठ, मुंबई, हैद्राबाद सिंध नॅशनल कॉलिजिएट विद्यापीठ,मुंबई, कर्मवीर भाऊराव पाटील, सातारा अशी 3 समूह विद्यापीठे आहेत.
समूह विद्यापीठासाठी इच्छुक असणारे प्रमुख महाविद्यालय शैक्षणिकदृष्ट्या उच्च कामगिरी करणारे, आवश्यक ती पायाभूत सुविधा, प्रशिक्षित आध्यापक तसेच समुह विद्यापीठाच्या दृष्टीने समन्वय करण्यासाठी सक्षम असणारे महाविद्यालय किंवा संस्था असावी. समुह विद्यापीठ तयार करण्यासाठी एकाच व्यवस्थापन किंवा शैक्षणिक संस्थेच्या किमान दोन व कमाल पाच अनुदानित किंवा विना अनुदानित महाविद्यालयाचे एकत्रिकरण करणे आवश्यक राहील. कृषी व आरोग्य विज्ञान वगळता इतर सर्व पारंपरिक व व्यवसायीक महाविद्यालये समूह विद्यापीठात समाविष्ट होऊ शकतील. पाच पेक्षा जास्त महाविद्यालये किंवा संस्था समूह विद्यापीठात समाविष्ट करण्यासाठी राज्य शासन मुल्यांकन करेल.
समुह विद्यापीठातील प्रमुख महाविद्यालय मागील 20 वर्षांपासून कार्यरत असावे. तसेच या महाविद्यालयात किमान 2 हजार विद्यार्थी असावेत तसेच ही संख्या मिळून सहभागी महाविद्यालयांमध्ये किमान 4 हजार विद्यार्थ्यांची नोंदणी आवश्यक आहे. या महाविद्यालयांकडे एकत्रितपणे 15 हजार चौ.मी. इतके एकत्रित बांधकाम आवश्यक असून विभागीय मुख्यालयाच्या ठिकाणी 4 हेक्टर जागा आणि राज्यातील उर्वरित भागासाठी 6 हेक्टर जागा असावी.
प्रमुख महाविद्यालय हे किमान 5 वर्षांपासून स्वायत्त दर्जा प्राप्त असलेले असावे किंवा या महाविद्यालयास नॅकचे किमान 3.25 सीजीपीए मानांकन किंवा समतुल्या एनबीए गुण असणे आवश्यक आहे किंवा एकूण अभ्यासक्रमांपैकी 50 टक्के अभ्यासक्रम एनबीए द्धारा मान्यताप्राप्त असावे. याशिवाय इतरही काही आवश्यक बाबी या मार्गदर्शक तत्वात नमूद करण्यात आलेल्या आहेत. विद्यापीठाचे कामकाज व्यवस्थित चालविण्यासाठी कुलगुरू आणि कुलसचिव यांच्यासह 7 पदे निर्माण करण्यात येतील. यासाठी राज्य शासनाकडून 1 कोटी रुपये अशी रक्कम पहिल्या 5 वर्षांकरिता विद्यापीठाला देण्यात येईल.
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नियोजन विभाग

*राज्य आर्थिक सल्लागार परिषदेच्या अहवालाचे सादरीकरण*

*१ ट्रिलियन डॉलर्स अर्थव्यवस्थेसाठी ३४१ शिफारशी*

राज्य आर्थिक सल्लागार परिषदेच्या अहवालाचे आज राज्य मंत्रिमंडळात सादरीकरण करण्यात आले. राज्याला १ ट्रिलियन डॉलर्स अर्थव्यवस्थेचे उद्दिष्ट्य गाठण्यासाठी विविध ३४१ शिफारशी या परिषदेने केल्या आहेत. हे सादरीकरण मित्रा संस्थेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रविण परदेशी यांनी केले.

राज्याच्या जीडीपी (विकास दर) १७ टक्के साध्य करणे, फॅब आणि इलेक्ट्रीक वाहनांच्या उत्पादनाला गती देऊन १८ टक्के विकास साधणे, कृषी क्षेत्रात १३ टक्के वाढ करणे, राज्यातील सिंचन प्रकल्प वेगाने पूर्ण करण्यासाठी अधिकचा निधी नाबार्ड तसेच इतरांकडून मिळविणे, ४० टक्क्यांपेक्षा जास्त सिंचन पूर्ण झालेले ७५ प्रकल्प वेगाने पूर्ण करणे, मुंबई आणि एमएमआर परिसरात मोठ्या प्रमाणावर पायाभूत सुविधा तसेच आर्थिक विकासाचे उपक्रम राबविणे, कौशल्य विकासात २०२८ पर्यंत १५ दशलक्ष नोकऱ्या निर्माण करणे तसेच आरोग्य, पर्यटन, ऊर्जा या विभागात देखील महत्त्वपूर्ण आवश्यक बदल करून या क्षेत्राचा विकास करणे, जिल्ह्यांचा समतोल विकास करणे आणि यासाठी १५ जिल्ह्यातील २७ तालुक्यांवर विशेष लक्ष देणे, शेतकरी उत्पादक संस्थांना बळकट करणे व शीतगृहांमध्ये वाढ करणे अशा स्वरुपाच्या शिफारशी यामध्ये करण्यात आलेल्या आहेत.
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जलसंपदा विभाग

*मंगरूळपीर येथील सत्तर सावंगा बॅरेजला मान्यता*

*१३४५ हेक्टर क्षेत्र सिंचित होणार*

वाशिम जिल्ह्यातील मंगरूळपीर तालुक्यातील सत्तर सावंगा बॅरेजच्या १७३ कोटी ९ लाख रुपये खर्चास प्रशासकीय खर्चास मान्यता देण्याचा निर्णय आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीत घेण्यात आला. बैठकीच्या अध्यक्षस्थानी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होते. यामुळे वाशिम जिल्ह्यातील सत्तर सावंगा, धामणी, खडी, पिंपळशेंडा, एकांबा आणि आमगव्हाण या 6 गावातील १३४५ हेक्टर क्षेत्र सिंचित होणार आहे.

हे बॅरेज विदर्भ पाटबंधारे विकास महामंडळातील गोदावरी खोऱ्यातील पैनगंगा उपखोऱ्यात धामणी गावाजवळ अडाण नदीवर बांधण्यात येणार असून या भागातील पाटबंधारे अनुशेष दूर होण्यास मदत होणार आहे. या ठिकाणी कालवे काढण्यात येणार नसून लाभधारक स्वत:च्या खर्चाने पाण्याचा उपसा करणार आहेत.
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कृषी विभाग

*प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेतील अग्रीम रकमेचे वाटप सुरु*

*आतापर्यंत 965 कोटी रुपये शेतकऱ्यांना वाटप*

प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेतील विम्याच्या अग्रीम रक्कमचे वाटप वेगाने सुरु असून आतापर्यंत 47 लाख 63 हजार नुकसान भरपाई अर्जांना मंजुरी मिळाली असून 1 हजार 954 कोटी रुपये वाटप होणार आहेत. यापैकी 965 कोटी रक्कम वाटण्यात आली असून उर्वरित रक्कम वाटण्याचे काम प्रगतीपथावर आहे अशी माहिती आज राज्य मंत्रिमंडळ बैठकीत कृषी विभागाच्या सा दरीकरणात देण्यात आली.

खरीप हंगामातील प्रतिकूल परिस्थितीमुळे नुकसानीसंदर्भात एकंदरीत 24 जिल्ह्यांसाठी अधिसूचना काढण्यात आली होती. आता 12 जिल्ह्यांमध्ये या अधिसूचनेवर विमा कंपन्यांचे कोणतेही आक्षेप नसून 9 जिल्ह्यांमध्ये अंशत: आक्षेप आहेत. राज्य स्तरावर सध्या बीड, बुलढाणा, वाशिम, नंदूरबार, धुळे, नाशिक, अहमदनगर, पुणे, अमरावती अशा 9 जिल्ह्यांमध्ये विमा कंपन्यांच्या आक्षेपावर अपील सुनावणी सुरु असून पुणे आणि अमरावती वगळता इतर ठिकाणची सुनावणी संपली आहे.

प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेत 1 कोटी 70 लाख 67 हजार अर्जदारांनी नोंदणी केली असून केवळ 1 रुपयात राज्य शासनाने शेतकऱ्यांना पीक विमा दिला आहे. यासाठी एकूण 8 हजार 16 कोटी रुपये विमा हप्ता द्यावा लागणार असून 3 हजार 50 कोटी 19 लाख रुपये असा पहिला हप्ता देण्यात आला आहे.

*पर्जन्यमान आणि पीक पेरणी :*

राज्यात 31 ऑक्टोबर अखेरपर्यंत सरासरीच्या 86 टक्के पाऊस (928.8 मि.मी.) झाला आहे. रब्बीसाठी 58 लाख 76 हजार हेक्टर पेरणीचे नियोजन असून आत्तापर्यंत 28 टक्के पेरणी झाली आहे. सध्या जमिनीतील ओलावा कमी झाल्याने पेरणी मंदावली आहे. गतवर्षी याच सुमारास 13 लाख 50 हेक्टर पेरणी झाली होती. या वर्षी 15 लाख 11 हेक्टर पेरणी झाली आहे. रब्बी हंगामात ज्वारी हे महत्त्वाचे पीक असून 17 लाख 53 हजार हेक्टर क्षेत्र आहे. सध्या सरासरीच्या 45 टक्के ज्वारीची पेरणी झाली आहे.

हरभऱ्याचे क्षेत्र 21.52 लाख हेक्टर असून यावर्षी 5.64 लाख हेक्टर म्हणजेच सरासरीच्या 26 टक्के पेरणी झाली आहे.
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ग्रामविकास विभाग

*ग्रामपंचायत इमारतीच्या कामांसाठी निधी वाढविला*

*बाळासाहेब ठाकरे स्मृती मातोश्री ग्राम पंचायत योजनेलाही मुदतवाढ*

राज्यातल्या ग्रामपंचायत इमारतीच्या कामांसाठी निधी वाढविण्याचा तसेच बाळासाहेब ठाकरे स्मृती मातोश्री ग्राम पंचायत योजनेलाही मुदतवाढ देण्याचा निर्णय आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीत घेण्यात आला. बैठकीच्या अध्यक्षस्थानी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होते. आता ही योजना 2027-28 या वर्षापर्यंत राबविण्यात येईल.

स्वतंत्र इमारत नसलेल्या 2000 पेक्षा कमी लोकसंख्या असलेल्या ग्रामपंचायतीना 15 लाख ऐवजी 20 लाख रुपये व 2000 पेक्षा अधिक लोकसंख्या असलेल्या ग्रामपंचायतींना 18 लाख ऐवजी 25 लाख अनुदान देण्यास मान्यता देण्यात आली. तसेच, यापुर्वी ग्रामपंचायत स्वनिधीची असलेली अट देखील रद्द करण्यात आली आहे.
ग्रामपंचायत बांधकामासाठी यापेक्षा अधिक निधीची आवश्यकता अतिरिक्त निधी केंद्र व राज्य शासनाच्या इतर योजना, वित्त आयोग निधी, जिल्हा ग्राम विकास निधी, स्थानिक विकास निधी (खासदार,आमदार निधी) इ. बाबींमधून देण्यात येईल. राज्यातील ज्या ग्रामपंचायतींना स्वत:चे कार्यालय नाही, अशा 4252 ग्रामपंचायतींना स्वत:चे कार्यालय बांधण्यासाठी मा. बाळासाहेब ठाकरे स्मृती मातोश्री ग्रामपंचायत बांधणी योजनेस 2018- 19 ते 2021 – 22 या 4 वर्षांसाठी मान्यता देण्यात आली होती. त्यानुसार 1748 ग्रामपंचायतींना स्वत:चे कार्यालय बांधण्यासाठी प्रशासकीय मान्यता देण्यात आली होती. या ग्रामपंचायत इमारतींचे बांधकाम सुरु असून, याकरीता आतापर्यंत 3813.50 लाख रुपये इतका निधी खर्च करण्यात आला आहे.
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बैठकीतील सविस्तर निर्णय उच्च व तंत्रशिक्षण विभाग

आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीतील सविस्तर निर्णय :*

उच्च व तंत्रशिक्षण विभाग

*राज्यातील शिक्षण संस्था समूह विद्यापीठे स्थापन करू शकतात*
*मार्गदर्शक तत्त्वांना मान्यता*

आता राज्यातील शिक्षण संस्थांना समूह विद्यापीठ स्थापण्याकरिता मार्गदर्शक तत्त्वांना आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीत मान्यता देण्यात आली. बैठकीच्या अध्यक्षस्थानी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होते. यामुळे विद्यापीठांवरील भारही कमी होऊन शैक्षणिक संस्थांचे एक शक्तीशाली जाळे तयार होऊन विद्यार्थ्यांना अधिक संधी प्राप्त होतील. राज्यपाल हे कुलपती या नात्याने या समूह विद्यापीठांच्या कुलगुरुंची नियुक्ती करतील. ही विद्यापीठे सार्वजनिक विद्यापीठे राहणार आहेत.

राष्ट्रीय उच्चस्तर शिक्षा अभियानात अशा प्रकारे चांगल्या शैक्षणिक संस्थांचे समूह विद्यापीठांमध्ये रुपांतर करण्यास प्रोत्साहन देण्यात आले आहे. त्यानुसार राज्यात डॉ.होमीभाभा राज्य विद्यापीठ, मुंबई, हैद्राबाद सिंध नॅशनल कॉलिजिएट विद्यापीठ,मुंबई, कर्मवीर भाऊराव पाटील, सातारा अशी 3 समूह विद्यापीठे आहेत.
समूह विद्यापीठासाठी इच्छुक असणारे प्रमुख महाविद्यालय शैक्षणिकदृष्ट्या उच्च कामगिरी करणारे, आवश्यक ती पायाभूत सुविधा, प्रशिक्षित आध्यापक तसेच समुह विद्यापीठाच्या दृष्टीने समन्वय करण्यासाठी सक्षम असणारे महाविद्यालय किंवा संस्था असावी. समुह विद्यापीठ तयार करण्यासाठी एकाच व्यवस्थापन किंवा शैक्षणिक संस्थेच्या किमान दोन व कमाल पाच अनुदानित किंवा विना अनुदानित महाविद्यालयाचे एकत्रिकरण करणे आवश्यक राहील. कृषी व आरोग्य विज्ञान वगळता इतर सर्व पारंपरिक व व्यवसायीक महाविद्यालये समूह विद्यापीठात समाविष्ट होऊ शकतील. पाच पेक्षा जास्त महाविद्यालये किंवा संस्था समूह विद्यापीठात समाविष्ट करण्यासाठी राज्य शासन मुल्यांकन करेल.
समुह विद्यापीठातील प्रमुख महाविद्यालय मागील 20 वर्षांपासून कार्यरत असावे. तसेच या महाविद्यालयात किमान 2 हजार विद्यार्थी असावेत तसेच ही संख्या मिळून सहभागी महाविद्यालयांमध्ये किमान 4 हजार विद्यार्थ्यांची नोंदणी आवश्यक आहे. या महाविद्यालयांकडे एकत्रितपणे 15 हजार चौ.मी. इतके एकत्रित बांधकाम आवश्यक असून विभागीय मुख्यालयाच्या ठिकाणी 4 हेक्टर जागा आणि राज्यातील उर्वरित भागासाठी 6 हेक्टर जागा असावी.
प्रमुख महाविद्यालय हे किमान 5 वर्षांपासून स्वायत्त दर्जा प्राप्त असलेले असावे किंवा या महाविद्यालयास नॅकचे किमान 3.25 सीजीपीए मानांकन किंवा समतुल्या एनबीए गुण असणे आवश्यक आहे किंवा एकूण अभ्यासक्रमांपैकी 50 टक्के अभ्यासक्रम एनबीए द्धारा मान्यताप्राप्त असावे. याशिवाय इतरही काही आवश्यक बाबी या मार्गदर्शक तत्वात नमूद करण्यात आलेल्या आहेत. विद्यापीठाचे कामकाज व्यवस्थित चालविण्यासाठी कुलगुरू आणि कुलसचिव यांच्यासह 7 पदे निर्माण करण्यात येतील. यासाठी राज्य शासनाकडून 1 कोटी रुपये अशी रक्कम पहिल्या 5 वर्षांकरिता विद्यापीठाला देण्यात येईल.
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नियोजन विभाग

*राज्य आर्थिक सल्लागार परिषदेच्या अहवालाचे सादरीकरण*

*१ ट्रिलियन डॉलर्स अर्थव्यवस्थेसाठी ३४१ शिफारशी*

राज्य आर्थिक सल्लागार परिषदेच्या अहवालाचे आज राज्य मंत्रिमंडळात सादरीकरण करण्यात आले. राज्याला १ ट्रिलियन डॉलर्स अर्थव्यवस्थेचे उद्दिष्ट्य गाठण्यासाठी विविध ३४१ शिफारशी या परिषदेने केल्या आहेत. हे सादरीकरण मित्रा संस्थेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रविण परदेशी यांनी केले.

राज्याच्या जीडीपी (विकास दर) १७ टक्के साध्य करणे, फॅब आणि इलेक्ट्रीक वाहनांच्या उत्पादनाला गती देऊन १८ टक्के विकास साधणे, कृषी क्षेत्रात १३ टक्के वाढ करणे, राज्यातील सिंचन प्रकल्प वेगाने पूर्ण करण्यासाठी अधिकचा निधी नाबार्ड तसेच इतरांकडून मिळविणे, ४० टक्क्यांपेक्षा जास्त सिंचन पूर्ण झालेले ७५ प्रकल्प वेगाने पूर्ण करणे, मुंबई आणि एमएमआर परिसरात मोठ्या प्रमाणावर पायाभूत सुविधा तसेच आर्थिक विकासाचे उपक्रम राबविणे, कौशल्य विकासात २०२८ पर्यंत १५ दशलक्ष नोकऱ्या निर्माण करणे तसेच आरोग्य, पर्यटन, ऊर्जा या विभागात देखील महत्त्वपूर्ण आवश्यक बदल करून या क्षेत्राचा विकास करणे, जिल्ह्यांचा समतोल विकास करणे आणि यासाठी १५ जिल्ह्यातील २७ तालुक्यांवर विशेष लक्ष देणे, शेतकरी उत्पादक संस्थांना बळकट करणे व शीतगृहांमध्ये वाढ करणे अशा स्वरुपाच्या शिफारशी यामध्ये करण्यात आलेल्या आहेत.
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जलसंपदा विभाग

*मंगरूळपीर येथील सत्तर सावंगा बॅरेजला मान्यता*

*१३४५ हेक्टर क्षेत्र सिंचित होणार*

वाशिम जिल्ह्यातील मंगरूळपीर तालुक्यातील सत्तर सावंगा बॅरेजच्या १७३ कोटी ९ लाख रुपये खर्चास प्रशासकीय खर्चास मान्यता देण्याचा निर्णय आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीत घेण्यात आला. बैठकीच्या अध्यक्षस्थानी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होते. यामुळे वाशिम जिल्ह्यातील सत्तर सावंगा, धामणी, खडी, पिंपळशेंडा, एकांबा आणि आमगव्हाण या 6 गावातील १३४५ हेक्टर क्षेत्र सिंचित होणार आहे.

हे बॅरेज विदर्भ पाटबंधारे विकास महामंडळातील गोदावरी खोऱ्यातील पैनगंगा उपखोऱ्यात धामणी गावाजवळ अडाण नदीवर बांधण्यात येणार असून या भागातील पाटबंधारे अनुशेष दूर होण्यास मदत होणार आहे. या ठिकाणी कालवे काढण्यात येणार नसून लाभधारक स्वत:च्या खर्चाने पाण्याचा उपसा करणार आहेत.
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कृषी विभाग

*प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेतील अग्रीम रकमेचे वाटप सुरु*

*आतापर्यंत 965 कोटी रुपये शेतकऱ्यांना वाटप*

प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेतील विम्याच्या अग्रीम रक्कमचे वाटप वेगाने सुरु असून आतापर्यंत 47 लाख 63 हजार नुकसान भरपाई अर्जांना मंजुरी मिळाली असून 1 हजार 954 कोटी रुपये वाटप होणार आहेत. यापैकी 965 कोटी रक्कम वाटण्यात आली असून उर्वरित रक्कम वाटण्याचे काम प्रगतीपथावर आहे अशी माहिती आज राज्य मंत्रिमंडळ बैठकीत कृषी विभागाच्या सा दरीकरणात देण्यात आली.

खरीप हंगामातील प्रतिकूल परिस्थितीमुळे नुकसानीसंदर्भात एकंदरीत 24 जिल्ह्यांसाठी अधिसूचना काढण्यात आली होती. आता 12 जिल्ह्यांमध्ये या अधिसूचनेवर विमा कंपन्यांचे कोणतेही आक्षेप नसून 9 जिल्ह्यांमध्ये अंशत: आक्षेप आहेत. राज्य स्तरावर सध्या बीड, बुलढाणा, वाशिम, नंदूरबार, धुळे, नाशिक, अहमदनगर, पुणे, अमरावती अशा 9 जिल्ह्यांमध्ये विमा कंपन्यांच्या आक्षेपावर अपील सुनावणी सुरु असून पुणे आणि अमरावती वगळता इतर ठिकाणची सुनावणी संपली आहे.

प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेत 1 कोटी 70 लाख 67 हजार अर्जदारांनी नोंदणी केली असून केवळ 1 रुपयात राज्य शासनाने शेतकऱ्यांना पीक विमा दिला आहे. यासाठी एकूण 8 हजार 16 कोटी रुपये विमा हप्ता द्यावा लागणार असून 3 हजार 50 कोटी 19 लाख रुपये असा पहिला हप्ता देण्यात आला आहे.

*पर्जन्यमान आणि पीक पेरणी :*

राज्यात 31 ऑक्टोबर अखेरपर्यंत सरासरीच्या 86 टक्के पाऊस (928.8 मि.मी.) झाला आहे. रब्बीसाठी 58 लाख 76 हजार हेक्टर पेरणीचे नियोजन असून आत्तापर्यंत 28 टक्के पेरणी झाली आहे. सध्या जमिनीतील ओलावा कमी झाल्याने पेरणी मंदावली आहे. गतवर्षी याच सुमारास 13 लाख 50 हेक्टर पेरणी झाली होती. या वर्षी 15 लाख 11 हेक्टर पेरणी झाली आहे. रब्बी हंगामात ज्वारी हे महत्त्वाचे पीक असून 17 लाख 53 हजार हेक्टर क्षेत्र आहे. सध्या सरासरीच्या 45 टक्के ज्वारीची पेरणी झाली आहे.

हरभऱ्याचे क्षेत्र 21.52 लाख हेक्टर असून यावर्षी 5.64 लाख हेक्टर म्हणजेच सरासरीच्या 26 टक्के पेरणी झाली आहे.
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ग्रामविकास विभाग

*ग्रामपंचायत इमारतीच्या कामांसाठी निधी वाढविला*

*बाळासाहेब ठाकरे स्मृती मातोश्री ग्राम पंचायत योजनेलाही मुदतवाढ*

राज्यातल्या ग्रामपंचायत इमारतीच्या कामांसाठी निधी वाढविण्याचा तसेच बाळासाहेब ठाकरे स्मृती मातोश्री ग्राम पंचायत योजनेलाही मुदतवाढ देण्याचा निर्णय आज झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीत घेण्यात आला. बैठकीच्या अध्यक्षस्थानी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होते. आता ही योजना 2027-28 या वर्षापर्यंत राबविण्यात येईल.

स्वतंत्र इमारत नसलेल्या 2000 पेक्षा कमी लोकसंख्या असलेल्या ग्रामपंचायतीना 15 लाख ऐवजी 20 लाख रुपये व 2000 पेक्षा अधिक लोकसंख्या असलेल्या ग्रामपंचायतींना 18 लाख ऐवजी 25 लाख अनुदान देण्यास मान्यता देण्यात आली. तसेच, यापुर्वी ग्रामपंचायत स्वनिधीची असलेली अट देखील रद्द करण्यात आली आहे.
ग्रामपंचायत बांधकामासाठी यापेक्षा अधिक निधीची आवश्यकता अतिरिक्त निधी केंद्र व राज्य शासनाच्या इतर योजना, वित्त आयोग निधी, जिल्हा ग्राम विकास निधी, स्थानिक विकास निधी (खासदार,आमदार निधी) इ. बाबींमधून देण्यात येईल. राज्यातील ज्या ग्रामपंचायतींना स्वत:चे कार्यालय नाही, अशा 4252 ग्रामपंचायतींना स्वत:चे कार्यालय बांधण्यासाठी मा. बाळासाहेब ठाकरे स्मृती मातोश्री ग्रामपंचायत बांधणी योजनेस 2018- 19 ते 2021 – 22 या 4 वर्षांसाठी मान्यता देण्यात आली होती. त्यानुसार 1748 ग्रामपंचायतींना स्वत:चे कार्यालय बांधण्यासाठी प्रशासकीय मान्यता देण्यात आली होती. या ग्रामपंचायत इमारतींचे बांधकाम सुरु असून, याकरीता आतापर्यंत 3813.50 लाख रुपये इतका निधी खर्च करण्यात आला आहे.
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राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार अजित डोवाल यांनी आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची ‘वर्षा’ निवासस्थानी सदिच्छा भेट घेतली.

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राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार अजित डोवाल यांनी आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांची ‘वर्षा’ निवासस्थानी सदिच्छा भेट घेतली. यावेळी मुख्यमंत्र्यांनी श्री. डोवाल यांचे शाल, पुष्पगुच्छ देऊन स्वागत केले. यावेळी उभयतांमध्ये केंद्र आणि राज्य सरकारशी संबंधित विविध विषयांवर चर्चा झाली.

प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेतील अग्रीम रकमेचे वाटप सुरु – धनंजय मुंडे

प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेतील अग्रीम रकमेचे वाटप सुरु

– धनंजय मुंडे

आतापर्यंत 965 कोटी रुपये शेतकऱ्यांना वाटप

मुंबई, दि. 17 : प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेतील विम्याच्या अग्रीम रक्कमचे वाटप वेगाने सुरु असून आतापर्यंत 47 लाख 63 हजार नुकसान भरपाई अर्जांना मंजुरी मिळाली असून 1 हजार 954 कोटी रुपये वाटप होणार आहेत. यापैकी आतापर्यंत 965 कोटी रक्कम वितरित करण्यात आली असून उर्वरित रक्कम वितरणाचे काम प्रगतीपथावर आहे, अशी माहिती आज राज्य मंत्रीमंडळ बैठकीत कृषी विभागाच्या सादरीकरणात देण्यात आली. त्याचबरोबर बैठकीनंतर कृषिमंत्री धनंजय मुंडे यांनी ही माहिती माध्यमांना दिली.

खरीप हंगामातील प्रतिकूल परिस्थितीमुळे नुकसानीसंदर्भात एकंदरीत 24 जिल्ह्यांसाठी अधिसूचना काढण्यात आली होती. आता 12 जिल्ह्यांमध्ये या अधिसूचनेवर विमा कंपन्यांचे कोणतेही आक्षेप नसून 9 जिल्ह्यांमध्ये अंशत: आक्षेप आहेत. राज्य स्तरावर सध्या बीड, बुलढाणा, वाशिम, नंदूरबार, धुळे, नाशिक, अहमदनगर, पुणे, अमरावती अशा 9 जिल्ह्यांमध्ये विमा कंपन्यांच्या आक्षेपावर अपील सुनावणी सुरु असून पुणे आणि अमरावती वगळता इतर ठिकाणची सुनावणी संपली आहे.

प्रधानमंत्री पीक विमा योजनेत 1 कोटी 70 लाख 67 हजार अर्जदारांनी नोंदणी केली असून केवळ 1 रुपयात राज्य शासनाने शेतकऱ्यांना पीक विमा दिला आहे. यासाठी एकूण 8 हजार 16 कोटी रुपये विमा हप्ता द्यावा लागणार असून 3 हजार 50 कोटी 19 लाख रुपये असा पहिला हप्ता देण्यात आला आहे.

पर्जन्यमान आणि पीक पेरणी :

राज्यात 31 ऑक्टोबर अखेरपर्यंत सरासरीच्या 86 टक्के पाऊस (928.8 मि.मी.) झाला आहे. रब्बीसाठी 58 लाख 76 हजार हेक्टर पेरणीचे नियोजन असून आत्तापर्यंत 28 टक्के पेरणी झाली आहे. सध्या जमिनीतील ओलावा कमी झाल्याने पेरणी मंदावली आहे. गतवर्षी याच सुमारास 13 लाख 50 हेक्टर पेरणी झाली होती. या वर्षी 15 लाख 11 हेक्टर पेरणी झाली आहे. रब्बी हंगामात ज्वारी हे महत्त्वाचे पीक असून 17 लाख 53 हजार हेक्टर क्षेत्र आहे. सध्या सरासरीच्या 45 टक्के ज्वारीची पेरणी झाली आहे.

हरभऱ्याचे क्षेत्र 21.52 लाख हेक्टर असून यावर्षी 5.64 लाख हेक्टर म्हणजेच सरासरीच्या 26 टक्के पेरणी झाली आहे.

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